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लकड़ी के मकानों में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू

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बुधवार को चौकी लक्ष्मण चौक को सूचना मिली की शिवाजी मार्ग कावली रोड स्थित बस्ती में लकड़ी के बने मकानों में आग लग गई है। जिस पर चौकी इंचार्ज लक्ष्मण चौक मय पुलिस फोर्स के तत्काल मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड तथा पुलिस की टीम द्वारा बामुश्किल आग पर काबू पाया गया। जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि आग प्रारंभ में अशोक पुत्र सुखदेव के मकान में लगी थी, जिससे उसके घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। उसके पश्चात उनके पड़ोसी अवतार सिंह एवं अन्य लोगों के घरों तक आग फैल गई।

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प्रारंभ में मौके पर पहुंची पुलिस टीम द्वारा बाल्टीयो से पानी डालकर उसे फैलने से रोका गया। तत्पश्चात फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर पूर्ण रुप से काबू पाया गया। उक्त बस्ती में सभी मकान कच्चे तथा लकड़ी के बने हुए हैं, यदि समय रहते आग पर काबू ना पाया जाता तो जान माल का भारी नुकसान हो सकता था। आग लगने के कारणों के संबंध में जानकारी की जा रही है। आग से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

दक्षिण अफ्रिका टूर का जिन्न फिर निकला बाहर

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हाई कोर्ट ने बहुचर्चित दक्षिण अफ्रीका टूर घोटाले के मामले में जवाब दाखिल न करने पर सरकार पर पांच हजार जुर्माना लगाया है। साथ ही दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 12 जून नियत कर दी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र निवासी जयप्रकाश डबराल ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि दिग्गज नेता एनडी तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल में वन मंत्री नवप्रभात, विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल, मुख्य वन संरक्षक डीवीएस खाती, राजाजी नेशनल पार्क निदेशक जी पांडे व होटल लेजर के मालिक मुकुंद प्रसाद ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से दक्षिण अफ्रीका टूर पर गए।

याचिकाकर्ता के अनुसार सभी लोग सरकारी खर्च पर परिजनों को भी विदेश घुमाने ले गए। दौरे के लिए सरकारी खाते से 20 लाख रुपये भी निकाले गए। 2012 में सल्ट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए घोटाले की जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामले में जनहित याचिका दायर की गई।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए, लेकिन तय समय में सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद जवाब दाखिल नहीं करने पर सरकार पर पांच हजार जुर्माना लगाया।

मर्दानियों को देख भागे शराब व्यापारी

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कांडापड़ाव , बागेश्वर में तिरपाल से ढककर बनाई गई शराब की अस्थायी दुकान के विरोध में महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शराब की बोतलें तोड़ डाली। गुस्सा देखकर शराब के दुकानदार सामान के साथ मौके से फरार हो गए।

शनिवार को कांडापड़ाव के पास तिरपाल का टेंट बनाकर अस्थायी दुकान से शराब बेची जा रही थी। शराब बेचने की सूचना क्षेत्र में फैली तो जनप्रतिनिधियों के साथ महिलाएं मौके पर पहुंच गई। आक्रोशित महिलाओं ने लगभग तीन पेटी शराब की बोतलें तोड़ दी। आक्रोश बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। महिलाओं ने अपना आंदोलन जारी रखा।

ग्राम प्रधान धपोली निर्मला धपोला, नारायण गूंठ की प्रधान सविता नगरकोटी, चंपा नगरकोटी, कमला धपोला, बिमला धपोला, गीता नगरकोटी, सरिता धपोला आदि ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी हाल में शराब की दुकान नही खोलने दी जाएगी। महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इसी बीच शराब विक्रेता भी मौके से भाग निकले।

उधर, कांडा के एसडीएम रिंकू बिष्ट का कहना है कि महिलाओं के विरोध को देखते हुए शराब की दुकान बंद करा दी है। अगर क्षेत्रवासी नही चाहते तो जबरन दुकान नही खोली जाएगी। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी प्रशांत कुमार का कहना है कि दुकान खोलने के लिए सभी की सहमति ली जा रही है। 12 दुकानों में से 8 दुकानें खुल गई है। दो दुकानें कांडा और दो काफलीगैर में खुलनी है।

वाहन चोर गिरोह के दो सदस्य पकडे

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थाना आइटीआइ क्षेत्र ,काशीपुर से दो माह पहले चोरी हुए ट्रक को पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ ही दो आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम समस्तीपुर थाना उभाव जिला बलिया उत्तरप्रदेश निवासी रमेश पुत्र मिश्री लाल ने थाना आइटीआइ में तहरीर देकर कहा था कि वह 26 फरवरी 2017 को ट्रक नंबर एचआर 58ए 0341 को लेकर काशीपुर आया था।

माल लोड करने के लिए ग्राम परमानंदपुर स्थित पंजाब गुवाहाटी ट्रांसपोर्ट के आगे खड़ा किया था। उसी रात अज्ञात चोर ट्रक चुराकर ले गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों पर केस दर्ज कर ट्रक बरामदगी में जुट गई।

उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल 2017 को पुलिस अजीतपुर रोड, स्थित लोहियापुल पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखविर की सूचना पर पुलिस ने ट्रक के साथ दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम अकरम, पुत्र असलम, निवासी मोहल्ला कबीरसराय, थाना नखासा, जिला संभल यूपी व जावेद, पुत्र साबिर, निवासी मोहल्ला पीरखां, गुलावटी जिला बुलंदशहर यूपी बताया। वर्तमान में जावेद 691 लोहियानगर खरखौंदा जिला मेरठ में रह रहा था।

एएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से 12 डाइपंच बरामद हुए हैं। इनका प्रयोग चेसिस नंबर गोदने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि ट्रक चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने ग्राम बरखेड़ा, पांडेय निवासी सोनू उर्फ शाकिर पत्र शमशाद व शाहरुख के साथ मिलकर दिया था। इनके अलावा आरोपियों ने तीन युवकों का साथ होना भी कबूला है। इससे पहले द्रोणासागर रोड स्थित गांधी आश्रम के पास से 13 मार्च 2017 को चोरी हुए ट्रक का खुलासा किया गया था। उसमें भी अकरम आरोपी था।

पत्नी और सास पर अनजान लोगों ने फेंका तेजाब

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काशीपुर पति पत्नी के बीच परिवार न्यायालय में चल रहे वाद से गुस्साये पति ने अपनी पत्नी और सास पर तेजाब डाल दिया जिससे दोनों झुलस गये। आरोपी सुघांशु की पत्नी और सास ने काशीपुर कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।मामला काशीपुर के परिवार न्यायालय का है जहां काशीपुर में सिविल कोर्ट के बाहर पति ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर पत्नी और सास पर तेजाब फैककर हमला किया। तेजाब गिरने से दोनों गम्भीर रुप से झुलस गये और कपडे भी जल गये।

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बाजपुर की रहने वाली नेहा ने बताया कि पिछले कुछ सालों से पति द्वारा परेशान किया जा रहा था और उसे घर से निकाल दिया गया था जिसके बाद उसके द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया।  महिला हेल्पलाईन के माध्यम से सुलह के प्रयास करने पर भी जब दोनों की सहमति नहीं हुई तो नेहा को न्यायालय की शरण लेनी पडी, जिसपर पति द्वारा लगातार ही जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। मुकदमा वापस लेने को लेकर पति द्वारा लगातार ही दबाव बनाया जा रहा था, वहीं मंगलवार को केस की पहली तारीख पर ही कोर्ट से बाहर निकलते ही पीडित नेहा और उसकी मां पर तेजाब डाल दिय़ा जिससे दोनों झुलस गये और कपडे भी जल गये। दोनों ने काशीपुर कोतवाली में पति सुघांशु के विरुद्ध तहरीर सोंप दी है., वहीं पुलिस ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कर लिया है और जांच शुरु कर दी है।

तो अब एक चम्मच बचायेगी दुनिया

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कैसा होगा अगर हम खाना खाने के बाद अपने बर्तन और चम्मच भी खा सकतें है? है ना अनोखी बात, जी हा यह कहानी कुछ ऐसी ही है जिसमें आपको पता चलेगा कुछ नया और अलग।

देहरादून के बहुत से ऐसे परिवार है जो पर्यावरण संरक्षण और वातावरण की शुद्धता के बारे में सोचते हैं। इसके लिए उन्होंने एक स्वास्थ्य और सुविधाजनक रास्ता निकाला है वातावरण को स्वच्छ और सुंदर रखने का। प्लास्टिक के बर्तनों के बजाय इडिबल स्पून यानि की खाने वाली चम्मच जो कि बाजरा से बनती है और गन्ने से बनाई हुई प्लेट में खाना खाते हैं। इस तरह के प्रोडक्ट अगर बाजार में उपलब्ध होंगे तो लोग वैसे भी प्लास्टिक के बर्तन में खाना नहीं पसंद करेंगे और साथ ही पालिथिन के इस्तेमाल पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। जैसा कि सब जानते हैं कि पालिथीन बैग और प्लास्टिक का इस्तेमाल बैन हो चुका है लेकिन इसके बदले अगर इडिबल बर्तन यानि खाने योग्य बर्तन बाजार में आऐंगे तो इस बैन को कायम रखने में बहुत मदद मिलेगी।

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यह नए प्रोडक्ट ना केवल आर्गेनिक और वातावरण के अनुकूल है बल्कि इनके दाम भी काफी कम है। प्लास्टिक के बर्तन को हम बहुत पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसको हम खराब नहीं कह सकते लेकिन अगर बात किसी खाने को या तरल पदार्थ को स्टोर करके रखने की हो तो प्सास्टिक से खराब कोई और चीज हो भी नहीं सकती। नारायण पीसापति जिन्होंने रिसर्च फैकल्टी में अपनी नौकरी छोड़ कर इडिबल कटलरी में अपना रास्ता चुना और काफी हद तक सफल भी रहे। नारायण कहते हैं कि मेरा लक्ष्य है कि मैं सभी प्लास्टिक कटलरी को इडिबल कटलरी में बदल दूं, खासकर इडिबल स्पून यानि की खाने योग्य चम्मच जो खाने के बाद खाएं जा सके।

नारायण ने बताया कि जब मैं फिल्ड विजीट पर होता था तो मुझे बाजरा की ठंडी रोटी से ही काम चलाना पड़ता था, तब मैने यह महसूस किया कि यह लोगों को खाने के लिए भी सही रहेगा। इसके अलावा हवाई जहाज और दूसरी जगहों पर दिया जाने वाला प्लास्टिक चम्मच बहुत साफ सुथरी और अच्छी कंडिशन में नहीं बनाया जाता, इसलिए इससे खाना खाने से बहुत से कैमिकल हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। 2006 में इडिबल कटलरी के बारे में सोचा और सबसे पहले मेरे दिमान में यह बात आई कि बाजरा बहुत ही पौष्टिक है। एक ऐसा तत्व जो नेचुरल और फायदेमंद हैं और जो खेती में इस्तेमाल होता है। नारायण हैदराबाद के रहने वाले है।

इडिबल कटलरी का ट्रेंड देहरादून में भी आया और बहुत से लोग इस वातावरण अनुकूल प्रोडक्ट को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। सुजाता पाल शहर की सोशल एक्टिविस्ट हैं जो इस तरह के प्लेट, बाउल, कप और चम्मच आदि डिस्ट्रीब्यूट करने का काम करती हैं। यह सारे कटलरी बगासी यानि की गन्ने के छिलके से बनते हैं। मैं पिछले दो दशक से प्लास्टिक के बदले किसी और चीज को ढूंढ रही थी। यह बतर्न 60 दिन के अंदर खाद बन जाता है जबकि प्लास्टिक को सौ साल से ज्यादा समय लगाता है। जो लोग वातावरण और पर्यावरण के बारे में फिकरमंद हैं वह थर्माकोल,प्लास्टिक और स्टाईरोफोम की जगह यह सस्ते बर्तन इस्तेमाल कर सकते हैं।

सोचने की बात यह है कि पिछले साल उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक आर्डर दिया था जिसमें प्लास्टिक से बने बैग और दूसरे आइटम को बैन किया गया था लेकिन यह नियम सख्ती से लागू नहीं हो पाया। राजपुर रोड की बबिता दास कहती हैं कि यह सुन कर अच्छा लगा रहा कि प्लास्टिक के कटलरी का कोई अल्टरनेटिव तो है, सड़क के किनारे और ड्रेनेज में पालिथीन बैग की वजह से सड़के के किनारे बुरे हालात हैं। प्लास्टिक के चम्मच और थर्माकोल के प्लेट और कप भी पर्यावरण के लिए खतरनाक है। अगर कोई दूसरा फायदेमंद विकल्प है तो सभी को खासकर बड़े इन्स्टीट्यूशन और स्कूलों को इस पहल को अपने इस्तेमाल में लाना होगा।

तो एक चम्मच से शुरु हुई यह मुहिम दुनिया को बचाने के लिए आगे आ चुकी है और लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए इस चम्मच को इस्तेमाल भी कर रहे हैं।

शोर और प्रदूषण से दून की वादियां हुई बेहाल

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कभी शुद्ध वातावरण के लिए जाने वाली दून की वादियां प्रदूषण के बढ़ने से बेहाल होने लगी हैं। राजधानी देहरादून में वायु प्रदूषण तो लिमिट से काफी ऊपर पहुंच ही चुका है, अब ध्वनि प्रदूषण भी सीमा लांघने लगा है। हालांकि अभी इसे खतरनाक स्तर पर नहीं माना जा रहा, लेकिन अलार्मिंग अवश्य कहा जा रहा है। यही वजह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दून के डीएम को शोर पर नियंत्रण के लिए कुछ सिफारिश भेजी हैं।

दरअसल, राजधानी बनने के बाद बीते 16 साल में देहरादून में वाहनों का संख्या तीन गुने से ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में वाहनों के शोर के साथ ही प्रेशर हार्न भी ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बने हुए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिसंबर 2016 में शहर में विभिन्न स्थानों पर दर्ज ध्वनि प्रदूषण को लेकर जारी रिपोर्ट में खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहे शोर की स्थिति को उजागर किया है। वहीं एसओ ट्रैफिक अन्थवाल के अनुसार देहरादून में बढ़ते प्रदूषण और ध्वनि प्रदुषण की पहली वजह है गाड़ियों की ज्यादा संख्या होना। हर घर में एक से अधिक गाड़ियों का होना, छोटे-छोटे काम के लिए चारपहियां वाहनों का इस्तेमाल करना। एसओ अन्थवाल ने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक की समस्या तब तक कम नहीं हो सकती जब तक लोग कार पुलिंग नहीं करेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार साइलेंस जोन गांधी पार्क और घंटाघर के साथ ही सर्वे चौक की स्थिति ज्यादा गंभीर है। मुख्य पर्यावरण अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि मानकों के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में दिन के वक्त ध्वनि की तीव्रता 75 डेसिबल, व्यावसायिक में 65, आवासीय क्षेत्रों में 55 और साइलेंस जोन में 50 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। लेकिन दून में आवासीय क्षेत्रों को छोड़कर ध्वनि प्रदूषण सभी क्षेत्रों में मानकों से अधिक है। उन्होंने बताया कि इस पर नियंत्रण के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने परिवहन विभाग और जिलाधिकारी को अपनी सिफारिशें भेज दी हैं।

 

कुमाऊं में शहद के प्रोडक्शन पर मौसम की मार

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कुमाऊं में शहद की प्रोडक्शन को मौसम की मार से खासा नुकसान हुआ है। खराब मौसम के चलते, शहद की पैदावार लगभग 30-40 प्रतिशत तक घट गई है। फरवरी से मार्च के बीच  तापमान के घटने बढ़ने से शहद का व्यापार करने वालो को खासा नुकसान सहना पड़ा है,  मधुमक्खियों की जनसंख्या में गिरावट की वजह से भी शहद के बिजनेस को नुकसान हुआ है।

इसका छोटा मोटा नुकसान नहीं, बल्कि धारचूला ब्लाॅक में लगभग 600 परिवार सिरखा, सिरधांग ,गरुआह, जानकु और बलुआकोट गांव के रहने वाले हैं। एचसी दुबालिया,जिला हार्टिकल्चर डिर्पाटमेंट ने बताया, एक औसत के आधार पर हम लगभग 700 क्विंटल शहद हर साल पैदा करते हैं,जिससे लगभग 3.5 करोड़ का बिजनेस होता है। उन्होंने बताया कि शहद उत्पादन के लिये सबसे जरुरी है मधुमक्खियो के लिए मीठे रस वाले बागीचे जो कि मौसम की मार झेल रहे है।

स्प्रींग सीजन फरवरी और मार्च मधुमक्खियों का ब्रिडिंग सीजन होता है जिसमें उनको पौलन और नेक्टर दोनों की जरुरत होती है।ना बादल बरसात और बे समय आने वाली आंधी ने फूलों को काफी नुकसान पहुंचाया है जिससे शहद के व्यापार पर भी फर्क पड़ेगा ।

परिवार के तीन सदसयों ने किया सुसाइड़

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पांवटा साहिब के थाना ग्राउंड के बाहर पार्किंग में एक कार में तीन लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। इसमें दो महिलाएं और एक युवक की लाश बरामद की गई है। शुरूआती पुलिस जांच में सुसाइड़ का मामला सामने आ रहा है। पांवटा साहिब के थाने के सामने नगर पालिका की पार्किंग में तीन लाशों के मिलने से माहौल गमगीन हो गया है। मृतकों में मां सहित भाई-बहन शामिल है। इस पूरी घटना ने गुरू की नगरी को हिलाकर रख दिया है।

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जांच में मृतक जसवीर सिंह रंधावा, पुत्र मनमनोहन सिंह, निवासी देहरादून की पहचान पुलिस ने कर ली है। जिनका देहरादून के लाल तप्पड में काटेज नं0 4, नेचर विला के नाम से घर था जो उन्होंने बेच दिया था। ऐसा लगता है कि मृतक जसवीर सिंह की मां साथ आई युवती ने सुसाइड़ के लिए पहले कार के हवा आने के सभी रास्तों पर टेप लगाई। उसके बाद एक गैस सिलेंडर जोकि कार से बरामद हुआ जिसे  गैस ऑन कर दी गई। इसके कारण दम घुटने से इनकी मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे डाक्टरों की टीम ने संदेह जाहिर किया कि शायद गैस से बेहोश होकर फिर धीरे-धीरे इनकी नींद में ही मौत हो गई होगी। उधर इस बारे में एसपी सिरमौर सौम्या सांबशिवन ने बताया कि कार नंबर UK 07 U 3070 में दो महिलाएं व एक युवक की लाशें मिली है। यह सुबह चार बजे के करीब पार्किंग में आए थे। फिलहाल मृतक के मामा से सम्पर्क हो गया है, वह भी घटनास्थल के लिये रवाना हो चुके है। मौके पर एसपी सिरमौर सौम्या सांबशिवन, एएसपी विनोद धीमान व डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान व फारेंसिक विशेशज्ञ भी पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री रावत, केदारनाथ में स्थापित किए गए चिकित्सा केंद्र में गए और वहां तैनात मेडिकल टीम से उपलब्ध दवाईयों व आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए बनाए आवसीय परिसरों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पेयजल, बिजली, भोजन आदि व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केदारनाथ में आए श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की और उनसे केदारनाथ में की गई व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं के प्रति संतोष प्रकट करते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम में आकर आलौकिक अनुभूति होती है।
मुख्यमंत्री रावत ने अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए कि केदारनाथ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रका की असुविधा नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालु अपने साथ अच्छी यादें लेकर जाएं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डाॅ.धनसिंह रावत, आयुक्त गढ़वाल मंडल, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।