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डीएम कार्यालय के सामने आग

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बागेश्वर में गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगल धधकने लगे हैं। जंगलों की आग रोकने में वन विभाग पूरी तरह विफल ही साबित हो रहा है।

जिलाधिकारी कार्यालय के सामने के जंगल में आग धधकने लगी। थोड़ी देर में पूरा जंगल आग की चपेट में आ गया। जंगल में आग की बड़ी-बड़ी लपटें दिखाई देने लगी। पूरा जंगल धुंए से भर गया। इस जंगल के बीच से दफोट और मानता को जाने वाली सड़क भी निकलती है। घंटों जंगल धधकने के बाद भी वन विभाग का कोई कर्मचारी व अधिकारी मौके पर नही पहुंचा। पूरा जंगल आग से राख हो गया। आग लगने के साथ तेज हवाएं भी चल रही थी जिससे आग और फैलने लगी। आग इतनी भयंकर थी कि मुख्यालय के आसपास धुंध छा गई। आग को बढ़ता देख आनन-फानन में अग्निशमन दल की गाड़ी को मौके पर भेजा गया। लेकिन तब तक कई हेक्टेअर जंगल आग की भेंट चढ़ गया।

गर्मी के मौसम को देखते हुए वन विभाग ने आग को नियंत्रित करने के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन सारे दावे हवा-हवाई ही साबित हो रहे है। जंगल की आग रोकने के लिए वन विभाग फिलहाल असफल ही साबित हो रहा है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगल में आग की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है। अग्निशमन दल को भी रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता से जंगल की आग पर काबू किया जा रहा है।

सीएम रावत पहुँचे बाबा प्राचीन सिद्धपीठ वीरभद्र के द्वार

राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तीर्थनगरी ऋषिकेश के प्राचीन सिद्धपीठ वीरभद्र मंदिर पहुँचे, जहां उन्होंने भगवान भोले की पूजा की ओर रुद्राभिषेक किया। उसके बाद सीएम कार्यकर्तायों के साथ बैठक के लिए पीडब्लूडी गेस्ट हॉउस पहुँचे। यहां पहुंचने पर उनका कार्यकर्तायों ने जोरदार स्वागत किया। बैठक मे पार्टी और सरकार के बीच तालमेल को लेकर चर्चा की गई। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वो ऋषिकेश के पौराणिक वीरभद्र मंदिर के दर्शन और जलाभिषेक करने पहुँचे और उन्होंने राज्य की खुशहाली के लिए कामना की ओर बैठक में आम लोगों की समस्याएं सुनी।

जल्द तैयार होगा डाट काली मंदिर के पास डबल टनल

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डाट काली की जिस डबल लेन टनल (सुरंग) पर उत्तर प्रदेश सरकार दो साल से अड़ंगा डाले बैठी रही, उसकी राह अब जाकर योगी सरकार में आसान हो पाई। उत्तर प्रदेश की सीमा में करीब 250 मीटर हिस्से के वन क्षेत्र में निर्माण की अनुमति सोमवार को उत्तराखंड को दे दी गई। इसके साथ ही कार्यदाई संस्था लोनिवि ने टनल निर्माण की कवायद भी शुरू कर दी है।

डाट काली मंदिर के पास सिंगल लेन टनल के पास डबल लेन टनल के निर्माण की अनुमति केंद्र सरकार ने मार्च 2015 में जारी कर दी थी। इसके तुरंत बाद उत्तराखंड सरकार ने भी निर्माण की कवायद शुरू कर दी थी, टनल निर्माण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के वन क्षेत्र में आने के बाद यह कसरत अधर में लटक गई थी। तब उत्तर प्रदेश सरकार ने टनल निर्माण पर सैद्धांतिक सहमति तो दे दी थी, लेकिन अंतिम स्वीकृति देने में अपेक्षित दिलचस्पी नहीं दिखाई।

अंतिम स्वीकृति को लेकर लोनिवि की राष्ट्रीय राजमार्ग यूनिट के रुड़की खंड ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु पर्यावरण मंत्रालय के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय (मध्य) में संपर्क किया तो अधिकारियों ने राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की राह बता दी। दरअसल, उत्तर प्रदेश के इस हिस्से में हाथी आरक्षित वन क्षेत्र है। हालांकि बोर्ड से लोनिवि को वापस लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय भेज दिया गया। इसके बाद लोनिवि अधिकारी कई बार लखनऊ के चक्कर लगाते रहे और उन्हें हर बार गोलमोल जवाब मिलता रहा। उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कामकाज की तस्वीर बदली तो लखनऊ में बैठे अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी याद आ गई।

वहीं, मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) हरिओम शर्मा का कहना है कि डाट काली टनल पर लोनिवि को उत्तर प्रदेश की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद बहुत जल्द ठेकेदार को निर्माण की तारीख भी दे दी जाएगी।

परियोजना पर एक नजर:

  • लागत: करीब 58 करोड़ रुपये
  • चौड़ाई: डबल लेन (करीब सात मीटर)
  • सुरंग की लंबाई: 330 मीटर
  • उत्तर प्रदेश की तरफ टनल: 250 मीटर
  • एप्रोच रोड: करीब 455 मीटर
  • देहरादून की तरफ एप्रोच: 250 मीटर
  • उत्तर प्रदेश की तरफ एप्रोच: 205 मीटर

इसलिए जरूरी है डबल लेन टनल:

अभी तक वाहनों के आवागमन के लिए डाट काली मंदिर के पास सिंगल लेन टनल ही है। इसके चलते यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। डबल लेन टनल के बाद यह समस्या दूर हो पाएगी।

ईपीसी मोड में होगा काम:

राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता मो. यूसुफ के अनुसार डाट काली टनल का निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड में किया जाना है। इसके तहत निर्माण के अलावा डिजाइन भी ठेकेदार का होता है। विभाग सिर्फ उसे स्वीकृति देता है। इस मोड में ठेकेदार किसी भी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।

प्रीतम सिंह बने उत्तराखंड पीसीसी अध्यक्ष

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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। कांग्रेस आलाकमान ने प्रीतम सिंह को प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।

प्रीतम सिंह उत्तराखंड के राजनितिज्ञ हैं और इससे पहले उत्तराखंड लेजिसलेटिव ऐसेंबली के चार सदस्यों में से एक सदस्य रहे हैं। प्रीतम कांग्रेस पार्टी के नेता है। उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार के दौरान प्रीतम ने गृह मंत्रालय, ग्रामीण डेवलेपमेंट, फूड और सिविल सप्लाई, पंचायती राज और माइनर ईरिगेशन डिर्पाटमेंट के मंत्रालय में काम किया है। 1993 में उत्तर प्रदेश लेजिसलेटिव ऐसेंबली में भी सदस्य के तौर पर भी चुने गए थे।

यह फैसला गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की बैठक में लिया गया जिसमें राहुल गांधी,सोनिया गांधी,रंदीप सुरजेवाला ने इस फैसले पर अपनी हामी भरी जिसके तहत किशोर उपाध्याय को कांग्रेस में भारी हार के बाद अपनी बनी-बनाई पोस्ट से हाथ धोना पड़ा।

वहीं विधायक काज़ी निजाम्मुद्दीन को एआीसीसी का सेक्रेटरी चुना गय है। काज़ी निजाम्मुद्दीन उत्तराखंड के राजनितिज्ञ हैं और दो बार उत्तराखंड लेजिसलेटिव एसेंबलि के सदस्य रह चुके हैं। निजाम्मुद्दीन कांग्रेस की तरफ से मंगलोर विधानसभा क्षेत्र को रिप्रजेंट करते हैं।

पहले ही हफ्ते में चार धाम यात्रियों की संख्या ने पार किया 40 हजार का आंकड़ा

28 अप्रैल से शुरू हुई चार धाम यात्रा धीरे-धीरे रफ़्तार पकड़ती दिख रही है। उत्तराखंड आपदा के बाद अब एक बार फिर चार धाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में यात्रा की चहल पहल दिनों दिन बढ़ने लगी है। बीते एक हफ्ते में चार धाम यात्रा  में यात्रियों की संख्या ने 40 हजार का आंकड़ा पार किया है और लगातार यात्रियों के आने का सिलसिला जारी है। केदार नाथ यात्रा के लिए लगातार तीर्थ यात्री बड़ी संख्या में यात्रा पे पैदल भी निकल रहे है। 2017 की चार धाम यात्रा के शुरुवात से ही उत्तराखंड में यात्रियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है, यात्रा को अभी एक ही हफ्ता हुआ है लेकिन अभी से यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। यात्री बड़ी संख्या में यमुनोत्री-गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे है तो वहीँ कुछ यात्री पैदल ही केदारनाथ दर्शन के लिए निकल रहे है। आपको बता दे की अभी बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने बाकि है लेकिन श्रद्धालु अभी से यात्रा पर निकलते दिख रहे हैं।

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2017 की चार धाम यात्रा के शुरुवाती आंकड़ों से एक बार फिर उत्तराखंड में पर्यटन व्यवसाय में तेजी लाने की उम्मीद बड़ा दी है। चार धाम यात्रा में जाने वाले यात्रियों का उत्साह भी बढ़ चढ़ के दिख रहा है ,यात्री एक बार फिर पहाड़ो का रुख करने लगे है। 2017 की चार धाम यात्रा के पंजीकरण के आंकड़े बताते है कि आपदा के बाद जो एक भय का माहौल था वो अब ख़त्म हो गया है। देश के विभिन्न प्रदेशों और विदेशो से आये यात्री बद्रीनाथ-केदारनाथ के आलावा गंगोत्री और यमनोत्री के भी दर्शन करने के लिए निकले है। गुरुवार सुबह से ही यात्री रजिस्ट्रशन कराते दिखे, बायो मैट्रिक अधिकारी प्रेमानन्द के अनुसार अब तक ऋषिकेश से 40 हजार यात्री यात्रा पर निकल चुके है। लगातार यात्री ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा रहे है,उन्होंने बताया की यात्रा बेहतर होती जा रही है और रोजाना 2 से 3 हजार यात्री यात्रा पर निकल रहे है।

यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जो की प्रदेश के पर्यटन के लिए भी राहत की बात है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 6 मई को खुलने जा रहे है जिससे उम्मीद है की आने वाले दिनों में रिकॉर्ड तोड़ यात्री इस यात्रा के गवाह बनेंगे।

गुलदार का आतंक,रायवाला क्षेत्र में युवक को बनाया निवाला

राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज में इन दिनों आदमखोर गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे है, एक बार फिर यंहा के रायवाला क्षेत्र में गुलदार ने एक युवक को अपना निवाला बना दिया। बीते तीन सालों में यह पांचवा मामला है जब किसी युवक की गुलदार के हमले में मौत हुई हो। इस घटना के बाद से ही पार्क महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है.; बताया जा रहा है की मोतीचूर रेंज कार्यालय के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय लोगों ने हाईवे से सटे जंगल में चील,कौवों को मंडराते देखा, तब उन्होंने वन कर्मियों को इसकी जानकारी दी। सुचना मिलने पर टीम जंगल में छानबीन करने पहुंचे जहाँ उन्हें एक युवक का शव क्षत-विक्षत शव मिला, शव को 70 प्रतिशत खाया हुआ है, फिलहाल शव की पहचान नहीं हो पाई है।

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राजाजी पार्क से सटे हुए इस क्षेत्र में पिछले तीन सालो से गुलदार का आतंक लगातार बना हुआ है, अब तक कई लोग गुलदार के हमले में मारे जा चुके है मगर उसके बावजूद भी पार्क महकमा अब तक महज पेट्रोलिंग के दावे कर हाथ पे हाथ धरे हुए बैठा है।

 

क्यों गायब रहे पीएम के कार्यक्रम से केदारनाथ के विधायक ??

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बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुले और इसके साथ ही खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां पहुंच कर पूजा अर्चना की। पीएम के दौरे के लिये पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थी। मोदी की अगुवाई के लिये उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के अलावा कई अधिकारी, नेता और आम जनता मौजूद रही। इन सब के बीच जो नहीं दिखे वो थे केदारानाथ के विधायक मनोज रावत। पेशे से पत्रकार रहे मनोज पहली बार चुनाव लड़ें और राज्य में बीजेपी की आंधी के बावजूद कांग्रेस के टिकट पर जीते। लेकिन मनोज रावत की प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम से गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं।

इस मामले पर मनोज रावत का कहना है कि “मुझे कोई सूचना या कोई न्यौता नहीं मिला। एक हफ्ता पहले मैं खुद डीएम कार्यालय गया और कहा कि अगर स्थानीय विधायक के तौर पर कोई मदद चाहिये तो मुझे बताऐ। लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला।”

इस पूरे मामले पर डीएम आफिस की तरफ से भी कोई जवाब नहीं मिला। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि “प्रधानमंत्री के स्वागत सत्कार के प्रोटोकॉल में केदारनाथ के विधायक मनोज रावत से स्वागत नही करवाया गया जबकि ये गलत है। स्थानीय विधायक की उपेक्षा हुई है और साथ ही  केदारनाथ की जनता और पूरी देवभूमि का भी अपमान किया गया है। यदि राज्य सरकार स्थानीय विधायक मनोज रावत को भी स्वागत सत्कार का अवसर दे देती तो इस अनावश्यक प्रसंग से बचा जा सकता था।”

किच्छा में दवा दुकानों पर छापेमारी से हड़कंप

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते के निर्देश पर प्रशासम की टीम ने किच्छा नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के मेडिकल स्टोरों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान छापामार कार्रवाई की सूचना पर दवा व्यवसायियों में हड़कंप मच गया।

विदित हो कि कई क्षेत्र व मोहल्ले में बिना लाइसेंस के साथ मेडिकल स्टोर चल रहे हैं, जिसमे नशे की दवाइयां भी धड़ल्ल के साथ बिक रही हैं। क्षेत्र व मोहल्ले में जहां झोलाछाप डाक्टरों की दुकान होती वहीं अवैध रूप से मेडिकल स्टोर खोले जाने से यह लोग उसकी आड़ में नशे की दवाईयों का भी कारोबार करते हैं। इन छोटे छोटे मेडिकल स्टोर का संपर्क बड़े मेडिकल स्टोर की सांठगांठ से चलता है। नशे का कारोबार करने वालों को प्रशासन का कोई खौफ  न होने से आज कई लोग इस नशे की दवाईयों का शिकार हुए।

इसी के चलते पुलिस क्षेत्राधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह, ड्रग इस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट, कोतवाल पीके शाह की टीम ने नगर सहित ग्रामीणों क्षेत्रों के मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे। इस दौरान टीम ने मेडिकल स्टोरों पर नशे की दवाईयां न बेचे जाने तथा प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार न करने की चेतावनी देते हुए मेडिकल स्टारों का निरीक्षण कर दवाओं की जांच की।  कार्रवाई के दौरान टीम ने ग्राम बंडिया स्थित रईस मेडिकल स्टोर, भावेष मेडिकल स्टोर, नाईस मेडिकल स्टोर सहित तमाम मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर टीम दो मेडिकल स्टोर स्वामियों को नोटिस जारी कर स्टोर बंद करने के निर्देश दिए। उधर छापेमारी के दौरान कई मेडिकल स्टोर स्वामी दुकानें बंद पर गायब हो गए।

आज जोशीमठ से गाडू घड़ा और राजगद्दी निकलेगी बद्रीनाथ धाम के लिए

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4 मई को 8 बजे जोशीमठ से गाडू घड़ा (तेल कलश) और राजगद्दी पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेगी। 11 बजे पांडुकेश्वर पहुंचने के बाद कल रात्रि विश्राम योगध्यान बद्री मंदिर में ही रहेगा। 5 मई को सुबह 10 बजे कुबेर जी, उद्धव जी की डोली और राजगद्दी व गाडू घड़ा बद्रीनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे साथ में मुख्य पुजारी रावल और सहायक पुजारी भी साथ चलेंगे भारी संख्या में श्रद्धालु भी रहेंगे और रात्रि प्रवास बद्रीपुरी में नियत स्थान पर करेंगे। 6 मई को सुबह ब्रहम मुर्हत में 4 बजकर 15 मिनट पर भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे इसी के साथ बद्रीनाथ में नारद पूजा संपन्न होकर मानव पूजा का आरंभ हो जाता है।

श्रद्धालु अखण्ड दीप के दर्शन करेंगे और भगवान बद्री विशाल के निर्वाण दर्शनों का लाभ भी लेंगे। मूर्ति की स्थिति देखकर धर्माधिकारी और रावल जी ईष्ट के माध्यम से भारत का भविष्य बताएंगे, जबकि इस दिन पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए बद्रीनाथ के द्वार खुले रखें जाएंगे और सुबह भगवान को स्नान के पश्चात् बाल भोग लगाया जाएगा। 11 बजे भगवान का आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा उसके बाद मध्यान भोग लगेगा चंदन आरती, कंचन आरती व स्वर्ण आरती उतारी जाएगी, दिन भर करीब 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करेंगे। शाम को भगवान की सांघ्यकालीन भोग व आरती के पश्चात करबी 9 बजे पूजाएं संपन्न होंगी। पहले दिन बद्रीनाथ में भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बद्रीनाथ के मुख्यकार्याधिकारी, मंदिर समिति के अध्यक्ष सहित सैकड़ों जनप्रतिनिधि , मडिया व श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।

इस बार बद्रीनाथ में प्रसाद के अलावा मंदिर के अंदर किसी भी तरह की इलैक्ट्रोनिक डिवाइस व बैग इत्यादि ले जाने की मनाही है, सुरक्षा कारणों से सघन चेकिंग भी की जाएगी। श्रद्धालुओं को लंबी लाइन में न लगना पड़े उसके लिए टोकन सिस्टम विकसित किया गया है साथ ही सूचना संचार माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगी।

मोदी पहुंचे केदारनाथ, आम लोगों के लिये खुले बाबा के कपाट

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बुधवार को विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आम लोगों के लिये खोल दिये गये। इस मौके पर भक्तों की भीड़ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ पहुंच कर बाबा के दर्शन किये और पूजा अर्चना की। बुधवार सुबह प्रधानमंत्री देहरादून के जाॅली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकाॅप्टर से केदारनाथ पहुंचे।

आपको बतादें कि 27 साल बाद किसी प्रधानमंत्री ने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की है। पीएम मोदी ने अन्य पुजारियों के साथ केदारनाथ गर्भगृह में पूजा-अर्चना की। केदारनाथ के पुजारी रावल जी ने पीएम मोदी के साथ करवाया शिवलिंग का रुद्राभिषेक। पुजा पाठ के बाद पीएम मोदी ने पुजारी को दी दक्षिणा। पूजा के बाद पीएम मोदी को भेंट स्वरुप दिया गया केदारनाथ मंदिर का रेप्लिका यानि की मिनी केदार। मंदिर से निकलने के बाद पीएम मोदी लोगों सैकड़ो की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं का अभिनन्दन किया।

चारधाम यात्रा में केदारनाथ मंदिर की मान्यता खासी महत्वपूर्ण है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालू बाबा के दर्शन के लिये यहां पहुंचते हैं। राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद यह पहली यात्रा है। इसके चलते सरकार ने तैयारियों में पूरी जान लगा दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस बार सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि यात्रा में आने वाले यात्रियों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। हांलाकि सरकार के इन दावों को केदारनाथ के विधायक मनोज रावत कोरे आश्वासन बताते रहे हैं।