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इंश्योरेंस के पैसों के लिए पत्नी की हत्या

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 कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी के बीमे की रकम हड़पने के लिए अपने साथी के साथ मिलकर जीवनसंगिनी को ही मौत के घाट उतार दिया। शातिर दिमाग युवक ने घटना को हादसे का रूप देने के लिए शव को जीने के नीचे डाल दिया। शुरुआती पूछताछ में ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर दोनों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर खून से सना अंगोछा और लोहे का सब्बल बरामद कर लिया। मृतका के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला रामपुर (यूपी) के गांव जुलूस नगर, के सुरेश यादव ने दो साल पहले यहां मुंडिया पिस्तौर देहात में मकान बनाया था। वह यहां परिवार सहित रहता है और पास ही स्थित एक्सरे टेक्नीशियन के यहां नौकरी करता है। बुधवार को वह ड्यूटी पर और बच्चे स्कूल गए थे, घर में उसकी पत्नी गीता यादव (32) अकेली थी। दोपहर 12 बजे बाद जब बच्चे स्कूल से लौटे तो मकान का दरवाजा अंदर से बंद था।
काफी देर खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पड़ोसियों को बताया। किसी ने पड़ोस के मकान के पीछे से कूदकर अंदर जाकर देखा तो गीता का खून से लथपथ शव बाथरूम के पास जीने के नीचे फर्श पर पड़ा था। लोगों ने उसके पति को बुलाया और पुलिस भी पहुंच गई। मौका देखकर यही माना जा रहा था कि सीढ़ियों से गिरकर ही गीता की मौत हुई है। एसओजी, पुलिस और फोरेंसिक टीम इंचार्ज डा. दयाल शरण शर्मा ने मौके की पड़ताल की तो मामला कुछ और लगा। डा. शर्मा ने बताया कि सिर पर भारी वस्तु मारकर महिला की हत्या की गई  है। पति से पूछताछ में बयान संदिग्ध लगने लगे तो पुलिस उसे कोतवाली ले आई। इस बीच एसएसपी डा. सदानंद दाते, एएसपी डा. जगदीश चंद यहां पहुंच गए। शुरुआती पूछताछ में ही सुरेश टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
एएसपी डा. जगदीश चंद ने बताया कि बुधवार साढे़ 11 बजे सुरेश यादव चकरपुर निवासी दोस्त अजीत के साथ दुकान से घर गया।  इस दौरान पत्नी गीता यादव से पैसों को लेकर उसका विवाद हो गया। योजना के तहत सुरेश के साथी अजीत ने दुपट्टे से गीता का गला दबाने की कोशिश की। इस पर गीता और सुरेश के बीच हाथापाई भी हुई। कब्जे मेें नहीं आने पर सुरेश ने गीता के सिर पर लोहे के सब्बल से वार कर दिया। गीता वहीं ढेर हो गई। उसके बाद सुरेश और अजीत ने गीता पर कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। लोग इसे हादसा मानें, इसके लिए शव को जीने के नीचे डाल दिया। उसके बाद सुरेश और अजीत पीछे दीवार कूदकर चले गए। सुरेश फिर दुकान पर पहुंच गया।
पुलिस ने मकान के पीछे दूसरे मकान स्वामी के सीसी कैमरे के फुटेज खंगाले तो उसमें घर से दो व्यक्ति जाते हुए देखे गए हैं। सीसीटीवी फुटेज से ही पता चला कि सुरेश सुबह को जो शर्ट और पैंट पहने था, दोपहर में उससे अलग ही पहने हुए था। सुरेश ने दुकान में अपने दोस्त अजीत के साथ टांडा रामपुर जाने की बात कही थी, यह बात भी गलत साबित हो गई, क्योंकि वह दोस्त के साथ घर आया था। कड़ी पूछताछ में सुरेश और अजीत ने घटना को कबूल कर लिया।
पुलिस का कहना है कि अपने भाई के इलाज में सुरेश करीब 12 लाख रुपये का कर्जदार हो गया था। सुरेश की पत्नी की करीब 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी है। पॉलिसी हड़पने और कर्ज उतारने के लिए उसने यह कदम उठाया। देर रात 11 बजे पुलिस ने मृतका के पिता महेश यादव की तहरीर पर सुरेश और अजीत के खिलाफ धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

नहीं थम रहा गुलदार का आतंक,वन दरोगा को ही बनाया निवाला

ऋषिकेश के रायवाला में राजाजी पार्क की मोतीचूर रेंज में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिन प्रतिदिन गुलदार के हमले बढ़ते जा रहे हैं। इस बार गुलदार ने अपना निवाला चीला रेंज में तैनात आनंद सिंह को बनाया है। गुरुवार देर रात करीब 9:00 बजे वन दरोगा आनंद सिंह ड्यूटी के बाद अपने घर सत्यनारायण कॉलोनी में आये, उसके बाद वो किसी काम के लिए घर से बाहर गए लेकिन जब काफी देर तक घर वापस नही आये तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की,बाद में पुराने सौग नदी के पास अानन्द सिंह का क्षत विक्षत शव मिला जिसके बाद वन विभाग ने इसकी सूचना उनके परिजनों को दी, घटना से पूरा  परिवार स्तब्ध है। आनंद पवार के घर में उनकी पत्नी उनका एक बेटा और एक बेटी है। बेटी की इसी साल नवम्बर में शादी होनी थी। पिता के मृत्यु की खबर मिलने के बाद से ही परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है और वो मांग कर रहे है की गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ना चाहिए।

गौरतलब है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से आदमखोर गुलदार सक्रिय है जो अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। जहां एक तरफ ग्रामीणों में गुलदार को लेकर काफी ज्यादा आक्रोश है, तो वही राजाजी नेशनल पार्क के डायरेक्टर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि जल्द ही वन विभाग इस आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए कार्यवाही करेगा और हमले में मारे गए वन दरोगा इसका उचित मुआवजा दिया जाएगा।

राजाजी पार्क से सटे हुए इस क्षेत्र में पिछले दो सालो से गुलदार का आतंक बना हुआ है । दो सालो में तीन गुलदार भी वन महकमे द्वारा अपने पिंजड़े में कैद किये जा चुके है मगर उसके बावजूद भी अब तक कई लोग गुलदार के हमले में मारे जा चुके है। बावजूद इसके पार्क महकमा अब तक महज पेट्रोलिंग के दावे कर हाथ पे हाथ धरे हुए बैठा हुआ है। यहाँ सवाल यह भी खड़ा उठता है की जब गुलदार के हमलों से विभाग खुद अपने लोगों की सुरक्षा नहीं कर पा रहा तो स्थानीय लोग उनसे क्या उम्मीद करें।

ले.जनरल बीएस नेगी ने सीमांत क्षेत्र का किया दौरा

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सेना की मध्य कमान के प्रमुख ले.जनरल बीएस नेगी ने गुरुवार को सीमांत क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने सेना अधिकारियों से पिथौरागढ़ क्षेत्र में की गई आपरेशनल एवं प्रशासनिक तैयारियों की जानकारियां ली। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया। सीमांत क्षेत्र में पहुंचे ले.जनरल बीएस नेगी का सेना के अधिकारियों ने स्वागत किया।

ले.जनरल नेगी ने सीमा क्षेत्र में तैनात जवानों से मुलाकात की और राष्ट्र के लिए उनके समर्पण भाव की सराहना करते हुए संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए हर वक्त तैयार रहने को कहा।गौरतलब है कि उत्तराखंड के अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को देखते हुए केंद्र सरकार और सेना के लिये राज्य अहम हो गया है। सरकार सीमा पर अपनी पकड़ मजबूत करने के इरादे से सीमाओं के आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा मे काम कर रही है।

तो अब जैकी दादा देगें उत्तराखंड आने का न्यौता

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उत्तराखण्ड में अब पर्यटकों को फिल्म अभिनेता जैकी श्रोफ आमंत्रित करेंगे, जिसके लिए प्रदेश सरकार ने विशेष वेबसाईट बनाकर पर्यटकों को लुभाने के लिए प्रचार प्रसार किया है। रुद्रपुर में एक कार्यक्रम के दौरान जैकी श्रोफ ने बताया कि उत्तराखण्ड उनकी पहले से ही पसंदीदा जगहों मे से रहा है और उनको अब उत्तराखण्ड के लिए काम करने का मौका मिल रहा हो जो उनके लिए काफी अहम है।
अपने फिल्मी अंदाज में जैकी ने जहां कार्यक्रम में चार चांद लगाये वहीं प्रदेश में फिल्मों को बढ़वा देने की भी बात कहीं, वहीं उत्तराखण्ड में पर्यटन को बढावा देने और प्रदेश के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार प्रसार हो सके इसके लिए सुबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि “इस बार रिकाॅर्ड तोड़ जहां चार धाम यात्रा मेंं यात्रियों की संख्या बड़ी है वहीं महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों का प्रचार प्रसार कर विश्वपटल पर उन्हे उतारने के प्रयास किये जाएंगे, जिसके लिए फिल्मी हस्तियों की भी मदद ली जाएगी।”
राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये इस से पहले भी सरकारें मशहूर हसित्यों का सहारा ले चुकी हैं। इसमे प्रमुख हैं अमिताभ बच्चन, विराट कोहली, कैलाश खेर आदि। लेकिन बढ़ा सवाल ये है कि इन सितारों के कहने पर पर्यटक शायद राज्य की तरफ अपना रुख कर भी लें मगर पर्यटकों को अगर यहां आने पर सुविधाऐं नहीं मिली तो शायद इन सितारों की सारी मेहनत बेकार चली जाये। इसलिये सरकार के लिये ये भी ज़रूरी है कि वो प्रचार के साथ साथ पर्यटन से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं के सुधार पर ध्यान दे।

केदारनाथ में हेलीकाप्टर हादसा टला

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केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की सेवा में लगे इंडो काॅप्टर कम्पनी के हेलीकाॅप्टर में इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान आग की चिंगारियां निकली। लैंडिंग के दौरान यात्रियों की जान बाल-बाल बची। मौके पर दमकल दस्ते के साथ मौजूद रेसक्यू टीम ने यात्रियों का सुरक्षित बाहर निकाला।

आपको बता दें केदारनाथ यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए अगस्त्यमुनि से केदारनाथ हेलीकाॅप्टर से आने-जाने की सुविधा है। इस समय कई हेली कम्पनियों के हेलीकाॅप्टर हर रोज केदारनाथ के लिए उड़ान भरते हैं। उन्हीं में एक इंडो काॅप्टर कम्पनी भी है जिसके हेलीकाॅप्टर ने दोपहर बाद अचानक तकनीकी खामी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

जानकरी के अनुसार हेलीकाॅप्टर में पांच यात्री सवार थे। गनीमत रही कि यात्रियों को किसी तरह का नुकसान होने से पहले बचा लिया गया। देखने वालों का कहना है कि हेलीकाॅप्टर ने जैसे ही लैंडिंग की, उससे चिंगारियां निकलती हुई दिखाई दी, जिसे देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। यात्रियों ने जान बचाने की गुहार लगाई। उन्हें तुरन्त हेलीकाॅप्टर से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। हेलीपैड पर तैनात दमकल दस्ता भी मौके पर पहुंच गया।

2013 में केदारनाथ आपदा के दौरान हुई हेलीकाॅप्टर दुर्घटना को लोग अभी भूले नहीं हैं। जिसमें आईटीबीपी के 20 जवान शहीद हो गये थे। इस आपदा में उन्होंने सैकड़ों लोगों को जिन्दगी दी थी, लेकिन खुद अपनी जान गंवा बैठे। आज एक बार फिर उनकी याद ताजा हो गई।

83 साल के हुए रस्किन “रस्टी” बाॅंड

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19 मई मसूरी के लिये खास दिन रहा। मशहूर लेखक रस्किन बाॅंड 83 सला के हो गये और अपने जन्मदिन की खुशियां उन्होने अपने घर और शहर के लोगों के साथ मनाई।कहते हैं कि एक लेखक अपने काम से कभी रिटायर नहीं हो सकता और बाॅंड इसका जीता जागता सबूत हैं।

19 मई, हर साल एक ऐसा दिन होता है जिस दिन मसूरी में हर कोई अपना रुख टेढ़ी-मेढ़ी संकरी गलियों से होते हुए लैंडोर कैंटोंनमेंट की तरफ कर लेता है। यहां है रस्किन बाॅंड का घर जो कि शहर भर में “आईवी काॅटेज” के नाम से जाना जाता है । ये घर मसूरी में किसी पर्यटक स्थल से कम नही है। हर उम्र के बच्चों से लेकर, मीडिया कर्मी, विधायक ,शहर के मेयर, रस्किन बाॅंड के फैन, उनको पढ़ने वाले पाठक और उन्हें एडमायर करने वाला हर एक इंसान रस्किन बाॅंड को उनके 83 साल पूरे करने पर शुभकामनाएं देने सुबह से पहुंचने लगा।

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न्यूज़पोस्ट टीम से खास बातचीत पर उनसे यह पूछने पर कि कैसा लगता है उन्हें 83 साल के होने पर रस्किन का जवाब बहुत ही अलग था। आंखों में चमक व होंठो पर मुस्कान के साथ उन्होंने कहा “चलती का नाम गाड़ी”

रस्किन कहते हैं कि “मुझे अपने जन्मदिन से डर लगता है – क्योंकि क्या पता कौन आ जाए।” उनका कमरा फूलों के गुलदस्ते, गिफ्ट, और तरह तरह के केक से भरा रहता है। यह सारे तोहफे उनके लंबी लिस्ट में भी ना आने वाले उनके प्रशंसकों की तरफ से है। इनमें से कुछ लोगों और उनके तोहफों सो तो कभी-कभी बाॅंड बिलकुल अंजान होते हैं।

बातचीत में रस्किन बांड कहते हैं कि “वह इस साल अपने जन्मदिन पर कुछ अलग और हटकर करना चाहते हैं, जैसे कि अपना पिकनिक बास्केट पैक करके, अपने बहुत ही खास लोगों के साथ, कहीं दूर सड़कों पर निकलकर यह दिन यादगार बनाना चाहते हैं।”

रस्किन अपने लेखन से न सिर्फ बच्चों के चहेते रहे हैं वो लंबे समय से बाॅलिवुड को भी प्रभावित करते रहे हैं।

  • 1978 में भारतीय आजादी की पहली लड़ाई पर श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी फिल्म “जुनून” रस्किन के उपन्यास ए ‘फ्लाइट आॅप पीजन्स’ पर आधारित थी।
  • रस्किन की “द रस्टी स्टोरीज” को हम सभी दूरदर्शन पर एक था रस्टी के रूप में देख चुके हैं।
  • 2005 में विशाल भारद्वाज ने रस्किन के नौवल ‘द ब्लू अम्ब्रेला’ पर फिल्म बनाई जिसे सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला
  • 2011 में विसाल भारद्वाज की फिल्म सात खून माफ में रस्किन ने अपनी ही लिखी कहानी “सुसेनास सेवन हस्बैंड”  में एक छेटा सा किरदार भी निभाया था।

न्यूज़पोस्ट की टीम तहे दिल से रस्किन बाॅंड को शुभकामनाएं देती है और इस मशहुर लेखक की कलम को और लिखने की ताकत मिले यह कामना करती है।

मुख्यमंत्री ने भी माना कि राज्य में “कागज़ों पर है हरियाली”

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गुरुवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अधिकारियों से खासे नाराज़ दिखाई दिये।बैठक में मुख्वयमंत्री ने पूछा कि चरागाह विकास, वृक्षारोपण की योजनाओं को मॉनिटर कैसे किया जा रहा है ? इस पर जवाब से असंतुष्ट रावत ने कहा कि ‘‘कागजों में हरियाली और मौके पर कोई काम नहीं’’ ये स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से पूछा कि मैन ऐनिमल काॅनफ्लिक्ट को रोकने के लिये क्या किया जा रहा है? 

वन राजस्व के हालात पर भी मुख्यमंत्री ने लीसा चोरी के मामलों पर सख्ती दिखाते हुए पूछा कि “यदि वन विभाग के डिपो से बिक्री नहीं हो रही तो लीसा की 100 से अधिक फैक्टरियां कैसे चल रही है। उनके द्वारा किये जाने वाला उत्पादन और वहां खपत हो रहे लीसे को को कौन क्रॉस चेक कर रहा है? मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वन विभाग के सभी डिपों में एकत्र लीसे को पारदर्शी तरीके से नीलाम किया जाय। नीलामी प्रक्रिया को एक उच्च स्तरीय अधिकारियों की समिति द्वारा माॅनिटर किया जाय।इसके साथ साकत मुख्यमंत्री ने अवैध खनन को रोकने के लिये भी वन अधिकारियों को और चुस्ती दिखाने की हिदायत दी।साथ ही जंगलों में आग पर जल्द स् जल्द काबू पाने औप आग से बचाव के कारगर उपाये करने को कहा।

गौरतलब है कि राज्य के वन मंत्री हरक सिंह रावत हैं जो कुछ दिन पहले ही अपने बयानों से राज्य की बीजेपी सरकार और नेताओं के लिये परेशानी का सबब बन चुके हैं। ऐसे में हरक सिंह के ही विभाग के अधिकारियों पर मुख्यमंत्री की नाराजगी को राजनीतिक चश्मे से भी देखा जा रहा है।

एसडीआरएफ का दल सतोपन्थ पर्वत अभियान के लिय रवाना

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उत्तराखण्ड राज्य के हिमालय क्षेत्रों में होने वाली किसी भी दुर्घटना, खोज एवं बचाव अभियानों के दौरान नुकसान को कम कर सफलता पाने और टेक्नीकल कार्यशैली एवं कार्यक्षमता बढ़ाये जाने व एसडीआरएफ माउण्टेनिंयरिग टीम को ऊचाईं वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए एमए गणपति, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने पुलिस मुख्यालय देहरादून से एसडीआरएफ के 17 सदस्यों के दल को सतोपन्थ पर्वत(ऊचाँई-23263 फीट) अभियान के लिय फ्लैगआफ किया। जिसका निर्देशन संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ और नेतृत्व नवनीत सिंह भुल्लर करेंगे।

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इस प्रशिक्षण में भाग करने वाले सभी एसडीआरएफ अधिकारी/कर्मचारियों ने पहले नेहरु पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) उत्तरकाशी से बेसिक, एडवांस व सर्च रेस्क्यू माउण्टेनिंयरिग ट्रेनिंग ली है।इस अवसर पर अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ, अमित सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक, पीएसी/फायर सर्विस, आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

तो क्या शाहरुख खान अंग्रेजी में इतने कमजोर थे??

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बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की एक्टिंग का तो हर कोई दिवाना है। साथ ही उनकी फर्राटेदार अंग्रेजी को तो सुनकर हर कोई खुश हो जाता है। अभी हाल ही में टेड टॉक्स शो में शाहरुख की स्पीच सुनकर खूब तालियां भी बजीं थी। मगर क्या आपको पता है कि कॉलेज के समय में उनकी इंग्लिश काफी कमजोर थी।

दरअसल डीयू में अंडरग्रेजुएशन कोर्स के लिए बेस्‍ट फोर सब्‍जेक्‍ट मार्क्‍स के प्रतिशत के आधार पर ही मेरिट बनती है। उस लिहाज से शाहरुख ने अपने बेस्‍ट फोर सब्‍जेक्‍ट्स में इलैक्ट्रिकल, मैथ्‍स, फिजिक्‍स और इंग्लिश के मार्क्‍स भरे हैं। इसमें बाकी सभी में तो शाहरुख के अंक अच्‍छे हैं लेकिन शानदार अंग्रेजी बोलने वाले बॉलीवुड के बादशाह को 12वीं क्‍लास में अंग्रेजी में महज 51 नंबर मिले थे। हालांकि इलैक्ट्रिकल में सर्वाधिक 92 मार्क्‍स दर्ज हैं और मैक्‍स एवं फिजिक्‍स में 78-78 मार्क्‍स मिलने की बात कही गई है।

जी हां, ऐसा हम नहीं खुद कॉलेज का कहना है। दरअसल, शाहरुख खान का हंस राज कॉलेज का एडमिशन फॉर्म सामने आया है। जिसमें अंग्रेजी में कम नंबर आने की वजह से यह काफी वायरल हो रहा है। शाहरुख को अंग्रेजी में 51 नंबर मिले हैं। शाहरुख खान का यह फॉर्म डीयू टाईम्स के फेसबुक पेज पर शेयर किया गया है।

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वहीं, डीयू के ऑनलाइन पोर्टल के हेड- मिल्हाज हुसैन का कहना है कि शाहरुख का यह एडमिशन फॉर्म एकदम सही है। सोशल मीडिया पर इसे इसलिए डाला गया है कि ताकि कम नंबर पाने वाले स्टूडेंट्स इसे देखकर कुछ फायदा उठा सके।

गरीब और जरुरतमंद बच्चों के लिए सीएम रावत ने दी 25 लाख की सौगात

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास, कैन्ट रोड़ में उत्तराखण्ड बाल कल्याण परिषद द्वारा आयोजित ‘‘मिल कर रहना’’ शिविर कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री रावत ने उत्तराखण्ड बाल कल्याण परिषद् के काॅरपस फण्ड के लिए 25 लाख रूपयें की सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रावत ने राज्य के 12 जनपदों से शिविर में भाग लेने आये बच्चों का मुख्यमंत्री आवास में स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों में अनुशासन, टीम भावना, मिलजुल कर रहने आदतें एवं एक दुसरे के लिए त्याग की भावनाऐं विकसित करने में शिविर का बहुत महत्व है।
बच्चों के साथ अनौपचारिक बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शिविर का अर्थ है कि साथ-साथ रहना तथा शिविर में रहने के दौरान हम एक दूसरे की भावनाओं एवं इच्छाओं का सम्मान करना सीखते है। शिविर में बच्चें एक दूसरे से नई-नई बाते सीखते है तथा शिविर की समाप्ति पर एक दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ अनुभव करते है।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए स्वागत गान, देशभक्ति गान एवं गढ़वाली-कुमाऊॅंनी लोक नृत्य प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने परिषद द्वारा आयोजित निबन्ध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम को उत्तराखण्ड बाल कल्याण परिषद के महासचिव बालकृष्ण डोभाल ने भी सम्बोधित किया।