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गोपेशवर में बेकाबू कार का कहर

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उत्तराखंड के गोपेश्वर में मंगलवार को एक शराबी ने सड़क पर गाड़ी में सवार होकर नशे का ऐसा खेल खेला जिसकी तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गयी ।दरसल नशे में एक युवक पहले तो बाजार में तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ाता रहा।और इसी बीच उसने गाड़ी को भीड़ भाड़ वाले इलाके में घुसा दिया ।

तेज़ गति से आ रही गाड़ी ने वह मौजूद लोगों को टक्कर मारनी शुरू कर दी। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही उसने कई खड़ी गाडि़यो को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया ।इस हादसे में सीसीटीवी ने वो मंजर भी कैद कर लिया जब नशे में सवार ये युवक लोगों को टक्कर मार रहा था ।बाद में स्थानीय लोगो ने इसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया ।

आइटीबीपी को मिले 28 जांबाज आफिसर

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16 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने बाद देश रक्षा की शपथ लेकर 28 अधिकारी बतौर सहायक सेनानी आइटीबीपी की मुख्य धारा में शामिल हो गए। आइटीबीपी अकादमी निदेशक आईजी सुधाशुं शेखर मिश्रा ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और पास आउट होने वाले अधिकारियों को बल की मुख्य धारा में शामिल होने के लिए बधाई दी।

आइटीबीपी बल के परेड मैदान में आज दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। पास आउट होने वाले 28 अधिकारियों में दो महिलाएं भी शामिल रहीं। आइटीबीपी अकादमी निदेशक आईजी सुधांशु शेखर मिश्रा ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। पास आउट अधिकारियों ने बल के ब्रासबैण्ड की धुनों के साथ मार्च पास्ट किया।

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सहायक सेनानी इंजीनियर रविकुमार को आचरण में श्रेष्ठ, सहायक सेनानी डा. क्रांति कुमार को संपूर्ण गतिविधियों में श्रेष्ठ और सहायक सेनानी इंजीनियर नरेश चौधरी को संपूर्ण प्रशिक्षण गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी के लिए अकादमी निदेशक द्वारा पुरस्कृत किया गया।

पीपिंग सेरीमनी में पास आउट हुए अधिकारियों के कंधों पर उनके परिजनों व अकादमी अधिकारियों ने सितारे सजाए। पासिंग आउट परेड की समाप्ति पर आईटीबीपी बल की केंद्रीय कराते टीम ने मार्शल आर्ट का शानदार प्रदर्शन किया और बल के पाइप बैंड ने मनोहारी धुने प्रस्तुत की। पासिंग आउट परेड का नेतृत्व सहायक सेनानी नरेश चौधरी ने किया। किस

किस राज्‍य से कितने अधिकारीः

  • तेलंगाना    8
  • उत्तर प्रदेश  7
  • आंध्रप्रदेश   5
  • बिहार       3
  • पंजाब       2
  • जम्मू-कश्मीर 1
  • राजस्था     1
  • महार        1

उत्तरकाशी नालूपानी बस हादसा में 19 की मौत, मुख्यमंत्री ने मैजिस्ट्रेट जाँच के दिये निर्देश

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उत्तरकाशी के नालूपानी में एक बस हादसे का शिकार हो गये हैं। बस में अधिक्तर यात्री इन्दौर, मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। यह हादसा 5:30 बजे शाम को हुअा। बस में मौजूद क़रीब 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और 7 घायलों को बचाया गया हैं। एडीजी राम सिंह मीणा के बयान ने इसकी पुष्टी करी अौर बताया कि बस का टायर निकलने से यह हादसा हुआ।उत्तराखंड के पहाड़ी इलाको में सड़के हादसे रुकने का नाम नही ले रहे है ।कल भी अलग अलग सड़क हादसों में आदा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी। बताया जा रहा है कि उत्तरकाशी के नालूपानी में गंगोत्री से आ रही बस, धरासू से 11 किलोमीटर आगे अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।

सड़क हादसा इतना भयानक है कि बस के परखचे उड़ गए है । बस 300 मीटर गहरी गिरी है, अंधेरा होने के कारण भी रेक्सयू ओपरेशन में दिकते आ रही थी । बताया जा रहा है कि कई यात्रिओ के बहाने की भी सूचना है जिसकी खोजबीन की जा रही है।बचाव कार्य में जल पुलिस, पुलिस, आईटीबीपी के जवान लगें रहे। साथ ही डीएम और एसपी मौक़े पर पहुँच गये। साथ ही एसडीआरएफ के और भी जवान राहत के लिये भेजे गये। नदी का जल स्तर अधिक होने से बचाव और राहत के कामों में परेशानी आ रही हैं। राहत कामों में दिक़्क़त न हो इसके लिये जोशियाड़ा बैराज से पानी छोड़ना बंद कर दिया गया है ताकि जल स्तर काम रहे।

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चिंयालीसौड़ अस्पताल को राहत के कामों के लिये नोडल अस्पताल बनाया गया है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों से संपर्क साधा हुअा है। मध्य प्रदेश के रेज़िडेंट कमिशनर से सम्पर्क कर पल पल की जानकारियाँ साझा की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने घटना पर शोक व्यक्त किया और राहत बचाव के कामों में तेज़ी के लिये मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 1 लाख और गम्भीर घायलों के लिए 50,000 रुपए सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसकी मजिस्ट्रेटी जाँच के निर्देश दिए हैं। परिवहन आयुक्त और पुलिस को वाहनों की सख़्त जाँच के निर्देश भी दिए है। मुख्य सचिव को राहत बचाव के कार्यों को युद्दस्तर पर करने के निर्देश। बीअारअो तथा नैशनल हाइवे को चारधाम यात्रा मार्गों पर संवेदनशील स्थानों / भूस्खलन संभावित क्षेत्र पर आवश्यक सावधानियाँ रखने और क्रैश बैरीअर बनाने के निर्देश।

जर्मनी से साईकल पर निकले दम्पत्ति

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आधा दर्जन से अधिक देशों में साईकल से यात्रा कर पर्यावरण के प्रति जर्मनी के दम्पत्ति नैनीताल पहुचें। आधुनिकता के दौर में वाहनों के धुएं से हो रहे प्रदूषण के खिलाफ जर्मन दंपती साइकिल से विश्व भ्रमण पर निकला है। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट निवासी अकोस व सोनजा अब तक साइकिल से पर्यावरण प्रदूषण का संदेश देते हुए 20 हजार किमी का सफर तय कर चुके हैं।

उनका कहना है कि यदि वाहनों की संख्या ऐसे ही लगातार बढ़ती रही तो आने वाले समय में सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। इसी को देखते हुए उन्होंने साइकिल से यात्रा करने की योजना बनाई ताकि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया जा सके।

पिछले साल पहली मार्च को जर्मनी से साइकिल की यात्रा पर निकला दंपती अब तक थाइलैंड, फिलीपींस, वियतनाम, लाओस व काठमांडू के बाद उत्तराखंड के विभिन्न शहरों का साइकिल से भ्रमण कर चुका है। उत्तराखंड की घुमावदार सड़कों पर साइकिल चलाने के अनुभव के बारे में वे बताते हैं कि बढ़ते वाहनों की वजह से सड़कों पर लोगों के लिए अब पैदल चलना मुश्किल हो गया है।

वाहनों के धुएं से पौधों को सबसे अधिक नुकसान पहुंच रहा है। दंपती का कहना है कि उत्तराखंड में अभी काफी हरियाली बची है। जरूरत है तो इसके संरक्षण और संवर्धन की। यदि इसका संरक्षण नहीं किया गया तो यह सुंदर व मनमोहक जगह भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो जाएगी।

उन्होंने अधिक से अधिक पौधे रोपने, रात में पहाड़ों पर वाहन संचालन पर रोक लगाने का आह्वान किया। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने को लक्ष्य बताया। उनका कहना है कि यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित वातावरण देना है तो इसके लिए हमें अभी से प्रयासर शुरू करने होंगे।

नहीं रहे ”एयरलिफ्ट” के असली रंजीत कत्याल

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बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने फिल्म ‘एयरलिफ्ट’ में रंजीत कत्याल की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म के लिए अक्षय की काफी तारीफ हुई थी और 90 के दशक के रियल हीरो के बारे में लोगों को जानकारी मिली थी। रंजीत कत्याल ने 90 के दशक में अनगिनत परिवारों को कुवैत और इराक से इवैकुएट कराया।

रंजीत कत्याल का नाम सनी मैथ्यू है और अब वो हमारे बीच नहीं रहे। सनी को हमेशा इतिहास के पन्नों में उनके बुलंद हौसलों और सराहनीय काम के लिए याद किया जाएगा। सनी मैथ्यू की मौत की जानकारी फिल्मकार निखिल आडवाणी ने ट्वीट करके दी और बाद में अभिनेता अक्षय कुमार ने भी उनके इस अकस्मात मौत पर दुख जताया।

सनी भारत के केरल से थे और उन्होंने 1,70,000 परिवारों को नई जिंदगी दी थी। मैथ्यू के निधन से उनके परिवार सहित उनके चाहने वालो में शोक का माहौल है। रंजीत इन सभी परिवारों को बड़े हौसले और हिम्मत के साथ एयरलिफ्ट करवाया था। उस समय कुवैत में 1,70,000 से ज्यादा भारतीय फंसे हुए थे और उन लोगों को अम्मान से मुंबई लाने के लिए एयर इंडिया के विमानों ने कुल 488 उड़ानें भरीं थी। यह दूरी 4000 किलोमीटर से भी ज्यादा थी। यह अभियान खाड़ी युद्ध के दौरान चलाया गया था, जिसमें कुवैत और इराक में रह रहे भारतीय लोगों को बचाया गया था।

तो अब यमुनोत्री के घोड़े-खच्चर भी पहनेंगे डायपर

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आपको यह सुनकर हैरानी जरुर  होगी कि चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव यमुनोत्री धाम में पैदल मार्ग पर चलने वाले घोड़े खच्चरों को जिला प्रशासन डायपर पहनाने की तैयारी कर रहा है । प्रशासन ने पैदल मार्ग पर घोड़े खच्चरों के मल मूत्र से फैलने वाली गंदगी को देखते हुए यह फैसला लिया है।

गौरतलब है कि यमनोत्री धाम के मुख्य पड़ाव जानकी चट्टी से धाम की दूरी पांच किलोमीटर है । जहाँ पहुँचने के लिए पैदल यात्रा , डंडी कंडी और घोड़े खच्चरों का सहारा यात्रियों को लेना पड़ता है । यात्रियों और घोड़े खच्चरों के चलने के लिए यहां एक ही पैदल रास्ता है, जो बेहद संकरा है। सामान और यात्रियों को ले जाते समय घोड़े खच्चर जगह-जगह मल मूत्र करते हैं, जिससे पैदल चल रहे यात्रियों को गंदगी के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है।

घोड़े खच्चरों से फैलने वाली गंदगी को रोकने के लिए अब जिला प्रशासन यमुनोत्री पैदल रास्ते पर चलने वाले घोड़े खच्चरों को डाइपर पहनाने जा रहा है। यात्रा के पीक समय पर यहाँ करीब सौ से ज्यादा घोड़े खच्चर चलते हैं । साथ ही दर्जनों डंडी-कंडी ले जाने वाले मजदूर भी इसी रास्ते से चलते हैं।

ऐसे में गंदगी निपटने के लिए घोड़े- खच्चरों को बैग नुमा कपड़े के बने डाइपर पहनाए जाने की कवायद शरू की जा चुकी है । डीएम उत्तरकाशी डॉक्टर आशीष कुमार ने बताया कि घोड़े, खच्चरों को डाइपर पहनाए जाएंगे, जिससे पैदल चल रहे यात्रियों को गंदगी के कारण परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। वहीं मंदिर समिति के उपाध्यक्ष रावल पवन प्रकाश उनियाल ने बताया कि जिला प्रशासन का यह कदम सराहनीय है। मंदिर समिति की ओर से भी इस काम के लिए यथा संभव मदद की जाएगी ।

8 महीने के अंदर 10 हाथियों की राजाजी में मौत

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राजाजी पार्क अपनी विशिष्ट प्राचीन प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध बायोडायवर्सिटी के लिए जाना जाता है। पार्क को 1983 में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय श्री सी.राजगोपालाचारी के नाम पर रखा गया था। 23 प्रजाति के मैम्लस और 315 तरह के चिड़ियों के प्रजाति का घर है, लेकिन हाथियों के लिये प्रसिद्ध यह पार्क, अाज उनकी सुरक्षा नहीं कर पा रहां हैं।

बीते शुक्रवार की रात को राजाजी टाइगर रिजर्व के ढोलखंड रेंज में एक युवा हाथी की मौत हो गई, इसके साथ ही पिछले आठ महीनों में राजाजी में मरने वाले हाथियों की संख्या 10 हो गई है। वन्यजीवन वार्डन कोमल सिंह, के अनुसार हाथी सुबह ही बेहोश हो गया था। इसके बाद उसका इलाज शुरू हो गया, लेकिन रात तक उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह मर गया। उन्होंने कहा, मुख्य रूप से यह लगता है कि बहुत अधिक गर्मी के कारण हाथी मर गया है।

राजाजी के निदेशक, सनातन सोनकर ने कहा कि पार्क क्षेत्र में पाइप के माध्यम से पानी के छोटे बड़े वॉटर होल्स को भरा जाता है ताकि जानवर प्यासे न रहें। इसके साथ ही हाथियों के नहाने के लिए बहुत से छोटे बड़े ट्रेंच खोदे गएँ है जिसमें वह मड बाथ ले सकें।

इसी वर्ष 29 मार्च को हाथी के एक शव को रिजर्व के अंदर नदी में तैरता हुआ पाया गया था। रिजर्व ने कहा कि हो सकता है कि वह नदी में फिसल गया और उसकी सांस नली बंद होने की वजह से वह मर गया था। इससे पहले 15 सितंबर को एक माँदा हाथी और उसका बच्चा हरिद्वार रेंज में बिजली से मर गया था। 6 अक्टूबर को एक हाथी का बच्चा ऊंचाई से गिर गया और उसी उसकी मृत्यु हो गई थी फिर 15 अक्टूबर को मोतीचूर में ट्रेन दुर्घटना में एक हथिनी की मृत्यु हो गई थी और उसके बाद खानपुर रेंज के कासस्रो नदी में एक और मृत हथिनी मिली।

30 नवंबर को, चिला रेंज में बिजलीघर से एक हथिनी की मौत हो गई। 24 दिसंबर को राजाजी में पहाड़ी से गिरने से एक हाथी की मृत्यु हो गई, 4 फरवरी को हाथी ‘योगी’ की रहस्यमय बीमारी से मृत्यु हो गई और 29 मार्च को हरिद्वार रेंज में एक हाथी की सड़ी हुई बाडी को बरामद किया गया।

निदेशक ने कहा कि सभी हाथियों की मौत प्राकृतिक आपदाओं और अन्य मामलों जैसे की रेलवे ट्रेक से एक्सीडेंट के कारण हुई, कुछ बिजली गिरने से और कुछ आपसी संघर्ष के कारण मरे लेकिन शिकार के कारण कोई भी नहीं मरा।

मसूरी में स्कार्पियों खाई में गिरी,5 लोग गंभीर रुप से घायल

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मसूरी शहर के स्प्रिंग रोङ में एक स्कार्पियों करीब दो सौ फीट गहरी खाई में गिर गई। जिसमें पांच लोग गंभीर रुप से घायल हो गये। घटना की जानकारी मिलते ही आईटीबीपी के 75 कंमाडो सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे किसी तरह सभी घायलों को खाई से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
घटना में घायल तीन पुरुष और दो महिलाएँ एक चार साल का बच्चा शामिल है। लेकिन बच्चे को मामूली चोट आई दिल्ली और गाजियाबाद से कुछ लोग मसूरी घुमने आये थे लेकिन मसूरी से लौटते समय स्प्रिंग रोङ पर वाहन अनियंत्रित हो गया और वाहन सीधे खतरनाक खाई में गिर गया। खाई के आसपास कुछ महिलाएं घास काट रही थी उन्होने वाहन को गिरते देख तो पुलिस और स्थानीय लोगो क सूचना दी। सुचना मिलते ही सबसे पहले आईटीबीपी के जवान मौके पर पहुंचे।आईटीबीपी के जवानों द्वारा चलाया गया रेस्कूय आपरेशन से ही पर्यटकों की जान बचाई गई। घायलों के नामःतानिया,तापसी,अर्णव-4 साल का बच्चा,प्रवेश,पीयूष और आशीष।

अगले 24 घंटे तक 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

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मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक 5 जिलों में: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है । मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने संबंधित अधिकारियों को एडवाइजरी जारी कर ज़रूरी एहतियात बरतने की हिदायत दी है ।

चारधाम यात्रा को देखते हुए मुख्य सचिव ने किसी भी आपदा की स्थिति में डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी आपरेशन सेन्टर को सक्रिय रहने के लिए कहा है । अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग पर चट्टान गिरने से हुई दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिब ने मार्गों का सर्वे कर संभावित भूस्खलन या चट्टान गिरने वाले स्थानों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ।

उन्होंने लोनिवि को रॉक स्टेब्लिसशन की व्यवस्था करने के लिए कहा है । साथ ही भूस्खलन के संभावित क्षेत्रों में बुलडोज़र, पोकलैंड आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ।

उत्तराखण्ड ने पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिये बिछाया रेड कारपेट

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उत्तराखण्ड में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के रेड कारपेट बिछाया गया है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत 10 करोड़ तक के क्लीयरेंस का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया गया है। 10 करोड़ से अधिक का क्लियरेंस मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा दिया जाता है। सोमवार को सचिवालय में बेलजियम के राजदूत श्री जेन लुयकस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी से मिला।
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मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तराखंड में पूंजी निवेश की पर्याप्त संभावनाएं हैं। यहां का पर्यावरण, कानून व्यवस्था, कनेक्टिविटी, मानव संसाधन और सिंगल विंडो सिस्टम से क्लीयरेंस पूंजी निवेश के अनुकूल है। बेल्जियम के राजदूत ने उत्तराखंड में जड़ी बूटी, खाद्य प्रसंस्करण, मसाले, मूंहम ट्रीटमेंट, स्मार्ट सिटी, आदि में पूंजी निवेश की इच्छा जताई। इसके अलावा जो भारतीय कंपनी उत्तराखंड में अपनी इकाई लगाना चाहती है, उसे तकनीकी सपॉर्ट भी देगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में वानिकी, आर्गेनिक खेती, सगंध और औसधीय पौधों की खेती, जल विद्युत और सौर ऊर्जा, पर्यटन, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में पूंजी निवेश की संभावना है। बेल्जियम के ट्रेड काउंसेलर और उत्तराखंड की प्रमुख सचिव उद्योग का एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जिससे कि पूंजी निवेश के लिए उत्तराखंड और बेल्जियम के बीच एमओयू की कार्यवाही पूरी की जा सके।