मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के सभी जनपदों के लिए तैनात प्रभारी मंत्रियों को उनके जनपदों में प्रति माह समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन समीक्षा बैठकों में जनपदों में विकास योजनाओं के साथ विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही सभी प्रभारी मंत्रियों को जनपद स्तर पर जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन जनता दर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से जनपद स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करना सुनिश्चित किया जाएगा। सभी डीएम अपने अपने जनपदों में इन जनता दर्शन कार्यक्रमों के मुख्य समन्वयक होंगे।
डीएम का आदेश, जीन्स-टीशर्ट में नहीं आएगा कोई कर्मचारी ऑफिस
डीएम टिहरी ने सभी विभागों के कर्मचारियों को पैंट-शर्ट पहनकर ऑफिस में आने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी कर्मचारी पैन्ट शर्ट पहन कर ऑफिस आयें। पैन्ट शर्ट पहनने से शिष्टाचार झलकता है। जिलाधिकारी सोनिका ने निरीक्षण के दौरान सभी विभागों के कर्मचारियों के लिये आदेश निकाले कि सभी कर्मचारी पैन्ट शर्ट पहन कर ही ऑफिस में आये क्योकि पैन्ट शर्ट पहनकर शिष्टाचाार झलकता है। साथ ही उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि अब कोई भी कर्मचारी ऑफिस में जीन्स-टी शर्ट पहनकर नहीं आयेगा
पत्नी के प्रेमी की हत्या
चार धाम यात्रा में यात्रियों का आंकड़ा 6 लाख के पार
27 अप्रेल को शुरू हुई उत्तराखंड चार धाम यात्रा ने रफ़्तार पकड़ना शुरु कर दिया है। यात्रा को शुरु हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और चारों धामों में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या का आंकड़ा 6 लाख के पार पहुँच चुका है।यात्रा के लिए लगातार तीर्थ यात्री बड़ी संख्या में निकल रहे है , हालंकि यात्रियों की बढ़ती संख्या ने बसों की कमी भी बढ़ा दी है जिससे लोगों को थोड़ा मुश्किलों का सामना भी करना पड़ रहा है। 2017 की चार धाम यात्रा के शुरुआत से ही उत्तराखंड में यात्रियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। यात्रा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ है लेकिन अभी चार धाम में दर्शन करने वाले यात्रियों का आंकड़ा 6 लाख के पार पहुँच चूका है। यात्री बड़ी संख्या में यमुनोत्री-गंगोत्री बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे है।
2017 की यात्रा के शुरुआती आंकड़ों में एक बार फिर उत्तराखंड में ठप्प पड़े पर्यटन व्यवसाय में गति ला दी है।चार धाम यात्रा में जाने वाले यात्रियों का उत्साह बढ़ चढ़ के दिख रहा है ,यात्री एक बार फिर पहाड़ो का रुख करने लगे है,हालांकि जिस तरह से यात्रा में आने वाले यात्रियों की संख्या में जिस तरह से बढ़ोतरी हुई है उससे प्रशासन के सामने बसों की कमी की समस्या भी पैदा हो रही है जिससे चार धाम यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों को थोड़ी समस्या उठानी पड़ रही है।
हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे पर हुआ बड़ा हादसा,5 लोगों की मौत
छड़ा काकड़ीघाट खैरना के पास गाड़ी संख्या यू.ए12 7108 टैंम्पो ट्रेवलर जो कि जागेश्वर से हल्द्वानी जा रही थी पर पहाड़ से मलबा पत्थर गिरने से 5 महिलाओं की मौत है तथा 3 घायलों में से 2 को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और 1 को सामुदायिक अस्पताल गरम पानी रेफर किया गया है। बस में कुल 25 लोग सवार थे।यात्री पदमपुर कोटद्वार के निवासी थे। मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी गरम पानी में भेजा गया है।
सूचना के अनुसार मरने वालों का विवरणः
- रुकमा देवी पत्नी इंद्र सिंह उम्र 71 वर्ष
- रानी नेगी पत्नी सुदवीर सिंह उम्र 38 वर्ष
- श्रीमती गोदामी देवी उम्र 38 वर्ष
देहरादून के पेट्रोल पम्पो में चिप के जरिये घटतौली,छापेमारी कर 5 पंम्प के नोजल सीज
यूपी में लखनऊ के बाद अब देहरादून में भी पेट्रोल पम्पों में इलेक्ट्रॉनिक्स चिप के जरिये घटतौली की शिकायत आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। जिसके बाद सोमवार देहरादून के हरिद्वार रोड में कई पेट्रोल पम्पो में जिला प्रशासन और डीएसओ द्वारा सयुक्त छापेमारी की कार्यवाही की गई। इस दौरान घटतौली में सुपर फिलिंग स्टेशन नाम के एक पम्प के नोजल को सीज कर दिया। इससे पहले बीते शनिवार में भी प्रशासन और डीएसओ की सयुक्त जांच कार्यवाही में तीन पेट्रोल पम्प घटतौली के दायरे में आये थे, जिसके बाद तीनों पम्पो के नोजल सीज कर विभागीय कार्यवाही कर दी गई।
अब तक घटतौली के मामलें में देहरादून के 20 पेट्रोल पंपों में जांच की गई है। जिसमे से अब तक 5 पंपों पर सीज के साथ कार्यवाही की गई है। वही जिलापूर्ती अधिकारी पी एस पांगती ने बताया कि आज भी मोहकमपुर क्षेत्र में एसडीएम सदर के साथ मिलकर टीम द्वारा पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की गई जिसमें सुपर फिलिंग स्टेशन पर नोज़ल में गड़बड़ी पाए जाने के बाद उसको जब्त कर सीज़ कर दिया गया है। देहरादून जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार ये कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
25 मई से शुरु हो सकता है दिल्ली-देहरादून शताब्दी का सफर
देहरादून से सफर करने वाले और दिल्ली से दून आने वाले टूरिस्ट के लिए एक खुशखबरी है। कुछ ही दिनों मे नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक बार फिर अपने पूराने शेड्यूल से सफर कराना शुरु करेगी। जी हां लगभग 36 दिन से दून स्टेशन के रेलवे ट्रेक के मरम्मत की वजह से बहुत सी ट्रेनों को केवल हरिद्वार स्टेशन तक आने की परमिशन थी।
17 अप्रैल से सभी ट्रेन जो देहरादून से चलाई जाती है, उनका आपरेशन हरिद्वार शिफ्ट कर दिय गया था लेकिन 36 दिनों के रेनोवेशन कार्य के बाद उनका आपरेशन एक बार फिर अपने शेड्यूल टाईम से देहरादून से शुरु कर दिया जाएगा। लेकिन रेनोवेशन कार्य को ध्यान में रखते हुए हो सकता है यात्रियों को कुछ दिन का इंतजार और करना पड़े।
वहीं देहरादून रेलवे सुप्रीडेंन्डेंट करतार सिंह के मुताबिक शताब्दी के चलने की अभी तक कोई सूचना नहीं है, जबकि 22 मई तक का समय शताब्दी के लिए दिया गया था लेकिन अभी इसपर कुछ कहा नही जा सकता। उन्होंने कहा कि नई लाइन तो ठीक कर दी गई है लेकिन उसके पैरलल काम चल रहा है, बावजूद इसके अगर हमें कहा जाएगा ट्रेन चलाने के लिए तो ट्रेन चल जाएगी। लेकिन साथ में चल रहे लाइन पर काम होने की वजह से थोड़ी दिक्कत जरुर आएगी।
मुरादाबाद डिवीजन के अंदर आने वाले देहरादून रेलवे स्टेशन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर प्रमोद कुमार, ने बताया कि रेनोवेशन का काम अब तक पूरा हो जाना चाहिए लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आने वाले 2-3 दिन के अंदर देहरादून आने वाली ट्रेनों का संचालन शुरु हो जाएगा। हालांकि हम पूरी कोशिश करेंगे की आने वाली 25-26 मई से दिल्ली से आने वाली शताब्दी ट्रेन का संचालन अपने ओरिजनल शेड्यूल से शुरु हो जाए।
लाॅटरी सिस्टम से होगी कार्बेट जंगल सफारी की बुकिंग
उत्तराखंड के जिम कार्बेट में एक्सपेरिमेंट के तौर पर यात्रियों की सुविधा और इस सिस्टम को ठीक ढ़ंग से मानीटर करने के लिए कार्बेट टाईगर रिर्जव, पार्क एडमिनिस्ट्रेशन ने रविवार को लाटरी बेस्ड एंट्री सिस्टम यानि जंगल सफारी के लिये लाटरी सिस्टम शुरु करने का निर्णय लिया है। एडिमिस्ट्रेशन के आफिसर ने कहा कि यह सिस्टम आनलाईन स्लाट बुकिंग के साथ ही काम करेगा।
वहीं पार्क के एक अधिकारी ने कहा कि लाटरी सिस्टम की जरुरत तब पड़ी जब हमें महसूस हुआ कि आनलाईन बुकिंग के जरिए डे सफारी का मिस यूज किया जा रहा। उन्होंने बताया कि बहुत बार ऐसा हुआ कि आनलाईन बुकिंग कराने वाले लोगों की जांच के दौरान जिनके नामों से बुकिंग होती थी उनकी जगह पार्क में दूसरे लोग आते थे – मतलब नाम किसी और सफारी में कोई और।इसके अलावा एक आफिसर ने बताया कि जिन लोगों को बुकिंग मिल जाती है वो लोग अपनी बुकिंग दूसरों को ज्यादा पैसों में बेच देते या खाने और रहने के लालच में रेजार्ट वालों को दे देते हैं। 5 जोन के लिए एक दिन में कुल 86 सफारी के बुकिंग की परमिशन दी गई है- झिरना, बिजरानी, ढिकाला, ढेला और दुर्गादेवी। सभी 5 ज़ोन अभी खुल चुके हैं और एक औसतन पर 700-1000 टूरिस्ट हर रोज इसके लिए आ रहे हैं।
कार्बेट टाईगर रिजर्व के आफिस इंचार्ज धीरज पांडे ने बताया कि लाटरी सिस्टम को फिलहाल खाली स्लाट को भरने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगर आनलाईन बुकिंग करवाने वाला व्यक्ति उपस्थित नहीं है या बुकिंग करवाने वाले व्यक्ति का कनर्फमेशन नहीं होता तो खाली स्लाट की बुकिंग आन द स्पाट लाटरी सिस्टम से की जाएगी।
जिम कार्बेट रिजर्व का नाम मशहूर शिकारी और कर्न्जवेशनिस्ट जिम कार्बेट के नाम पर रखा गया है जो 520 स्वायर किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और यह देश का एक प्रीमियर टाईगर रिजर्व है।जिम कार्बेट लगभग 110 प्रजाति के पेड़ और पौधे, 50 प्रजाति के मैमल,580 प्रजाति के चिड़ियों और 25 तरह के रेपटाईल का घर है।
असम और उत्तराखण्ड राज्य में बहुत सी समानताएं: सीएम

लिंग अनुपात में पिथौरागढ का नाम आंठवें स्थान पर
आधी आबादी को लेकर पिथौरागढ़ जिले की तस्वीर बेहद डरावनी है। बेटियों की तादात जिले में तेजी से घट रही है। लिंगानुपात के मामले में देश के सबसे संवेदनशील जिलों में शामिल हो गया है। जिला देश के दस सबसे संवेदनशील जिलों में आठवें स्थान है। ताजा आंकड़ों ने प्रशासन की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। प्रशासन ने बेटियों की संख्या में इजाफे के लिए 27 मई तक विस्तृत कार्ययोजना बनाने का काम शुरू कर दिया है।
जिले में वर्तमान में लिंगानुपात का आंकड़ा प्रति 1000 पुरुषों पर 914 महिलाओं का है। स्वास्थ विभाग का यह आंकड़ा डराने वाला नहीं है, दरअसल 0 से 6 आयु वर्ग के बच्चों के आंकडे़ डरावने हैं। यह आंकड़ा प्रति एक हजार बालकों पर 800 से भी कम बालिकाओं तक पहुंच चुका है। यही असली चिंता का विषय है, इसी के चलते जिले को देश के दस सबसे संवेदनशील जिलों में आठवें स्थान पर रखा गया है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सी.रविशंकर ने शनिवार को प्रसव पूर्व निदान टास्क फोर्स की बैठक बुलाई। जिलाधिकारी ने बालिकाओं की घटती संख्या के मामले में देश भर में जिले का आठवें स्थान पर होना गंभीर मामला बताया। डीएम ने स्वास्थ विभाग को 27 मई तक बालिकाओं की संख्या में इजाफा करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में लगाए गए अल्ट्रासाउंड केंद्रों में ट्रेकिंग डिवाइस लगाए जाने के साथ ही समय-समय पर इन केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
सीमांत जिले के अंतर्गत आठ विकास खंड हैं। इन विकास खंडों में मूनाकोट, कनालीछीना और गंगोलीहाट में बेटियों की संख्या घट गई है। स्वास्थ विभाग ने फिलहाल इन विकास खंडों के आंकड़े जारी नहीं किए हैं। पीसीपीएनडीटी की बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ऊषा गुंज्याल ने इसकी जानकारी दी।

























































