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सीएम रावत ने दून अस्पताल में मारा छापा⁠⁠⁠⁠

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को दून अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री सचिवालय से सीधे दून अस्पताल पहूंचे थे। मुख्यमंत्री रावत ने 2 जूनियर रेजीडेंट डाॅक्टर्स मनीष एवं ध्रुवांचल के ड्यूटी पर उपस्थित न रहने एवं एक नर्स फातिमा द्वारा मरीजों की देखभाल में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने दून अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। सीएम रावत ने मरीजों से बातचीत की एवं अस्पताल द्वारा उनके लिये की जा रही व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मरीजों से उनकी समस्याओं के विषय पर बातचीत करते हुए उनके उचित ईलाज का आश्वासन दिया। उन्होंने डाॅक्टर्स को निर्देश दिये कि गरीबी अथवा पैसे न होने के कारण जिन मरीजों के ईलाज में समस्या आ रही है उनका एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाए।
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ऐसे मरीजों का ईलाज कर सहायता की जाएगी। एक मरीज के आॅर्थो वार्ड के आसपास टाॅयलेट की व्यवस्था न होने पर सीएम रावत ने अस्पताल प्रशासन को इसके लिये प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश दिये। उन्होंने मरीजों की उचित देखभाल के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ‘‘राज्य पुलिस एथलेटिक्स मीट‘‘ केे समापन समारोह में शामिल हुए

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मुख्यमंत्री पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित ‘‘राज्य पुलिस एथलेटिक्स मीट‘‘ केे समापन समारोह में शामिल हुए। राज्य पुलिस एथलेटिक्स मीट के आयोजन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमारी पुलिस बहुत ही स्मार्ट है, हमारे जवानों ने, हमारी बेटियों ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है। सामान्यता ऐसी धारणा होती है कि खेल सिर्फ पुरुषों के लिए है, परंतु जिस प्रकार आज हमारी बेटियों ने प्रदर्शन किया है, उसे देख कर यह कहा जा सकता है कि हमारी बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। खेल केवल खेल नहीं बल्कि एक भावना है। खेल सिर्फ शारीरिक अभ्यास नहीं है, यह सफलता कायम रखने के माध्यम भी है।
CM Photo 10, dt.31 May, 2017
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा जूडो कराटे सिखाए जाने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल एवं खिलाड़ियों को संरक्षण दिए जाने की जरूरत है। हमें यह देखना होगा कि ओलंपिक में हम कहां खड़े हैं। हमें आगे आने के लिए बहुत प्रयास करने होंगे।उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

सरकार में नहीं है “आॅल इज वैल”, मुख्यमंत्री ने महाराज की चिट्ठी को किया दरकिनार

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उत्तराखंड सरकार में कलह की खबरें कुछ समय से आ रही हैं। इन अटकलों को उस समय और हवा मिल गई जब उड्डयन विभाग पर हमला करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की चिट्ठी पर मुख्यमंत्री ने जांच की बात को मना कर दिया। पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “हैलीकाॅप्टर कहां लैंड होना है ये तकनीकी मामला है और पायलट इसके बारे में फैसला लेने के लिये सबसे सही व्यक्ति हैं। इसलिये सभी को उनके विवेक पर यकीन करना चाहिये” मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि ” हाल ही में में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का हेलीकाॅप्टर हादसे का शिकार होते होते बचा है। ऐसे में इस मामले को तूल देने की ज़रूरत नही है”

गौरतलब है कि सतपाल महाराज ने चिट्ठी लिखकर मुख्यमंत्री से उड्डयन विभाग की शिकायत करते हुए कहा ता कि जानबूझकर विभाग के अधिकारियों और पायलेट ने उनकी यात्रा के दौरान मनमाना रवैया इख्तयार किया जिसके चलते उन्हें अपने कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके लिये बकायदा महाराज ने 10 और 23 मई को चमोली और द्रोनागिरी में हैलीकाॅप्टर को लैंड न करने के वाक्यों की ज़िक्र किया।

मुख्यमंत्री और सतपाल महाराज के बीच सब ठीक न होने की खबरों ने तब से ज़ोर पकड़ा था जब चार धाम यात्रा की शुरुआत के मौके पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ऋषिकेश मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके पीछे मुख्यमंत्री की महारज के भाई बोले महाराज से नजदीकी को बताया जा रहा है, जिनसे खुद महाराज की नहीं बनती।

इससे पहले भी कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को बेहतर मुख्यमंत्री बता कर सरकार में सब कुछ सही न होने के संकेत दिये थे।

 

इस साल से उत्तराखंड के 4 स्पाट होंगे ”टोबैको फ्री”

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देवभूमि उत्तराखंड में अपनी छुट्टियां मनाने आने वाले टूरिस्ट और यात्रियों के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। अपने यात्रियों को एक स्मोक फ्री वेकेशन देने के लिए सरकार ने उत्तराखंड के 4 टूरिस्ट स्पाट को चुना है। इन 4 स्पाट में हरिद्वार का हरकी पौड़ी, मसूरी का माल रोड, नैनीताल और देहरादून के पलटन बाजार को चुना गया है। पैसिव स्मोकिंग और इन क्षेत्रों में पापुल्येशन डेंसिटी के फुटफाल को ध्यान में रखते हुए इन चार स्पाट को चुना गया है। सूत्रों के अनुसार गंगा के 10 घाटों में लगभग 1 लाख लोग हर दिन डुबकी लगाते हैं।

टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम के स्टेट नोडल आफिसर बी.एस रावत ने बताया कि सिगरेट और अदर टोबैको प्रोडक्ट एक्ट और दूसरी गाईडलाईन को इन चारों क्षेत्रों में सख्ती से लागू किया जाएगा। इन क्षेत्रों में हर रोज आने वालों की संख्या ज्यादा है और यह दिन पर दिन यह संख्या बढ़ ही रही है। इन क्षेत्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाएं पेसिव स्मोकर की श्रेणी में आते है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले यह क्षेत्र बहुत से अवैध टोबैको बिज़नेस की तरफ भी बढ़ रहे है।

सीओपीटीए ने पब्लिक प्लेस पर स्मोकिंग को दिसंबर 2013 में ही बैन कर दिया था। हालांकि वर्ड लंग फाउंडेशन साउथ एशिया द्वार जारी कि गई एक रिपोर्ट में यह बात साफ की गई हैं कि उत्तराखंड राज्य में 3.1 मिलियन तम्बाकू का सेवन करने वाले लोग हैं। करोड़ों लोगों में आने वाले स्मोकर में 2020 से हर रोज 20 लोगों की जान जाएगी वो भी तम्बाकू सेवन की वजह से। तम्बाकू सेवन से जानलेवा बीमारियां जैसे कि फेफड़ा रोग, कैंसर और दिल की बीमारियां होती हैं।

स्वास्थ विभाग के रिकार्ड के अनुसार पिछले 3 सालों में सीओपीटीए के अंर्तगत लगभग 7,273 लोगों से जुर्माना लिया गया है। इस जुर्मानें से कुल 3.85 लाख जमा किए गए हैं। 18 साल से कम उम्र में लगभग 117 बच्चें पकड़े गए हैं जिनका जुर्माना 20,450 जमा हुआ है। इसके अलावा राज्य में स्कूलों से 100 मीटर के दायरे में पान मसाला के खोखे होने पर भी रोक है लेकिन इस नियम को भी अनदेखा किया जा रहा है।

उत्तराखंड राज्य की 13 जिलें में केवल तीन जिलें टिहरी,देहरादून और उधमसिंह नगर में तम्बाकू रोकथाम सेंटर हैं। इन तीनों सेंटरों में पिछले 3 सालों में केवल 3,500 लोगों की काउसलिंग की गई है।

इसी साल मई में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शराब और तम्बाकू की रोकथाम के लिए रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जहां चारधाम हैं ऐसे जिलों में शराब पर रोक लगाई थी। इसके अलावा रीठा साहेब और हेमकुंड साहेब के 5 किलोमीटर तक तम्बाकू के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दिया गया था।

राज्य के टिहरी जिले को वर्ष 2015 के केंद्र द्वारा किए गए एक सर्वे में टौबेको फ्री क्षेत्र घोषित किया गया था।हालांकि इन सभी नियमों से कुछ सुधार जरुर आया है लेकिन जिस रेट से स्मोकिंग और टोबैको का इस्तेमाल युवा कर रहे हैं इसको रोकना ज्यादा जरुरी है।

उत्तराखंड सीएम के खिलाफ अदालत में शिकायत दर्ज

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गंगा में खनन के खिलाफ अनशन (तप) कर रहे मातृसदन के स्वामी शिवानंद को आश्रम से उठाने के प्रयास के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डीएम दीपक रावत और एसडीएम मनीष कुमार के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया है।

मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर सीएम, डीएम और एसडीएम पर पवित्र स्थल की मर्यादा भंग करने और साजिश के तहत स्वामी शिवानंद सहित मातृसदन के संतों की हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए चार जून की तारीख तय की है।  बीते 13 मई को गंगा में खनन खोलने के बाद से मातृसदन का आंदोलन चल रहा है। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की 11 दिन तक अनशन पर रहे। इसके बाद से मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने पहले अनशन किया और फिर जल भी त्याग दिया।

पिछले पांच दिनों से स्वामी शिवानंद ने जल ग्रहण नहीं किया है। दो दिन तक मौन धारण करने के बाद 28 मई को प्रशासन उनके आश्रम में फोर्स फीडिंग कराने पहुंचा था। कटर से तारबाड़ व ताले काटकर आश्रम में दाखिल होने की घटना पर मातृसदन ने कड़ी आपत्ति जताई है।

सफलता के आडे नहीं आने दी शारीरिक अक्षमता 

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हौसले बुलंद हों तो शारीरिक अक्षमता भी किसी को सफलता हासिल करने से नहीं रोक सकती। ऐसी ही मिसाल श्री गुरुनानक बालिका इंटर कॉलेज, रुद्रपुर की 12वीं की छात्रा अमरीन ने पेश की है। दिव्यांग बेटी उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में 12वीं में 77.2 प्रतिशत अंक हासिल कर शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए प्रेरणस्त्रोत बन गई है। 17 वर्षीय अमरीन की गर्दन बचपन से ही अज्ञात बीमारी के कारण मुड़ी हुई है। तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उसे ठीक नहीं कर पाए। अपनी शारीरिक अक्षमता को नजरअंदाज कर अमरीन ने शिक्षा को अपना हथियार बना लिया। भविष्य में शिक्षक बनकर अमरीन ज्ञान की ज्योति को घर-घर पहुंचाना चाहती है।

प्रतिभा किसी की मौहताज नहीं होती, प्रतिभावान बच्चे विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता की ऊंचाईयों को छू लेते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है दिव्यांग बेटी अमरीन ने, उसने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर ने केवल अपने माता-पिता और शिक्षकों को गौरवान्वित किया बल्कि अपने विद्यालय का नाम भी पूरे क्षेत्र में रोशन किया है। श्री गुरुनानक बालिका इंटर कॉलेज में 12वीं कला वर्ग की छात्रा अमरीन ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षा में 77.2 प्रतिशत अंक हासिल कर एक अनूठी मिसाल पेश की है। अपनी मेहनत के बल पर उसने बगैर किसी ट्यूशन के अच्छे अंकों के साथ 12 वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर ली है।

इंद्रा कॉलोनी, गली नं. 3, निवासी अमरीन की माता रेशमा बी गृहणी है और पिता सलीम अहमद टेलिरंग का काम कर परिवार चलाते हैं। अमरीन की चार बहनें और एक भाई है। स्कूल के अलावा अमरीन पांच घंटे घर पर पढ़ा करती थी। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने पिता को देती हैं, पिता सलीम अहमद ने अमरीन को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। मां रेशमा बी और बड़ी बहन हिना ने भी उसे बहुत सपोर्ट किया। इसके अलावा विद्यालय की शिक्षिका इंद्रजीत कौर ने भी कदम-कदम पर अमरीन का हौसला बढ़ाया और उसे शिक्षा के क्षेत्र में मुकाम हासिल करने की प्रेरणा दी। अमरीन भविष्य में शिक्षिका बनकर बच्चों को पढ़ाना चाहती है। पढ़ाई के अलावा वह चित्रकला में खासी रुचि रखती हैं। अमरीन ने साबित कर दिया कि दिव्यांग होना कोई अभिशाप नहीं, मेहनत और लगन के बल पर जीवन में हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। अमरीन की इस उपलब्धि में उसके माता-पिता और शिक्षकों का सहयोग भी वाकई काबिले तारीफ है।

सबसे छोटे कद के चन्दू ने किया इण्टर पास

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आपदा प्रभावित बस्तड़ी गांव, पिथोरागढ, अस्कोट निवासी और राजकीय इंटर कालेज सिंगाली में पढ़ने वाला प्रदेश का सबसे छोटे कद और मात्र 10 किग्रा वजन के चंद्रशेखर भट्ट उर्फ चंदू ने द्वितीय श्रेणी से इंटर की परीक्षा उ‌र्त्तीण की है। चंदू की इस सफलता से परिजनों सहित क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई है।

बस्तड़ी गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ चंदू मात्र 36 इंच लंबा है और उसका वजन मात्र 10 किग्रा है। शरीर छोटा होने के बाद भी चंदू के हौंसले हिमालय की तरह अडिग हैं। दादा और दादी की गोद में दो किमी दूर राइंका सिंगाली में पढ़ने आता था। कद और वजन कम होने के कारण उसके सहपाठी उसे गोद में भी उठा लेते हैं। वहीं चंदू विद्यालय में होने वाली गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेता है। उसके व्यवहार और स्वभाव को लेकर वह सहपाठियों से लेकर शिक्षकों का चहेता है। उसे सभी मदद भी करते हैं। दो वर्ष पूर्व उसने हाईस्कूल की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की थी। इधर अब 51 फीसद अंक लेकर इंटर भी उ‌र्त्तीण हो गया है।

चंदू के शिक्षक बताते हैं कि चंदू कुशाग्र है। परंतु कद के चलते छोटी अंगुलियां होने के कारण वह अन्य विद्यार्थियों की तरह अधिक नहीं लिख पाता है। इसी कारण अपेक्षा के अनुरूप अंक कुछ कम मिलते हैं। चंदू के इंटर पास होने से घर में जश्न का माहौल है। उसके दादा मोहन चंद्र भट्ट ने चंदू की सफलता के लिए श्रेय शिक्षकों को दिया है। चंदू का लक्ष्य अब उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षक बनने की है। इधर रासिशं के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी ने बताया कि चंदू को संगठन सम्मानित करेगा।

पौडी व पिथौरागढ के समाज कल्याण अधिकारी को चेतावनी

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बार-बार कहने के बावजूद समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं को आधार से जोड़ने में ढिलाई बरतने पर पौड़ी और पिथौरागढ़ के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। इसके अलावा स्कॉलरशिप देने से पहले सभी स्टूडेंट्स की सूची को सार्वजनिक करने के निर्देश भी सभी समाज कल्याण अधिकारियों को दिए गए हैं।

समाज कल्याण निदेशालय, हल्द्वानी में सभी जिलों के विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में निदेशक वीएस धानिक ने योजनाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि प्रदेशभर में 82 फीसद पेंशनर्स को आधार से जोड़ा जा सका है, लेकिन पौड़ी और पिथौरागढ़ के जिलों की प्रगति बेहद कम हैं। वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन में 74 फीसद से कम आधार सीडिंग करने पर पौड़ी के समाज कल्याण अधिकारी रतन सिंह रावल और पिथौरागढ़ के समाज कल्याण अधिकारी बीबी सिंह को चेतावनी दी गई है। देहरादून के समाज कल्याण अधिकारियों को आधार सीडिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। हालांकि निदेशक ने बताया कि देहरादून में जून में शिविर लगाकर लाभार्थियों से आधार नंबर लेने की प्रक्रिया पूरी कराई जानी है। वर्ष 2016-17 की स्कॉलरशिप देने की प्रक्रिया चल रही है।

छात्रवृत्ति के लिए मिले सभी आवेदन का डीएम व समाज कल्याण अधिकारी स्तर पर सत्यापन भी हो चुका है। समाचार पत्रों के जरिये सभी समाज कल्याण अधिकारियों को यह सूचना सार्वजनिक करनी होगी कि लोग किस तरह वेबसाइट पर स्कॉलरशिप की लिस्ट देख सकते हैं। इसके अलावा निदेशक ने यह भी निर्देशित किया कि सभी समाज कल्याण अधिकारी अपने जिले में 60 वर्ष से ऊपर वृद्धावस्था पेंशन पा रहीं उन सभी महिलाओं को विधवा पेंशन से जोड़ें, जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है। इससे केंद्र से मिलनी वाली मदद बढ़ेगी तो राज्य सरकार पर धन खर्च का दबाव भी कम होगा।

समीक्षा बैठक के दौरान यह मामला सामने आया कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत अगर कोई एनजीओ कहीं भी चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट संचालित करता है तो उसे रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है, ताकि उस पर निगरानी की जा सके। निदेशक वीएस धानिक ने बताया कि अब तक 17 स्वयंसेवी संगठन पंजीयन करा चुके हैं। पांच सेंटर राज्य सरकार के हैं।

कुछ इस अंदाज़ में फेमिना मिस इंडिया में नज़र आऐंगी अनुकृति गुसाईं

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मिस इंडिया उत्तराखंड अनुकृति गुसाईं फेमिना मिस इंडिया में उत्तराखंडी वेश-भूषा में नजर आएंगी। यही नहीं, अनुकृति नमामि गंगे व स्वच्छ गंगा विषय पर भी अपनी प्रस्तुति देंगी। अनुकृति की मां नर्वदा गुसाईं ने मिस वर्ल्‍ड प्रतियोगिता के लिए जनता से वोट की अपील की है।

फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता का आयोजन 25 मई से 28 जून तक मुंबई में किया जा रहा है। उत्तराखंड से अनुकृति प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। मिस इंडिया देश की सबसे बड़ी सौंदर्य ब्यूटी विद ब्रेन प्रतियोगिता है। इसकी विजेता तीन प्रतिभागी विश्व स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

अनुकृति इससे पूर्व 2013 में राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इस बार अनुकृति उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यटन, वेशभूषा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगी। अनुकृति गढ़वाल व कुमाऊ की संस्कृति को अपनी वेशभूषा टैलेंट राउंड में पेश करेंगी।

अनुकृति की मां नर्वदा गुसाईं ने जनता से आह्वान किया कि वे अनुकृति को मिस वर्ल्‍ड बनाने के लिए सोशल मीडिया फेसबुक एवं व्हट्स एप में उसके पेज को लाइक व शेयर करें। उन्होंने उत्तराखंड का नाम पूरे विश्व में रोशन करने के लिए जनता से वोट के रूप में आशीर्वाद मांगा है। ताकि अनुकृति मिस वर्ल्‍ड का ताज हासिल कर सके।

मसूरी में आयोजित ”ब्लड डोनेशन कैंप” में उमड़ी भीड़

पहाड़ो की रानी मसूरी के होटल व्यवसाय के प्रेसिडेंट संदीप साहनी ने अपने पिताजी कुलदीप साहनी की याद में पिछले 6 साल से 31 मई को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया हैं। रोटरी क्लब मसूरी और आर.एन भार्गव इंटर कालेज के ओल्ड ब्यावज़ एसोसिएशन की मदद से हर साल साहनी परिवार इस कैंप का आयोजन करता है।

महंत इंद्रेश अस्पताल,देहरादून के डाक्टरों की टीम सुबह 9:30 से शाम तक सभी डोनर के लिए बेसिक सुविधाएं चाहें खून की जांच चाहें वह लिपिड प्रोफाइल या कोई और जांच हो, डाक्टर सुबह से शाम दिनभर तत्पर रहते हैं।

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न्यूज़पोस्ट से खास बातचीत में संदीप ने बताया, ‘कि बीतते हुए हर साल के साथ ब्लड डोनरस की संख्या भी बढ़ रही है। साल 2011 में हमने 80 यूनिट ब्लड कलेक्ट किया था जो पिछले साल यानि 2016 में 188 यूनिट ब्लड कलेक्ट किया गया’। प्रांजुल अग्रवाल जो हर साल इस कैंप में ब्लड डोनेट करते अाये हैं कहते हैं, ‘यह एक बहुत नेक काम है, इसको करने से आप किसी और का भला तो करते ही है साथ-साथ अपना स्वास्थ भी ठीक रखते हो’।

शायद यह कम लोग जानते होंगे कि ब्लड डोनेट करने के कुछ फायदे भी होते हैं। ब्लड डोनेशन आपके शरीर के कोलेस्ट्राल को कम करता है, ब्लड सरकूलेशन को ठीक कर शरीर में आयरन के संचय को रोकता है।