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2 जून से दून में शुरु होगा ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट

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ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 2 जून से 4 जून 2017 तक चौथा इंटर ज़ोनल क्रिकेट टूर्नामेंट में लगभग 15 राज्यों के 60 दृष्टीहीन खिलाड़ी भाग लेंगे।यह प्रतियोगिता देहरादून के चकराता रोड के दून स्कूल में होगी। इस प्रतियोगिता में अलग-अलग राज्यों में आए खिलाड़ीयों को चार टीमों में बांटा गया है। इन 4 टीमों के नाम ग्रीन इंडिया, येलो इंडिया, आरेंज इंडिया और ब्लू इंडिया हैं। इस क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ दून स्कूल के हेडमास्टर करेंगे और इसका समापन 4 जून को राज्य के शिक्षा एंव खेल मंत्री अरविंद पांडे करेंगे।

इस प्रतियोगिता में सभी 15 राज्यों के 4-5 बेस्ट खिलाड़ियों को चुना जाता है और इस टूर्नामेंट के लिए तैयार किया जाता है। यह प्रतियोगिता पिछले 4 साल यानि 2013 से आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में सबसे कम उम्र के भाग लेने वाले अनूप केवल 16 साल के हैं और वह उत्तराखंड राज्य से ही हैं। जनरल सेक्रेट्री मानवेंद्र सिंह पटवाल ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य कारण हैं दृष्टिहीन बच्चों के कांफिडेंस और उनके आत्मविश्वास को बूस्ट करना।पटवाल ने बताया कि इस टूर्नामेंट के जरिए बच्चों को अलग-अलग राज्य के बच्चों के साथ इटरेक्ट करने का मौका मिलता है। इसके माध्यम से वह सारी जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि दृष्टिहीन बच्चे केवल इंडोर खेल नहीं खेल सकते अगर अनका सपोर्ट किया जाए तो वह दूसरे बच्चों की तरह आउटडोर गेम भी खेल सकते हैं। हालांकि दृष्टिहीन बच्चों को ट्रेनिंग देने के बात पर पटवाल ने कहा की सुविधाओं की कमी से इनको अलग से ट्रेनिंग नहीं दी जाती। अपने स्कूल और राज्य स्तर पर यह बच्चे खेल को सीखते हैं और इस टूर्नामेंट के जरिए अपनी प्रतिभा को सबके सामेन दिखाते हैं।

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ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन मूल रुप में दृष्टिबधित अंर्तराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए मदद की अपेक्षा रखते हुए  आयोजित की जाती है। देश के अलग-अलग राज्यों में इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रेस कांफ्रेंस में एसोसिएशन के जनरल सेक्रटरी मानवेंद्र सिंह पटवाल (इंटरनेशन खिलाड़ी) नार्थ जोन सेक्रेटरी सुभाष वर्मा और जयप्रकाश कुमार सम्मलित थे।

बगुर के पास एक यूटिलिटी खाई में गिर 4 की मृत्यु, 4 गंभीर रूप से घायल

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त्यूणी क्षेत्र के अंतर्गत पटवारी क्षेत्र बगुर के पास एक यूटिलिटी वाहन खाई में गिर गई। वाहन में 24 लोग सवार थे, जिसमें से 4 महिलाओं की मौके पर ही मृत्यु हो गई तथा 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शेष 16 लोगो को मामूली चोटें आई है। मृतको के नाम है:

  • मीना,पत्नी अर्जुन उम्र 32 वर्ष।
  • पूजा, पुत्री तुला सिंह उम्र 18 वर्ष।
  • यशोदा, पुत्री तुला सिंह उम्र 16 वर्ष।
  • अंजना, पुत्री तिलक राम।                                                                                                    घायलो को उपचार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है, पुलिस बल मौके पर पहुँची व राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है।

अगली बार जब गांव जाएं तो सेल्फी लेकर #SelfieFromMyVillage करना ना भूलें

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पीएम मोदी के डिजीटल इंडिया के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड राज्य में पलायन को रोकने के लिए नई मुहिम शुरु की है। आपको बतादें कि उत्तराखंड में पलायन को रोकने के लिए आए दिन नएं नएं प्रोग्राम की शुरुआत कर दी हैं।

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प्रदेश की जनता को दोबारा से पहाड़ों की ओर आकर्षित करने के मकसद से ये प्रयास किया गया है। सीएम का कहना है कि समय-समय पर पलायन का मुद्दा उठता रहता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार के प्रति आशा अपनी जगह सही भी है और सरकार इससे निबटने को वचनबद्ध है। एक काम, जो हर प्रदेशवासी-जिसका जुड़ाव कभी ना कभी पहाड़ से रहा है, वो इन गर्मियों में कर सकता है, वो ये कि आप अपने और अपने बच्चों को अपने गांव ले जाएं।

सीएम ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि हम अगर अपने बच्चों को अपने अपने पैतृक गांव से जोड़ेंगे तो गांव से उनका नाता दोबारा से जुड़ेगा साथ ही गांव में आवागमन भी बढ़ेगा। सीएम ने सभी से अपील की है इन गर्मियों की छ्टिटयों में अपने पैतृक गांव जाएं और अपने-अपने गांव से बच्चों के साथ #SelfieFromMyVillage हैशटैग के साथ अपनी फोटो शेयर करें।

सीएम का कहना है कि हर तस्वीर एक कहानी बोलेगी और #SelfieFromMyVillage हैशटैग उत्तराखंड के एक बिलकुल अलग स्वरूप को सोशल मीडिया के माध्यम से आगे लाएगा।

अब सेल्फी लेने वालों पर पुलिस की नज़र

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उत्तराखंड पुलिस ने राज्य में सेल्फी के क्रेज़ और उनसे होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिये क़दम उठाने शुरू कर दिये हैं। इसी सिलसिले में पुलिस ने राज्य में कई जगहों पर सेल्फी लेने की मनाही का प्रचार शुरू किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए रुस महानिदेशक एमए गणपति ने बताया कि “पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों से सेल्फी लेने के दौरान लोगों के हादसों का शिकार होने की घटनाओं सामने आई हैं। इसके चलते पुलिस ने कुछ जगहों पर सेल्फी ने लेने की एडवाइज्री जारी की है।”

महानिदेशक ने ये भी कहा कि सेल्फी लेने के चलने को कम करने के लिये इन जगहों पर साइन बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जायेगा। हांलाकि गणपति ने ये साफ़ कर दिया कि ये काम पुलिस का नहीं है और अंत में ख़ुद लोगों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहना पड़ेगा। पर क्योंकि पुलिस इस काम में मदद कर सकती है इसलिये विभाग की तरफ़ से ये क़दम उठाया जा रहा है।

जिन स्थानों पर सेल्फी लेने को रोका जायेगा उनमें हरिद्वार,देहरादून,ऋषिकेश,उत्तरकाशी,रुद्रप्रयाग के अलावा रिवर जोन,किसी भी नदी के किनारे, और कोई भी ऐसी जगह जहां सेल्फी लेने में खतरा हो वहां पर सेल्फी लेना मना हो गया है।आपकों बतादें कि कि पिछले कुछ दिनों में सेल्फी लेने के क्रेज में बहुत से लड़कें और लड़कियां अपनी जान से हाथ धो चुके हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों सेल्फी लेते स गंगा में गिरने से लेकर पहाड़ से फिसलने के चलते कई लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी थी। इसके बाद पुलिस का ये क़दम ज़रूरी तो है ही पर लोगों को भी ख़ुद अपनी मस्ती और सुरक्षा के बीच क अंतर को लेकर जागरूक होने की ज़रूरत है।

उत्तराखंड में हुए प्रशासनिक फेरबदल, डी पांड्यन को मिली एनएच स्कैम उजागर करने की सज़ा?

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सूबे की टीएसआर सरकार ने एक बार फिर आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बार आईएस अधिकारियों को छांट-छांट कर पदभार दिए गए हैं। किसी का कद बढ़ाया गया है तो किसी के पर कतरे गए हैं।

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दिलचस्प बात ये है कि किसी अधिकारी के कांधों पर कई महकमों का भारी बोझ लाद दिया है । जबकि कई अधिकारी ऐसे भी हैं जिनको काफी फुर्सत दी गई है। सरकार ने जहां भारी भरकम मंत्रालयों को संभालने वाले अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री ओमप्रकाश के कद में और इजाफा करते हुए उन्हे चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी भी दी है। गौरतलब है कि अब तक चिकित्सा शिक्षा का पदभार प्रभारी के तौर पर सैंथिल पांडियन संभाल रहे थे।

IAS-2-181x300वहीं एन एच 74 मुआवजा घोटाला मामले की रिपोर्ट तैयार करने वाले कड़क मिज़ाज आफिसर माने जाने वाले सैंथिल पाण्डियन से प्रभारी सचिव चिकित्सा शिक्षा और कुमांऊ आयुक्त का पदभार वापस ले लिया है। सैथिल पांडियन को नया पदभार सचिव (प्रभारी) परिवहन आयुक्त परिवहन दिया गया है। अब कुमांऊ आयुक्त का जिम्मा चंद्रशेखर भट्ट को सौंप दिया गया है। हालांकि भट्ट से विद्यालयी शिक्षा , प्रोढ़ शिक्षा, पंचायती राज और सूचना महानिदेशक का पदभार वापस लिया गया है।20 आईएएस व पीसीएस अफसरों के दायित्वों में बडा फेंरबदल किया गया है, सूची देखिए की टीएसआर सरकार में किस अधिकारी को किस काबिल समझा गया।

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विश्व का सबसे छोटा चरख़ा बनाने का दावा किया इस उत्तराखंडी ने

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यदि ये कहा जाये की सबसे छोटे काम करने वाले चरखे का आकार 5x5x7 मिमी हो सकता है तो शायद यकीन करना बड़ा मुश्किल होगा, लेकिन हकीकत यह है कि हलद्वानी में प्रकाश उपाध्याय ने विश्व का सबसे छोटा काम करने वाला चरखा बनाने का दावा पेश किया है जिसको लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया है,

हल्द्वानी के मेडीकल कॉलेज में आर्टिस्ट के पद पर तैनात ये है प्रकाश उपाधयाय, प्रकाश ने दावा किया हैं की उन्होंने विश्व का सबसे छोटा काम करने वाला चरखा तैयार किया है, जिसे उन्होंने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए भेज दिया है, प्रकाश ने 5x5x7 मिमी का चरखा तैयार किया है, उनके मुताबिक यह विश्व का अब तक का सबसे छोटा चरखा है, अब तक यह रिकॉर्ड हरियाणा के योगेश बरनाला के नाम है।

प्रकाश के नाम पहले से ही दो रेकॉर्ड दर्ज है, जिसमे उनके हाथ से बनाई धार्मिक पुस्तक हनुमान चालीसा जिसका आकार 3x4x4 मिमी है, इसके अलावा 3x4x4 मिमी की हाथ से बनाई एक अन्य पुस्तक भी है, इन दो रेकॉर्ड के बाद प्रकाश अपने नाम एक और रेकॉर्ड बनाने को तैयार है, प्रकाश को पेंटिंग का भी ज़बरदस्त शौक है, पिछले साल नवंबर में मेरठ में तीन हज़ार पेंटरों ने विश्व की सबसे लम्बी पेंटिंग बनाकर चीन का रिकॉर्ड भारत के नाम कर गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया था, प्रकाश को अब तक दिल्ली की गांधी आर्ट गैलरी में सम्मान, नटराज कला रत्न सम्मान दिया जा चुका है,

कहते है प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, जिसका जीता जागता उदाहरण प्रकाश उपाध्याय है, पहले ही अपने नाम दो रेकॉर्ड कर चुके प्रकाश अब एक नया कीर्तिमान बनाने को तैयार है जो उत्तराखण्ड के लिए गौरव की बात है,

”फूलों की घाटी” के दीदार के लिए रवाना हुआ पहला दल

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विश्व धरोहर फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी गई। घांघरिया से 12 पर्यटकों का दल फूलों की घाटी का दीदार करने को रवाना कर दिया गया।नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क के निदेशक मान सिंह और एसडीओ सर्वेश दुबे भी पर्यटकों के साथ रवाना हुए। इसके साथ ही अब पर्टयक फूलों की घाटी की सैर कर सकते हैं।

हेमकुंड साहिब के प्रमुख पड़ाव और फूलों की घाटी के प्रवेश द्वार घांघरिया से फूलों की घाटी करीब घाटी तीन किलोमीटर दूर है। पार्क निदेशक मान सिंह ने बताया कि पहले ही फूलों की घाटी के रास्ते पूरी तरह से दुरुस्त कर लिए गए हैं। शीतकाल में क्षतिग्रस्त पुल को भी ठीक करा लिया गया है।

उन्होंने कहा कि “इस बार जिस तरह हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, उससे उम्मीद है घाटी में सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होगा।” निदेशक के अनुसार घाटी में इस वक्त कुरमुला, फरण, एलियम, प्रोटोलेरिया समेत कई किस्म के फूल खिलने शुरू हो गए हैं। साथ ही पार्क में कस्तूरा मृग और भूरा भालू जैसे दुर्लभ वन्य जीवों की झलक मिल सकती है।

 

उत्तराखंड के छोटे से गांव चमोली का हेमंत बना ”आईएएस”

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संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तराखंड के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
देर शाम तक आए नतीजों में उत्तराखंड के पांच युवाओं ने परीक्षा में कामयाबी हासिल की है।

बुधवार देर शाम तक आए नतीजों में

     नाम                  रैंक

  • हेमंत सती           88
  • सौम्या गुरुरानी      148
  • हिमाद्री कौशिक    304
  • रितेश भट्ट           361
  • मुकुल जमलोकी    609

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उत्तराखंड में चमोली जिले के एक छोटे से गांव कोठली का बेटा हेमंत सती सिविल सर्विस परीक्षा पास कर आईएएस बन गया है। परीक्षा में हेमंत ने देशभर में 88वां स्थान हासिल किया है।

हेमंत ने प्राइमरी  चौखुटिया, अल्मोड़ा के सरस्वती शिशु मंदिर से किया। जंहा उन्हें रोजाना तीन किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था। इसके बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज चौखुटिया से 12वीं पास की। और फिर  देहरादून के डीबाएस पीजी कॉलेज से बीएससी-पीसीएम किया।

इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से इतिहास में एमए किया। और फिर वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए। हेमंत ने 2013 की राजस्थान पीसीएस परीक्षा पास की है, जिसका परिणाम हाल ही में आया है। हेमंत को इस परीक्षा में पांचवी बार प्रयास करने पर सफलता मिली है।हेमंत से परीक्षा में उत्तराखंड आपदा प्रबंधन और पलायन जैसे विषयों पर भी सवाल पूछे गए।

हेमंत का सपना है कि वो अफसरशाही को जनता तक ले जाये और उत्तराखंड के लिए कुछ करे।

एनएच घोटाले पर सरकार की नीयत में खोटः प्रीतम

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पिथौरागढ़ मे कहा कि एनएच 74 के मामले में प्रदेश सरकार यू टर्न ले चुकी है। सरकार की नियत में खोट है। कार्रवाई के नाम पर अब जांच की बात हो रही है। प्रदेश सरकार शराब माफियाओं के आगे नतमस्तक है। उनके इशारों पर नाच रही है।

प्रदेश अध्यक्ष सोमवार को पिथौरागढ़ के लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकारों के साथ वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार तीन सालों में अच्छे दिन नहीं ला सकी है। केवल जुमलों पर सरकार चल रही है। कश्मीर अशांत है और सीमा पर जवान शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन साल के भीतर देश में बेरोजगारी बढ़ी है। महंगाई भी चरम पर है। अच्छे दिनों का सपना दिखा कर सत्ता पाने वाली भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को कांग्रेस ने छह माह का समय दिया है। छह माह के भीतर यदि सरकार ने जनता से किए वायदे पूरे नहीं किए तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल कर उनकी राय ली जा रही है। पार्टी के भीतर कोई गुटबाजी नहीं है। प्रत्येक जिले और ब्लॉक में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन कर कार्यकर्ताओं की राय ली जाएगी। पिथौरागढ़ से इसकी शुरुआत की जा रही है।

टॉलीवुड नैनीताल की शुभांगी का जलवा

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उत्तराखंड सरोवरनगरी की ये मल्टीटैलेंटेड बेटी इन दिनों टॉलीवुड में छाई हुई है। न सिर्फ खूबसूरती बल्कि अपने डांस, एक्टिंग और सिंग‌िंग से भी इस बेटी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। सरोवरनगरी की शुभांगी पंत, तेलुगू फिल्मों में अपना मुकाम बना चुकी है। तेलुगू की अनेक फिल्मों में बतौर हीरोइन किरदार निभा चुकी शुभांगी एक्टिंग के साथ ही गायन, संगीत, नृत्य में भी निपुण है।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी शुभांगी आगामी हिंदी फिल्म ‘ऐसा भी होता है’ में श्रेया घोषाल के साथ गाना भी गाएंगी। इसके अलावा वह सुनिधि चौहान के साथ अनेक लाइव कंसर्ट्स में गीत प्रस्तुत कर चुकी हैं। अपनी मां इंद्रा पंत के साथ शुभांगी इन दिनों ननिहाल में है। यहां शुभांगी की माता, उनकी नानी हरि पंत, मामा कैलाश व संजय पंत तल्लीताल बाजार में रहते हैं। संजय हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। शुभांगी के पिता रजत कुमार पंत एयरफोर्स में विंग कमांडर हैं। शुभांगी ने बताया कि हैदराबाद में पिता की पोस्टिंग के बाद वह हैदराबाद में मिस परफेक्ट तथा मिस टेलेंटेड चुनी गई थी। जिसके बाद उसे तेलुगू फिल्मों के ऑफर मिले थे। उसने तरुण फ्राम तेलुगू मीडियम, फर्स्ट नाइट नेवर एंड्स, अटू, इटू कानी हद् यम थोटी फिल्मों में नायिका के तौर पर भूमिका निभाई।

इनमें तेलुगू के स्थापित नायक जगदीश के साथ पुरी जगनाथ के निर्देशन में काम करने का मौका मिला।इसके अलावा टेन आवर्स आफ वाकिंग एज अ वुमन इन हैदराबाद डाक्यूमेंट्री और आइडिया राक इंडिया आदि सीरियलों में भी भूमिका निभाई है। शुभांगी ने हैदराबाद से प्रथम श्रेणी में बीटेक किया है। शुभांगी ने बताया कि शुरू में वह रोमन अंग्रेजी में लिखे डायलॉग और प्रोंपटिंग के जरिये डायलॉग बोलती थी। बाद में उसने तेलुगू भाषा पर पकड़ बना ली। शुभांगी की मां व पिता दोनों ही गायन और संगीत वादन की कला से जुड़े हैं।

वह स्वयं भी गिटार, हारमोनियम, तबला, बांसुरी आदि में पारंगत है। हिंदी फिल्म ऐसा भी होता है में वह गीत भी गा रही है और अनेक भूमिकाएं भी निभा रही है। हिंदी फिल्म ऐसा भी होता है में इस फिल्म के कलाकारों में नसीरुद्दीन शाह व राजपाल यादव हैं।