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सबसे छोटे कद के चन्दू ने किया इण्टर पास

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आपदा प्रभावित बस्तड़ी गांव, पिथोरागढ, अस्कोट निवासी और राजकीय इंटर कालेज सिंगाली में पढ़ने वाला प्रदेश का सबसे छोटे कद और मात्र 10 किग्रा वजन के चंद्रशेखर भट्ट उर्फ चंदू ने द्वितीय श्रेणी से इंटर की परीक्षा उ‌र्त्तीण की है। चंदू की इस सफलता से परिजनों सहित क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई है।

बस्तड़ी गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ चंदू मात्र 36 इंच लंबा है और उसका वजन मात्र 10 किग्रा है। शरीर छोटा होने के बाद भी चंदू के हौंसले हिमालय की तरह अडिग हैं। दादा और दादी की गोद में दो किमी दूर राइंका सिंगाली में पढ़ने आता था। कद और वजन कम होने के कारण उसके सहपाठी उसे गोद में भी उठा लेते हैं। वहीं चंदू विद्यालय में होने वाली गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेता है। उसके व्यवहार और स्वभाव को लेकर वह सहपाठियों से लेकर शिक्षकों का चहेता है। उसे सभी मदद भी करते हैं। दो वर्ष पूर्व उसने हाईस्कूल की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की थी। इधर अब 51 फीसद अंक लेकर इंटर भी उ‌र्त्तीण हो गया है।

चंदू के शिक्षक बताते हैं कि चंदू कुशाग्र है। परंतु कद के चलते छोटी अंगुलियां होने के कारण वह अन्य विद्यार्थियों की तरह अधिक नहीं लिख पाता है। इसी कारण अपेक्षा के अनुरूप अंक कुछ कम मिलते हैं। चंदू के इंटर पास होने से घर में जश्न का माहौल है। उसके दादा मोहन चंद्र भट्ट ने चंदू की सफलता के लिए श्रेय शिक्षकों को दिया है। चंदू का लक्ष्य अब उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षक बनने की है। इधर रासिशं के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी ने बताया कि चंदू को संगठन सम्मानित करेगा।

पौडी व पिथौरागढ के समाज कल्याण अधिकारी को चेतावनी

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बार-बार कहने के बावजूद समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं को आधार से जोड़ने में ढिलाई बरतने पर पौड़ी और पिथौरागढ़ के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। इसके अलावा स्कॉलरशिप देने से पहले सभी स्टूडेंट्स की सूची को सार्वजनिक करने के निर्देश भी सभी समाज कल्याण अधिकारियों को दिए गए हैं।

समाज कल्याण निदेशालय, हल्द्वानी में सभी जिलों के विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में निदेशक वीएस धानिक ने योजनाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि प्रदेशभर में 82 फीसद पेंशनर्स को आधार से जोड़ा जा सका है, लेकिन पौड़ी और पिथौरागढ़ के जिलों की प्रगति बेहद कम हैं। वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन में 74 फीसद से कम आधार सीडिंग करने पर पौड़ी के समाज कल्याण अधिकारी रतन सिंह रावल और पिथौरागढ़ के समाज कल्याण अधिकारी बीबी सिंह को चेतावनी दी गई है। देहरादून के समाज कल्याण अधिकारियों को आधार सीडिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। हालांकि निदेशक ने बताया कि देहरादून में जून में शिविर लगाकर लाभार्थियों से आधार नंबर लेने की प्रक्रिया पूरी कराई जानी है। वर्ष 2016-17 की स्कॉलरशिप देने की प्रक्रिया चल रही है।

छात्रवृत्ति के लिए मिले सभी आवेदन का डीएम व समाज कल्याण अधिकारी स्तर पर सत्यापन भी हो चुका है। समाचार पत्रों के जरिये सभी समाज कल्याण अधिकारियों को यह सूचना सार्वजनिक करनी होगी कि लोग किस तरह वेबसाइट पर स्कॉलरशिप की लिस्ट देख सकते हैं। इसके अलावा निदेशक ने यह भी निर्देशित किया कि सभी समाज कल्याण अधिकारी अपने जिले में 60 वर्ष से ऊपर वृद्धावस्था पेंशन पा रहीं उन सभी महिलाओं को विधवा पेंशन से जोड़ें, जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है। इससे केंद्र से मिलनी वाली मदद बढ़ेगी तो राज्य सरकार पर धन खर्च का दबाव भी कम होगा।

समीक्षा बैठक के दौरान यह मामला सामने आया कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत अगर कोई एनजीओ कहीं भी चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट संचालित करता है तो उसे रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है, ताकि उस पर निगरानी की जा सके। निदेशक वीएस धानिक ने बताया कि अब तक 17 स्वयंसेवी संगठन पंजीयन करा चुके हैं। पांच सेंटर राज्य सरकार के हैं।

कुछ इस अंदाज़ में फेमिना मिस इंडिया में नज़र आऐंगी अनुकृति गुसाईं

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मिस इंडिया उत्तराखंड अनुकृति गुसाईं फेमिना मिस इंडिया में उत्तराखंडी वेश-भूषा में नजर आएंगी। यही नहीं, अनुकृति नमामि गंगे व स्वच्छ गंगा विषय पर भी अपनी प्रस्तुति देंगी। अनुकृति की मां नर्वदा गुसाईं ने मिस वर्ल्‍ड प्रतियोगिता के लिए जनता से वोट की अपील की है।

फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता का आयोजन 25 मई से 28 जून तक मुंबई में किया जा रहा है। उत्तराखंड से अनुकृति प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। मिस इंडिया देश की सबसे बड़ी सौंदर्य ब्यूटी विद ब्रेन प्रतियोगिता है। इसकी विजेता तीन प्रतिभागी विश्व स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

अनुकृति इससे पूर्व 2013 में राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इस बार अनुकृति उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यटन, वेशभूषा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगी। अनुकृति गढ़वाल व कुमाऊ की संस्कृति को अपनी वेशभूषा टैलेंट राउंड में पेश करेंगी।

अनुकृति की मां नर्वदा गुसाईं ने जनता से आह्वान किया कि वे अनुकृति को मिस वर्ल्‍ड बनाने के लिए सोशल मीडिया फेसबुक एवं व्हट्स एप में उसके पेज को लाइक व शेयर करें। उन्होंने उत्तराखंड का नाम पूरे विश्व में रोशन करने के लिए जनता से वोट के रूप में आशीर्वाद मांगा है। ताकि अनुकृति मिस वर्ल्‍ड का ताज हासिल कर सके।

मसूरी में आयोजित ”ब्लड डोनेशन कैंप” में उमड़ी भीड़

पहाड़ो की रानी मसूरी के होटल व्यवसाय के प्रेसिडेंट संदीप साहनी ने अपने पिताजी कुलदीप साहनी की याद में पिछले 6 साल से 31 मई को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया हैं। रोटरी क्लब मसूरी और आर.एन भार्गव इंटर कालेज के ओल्ड ब्यावज़ एसोसिएशन की मदद से हर साल साहनी परिवार इस कैंप का आयोजन करता है।

महंत इंद्रेश अस्पताल,देहरादून के डाक्टरों की टीम सुबह 9:30 से शाम तक सभी डोनर के लिए बेसिक सुविधाएं चाहें खून की जांच चाहें वह लिपिड प्रोफाइल या कोई और जांच हो, डाक्टर सुबह से शाम दिनभर तत्पर रहते हैं।

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न्यूज़पोस्ट से खास बातचीत में संदीप ने बताया, ‘कि बीतते हुए हर साल के साथ ब्लड डोनरस की संख्या भी बढ़ रही है। साल 2011 में हमने 80 यूनिट ब्लड कलेक्ट किया था जो पिछले साल यानि 2016 में 188 यूनिट ब्लड कलेक्ट किया गया’। प्रांजुल अग्रवाल जो हर साल इस कैंप में ब्लड डोनेट करते अाये हैं कहते हैं, ‘यह एक बहुत नेक काम है, इसको करने से आप किसी और का भला तो करते ही है साथ-साथ अपना स्वास्थ भी ठीक रखते हो’।

शायद यह कम लोग जानते होंगे कि ब्लड डोनेट करने के कुछ फायदे भी होते हैं। ब्लड डोनेशन आपके शरीर के कोलेस्ट्राल को कम करता है, ब्लड सरकूलेशन को ठीक कर शरीर में आयरन के संचय को रोकता है।

जसपुर के बेटों ने किया नाम रोशन

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कठीन परिश्रम और कडी मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती, ये साबित कर दिखाया है जसपुर के दो छात्रों ने जिन्होने हाईस्कूल और इण्टर में उत्तराखण्ड में दुसरा स्थान प्राप्त कर, ना ही क्षेत्र का बल्कि प्रदेश का नाम रोशन किया है। जसपुर के राम लाल सिंह चौहान विद्या मंदिर महुआडाबरा के छात्र अक्षदीप वत्सल ने इण्टर में 474 अंक प्राप्त कर 94.8 प्रतिशत से प्रदेश में दुसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि इसी विघालय के हर्षवर्धन वर्मा ने हाईस्कूल में 491 अंक प्राप्त कर 98.2 प्रतिशत से क्षेत्र का गौरव बढाया है।

दोनों ही छात्रों के टापर होने पर विघालय में खुशी का महौल था। शिक्षकों ने छात्रों को मिठाई खिलाकर उनका होसला अफजाई की, यही नही इसी विघालय से करीब 14 बच्चे मेरिट मेें निकले हैं। वहीं परिजन अपने बच्चों की सफलता से फूले नहीं समा रहे थे। अक्षदीप और हर्षवर्धन इन्जिनियरिंग में अपना भाग्य आजमाना चाहते हैं और दुसरे छात्रों के लिए प्रेरणा बने दोनों छात्रों का कहना है कि मेहनत और लगन से की गयी पढाई कभी व्यर्थ नहीं जाती और गुरुओ के सम्मान के बिना लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।

1 जून से पर्यटकों के लिए खुलेगी ”फूलों की घाटी”

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विश्व धरोहर फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिए खोलने की कवायद तेज हो गई है। रविवार को फूलों की घाटी पैदल मार्ग से हिमखंड को काटकर रास्ता तैयार कर दिया गया। अब एक जून से घाटी में पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अधिकारियों के नेतृत्व में मजदूरों ने बामणधौड़ समेत फूलों की घाटी तक पैदल मार्ग पूरी तरह दुरुस्त कर दिया है। बामणधौड़ के तकरीबन 500 मीटर क्षेत्र में भारी-भरकम हिमखंड पैदल मार्ग की राह रोके हुए थे। मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद हिमखंड को काटकर घाटी तक रास्ता तैयार कर दिया।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि रविवार को घाटी तक का पैदल मार्ग पूरी तरह से खोल दिया गया। इसके अलावा हनुमानचट्टी से कुंडखाल होते हुए भी घाटी के लिए पैदल मार्ग को खोला जाएगा। इसके लिए मजदूरों को कुंडखाल ट्रैक पर भेज दिया गया है। बताया कि दोनों ट्रैक से इस वर्ष पर्यटकों की आवाजाही कराने की योजना पार्क प्रशासन की है।

दून के किन्नर अब लेंगे नहीं देंगे 101 रुपये की बधाई, जानिए क्यों

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देहरादून के ट्रासजेंडर कम्यूनिटी ने यह निर्णय लिया है कि आगे से किसी भी भर में लड़की पैदा होने पर वह नियम के अनुसार पैसे लेने के बजाय उस परिवार को 101 रुपये का तोहफा देंगे। इसके अलावा किन्नर समुदाय ने यह फैसला किया है कि वह सोशल वेलफेयर डिर्पाटमेंट से यह निवेदन करेंगे की केंद्र और राज्य सरकार से आने वाले फंड में ऐसे परिवार की मदद की जाए जो आर्थिक रुप से कमजोर है ताकि वह परिवार अपनी बेटियों का पढ़ा लिखा सकें।

देहरादून किन्नर क्मयूनिटी की हेड और उत्तराखंड महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रजनी रावत ने बताया कि इस पहल के जरिए हम कन्या भ्रूण हत्या को रोकना चाहते हैं। हम आशा करते हैं कि हमारे स कदम से लड़की पैदा करने वाले परिवार को मोटिवेशन मिलेगा।उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा दिया गया टोकन मनी परिवार को याद दिलाएगा कि बेटी पैदा होने से उनके परिवार पर मां लक्ष्मी की कृपा हुई है।इसके साथ ही लड़की पैदा होना इस बात का भी सूचक होगा कि उनके परिवार में सुख और समृद्धि का निवास होगा।

रजनी रावत ने कहा कि पहले ट्रांसजेंडर कम्यूनिटी यह मुहिम देहरादून से शुरु करेगी उसके बाद राज्य के अलग-अलग जिलों में भी यह पहल शुरु की जाएगी।उनसे यह पूछने पर कि क्या ऐसा करके उनकी आमदनी को नुकसान नहीं होगा इसपर रावत ने कहा कि यह सच हैं कि हमारी आमदनी का बड़ हिस्सा बधाई(उत्सव के रुपये) से आता है। लेकिन हमने सोचा हमें लिंग अनुमात में लड़कियों के कम होने पर कुछ करना चाहिए। रावत ने कहा कि आमतौर पर हम लड़की पैदा होने वाले परिवार से बधाई नहीं लेते लेकिन अगर कोई अपनी मर्जी और खुशी से हमें कुछ देता है तो हम उसे प्रसन्नता के साथ लेते हैं।

इस दौरान सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट ने भी ट्रांसजेंडर कम्यूनिटी के इस पहल की प्रशंसा की। स्टेट वेलफेयर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर विष्णु धनिक ने कहा कि आर्थिक रुप सेकमाजोर परिवार को मदद करने के लिए ट्रासजेंडर कम्यूनिटी का यह सराहनीय प्रयास है। इस पहल से सरकार द्वारा चलाए जा रहे बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओं पहल को भी बल मिलेगा।

उत्तराखंड में शराब की दुकानों के आवेदन में आई 59% की गिरावट

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नेशनल हाईवे को 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर पांबंदी के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर उत्तराखंड में आबकारी विभाग की कमाई पर पड़ने लगा है। इस साल उत्तराखंड में शराब की दुकानों के लाइसेंस के लिये आनी वाली अर्जियों में करीब 59 % की गिरावट आई है। आबकारी विभाग के अनुसार इस साल उन्हें 503 में से 437 दुकानों के लाइसेंस के लिये मात्र 25,992 अर्जियां ही मिली। वहीं ये आंकड़ा पिछले साल करीब 63,000 का था।

आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मार्च-अप्रैल के महीनें में सारी कवयाद कोर्ट के आदेश के बाद दुकानों को विस्थापित करने में लग गई। शराब की बिक्री के लिहाज से ये दोनों महीने सबसे ज्यादा बिक्री के होते हैं। ये एक बड़ा कारण हो सकता है नई अर्जियों की संख्या में कमी का।

इसके साथ साथ राज्य सरकार ने पहाड़ों में शराब की दुकानों के खुलने के समय में भी बदलाव किया है। जिसके चलते भी पहाड़ों से आने वाली अर्जियों में खासी कमी आई है।  कोर्ट के आदेश के बाद परेशानी से झूझ रहे आबकारी विभाग के लिये ये संकेत अच्छे नहीं। बात और पेचीदा तब हो जाती है जबकी राज्य सरकार ने शराब बिक्री से होने वाली कमाई को बढ़ाने के लिये सभी जिलों को अपने अपने टारगेट दे रखे हैं।

एनएच घोटाला: नेशनल हाईवे के अधिकारियों के बचाव में केन्द्र सरकार

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ऊधमसिंह नगर में राष्‍ट्रीय राजमार्ग-74 के निर्माण में 363 करोड़ के  मुआवजा घोटाले में केंद्र सरकार बचाव में उतर आई है। प्राथमिकी से नेशनल हाईवे के तीन अधिकारियों के नाम निरस्त करने की मांग को लेकर केंद्र ने हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया। हाईकोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते राज्य सरकार से 6 सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही याचिकाकर्ताओं से 28 जुलाई तक प्रतिउत्तर दाखिल करने को कहा है।  

उधमसिंह नगर में 363 करोड़ के घोटाले में एनएचएआई के तीन अफसरों के खिलाफ इसी साल दस मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया है। इन अफसरों ने खुद को बेकसूर मानते हुए प्राथमिकी निरस्त कारने को याचिका दायर की है। 

कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन की जांच रिपोर्ट में इस मामले में 363 करोड़ की अनियमितता का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के आधार पर दस मार्च को एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रताप शाह द्वारा  आठ से दस गुना मुआवजा लेने वाले भू स्वामी, कृषि भूमि को अकृषि भूमि के लिए 143 की कार्रवाई करने वाले एसडीएम, उनके पेशकार, तहसीलदार, लेखपाल, राजस्व कानूनगो, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी, चकबंदी कानूनगो, परियोजना निदेशक एनएचएआइ रुद्रपुर, नजीबाबाद तथा क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआइ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। 

राज्य सरकार ने इस मामले में एक रिटायर्ड समेत आधा दर्जन पीसीएस अफसरों को निलंबित कर दिया था। सरकार ने मामले की सीबीआइ जांच की संस्तुति केंद्र को कर दी। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राज्य सरकार को पत्र भेजकर सीबीआइ जांच से केंद्र के अफसरों के मनोबल पर असर पडऩे का उल्लेख किया था। 

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पुरानी बद्री-केदार समिति को बहाल करने के दिए निर्देश

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बद्री केदार मंदिर समिति के मामले में आज त्रिवेंद्र सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। जिसमें सरकार द्वारा समिति को भंग करने के फैसले को उच्च न्यायलय ने आज खारिज कर दिया है। जिसके बाद अब हरीश सरकार में बनी मंदिर समिति ही आगे काम करती रहेगी।  मालूम हो कि मामले की सुनवाई एकल खंडपीठ के जस्टिस सुधांशु धुलिया कर रहे थे।

बता दें कि नई सरकार बनने के बाद एक अप्रैल को त्रिवेंद्र सरकार द्वारा बद्री केदार समिति के पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद  बद्री केदार मंदिर समिति के सदस्य दिवाकर चमोली और दिनकर बाबुलकर ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायलय में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायलय ने बद्री केदार समिति के नए गठन पर रोक लगा दी थी।

उच्च न्यायलय के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि त्रिवेंद्र सरकार द्वारा बनाई गई अधिवक्ताओं की सेना पस्त हो गई है । अब देखने होगा त्रिवेंद्र सरकार डबल बैंच में इस मामले को लेकर कब तक जाती है।