Page 759

संत निरंकारी मंडल ने ऋषिकेश के गंगा घाटों को किया साफ़

आज विश्व पर्यावरण दिवस है, ऐसे में सभी जगह पर्यावरण को बचाने के लिए तमाम वार्ताए और गोष्ठी हो रही है। आस्था से जुडी गंगा को लेकर तमाम राज्य सरकार और केंद्र सरकार समय समय पर दावे तो करती है लेकिन ये दावे लगातार हवाई साबित हो रहे है, गंगा में प्रदुषण का मुख्य कारण बड़ी आबादी वाले छेत्र से गुजरने वाले नाले हे, जो शहर कि तमाम गंदगी को सीधे गंगा में मिला देते है, ऐसे में संत निरंकारी मंडल ने ऋषिकेश के गंगा घाटों को साफ़ रखने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सफाई अभियान चलाया जिसमें 1500 लोगों ने हिस्सा लिया।

WhatsApp Image 2017-06-05 at 12.05.25

गंगा अपने ही घर में मेली है तो दुसरे राज्यों की स्तिति तो और भी भयानक है उत्तराखंड के गढ़वाल छेत्र में गंगा के मुहाने से लेकर हरिद्वार तक कई शहरी और ग्रामीण आबादी वाले नगर पंचायत और पालिका छेत्र है जिन की आबादी और टूरिस्ट डेस्टिनेशन का सारा मल मूत्र सीवर का पानी सीधे गंगा में डाल दिया जाता है क्युकी अभी तक राज्य सरकार उत्तराखंड के गहन आबादी वाले छेत्रो में भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा पाई है ऐसे में गंगा लगातार मैली होती जा रही है। संत निरंकारी मंडल ने ऋषिकेश के गंगा घाटों की सफाई का बेडा उठाते हुए विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर गंगा घाटों की सफाई की। इस सफाई अभियान में बच्चे-बूढ़े-जवान हर कोई बड़ी संख्या में शामिल हुए और पर्यावरण की सफाई में अपना योगदान देते दिखे ।

आज लगातार बढ़ते प्रदुषण के कारण गंगा भी अपनी निर्मलता को खोती जा रही है, केंद्र सरकार ने गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नमामि गंगे की शुरुवात की ,लेकिन गंगा को लेकर अभी तक कोई पोसिटिव रिपोर्ट सामने नहीं आयी है बल्कि गंगा का पानी आज आचमन योग्य भी नहीं बचा है। कार्यक्रम के संयोजक हरीश बागा का कहना है की जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सफाई के लिए आगे आते है वैसे ही हम सबको सफाई अभियान से जुड़ना चाहिए तभी जाकर गंगा नदी और हमारा देश स्वचछ और साफ़ हो सकेगा। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज देश भर में सफाई अभियान चलाया जा रहा है लेकिन जरुरत है तो रोजाना इस दिन को मनाने की तब जाकर गंगा और गंगा से सटे इलाकों को साफ़ बनाया जा सकेगा।

विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्यपाल ने लगाये पौधे 

0

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज प्रातः राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल ने राजभवन उद्यान परिसर में पौधारोपण किया।राज्यपाल ने मुख्यतः नार्थईस्ट में पाये जाने वाले ’अगर’ तथा स्वास्थ्य और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व रखने वाले ’बेलपत्री’ के पौधे राजभवन में लगाये। अगर का पौधा विशेष रूप से एरोमेटिक उत्पाद बनाने में काम आता है।

इसकी लकड़ी भी उत्तम क्वालिटी की मानी जाती है। अगर की लकड़ी और पुष्पों का प्रयोग मुख्यतः एसेन्शियल तेल, परफ्यूम तथा अगरबत्ती बनाने के लिए किया जाता है। वहीं औषधीय गुणों से युक्त बेलपत्री भगवान शिव की आराधना प्रयोग किये जाने के कारण हिन्दू धर्म एक विशेष स्थान रखता है। बेल का फल शरीर को स्वस्थ बनाने की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी माना गया है।

मसूरी में शूटिंग करेंगे जाॅन अब्राहम

पहाड़ो की रानी मसूरी केवल पर्यटकों की ही नहीं बल्कि फिल्मी सितारों की भी पहली पसंद है।आए दिए किसी ना किसी फिल्म की शूटिंग मसूरी में होती ही रहती है। बहुत सी फिल्मों की शूटिंग के बाद एक बार फिर मसूरी तैयार है कैमरे में कैद होने के लिए। जी हां, जाॅन अब्राहम की अगली फिल्म की शूटिंग मसूरी और उसके आसपास के इलाकों में होनी है। एक हफ्ते की यह शूटिंग 6 जून से शुरु होगी। जाॅन की यह फिल्म जाॅन अब्राहम इंटरटेन्मेंट प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने जा रही है।

यह फिल्म पोखरन में हुए भारत के परमाणु परीक्षण पर आधारित है। इस फिल्म के खास सीन मसूरी में शूट किए जाऐंगे और इस फिल्म में जाॅन अब्राहम मुख्य किरादार में है,  फिल्म की हीरोईन का नाम अभी मीङिया मे उजागर नहीं किया गया है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी बहुत सी हाॅलीवुड फिल्में जैसे कि देवभूमि, बेस्ट चांस, अमेरिकन डाक्यूमेंट्री, एट लिंब्स योगा और सत्याग्रह, आस्ट्रेलियन टेवीविजन फिल्म डेस्टिनेशन इंडिया, उत्तराखंड में शूट हुई हैं। मसूरी में 2016 में अजय देवगन ने अपनी फिल्म शिवाय की शूटिंग 4-5 हफ्तों के लिये मसूरी और आस पास के इलाकों में की थी।

फिल्म के क्रू में लगभग 100 लोग होेंगे और सुपरस्टार जाॅन अब्राहम के रुकने की व्यवस्था मसूरी के पास पांच सितारा होटल में करवाई गई है।

चट्टानों से हिम्मत वाले हैं मसूरी के गजय सिंह

“वाटरवाटर ऐव्री वेयर एंड नाॅट ड्राप टू ड्रिंक”, यह अंग्रेजी कविता उत्तराखंड के लिए बिल्कुल सटीक है। भारत की पांच प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल उत्तराखंड आज भी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है और मैदानी क्षेत्र फल ्फूल रहे हैं। कुछ साल पहले तक जो प्राकृतिक जल संसाधन फसल उगाने के लिए इस्तेमाल होते थे जिन खेतखलिहानों के लिए यह राज्य मशहूर था आज वो सब सूख चुका हैं। गांव की औरतों को अपने घर से 3-4 किमी पैदल सफर कर पीने का पानी मिलता है जिसकी वजह से पहाड़ पर पलायन दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है।

WhatsApp Image 2017-06-02 at 20.30.12

सरकारी योजनाओं और दावों से अलग मसूरी से 15 किमी दूर क्यार्कुली गाँव में रह रहे 70 साल के गजय सिंह ने अपने सपनों को पूरा करने का साथ साथ जहां चाह वहां राह की एक उम्मदा मिसाल पेश की है।  अपने अकेले के दम पर गजय दादाजी ने अपने आसपास के सभी क्षेत्रों को हरियाली से सराबोर कर दिया है। इसका कारण बना प्राकृतिक स्रोत से आने वाले पानी का सही उपयोग। गजय सिंह टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत में बताते हैं कि, “पानी जीवन का सबसे महत्तवपूर्ण हिस्सा है,पानी है तो सब कुछ है,पानी सिर्फ इंसानों के लिए नहीं बल्कि पौधों के लिए भी जरुरी है। आज पानी ना होता तो मेरे पौधों का क्या होता, पानी खेतों के लिए, लाईट के लिए है अगर केवल सरकार इसपर ध्यान दे तो हमारे गढ़वाल और दूसरे क्षेत्रों के पलायन को रोका जा सकता है।”

लगभग 12 एकड़ में फैले इस छोटी सी इंडस्ट्री को करीब 10-12 लोग चला रहे हैं। मछली की टंकी, पौली हाउस, सेब, अाङू व अनार के पेड़, ट्रेडिशनल घराट जो 5 किलोवाट की बिजली पैदा करता है,इस फार्म में काम कर रहे हैं। गर्मीयों में अपने पिता से मिलने आई गजय की बेटी लक्ष्मी कहती हैं कि “हमे कभी नहीं लगता था कि पापा ऐसा कुछ कर पाऐंगे, हमें शुरुआत में यह सब बकवास लगता था, लेकिन धीरे-धीरे जब पापा ने यह सब किया तो हमें विश्वास नहीं हुआ कि एक पानी के स्रोत से सबकुछ कर सकते हैं।” 

WhatsApp Image 2017-06-03 at 09.22.43

लेकिन यह सब एक दिन की मेहनत का नतीजा नही हैं, गजय सिंह को भी यह सब करने के लिए सिस्टम से लड़ाई लड़नी पड़ी। वह बताते है कि कागजों में फाइलें चलती हैं, हमारे चारों तरफ पानी है और हमारी मां बहनें दूर-दूर से बर्तनों में पानी ढोकर ला रहीं है, स्रोत होते हुए भी पानी की कमी है राज्य में, वजह केवल एक है: सारी स्कीम फाइलों में और सरकारी आॅफिस में पड़ी है।

कब हो सकेगी गंगा की सफाई ?

ऋषीकेश मे गंगा के तट हमेशा ही विदेशियों को अपनी और खींचते हैं। यही कारण है यहाँ साल भर बड़ी संख्या मे देसी-विदेशी सैलानी आते रहते हैं। योग और अध्यात्म मे डूबे इन लोगों पर गंगा के प्रति एक विशेष लगाव देखने को मिलता है। लेकिन लगातार गंगा में बढ़ते प्रदुषण के कारण आज गंगा नदी अपने ही घर में मैली होती जा रही है जिससे लोगों की आस्था पर भी ठेस पहुंच रही है। अब एक बार फिर गंगा को स्वचछ बनाने के लिए गंगा दशहरा के मौके पर पर्यावरण विद, संत-समाज की आवाज उठती दिखाई दे रही है। देवप्रयाग में पहाड़ों से उतरकर गंगा ऋषिकेश में शांत रूप में बहती हुई मैदानों का रूख करती है। अपने इस सफर में कई गंदे नाले और शहर की आबादी का बोझ गंगा के जल पर साफ देखा जा सकता है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि हाईकोर्ट को मां गंगा को बचाने के लिए जीवित मानव का दर्जा देना पड़ा। इसके बाद इसकी सुरक्षा के लिए एक कानून बना, लेकिन जन जागरूकता की कमी लगातार आस्था की इस धारा को अपवित्र करती जा रही है। जिस को एक बार फिर निर्मल और स्वच्छ बनाने के लिए लोगों की आवाज उठनी शुरू हो गयी है।

गंगा दशहरा के मौके पर अनेक धर्मगुरुओं और गंगा प्रेमियों ने लोगों से गंगा के प्रति जागरूक होने की बात कही। भले ही केंद्र सकरार ने गंगा के लिए कई योजनाओं को खड़ा किया हो लेकिन अभी भी गंगा की तस्वीर ज्यूँ की त्यूं  बनी हुयी है। केंद्र सरकार की नमामि गंगे प्रोजेक्ट भी उन्ही योजनाओं में से एक है जिसके अंतर्गत सरकार गंगा को स्वतच्छ और निर्मल बनाये जाने के लिए प्रयास करती जा रही है। तो वहीँ ऋषिकेश पहुचे केंद्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है की “स्वच्छ गंगा के लिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही है ,और जल्द ही गंगा के किनारे बसे सारे घाटों को साफ़ और प्रदुषण मुक्त किया जायेगा।”

ऋषिकेश देवभूमि का प्रवेश द्वार है जहां साल भर मां गंगा में स्नान करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश विदेश से पहुंचते हैं। ऐसे में गंगा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर उन सब की आस्था पर भी चोट पहुंचती है। जरूरत है तो समाज में जन जागरूकता फैलाने की जिससे आने वाले दिनों में गंगा स्वच्छ निर्मल होकर बहने लगे।

दून के खस्ताहाल एमएलए हॉस्टल का ख़ामियाज़ा भुगता केदारनाथ विधायक ने

0

देहरादून के विधायक आवास के कमरा नं. 51 में शार्ट सर्किट से लगी आग जिसमे केदारनाथ विधायक मनोज रावत का हाथ झूलस गया।

जी हां आपको बता दें कि देहरादून के विधायक आवास के कमरा नंबर 51 में बीते रविवार अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस आग के लगने की वजह शार्ट सर्किट बताया जा रहा। कमरा नंबर 51 में केदारनाथ विधायक मनोज रावत रहते हैं।आग लगने पर खुद विधायक मनोज रावत ने बुझाई आग।

इस घटना में किसी जान माल की हानि की सूचना नहीं हैं लेकिन इस तरह की घटना से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य का विधायक आवास भी खस्ताहाल में है।आग लगने के बाद राज्य संपत्ति विभाग से कोई मदद को नहीं आया। बताया जा रहा हैं कि कई बार मदद के लिए पुकारने के बाद भी मदद के लिए कोई सामने नहीं आया।

यह शार्ट सर्किट एसी के केबल में आग लगने की वजह से हुआ जिसकी वजह है विधायक आवास में किसी तरह की मेंटेनेंन्स का ना होना साफ जाहिर करता है। यह हास्टल सालों से रेनोवेशन के इंतजार में हैं लेकिन इसमें किसी प्रकार की मरम्मत नहीं हो रही है, शायद सरकार को इस हास्टल में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार है।

अभी और तपायेगा सूरज, 6 जून से बारिश के आसार

0

तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। रही-सही कसर गर्म हवा के थपेड़ों ने पूरी की है। अाज लू चलने से अधिकांश लोग घर में दुबके रहे। सड़कों और बाजार में दोपहर के समय सन्नाटा रहा। गर्मी से बचने के लिए ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक मुंह पर कपड़ा बांधे नजर आए। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन दिन गर्मी और सताएगी, तापमान एक से दो डिग्री की और छलांग लगाएगा।

रविवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। 39 डिग्री पार पहुंचे पारे ने लोगों के खूब पसीने छुड़ाए। अभी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। हालांकि मंगलवार से अगले तीन दिन तक बारिश की संभावना है।

दो दिन से गर्मी प्रचंड रूप दिखा रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो तब तक का सर्वाधिक था। रविवार को धूप असहनीय होने लगी और सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा नजर आया। लोगों ने गर्मी से बचने के लिए घर में रहना ही मुफीद समझा। हालांकि, गर्मी से राहत पाने के लिए सहस्रधारा, गुच्चूपानी, लच्छीवाला में पर्यटकों के साथ-साथ दूनवासियों की काफी आमद रही। शाम को गर्मी के साथ उमस से भी लोग परेशान रहे।

रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार के मुकाबले न्यूनतम तापमान भी तीन डिग्री सेल्सियस अधिक था।

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अभी तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहेगा। लेकिन, मंगलवार से मौसम बदलेगा। छह और सात जून को अच्छी बारिश की संभावना है।

हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। प्रदेशभर में सबसे अधिकतम तापमान तराई-भाबर व सबसे न्यूनतम तापमान मुक्तेश्वर में 14.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मैदानी इलाकों में सूर्योदय के साथ ही लोगों को तेज धूप का सामना करना पड़ा। खरीदारी के लिए बाजार आने वाले लोगों को भी गर्मी से बचने के लिए शीतलपेय का सहारा लेना पड़ा रहा है।

एनएच घोटाले की फाईलें गायब करने वाला हिरासत में 

0

जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम (143) की फाइलों के साथ पुलिस ने पूर्व पेशकार को जसपुर से गिरफ्तार किया है। इनमें नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण मुआवजा घोटाले की फाइलें मिलने की भी आशंका जताई जा रही हैं। जो एसडीएम कार्यालय से गायब हैं। पुलिस फाइलों का मिलान कर इसकी भी जांच में जुट गई है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से करोड़ों की संपत्ति के भूमि अभिलेख, सोने-चांदी की ज्वैलरी बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण में मुआवजे से संबंधित 20 फाइलें पांच माह पूर्व एसडीएम कार्यालय से गुम हैं। तत्कालीन पेशकार सतपाल ने पूर्व पेशकार विकास कुमार पर 18 जनवरी को छह तथा 12 मार्च को 14 फाइलें गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसको लेकर पुलिस ने विकास से कई बार पूछताछ की। शिकंजा कसता देख रविवार को वह फाइलों को ठिकाने लगाने की फिराक में था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे ठाकुरद्वारा चुंगी से पकड़ लिया।

WhatsApp Image 2017-06-04 at 20.40.43

उसकी निशानदेही पर उसके घर से पुलिस ने जसपुर तहसील की 123, बाजपुर की 66 तथा खटीमा से संबंधित बेदखली की 12 पत्रवालियां बरामद कीं। आशंका है कि इन पत्रावालियों में एनएच चौड़ीकरण मुआवजा घोटाले से संबंधित गायब 20 फाईलें भी हो। इसका मिलान किया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि 143 की कई पत्रावलियों में नीचे के पायदान के किसी भी कर्मचारी की कोई रिपोर्ट नहीं लगी है। सीधे तौर पर तहसीलदार एवं एसडीएम के आदेश पर उनके हस्ताक्षर हैं। इससे तत्कालीन एसडीएम तथा तहसीलदार की मिलीभगत संभव हो। सभी फाइलों की रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेजी जा रही है। एसएसपी ने बताया कि समय रहते आरोपी के पास से फाइलें बरामद हो गई, अगर ठिकाने लगा देता तो कुछ भी हाथ नहीं लगता।

जिले के हिस्ट्रीशीटरों पर तीखी नजर

0

रुद्रपुर कोतवाली में हिस्ट्रीशीटरों की परेड कराई गई, इस दौरान सीओ स्वतंत्र कुमार व कोतवाल तुषार बोरा ने उनके वर्तमान कारोबार से लेकर गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान 51 में से 11 हिस्ट्रीशीटर ही मौजूद रहे। सीओ ने हर सप्ताह कोतवाली में हाजिरी लगाने के निर्देश दिए।

क्षेत्र में लगातार हो रही वारदातों के चलते पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है अौर कोतवाली क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों को तलब कर उनकी परेड कराई गई। कोतवाली अंतर्गत 62 हिस्ट्रीशीटर हैं, लेकिन उनमें से 11 हिस्ट्रीशीटर लापता हैं। सीओ स्वतंत्र कुमार ने हिस्ट्रीशीटरों से वार्ता कर उनको आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कहा कि उनकी सक्रियता की जांच की जा रही है। सीओ ने कहा कि जो बूढ़े हो गए हैं आने की स्थिति में नहीं है उनको छूट दी गई है। साथ ही जो लोग अपने घरों पर नहीं मिले उनको भी घर के लोगों को सूचना देकर तलब किया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में अन्य सक्रिय अपराधियों पर भी नकेल कसने के लिए उन पर निगरानी रखने का काम किया जा रहा है।

काशीपुर: आइटीआइ थाना क्षेत्र के 11 हिस्ट्रीशीटरों में चार का गायब हैं। एक जिला बदर जेल में बंद है। थाना प्रभारी ने हिस्ट्रीशीटरों को माहौल खराब न करने की नसीहत दी। थाना प्रभारी जसवीर सिंह चौहान ने रविवार को थाने में हिस्ट्रीशीटरों को बुलाकर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही माहौल खराब न करने की हिदायत दी। बताया कि 11 हिस्ट्रीशीटरों में चार लापता हैं। थाने में आए तीन हिस्ट्रीशीटर को शांति बनाए रखने को कहा।

जलाशय में अवैध शिकार के सामने सब बेबस

0

रुद्रपुर के गूलरभोज, हरिपुरा जलाशय में मछलियों का अवैध शिकार करने वाले ग्रामीणों ने रविवार को सारी हदें लांघ दी। सैकड़ों की तादात में लाठी डंडों से लैस ग्रामीणों ने जमकर बवाल मचाया और जलाशय से लाखों की मछलियां खंगाल डाली। इस दौरान विरोध करने गए ठेका कंपनी के कर्मचारियों को उन्होंने दौड़ा दिया, वहीं कवरेज करने गए पत्रकारों से भी बदसलूकी की। ग्रामीणों के तेवर देख पुलिस कर्मी भी असहाय बने रहे। ठेका कंपनी के एमडी ने लाखों का नुकसान बताते हुए पर्याप्त सुरक्षा व ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हरिपुरा बौर जलाशय में मत्स्य शिकार के लिए आगरा की एएंडएस कंपनी का पिछले चार वर्ष से ठेका है। ठेके की मियाद अगले वर्ष खत्म होने वाली है। जून-जुलाई में मत्स्य प्रजनन काल के चलते शिकार पर प्रतिबंध रहता है। इसी का फायदा उठाकर जलाशय के नजदीक रहने वाले सैकड़ों ग्रामीण रविवार को जलाशय में घुस गए।

इधर कंपनी के एमडी बदरउल्ला खां ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 तक कंपनी को एक करोड़ 15 लाख का राजस्व भुगतान करना है। जलाशय से मछलियों का अवैध शिकार के चलते कंपनी को पिछले तीन दिन से लाखों का नुकसान हुआ है जिसके और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने चौकी में अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई व पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।