Page 758

पेशी पर आये कैदी को दी दवा

0

पुलिस से नजरें बचाकर न्यायालय में पेशी पर आए हत्यारोपी को उसके साथी कैदी ने संदिग्ध दवा सौंप दी। पुलिसकर्मियों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने तुरंत ही आरोपी को दबोचकर सिडकुल पुलिस चौकी के हवाले कर दिया। पूछताछ के बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी, वह भी हत्या के मामले में न्यायालय में तारीख पर आया था।

मंगलवार को पुलिसकर्मी विचाराधीन कैदियों को लेकर रुद्रपुर न्यायालय में आए थे। पेशी के दौरान सुरेंद्र सिंह नाम के कैदी को तारीख पर ही आए आरोपी युवक ने संदिग्ध दवा सौंप दी। इसकी भनक पुलिस कर्मियों को लग गई। उन्होंने जब न्यायालय स्थित बंदी गृह मे सुरेंद्र की तलाशी ली तो जेब से उसकी दवा मिल गई जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने सुरेंद्र से पूछताछ की तो उसने बता दिया कि उसे दवा किसने दी थीं।

पुलिसकर्मियों ने युवक को न्यायालय परिसर में चिह्नित कर लिया। जैसे ही आरोपी को खुद के पकड़ने का आभास हुआ तो वह भाग निकला जिससे न्यायालय परिसर में भगदड़ का माहौल बन गया। हवा ये उड़ गई कि पेशी पर लाया गया कैदी भाग निकला है। पुलिस ने आरोपी को पीछा कर दबोच लिया, पकड़े गए युवक ने अपना नाम संदीप सिंह निवासी सेठवाला, गदरपुर बताया है। उसे सिडकुल चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। चौकी प्रभारी एनपी सिंह ने बताया कि युवक से पूछताछ की जा रही है। उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री के खिलाफ शिक्षक

0

राजकीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक)बाजपुर के शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ हुंकार भरनी शुरू कर दी है। यहां हुई बैठक में शिक्षा मंत्री द्वारा प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों का संचालन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य द्वारा कराए जाने के बयान की कड़ी निंदा की। साथ ही आदेश को जबरन थोपने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

मंगलवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र नमूना (बीआरसी) में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने शिक्षा मंत्री द्वारा दिए गए बयान को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार का कोई भी आदेश शिक्षकों पर जबरन थोपा गया तो संगठन के माध्यम से उसका विरोध होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा 26 नवंबर 2016 को शासनादेश जारी कर स्पष्ट कर दिया गया था कि जूनियर हाईस्कूल का संचालन पृथक से किया जाएगा तथा उच्चीकरण की अवस्था में विद्यालय के शिक्षक ही हाईस्कूल का संचालन करेंगे तथा प्रधानाचार्य भी जूनियर हाईस्कूल से ही पदोन्नत होकर जाएगा।

आरोप है कि वर्तमान सरकार उस आदेश को लागू करने से बच रही है। उन्होंने एमडीएम व गणवेश की व्यवस्था स्वयं सरकार द्वारा किए जाने निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनपद में अनेक विद्यालय एकल शिक्षक के सहारे संचालित हो रहे हैं, सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चार माह से एसएसए का वेतन नहीं मिलने पर भी चिंता जताई।

नैनी झील के जल स्तर पर चिंतन

0

नैनी झील, नैनीताल के गिरते जलस्तर से उपजी चिंता दूर करने के लिए हाई कोर्ट गंभीर हो गया है। कोर्ट ने अधिकारियों से झील के गिरते जलस्तर का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए, साथ ही जीएसआई व आइआइटी के विशेषज्ञों की राय लेने को कहा है।

नैनीताल निवासी अजय रावत ने जनहित याचिका दायर कर नैनीताल के सूखाताल में अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। साथ ही कहा था कि सूखाताल में अतिक्रमण की वजह से नैनी झील का अस्तित्व खत्म हो रहा है। मंगलवार को इस मामले में मंडलायुक्त चंद्रशेखर भट्ट, डीएम दीपेंद्र चौधरी, प्राधिकरण सचिव श्रीश कुमार, पालिका ईओ रोहिताश शर्मा व अन्य कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने सूखाताल से शीघ्र मलबा हटाने तथा नैनी झील से मलबा हटाने में जेसीबी ना लगाने की हिदायत दी। साथ ही झील के गिरते जलस्तर तथा समस्या के समाधान के लिए विचार करने को कहा। डीएम ने कोर्ट को बताया कि वह इस मामले में कुमाऊं विवि के प्रो. एके शर्मा, प्रो. एसपी सिंह, प्रो जीएल साह, प्रो. शेखर पाठक, प्रो. अजय रावत आदि विशेषज्ञों के साथ बैठक करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 14 जून नियत की गई है। उसी दिन अधिकारियों को भी कोर्ट में पेश होना होगा।

उत्तराखंड में बढेगा दूध उत्पादन,केंद्र ने दिए 20 करोड़ रुपए

डेयरी विकास विभाग द्वारा विश्व दुग्ध दिवस के अंतर्गत 1 से 7 जून तक उपभोक्ता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंर्तगत प्रदेश भर के 215 स्थानों पर उपभोक्ता जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 1 लाख से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। ऋषिकेश में भी लोगों को दूध का दूध पानी का पानी कार्यक्रम के अंतर्गत मिलावटी दूध को लेकर जागरूक किया गया।इसके साथ ही लोगों को दूध की शुद्धता जांचने की मशीन फ्री में दी गई।

unnamed (1)

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे दूध विकास राज्यमंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि लोगों को आंचल दूध के माध्यम से शुद्ध दूध दिया जा रहा है ताकि लोग मिलावटी दूध से बच सके। वहीं उन्होंने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए केंद्र से 20 करोड़ रुपए की धनराशि मांगी गई है ताकि प्रदेश में दूध उत्पादन को बेहतर ढंग से बढ़ाया जा सके।

बाइक से मुकाबला करेगी ”सूर्यदेव की गर्मी” से दौड़ेने वाली साइकिल

0

उत्तराखंड राज्य बाकि सभी राज्यों से हरे भरे राज्य की तरह जाना जाता है, लेकिन प्रदुषण के रूप में ‘जहर’ उगलते शहरों के लिए गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर से राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय के छात्रों ने सौर ऊर्जा से चलने वाली ईको-फ्रेंडली साइकिल तैयार किया है। ग्लोबल वार्मिंग के खतरनाक दौर में यह साइकिल मील का पत्थर साबित हो सकती है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ साइकिल माउंटेन बाइकिंग करने के शौकीन लोगों के लिए भी फायदेमंद होगी। विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के यांत्रिक अभियंत्रण के छात्र-छात्राओं के प्रयोग ने इसे साकार रूप दिया है। ईको फ्रेंडली यह साइकिल पेट्रोल से चलने वाली बाइक के समान ही सड़कों पर दौड़ने में सक्षम है, लेकिन यह साइकिल सौर ऊर्जा से चलेगी।

 रंग लाई चार विद्यार्थियों की मेहनतः यांत्रिक अभियंत्रण के प्रो. डॉ. अनादि मिश्रा के निर्देशन में विकास मौर्य, शिवानी मोंग्स, आरती बिष्ट व सोमेश लोहानी ने सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल तैयार की है। इसके लिए उन्हें विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी गोथ और अन्य प्राध्यापकों का भी विशेष सहयोग मिला। इसे तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा।

17 हजार रुपये है साइकिल की कीमतः छात्र विकास ने बताया कि इसे तैयार करने में 17 हजार रुपये की लागत आई है। व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन होने पर इसकी कीमत और कम हो जाएगी। इसे और मोडीफाई करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। फिर इसे पेटेंट कराएंगे।

इन उपकरणों का किया है प्रयोगः ई-साइकिल बनाने में 12 वोल्ट की चार बैटरी, एक 350 वाट का ब्रुश मोटर, गति नियंत्रण के लिए स्कूटी के समान एक्सीलरेटर एवं बैटरी चार्ज करने के लिए 20 वाट के दो सोलर पैनल लगाए गए हैं।

रफ्तार 20 से 30 किमी प्रति घंटाः पर्यावरण के लिए बेहद मुफीद मानी जा रही साइकिल सड़कों पर 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। विकास ने बताया कि 15 से 20 डिग्री की चढ़ाई में भी चलने में यह सक्षम है।

विकास व उनके साथियों ने कहा कि यह साइकिल पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता को कम करेगी। इसे चलाने से किसी प्रकार का हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता है। इसके चलते वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिस तरह ई-रिक्शा चलने लगे हैं, यह बेहद अच्छा है। अगर इसे भी सौर ऊर्जा से जोड़ दिया जाए, तो बिजली की भी बचत हो सकेगी।

उत्तराखंड में बहुत जल्द होगा शार्ट फिल्म फेस्टिवल

0

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की चतुर्थ बैठक परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। परिषद के उपाध्यक्ष पाण्डेय ने बताया कि आज की बैठक काफी सार्थक रही है। आज की बैठक में निर्णय लिया गया है कि जिला स्तर पर एक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘‘फिल्म प्रमोशन एवं फेसिलिटेशन कमेटी का गठन किया जायेगा। इसके लिए परिषद द्वारा प्रस्तात पारित कर शासन को प्रस्ताव भेजा जायेगा। इस कमेटी के गठन से जनपद स्तर पर फिल्म निर्माताओं को सुविधाएं दी जा सकेंगी। फिल्मों की शूटिंग में उत्पन्न हो रही समस्याओं का समाधान हो सकेगा। आज बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शार्ट फिल्म फेस्टिवल का आयोजन शीघ्र ही किया जायेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि फिल्म डायरेक्टरी हेतु पुनः आवेदन प्राप्त किये जायेंगे।

पाण्डेय ने बताया कि उत्तराखण्ड की बोली यथा गढ़वाली, कुमांउनी तथा जौनसारी आदि में अभी तक जितनी भी बड़े पर्दे की फिल्में बनाई गई है उन फिल्मकारों के लिए सम्मान समारोह अगस्त माह में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में परिषद के सदस्यों द्वारा फिल्म नीति के कुछ बिन्दुओं पर संशोधन करने का सुझाव दिया गया, जिस पर निर्णय लिया गया कि शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाय। इसके तहत फिल्मों की शूटिंग हेतु लिये जाने वाले शुल्क में कमी करना प्रमुख है। आज की बैठक में सभी सदस्यों द्वारा शार्ट फिल्म फेस्टिवल हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच की गई। इनमें से उत्कृष्ट फिल्मों को अगस्त माह में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जायेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि अनुदान हेतु प्राप्त होने वाली फिल्मों के मूल्यांकन हेतु एक समिति का गठन किया जायेगा।
बैठक में अपर निदेशक डाॅ. अनिल चन्दोला, उप निदेशक/नोडल अधिकारी फिल्म विकास परिषद के.एस.चैहान, वरिष्ठ वित्त अधिकारी डाॅ. पंकज कुमार शुक्ल, परिषद के सदस्यगण हीरा सिंह राणा, शिव पैन्यूली, विक्की योगी, जय प्रकाश पंवार, चन्द्र दत्त तिवारी, एस.पी.एस.नेगी, कुंवर राम सिंह नेगी, सुदर्शन शाह, बाबू राम शर्मा, महेश प्रकाश, संगीता ध्यानी, कांता प्रसाद व मनोज पांगती आदि उपस्थित थे।

यूपी निर्माण निगम ने राज्य सरकार से लगाई गुहार, कुछ की सज़ा सबको न दें

उत्तराखण्ड में कई बड़ी सरकारी ईमारतों का निर्माण करने वाली यूपी निर्माण निगम के अधिकारियो ने सरकार से नए कामों पर लगे प्रतिबन्ध को हटाने की मांग की है।उत्तराखंड में यूपी निर्माण निगम अभी कुल मिलाकर 44 सौ करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट पर कार्य कर रही है, जिनपर प्रतिबंध का असर नहीं पड़ेगा। आपको बतादें कि मई में उत्तराखंड के 6 परिसरों में मारे गए आयकर विभाग के छापे के बाद उत्तराखंड में तैनात निर्माण निगम के महाप्रबंधक राम आसरे शर्मा की 600 करोड़ रुपये की प्रापर्टी का खुलासा हुआ था। इसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने कैबिनेट बैठक में यूपी निर्माण निगम को प्रतिबंधित करते हुए आगे से काम न देने फैसला किया। इसके बाद सकते मे आए यूपी निर्माण निगम के महाप्रबन्धक बीआर शाह का कहना है कि सरकान ने जिन अधिकारियों पर कार्यवाही की है वह व्यक्तिगत मसला हो सकता है यूपी निर्माण निगम को किसी एक अधिकारी के कारण प्रतिबन्धित नही किया जाना चाहिए।

मसूरी पहुँचे जॉन अब्राहम, फ़ैन्स ने किया ज़ोरदार स्वागत

0

मंगलवार दोपहर से मसूरी में जॉन अब्राहम की आने वाली फिल्म परमाणु फिल्म की शूटिंग शुरु हो गई है।यह फिल्म देश में हुए पहले पोखरण न्यूक्लियर टेस्ट पर आधारित है।
जब मसूरी पहुंचे जान अब्राहमः मसूरी में फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे जॉन अब्राहम को देखने के लिए उनके प्रशंसकों का तांता लग गया था। मसूरी पिक्चर पैलेस से लेकर मसूरी माल रोड तक हर कोई अपने पसंदीदा एक्टर जान को देखने के लिए बेताब था। आलम यह था कि जॉन को कार तक पहुंचाने के लिए उनके सिक्योरिटी गार्डस को काफी मेहनत करनी पड़ी।
कहां हुई शूटिंगः मसूरी का दिल कहा जाने वाल शहर के बीचों बीच बसा तिलक मेमोरियल लाईब्रेरी उस वक्त एक स्कूल में तब्दील हो गया जब जॉन इस लाइब्रेरी में एक टीचर की भूमिका के सीन की शूटिंग कर रहे थे।जी हां फिल्म में जॉन एक टीचर की भूमिका में नज़र आऐंगे और यह सीन तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी में शूट किया जा रहा है।

IMG_5921
कब तक होगी शूटिंगः जैसा कि हमने आपको पहले बताया था जॉन अब्राहम की आने वाली फिल्म की शूटिंग लगभग एक हफ्ते मसूरी में की जाएगी। मंगलवार को शूटिंग का पहला दिन था।शूटिंग के दौरान आज प्रशंसकों से घिरे रहे जॉन अब्राहम लेकिन शूटिंग के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया। फिल्म परमाणु जॉन अब्राहम के प्रोडक्शन हाउस जॉन अब्राहम इटरटेंन्मेंट प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनाई जा रही है।
किस अंदाज़ में दिखे जानः आपको बतादें हैंडसम हंक के रुप में अपनी पहचान बनाने वाले जॉन अब्राहम शूटिंग के दौरान स्लेटी यानि ग्रे रंग के पठानी सूट और सर पर सफेद बंडाना बांधे हुए दिखे। बस फिर क्या था पठानी सूट और बंडाना बांधे जॉन को देखने के लिए उनके फैन्स सड़कों पर आ गए और जॉन ने भी बहुत ही प्यार के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया।जॉन मुस्कुराते हुए अपनी गाड़ी में बैठ गए।हालांकि भीड़ ज्यादा होने से उनके सिक्योरिटी गार्ड को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन यह तो बड़े सितारों की रोज की परेशानी है।

कहां-कहां होगी फिल्म की शूटिंगः फिल्म परमाणु के कुछ सीन मसूरी के नए मार्केट में भी फिल्माएं जाऐंगे, जिसकी शूटिंग कल होने की उम्मीद है।इसके अलावा फिल्म का क्रू देहरादून के अलग-अलग जगहों पर भी शूटिंग करेगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों से मसूरी बॉलीवुड सितारों की पहली पसंद बना हुआ है। आए दिन यहां किसी ना किसी फिल्म की शूटिंग होते ही रहती है।खास बात यह है कि ना केवल बालीवुड बल्कि बल्कि हॉलीवुड की लिस्ट में भी मसूरी का नाम सबसे ऊपर है।आपको बता दें कि इससे पहले भी बहुत सी हालीवुड फिल्में जैसे कि देवभूमि, बेस्ट चांस, अमेरिकन डाक्यूमेंट्री, एट लिंब्स योगा और सत्याग्रह, आस्ट्रेलियन टेवीविजन फिल्म डेस्टिनेशन इंडिया, उत्तराखंड में शूट हुई हैं। मसूरी में 2016 में अजय देवगन ने अपनी फिल्म शिवाय की शूटिंग 4-5 हफ्तों के लिये मसूरी और आस पास के इलाकों में की थी।

पिथौरागढ़ से आ रही बस खाई में लटकी,बाल-बाल बचें यात्री

0

पहाड़ों में यात्रा करना यूं तो मुश्किल होता ही है। लेकिन जब घटना कुछ ऐसे हो जाये कि जान जाते बचे तो भगवान की कृपा ही समझो। बासबगड़ से दिल्ली जा रही एक बस में सवार यात्रियों की सांसें तब अटक गई, जब बस खाई की ओर लटक गई। बस में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। किसी तरह यात्री बस से उतरे।

मामला मंगलवार दोपहर का है। यात्रियों को लेकर रोडवेज की एक बस बांसबगड़ से दिल्ली जा रही थी। इस बीच नाचनी-बांसबगड़ मोटर मार्ग में हुपुली के पास पहाड़ी से भूस्‍खलन हुआ। बस मलबे से गुजर रही थी कि वह सड़क से खाई की ओर लटक गई। इससे यात्रियों की सांसे अटक गई। इस दौरान ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय दिया।

इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बस को वहीं रोक दिया। साथ ही यात्रियों को बस से उतारने के लिए कहा। धीरे-धीरे या‍त्री बसे उतरे तब सबकी जान में जान आई। बस में दस यात्री सवार थे। बात दें कि इन दिनों पिथौरागढ़ में बारिश हो रही है। इससे भूस्‍खलन से मार्ग बंद हो रहे हैं।
पिथौरागढ़ में जो घटना घटी है इनसे पहाड़ में लोगों कहीं न कहीं सामना होता रहता है। इसे इनका भाग्य समझो या सरकार की लापरवाही। लेकिन इनके दुख कभी कम होने का नाम नहीं लेते हैं। अभी मानसून से पहले की बारिश ने ही ऐसा कहर ढाया हुआ है तो मानसून के चार महीने कैसे कटते है, यह पहाड़ों में रहने वाले ही जानते हैं। क्योंकि बरसात के मौसम में सड़कों पर मलबा आना सामान्य बात है और गाड़ियों को उसे मलबे के ऊपर से होकर गुजरना होता है। मलबा कब कहां से धंस जाये वाहन कब सड़क से बाहर हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता। यह लगभग राजे मर्रा की जिन्दगी का हिस्सा बन जाता है। राज्य सरकार की ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए कोई योजना बना रही है, ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है।

33 के वी बिजली का तार टूटने से घरों में फैला करंट, एक की मौत

 ऋषिकेश के आई डीपीएल लेबर कालोनी में रहने वाले युवक सलीम को उस वक्त तेज करंट का झटका लगा जब वो अपनी दर्जी के दुकान पर बैठ कर मशीन चलाने वाला था। जैसे ही बिजली की मशीन चलाई वैसे ही ज्यादा तेज बिजली की चपेट में आ कर उसकी मौत हो गई।
जिसको परिजनों ने शव हरिद्वार ऋषिकेश राजमार्ग पर रख कर जाम लगाया। जहां पुलिस और उपजिलाधकारी व बिजली विभाग ने सलीम के परिजनो को मुवाज़ा के रूप में 2 लाख का मुआवजे की धन राशि का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया। साथ ही साथ बीस हजार रुपये नकद व एक लाख, अस्सी हजार का लिखित पत्र जांच प्रक्रिया पुरी होने पर दिया जाएगा, यह कह कर जाम खुलाया गया। घटना क्रम तक पुलिस इस बारे में खामोश नजर आई।