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बाइक से मुकाबला करेगी ”सूर्यदेव की गर्मी” से दौड़ेने वाली साइकिल

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उत्तराखंड राज्य बाकि सभी राज्यों से हरे भरे राज्य की तरह जाना जाता है, लेकिन प्रदुषण के रूप में ‘जहर’ उगलते शहरों के लिए गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर से राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय के छात्रों ने सौर ऊर्जा से चलने वाली ईको-फ्रेंडली साइकिल तैयार किया है। ग्लोबल वार्मिंग के खतरनाक दौर में यह साइकिल मील का पत्थर साबित हो सकती है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ साइकिल माउंटेन बाइकिंग करने के शौकीन लोगों के लिए भी फायदेमंद होगी। विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के यांत्रिक अभियंत्रण के छात्र-छात्राओं के प्रयोग ने इसे साकार रूप दिया है। ईको फ्रेंडली यह साइकिल पेट्रोल से चलने वाली बाइक के समान ही सड़कों पर दौड़ने में सक्षम है, लेकिन यह साइकिल सौर ऊर्जा से चलेगी।

 रंग लाई चार विद्यार्थियों की मेहनतः यांत्रिक अभियंत्रण के प्रो. डॉ. अनादि मिश्रा के निर्देशन में विकास मौर्य, शिवानी मोंग्स, आरती बिष्ट व सोमेश लोहानी ने सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल तैयार की है। इसके लिए उन्हें विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी गोथ और अन्य प्राध्यापकों का भी विशेष सहयोग मिला। इसे तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा।

17 हजार रुपये है साइकिल की कीमतः छात्र विकास ने बताया कि इसे तैयार करने में 17 हजार रुपये की लागत आई है। व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन होने पर इसकी कीमत और कम हो जाएगी। इसे और मोडीफाई करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। फिर इसे पेटेंट कराएंगे।

इन उपकरणों का किया है प्रयोगः ई-साइकिल बनाने में 12 वोल्ट की चार बैटरी, एक 350 वाट का ब्रुश मोटर, गति नियंत्रण के लिए स्कूटी के समान एक्सीलरेटर एवं बैटरी चार्ज करने के लिए 20 वाट के दो सोलर पैनल लगाए गए हैं।

रफ्तार 20 से 30 किमी प्रति घंटाः पर्यावरण के लिए बेहद मुफीद मानी जा रही साइकिल सड़कों पर 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। विकास ने बताया कि 15 से 20 डिग्री की चढ़ाई में भी चलने में यह सक्षम है।

विकास व उनके साथियों ने कहा कि यह साइकिल पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता को कम करेगी। इसे चलाने से किसी प्रकार का हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता है। इसके चलते वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिस तरह ई-रिक्शा चलने लगे हैं, यह बेहद अच्छा है। अगर इसे भी सौर ऊर्जा से जोड़ दिया जाए, तो बिजली की भी बचत हो सकेगी।

उत्तराखंड में बहुत जल्द होगा शार्ट फिल्म फेस्टिवल

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उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की चतुर्थ बैठक परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। परिषद के उपाध्यक्ष पाण्डेय ने बताया कि आज की बैठक काफी सार्थक रही है। आज की बैठक में निर्णय लिया गया है कि जिला स्तर पर एक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘‘फिल्म प्रमोशन एवं फेसिलिटेशन कमेटी का गठन किया जायेगा। इसके लिए परिषद द्वारा प्रस्तात पारित कर शासन को प्रस्ताव भेजा जायेगा। इस कमेटी के गठन से जनपद स्तर पर फिल्म निर्माताओं को सुविधाएं दी जा सकेंगी। फिल्मों की शूटिंग में उत्पन्न हो रही समस्याओं का समाधान हो सकेगा। आज बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शार्ट फिल्म फेस्टिवल का आयोजन शीघ्र ही किया जायेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि फिल्म डायरेक्टरी हेतु पुनः आवेदन प्राप्त किये जायेंगे।

पाण्डेय ने बताया कि उत्तराखण्ड की बोली यथा गढ़वाली, कुमांउनी तथा जौनसारी आदि में अभी तक जितनी भी बड़े पर्दे की फिल्में बनाई गई है उन फिल्मकारों के लिए सम्मान समारोह अगस्त माह में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में परिषद के सदस्यों द्वारा फिल्म नीति के कुछ बिन्दुओं पर संशोधन करने का सुझाव दिया गया, जिस पर निर्णय लिया गया कि शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाय। इसके तहत फिल्मों की शूटिंग हेतु लिये जाने वाले शुल्क में कमी करना प्रमुख है। आज की बैठक में सभी सदस्यों द्वारा शार्ट फिल्म फेस्टिवल हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच की गई। इनमें से उत्कृष्ट फिल्मों को अगस्त माह में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जायेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि अनुदान हेतु प्राप्त होने वाली फिल्मों के मूल्यांकन हेतु एक समिति का गठन किया जायेगा।
बैठक में अपर निदेशक डाॅ. अनिल चन्दोला, उप निदेशक/नोडल अधिकारी फिल्म विकास परिषद के.एस.चैहान, वरिष्ठ वित्त अधिकारी डाॅ. पंकज कुमार शुक्ल, परिषद के सदस्यगण हीरा सिंह राणा, शिव पैन्यूली, विक्की योगी, जय प्रकाश पंवार, चन्द्र दत्त तिवारी, एस.पी.एस.नेगी, कुंवर राम सिंह नेगी, सुदर्शन शाह, बाबू राम शर्मा, महेश प्रकाश, संगीता ध्यानी, कांता प्रसाद व मनोज पांगती आदि उपस्थित थे।

यूपी निर्माण निगम ने राज्य सरकार से लगाई गुहार, कुछ की सज़ा सबको न दें

उत्तराखण्ड में कई बड़ी सरकारी ईमारतों का निर्माण करने वाली यूपी निर्माण निगम के अधिकारियो ने सरकार से नए कामों पर लगे प्रतिबन्ध को हटाने की मांग की है।उत्तराखंड में यूपी निर्माण निगम अभी कुल मिलाकर 44 सौ करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट पर कार्य कर रही है, जिनपर प्रतिबंध का असर नहीं पड़ेगा। आपको बतादें कि मई में उत्तराखंड के 6 परिसरों में मारे गए आयकर विभाग के छापे के बाद उत्तराखंड में तैनात निर्माण निगम के महाप्रबंधक राम आसरे शर्मा की 600 करोड़ रुपये की प्रापर्टी का खुलासा हुआ था। इसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने कैबिनेट बैठक में यूपी निर्माण निगम को प्रतिबंधित करते हुए आगे से काम न देने फैसला किया। इसके बाद सकते मे आए यूपी निर्माण निगम के महाप्रबन्धक बीआर शाह का कहना है कि सरकान ने जिन अधिकारियों पर कार्यवाही की है वह व्यक्तिगत मसला हो सकता है यूपी निर्माण निगम को किसी एक अधिकारी के कारण प्रतिबन्धित नही किया जाना चाहिए।

मसूरी पहुँचे जॉन अब्राहम, फ़ैन्स ने किया ज़ोरदार स्वागत

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मंगलवार दोपहर से मसूरी में जॉन अब्राहम की आने वाली फिल्म परमाणु फिल्म की शूटिंग शुरु हो गई है।यह फिल्म देश में हुए पहले पोखरण न्यूक्लियर टेस्ट पर आधारित है।
जब मसूरी पहुंचे जान अब्राहमः मसूरी में फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे जॉन अब्राहम को देखने के लिए उनके प्रशंसकों का तांता लग गया था। मसूरी पिक्चर पैलेस से लेकर मसूरी माल रोड तक हर कोई अपने पसंदीदा एक्टर जान को देखने के लिए बेताब था। आलम यह था कि जॉन को कार तक पहुंचाने के लिए उनके सिक्योरिटी गार्डस को काफी मेहनत करनी पड़ी।
कहां हुई शूटिंगः मसूरी का दिल कहा जाने वाल शहर के बीचों बीच बसा तिलक मेमोरियल लाईब्रेरी उस वक्त एक स्कूल में तब्दील हो गया जब जॉन इस लाइब्रेरी में एक टीचर की भूमिका के सीन की शूटिंग कर रहे थे।जी हां फिल्म में जॉन एक टीचर की भूमिका में नज़र आऐंगे और यह सीन तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी में शूट किया जा रहा है।

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कब तक होगी शूटिंगः जैसा कि हमने आपको पहले बताया था जॉन अब्राहम की आने वाली फिल्म की शूटिंग लगभग एक हफ्ते मसूरी में की जाएगी। मंगलवार को शूटिंग का पहला दिन था।शूटिंग के दौरान आज प्रशंसकों से घिरे रहे जॉन अब्राहम लेकिन शूटिंग के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया। फिल्म परमाणु जॉन अब्राहम के प्रोडक्शन हाउस जॉन अब्राहम इटरटेंन्मेंट प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनाई जा रही है।
किस अंदाज़ में दिखे जानः आपको बतादें हैंडसम हंक के रुप में अपनी पहचान बनाने वाले जॉन अब्राहम शूटिंग के दौरान स्लेटी यानि ग्रे रंग के पठानी सूट और सर पर सफेद बंडाना बांधे हुए दिखे। बस फिर क्या था पठानी सूट और बंडाना बांधे जॉन को देखने के लिए उनके फैन्स सड़कों पर आ गए और जॉन ने भी बहुत ही प्यार के साथ अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया।जॉन मुस्कुराते हुए अपनी गाड़ी में बैठ गए।हालांकि भीड़ ज्यादा होने से उनके सिक्योरिटी गार्ड को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन यह तो बड़े सितारों की रोज की परेशानी है।

कहां-कहां होगी फिल्म की शूटिंगः फिल्म परमाणु के कुछ सीन मसूरी के नए मार्केट में भी फिल्माएं जाऐंगे, जिसकी शूटिंग कल होने की उम्मीद है।इसके अलावा फिल्म का क्रू देहरादून के अलग-अलग जगहों पर भी शूटिंग करेगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों से मसूरी बॉलीवुड सितारों की पहली पसंद बना हुआ है। आए दिन यहां किसी ना किसी फिल्म की शूटिंग होते ही रहती है।खास बात यह है कि ना केवल बालीवुड बल्कि बल्कि हॉलीवुड की लिस्ट में भी मसूरी का नाम सबसे ऊपर है।आपको बता दें कि इससे पहले भी बहुत सी हालीवुड फिल्में जैसे कि देवभूमि, बेस्ट चांस, अमेरिकन डाक्यूमेंट्री, एट लिंब्स योगा और सत्याग्रह, आस्ट्रेलियन टेवीविजन फिल्म डेस्टिनेशन इंडिया, उत्तराखंड में शूट हुई हैं। मसूरी में 2016 में अजय देवगन ने अपनी फिल्म शिवाय की शूटिंग 4-5 हफ्तों के लिये मसूरी और आस पास के इलाकों में की थी।

पिथौरागढ़ से आ रही बस खाई में लटकी,बाल-बाल बचें यात्री

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पहाड़ों में यात्रा करना यूं तो मुश्किल होता ही है। लेकिन जब घटना कुछ ऐसे हो जाये कि जान जाते बचे तो भगवान की कृपा ही समझो। बासबगड़ से दिल्ली जा रही एक बस में सवार यात्रियों की सांसें तब अटक गई, जब बस खाई की ओर लटक गई। बस में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। किसी तरह यात्री बस से उतरे।

मामला मंगलवार दोपहर का है। यात्रियों को लेकर रोडवेज की एक बस बांसबगड़ से दिल्ली जा रही थी। इस बीच नाचनी-बांसबगड़ मोटर मार्ग में हुपुली के पास पहाड़ी से भूस्‍खलन हुआ। बस मलबे से गुजर रही थी कि वह सड़क से खाई की ओर लटक गई। इससे यात्रियों की सांसे अटक गई। इस दौरान ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय दिया।

इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बस को वहीं रोक दिया। साथ ही यात्रियों को बस से उतारने के लिए कहा। धीरे-धीरे या‍त्री बसे उतरे तब सबकी जान में जान आई। बस में दस यात्री सवार थे। बात दें कि इन दिनों पिथौरागढ़ में बारिश हो रही है। इससे भूस्‍खलन से मार्ग बंद हो रहे हैं।
पिथौरागढ़ में जो घटना घटी है इनसे पहाड़ में लोगों कहीं न कहीं सामना होता रहता है। इसे इनका भाग्य समझो या सरकार की लापरवाही। लेकिन इनके दुख कभी कम होने का नाम नहीं लेते हैं। अभी मानसून से पहले की बारिश ने ही ऐसा कहर ढाया हुआ है तो मानसून के चार महीने कैसे कटते है, यह पहाड़ों में रहने वाले ही जानते हैं। क्योंकि बरसात के मौसम में सड़कों पर मलबा आना सामान्य बात है और गाड़ियों को उसे मलबे के ऊपर से होकर गुजरना होता है। मलबा कब कहां से धंस जाये वाहन कब सड़क से बाहर हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता। यह लगभग राजे मर्रा की जिन्दगी का हिस्सा बन जाता है। राज्य सरकार की ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए कोई योजना बना रही है, ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है।

33 के वी बिजली का तार टूटने से घरों में फैला करंट, एक की मौत

 ऋषिकेश के आई डीपीएल लेबर कालोनी में रहने वाले युवक सलीम को उस वक्त तेज करंट का झटका लगा जब वो अपनी दर्जी के दुकान पर बैठ कर मशीन चलाने वाला था। जैसे ही बिजली की मशीन चलाई वैसे ही ज्यादा तेज बिजली की चपेट में आ कर उसकी मौत हो गई।
जिसको परिजनों ने शव हरिद्वार ऋषिकेश राजमार्ग पर रख कर जाम लगाया। जहां पुलिस और उपजिलाधकारी व बिजली विभाग ने सलीम के परिजनो को मुवाज़ा के रूप में 2 लाख का मुआवजे की धन राशि का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया। साथ ही साथ बीस हजार रुपये नकद व एक लाख, अस्सी हजार का लिखित पत्र जांच प्रक्रिया पुरी होने पर दिया जाएगा, यह कह कर जाम खुलाया गया। घटना क्रम तक पुलिस इस बारे में खामोश नजर आई।

4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा वाले क्षेत्र में अगले 48 घंटे तेज हवाओं के साथ बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग के लिए खासतौर पर चेतावनी जारी की गई है। 39 डिग्री पार पहुंचे पारे ने लोगों के खूब पसीने छुड़ाए। सोमवार को भी गर्मी से राहत नहीं मिली।

दो दिन से गर्मी प्रचंड रूप दिखा रही है। रविवार को को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो तब तक का सर्वाधिक था। सोमवार को धूप असहनीय होने लगी और सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा नजर आया। लोगों ने गर्मी से बचने के लिए घर में रहना ही मुफीद समझा। हालांकि, गर्मी से राहत पाने के लिए सहस्रधारा, गुच्चूपानी, लच्छीवाला में पर्यटकों के साथ-साथ दूनवासियों की काफी आमद रही। शाम को गर्मी के साथ उमस से भी लोग परेशान रहे।

सोमवार को अधिकतम तापमान 39.8 और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार के मुकाबले न्यूनतम तापमान भी तीन डिग्री सेल्सियस अधिक था। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अभी तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहेगा लेकिन, मंगलवार से मौसम बदलेगा। छह और सात जून को अच्छी बारिश की संभावना है।

विदित रहे कि पिछले दिनों लगातार हल्की बारिश होने के चलते देहरादून का तापमान सामान्य से कम था। जिससे लोगों ने राहत महसूस की। रविवार को तापमान में अचानक वृद्धि होने से दोपहर में लोग घरों से बाहर जरूरी काम के लिए ही निकले। छुट्टि का दिन होने के कारण भी कई लोगों ने राहत की सांस ली। डॉक्टरों की सलाह है कि गर्मी बढ़ने पर अगर बाहर निकलना हो तो शरीर ढककर निकलने, बाहर जाने से पहले पानी जरूर पीये। बाहर की बने हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

पहले माना जाता था कि दिन में 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने पर शाम को बारिश जरूर होती थी और लोग सकून महसूस करते थे। लेकिन अब शहर के बीच के बागों पर लगातार आरियां चलते से यहां पारिस्थितिकी में बड़ा बदलाव आ गया है। जिस दून घाटी को लोग गर्मियों के लिए स्वर्ग मानते थे, उसमें दिन में बाहर निकला मुश्किल होता जा रहा है।

वुमेन क्रिकेट वर्ल्डकप में एकता फिरकी तो मानसी दिखांएगी स्विंग का जादू

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अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर एकता बिष्ट और मानसी जोशी महिला विश्वकप में फिरकी व स्विंग का जादू दिखाने के लिए तैयार हैं। दोनों का सपना है कि इस बार महिला विश्वकप भारत जीते।

इंग्लैंड में 24 जून से 23 जुलाई तक आइसीसी महिला विश्वकप होना है। इसके लिए चुनी गई भारतीय महिला टीम में उत्तराखंड की एकता बिष्ट और मानसी जोशी जगह बनाने में सफल रही है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में हुई चार देशों की सीरीज में विजेता रही भारतीय टीम में शामिल इन उत्तराखंड की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। अब एकता व मानसी पांच जून से मुंबई में शुरू हो रहे ट्रेनिंग कैंप में शामिल होंगी। वहां से 11 जून को भारतीय टीम इंग्लैंड के लिए रवाना होगी। 19 जून को भारतीय टीम न्यूजीलैंड के साथ वार्मअप मैच खेलेगी।

विश्व कप जीतने से बदलेगा नजरिया

मूलरूप से खंजाची मोहल्ला अल्मोड़ा निवासी एकता बिष्ट ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। वह 2013 महिला विश्वकप, 2016 में हुए टी-20 विश्वकप और एशिया कप टी-20 में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। दाएं हाथ की फिरकी गेंदबाज एकता ने अपनी घुमावदार गेंदों से टीम को जीत दिलाई।

बातचीत में एकता ने कहा कि इस समय भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। दक्षिण अफ्रीका दौरे का फायदा इंग्लैंड में मिलेगा। भारतीय रेलवे में कार्यरत एकता उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह कहती हैं कि भारतीय टीम ने पिछली कुछ सीरीज में बेहतर प्रदर्शन किया।

हालांकि महिला क्रिकेट को इतनी तवज्जो नहीं दी जाती। विश्वकप में अगर भारतीय टीम खिताब जीतने में सफल रहती है तो यह महिला क्रिकेट की तस्वीर बदलने में सहायक होगा।

विश्वकप खेलने का ख्वाब पूरा

मूलरूप से टिहरी निवासी मानसी जोशी ने अपनी धारदार स्विंग गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया है। अक्टूबर 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वालीं मानसी का सपना विश्वकप खेलने का रहा जो पूरा होने जा रहा है।

मानसी कहती हैं कि दक्षिण अफ्रीका दौरे ने उनके लिए विश्वकप के द्वार खोले हैं। फरवरी में श्रीलंका में हुए विश्वकप क्वालीफायर में मानसी की स्विंग गेंद की आइसीसी ने भी तारीफ की थी। मानसी कहती हैं कि इंग्लैंड की उछाल भरी और तेज पिचों में उन्हें स्विंग कराने में सहायता मिलेगी। भारतीय टीम इस समय काफी मजबूत है। जितने भी मैच खेलने को मिले उसमें अपनी गेंदबाजी से टीम को जीत दिलाने का प्रयास करुंगी।

चारा वाला पत्ता अब बनाएगा रेशम

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मूल रूप से खर्सू चारा प्रजाति का पेड़ है, जिसकी चौड़ी पत्ति्तयां जानवरों को खूब भाती हैं। जानवरों के लिए इन पत्ति्तयों का चारा सबसे पौष्टिक माना जाता है। पशुपालकों के अनुसार खर्सू की पत्तियों का चारा खिलाने से दुधारू जानवरों का दूध बढ़ जाता है। जंगलों में काफी अधिक संख्या में पाए जाने वाले इस वृक्ष की लकड़ी जलाने के काम आती है। इसके कोयले भी बनाए जाते हैं। जिनका प्रयोग ऊंचाई पर रहने वाले लोग शीतकाल में आग सेंकने के प्रयोग में लाते हैं। जिस कारण इनका कटान भी काफी होता है।

इस खर्सू के दिन अब फिरने जा रहे हैं। शोध के बाद शहतूत और बांज की पत्तियों की तरह रेशम पैदा होने की पुष्टि हुई । जिसे देखते हुए अब अब खर्सू से रेशम पैदा करने की कवायद चल चुकी है। सर्वप्रथम तो खर्चू जंगलों में काफी अधिक होता है। इसके लिए अलग से जंगल तैयार करने की आवश्यकता नहीं हैं। मुनस्यारी के ऊंचाई वाले कालामुनि, बिटलीधार से लेकर मुनस्यारी के आसपास के जंगलों में यह बहुतायत में है। अब तक जानवरों के लिए पौष्टिक आहार मानी जाने वाली पत्तियों को रेशम के कीट भी अपना आहार बनाने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों के लिए खर्सू आमदनी का प्रमुख साधन बनने जा रहा है। खर्सू की पत्ति्तयां खाकर कीट टसर बनाएगा।

डेढ़ लाख कीट पहुंचे

मुनस्यारी: खर्सू की पत्ति्तयो से रेशम उत्पादन के लिए मुनस्यारी में ग्रामीण विकास समिति डेढ़ लाख रेशम के कीट ला चुकी है। जिन्हें खर्सू के पेड़ों पर छोड़ा जा रहा है। इसके विशेषज्ञ बलवंत सिंह कोरंगा का कहना है कि खर्सू की प्रचुरता के चलते यहां पर रेशम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इस समय दर्जनों युवा और युवतियां इससे जुड़ चुकी हैं। आने वाले समय में मुनस्यारी में व्यापक रेशम उत्पादन होगा।

प्रदेशभर में कांग्रेस ने सरकार के विरोध में फूंका बीजेपी का पुतला

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एनएच-74 घोटाले की जांच में लीपापोती किये जाने तथा आम आदमी पर महंगाई का बोझ डालने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के साथ केन्द्र व राज्य सरकार का पुतला दहन किया गया तथा जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किये गये।

इसी कार्यक्रम के तहत देहरादून में जिला कांग्रेस कमेटी देहरादून, महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून एवं जिला कांग्रेस कमेटी ऋषिकेश के संयुक्त तत्वावधान में तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन के उपरान्त महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान, जिलाध्यक्ष यामीन अंसारी, जयेन्द्र रमोला द्वारा उपजिलाधिकारी देहरादून को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार गठन को दो माह से अधिक समय व्यतीत हो चुका है। भाजपा सरकार द्वारा अपने दो माह के कार्यकाल में कई जन विरोधी निर्णय लिये गये है। भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलिरेंस का दावा करने वाली उत्तराखण्ड सरकार द्वारा एनएच-74 घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के लिए केन्द्र सरकार को सिफारिश भेजी गई परन्तु अभी तक केन्द्र सरकार से मामले की सीबीआई जांच की अनुमति नहीं मिल पाई है। लोकतंत्र के इतिहास में यह भी पहला अवसर है जब प्रदेश सरकार द्वारा सीबीआई जांच के अनुरोध के बावजूद सम्बन्धित विभाग के केन्द्रीय मंत्री एवं वरिष्ट भाजपा नेता द्वारा यह कहते हुए कि सीबीआई जांच से अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पडे़गा, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपना फैसला वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्र सरकार एनएच-74 मामले के दोषियों को बचाने का काम कर रही है।
प्रीतम सिह ने कहा कि नेशनल हाईवे एनएच-74 में हुए घोटाले की जांच के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा मामले के संज्ञान में आते ही एसआईटी का गठन कर निष्पक्ष जांच कराने का फैसला लिया गया था तथा सम्बन्धित जांच एजेंसी ने इस दिशा में काम करना भी शुरू कर दिया था परन्तु भाजपा सरकार द्वारा मामले को जनता के संज्ञान मे लाने वाले अधिकारी का तबादला कर इस मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे यह भी साबित होता है कि सरकार एनएच-74 में हुए घोटाले में संलिप्तों को बचाना चाहती है। अतः केन्द्र सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसा कौनसा दबाव है जिसके चलते वह मामले की सीबीआई जांच कराने से कतरा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जनता को अच्छे दिनों का झांसा देने वाली केन्द्र सरकार द्वारा पहले ही उत्तराखण्ड के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा था। परन्तु अब राज्य में भी भाजपा की प्रचण्ड बहुमत वाली सरकार ने बिजली, पानी, सीवर के दाम बढ़ाकर पहले से महंगाई की मार झेल रही गरीब जनता की जेब पर ड़ाका डालने का काम किया है। सत्ता मे आने से पूर्व सस्ती बिजली, पानी देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही विद्युत, पेयजल और सीवर टैक्स बढ़ाकर जनता के हितों पर कुठाराघात किया है। भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड की जनता को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में सस्ते गल्ले के माध्यम से मिलने वाले गेहूॅ एवं चावल के दामों में दोगुनी वृद्धि कर गरीब आदमी के पेट पर लात मारने का काम किया है। राज्य में पूर्ववती कांग्रेस सरकार द्वारा संचालित राज्य खाद्य्य योजना की राशन की मात्रा में भी कमी कर दी गई है जिससे कई परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट पैदा हो गया है। यही नहीं केन्द्र सरकार द्वारा सस्ते गल्ले के माध्यम से वितरित की जाने वाली चीनी और मिट्टी के तेल पर मिलने वाली सब्सिडी को बन्द कर गरीब जनता के साथ छलावा किया गया है।
प्रीतम सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश मे लागू वर्तमान शराब नीति के कारण सम्पूर्ण राज्य की मातृ शक्ति सड़कों पर है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के दौरान उत्तराखण्ड की जनता से वायदा किया था कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो हम प्रदेश में पूर्ण शराब बन्दी लागू की जायेगी, परन्तु इसके विपरीत मातृशक्ति का अपमान करते हुए जिस शराब नीति को प्रदेश में लागू किया गया है उससे निश्चित रूप से राज्य में शराब माफिया और शराब की तस्करी को बल मिलेगा। प्रदेश में लागू शराब नीति से राज्य सरकार ने जनभावनाओं के विपरीत शराब माफिया को संरक्षण देने का काम किया है। कांग्रेस ने कहा कि राज्य में चल रही चारधाम यात्रा में संचालित हैली सेवा के टिकटों की ब्लैक मेलिंग का मामला सामने आने से देवभूमि उत्तराखण्ड की गरिमा को भारी ठेस पहुंची है।