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तो जल्द होगा त्रिवेंद्र मंत्रीमंडल का विस्तार

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त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के तीन महीने पूरे होने के बाद सत्ता के गलियारों में राज्य कैबिनेट में इजाफे की खबरें ज़ोर पकड़ रही हैं। ये अटकलें और तेज़ तब हुई जब हाल ही में मुख्यमंत्री रावत ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। राज्य कैबिनेट में खाली पड़ी दो सीटों के लिये राज्य में बीजेपी का कई कद्दावर नेता आस लगाये बैठे हैं।

चर्चा में चल रहे नामों में गढ़वाल से मुन्ना सिंह चौहान और हरबंस कपूर और कुमाऊं से बंसीधर भगत औऱ बिशन सिंह चुफाल के नाम आगे हैं। मौजूदा समय में त्रिवेंद्र रावत कैबिनेट में  सात कैबिनेट और दो राज्य मंत्रियों के मिलाकर कुल नौ मंत्री हैं।  सात कैबिनेट मंत्रियों में से चार कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में आये बागी नेता हैं।वहीं राज्य मंत्रियों में से भी एक पहले कांग्रेस में रह चुकी हैं। ऐसे में ये तकरीबन तय माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार की स्थिति में कांग्रेस के बागियों को बैलेंस करने के लिये पार्टी के कुछ पुराने नेताओं को लाया जायेगा। वहीं विभागों की बात करें तो ऊर्जा, सूचना, गृह, स्वास्थ, ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ साथ मुख्यमंत्री ने अपने पास कुल 40 विभाग रखे हैं। ये भी उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री इनमें से कुछ बड़े विभाग भी नये मंत्रियों को दे सकते हैं।

वहीं इस मुद्दे पर सभी नेता वेट एंड वाॅच कर रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि ” सीएम दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिले हैं पर किसी को इन मीटिंगो के मुद्दों की जानकारी नही है। इसलिये ये बाते अभी सिर्फ कयास भर ही हैं”

 

 

ऐसिड अटैक के मामलों की हो रोज़ाना सुनवाई: हाई कोर्ट

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एसिड अटैक के रुड़की के एक मामले में फैसला सुनते हुए उच्च न्यायालय ने कड़ा कदम उठाते हुए कहा है कि एसिड अटैक के मामलों को रोजाना सुना जाये और ट्रायल को 90 दिनों के अंदर खत्म किया जाये। अदालत के सामने आये मामले में आरोपी के खिलाफ सात दिन में रिपोर्ट दर्ज कर अदालत में पेश करने के निर्देश जारी किए हैं । वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद शर्मा की खंडपीठ ने इसी माह 5 जून को मामले को सुरक्षित रखा था जिसको आज सुनाया गया।

एसिड अटैक के एक पुराने मामले में रुड़की निवासी शिकायतकर्ता कुंवर सिंह ने 18 दिसंबर 2009 को रुड़की कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि उनकी पुत्री कविता दोपहर ट्यूशन पढ़कर घर आ रही थी । कविता के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने एक मग से उनकी बेटी के ऊपर तेजाब(एसिड) डाल दिया जिससे उसका मुंह जल गया। निचली अदालत से आरोपी बयानों के अभाव में 5 अगस्त 2010 को बरी हो गया था जिसके खिलाफ सरकार उच्च न्यायालय आई थी ।
आज न्यायालय ने

  • राज्य सरकार से एसिड अटैक के पीड़ित के लिए आपराधिक चोट मुआवजा बोर्ड बनाने को कहा है ।
  • राज्य के अन्दर सभी निजी चिकित्सकलयों को निर्देशित किया है कि वो अनिवार्य रूप से सभी पीड़ितों को त्वरित उपचार दें ।
  • कोई भी व्यापारी निजी खरीददार को एसिड ना बेचे और अगर ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ एफ.आई.आर.दर्ज कराई जाए ।
  • सिस्टम की कमी के चलते एसिड अटैक की अनियंत्रित घटनाओं पर रोक के लिए राज्य के सभी एस.एस.पी.को निर्देशित किया है कि वो घटना के बाद त्वरित आई.पी.सी.की धारा 326A, 326B, 354A, 354B, 354C aur 354D में वाद दायर कर किसी गजेटिड अधिकारी के निर्देशन में जांच कर सात दिन में रिपोर्ट न्यायालय में पेश करे ।
  • एसिड अटैक के गवाह को केस के ट्रायल खत्म होने तक सरकारी सुरक्षा देने को कहा है ।
  • पीड़ित को शारीरिक रूप से अक्षम मानते हुए विकलांग कोटा देकर सरकारी नौकरी का पात्र मानने और दूसरे मुआवजे देने को कहा है ।
  • इसके अलावा पीड़ित को एफ.आई.आर.दर्ज होने के तत्काल बाद एक लाख रुपये की सहायता राशी और थर्ड व फोर्थ डिग्री के घाव वाले पीड़ित को सात हजार रुपये की धनराशि प्रतिमाह देने को भी कहा है ।

शिशु मृत्यु दर के राष्ट्रीय औसत की तुलना में राज्य में कमी: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री रावत ने सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा का अाज शुभारम्भ किया। कोरोनेशन अस्पताल, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 12 से 24 जून तक चलने वाले सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा का  शुभारम्भ करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के कार्यक्रमों में जनजागरूकता से ही सफलता पाई जा सकती है।
श्री रावत ने कहा कि यह सोचकर संतोष किया जा सकता है कि शिशु मृत्यु दर के अखिल भारतीय औसत 43 की तुलना में प्रदेश में 38 ही है, परंतु अन्य देशों से तुलना करें तो प्रदेश में शिशु मृत्यु दर काफी अधिक है। हमें इसे न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए युद्धस्तर पर काम करना होगा। जन-स्वास्थ्य के बहुआयामी पक्ष पर विचार करना होगा। स्वच्छ पेयजल, पोष्टिक भोजन, शुद्ध वायु की उपलब्धता बहुत जरूरी है। ‘जब जाग जाओ तभी सवेरा’’ हम अब भी पूरी क्षमता से प्रयास करें तो काफी कुछ किया जा सकता है।
राज्य कार्यक्रम अधिकारी डा. सुमन आर्या ने बताया कि प्रदेश में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में होने वाले डायरिया के बचाव व नियंत्रण के लिए 12 जून से 24 जून तक सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत लगभग 10 लाख 29 हजार बच्चों को ओआरएस का पैकेट दिया जाएगा जबकि डायरिया से ग्रसित बच्चों को 14 दिनों तक जिंक की गोलियां निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, द्वारा चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, निजी चिकित्सालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। अभियान के दौरान 2178 ओआरएस काॅर्नर बनाए जा रहे हैं व अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिए 148 मोबाईल टीमें गठित की गई हैं जो कि मलिन बस्तियों, घुमंतु आबादियों एवं जनजातिय क्षेत्रों में जाकर काम करेगी।

घर बैठे पायें इलाज, डायल करें 555

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सुदूर गांवों के लोगों को शायद अब डॉक्टर से मदद मिलना आसान हो जाएगा। इसके लिए टिहरी जिले में 555 स्वास्थ्य सेवा शुरू की जा रही है। टोल फ्री नंबर 555 डॉयल करने पर घर बैठे ही डाॅक्टर से बातचीत की जा सकेगी। राज्य में पहली बार इस तरह का प्रयोग किया जा रहा है। टिहरी की जिलाधिकारी सोनिका ने बताया कि “योजना का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित गांवों तक पहुंचना है।” उन्होंने बताया कि “इसके लिए जिला मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है।कंट्रोल रूम में फोन आने पर संबंधित व्यक्ति का नाम और पता रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद बीमारी के बारे में बात की जाएगी। तब मरीज की बात कांफ्रेंसिंग के जरिये जिला अस्पताल के चिकित्सक से कराई जाएगी। यदि चिकित्सक को किसी परीक्षण की आवश्यकता महसूस होगी तो मरीज को निकटतम ऐसे स्वास्थ्य केंद्र में जाने को कहा जाएगा जहां परीक्षण की सुविधा मौजूद है।”

इसके अलावा वह पास के स्वास्थ्य केंद्र से दवा भी ले सकता है। जिलाधिकारी के अनुसार कंट्रोल रूम में होने वाली प्रत्येक कॉल की रिकार्डिंग की जाएगी और वह स्वयं इसकी मानीटरिंग करेंगी। कंट्रोल रूम में सभी गांवों की जानकारी और उनके निकटतम अस्पताल का डाटा उपलब्ध है। ये सेवा 16 जून से शुरू कर दी जाएगी। योजना के लिए साफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है।

गौरतलब है कि टिहरी जिले में कुल 1862 गांवों में से करीब 1000 स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर हैं। इतना ही नहीं जिले में डाॅक्चिटरों के कुल 260 पद हैं, जबकि तैनाती महज 60 की है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 19 पदों के सापेक्ष 12 डॉक्टर कार्यरत हैं।

 

क्यों नहीं पहना उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में गाउन?

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उत्तराखंड के मुक्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को एक युनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेते हुए गाउन पहने से मना कर दिया। यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज के 15 वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि “हमें अपने पूर्वजों, प्राचीन ज्ञान, संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। हमें अपनी जड़ों पर विचार करना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने गाउन पहने पर सफाी देते हुए कहा कि “दीक्षांत समारोहों के अवसर पर पहने जाने के लिए ऐसा परिधान विकसित किया जाए जिसमें भारतीयता की झलक मिले।”  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गाउन पहनने से विनम्रतापूर्वक मना कर दिया ।

कार्यक्रम को उत्तराखंड के राज्यपाल डाॅ. कृष्णकांत पाल, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ.धनसिंह रावत, यूनिवर्सिटी के चांसलर डाॅ.एस.जे. चोपड़ा, कुलपति डाॅ. श्रीहरि होवाड़, अध्यक्ष श्री उत्पल घोष सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। हांलाकि मुख्यमंत्री के अलावा बाकी सभी अतिथियों ने गाउन पहना और कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

योगी की हठ,”जब तक पुलिस नही ले जाएगी तब तक नही उठूंगा अनशन से

ऋषिकेश एम्स में पिछले सात दिनों से अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने अनशन को फिलहाल जारी रखने की बात कही है, आपको बता दे कि अविमुक्तेश्वरा नंद ने जोशीमठ में पूर्णागिरि मंदिर की विधिवत पूजा अर्चना और मंदिर में नहीं जाने देने को लेकर अनशन किया था। जिसके बाद उन्हें पुलिस द्वारा एम्स में भर्ती करवा दिया था।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि जोशीमठ पुलिस द्वारा उन्हें जबरदस्ती एम्स में लाया गया है लेकिन अब वो तब तक अनशन में रहेंगे जब तक जोशीमठ पुलिस उन्हें यहां से वापस नही ले जाती । 

वन विभाग अौर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

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पिछले कई दिनों से वन्यजीव तस्कर देहरादून, राजाजी नेशनल पार्क व अन्य क्षेत्रों के जंगलों में सक्रिय होकर वन्य जीव जंतुओं का शिकार कर रहे हैं एवं उनकी खालों का व्यापार कर रहे है । सूचना पर एसएसपी देहरादून ने थानाध्यक्ष क्लेमनटाऊन के नेतृत्व में क्लेमनटाऊन क्षेत्र से सटे जंगलों व आस-पास के जगलों के वन्य जीव तस्करों एवं अपराधियों के सम्बन्ध में वन्य जीव जंतुओं के तस्करों द्वारा किये जा रहे अवैध व्यापार के सम्बन्ध में सूचना पाने के लिये टीम का गठन किया गया ।

गठित टीम द्वारा आशारोड़ी , दूधली , मोथरोवाला एवं आसपास के जंगलों में रहने वाले गुर्जरों से वन तस्करों अपराधियों के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की जा रहीं थी इसी क्रम में क्लेमनटाऊन पुलिस को सूचना प्रास हुई कि एक व्यक्ति द्वारा मोथरोवाला नौका पुल के पास खाल को बेचने के लिये जंगल से लाया जा रहा है । इस सूचना पर तुरन्त थानाध्यक्ष क्लेमनटाऊन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा नौका पुल से पहले बड़कली रोड पर व्यक्ति को घेर घोट कर पकड़ लिया।तलाशी ली गयी तो उसके पास गुलदार की एक खाल बरामद हुई जिस सम्बन्ध में वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया। व्यक्ति के विरुद्ध मु0अ0सं0- 90/77 धारा- 9/39/40/448ए / 49वी51 वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम पंजीकृत किया गया ।

गिरफ्तार व्यक्ति का नाम इब्राहिम उर्फ मिट्टी है,  बरामदगी- गुलदार की खाल लम्बाई सिर से पूंछ तक 82 इंच , पिछले दोनों पैरों की चौड़ाई 52 इंच , आगे के दोनों पैरों की चौड़ाई 47 इंच , खाल में भूरे रंग के धब्बे , पूंछ व पिछले हिस्से में घाव के निशान है। पुलिस टीम को एसएसपी ने रु2500 / – नगद ईनाम की घोषणा भी की।

उत्तराखंड में बदले मौसम के चलते तेज़ बारिश

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उत्तराखंड में मौसम लगातार रंग बदल रहा है। रविवार को सूबे में कहीं धूप तो कहीं बारिश रही। राजधानी देहरादून में सुबह से आसमान में बादल छाये रहे और सुबह आठ बजे से रिमझिम बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग की मानें तो रविवार को कहीं- कहीं विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ जनपदों में हल्की वर्षा अथवा गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

पर्वतीय इलाकों में शुक्रवार को हुई बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया है। शनिवार को आंशिक रूप से बादलों की मौजूदगी के बीच चटख धूप निखरी रही, लेकिन हवा में ठंडक के चलते गर्माहट का अहसास नहीं हुआ। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में सूरज की तपिश से अधिकतम तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी हुई है। देहरादून में शनिवार को अधिकतम पारा 35.7 और मुक्तेश्वर में 37.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

ऋषिकेश के पहलवान लाभांशु ने भारत को दिलाया स्वर्ण पदक

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तीर्थनगरी ऋषिकेश के उभरते हुए पहलवान लाभांशु शर्मा ने अपने कॅरियर के पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। नेपाल के काठमांडू में आयोजित हुई इंडो-नेपाल कुश्ती चैंपियनशिप में लाभांशु ने नेपाल आर्मी के पहलवान को पटखनी दी।

काठमांडू नेपाल में 7 से 10 जून तक चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। इसमें लाभांशु शर्मा ने 120 किलोग्राम भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व किया, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक हासिल कर चुके पहलवान लाभांशु के कॅरियर का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था।

चैंपियनशिप में उनका पहला मुकाबला नेपाल के पहलवान से हुआ, जिसमे वह 8-0 से विजयी रहे। सेमीफाइनल में उन्होंने भूटान के पहलवान पर एकतरफा जीत (7-0) दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में नेपाल आर्मी के पहलवान ने लाभांशु को चुनौती दी। रोमांचक रहे इस मुकाबले में लाभांशु ने (4-2) से जीत हासिल कर स्वर्ण पदक जीता।

ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है लक्ष्यः वर्ष 2015 मे,  लाभांशु को राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। नेशनल स्कूल गेम्स में उत्तराखंड को कुश्ती का पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले लाभांशु राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में कई पदक जीत चुके हैं।

लाभांशु का चयन जुलाई में दुबई में होने वाली एशिया यूथ चैंपियनशिप के लिए भी हो चुका है। लाभांशु का लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण जीतना है। 13 जून को वह ऋषिकेश लौटेंगे, जिसकेबाद वह कुनाऊं गांव स्थित अपने कुश्ती के अखाड़े में युवाओं के लिए कैंप भी आयोजित करेंगे।

उत्तराखंड पुलिस करेगी सोशल मीडिया की निगरानी

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उत्तराखंड पुलिस अब पहाड़ी राज्य के कॉलेजों में अध्ययन करने के लिए बाहर से आए छात्रों का ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया खातों की निगरानी करेंगे। देहरादून में अध्ययन कर रहे एक कश्मीरी युवा डेनिश अहमद ने तीन दिन पहले जम्मू और कश्मीर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है जिसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाने का फैसला लिया है।

अहमद पर हिज्बुल मुजाहिदीन समूह का सदस्य होने का संदेह है, हालांकि आतंकवादी संगठन, गिरफ्तारी के तुरंत बाद, एक वक्तव्य जारी किया, जिसमें उन्होंने खुद को इस मसले से दूर किया है। अहमद डून पीजी कॉलेज में पढ़ रहा थे।

पुलिस महानिदेशक एम डी गणपति ने कहा, कि “यह मामला उत्तराखंड से नहीं जुड़ा है लेकिन एक सावधानीपूर्वक उपाय के रूप में हम छात्रों से बाहर की गतिविधियों की नज़र रकेंगे और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी करेंगे।”

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया सबसे शक्तिशाली माध्यम था, जिसके माध्यम से छात्रों को संदेहास्पद तत्वों के संपर्क में मिला, जैसा कि अहमद के मामले में हुआ है और इसलिए उन्होंने इस कदम को लेने का फैसला किया। अहमद अपने कॉलेज से 26 मई को अपने सेमेस्टर-एंड परीक्षा के बीच गायब हो गया था। दो दिनों के बाद, यानि की 28 मई को, वह दक्षिण-कश्मीर के रथसुना गांव में आत्म-स्टाइल वाले हिजबुल कमांडर सबसर भट्ट के अंतिम संस्कार में देखा गया, जहां उसकी एक ग्रेनेड चलानेवाले फोटो खिंची गई। उसकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वाइरल हुई, जिसके बाद वह खुफिया अधिकारियों के रडार पर आया।

उत्तर प्रदेश, पंजाब और जम्मू और कश्मीर के कई छात्र राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। जम्मू और कश्मीर के 250 से अधिक छात्र उत्तराखंड में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे हैं।
गणपति ने कहा कि वर्तमान में पुलिस विभाग बाहरी छात्रों के डेटाबेस का रख-रखाव करता है। गणपति ने कहा, “उत्तर प्रदेश को छोड़कर हमारे पास अन्य राज्यों के छात्रों का डेटाबेस है।उन्होंने कहा कि छात्रों की एक रिपोर्ट सत्यापन विभाग से छात्रों के गृह राज्य में पुलिस विभाग को भेजी जाती है, लेकिन प्रतिक्रिया आम तौर पर समय पर नहीं होती है। “

दानिश अहमद के मामले में भी यहीं हुआ, देहरादून पुलिस ने कहा कि उन्होंने 2015 में जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक रिपोर्ट भेजी थी और छात्र के सत्यापन की मांग की थी। हालांकि, दो साल बाद भी पुलिस विभाग ने सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुआ है।