Page 746

सरकार के ऐशो-आराम के लिए किसने मांगी भीख, जानिए

0

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए आम आदमी की बड़ी पहल। मंत्रियों और नौकरशाहों के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए बागेश्वर में 2 लोगों ने अनोखा तरीका अपनाया। इन दोनों ने पूरे दिन सड़क पर भीख मांगी और जमा किए गए कुल 2.642 रुपये मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजे।

59 साल के रमेश पांडे ‘कृषक’ और 61 साल के एन.बी. भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार कर्ज के बोझ तले दबी है और इसलिए उन्होंने मंत्रियों का खर्चा निकालने के लिए सड़क पर भीख मांगने का फैसला किया। पांडे ने कहा, ‘राज्य सरकार 45,000 रुपये के कर्ज तले दबी है, जो कि कर्जधारकों से लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब सरकार ही भिखारी बन चुकी है तब हमने उनकी मदद करने की सोच से मुख्यमंत्री के लिए भीख के जरिए पैसा जुटाने का फैसला किया ताकि वे कैबिनेट और मंत्रियों का खर्चा निकाल सकें।’

इधर, 3 जून को दोनों हाथ में प्लेकार्ड लिए घर-घर घूमें। इस प्ले-कार्ड पर लिखा था, ‘नेताओं के ऐश-ओ-आराम के लिए भीख दो’ । स्थानीय निवासी हिमांशु गड़िया ने कहा, ‘पहले तो हम ये पोस्टर देखकर हैरान रह गए। लेकिन इसके पीछे जो संदेश दिया गया था वह साफ था। एनएच74 जैसे स्कैम हर दिन सामने आ रहे हैं। इससे यह जाहिर होता है कि सरकार जनता को लेकर गंभीर नहीं है।’

भटट् और पांडे 1976 से दोस्त हैं और उन्होंने बहुत से आंदोलन जैसे चिपको आंदोलने सहित कई प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है। भट्ट बताते हैं, ‘उत्तराखंड को अस्तित्व में आए 16 साल से ज्यादा वक्त हो चुका है। सत्ता में आने वाली सरकार ने लोगों के लिए कुछ नहीं किया है।’

15 जून से पर्यटकों के लिए बंद हो जाऐंगे कार्बेट और राजाजी

0

विश्व प्रसिद्ध कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क में सैलानी अब पांच माह बाद ही वन्यजीवों के मोहक संसार का करीब से दीदार कर सकेंगे। चौंकिये नहीं, मानसून सीजन के मद्देनजर दोनों पार्कों के पर्यटक जोन 15 जून को बंद किए जा रहे हैं और सोमवार से बुकिंग भी बंद कर दी गई है।

हालांकि, इस सत्र में भी कार्बेट नेशनल पार्क सैलानियों की पहली पसंद बना रहा और पिछले साल के मुकाबले वहां रिकार्ड सैलानी पहुंचे और राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई। यही नहीं, राजाजी के प्रति भी पर्यटकों का रुझान बढ़ा है। खासकर चीला पर्यटक जोन का आकर्षण उन्हें अपनी ओर खींचता रहा।

असल में प्रतिवर्ष मानसून सीजन में दोनों पार्कों के दरवाजे 15 जून से 15 नवंबर तक सैलानियों के लिए बंद रखे जाते हैं। वजह ये कि बारिश के कारण सभी पर्यटक जोन में ट्रैक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे वाहनों के फंसने के साथ ही खतरे का अंदेशा रहता है।

मानसून सीजन में सिर्फ पार्क कर्मियों की सघन गश्त ही चलती है। इस बार भी दोनों पार्क 15 जून को बंद करने के लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।

इस सत्र (15 नवंबर 2016 से 15 जून 2017) को ही लें तो बाघों की प्रमुख सैरगाह कार्बेट नेशनल पार्क  को सैलानियों ने खूब तवज्जो दी। पार्क निदेशक सुरेंद्र मेहरा बताते हैं कि इस सत्र में 13 जून तक 2.96 लाख सैलानी कार्बेट के खूबसूरत संसार का दीदार कर चुके हैं।

इनमें 2.84 लाख भारतीय और शेष विदेशी हैं। राजस्व के रूप में अब तक कार्बेट को 9.68 करोड़ रुपये मिले हैं। पिछले साल पार्क में 2.36 लाख सैलानी आए, जिसमें छह हजार विदेशी थे। आय हुई थी करीब आठ करोड़।

इधर, राजाजी नेशनल पार्क में भी हाथियों के साथ ही बाघों के दीदार को सैलानी ठीकठाक उमड़े। पार्क प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक इस सत्र में पार्क में आने वाले सैलानियों का आंकड़ा 23 हजार पार करने की संभावना है। गत वर्ष यहां 22937 भारतीय और 1603 विदेशी पर्यटक आए थे। राजस्व के रूप में पार्क को 62 लाख की आय हुई थी।

 

हरीश रावत चले गैरसैंण

0

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गैरसैंण में बजट सत्र न कराए जाने से सरकार के प्रति अपनी नाराजगी पहले ही जता चुके हैं। अब हरीश रावत गैरसैंण में लोगों से मिलकर इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। बुधवार को हरीश रावत गैरसैंण के लिए लिए रवाना हो गए। हरीश रावत के कुमाऊँ दौरे को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

WhatsApp Image 2017-06-14 at 11.44.57

गढ़वाल दर्शन दौरे पर निकले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ऋषिकेश पहुंचने पर कांग्रेसियों ने उनका भव्य स्वागत किया। हरीश रावत ने त्रिवेंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गैरसेंड कांग्रेस के एजेंडे में सबसे ऊपर शामिल है, भाजपा यह ना समझे कि वह ज्यादा दिनों तक राज्य की जनता को गुमराह करती रहेगी और गैरसेंड हमेशा उपेक्षा का शिकार रहेगा। गौरतलब है कि भाजपा ने इस बार का सत्र गैरसेंड मैं ना कराकर देहरादून में कराया जिसको लेकर हरीश रावत ने त्रिवेंद्र सरकार के लिए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस और गैरसेंड के मुद्दे को राज्य में गरमाकर फिर सत्ता की ओर कदम बढ़ाने की सोच रही है, इसी के चलते हरीश रावत ने गैरसेंड का दौरा इस समय रखा है जिससे वह राज्य की जनता को अपनी व पार्टी की सोच से परिचित करा सकें और गैरसेंड की भावना को एक बार फिर हवा दे सकें ।

रिवाल्वर बेचने के चक्कर में पकड़े गये चोर

0

जेल में दोनों चोरों की बनी प्लानिंग और जेल से छुटने के बाद करते रहे चोरी की वारदाते पुलिस की आंखों में लम्बे समय से धूल झोंकते रहे मगर प्रापर्टी डीलर के घर चोरी की घटना में पिस्टल चोरी करना इन छुटभइ्या चोरों को भारी पड गया और पिस्टल बेचने के चक्कर में दोनों पकड में आ गया। जी हां मधुबन नगर स्थित प्रॉपर्टी डीलर के घर का ताला तोड़कर लाइसेंसी रिवाल्वर, नकदी सहित लाखों के जेवरात चोरी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से चोरी की लाइसेंस सहित रिवाल्वर, सोने-चांदी के आभूषण व दो घड़ी बरामद हुई हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। हालांकि चोरों से चोरी की रकम बरामद नहीं हो सकी है।

मंगलवार को एएसपी डा. जगदीश चंद्र ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 28 मई की रात को मोहल्ला लक्ष्मीपुरपट्टी, मधुबन नगर निवासी संजीव शर्मा पुत्र हरिओम शर्मा के घर के ताले तोड़कर लाइसेंसी रिवाल्वर, कारतूस, 90 हजार नकदी व सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे मुखबिर से सूचना मिली कि चोर दंपति चोरी का सामान बेचने के लिए ढेला पुल पर जा रहे हैं। पुलिस ने तसलीम व उसकी पत्नी अनवरी और नन्हें  व उसकी पत्नी संजीदा को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी के 10-10 चांदी के सिक्के, 315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों चोर दंपतियों ने चोरी किए गए लाइसेंसी रिवाल्वर, जेवरात व चांदी के कुछ सिक्के ढेला नदी में दबाकर छिपाया जाना कुबूल किया। उनकी निशानदेही पर ढेला नदी से लाइसेंसी सहित रिवाल्वर, 30 चांदी के सिक्के व सोने चांदी के जेवरात बरामद किए।

नन्हे और तसलीम की 2014 में जेल में मुलाकात हुई थी। वहीं से दोनों ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई। साथ ही यह भी योजना थी कि वह काशीपुर क्षेत्र में अब चोरी की घटनाओं को अंजाम नहीं देंगे।

मधुबन नगर में प्रॉपर्टी डीलर संजीव शर्मा के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ने के बाद तसलीम रसोई में लगे जंगले से घर के अंदर घुसा था। उसके बाद उसने अंदर से लॉक तोड़ दिया। फिर नन्हे भी अंदर घुस गया। इसके बाद दोनों ने नीचे के कमरे खंगालने के बाद घर के प्रथम तल पर चले गए। वहां दोनों ने तिजोरी में रखे लाइसेंसी रिवाल्वर, कारतूस, 90 हजार नकदी व सोने-चांदी के जेवरात गायब कर दिए।चोरी व डकैती की घटनाओं को अंजाम देने में नन्हे और तसलीम की पत्नियां पूरी मदद करती थीं। जेल में जाने के बाद दोनों जमानत का इंतजाम करती थीं। लेकिन इस बार पुलिस ने दोनों दंपतियों को एक साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वह चोरी का सामान बेचने में भी सहयोग करती थीं।

उगल दिया एनएच घोटाले का सच

0

पांच दिन की रिमांड पर लिए गए पूर्व पेशकार ने आखिर तीसरे दिन सच उगल ही दिया। इसके लिए एसआइटी को सघन पूछताछ करनी पड़ी। पूछताछ में आरोपी ने मुआवजा घोटाला संबंधित फाइलें जलाने तथा घोटाला करने का तरीका भी बताया। पुलिस अब घोटाले के समय जसपुर, काशीपुर, बाजपुर तहसील में रहे कानूनगो, लेखपाल, रजिस्ट्रार कानूनगो एवं लाभांवित किसानों से जानकारी जुटाने के लिए उनको नोटिस भेजेगी। एसएसपी एवं एसआइटी टीम ने पूर्व पेशकार के बयान रिकार्ड किए।

एसएसपी डा.सदानंद दाते ने बताया कि सोमवार देर रात काशीपुर में एसआइटी ने मुआवजे से संबंधित फाइलें गायब करने के आरोपी पूर्व पेशकार विकास कुमार से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने 19 फाइलों को धर्मपुर फार्म पर जलाए जाना स्वीकार किया है। इस दौरान उसने घोटाला करने का तरीका बताया। बताया कि कौन से अधिकारी एवं कर्मचारी मुआवजा घोटाले की फाइल पर रिपोर्ट लगाते थे इसकी भी जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी को पंतनगर एवं रुद्रपुर कोतवाली में दाखिल मुआवजे घोटाले के मुकदमे में भी सह-अभियुक्त बनाया जा रहा है। जसपुर एवं काशीपुर तहसीलों के कर्मचारियों व घोटाले के लाभावित किसानों को उनके बयानों के लिए पुलिस नोटिस भेज रही है। जिससे जलाई गई फाइलों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकेगी। मुआवजा घोटाले से संबंधित एक फाइल पहले ही पुलिस आरोपी के घर से बरामद कर चुकी है। इसके साथ ही जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम 143 की बरामद 198 फाइलों की भी जांच एजेंसी सघन जाच कर रही है। उनमें भी एनएच मुआवजा घोटाले की फाइलें हो सकती हैं। जिसमें अधिकांश फाइलों में वैधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है।

तत्कालीन पेशकार सतपाल ने पूर्व पेशकार विकास कुमार पर 18 जनवरी को 6 व 12 मार्च को 14 फाइलें गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने 3 जून को उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर उसके घर से जसपुर तहसील की 123, बाजपुर की 66 तथा खटीमा से संबंधित बेदखली की 12 पत्रावलियां बरामद की थी। जिनमें दो फाइलें फर्जी स्थायी निवास एवं जाति प्रमाण पत्र,198 भू-उपयोग बदलने तथा एक फाईल एनएच घोटाले की थी। एनएच घोटाले की बकाया 19 फाइलें बरामद कराने के लिए लिए पुलिस ने 9 जून को एससीजीएम कोर्ट काशीपुर से आरोपी पूर्व पेशकार को पांच दिन की रिमांड पर लिया था। बुधवार को रिमांड की अवधि समाप्त हो रही है।

जानिए,ट्यूबलाइट की रिलीज से पहले जगह-जगह टॉयलेट क्यों बनवा रहे हैं सलमान खान

0

बॉलीवुड के दबंग सलमान खान की दरियादिली के किस्से तो आपने खूब सुने होंगे। उनकी संस्था बीइंग ह्यूमन ना जाने कितने स्टूडेंट्स की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाती है।आए दिन किसी ना किसी चैरिटी में सलमान का नाम आता ही रहता है।

इतना ही नहीं कई लोगों का मेडिकल खर्चा भी सलमान की संस्था के भरोसे चल रहा है। अपनी इस संस्था के अलावा अब सलमान खान ने एक नई जिम्मेदारी ली है। सलमान खान अब लोगों को सफाई का महत्व समझा रहे हैं और लोगों को टॉयलेट बनवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

हाल ही में सलमान ने मुंबई फ़िल्म सिटी के पास आरे कालोनी के स्लम एरिया का दौरा किया था। यहां सलमान खान ने बीएमसी के कमिश्नर के साथ टॉयलेट का मुआयना कर लोगों को इसके महत्व के बारे में बताया। साथ ही सलमान खान इस इलाके में 3000 टॉयलेट बनवाने में भी योगदान दे रहे हैं।

सलमान का कहना है कि अगर घर में जगह है तो टायलेट हम बनाएंगे, टायलेट इस्तेमाल करें और स्वच्छता रखें। इतना ही नहीं सलमान अपनी संस्था बीइंग ह्यूमन के ज़रिए पांच मोबाइल टायलेट के लिए भी बीएमसी को डोनेशन दे चुके है। दबंग की दरियादिली से इनके फ़ैन्स और मुंबई की जनता ही नहीं प्रशासन भी काफ़ी इमप्रेस है।

अजय देवगन की फिल्म ‘बादशाहो’ का नया पोस्टर रिलीज़

0

पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बनी अजय देवगन की फिल्म का पोस्टर रिलीज हो चुका है।जी हां अजय देवगन की आने फ़िल्म ‘बादशाहो’ का एक नया पोस्टर रिलीज़ हुआ है। फ़िल्म के बारे में यह पोस्टर पिछले पोस्टर से ज्यादा जानकारी देता है।

इस पोस्टर में अजय चमड़े के जैकेट और दोनों हाथों में बन्दूक लिए किसी लड़ाई के लिए तैयार लग रहे हैं। इस पोस्टर के साथ ही फ़िल्म की कहानी पर से भी पर्दा हटाया गया है। पोस्टर के हिसाब से यह कहानी 1975 के दौरान भारत में लगी इमरजेंसी पर आधारित है।

बादशाहों के पिछले पोस्टर में जहां धमाके के बीच से गुज़रती हुई ट्रक दिख रही है, इस पोस्टर में अजय देवगन खुद भी नज़र आ रहे हैं।हालांकि अजय ने अपने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ है लेकिन उनकी आंखों में अंगारे साफ़ झलक रहे हैं।

यह फ़िल्म 1 सितंबर को रिलीज़ होगी। फ़िल्म का पहला प्रोमो सलमान खान की फ़िल्म ट्यूबलाइट के साथ रिलीज किया जाना है। मतलब यह कि आपको ‘ट्यूबलाइट’ के साथ ‘बादशाहो’ की पहली झलक देखने को मिलेगी।

मिलन लूथरिया के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अजय देवगन के साथ विद्युत जामवाल, इमरान हाशमी, इलियाना डिक्रूज और ईशा गुप्ता अहम रोल में हैं।

सीएम के #SelfieFromMyVillage मुहिम को मिला दीपक डोबरियाल का साथ

0

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के टिव्टर अभियान को एक सेलिब्रिटी पुश तब मिला जब बहुमुखी अभिनेता दीपक डोबरियाल ने उत्तराखंड की पहाडियों में अपने पैतृक गांव की तस्वीरें भी टिव्टर पर पोस्ट की।

सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम रावत ने 31 मई को एक मुहिम की शुरुआत की थी। सीएम रावत ने इसके जरिए लोगों से अपील की थी इस गर्मी की छुट्टी में जो भी अपने पैतृक गांव जाएं वह #SelfieFromMyVillage पर अपनी फोटो जरुर शेयर करे।इसका मुख्य कारण था पहाड़ के लोगों को प्रोत्साहित करना और दुनिया के सामने उत्तराखंड के विभिन्न पहलुओं को लाना।

यह पहाड़ी इलाकों से बड़े पैमाने पर पलायन को रोकने और रिवर्स प्रवासन को बढ़ावा देने के प्रयासों का एक हिस्सा था।वहीं सीएम रावत ने टिव्ट किया था कि “पलायन का मुद्दा हमेशा से ही उत्तराखंड के लिए चिंता का विषय रहा है। सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि माइग्रेशन के लिए काम करे और हम इस मुद्दे से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं’’।

deeepak

डोबरियाल, जिन्होंने हाल ही में एक सप्ताह पौड़ी गढ़वाल जिले के अपने गांव काबरा में बिताया था उन्होंने कहा कि हर उत्तराखंडी को गर्व से इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। “सभी उत्तराखंडियों को अपने गांव में जाने की कोशिश करनी चाहिए और दुनिया को यह दिखाने के लिए इस अभियान में शामिल होना चाहिए कि कैसे हमारी देवभूमि को सर्वश्रेष्ठ प्रकृति का आशीर्वाद उपहार के तौर पर मिला है।”

इस अभिनेता को हाल ही में बॉलीवुड की कॉमेडी फिल्म हिंदी मीडियम में देखा गया था। गांव में रहने के दौरान, डोबरियाल ने अपने रिश्तेदारों के साथ एक परिवार की पूजा में भाग लिया, पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों के पास प्रकृति के बीच समय बिताया, क्षेत्रीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया और सम्बंधित ग्रामीणों के साथ बातचीत की जो दूर स्थानों से उनके मिलने के लिए आए थे।

फिल्म तनू वेड्स मनु में ‘पप्पीजी’ के किरदार के लिए सबसे अच्छी तरह से जाने जाते अभिनेता ने कहा कि “यह एक बहुत ही रिफ्रेशिंग ब्रेक था और मैं अगली बार एक लंबे समय के लिए यहां रहना चाहता हूं। मुझे लगता है कि सभी पहाड़ी मूल निवासी देश और दुनिया के विभिन्न भागों में बस गए हैं और अपने परिवारों को अपनी जड़ों से मिलाने के लिए उन्हें अपने गांव लाना चाहिए”।

“डोबरियाल ने कहा कि (पहाड़ियों से)माइग्रेशन की वजह से हमें हमारी जड़ें अपने गांवों को नहीं भूलना चाहिए,”। “उन्होंने कहा जब भी कोई अपने गांव आए हर बार अपने गांवों में पर्यावरण की रक्षा में मदद करने के लिए कम से कम पांच पौधे लगाने का सुनिश्चित करे”। अंत में दीपक ने कहा की फिल्मों में किसी भी किरदार को निभाने में जो मासूमियत है वह शायद मुझे मेरे पहाड़ से मिली है।

ट्रैफिक जाम को आखिरकार सरकार ने माना समस्या, उपायों की दी जानकारी

0

राज्य सरकार ने आखिरकार राज्य के तमाम पर्यटक स्थलों और खासतौर चारधाम य़ात्रा मार्ग पर आये दिने लगने वाले ट्रैफिक जाम को समस्या मान लिया है। सरकार ने ये आश्वासन भी दिलाया है कि वो इसके निस्तारण के लिये लोंग और शाॅर्ट टर्म उपायों पर काम कर रही है। विधानसभा में कांग्रेस के विधायक काज़ी निजाम्मुद्दीन ने ये मुद्दा उठाते हुए कहा कि “ट्रैफिक की समस्या हर साल उत्तराखंड आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशान करती है। ये ही नहीं इस समस्या के चलते शहरों में रहने वाले आम लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चारधाम यात्रा ही नहीं मसूरी नैनीताल जैसे पर्यटक स्थलों पर भी ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बन गया है।” काज़ी ने ये भी कहा कि धार्मिक पर्यटन के लिये आने वाले लोग भले ही आस्था के चलते राज्य में आते रहें लेकिन पर्यटन की लिहाज़ से अगर हालात ऐसे ही रहे तो लोग आस पास के राज्यों के पर्यटक केंद्रों का रुख करने लगेंगे।

इस मुद्दे पर बोलते हुए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि “सरकार मानती है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट एक बड़ी दिक्कत बन रहा है। और इसके लिये सरकार लोंग और शाॅर्ट टर्म उरायों पर तेज़ी से काम कर रही है” कौशिक ने कहा कि ट्रैफिक की समस्या के स्थायी समाधान के लिये

  • चारधाम आॅल वेदर रोड
  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग का निर्माण
  • शहरों में रिंग रोड के मिर्माण के लिये तेजी से काम चल रहा है।

वहीं फिलहाल ट्रैफिक जाम से लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े इसके लिये ज्यादा से ज्यादा पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को ट्रैफिक के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है। मामला लोगों से जुड़ा हो और राजनीतिक बयानबाज़ी न हो ऐसा हो नहीं सकता। मदन कौशिक ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार के पास ट्रैफिक से निपटने के लिये कोई स्थायी समाधान नहीं था। इस साल यात्रा सीजन शुरू होने के बाद से अब तक करीब 15 लाख श्रद्धालु उत्तराखंड आ चुके हैं जो कि पिछले साल के कुल यात्रा सीजन में आये श्रद्धालुओं के बराबर है।

 

विधानसभा में सरकार के लिये गैरों से ज्यादा अपने बने मुसीबत

0

उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष संख्या बल के लिहाज से कमजोर है लेकिन इसके बावजूद तमाम मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरता नजर आया है। बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में विपक्ष जहां शांत दिखा, वहीं सत्ता पक्ष के विधायक ही सरकार को घेरते दिखे।

प्रश्नकाल में कुल आठ सवालों को वक्त मिला और इनमें से पांच सवाल सत्ता पक्ष के विधायकों के थे। इतना ही नहीं विपक्ष के सवालों पर भी सत्ता पक्ष के विधायकों को समर्थन देखने को मिला।

सोमवार को विधानसभा सत्र में सत्ता पक्ष के विधायक ही सरकार को घेरते नजर आए। निजी स्कूलों की मनमानी पर विधायक देशराज कर्णवाल ने सरकार को घेरा, उनका साथ दिया विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने। वहीं, चकबंदी पर विधायक संजय गुप्ता ने सवाल खड़े किए। इस मुद्दे पर विपक्ष के विधायकों ने भी उनका साथ दिया।

जल विद्युत परियोजनाओं और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाए जाने पर विधायक महेंद्र भट्ट ने सरकार से सवाल किए। आंगनबाड़ी मामले में विधायक प्रदीप बत्रा ने भी उनका साथ दिया। वहीं, विधायक देशराज कर्णवाल ने सौर ऊर्जा प्लांट के लिए कृषि भूमि को अकृषि में बदले जाने पर सरकार को घेरने की कोशिश की।

इसके साथ ही स्थगन प्रस्ताव के तहत आए मुद्दों पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने विपक्ष का साथ दिया। वहीं, सूची में शामिल कई सवाल प्रश्नकाल की अवधि समाप्त होने के कारण सदन में नहीं रखे जा सके। इनमें भी सत्ता पक्ष के कई विधायक तीखे स्वर लेकर तैयार थे।