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उगल दिया एनएच घोटाले का सच

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पांच दिन की रिमांड पर लिए गए पूर्व पेशकार ने आखिर तीसरे दिन सच उगल ही दिया। इसके लिए एसआइटी को सघन पूछताछ करनी पड़ी। पूछताछ में आरोपी ने मुआवजा घोटाला संबंधित फाइलें जलाने तथा घोटाला करने का तरीका भी बताया। पुलिस अब घोटाले के समय जसपुर, काशीपुर, बाजपुर तहसील में रहे कानूनगो, लेखपाल, रजिस्ट्रार कानूनगो एवं लाभांवित किसानों से जानकारी जुटाने के लिए उनको नोटिस भेजेगी। एसएसपी एवं एसआइटी टीम ने पूर्व पेशकार के बयान रिकार्ड किए।

एसएसपी डा.सदानंद दाते ने बताया कि सोमवार देर रात काशीपुर में एसआइटी ने मुआवजे से संबंधित फाइलें गायब करने के आरोपी पूर्व पेशकार विकास कुमार से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने 19 फाइलों को धर्मपुर फार्म पर जलाए जाना स्वीकार किया है। इस दौरान उसने घोटाला करने का तरीका बताया। बताया कि कौन से अधिकारी एवं कर्मचारी मुआवजा घोटाले की फाइल पर रिपोर्ट लगाते थे इसकी भी जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी को पंतनगर एवं रुद्रपुर कोतवाली में दाखिल मुआवजे घोटाले के मुकदमे में भी सह-अभियुक्त बनाया जा रहा है। जसपुर एवं काशीपुर तहसीलों के कर्मचारियों व घोटाले के लाभावित किसानों को उनके बयानों के लिए पुलिस नोटिस भेज रही है। जिससे जलाई गई फाइलों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकेगी। मुआवजा घोटाले से संबंधित एक फाइल पहले ही पुलिस आरोपी के घर से बरामद कर चुकी है। इसके साथ ही जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम 143 की बरामद 198 फाइलों की भी जांच एजेंसी सघन जाच कर रही है। उनमें भी एनएच मुआवजा घोटाले की फाइलें हो सकती हैं। जिसमें अधिकांश फाइलों में वैधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है।

तत्कालीन पेशकार सतपाल ने पूर्व पेशकार विकास कुमार पर 18 जनवरी को 6 व 12 मार्च को 14 फाइलें गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने 3 जून को उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर उसके घर से जसपुर तहसील की 123, बाजपुर की 66 तथा खटीमा से संबंधित बेदखली की 12 पत्रावलियां बरामद की थी। जिनमें दो फाइलें फर्जी स्थायी निवास एवं जाति प्रमाण पत्र,198 भू-उपयोग बदलने तथा एक फाईल एनएच घोटाले की थी। एनएच घोटाले की बकाया 19 फाइलें बरामद कराने के लिए लिए पुलिस ने 9 जून को एससीजीएम कोर्ट काशीपुर से आरोपी पूर्व पेशकार को पांच दिन की रिमांड पर लिया था। बुधवार को रिमांड की अवधि समाप्त हो रही है।

जानिए,ट्यूबलाइट की रिलीज से पहले जगह-जगह टॉयलेट क्यों बनवा रहे हैं सलमान खान

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बॉलीवुड के दबंग सलमान खान की दरियादिली के किस्से तो आपने खूब सुने होंगे। उनकी संस्था बीइंग ह्यूमन ना जाने कितने स्टूडेंट्स की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाती है।आए दिन किसी ना किसी चैरिटी में सलमान का नाम आता ही रहता है।

इतना ही नहीं कई लोगों का मेडिकल खर्चा भी सलमान की संस्था के भरोसे चल रहा है। अपनी इस संस्था के अलावा अब सलमान खान ने एक नई जिम्मेदारी ली है। सलमान खान अब लोगों को सफाई का महत्व समझा रहे हैं और लोगों को टॉयलेट बनवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

हाल ही में सलमान ने मुंबई फ़िल्म सिटी के पास आरे कालोनी के स्लम एरिया का दौरा किया था। यहां सलमान खान ने बीएमसी के कमिश्नर के साथ टॉयलेट का मुआयना कर लोगों को इसके महत्व के बारे में बताया। साथ ही सलमान खान इस इलाके में 3000 टॉयलेट बनवाने में भी योगदान दे रहे हैं।

सलमान का कहना है कि अगर घर में जगह है तो टायलेट हम बनाएंगे, टायलेट इस्तेमाल करें और स्वच्छता रखें। इतना ही नहीं सलमान अपनी संस्था बीइंग ह्यूमन के ज़रिए पांच मोबाइल टायलेट के लिए भी बीएमसी को डोनेशन दे चुके है। दबंग की दरियादिली से इनके फ़ैन्स और मुंबई की जनता ही नहीं प्रशासन भी काफ़ी इमप्रेस है।

अजय देवगन की फिल्म ‘बादशाहो’ का नया पोस्टर रिलीज़

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पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बनी अजय देवगन की फिल्म का पोस्टर रिलीज हो चुका है।जी हां अजय देवगन की आने फ़िल्म ‘बादशाहो’ का एक नया पोस्टर रिलीज़ हुआ है। फ़िल्म के बारे में यह पोस्टर पिछले पोस्टर से ज्यादा जानकारी देता है।

इस पोस्टर में अजय चमड़े के जैकेट और दोनों हाथों में बन्दूक लिए किसी लड़ाई के लिए तैयार लग रहे हैं। इस पोस्टर के साथ ही फ़िल्म की कहानी पर से भी पर्दा हटाया गया है। पोस्टर के हिसाब से यह कहानी 1975 के दौरान भारत में लगी इमरजेंसी पर आधारित है।

बादशाहों के पिछले पोस्टर में जहां धमाके के बीच से गुज़रती हुई ट्रक दिख रही है, इस पोस्टर में अजय देवगन खुद भी नज़र आ रहे हैं।हालांकि अजय ने अपने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ है लेकिन उनकी आंखों में अंगारे साफ़ झलक रहे हैं।

यह फ़िल्म 1 सितंबर को रिलीज़ होगी। फ़िल्म का पहला प्रोमो सलमान खान की फ़िल्म ट्यूबलाइट के साथ रिलीज किया जाना है। मतलब यह कि आपको ‘ट्यूबलाइट’ के साथ ‘बादशाहो’ की पहली झलक देखने को मिलेगी।

मिलन लूथरिया के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अजय देवगन के साथ विद्युत जामवाल, इमरान हाशमी, इलियाना डिक्रूज और ईशा गुप्ता अहम रोल में हैं।

सीएम के #SelfieFromMyVillage मुहिम को मिला दीपक डोबरियाल का साथ

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के टिव्टर अभियान को एक सेलिब्रिटी पुश तब मिला जब बहुमुखी अभिनेता दीपक डोबरियाल ने उत्तराखंड की पहाडियों में अपने पैतृक गांव की तस्वीरें भी टिव्टर पर पोस्ट की।

सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम रावत ने 31 मई को एक मुहिम की शुरुआत की थी। सीएम रावत ने इसके जरिए लोगों से अपील की थी इस गर्मी की छुट्टी में जो भी अपने पैतृक गांव जाएं वह #SelfieFromMyVillage पर अपनी फोटो जरुर शेयर करे।इसका मुख्य कारण था पहाड़ के लोगों को प्रोत्साहित करना और दुनिया के सामने उत्तराखंड के विभिन्न पहलुओं को लाना।

यह पहाड़ी इलाकों से बड़े पैमाने पर पलायन को रोकने और रिवर्स प्रवासन को बढ़ावा देने के प्रयासों का एक हिस्सा था।वहीं सीएम रावत ने टिव्ट किया था कि “पलायन का मुद्दा हमेशा से ही उत्तराखंड के लिए चिंता का विषय रहा है। सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि माइग्रेशन के लिए काम करे और हम इस मुद्दे से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं’’।

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डोबरियाल, जिन्होंने हाल ही में एक सप्ताह पौड़ी गढ़वाल जिले के अपने गांव काबरा में बिताया था उन्होंने कहा कि हर उत्तराखंडी को गर्व से इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। “सभी उत्तराखंडियों को अपने गांव में जाने की कोशिश करनी चाहिए और दुनिया को यह दिखाने के लिए इस अभियान में शामिल होना चाहिए कि कैसे हमारी देवभूमि को सर्वश्रेष्ठ प्रकृति का आशीर्वाद उपहार के तौर पर मिला है।”

इस अभिनेता को हाल ही में बॉलीवुड की कॉमेडी फिल्म हिंदी मीडियम में देखा गया था। गांव में रहने के दौरान, डोबरियाल ने अपने रिश्तेदारों के साथ एक परिवार की पूजा में भाग लिया, पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों के पास प्रकृति के बीच समय बिताया, क्षेत्रीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया और सम्बंधित ग्रामीणों के साथ बातचीत की जो दूर स्थानों से उनके मिलने के लिए आए थे।

फिल्म तनू वेड्स मनु में ‘पप्पीजी’ के किरदार के लिए सबसे अच्छी तरह से जाने जाते अभिनेता ने कहा कि “यह एक बहुत ही रिफ्रेशिंग ब्रेक था और मैं अगली बार एक लंबे समय के लिए यहां रहना चाहता हूं। मुझे लगता है कि सभी पहाड़ी मूल निवासी देश और दुनिया के विभिन्न भागों में बस गए हैं और अपने परिवारों को अपनी जड़ों से मिलाने के लिए उन्हें अपने गांव लाना चाहिए”।

“डोबरियाल ने कहा कि (पहाड़ियों से)माइग्रेशन की वजह से हमें हमारी जड़ें अपने गांवों को नहीं भूलना चाहिए,”। “उन्होंने कहा जब भी कोई अपने गांव आए हर बार अपने गांवों में पर्यावरण की रक्षा में मदद करने के लिए कम से कम पांच पौधे लगाने का सुनिश्चित करे”। अंत में दीपक ने कहा की फिल्मों में किसी भी किरदार को निभाने में जो मासूमियत है वह शायद मुझे मेरे पहाड़ से मिली है।

ट्रैफिक जाम को आखिरकार सरकार ने माना समस्या, उपायों की दी जानकारी

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राज्य सरकार ने आखिरकार राज्य के तमाम पर्यटक स्थलों और खासतौर चारधाम य़ात्रा मार्ग पर आये दिने लगने वाले ट्रैफिक जाम को समस्या मान लिया है। सरकार ने ये आश्वासन भी दिलाया है कि वो इसके निस्तारण के लिये लोंग और शाॅर्ट टर्म उपायों पर काम कर रही है। विधानसभा में कांग्रेस के विधायक काज़ी निजाम्मुद्दीन ने ये मुद्दा उठाते हुए कहा कि “ट्रैफिक की समस्या हर साल उत्तराखंड आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशान करती है। ये ही नहीं इस समस्या के चलते शहरों में रहने वाले आम लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चारधाम यात्रा ही नहीं मसूरी नैनीताल जैसे पर्यटक स्थलों पर भी ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बन गया है।” काज़ी ने ये भी कहा कि धार्मिक पर्यटन के लिये आने वाले लोग भले ही आस्था के चलते राज्य में आते रहें लेकिन पर्यटन की लिहाज़ से अगर हालात ऐसे ही रहे तो लोग आस पास के राज्यों के पर्यटक केंद्रों का रुख करने लगेंगे।

इस मुद्दे पर बोलते हुए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि “सरकार मानती है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट एक बड़ी दिक्कत बन रहा है। और इसके लिये सरकार लोंग और शाॅर्ट टर्म उरायों पर तेज़ी से काम कर रही है” कौशिक ने कहा कि ट्रैफिक की समस्या के स्थायी समाधान के लिये

  • चारधाम आॅल वेदर रोड
  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग का निर्माण
  • शहरों में रिंग रोड के मिर्माण के लिये तेजी से काम चल रहा है।

वहीं फिलहाल ट्रैफिक जाम से लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े इसके लिये ज्यादा से ज्यादा पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को ट्रैफिक के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है। मामला लोगों से जुड़ा हो और राजनीतिक बयानबाज़ी न हो ऐसा हो नहीं सकता। मदन कौशिक ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार के पास ट्रैफिक से निपटने के लिये कोई स्थायी समाधान नहीं था। इस साल यात्रा सीजन शुरू होने के बाद से अब तक करीब 15 लाख श्रद्धालु उत्तराखंड आ चुके हैं जो कि पिछले साल के कुल यात्रा सीजन में आये श्रद्धालुओं के बराबर है।

 

विधानसभा में सरकार के लिये गैरों से ज्यादा अपने बने मुसीबत

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उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष संख्या बल के लिहाज से कमजोर है लेकिन इसके बावजूद तमाम मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरता नजर आया है। बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में विपक्ष जहां शांत दिखा, वहीं सत्ता पक्ष के विधायक ही सरकार को घेरते दिखे।

प्रश्नकाल में कुल आठ सवालों को वक्त मिला और इनमें से पांच सवाल सत्ता पक्ष के विधायकों के थे। इतना ही नहीं विपक्ष के सवालों पर भी सत्ता पक्ष के विधायकों को समर्थन देखने को मिला।

सोमवार को विधानसभा सत्र में सत्ता पक्ष के विधायक ही सरकार को घेरते नजर आए। निजी स्कूलों की मनमानी पर विधायक देशराज कर्णवाल ने सरकार को घेरा, उनका साथ दिया विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने। वहीं, चकबंदी पर विधायक संजय गुप्ता ने सवाल खड़े किए। इस मुद्दे पर विपक्ष के विधायकों ने भी उनका साथ दिया।

जल विद्युत परियोजनाओं और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाए जाने पर विधायक महेंद्र भट्ट ने सरकार से सवाल किए। आंगनबाड़ी मामले में विधायक प्रदीप बत्रा ने भी उनका साथ दिया। वहीं, विधायक देशराज कर्णवाल ने सौर ऊर्जा प्लांट के लिए कृषि भूमि को अकृषि में बदले जाने पर सरकार को घेरने की कोशिश की।

इसके साथ ही स्थगन प्रस्ताव के तहत आए मुद्दों पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने विपक्ष का साथ दिया। वहीं, सूची में शामिल कई सवाल प्रश्नकाल की अवधि समाप्त होने के कारण सदन में नहीं रखे जा सके। इनमें भी सत्ता पक्ष के कई विधायक तीखे स्वर लेकर तैयार थे।

 

मसूरी में बीजेपी नेताओं ने जबरन बंद कराई शराब की दुकानें

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मसूरी में में बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तीन शराब की दुकानों पर जबरन ताला लगवा दिया। मसूरी के मशहूर माॅल रोड पर एक दुकान और ठीक उससे पहले पड़ने वाली दो और दुकानों को मंगलवार को बीजेपी के नेताओं ने बंद करवा दिया। इस बारे में बताते हुए बीजेपी के नेता धरमपाल पंवार ने कहा कि “ये सभी दुकानें स्कूल और धार्मिक स्थल के नज़दीक बनी हुई हैं। ये कानूनी रूप से गलत है।”

बीजेपी नेताओं का कहना है कि इस बाबत 2016 में और मंगलवार सुबह भी जिला प्रशासन को शिकायत दी गई थी। लेकिन प्रशासन की तरफ से किसी एक्शन के न होने के कारण उन्हें ये काम खुद करना पड़ा। गौरतलब है कि ये तीनों दुकानें पर्यटकों के बीच खासी मशहूर हैं और इससे होने वाले पर्यटन के नुकसान को देखते हुए आम लोगों में थोड़ी नाराजगी भी है।

इसके अलावा बीजेपी के नेताओं ने शहीद स्थल के पास एक और दुकान को अपना अगला निशाना बताया है।

 

पुराने जलश्रोत फिर होंगे जीवित-उमा भारती

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने की केंद्रीय भू जल बोर्ड के अधिकारियो के साथ बैठक 2013 की आपदा से ख़त्म हो गए जल श्रोतो को पुनर्जीवित करने के लिए मांगी रिपोर्ट पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जायेगा काम।मंगलवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड को 2013 आपदा से नुकसान होने वाले जल श्रोतो को चिह्नित करने और पुनर्जीवित करने को कहा। अब जल्द ही बोर्ड इसका गहन अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगा। कुछ जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा पायलट प्रोजेक्ट की पूरी धनराशि केंद्र सरकार खर्च करेगी। जबकि इसके बाद के कार्य राज्य सरकार करेगी। मंगलवार को ऋषिकेश मैं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने गंगा विशन इकाई व सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की।

उन्होंने जहां गंगा स्वच्छता को लेकर चलाए जा रहे नमामि गंगे परियोजना पर अधिकारियों को दिशा निर्देशित किया वही लुप्त हुए जल स्रोतों के पुनरुद्धार को लेकर भी बोर्ड के सदस्यों से चर्चा की। इस अवसर पर गंगा पैसे निकाल के महानिदेशक उपेंद्र सिंह सेंटर ग्राउंड वाटर बोर्ड के निदेशक एस विश्वास आदि उपस्थित थे।

भारतीय टीम में शामिल हुई उत्तराखंड की कुहू गर्ग

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उत्तराखंड की कुहू गर्ग के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने कुहू का चयन भारतीय टीम मे कनाडा ओपन ग्रैंड प्रिक्स व यूएस ओपन ग्रैंड प्रिक्स के लिए किया गया है।

कुहू महिला युगल में अपनी जोड़ीदार असम की निंगशी हज़ारिका के साथ खेलेगी। कनाडा ओपन ग्रैंड प्रिक्स 11 से 16 जुलाई तक कैलगरी कनाडा मे आयोजित होगा तथा यूएस ओपन ग्रैंड प्रिक्स आनाहिम, अमेरिका मे दिनांक 19 से 23 जुलाई 2017 तक आयोजित होगा।

कुहू के भारतीय टीम मे चयन पर उत्तराखंड बैडमिंटन परिवार ने हर्ष व्यक्त किया तथा शुभकामनाये प्रेषित की है।

मृत बच्ची का शव देने के लिए नर्स ने मांगे पैसे

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डिलीवरी के दौरान मृत पैदा हुई बच्ची का शव पीड़ि‍त परिजनों को देने के मामले में सरकारी अस्पताल की स्टॉफ नर्स ने इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने 1200 रुपये लेने के बाद ही नवजात का शव उन्हें दिया। सोमवार को पीड़ि‍त परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रभारी से इस मामले की शिकायत की। सीएचसी प्र्भारी ने मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। सीएमओ ने जांच की बात कही है।

मंगलौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डिलीवरी के नाम पर दो से तीन हजार रुपये ऐंठने की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं, लेकिन शनिवार को तो एक स्टॉफ नर्स ने इंसानियत को ही शर्मसार कर दिया। मंगलौर के मोहल्ला किला निवासी शहजाद पुत्र अब्दुल सत्तार की पत्नी की डिलीवरी होनी थी।

रात को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि डिलीवरी से पहले एक स्टॉफ नर्स ने गर्भवती को एक इंजेक्शन लगाया। बच्ची पैदा हुई तो वह मृत निकली। जब उन्होंने अपनी बच्ची का शव मांगा तो आरोप है कि स्टॉफ ने 1200 रुपये की मांग कर डाली। शहजाद का आरोप है कि उसने रुपये देने में असमर्थता जताई तो स्टॉफ नर्स ने मृत नवजात को देने से इन्कार कर दिया।

बाद में शहजाद ने किसी तरह से रुपये का इंतजाम कर नवजात को नर्स से लिया। सोमवार को पीड़ि‍त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मामले की जानकारी केंद्र प्रभारी डॉ. पीके सिंह को दी और स्टॉफ नर्स के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। डॉ. सिंह ने बताया कि इस तरह की शिकायतें पहले भी आ चुकी हैं। आरोपी नर्स मंगलौर में अटैचमेंट पर है। शिकायत सीएमओ को भेजी जाएगी।

सीएमओ डॉ. रविंद्र थपलियाल ने बताया कि ऐसी शिकायत केंद्र प्रभारी की ओर से नहीं मिली है। मामले की जांच पड़ताल कराई जाएगी। आरोप सही साबित होने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।