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100 प्राकृतिक जलस्रोतों का बचायेगा ‘स्वजल’

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पहाड़ पर बढ़ते पानी के संकट की आखिर शासन ने भी सुध ले ली है। ‘स्वजल’ को प्रदेश में स्रोत संवर्धन का काम सौंपने के बाद शासन ने प्राकृतिक जलस्रोतों के संवर्धन की भी तैयारी कर ली है। जारी शासनादेश ने पहले चरण में 100 बड़े प्राकृतिक जलस्रोतों का संवर्धन करने के निर्देश दिए, यह कार्य सभी जिलों में जिलाधिकारियों के निर्देशन में संपन्न होगा।

पिछले माह सचिवालय में हुई बैठक में पेयजल मंत्री ने पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य जल निगम, मरम्मत कार्य जल संस्थान और प्राकृतिक स्रोत संवर्धन का कार्य स्वजल को सौंपने का निर्णय लिया था। इसके बाद सचिव पेयजल ने दो दिन पहले स्रोत संवर्धन की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इस संबंध में उन्होंने कहा कि पहले चरण में स्वजल प्रदेश के सौ प्राकृतिक जलस्रोतों का संवर्धन करेगा। इस अभियान में जल संस्थान और पेयजल निगम की मदद ली जाएगी कि पहले किन स्रोतों का संवर्धन किया जाना है। इस कार्य के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) के तहत बजट की व्यवस्था की जाएगी। शासन से निर्देश जारी होने के बाद स्वजल इन स्रोतों के संवर्धन में आने वाले खर्च व संवर्धन के बाद मिलने वाले पानी की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है।

दूसरे चरण में चलेगा व्यापक अभियान
सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्रयांकी ने बताया कि पहला चरण पूरा होने के बाद प्रदेश में स्रोत संवर्धन का काम व्यापक स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए जल संस्थान व पेयजल निगम के साथ समन्वय बैठाकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

‘स्पर्श गंगा अभियान’ की ब्रांड एंबेसडर बनी सुरुषि

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा में आश्वासन संबंधी समिति के सभापति डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को जापान के नागानौ शहर में सुरुषि मियाजावा को ‘स्पर्श गंगा अभियान’ का जापान में ब्रैंड एंबेसडर नियुक्त किया। इस अवसर पर ‘स्पर्श गंगा अभियान ‘ पर एक छोटी सी फिल्म भी दिखाई गई।
सुरुषि मियाजावा जापान की प्रसिद्ध हिंदू आध्यात्मिक शख्सियत के रूप में प्रसिद्ध हैं। मियाजावा जापान के लोगों के बीच हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में पिछले 10 वर्ष से प्रयासरत हैं। अहिंसा, सर्वधर्म समभाव व सहिष्णुता के आधार पर टिके हिंदू धर्म के मूल उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने की कवायद में जुटीं मियाजावा ने गंगा मां से जुड़ने पर प्रसन्नता जताई।
डॉ. निशंक ने वहां उपस्थित जन समुदाय को बताया कि वह हिमालय एवं गंगा के प्रदेश से आए हैं। जापान के लोगों की कर्मठता, उनकी शालीनता और उनके व्यवहार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने ने कहा कि विश्वयुद्ध के बाद जापान
ने विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं आर्थिकी में अपने आप को विश्व शक्ति की रुप में स्थापित किया है। अब जापान को पूरे विश्व को शांति और लोक कल्याण की तरफ प्रेरित करना है। निशंक ने ‘स्पर्श गंगा अभियान’ की चर्चा करते हुए कहा कि मां गंगा की अविरलता, स्वच्छता को अक्षुण रखना इस अभियान का उद्देश्य है।
इस अवसर पर जन समुदाय से वार्तालाप करते हुए डॉ. निशंक ने लोगों के हिमालय और गंगा से जुड़े प्रश्नों का भी उत्तर दिया। निशंक ने मियाजावा को अपनी पुस्तकों का सेट भी भेंट किया।

बारिश से 1.80 करोड़ लीटर पानी हुआ गंदा

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रविवार रात को हुई तेज बारिश के कारण दून के प्रमुख बांदल व बीजापुर प्राकृतिक जलस्रोत से गंदा पानी वाटर वर्क्स पहुंचा। जिससे एक दर्जन से ज्यादा इलाकों के सवा लाख से अधिक लोगों को जल संस्थान शाम के समय पानी की सप्लाई नहीं दे पाया।

जल संस्थान को बांदल जलस्रोत से प्रति दिन एक करोड़ और बीजापुर स्रोत से 80 लाख लीटर पानी मिलता है। जल संस्थान वाटर वर्क्स से इस पानी को राजपुर रोड से लेकर चकराता रोड समेत तमाम इलाकों में पेयजल आपूर्ति करता है। हालांकि, रविवार सुबह को तो पानी की आपूर्ति सुचारू रही, लेकिन सुबह सात बजते ही दोनों स्रोतों से मिट्टीयुक्त पानी आना शुरू हो गया।
पानी की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि जल संस्थान के फिल्टरेशन प्लांट भी उसे साफ नहीं कर पाए, जिससे जल संस्थान को यह पानी नदी में बहाना पड़ा। इससे सभी इलाकों में शाम को पेयजल आपूर्ति लगभग ठप रही। हालांकि, जल संस्थान ने कई इलाकों में लोगों की शिकायत आने के बाद पानी के टैंकरों से आपूर्ति को सुचारू करने का प्रयास किया, लेकिन इससे भी लोगों को ज्यादा राहत नहीं मिल पाई।
गंदा पानी नदी में बहाने के कारण शहर के प्रमुख इलाकों हाथीबड़कला, विजय कॉलोनी, सालावाला, कालीदास रोड, राजपुर रोड, बकरालवाला, डीएल रोड, करनपुर, पोस्ट ऑफिस वाली गली, चकराता रोड, पल्टन बाजार, चुक्खु मोहल्ला, नेशविला रोड, ओल्ड सर्वे रोड आदि के आबादी को पेयजल संकट झेलना पड़ा। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता यशवीर मल्ल ने बताया कि बारिश के कारण स्रोतों में गंदा पानी आ गया था, जिस कारण आपूर्ति में थोड़ी परेशानी आई। जल्द ही आपूर्ति को सुचारू कर दिया जाएगा

ऋषिकेश में दिखा लाइव मौत का वीडियो, दोस्त वीडियो बनाते रहे और गंगा में डूब गया युवक

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रविवार को ऋषिकेश में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक नदी में डूब गया। युवक नदी में डूबता रहा लेकिन उसे बचाने की बजाए वहां मौजूद लोग उसके डूबने का वीडियो बनाते रहे। लेकिन उसे बचाने की कोशिश तक नहीं की। अब ये वीडियो वायरल हो रहा है।

रविवार की शाम दिल्ली का रहने वाला कुंदन ऋषिकेश के घाट में नहाने पहुंचा था। वो अपने दोस्त को अपनी फ़ोटो क्लिक करने के लिए मोबाइल देकर उफनती नदी में नहाने के लिए उतरता है और दोस्त उसका वीडियो बनाने लगते हैं। ये घटना लक्षमणझूला के त्रिमोला घाट में घटी। दिल्ली से आए पर्यटकों को राफ्टिंग के लिए छोड़ गंगा में नहाने गया था ये युवक, दोस्त को नाचते वक्त का वीडियो बनाने को कहा था। डूबने से पहले गंगा को प्रणाम किया और नहाते नहाते गंगा में समा गया।

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कुंदन पहले तो लोहे की जंजीर पकड़ कर नहाता है। जंजीर छोड़कर कुंदन तैरने की कोशिश करता है लेकिन इसी दौरान तेज लहरों के बीच में आ जाता है। कुंदन पानी में अचानक डूबने लगता है। वो पानी के अंदर समाने लगता है और बचाने के लिए लोगों से फरियाद करता है लेकिन जब तक लोगों तक उसकी आवाज पहुंचती तब तक वो डूब गया था। फिलहाल उसे खोजने के लिए टीमें लगाई गई हैं।अधिकारी एवं प्रशाशन अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है

स्वामी चिदानंद एवं साध्वी भगवती न्यूयार्क में सम्मानित

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परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती को अमेरिकन यहूदी कमेटी द्वारा न्यूयार्क में अन्तर्राष्ट्रीय उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम अंतर्धार्मिक एवं अंतर्समूह सम्बन्ध, अमेरिकन यहूदी कमेटी (एजेसी) के निदेशक रबाई नोम ई मारन्स के सानिध्य एवं संरक्षण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित अमेरिकन यहूदी कमेटी (एजेसी) के सदस्य ने अपनी भारत यात्रा के दौरान पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती की अगुवाई में इण्टरफेथ कार्यक्रमों एवं वाराणसी में सम्पन्न देवदिवाली पर्व की यादों को ताजा किया और इसे सुन्दर और यादगार स्मृति बताया।

रबाई नोम ई मारन्स ने पूज्य स्वामी एवं साध्वी द्वारा हिन्दू एवं यहूदी समुदाय के बीच सद्भावना एवं भाइचारे की भावना विकसित करने के प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने जीवा द्वारा बच्चों के लिये किये जा रहे वाटर, सेनिटेशन एवं हाईजीन के कार्यों की एक रूपरेखा तैयार की।

सइस मौके पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि अन्तर्राधार्मिक सद्भावना भारतीय आध्यात्मिक परम्परा की बुनियाद है। हमारी परम्परा हमें सिखाती है कि हम न केवल अपनों को बल्कि सभी को सम्मान दें। वहीं साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि मैं अपनी यहूदी जड़ों एवं हिन्दू सांस्कृति में ऐसा बहुत कुछ है जो कि हम इन दोनों संस्कृतियों से सीख सकते है एवं सांस्कृतिक मूल्यों का आदान-प्रदान कर सकते है।

रबाई नोम ई मारन्स ने कहा कि पूज्य स्वामी एवं साध्वी भगवती सरस्वती को अपने ही घर में सम्मानित करते हुये हम सब गर्व का अनुभव कर रहे है।

फेमिना मिस इंडिया फाइनल में उत्तराखंड की अनुकृति रही टाॅप 6 में

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मिस इंडिया हरियाणा मनुषी छिल्लर ने मिस इंडिया-2017 का खिताब जीत लिया। जम्मू-कश्मीर की सना दुआ फस्र्ट रनरअप और बिहार की प्रियंका कुमारी सेकेंड रनरअप रहीं। फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड अनुकृति गुसाईं ने टॉप-6 में जगह बनाई। अनुकृति को मिस मल्टीमीडिया चुना गया।

मुंबई में हुई प्रतियोगिता के अंतिम राउंड में प्रतिभागियों को अपने-अपने राज्य की पृष्ठभूमि से संबंधित परफॉरमेंस करनी थी।  फाइनल कार्यक्रम को बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख और मशहूर फिल्म निर्देशक करण जौहर ने होस्ट किया।  इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों की सुंदरियों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में अनुकृति को बेहतर प्रदर्शन के लिए टाइमलेस ब्यूटी का खिताब हासिल हुआ। कार्यक्रम में एक्ट्रेस आलिया भट्ट और मशहूर गायक सोनू निगम जैसे दिग्गजों ने भी अपनी परफॉर्मेंस दी। कार्यक्रम में जज की भूमिका में बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल, बिपाशा बासू, एक्टर विद्युत जामवाल, निर्देशक और प्रोड्यूसर अभिषेक कपूर, डिजाइनर मनीष मल्होत्रा और इलियाना डी क्रूज रहे। बता दें कि फेमिना मिस इंडिया में उत्तराखंड की अनुकृति गुसाईं एक वेब पोर्टल के माध्यम से कैंसर पीड़ितों की सहायता के लिए फंड भी जुटा रही हैं। पिछले दिनों हंस कल्चरल सेंटर के एक कार्यक्रम में अनुकृति की मां नर्वदा गुसाईं और संस्था के प्रदेश प्रभारी पदमेन्द्र सिंह बिष्ट ने अनुकृति के लिए अधिक से अधिक वोट करने की अपील भी की थी। इस बार हर प्रतिभागी को अपने स्टेट के कल्चर और टूरिज्म को प्रमोट करने का मौका दिया गया था। अनुकृति पढ़ाई के साथ-साथ बास्केटबाल की नेशनल खिलाड़ी भी हैं। अनुकृति ने 2013 में फेमिना मिस इंडिया में टॉप फाइव में जगह बनाई थी। देहरादून ऑडिशन में अनुकृति ने गोल्ड टिकट जीतकर दिल्ली में आयोजित मिस इंडिया नॉर्थ जोन प्रतियोगिता में आठ प्रतिभागियों को हराकर मिस इंडिया उत्तराखंड का खिताब जीता। 25 मई से मुम्बई में जारी प्रतियोगिता में अनुकृति उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। अनुकृति ने 2013 में मिस एशिया पेसेफिक वर्ल्ड में टॉप-5 में जगह बनाई थी।

‘यमला पगला 3’ में फिर से देओल परिवार

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देओल परिवार के एक साथ वाली कॉमेडी फिल्म यमला पगला दीवाना की तीसरी कड़ी बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। तीसरे पार्ट के लिए एक बार फिर धर्मेंद्र अपने दोनों बेटो के साथ पर्दे पर नजर आएंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बार भी तीनों अपने-अपने किरदारों में ही नजर आएंगे, लेकिन कहानी अलग होगी, जिसका पहली दो कड़ियों के साथ कोई कनेक्शन नहीं होगा।

यमला पगला दीवाना की पहली कड़ी का निर्देशन समीर कार्णिक ने किया था, जबकि दूसरी कड़ी में निर्देशक रहे थे संगीतम श्रीनिवास राव और अब तीसरी कड़ी के लिए पंजाब से निर्देशक आ रहे हैं। खबर है कि तीसरी कड़ी का निर्देशन नवनीत सिंह करेंगे, जो पंजाबी में कई फिल्में बना चुके हैं और पहली बार हिंदी फिल्म बनाने जा रहे हैं। धीरज रतन फिल्म की पटकथा लिख रहे हैं।

इसी साल अगस्त में मुंबई में फिल्म का पहला शेड्यूल होगा। इसके बाद फिल्म की शूटिंग गुजरात और फिर पंजाब में होगी। फिल्म में बॉबी के साथ एक बड़ी हीरोइन को कास्ट किया जाएगा। इस फिल्म से बॉबी देओल लंबे गैप के बाद पर्दे पर लौटेंगे, जबकि सनी देओल इन दिनों अपने बेटे करण देओल की लॉन्चिंग फिल्म की तैयारियों में व्यस्त हैं। अपने बेटे की लॉन्चिंग फिल्म का निर्देशन सनी देओल खुद ही करने जा रहे हैं।

चीन में दिखाई गई मधुर की शॉर्ट फिल्म ‘मुंबई मिस्ट’

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मधुर भंडारकर द्वारा मुंबई की जीवन शैली पर बनाई गई शॉर्ट फिल्म ‘मुंबई मिस्ट’ की स्क्रीनिंग चीन में हुए ब्रिक्स देशों के फिल्म फेस्टिवल में की गई। इस मौके पर शामिल होने के लिए मधुर विशेष रूप से बीजिंग पहुंचे थे, जहां इस शॉर्ट फिल्म की स्क्रीनिंग की गई। वहां से मधुर ने इस आयोजन से अभिभूत होकर बताया कि फिल्म खत्म होने के बाद काफी देर तक तालियां बजाकर सबने खुशी जाहिर की।

समारोह के लिए आयोजकों ने मधुर को पांच ऐसे फिल्मकारों के पैनल में चुना था, जिनको शॉर्ट फिल्म बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। 18 मिनट की अवधि वाली इन शॉर्ट स्टोरीज की थीम थी- वेह्यर हैज टाइम गौन। 23 जून से शुरू हुआ ये फेस्टिवल 27 जून तक चलेगा और इसमें भारत का प्रतिनिधित्व मधुर भंडारकर कर रहे हैं। मधुर के अलावा ब्राजील, चीन, साउथ अफ्रीका और रूस के फिल्मकारों ने भी इस फेस्टिवल के लिए शॉर्ट फिल्में बनाई हैं।

मधुर की फिल्म में अन्नू कपूर और देवरथ मुद्गल ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे अधेड़ उम्र के व्यक्ति के बारे में है, जिसे एक अनाथ बच्चे से लगाव हो जाता है। इस रिश्ते के साथ मुंबई महानगर की बनती-बदलती जीवन शैली को दिखाया गया है। संजय छैल इस शॉर्ट फिल्म के लेखक हैं। मधुर इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘इंदु सरकार’ के निर्माण को अंतिम रूप देने में बिजी हैं। 28 जुलाई को रिलीज होने जा रही ये फिल्म 1975 के आपातकाल के बारे में है और फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में कीर्ति खुल्लर, नील नितिन मुकेश तथा अनुपम खेर हैं।

उत्‍तराखंड के इस गांव के लोग सीख रखे हैं अंग्रेजी, जानिए क्‍यों

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उत्तरकाशी जिले के अगोड़ा गांव में फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रहीं 28 साल की माया देवी को देख कोई भी हैरत में पड़ सकता है। माया 12वीं पास हैं और गांव में ही रहती हैं। माया ऐसी अकेली शख्स नहीं, गांव में 50 लोग इन दिनों अंग्रेजी भाषा का ज्ञान ले रहे हैं। मकसद है पर्यटकों से सीधा संवाद। प्रसिद्ध डोडीताल का बेसकैंप होने के कारण यहां हर माह 40 से 50 विदेशी पर्यटक आते हैं। इस दौरान ग्रामीणों को उनसे बातचीत के लिए गाइड की मदद लेनी पड़ती है। अब शायद उन्हें गाइड की जरूरत न पड़े।

समुद्रतल से 3024 मीटर की ऊंचाई पर स्थित डोडीताल की उत्तरकाशी से दूरी 40 किलोमीटर है। इसमें से 22 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। यह खूबसूरत पर्यटक स्थल चारों ओर से पहाड़ व घने जंगल से घिरा हुआ है। डोडीताल के बेसकैंप अगोड़ा गांव तक पहुंचने के लिए भी छह किलोमीटर पैदल ही नापने पड़ते हैं।

इसी को देखते हुए अब उत्तराखंड ग्रामीण पर्यटन विकास योजना के तहत एक जून से ग्रामीणों को पर्यटन व्यवसाय चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। सुबह-शाम दो-दो घंटे की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। ग्रामीणों को अंग्रेजी का प्रशिक्षण दे रहे समर फाउंडेशन ट्रस्ट के जिला समन्वयक संजय पंवार भी अगोड़ा के ही रहने वाले हैं। वह कहते हैं, सभी लोग मनोयोग से  अंग्रेजी सीख रहे हैं। ग्रामीण जानते हैं कि इससे वे अपनी आर्थिकी बेहतर तरीके से संवार सकेंगे। पंवार कहते हैं कि ‘इस कोशिश ने ग्रामीणों दशा एवं दिशा, दोनों बदल दी। अब वे अच्छे गाइड साबित होंगे।’

अगोड़ा से डोडीताल की दूरी 14 किलोमीटर है। इसलिए यहां पहुंचने वाला हर पर्यटक अगोड़ा गांव को अपने पड़ाव में शामिल करता है। नतीजा, अगोड़ा में देशी-विदेशी पर्यटकों की खासी चहलकदमी रहती है। बावजूद इसके 120 परिवार वाले अगोड़ा गांव के ग्रामीण पर्यटन को अपने व्यवसाय नहीं बना पाए।

अंग्रेजी सीख रहे हाईस्कूल पास 31 वर्षीय राजवीर ने बताया कि वह पर्यटकों को ट्रैकिंग पर ले जाता है। अब तक अंग्रेजी न बोल पाने के कारण विदेशी पर्यटकों से इशारे में ही बातचीत होती थी, लेकिन अंग्रेजी सीखने के बाद यह समस्या दूर हो गई। बीए पास पवित्रा कहती है कि इंटर व बीए में वह अंग्रेजी नहीं पढ़ पाई, लेकिन प्रशिक्षण ने उसकी मुराद पूरी कर दी।

वहीं, उत्तरकाशी के जिला पर्यटन अधिकारी केएस नेगी का कहना है कि उत्तरकाशी जिले में उत्तराखंड ग्रामीण पर्यटन विकास योजना के तहत दो गांवों का चयन किया गया है। अगोड़ा के अलावा मोरी ब्लॉक के मोताड़ में भी कैंप लगाया जाएगा। भविष्य में इस योजना के तहत अन्य गांवों को भी लिया जाएगा। फिलहाल यह कैंप एक माह का है, जरूरत पड़ने पर अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है

40 दिन 20 हजार रुपये अौर एक मिशन पर है ये नौजवान

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आपको हर रोज देखने को नहीं मिलता की एक 21 साल की उम्र का लड़का,जो इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष का छात्र है और अपनी किताबों से दूर अापको घूमता मिले। लेकिन यह युवा लड़का केवल घूमने नहीं बल्कि एक मिशन पर है। जी हां 40 दिनों के दौरान देश की यात्रा के लिए उसने 20,000/रुपये का बजट रखा है।

उड़ीसा के कमल सुबुधी ने ‘ड्रॉप बीट्स, नाॅट बाम्बस,’ अभियान के तहत अपने जीवन का मिशन बनाया है। उनका निरंतर साथी, उनका फोन और बैकपैक है अौर जब भी वह अपने गंतव्य पर पहुंचते है तब अपने एफबी पेज पर दिन का बजट अौर फोटोंस के अपडेट करते है।

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कमल जब मसूरी पहुँचे तब उन्होंने न्यूज़पोस्ट टीम से बातचीत में बताया कि उन्हें अपने मिशन मे सभी तरह की सवारियां करीं है; बस, ट्रेन, हिच-हायकिंग, ट्रेकिंग करके कमल ने वारनगल से नागपुर, बनारस, लखनऊ, इलाहाबाद, हल्द्वानी, नैनीताल, देहरादून, मसूरी और हिमाचल प्रदेश के कसोल तक का सफर किया हैं। उन्होंने बताया कि, ‘मैं हर जगह घूमा हूं और मुझे हर जगह एक अलग भाव देखने को मिलता है। मैं बहुत सारे लोगों के मिला हूँ और बहुत कुछ सीखा हैं।

वह मानते हैं कि भारत में विकलांग सैनिकों के सराहना कम की जाती है अौर इस यात्रा के जरिए वह लोगों में विकलांग सैनिकों के लिए जागरूकता व धन जुटाने के लिया निकले है।  वह 7 जून को वारंगल से निकले थे और दिल्ली में 16 जुलाई को अपनी यात्रा समाप्त करेंगे। कमल चाहते है कि यात्रा समाप्त होने पर पहले विकलांग सैनिक को इस यात्रा से इकट्ठा किये गये पैसे किसी के जीवन को शायद ही बदले, लेकिन कमल के अपने लक्ष्य की अोर एक सरहानीय कदम होगा।