Page 721

उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर सरकार करेगी समाधान

0

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर सरकार समाधान करेगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग प्रदेश की आर्थिकी व रोजगार के मूल बिंदु हैं। जिस पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।

सोमवार देर रात माजरा स्थित एक होटल में उत्तराखंड इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित तृतीय उत्तराखंड उद्यमी अवाॅर्ड समारोह को संबोधित करते हुए शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कुछ वर्षो से यहां स्थापित बड़े उद्योग पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं जो चिंता का विषय है। उन्हें यहां सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास के लिए सरकार की ओर से पांच करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि लघु उद्योगों के विकास के संदर्भ में हाल ही में उनकी मुलाकात दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र से हुई। केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड में छोटे उद्योगों के विकास में केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद देने का भरोसा दिया। उन्होंने उत्तराखंड के उद्यमियों की सभी मांगों को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष रखने और उनके समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उद्योगों के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे प्रदेशभर से आए 37 उद्यमियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उद्योग प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने का काम करते हैं। अभी भी हजारों लोग उद्योगों में नौकरी कर अपने एवं परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। समारोह के दौरान उत्तराखंड इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश शर्मा को 113 बार रक्तदान करने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल एवं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

उत्तराखंड के इस ट्रेक पर पहुंच रहे हैं देश भर के ट्रेकर्स

0

जून महीने में होने वाले आदि कैलाश ट्रेक के लिये अब तक 450 के करीब ट्रेकर्स ने रेजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। आदि कैलाश ट्रेक जून के महीने में कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ कराया जाता है। इस बारे में बताते हुए केएमवीएन के जेनरल मौनेजर टीएस मर्तोलिया ने कहा कि “ये पहला मौका है कि आदि कैलाश ट्रेक के लिये 450 लोगों ने रेजिस्ट्रेशन करा लिया है।इसके साथ साथ हमारे पास पिंडारी और सुंदरधूंगा ग्लेशियर के लिये भी अच्छी संख्या में लोग आ रहे हैं।इन दोनो ही जगहों से करीब 124 लोग ट्रेक करके वापस भी आ चुके हैं।”

पिथौरागढ़ जिले के व्यास दर्रे में मौजूद है आदि कैलाश ट्रेक। आदि कैलाश और मानसरोवर यात्रा में काफी समानताऐं हैं। आदि कैलाश को छोटा कैलाश और मानसरोवर को बड़ा कैलाश के रूप में जाना जाता है। दोनों ही जगहों की यात्रा जून में शुरू होकर सितंबर में खत्म होती हैं।60 लोगों के 16 बैचों को ही यात्रा पर जाने के लिये इजाजत मिलती है। ये दोनों ही यात्राऐं कुमाऊं मंडल विकास निगम करवाता है। आदि कैलाश का सारा य़ात्रा मार्ग पिथौरागढ़ जिले में पड़ता है।

आदि कैलाश ट्रेक के लिये लोगों के उत्साह को देखकर अब केएमवीएन को उम्मीद है कि इस इलाके में पड़ने वाले मिलम ग्लेशियर और पंचचुली बेस कैंप ट्रेक के लिये आने वाले लोगों की संख्या में भी इजाफा होगा। केएमवीएन के अनुसार इन दोनों ट्रेकों के लिये उनके पास भारतीय सेना के साथ साथ कई और संस्थाओं से जानकारी के लिये संपर्क हुआ है।

 

टीडीसी के मुख्य अभियंता सेवानिवृत्ति से पहले निलंबित

0

उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम लि. (टीडीसी) के मुख्य अभियंता पीके चौहान को निलंबित कर दिया गया है। उन पर विभिन्न मदों में करोड़ों का घोटाला करने का आरोप है। घोटाले में और भी अधिकारियों के फंसने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य अभियंता इसी माह 30 जून को सेवानिवृत होने वाले थे।

आईएएस ज्योति नीरज खैरवाल ने टीडीसी के प्रबंध निदेशक का कार्यभार संभालते ही टीडीसी में हुई वित्तीय धांधली की जांच शुरू की तो एक-एक कर परतें सामने आने लगीं हैं। उन्होंने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने टीडीसी के मुख्य अभियंता को प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितताओं का दोषी पाते हुए 24 जून को निलंबन के आदेश जारी कर दिए। निलंबन के आदेश टीडीसी प्रबंधन को प्राप्त हो गए हैं। मुख्य अभियंता 30 जून को ही सेवानिवृत होने वाले थे। घोटाले में अभी निगम के चार-पांच अधिकारियों पर शीघ्र ही गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है।


मुख्य अभियंता पीके चौहान पर धनौरी एवं खटीमा संयंत्रों पर स्थापित स्प्रिंकलर सिस्टम का कोई उपयोग न होने के बावजूद 3,57,356 और 2,67,192 रुपये खर्च करने का आरोप है। इसके अलावा उन्होंने तीन ट्रैक्टर खरीद पर 11,72,652 रुपये खर्च दिखाया, जबकि आज तक इनका कोई उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने सब्जी विधायन संयंत्र हल्दी पर क्रय की गई सीलिंग/पैकिंग की मशीन पर 22,74000 रुपये खर्च किए, जिसका आज तक कोई उपयोग नहीं हुआ। साथ ही निगम में खरीदे गए ट्रैक्टर हैरो, कराहा, लैबलर के खरीद 22,28000 रुपये खर्च किया गया जिसका कोई औचित्य नहीं था। मल्टीकलर प्रिंटेड नेचुरल पॉलिस्टर लिमिटेड से एलडीपी रोल क्रय करने में 20,37000 रुपये का दुरुपयोग किया गया।

उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी, कई जगह हो रहे हैं भूस्खलन

0

उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण राज्य भर में भूस्खलन के घटनाऐं बढ़ गी हैं। भूस्खलन होने से चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ व मैठाणा के पास अवरुद्ध हुआ।करीब साढ़े सात घंटे बाद दोनों स्थानों से मलबा हटाकर इस मार्ग को खोला गया। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी बोलडर गिरने के कराण पैदल मार्ग बाधित रहा।उत्तराखंड में पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी सहित कई स्थानों पर रात भर बारिश हो रही है। भारी बारिश से चमोली जिले में मैठाणा और लामबगड़ के पास भूस्खलन के चलते आधी रात करीब एक बजे बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया। सुबह करीब 8.40 बजे यह मार्ग खोला गया।

कुमाऊं के पिथौरागढ़ और बागेश्वर में मलबा आने से आधा दर्जन सड़कों पर यातायात बाधित रहा। इसके अलावा अलकनंदा, मंदाकिनी, काली और गोरी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।कुमाऊं के दो जिलों पिथौरागढ़ व बागेश्वर के कई इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश हुई। मलबा आने से आधा दर्जन से अधिक मार्ग छह से 12 घंटे तक बंद रहे। मार्ग बंद होने से एक दर्जन से अधिक पर्यटक व तमाम यात्री मार्ग में ही फंसे रहे।

सुबह देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, पौड़ी में बारिश हुई। हरिद्वार में तेज गड़गड़ाहट के साथ हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। कुमाऊं के चंपावत में सुबह से ही गरज के साथ बारिश हुई, हालांकि सभी मार्ग खुले हैं और यातायात सुचारू बना हुआ है। वहीं, नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी आदि स्थानों पर बादल छाए हुए हैं।
मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून ने उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में कई स्थानों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लिहाजा सावधानी रखने की जरूरत है।

जल्द आयोजित होगा उत्तराखंड में शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल : हेमंत

0

राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश में फिल्मांकन के लिए फिल्म निर्माताओं को हरसंभव सुविधा दी जाएगी। फिल्म नीति को और अधिक सरल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिषद का लोगो शीघ्र तैयार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही शार्ट फिल्म फेस्टिवल का आयोजन भी जल्द किया जाएगा।

मंगलवार को रिंग रोड स्थित सूचना भवन में आयोजित परिषद की बैठक में पाण्डेय ने कहा कि आमंत्रित की गई शार्ट फिल्मों को अवलोकन कर लिया गया है। इन शार्ट फिल्मों में से उत्कृष्ट फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परिषद ही इस सम्मान समारोह का आयोजन करेगी। इसमें उत्तराखण्ड सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले फिल्म निर्माताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। पाण्डेय ने बताया कि शार्ट फिल्मों की प्रतियोगिता के तहत कुल 24 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनका परिषद के सदस्यों द्वारा अवलोकन किया गया। बैठक में अपर निदेशक/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अनिल चन्दोला ने कहा कि परिषद द्वारा फिल्म निर्माताओं को शूटिंग हेतु अनुमति प्रदान की जा रही है। उत्तराखण्ड फिल्म नीति 2015 का लाभ देश-विदेश के फिल्म निर्माता ले रहे है।
उप निदेशक सूचना एवं नोडल अधिकारी उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद केएस चौहान ने बताया कि वर्ष 2015 से वर्तमान तक लगभग 62 फिल्म निर्माताओं ने फीचर फिल्म, टीवी सीरियल, डाक्यूमेंट्री, वीडियो एलबम आदि की शूटिंग की अनुमति प्राप्त की है। इस कड़ी में बड़े बैनरों की भी कई फिल्मों की शूटिंग उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में की गई है। अभी तक अजय देवगन प्रोडक्शन द्वारा निर्मित हिन्दी फिल्म ‘‘शिवाय’, तिग्मांशु धूलिया निर्देशित राग देश, तेलगु फिल्म ‘‘ब्रहमोत्सवम’, हिन्दी फिल्म ‘‘शुभ मंगल सावधान’, सोनी टीवी पर प्रसारित सीरियल ‘‘बडे भैय्या की दुलहनिया,वी. पर प्रसारित धारावाहिक ‘‘पिया अलबेला’, एमटीवी पर प्रसारित होने वाला रियलिटी स्पिलिटविला सीजन-10 और उत्तराखण्ड क्षेत्रीय बोली की फिल्म ‘‘गोपी-भिना, भुली ए भुली, बद्री द क्लाउड आदि प्रमुख फिल्में और धारावाहिक की शूटिंग राज्य में हुई है।
बैठक में परिषद के सदस्य हीरा सिंह राणा, शिव पैन्यूली, विक्की योगी, जय प्रकाश पंवार, चंद्रदत्त तिवारी, एसपीएस नेगी, सुदर्शन शाह, महेश प्रकाश, संयोगिता ध्यानी, कांता प्रसाद औरमनोज पांगती आदि मौजूद रहे।

कुंभ में स्थाई निर्माणों पर रहेगा जोर : कौशिक

0

हरिद्वार में 2021 में प्रस्तावित महाकुंभ के लिए सरकार ने मशक्कत शुरू कर दी है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को कुंभ के लिए विस्तृव प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर प्रस्ताव तैयार करें। साथ ही उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए होने वाली निर्माणों में स्थाई प्रवृत्ति के निर्माण पर जोर रखा जाए।

मंगलवार को राजीव गांधी काॅम्पलेक्स सभागार में कौशिक ने नगर विकास को लेकर बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को 2021 कुंभ के लिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थाई निर्माण पर फोस रख प्रस्ताव तैयार किए जाएं। साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए 2021 तक लक्सर-बिजनौर रिंग रोड को भी तैयार किया जाए। नगर विकास मंत्री ने हरिद्वार में 2021 तक आईएसबीटी के लिए स्थान चिह्नित करने, क्षमता और लागत का प्रस्ताव तैयार करने, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, सिंचाई, विद्युत विभाग के सचिवों को तैयारियों के लिए पत्र लिखने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि ये सभी प्रस्ताव आने के बाद 2021 कुंभ पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक होगी। उन्होंने बताया क हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये तक के कार्य पर्यटन विभाग, सौन्दर्यीकरण एवं पार्किंग क्षेत्र में करेगा। उन्होंने ने अधिकारियों से कहा कि 2021 कुंभ के लिए वर्तमान और पूर्व में रहे मेलाधिकारियों की एक समिति गठित की जाए। इस समिति के सुझाव कार्यों के संपादन में अहम साबित होंगे।
देहरादून की सूरत संवारने के लिए शुरू की गई कवायद का रंग नजर आने लगा है। कौशिक का कहना है कि इस मुहिम को किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा। बैठक के दौरान उन्होंने सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एकजुट होकर कार्य करें। यह सभी का शहर है और सभी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो भी दोबारा अतिक्रमण करें, उसके विरुद्ध सख्ती से पेश आएं। पुनः अतिक्रमण करने वालों का चालान करे और मुकदमा दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि शहर में विद्युत पोल हटाएं जाएं और विद्युत तारों को अन्डरग्राउण्ड किया जाए। बैठक में सचिव पीडब्लूडी अमित नेगी आदि मौजूद रहे।

इंडो-नेपाल सीमा हुई सील

0

नेपाल में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के दृष्टिगत भारत-नेपाल सीमा तीन दिनों के लिए सील कर दी गई है। पिथौरागढ़ जिले में पांच झूला पुलों व चंपावत जिले में शारदा बैराज बैरियर को बंद कर दिया गया है। साथ ही सीमाओं को सील कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

पिथौरागढ़ जिले में भारत और नेपाल के मध्य सीमा रेखा बनाने वाली काली नदी पर बने पांच झूला पुल सीता पुल, धारचूला, बलुवाकोट , जौलजीवी और झूलाघाट हैं। जिसमें सीता पुल उच्च हिमालय में गब्र्यांग के पास है। शेष चार पुलों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में दोनों देशों के लोग आवाजाही करते हैं। धारचूला, जौलजीवी और झूलाघाट के झूला पुल दिन भर व्यस्त रहते हैं। नेपाल के लोग खरीदारी के लिए भारत आते हैं। नेपाल के कुछ सीमावर्ती गांवों का बाजार भी भारत का जौलजीवी बाजार है। इसके अलावा नेपाल के विद्यार्थी पढऩे के लिए भारत आते हैं। नेपाल में 28 जून तक निकाय के चुनाव के चलते नेपाल प्रशासन ने भारतीय प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से तीन दिन पुल बंद करने का अनुरोध किया था।

इसे देखते हुए सभी पुल आवाजाही के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसी तरह चंपावत में शारदा बैराज से होकर नेपाल का मोटर मार्ग भी बंद कर दिया गया है। अब 29 जून की सुबह ही दोनों देशों के बीच आवाजाही शुरू हो सकेगी।

लोक कला पर आधारित पेंटिंग ने मोह लिया सबको

0

सोर कलाकार कल्याण समिति ने शहर को सजाने-संवारने का बीड़ा उठाया है। मंगलवार को समिति की तीन दिवसीय अखिल भारतीय भित्तिचित्रण कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला के तहत बाहर से आए चित्रकारों द्वारा शहर की दीवारों पर कुमाऊं के त्योहार, लोक कला पर आधारित आकर्षक पेंटिंग बनाई जा रही है।

हमारी संस्कृति, हमारी पहचान कार्यक्रम के तहत मंगलवार कार्यक्रम की शुरुआत घंटाकरण में की गई। समिति के ललित मोहन कापड़ी व हरीश चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि शहर की दीवारों को सजाने के लिए देश के सुप्रसिद्ध चित्रकार मुज्जफ्फरनगर से प्रवीण सैनी, मेरठ से संतोष साहनी व मूर्तिकार प्रदीप सैनी पहुंचे हैं। इसके अलावा हल्द्वानी से जगदीश पांडेय, बुलंदशहर से हरीश चंद्र गहतोड़ी द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। नगर के व्यवसायियों द्वारा भी रंग, ब्रश की निश्शुल्क व्यवस्था की गई है। अगले दो दिन चित्रकारों द्वारा देव सिंह मैदान, विकास भवन के सामने की दीवारों पर चित्रकारी की जाएगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में गोविंद बिष्ट, ज्योति प्रकाश पुनेठा आदि जुटे हुए हैं।

राज्य में बनेगी साइंस सिटी : सीएम

0

मंगलवार को ‘विज्ञान धाम’ यू काॅस्ट झाझरा प्रेमनगर में आयोजित ‘उत्तराखण्ड में जलवायु परिवर्तन के खतरों की दिशा में लचीलेपन के लिए अभ्यास और नीति के साथ विज्ञान को जोड़ने’ विषयक कार्यशाला में सूबे के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हिस्सा लिया। सीएम ने इस दौरान घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में ’साइंस सिटी’ विकसित की जायेगी। शीघ्र ही हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा केन्द्रीय मंत्रियों का एक सम्मेलन देहरादून में आयोजित किया जायेगा। राज्य में ’ग्रीन रोड’ निर्माण की दिशा में शीघ्र ही प्रभावी पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने जलवायु परिवर्तन पर आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। कार्यशाला में उपस्थित वैज्ञानिक तथा छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से हम जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में विश्व के भविष्य के संबंध में चिन्तित है। ’’जलवायु परिवर्तन’’ चर-अचर से संबंधित है। यह भी सत्य है कि वैश्विक उत्सर्जन के संदर्भ में भारत सबसे कम उत्सर्जन करने वाले देशों में है। परन्तु जलवायु परिवर्तन का सबसे पहले प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों पर पड़ेगा।
जलवायु परिवर्तन का विषय आते ही हमें सबसे पहले ’केदार आपदा’ याद आती है। सभी क्षेत्र, कृषि, वानिकी, समुद्रतल, जलस्तर, मौसम आदि जलवायु परिवर्तन से प्रभावित है। जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। जलवायु परिवर्तन में विकसित राष्ट्रों ने सबसे अधिक योगदान दिया है। इसमें अमेरिका की विशेष भूमिका रही है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मजबूत कदम उठाए तथा आठ बिन्दुओं वाला मिशन आरम्भ किया। जहां एक और जलवायु परिवर्तन से हमारा कृषि उत्पादन कम हो रहा है। ग्लेशियरों के त्रीवता से पिघलने से समुद्री क्षेत्रों के जलमग्न होने का खतरा बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर जनसंख्या बढ़ने से भी जलवायु पर दुष्प्रभाव बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों तथा पौराणिक ग्रन्थों में भी वृक्षारोपण को पुण्य तथा लाभकारी माना गया है। हमारे जनजातिय व वनवासी समुदाय परम्परागत रूप से वनों का संरक्षण करते है। हमें जनजातियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय पर मात्र सरकार पर ही निर्भर नही रहा जा सकता। इस दिशा में जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। वनाग्नि जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जनता की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। हमें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मात्र सरकार पर निर्भरता के स्थान पर आत्म प्रयासों व जन सक्रियता पर बल देना होगा। इस दिशा में सोच को बदलना होगा। हमें अपनी समस्याओं को अपने स्तर से सुलझने के प्रयास करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’ग्रीन रोड’’ कम कीमत तथा बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण हेतु कारगर पहल है। निश्चित रूप से उत्तराखण्ड में इसका क्रियान्वयन किया जायेगा। प्रधानमंत्री द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों, सौर, जल, न्यूक्लियर आदि सभी की क्षमता विकास के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने इस अवसर पर कार्यशाला के संदर्भ में दो पुस्तिकाओं का विमोचन किया। मुख्यमंत्री को चूरानिर्मित अंगवस्त्र तथा केदारनाथ का स्मृति चिन्ह् भेंट किया गया।
इस अवसर पर विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी, विनोद कण्डारी, वैज्ञानिक राजेन्द्र डोभाल, एसपी सिंह, पीपी ध्यानी आदि उपस्थित रहे।

मीरा कुमार ने सोशल मीडिया से की प्रचार की शुरूआत

0

राष्ट्रपति चुनाव की विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने अपने प्रचार की शुरूआत से सोशल मीडिया से कर दी है। हालांकि वो बुधवार पूर्वाह्ल ग्यारह बजे संसद भवन में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी तथा 30 जून राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आश्रम साबरमती से अपने प्रचार अभियान की शुरूआत करेंगी ।

इससे पहले मीरा कुमार ने ट्विटर और फेसबुक पर अपना अकाउंट खोल लिया है। मौजूदा दौर में ‘बिहार की बेटी’ की उपमा से अलंकृत मीरा कुमार ईद के मौके पर अपना अकाउंट खोलते हुए सबसे पहले ईद की मुबारकबाद दी।
24 घंटे के अंदर ही उनके समर्थकों के लाइक और कमेंट्स भी आने लगे हैं। मीरा कुमार ने अपने ट्विटर एकाउंट पर दिये अपने परिचय में लिखा है राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष, 5 बार की सांसद रह चुकी। वहीं, उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर परिचय में लिखा है- @MeiraKumarOfficial। दोनों अकाउंट में उन्होंने अपने समर्थकों से उन्हें फॉलो करने के लिए कहा है।
अकाउंट खोलने के 24 घंटे के अंदर ही मीरा कुमार के फेसबुक पेज को 439 लोगों ने उन्हें फॉलो करना शुरू कर दिया है। साथ ही 423 लोगों ने पेज को लाइक किया है। मीरा कुमार ने अपनी तीन तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। वहीं, उनके ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने मात्र तीन ट्वीट किये हैं। उनके तीन ट्वीट पर ही उनके फॉलोअरों की संख्या 2601 हो गयी है।
मीरा कुमार सोशल मीडिया में काफी सक्रिय दिख रही हैं। उन्होंने 27 जून, 2017, दिन मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फेंस करने की जानकारी भी ट्वीट और फेसबुक के जरिये भी दी थी। जिसमें उन्होंने खुद के ऊपर लगाये जा रहे तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए यह भी कहा कि यह उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश है ।