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जीएसटी से व्यापारी परेशान

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अर्थव्यवस्था की दिशा में क्रन्तिकारी कदम जीएसटी बिल के पास होने के बाद अब उत्तराखंड वासियों को भी इस बिल का बेसब्री से इन्तजार है, प्रदेश में बिल आने से जहाँ एक तरफ अलग-अलग टैक्स के जालों से छूठ मिलेगी तो वहीँ महंगाई से कुछ राहत भी मिलेगी, लेकिन दूसरी तरफ़ व्यापारियों में जीएसटी के प्रति काफी रोष देखने को मिल रहा है।

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर, यानी इंडायरेक्ट टैक्स है जिसके तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जाता है। आपको बता दे की कल यानी 1 जुलाई से देश भर में जीएसटी लागु होंने जा रहा है, जिसका इंतजार पिछले काफी समय से आम लोगों को था, लेकिन दूसरी तरफ देश भर में व्यापारी वर्ग सरकार के इस फैसले से नाखुश दिखाई दे रहा है।

बात करे ऋषिकेश की तो तीर्थनगरी ऋषिकेष में भी जीएसटी के खिलाफ व्यापारी सड़कों पर उतरते दिखे, बावजूद इसके केंद्र के द्वारा जीएसटी को पास करने के बाद अब ये बिल एक जुलाई से हर राज्य में लागू होने जा रहा है। अभी तक भारत में सेंट्रल सेल्स टैक्स, वैट, मनोरंजन, एक्साइज़ और लग्जरी जैसे टैक्स लगा करते थे, लेकिन अब जीएसटी के लागू हो जाने के बाद सर्फ एक ही टैक्स लगेगा जिसका सीधा फायदा छोटे व्यापारियों से लेकर आम आदमी को भी होगा।

तो वहीं अब विपक्ष ने भी सरकार के इस फैसले को गलत बताया है। ऋषिकेष पहुँचे पूर्व प्रदेश कांग्रेस अद्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जीएसटी को गलती भरा कदम बताया है।भले ही जीएसटी को लेकर कई सारी बाते हो रही हो लेकिन कुल मिलाकर बात ये है की इस बिल से आम को महंगाई से कुछ हद तक तो राहत मिल सकती है। आज मध्य रात्रि से जीएसटी बिल लागू हो जाएगा जिसको लेके व्यापारी ओर आम लोगों में उत्सुकता भी बनी हुई है।

विज्ञापनों के लिए उपभोक्ताओं के ईमेल स्कैन नहीं करेगा गूगल

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 गूगल व्यक्तिगत विज्ञापनों के लिए अब उपभोक्ताओं के ईमेल स्कैन नहीं करेगा। गोपनीयता समर्थक लगातार गूगल की इस नीति की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन अब कंपनी इसका अंत करने जा रही है।गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में इस बदलाव की घोषणा की। यह इस साल के अंत तक लागू होगा। गूगल का कहना है कि उपभोक्ता की जीमेल सामग्री का किसी भी विज्ञापन निजीकरण के लिए स्कैन नहीं किया जाएगा।
पिछले दिनों गूगल के ऐसा करने को उपभोक्ताओं ने गंभीर निजता से जुड़ा मामला माना और इसकी प्रामाणिकता को लेकर चिंता जाहिर की। कंपनी ने साफ किया है कि जो लोग पेड जीमेल का प्रयोग कर रहे हैं गूगल उनके अकाउंट स्कैन नहीं करता। बाकी सभी यूजर्स के लिए भी साल के अंत तक मेल पर निगरानी रोक दी जाएगी।
गूगल फिलहाल जीमेल पर ऐड दिखाने की योजना बना रहा है। पेड अकाउंट्स जहां ऐड फ्री होंगे, वहीं बाकी सभी अकाउंट्स के लिए कंपनी के अन्य सॉफ्टवेयर निर्धारित करेंगे कि उन पर कौन से विज्ञापन दिखाए जाएं।

टीम इंडिया के नाम जुड़ेगा 600 का जादुई आंकड़ा

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भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को पांच वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मैच खेला जाएगा। इस मैच के साथ ही भारतीय टीम वनडे क्रिकेट में विदेशी जमीन पर 600 मैच खेलने वाली दूसरी टीम बन जाएगी। भारत से पहले सिर्फ पाकिस्तानी टीम यह मुकाम हासिल कर चुकी है।

भारत ने अभी तक कुल 914 मैच खेले हैं। इनमें से 463 मैच जीते हैं और 404 में उसे हार मिली है। 40 मैच ऐसे हैं जिनका कोई नतीजा निकला। घरेलू मैदान पर भारत ने कुल 315 वनडे मैच खेले हैं, इनमें से उसे 183 में जीत मिली है और 121 में भारत हारा है। 2 मैच टाई रहे हैं और 9 का कोई नतीजा नहीं निकला।
अगर विदेशी जमीन पर खेले गए मैचों की बात करें तो भारत ने 599 में से 280 में जीत हासिल की है। 283 भारत हारा है और 5 मैच टाई रहे हैं 31 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला है। पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने कुल 700 मैच विदेशी धरती पर खेले हैं। पाकिस्तान ने इनमें से 354 मैच जीते हैं और 325 हारी है। 7 मैच टाई रहे हैं और 14 का कोई नतीजा नहीं रहा।
इसके अलावा, श्रीलंका ने 553 मैचों में 226 में जीत हासिल की है। वेस्ट इंडीज ने (519), ऑस्ट्रेलिया (473), न्यू जीलैंड ने (438) मैच विदेशी धरती पर खेले हैं। इंग्लैंड की टीम ने कुल 408 मैच अपनी जमीन के बाहर खेले हैं। इनमें से उसे 183 में जीत मिली है। 

पहली बारिश ने ही खोल दी पोल

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 मानसून की पहली बारिश ने व्यवस्थाओं को आइना दिखा दिया। तमाम व्यवस्थाओं के वादे बारिश के पानी में डूब गए। आलम यह था कि शहर की सड़कें नदियों की तरह नजर आने लगी। सभी वादे डूबते, लड़खड़ाते और धड़ाम करते लोगों के लिए यह मानसून यादगार बन गया। जैसे-तैसे लोगों ने बारिश से दो चार होकर पार किया।

हर कोई गर्मी से आजिज था। आंख खुलते नजारा ही और था। पूरा शहर जलमग्न और घरों तक पानी। सड़कों का नजारा देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। बजबजाती गंदगी और लबालब सड़कों ने हर किसी को चौंका दिया। झमाझम बारिश के बीच कामकाजी लोग घर से बाहर निकले तो यह समझ नहीं आया कि कहां से निकलें। हर तरफ पानी से लबालब सड़कें, बजबजाती गंदगी और हिचकोले खाते वाहन। पूरे शहर को बारिश के पानी ने अपने आगोश में ले लिया। परशुराम चौक से लेकर इंदिरा चौक, किच्छा रोड, काशीपुर रोड पर हर तरफ बारिश के पानी में वाहन गोते लगा रहे थे। इनमें कुछ वाहन गड्ढों भरी सड़कों के शिकार भी हो गए। खास बात यह है कि गाबा चौक को सही कराने के वादे करने वाले विभागों की पोल खुलकर रह गई। गाबा चौक पर बरसात से उधड़ी बजरी लोगों के लिए काल बनकर आई। यहां सुबह छह बजे से लोगों के वाहन फिसलने का सिलसिला शुरू हो गया।

बारिश में डूबी सड़कें और उनमें रिस रही बजरी ने कई ई-रिक्शा, बाइक और साइकिलों को कलाबाजी खिला दी। इतना ही नहीं चौपहिया वाहन भी रेंगने लगे। कई वाहन तेज रफ्तार में आए भी, लेकिन पहिया फिसलते ही अचानक रुक गए। इस मंजर ने वहां पर लंबा जाम लगा दिया। हर मोड़ पर भरे पानी ने लोगों का निकलना दूभर कर दिया। सड़कों पर सिर्फ चौपहिया और दोपहिया वाहन ही दिखाई दिए। जबकि कुछ एक जरूरी काम पर जाने वाले लोग भी चारों तरफ भरे पानी में घिर गए। दोपहर 12 बजे के बाद यह बारिश कुछ हल्की हुई और हल्की धूप के दर्शन हुए, लेकिन कुछ देर बाद ही मौसम ने फिर करवट ले ली। बारिश से गर्मी से निजात मिल गई, लेकिन व्यवस्थाओं को आइना भी दिखा दिया।

रागदेश का ट्रेलर संसद में हुआ लांच

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भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली बार किसी फिल्म का संसद में ट्रेलर लॉन्च हुआ। देश की आजादी की क्रांति पर आधारित निर्देशक तिग्मांशु धूलिया की महत्वाकांक्षी फिल्म रागदेश  का ट्रेलर बृहस्पतिवार को दिल्ली में राज्यसभा के हॉल नंबर-63 में लांच किया गया।

इस संबंध में फिल्म में एक किरदार निभा रहे अभिनव थापर ने यह जानकारी दी है। थापर ने बताया कि बृहस्पतिवार को अभिनेता कुनाल कपूर और अमित साड लंदन में थे, वहां भी उन्होंने फिल्म की ऑन लाइन लॉंचिंग की।

इस मौके पर निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने कहा कि रागदेश में दर्शकों को ऐतिहासिक दृष्टिकोण के साथ ड्रामा, रोमांच और एक्शन भी भरपूर देखने को मिलेगा। धूलिया ने कहा कि उत्तराखंड में शूटिंग की अपार संभावनाएं हैं। इस फिल्म के दृश्यों को देखकर कई बड़े फिल्म निर्माता अवश्य उत्तराखंड का रुख करेंगे।

रागद्वेष में अभिनेता कुनाल कपूर, मोहित मारवा, अमित साड, अभिनव थापर और अभिनेत्री मृदुला व केनी थापर ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में हुई है। फिल्म में उत्तराखंड के कलाकारों को भी मौका दिया गया है।

दून निवासी अभिनव थापर ने बताया कि फिल्म की 60 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखंड में हुई है। उन्हें फिल्म में जनरल क्यानी की अहम भूमिका अदा की है। थापर ने कहा कि फिल्म से जुड़कर धूलिया जैसे बड़े निर्देशक के साथ काम करने के अलावा उत्तराखंड की खूबसूरती पर चर्चा करने का भी अवसर मिला।

उन्होंने बताया कि जब भी मौका मिलता है धूलिया हमेशा उत्तराखंड की खूबसूरत लोकेशंस पर बात करते हैं। लांचिंग कार्यक्रम में राज्य सभा सचिव डीपी सिंह, निर्माता गुरदीप सिंह सप्पल आदि उपस्थित थे।

 

नेगी की सेहत स्थिर,राज्य सरकार ने किया इलाज का ख़र्च उठाने का फ़ैसला

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लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी की हालत में कुछ सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य के लिए अगले 48 घंटे बहुत ही अहम बताएं हैं।इसी बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया है कि लोक गायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी और राज्यआन्दोलकारी सुशीला बलोंनी के मैक्स  हॉस्पिटल मे इलाज का सारा खर्चा राज्य सरकार  वहन करेगी

बुधवार को उन्हें सिने में दर्द के चलते सीएमआई अस्पताल ले जाया गया था लेकिन हालत नाजुक देखते हुए उन्हें मैक्स अस्पताल में रेफर किया गया। कल से वे जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। अस्पताल के बाहर प्रशंसकों का तांता लगा है। सब हाथ उठाकर उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं।

उत्तराखंड के मशहूर लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को हार्ट अटैक आने की खबर से हर कोई दुखी हैं। सोशल मीडिया पर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए हर कोई मैसेज पोस्ट कर रहा है। वहीं, अस्पताल में उनका हाल जानने वालों का तांता लगा हुआ है। मैक्स अस्पताल के बाहर नेगीदा के प्रशंसकों की भारी भीड़ जुटी हुई है। गुरुवार को कई सांसद, मंत्री और विधायक समेत प्रदेश के कई प्रतिष्ठित लोग उनका हाल जानने अस्पताल पहुंचे।

सोशल मीडिया पर गलत सूचना पर नाराजगी सोशलमीडिया पर लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। इसे लेकर प्रशंसकों में रोष है। कई लोग ऐसे लेकर सोशलमीडिया पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। साथ ही नेगीदा के सलामत होने की जानकारी दे रहे हैं। उधर, नेगीदा के स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए सोशलमीडिया पर लोग दुआएं कर रहे हैं। मंदिरों में भी प्रार्थनाएं हो रही हैं।

पहले उन्हें पेट दर्द के साथ सीने में हल्के दर्द था, लेकिन बुधवार को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें सीएमआई अस्पताल लाया गया। जहां देर शाम कार्डियोलॉजिस्ट डा.जगजीत सिंह की देखरेख में तीन सदस्यीय टीम की देखरेख में एनजियोग्राफी की गई।  लोकगायक नेगी के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर उन्हें देखने पूर्व सीएम हरीश रावत, केदारनाथ विधायक मनोज रावत के साथ ही लोक गायक प्रीतम भरतवाण भी पहुंच गए। अस्पताल में उन्होंने नेगी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। लोकगायक नेगी के साथ अस्पताल में उनकी पत्नी उषा नेगी और बेटा कविलाश नेगी और बहू भी हैं।

एसडीएम को आया गुस्सा भड़क उठे शिकायतकर्ता

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रानीखेत सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जाच को पहुंचे उपजिलाधिकारी गौरव चटवाल शिकायत करने वालों पर ही भड़क उठे। क्षेत्रवासी जहां डामरीकरण के कुछ ही दिन बाद ही सड़क उखड़ने का कारण पूछते रहे, वहीं एसडीएम जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की बात पर अड़े रहे। शुरुआती चरण में डामर की गुणवत्ता को सही करार देते हुए एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यदायी संस्था को क्लीन चिट नहीं दी गई है।

अगले चरण में अनियमितता मिली तो बख्शा नहीं जाएगा। इधर, नाराज नरचौकोट सामाजिक एवं विकास परिषद के पदाधिकारी ने एसडीएम पर अभद्रता का आरोप लगा किसी अन्य तकनीकी विभाग से कराए जाने की मांग उठाई है।  नरचकोट सामाजिक एवं विकास परिषद तथा ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से वलमरा केदार मोटर मार्ग के निर्माण कार्यो पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। शिकायत की तह तक जाने के लिए एसडीएम गौरव चटवाल, एडीबी व प्रशासनिक टीम जाच के लिए बुधवार को मौके पर पहुंची। इसी बीच परिषद अध्यक्ष हृदयेश मेहरा ने शिकायत दोहराई कि डामरीकरण के कुछ ही दिन सड़क उखड़ गई। फिर पैचवर्क कराया गया। वह भी नहीं टिका। लगातार कारण पूछते रहने पर एसडीएम परिषद अध्यक्ष पर ही बिफर पड़े। तीखी तकरार के बीच जहां जहां डामर उखड़ने की शिकायत की गई, एसडीएम ने एडीबी अधिकारियों से जांच कराई। उन्होंने कहा कि मोटरमार्ग पर दो सेमी गहराई का डामर सही पाया गया है। आगे 15 किमी लंबी रोड की जांच की जानी है। यदि अनियमितता मिली तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाएंगे।

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परिषद अध्यक्ष हृदयेश मेहरा व व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी आदि ने सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप दोहराया है। उन्होंने किसी अन्य विभाग के तकनीकी अधिकारियों से नए सिरे से जांच पर जोर दिया है। आरोप लगाया कि प्रशासन व एडीबी धांधली पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा। इस मौके पर सत्य प्रकाश मिश्रा, एसपी मिश्रा, रघुवीर सिंह, बसंती आर्या आदि मौजूद रहीं।

एसडीएम गौरव चटवाल ने कहा कि  अभद्रता का सवाल ही नहीं है। शिकायतकर्ता ऊंची आवाज में बार-बार एक ही सवाल उठाते रहे। हमने तो समझाया कि जांच का पहला दिन है। अभी 15 किमी तक जांच करेंगे। जहां-जहां कहा, वहीं पर सड़क खोदकर दिखाया। गुणवत्ता ठीक पाई गई। अभी हमने कार्यदायी संस्था को क्लीन चिट भी नहीं दी है। आगे गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई करेंगे।

डकैती का खुलासा न होने पर मौन धरना-प्रदर्शन

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मानव विहार,काशीपुर में प्रॉपर्टी डीलर सुमित जैन के घर करीब एक सप्ताह पूर्व हुई डकैती की वारदात का खुलासा न होने पर व्यापारी भड़क उठे। उन्होंने एएसपी कार्यालय में मौन धरना-प्रदर्शन कर रोष जताया। साथ ही घटना का जल्द खुलासा करने की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर घटना का खुलासा नहीं किया गया तो वह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

व्यापारियों ने 23 जून को एएसपी जगदीश चंद्र से मिलकर मानव विहार कालोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुमित जैन के घर में 19 जून की रात हुई डकैती की घटना का खुलासा करने की मांग की थी। ज्ञात हो इस वारदात में हथियारबंद करीब आधा दर्जन बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर के घर धावा बोल उन्हें तथा उनकी मां सुधा को बुरी तरह xघायल कर दिया था। इसके बाद बदमाश कीमती जेवरात लूट ले गए थे। व्यापारियों ने एएसपी को वारदात का खुलासा करने के लिए 28 जून तक की मोहलत दी थी।

डकैती का नौ दिन बाद भी खुलासा न होने पर व्यापारी व कालोनीवासी पीडि़त सुमित जैन के साथ बुधवार को एएसपी कार्यालय पर एकत्र हुए। वहां उन्होंने मौन धरना प्रदर्शन कर रोष जताया। साथ ही घटना का जल्द खुलासा करने की मांग की। चेतावनी दी कि एक सप्ताह में घटना का खुलासा नहीं किया तो बेमियादी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। इस दौरान बांसफोड़ान चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह ने व्यापारियों को समझा-बुझाकर धरने से उठाया। साथ ही डकैती का जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया।

‘संसाधनों, भौगोलिक विषमताओं के हिसाब से नीति बनाने की जरूरत’

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पूरे देश को विकास के एक ही चश्मे से देखना उचित नहीं है। खासकर उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों के लिए उनके संसाधनों और भौगोलिक विषमताओं के हिसाब से अलग नीति बनाने की जरूरत है। यही वजह है कि दिल्ली से देश के लिए चलने वाली एक जैसी योजनाएं हिमालयी राज्यों में आकर फेल हो जाती हैं। ऐसे राज्यों के लिए जल्द अलग नीति व उसके अनुरूप योजनाएं तैयार की जाएंगी। यह बात देहरादून स्थित वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में नीति आयोग के सदस्य व डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन) के पूर्व सचिव डॉ. वीके सारस्वत ने कही।

डॉ. सारस्वत ने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए अलग नीति बनाने के लिए आयोग हर राज्य में दौरा कर रहा है। इस कड़ी में जल्द उत्तराखंड का दौरा कर ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बैठक की जाएगी।
उत्तराखंड के मौजूदा हालात पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सारस्वत ने कहा कि यहां चीड़ की पत्तियां जंगलों में आग का कारण बन रही है, जबकि इनका इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है। बायोमास गैसिफिकेशन या बायो मिथेनाइजेशन के माध्यम से इस तरह के जैव संसाधनों का प्रयोग ऊर्जा तैयार करने में किया जा सकता है।
इसके अलावा उत्तराखंड में इकोटूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और जरूरत इस बात की है कि टूरिज्म को इकोफ्रेंडली टूरिज्म से जोड़ा जा सके। राज्य के निचले हिस्सों में फसल उगाने व ऊंचाई वाले हिस्सों में हॉर्टिकल्चर व फ्लोरीकल्चर की संभावनाओं को तलाशा जा सकता है। उत्तराखंड जैसे राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए दोहरी शिक्षा व्यवस्था लागू किए जाने की जरूरत है, जिसमें वोकेशनल कोर्स भी साथ-साथ चलते रहे हैं।
उद्योग सेक्टर के लिहाज से भी उत्तराखंड में आमूलचूल परिवर्तन किए जाने की जरूरत है, यहां फार्मा इंडस्ट्री की जगह आइटी पर फोकस किए जाने की जरूरत है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल की बैठक में इन्हीं तमाम संभावनाओं को लेकर विस्तृत मंथन किया जाएगा। बैठक में नीति आयोग की तरफ से तय किए गए तीन, पांच और सात साल के विजन डॉक्यूमेंट पर भी बात होगी। हालांकि इसको लेकर सभी राज्यों के मुख्य सचिव से नियमित तौर पर भी बात की जाती है।

एम्स छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच के आदेश

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हाईकोर्ट ने एम्स ऋषिकेश में छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच करने के आदेश दिये हैं। मामले के अनुसार 24 जून 2014 कुमारी युक्ति (नर्सिंग प्रथम ) एम्स की छात्रा थी जिसकी मौत एम्स में ही पंखे पर लटकर हुई थी। जिसकी रिपोर्ट उसके पिता द्वारा ऋषिकेश थाने में लिखायी गई थी किन्तु पुलिस द्वारा उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही उनकी एफआईआर लिखी गई।

नौ महीने के बाद मृतका के पिता ने कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 156(3) में प्रथर्नापत्र दिया जिस पर कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर लिखने के आदेश दिए। जिस पर जांच अधिकारी द्वारा जांच की गई। इस जांच से असंतुष्ट होकर जांच सीबीसीआईडी को सौप दी। इनकी भी जांच से असंतुष्ट होकर सीबीसीआईडी ने मामले को बन्द कर दिया। 

मृतका के पिता ने कोर्ट से इस मामले में सीबीआई से जांच करने की मांग की गई परन्तु सीबीआई ने जांच करने से मना इस आधार पर कर दिया गया कि उनके पास काम का बोझ बहुत अधिक है इसलिए इसकी जांच नही कर सकते है। जिसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में सीबीआई से जांच कराने के लिए याचिका दायर की। मामले को सुनने के बाद न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने मामले की जांच सीबीआई से करने के आदेश दिए।