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वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर ठगी

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बद्रीनाथ-केदारनाथ की हवाई सेवा और वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में पीड़ित ने 18 जून को शिकायत दर्ज कराई थी।

केशवपुरम, आवास विकास कानपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी अमित कुमार पांडे पुत्र स्वर्गीय जेसी पांडे ने 18 जून को थाना रायवाला में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा कि वरुण सैनी नामक व्यकित ने उनको व उनके परिवार को जॉलीग्रांट/सहस्त्रधारा से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के वीआईपी दर्शन कराने औऱ हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से यात्रा कराने के लिए 1.50 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद उक्त व्यक्ति गायब हो गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया था।
विवेचना के दौरान अभियुक्त वरुण सैनी पुत्र सुरेश सैनी निवासी 163 मस्जिद मोड़ थाना हॉज खास नई दिल्ली द्वारा धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया। 29 जून को रायवाला पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। पुलिस टीम ने थाना हॉज खास नई दिल्ली की मदद से अभियुक्त की तलाश कर मस्जिद मोड़ हौज खास नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त वरुण सैनी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

घर छोड़ने को हुए मजबूर

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तहसील अंतर्गत आपदा प्रभावित रिवाड़ी गांव में रिवाड़ी गधेरे ने फिर तबाही मचाई। गधेरे के तेज प्रवाह से मकानों के सुरक्षा दीवारें ढह गई। मकानों के आंगन व कमरे कीचड़ व पानी से भर गए। इससे घरेलू सामान बर्बाद हो गया। गधेरे के विकराल रूप देख पूरे गांव में भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई परिवारों के लोग घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।

बुधवार देर सायं करीब दस बजे से मूसलधार बारिश शुरू हो गई। आधे घंटे बाद रिवाड़ी गधेरे ने विकराल रूप ले लिया तथा गांव से लगे जंगल से तेज प्रवाह के साथ पत्थर, मलबा व कीचड़ बहा ले आया। जो सुरक्षा दीवारें तोड़कर घरों के आंगन व कमरों में घुसने लगा। गधेरे के रौद्र रूप देख गांव में भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए कई ग्रामीण घरों से भाग गए।

कुछ ही देर में आनंद सिंह, हयात सिंह, महेंद्र ंिसह व बीरेंद्र सिंह के आंगन व कमरे पानी, कीचड़ व मलबे से भर गए। परिवारों का घरेलू सामान बर्बाद हो गया। ढाई दर्जन अन्य मकानों के आंगन व गोशाले भी कीचड़ व पानी से सन गए। गजेंद्र सिंह नेगी के मकान की सुरक्षा दीवार ढह गई। इससे मकान व गांव को और खतरा बन गया है। ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर बिताई। सूचना पर एसडीएम फिंचा सिंह चौहान, तहसीलदार ओमबीर सिंह, खंड विकास अधिकारी बृजमोहन गुर्रानी समेत तमाम विभागीय अधिकारी तड़के मौके पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।

एसडीएम की मौजूदगी में गधेरे से बचाव व राहत कार्य शुरू हो गया है। गधेरा व आसपास के मलबे को साफ करने के लिए मौके पर दो जेसीबी लगी हैं। एसडीएम टीम के साथ पूरे दिनभर गांव में ही जमे रहे। परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए राजस्व टीम ने पूरे गांव की सर्वे कर ली है।

गधेरे के खौफ से सर्वाधिक प्रभावित चार गांव के चार परिवार क्रमश: आनंद सिंह, हयात सिंह, महेंद्र सिंह व बीरेंद्र सिंह ने घर छोड़ अन्यत्र शिफ्ट हो गए हैं। जबकि कई अन्य परिवार भी भय से घर छोड़ने की तैयारी में हैं। एसडीएम फिं चा सिंह ने ऐसे सभी परिवारों को बरसात में अन्यत्र चले जाने की हिदायत दे दी है। कहा कि उन्हें प्रशासन द्वारा चार हजार मासिक किराया भुगतान किया जाएगा। जो बरसात के सीजन तक लागू रहेगा। उन्होंने यह भी माना है कि करीब ढ़ाई दर्जन परिवारों का गधेरे से नुकसान हुआ है। इसका आकलन तैयार किया जा रहा है।

स्कूलों के नाम पर फंड नहीं और शिक्षकों की झोली फूल

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कुमाऊं मंडल में 77 हजार से अधिक बच्चों के लिए स्कूलों में फर्नीचर की जरूरत है। फर्नीचर नहीं होने की वजह से बच्चों को चटाई पर बैठ कर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसके अलावा सरकारी दावों से इतर बच्चे शौचालय नहीं होने और पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कुमाऊं मंडल शिक्षा विभाग ने भी प्राथमिक स्कूलों के बच्चों की जरूरतों से संबंधित रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट इसलिए विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है, कि हर साल सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम से लेकर अभिनव प्रयोगों पर कागजी खानापूर्ति होती है। पब्लिक स्कूलों के प्रति अभिभावकों के बढ़ते क्रेज के बाद भी शिक्षा महकमा सुधरने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि बच्चों के पठन-पाठन से लेकर बुनियादी जरूरतों पर हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मंडल में प्राथमिक विद्यालयों के डेढ़ लाख से अधिक बच्चे सुविधाओं का दंश झेल रहे हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार मंडल के प्राथमिक विद्यालयों में 697 शौचालय नहीं हैं जबकि 542 विद्यालयों में पानी नहीं है।

सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी के साथ ही शिक्षकों की बंकबाजी का फायदा पब्लिक स्कूल उठा रहे हैं। हर साल सरकारी स्कूलों में छात्रसंख्या घटने की मुख्य वजह यही है। यही वजह है कि मुफ्त खाना, ड्रेस की उपलब्धता भी अभिभावकों को आकर्षित नहीं कर पा रहा है और वह पेट काटकर पब्लिक स्कूलों में बच्चों का एडमिशन करा रहे हैं।

आदेश नहीं माना तो जनवरी से वेतन नहीं: एचसी

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राज्य में प्राथमिक शिक्षा की दशा सुधारने को पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन तीन माह के भीतर नहीं करने पर राज्य के सभी शिक्षा अधिकारीयों के वेतन जनवरी 2018 से रोक दिए जाएंगे। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने यह आदेश जारी किए।

राज्य के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को देखते हुए हाई कोर्ट ने देहरादून निवासी दीपक राणा ने 2014 में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका का स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में बदलकर 19 नवम्बर 2016 को सरकार को 10 बिन्दुओं की एक गाइडलाइन जारी की। इसमें प्राथमिक स्कूलों में डेस्क, ब्लैक बोर्ड, चेयर, यूनीफार्म, पंखे, हीटर, 10वीं तक मध्याह्न भोजन, शौचालय, हवादार स्कूल भवन, लैब, 2009 की सबके लिए अनिवार्य शिक्षा की नियमावली में संशोधन, मदरसों को दी जाने वाली 20 हजार की आर्थिक सहायता सर्वशिक्षा अभियान के तहत दिए जाने, पीने के पानी की उचित व्यवस्था किए जाने आदि की व्यवस्था तीन माह में किए जाने का आदेश दिया गया था। इसका पालन कराने की जिम्मेदारी सचिव शिक्षा को दी गई थी।
पूर्व में इन आदेशों का पालन नही किए जाने पर याचिकर्ता के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने कोर्ट को अवगत कराया। कोर्ट की नाराजगी पर सचिव शिक्षा व सचिव वित्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए। इस पर कोर्ट ने आदेशों का पालन नहीं होने के क्रम में सरकारी विभागों में जरूरी सामग्री की खरीद को छोड़ते हुए लग्जरी सामग्री की खरीद पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को कोर्ट ने मामले को सुनने के बाद आदेश दिए कि प्राथमिक स्कूलों की दशा सुधारने के लिए पूर्व में दिए गए 10 बिन्दुओ के निर्देशों का पालन तीन माह के अंदर करें और छह माह के अंदर सभी स्कूलों में डेस्क, ब्लैक बोर्ड आदि उपलब्ध कराए। अगर तीन महीने के भीतर निर्देशो का पालन नहीं होता है तो आगामी जनवरी 2018 से सभी शिक्षा अधिकारियो के वेतन पर रोक लगाने के आदेश भी कोर्ट ने दिए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ में हुई।

राफ्टिंग का सीजन हुआ समाप्त

ऋषिकेश में वाइट रिवर राफ्टिंग के सीजन का समापन हो गया है, अब पर्यटकों को सितंबर तक रिवर राफ्टिंग का मजा लेने का इंतजार करना पड़ेगा। इस बार गंगा का जलस्तर देर से बढ़ने के चलते पर्यटकों को राफ्टिंग का जून लास्ट तक आनंद मिल सका और राफ्टिंग कंपनियों ने भी चारधाम यात्रा और गर्मियों के सीजन में अच्छा खासा व्यवसाय किया।

राफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र रावत ने बताया कि एसोसिएशन ने आज गंगा में रिवर राफ्टिंग सत्र का समापन कर दिया है,अब सितंबर माह में दोबारा गंगा में जल स्तर कम होने पर रिवर राफ्टिंग सीजन की शुरुआत की जाएगी। देवेंद्र रावत ने बताते हुए कहा कि इस अवसर पर राफ्टिंग एसोसिएशन ने कौडियाला से रामझूला तक चार टीमें बनाकर गंगा घाटों में सफाई अभियान चलाया और गंगा घाटों पर प्लास्टिक का कचरा आदि इकट्ठा करके गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का संदेश भी दिया।

विकास के लिये सरकार ने दिल्ली में तैनात उत्तराखंड कैडर के अधिकारियों से माँगे सुझाव

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में केन्द्र सरकार में प्रतिनियुक्ति में उत्तराखण्ड कैडर के आई.ए.एस., आई.पी.एस. एवं आई.एफ.एस. अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने अधिकारियों से राज्यहित से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
उक्त बैठक में आई.ए.एस. अनुप बधावन, श्री उत्पल कुमार सिंह,  एस. सन्धु, डाॅ.राकेश कुमार,  आर.के.सुधांशु, नितेश झा, आई.पी.एस.  एस.के.भगत, वी.मुरूगेशन, आई.एफ.एस. डाॅ.रेखा पाई,  ज्योतसना सितलिंग,  नरेश कुमार, निशान्त वर्मा, उत्तराखण्ड के अपर मुख्य सचिव मा.मुख्यमंत्री/मुख्य स्थानिक आयुक्त  ओमप्रकाश एवं अपर स्थानिक आयुक्त डाॅ.मृत्युंजय कुमार उपस्थित थे।

राज्यपाल ने चारधाम यात्रियों व स्थानीय लोगों की सुरक्षा इंतजामों की ली बैठक

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राज्यपाल डा.कृष्ण कांत पाल ने मानसून सीजन में उत्तराखण्ड आने वाले यात्रियों व स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर सचिव आपदा प्रबंधन अमित सिंह नेगी, आईजी संजय गुंज्याल के साथ एक समीक्षा बैठक की। श्री नेगी ने मानसून के दौरान किए गए सुरक्षा इंतजामों से राज्यपाल को अवगत कराया। आपदा प्रबन्धन विभाग की ओर से किए जा रही तैयारियों की जानकारी भी राज्यपाल को दी।
राज्यपाल ने यात्रा मार्गों में बोल्डर व लैण्डस्लाइड से होने वाले अवरोध जैसी घटनाओं के लिए इंतजाम किये जाने तथा दुर्घटना मार्गों की निगरानी के लिए पैट्रोलिंग टीम गठित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने लगातार होने वाली वर्षा से नदियोें में बढ़ने वाले जलस्तर व बाढ़ की स्थिति पर नजर रखते हुए स्थानीय नागरिकों को सूचना पहुंचाने के लिए एक केंद्रियकृत सूचना प्रणाली विकसित किये जाने के निर्देश भी दिये।
राज्यपाल ने कहा कि मौसम खराब होने व संचार माध्यमों के बाधित होने की स्थिति में संचार की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाये जिससे किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके, संवेदनशील स्थानों पर चिकित्सकों की तैनाती हो, किसी भी प्रकार की असुविधा यात्रियों व स्थानीय लोगों को न हो। उन्होंने सुझाव दिया कि दैनिक रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा जल एकत्र होने की स्थिति व बर्फ पिघलने की गति जिससे पानी की अधिकता होने के कारण झील बनने तथा बाढ़ आने के खतरों की सूचना पहले ही मिल जाए इसके लिए उपग्रह की सहायता से रोजाना डाटा एकत्रित किया जाएं।
राज्यपाल ने मार्ग बाधित होने की स्थिति में ट्रैवल एजेंसियों द्वारा यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक की वसूली किये जाने को एक गम्भीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करे जो मनमाना किराया वसूली कर रहे हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन श्री नेगी ने सभी बिन्दुओं पर तत्परता से कार्य करने का आश्वासन राज्यपाल को दिया।

कुंबले के कोच पद छोड़ने पर बेदी ने जताया खेद

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पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने विराट कोहली से मतभेदों के बाद अनिल कुंबले के मुख्य कोच के पद से हटने को खेदजनक बताया है। साथ ही उन्होंने इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आलोचना की है।

पूर्व कप्तान ने कहा कि ऐसी स्थिति पैदा होने से पहले ही मामले को संभालना बोर्ड का काम है, मगर उसने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, जिसके कारण कोच को अपना पद छोड़ना पड़ा। बेदी ने कहा कि खेल के दौरान अक्सर गलतफहमियां हो जाती हैं, ऐसे में बोर्ड को मध्यस्थता का रास्ता अपना चाहिए था। मगर बोर्ड सिर्फ तमाशा देखता रहा।
बेदी ने कहा कि बोर्ड के अधिकारी अयोग्य हैं, जिसके कारण यह सब हुआ। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कुंबले के प्रति खेद है। अगर कुंबले के साथ इतने अच्छे परिणाम देने के बाद इस तरह का व्यवहार किया जाता है, तो उनका स्थान लेने वाले के साथ क्या हो सकता है यह स्वत: अनुमान लगाया जा सकता है।

चन्द्रबनी इन्क्लेव में डकैती की योजना बनाते हुये 3 अभियुक्तों को पुलिस ने धरदबोचा

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कल रात पुलिस टीम द्वारा बद्रीपुर मे चन्द्रबनी इन्क्लेव के पास डकैती की योजना बनाते हुये 6 अभियुक्तों पर पुलिस टीम द्वारा दविश दी गयी, जिनमे से 3 अभियुक्तों को अस्लाहों के साथ मौके पर गिरफ्तार किया गया और 3 अभियुक्त मौके से भागने मे सफल रहे। पकडे गये तीनों अभियुक्तों से पूछताछ मे प्रकाश मे आया कि बिष्णु नौटियाल, इन्द्रप्रस्थ कालोनी, के घर मे कुछ दिन पहले डकैती डालने का असफल प्रयास किया था।

पूछताछ मे गैंग के लीडर अनुरूद्ध तिवारी पिछले 6-7 सालों से देहरादून मे रह रहा है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर किसी पैसे वाले आदमी के बच्चे का अपहरण कर 25-30लाख रूपये फिरोती लेने का प्लान बनाया और अपनी दुकान के पास ही मे झण्डे दरवार मे कोआर्डिनेटर श्री बिष्णु नौटियाल को चिन्हित कर उनके बारे मे जानकारी जुटायी और कुछ दिन पूर्व उनकी कार का स्कूटी से पीछा कर उनका घर देखा, व घर मे डकैती डालकर उनके पुत्र के अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना बनायी।

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योजना बनाकर अनिरूद्ध ने अपने मित्र आकाश के साथ कुछ बदमाशों को लेकर आने को कहा। साथ ही देहरादून मे रह कर आलू प्याज का काम करने वाले मंतोष और राहुल कुमार को योजना मे शामिल किया। आकाश अपने साथ शोभित और कौशल नाम के बदमाशों को शाहजहांपुर से देहरादून लेकर आ गया। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार अनिरूद्ध ने दिन मे गैंग के सभी सदस्यों को इन्द्रप्रस्थ कालोनी ले जा कर नौटियाल जी का घर दिखाया और योजना बनायी कि मध्य रात्रि मे उनके घर की घंटी बजाकर घर खुलने पर घर के सदस्यों को तमन्चों और चाकुओं की नोंक पर बन्दी बनाकर घर मे डकैती डालकर वादी के बेटे को किडनैप कर उन्ही की कार मे कहीं दूर ले जाकर उसको छोडने की एवज मे 25-30लाख रूपये फिरौती लेने का प्लान बनाया।

रात मे सभी 6 अभियुक्त घटना को अंजाम देने पहुंचे। उन्होने घर के अन्दर सीसीटीवी कैमरा देखकर एक कैमरे का तार काट दिया और दूसरा कैमरा उठाकर अपने पास रख लिया।अनिरूद्ध इस दौरान बाहर घूम कर फोन से अन्दर घुसे बदमाशों को लगातार काँल करते हुये बाहर की जानकारी देता रहा। वाच करने के दौरान चीता कर्मियों द्वारा जब उससे पूछताछ की गयी इस पर वह सकपका गया और किसी परिचित से मिलकर अपने घर जाने की बात बताने लगा।

पुलिस को देखकर अनिरूद्ध ने अपने साथियों को फोन कर पुलिस वालों के बारे में बताया। प्रोग्राम कैंसिल कर,फिर कुछ दिनों बाद प्रोग्राम बनायेंगे यह कहकर अभियुक्तगण भाग कर कमरे मे चले गये। गिरफ्तारी मे अभियुक्तों के कब्जे से तमन्चें व चाकू बरामद हुये है, जो उन्होने श्री नौटियाल के घर की घटना मे भी प्रयोग किये थे। पूछताछ मे अभियुक्तों द्वारा घटना के दिन अपहरण के लिये तैयार रस्सी व घर का सीसीटीवी कैमर भी अपने निशानदेही पर बरामद कराया । सीसीटीवी कैमरे मे अभियुक्त राहुल कुमार द्वारा पहनी गयी चैकदार सर्ट भी अभियुक्तों ने बरामद करायी है। भागे गये शेष तीन अभिक्तों की तलाश मे पुलिस टीमें रवाना की गयी है।

जीएसटी से व्यापारी परेशान

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अर्थव्यवस्था की दिशा में क्रन्तिकारी कदम जीएसटी बिल के पास होने के बाद अब उत्तराखंड वासियों को भी इस बिल का बेसब्री से इन्तजार है, प्रदेश में बिल आने से जहाँ एक तरफ अलग-अलग टैक्स के जालों से छूठ मिलेगी तो वहीँ महंगाई से कुछ राहत भी मिलेगी, लेकिन दूसरी तरफ़ व्यापारियों में जीएसटी के प्रति काफी रोष देखने को मिल रहा है।

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर, यानी इंडायरेक्ट टैक्स है जिसके तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जाता है। आपको बता दे की कल यानी 1 जुलाई से देश भर में जीएसटी लागु होंने जा रहा है, जिसका इंतजार पिछले काफी समय से आम लोगों को था, लेकिन दूसरी तरफ देश भर में व्यापारी वर्ग सरकार के इस फैसले से नाखुश दिखाई दे रहा है।

बात करे ऋषिकेश की तो तीर्थनगरी ऋषिकेष में भी जीएसटी के खिलाफ व्यापारी सड़कों पर उतरते दिखे, बावजूद इसके केंद्र के द्वारा जीएसटी को पास करने के बाद अब ये बिल एक जुलाई से हर राज्य में लागू होने जा रहा है। अभी तक भारत में सेंट्रल सेल्स टैक्स, वैट, मनोरंजन, एक्साइज़ और लग्जरी जैसे टैक्स लगा करते थे, लेकिन अब जीएसटी के लागू हो जाने के बाद सर्फ एक ही टैक्स लगेगा जिसका सीधा फायदा छोटे व्यापारियों से लेकर आम आदमी को भी होगा।

तो वहीं अब विपक्ष ने भी सरकार के इस फैसले को गलत बताया है। ऋषिकेष पहुँचे पूर्व प्रदेश कांग्रेस अद्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जीएसटी को गलती भरा कदम बताया है।भले ही जीएसटी को लेकर कई सारी बाते हो रही हो लेकिन कुल मिलाकर बात ये है की इस बिल से आम को महंगाई से कुछ हद तक तो राहत मिल सकती है। आज मध्य रात्रि से जीएसटी बिल लागू हो जाएगा जिसको लेके व्यापारी ओर आम लोगों में उत्सुकता भी बनी हुई है।