पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि स्वतंत्रता के साथ जीएसटी का जश्न जिस तरह से भाजपा सरकार मना रही है यह कहीं से भी उचित नहीं लगता। शनिवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जीएसटी ही नहीं किसी भी जश्न की तुलना स्वतंत्रता से करना कहीं से अच्छा नहीं लगता है। लेकिन भाजपा सरकार इसकी तुलना कर अपनी सोच को दर्शा रही है।
उन्होंने केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर वार करते हुए कहा कि कांग्रेस की योजनाओं का नाम बदल कर भाजपा सरकार वाहवाही बटोर रही, लेकिन कांग्रेस योजनाओं को बताने में कतरा रही है।
हरीश रावत ने उत्तराखंड के कारोबारियों के लिए जीएसटी में तीन मुख्य छूट की मांग करते हुए कहा कि राज्य में 50 लाख तक का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को मिल रही टैक्स में छूट को लेकर केंद्र और राज्य सरकार स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही डिफाल्टर होने की स्थिति में कारोबारियों को एक साल के लिए छूट दी जाए।
केन्द्र सरकार पर हमला, जीएसटी पर जश्न गलत:हरीश रावत
राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में कैम्प लगाकर स्वास्थ्य सेवायें देने की अपील
राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल ने डाॅ. दिवस के अवसर पर इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा कैलाश हाॅस्पिटल जोगीवाला में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए।
राज्यपाल ने भारत रत्न डाॅ0 विधान चन्द्र राॅय की स्मृति में उनके जन्म दिवस को डाॅ.दिवस के रूप में मनाने के अवसर पर समस्त चिकित्सकों को शुभकामनायें दी अौर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्री राॅय भारतीय चिकित्सा संस्थान के अग्रेता थे। उन्होंने भारतीय चिकित्सा परिषद, भारतीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, संक्रामक रोग अस्पताल और कोलकाता के पहले स्नातकोत्तर मेडिकल काॅलेज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। एक राजनीतिज्ञ होने के बावजूद उन्होेंने अपने चिकित्सा पेशे को कभी नहीं छोड़ा और समाज सेवा करते हुए उन्होंने निरन्तर निःशुल्क चिकित्सा सेवा जारी रखी।
चिकित्सकों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि समाज में चिकित्सक की भूमिका चिकित्सालय के बाहर भी महत्वपूर्ण होती है। राज्यपाल ने कहा कि एलौपेथी के साथ-साथ भारतीय आयुष चिकित्सा पद्वती को विशेषकर उत्तराखण्ड में प्रोत्साहन मिलन चाहिए। उत्तराखण्ड औषधीय वन सम्पदा से भरपूर राज्य है जहां आयुष पद्धती के परिणाम निश्चित ही सकारात्मक आयेंगे। चिकित्सा के साथ-साथ रोगों से पूर्व बचाव भी समाधान बन सकता है। जरूरी है कि सामुदायिक स्वास्थ्य रक्षा। इसके लिए हैल्थ और म्युनिसिपल अथाॅरिटी एकसाथ मिलकर प्रभावी ढंग से कार्य करें। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की संकल्पना के पीछे स्वस्थ भारत की संकल्पना निहित है इसमें सभी सहयोगी बनें। स्वास्थ्य रक्षा और स्वच्छ पेयजल इसमें मुख्य कारक हैं।
19 जुलाई को प्रदेश होगा वृक्षारोपण
इस भारतीय क्रिकेटर का परिवार रह रहा है मुफलिसी में
भारतीय क्रिकेट टीम में तेज़ गेंदबाज़ी में फलक पर चमकने वाले जसप्रीत बुमराह को कौन नहीं जानता। हर फोरमेट में अपनी तेज गेंदबाजी से बल्लेबाज को क्लीन बोल्ड करने वाले जसप्रीत बुमराह के परिवार की हकीकत सुनकर आप भी रह जाएंगे दंग। वक्त की मार से परिवार किस मुफलिसी के दौर से गुजर रहा है ये देख कर आप भी कहने को हो जाएंगे मजबूर की वक्त जब बदलता है तो राजा भी रंक बन जाता है। जसप्रीत बुमराह के दादा संतोख सिंह उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के छोटे से कस्बे किच्छा में आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किराये के टूटे फूटे कमरे में रह कर वो टैम्पू चलवाकर कर अपनी और अपने छोटे अपाहिज बेटे के साथ आजीविका चला रहे है। पेश है एक रिपोर्ट।
कभी गुजरात के अहमदाबाद मे बटवा इंडस्ट्रियल स्टेट में संतोख सिंह बुमराह का जलवा हुआ करता था। वो लग्ज़री कारो और प्लेन में सफर किया करते थे। अहमादाबाद में उनकी जेके इण्डस्ट्रीज़, जेके मशीनरी इकोमेंट प्राइवेट लिमिटेड और जेके इकोमेंट नामक फैक्ट्रियां थीं। इसके अल्वा दो सिस्टर कंसर्न गुरुनानक इंजीनियरिंग वर्क्स और अजीत फैब्रीकेटर भी थी। सारा कारोबार क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह के पिता जसवीर सिंह बुमराह संभालते थे। 2001 में बेटे की मौत से संतोख सिंह टूट गए और फैक्ट्रियां भी आर्थिक संकट से घिर गई। बैंको का कर्ज़ा निबटाने के लिये उन्हें तीनो फेक्ट्रियों को बेचना पड़ा। अपनी शानदार ज़िन्दगी का ज़िक्र करते करते संतोख सिंह की आखो में आंसू तैरने लगते हैं।

चौरासी साल के बुज़ुर्ग संतोख सिंह बुमराह को अपनी मुफलिसी ज़िन्दगी से कोई शिकायत नहीं है,वो इसे सब कुदरत की देन मानते हैं। लेकिन अपने बेटे जसवीर सिंह के बेटे जसप्रीत को भारत की क्रिकेट टीम में तेज़ गेंदबाज़ी करते टीवी स्क्रीन पर देख कर उन्हें अपने खून पर फक्र होता है। संतोख सिंह का कहना है कि जीवन के आखरी पड़ाव में पोते को गले लगा कर प्यार कर सके। उसे आर्शीवाद दे सके। उनका अपाहिज बेटा भी अपने भतीजे से मिलने के लिये बेताब है।
क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह के दादा की आर्थिक संकट की जानकारी मिलने पर एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाकर जानकारी ली और उनको आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया।
वक्त के दिन और रात, वक्त से कल और आज, वक्त की हर शेय गुलाम, वक्त का हर शेय पे राज, वक्त की गर्दिश से है चांद तारो का निजाम, वक्त की ठोकर में है क्या हुकुमत क्या समाज, जी हां एक पुरानी फिल्म का ये गीत जसप्रीत बुमराह के परिवार पर सटीक बैठता है जिन्होने वक्त की मार को करीब से देखा है और उसको महसुस कर रहे हैं… लेकिन जो भीं हो आज भले संतोख मुफलिसी में हो लेकिन अपने पोते को गेंदबाज़ी करते देख कर उनका दिल जवान हो जाता है। सब कुछ भूल कर वो अपने पोते से मिलने का सपना सजोये हुए है। देखना यह है कि जसप्रीत अपने दादा से मिलने कब आते हैं।
उत्तराखंड के बल्ले से अब क्रिकेटर लगाऐंगे शाॅट
वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड में तैयार बल्ला भी क्रिकेट के खिलाड़ियों के हाथों में नजर आएगा। 127 इको टास्क फोर्स पहाड़ की आर्थिकी संवारने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में विलो ट्री लगा रही है। अब इस मुहिम को ‘कौशल विकास’ से भी जोड़ा जाएगा। ताकि युवाओं को क्रिकेट बैट के निर्माण में भी प्रशिक्षित किया जा सके।
127 इको टास्क फोर्स के गढ़ी कैंट स्थित मुख्यालय पहुंचे वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने विलो के अधिकाधिक रोपण को कार्ययोजना बनाने को कहा। उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध करवाने के लिए, इस प्रजाति के पेड़ की व्यवसायिक खेती करने पर आर्थिक स्थिति मजबूत होने की अपार संभावनाएं हैं। आगे इस मुहिम को कौशल विकास से जोड़ युवाओं को इसकी लकड़ी से उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
रावत ने कहा कि अखरोट, चिलगोजा व अन्य व्यवसायिक प्रजाति के पौधों को क्लस्टर के आधार पर रोपित किया जाए, ताकि इसका व्यवसायिक लाभ ग्रामीणों को मिल सके। बता दें कि क्रिकेट का बैट वाले वाले उद्योगों में विलो की भारी डिमांड है। इसके उत्पादन से पहाड़ के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ की सकती है। प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर के 30 मिलियन क्रिकेट के बल्लों की जरूरत होती है। इस जरूरत को पूरा करने में भारत की अहम भूमिका है।
विश्व के 80 फीसद क्रिकेट बैट भारत में ही बनाए जाते हैं। बैट बनाने के उद्योग मेरठ व जालंधर में मौजूद हैं, जिसका कारोबार सालाना 200 करोड़ से अधिक का है। खास बात यह कि इस पौधे की जड़ों में पानी को संचित रखने की क्षमता होती है, जिससे लवण युक्त भूमि की दशा सुधरने में यह प्रजाति उपयुक्त है।
अभी यह पेड़ जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में पाए जाते हैं। रावत ने इस दौरान मुख्यालय परिसर में अंजीर का पौधा भी रोपा। कार्यक्रम में इको टूरिज्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन के एमडी अनूप मलिक, 127 इको टास्क फोर्स के सीओ कर्नल एचआरएस राणा आदि उपस्थित रहे।
मानवता का परिचय देते हुए सीएम ने हादसे में बेसुध पड़े युवक को पहुंचवाया अस्पताल
ऐसा रोज नहीं होता जब एक कार्यक्रम में जा रहे सीएम किसी को सड़क पर बेसुध देख कर अपनी गाड़ी रोक दें और अपनी कार्यक्रम से ज्यादा तरजीह किसी के स्वास्थ को दें। लेकिन शनिवार को डोईवाला में सड़क हादसे में कुछ ऐसा ही हुआ । सड़क हादसे में चोट लगने की बजह से सड़क किनारे बेसुध पड़ा युवक की सीएम ने की मदद।

शनिवार को सहकारिता कार्यक्रम से लौटते वक्त सीएम ने सड़क के किनारे पड़े युवक को देखकर रुकवाई फ्लीट। बेहोश व्यक्ति को खुद सीएम ने उठाया।अपनी कार्मिकों को तुरंत हॉस्पिटल ले जाने के दिए निर्देश।सीएम त्रिवेंद्र ने मानवता का दिया परिचय। इसके बाद पहुंचा प्रशासनिक अमला।
रुद्रप्रयाग के डीएम की पाठशाला
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के निर्देशों के क्रम में शिक्षा विभाग द्वारा 20 से 28 जून तक जनपद के 7 एकल राजकीय प्राथमिक विद्यालय (गडोरा, गंधारी, कलना, कालीमठ, सतेराखाल, सुमाड़ी, कोटी, गढोला) में ग्रीष्म कालीन कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।
डीएम धिल्डियाल द्वारा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुमाड़ी के ग्रीष्म कालीन शिविर ‘‘उल्लास‘‘ का उद्घाटन किया।इस अवसर पर उन्होने बच्चों से विभिन्न विषयों के प्रश्न पूछे तथा फल, सब्जी के चित्र बनाये। बच्चों द्वारा अच्छा प्रदर्शन करने पर जिलाधिकारी ने प्रशंसा भी की। डीएम ने देखा कि डाइट के मेन्टर द्वारा पावर प्वांइट के माध्यम से गणित, अंग्रेजी आदि विषयों पर छोटी-छोटी फिल्म के माध्यम से खेल विधि द्वारा विद्यार्थियो को अंग्र्रेजी वर्णमाला, विज्ञान का ज्ञान दिया जाता है। उन्होने संयोजक को कम्प्यूटर, पेंटिग आदि का भी ज्ञान देने को कहा।

शिविर में कक्षा 1 से 5 तक के विदयार्थियों को प्रात 7:30 बजे से 10:00 बजे तक डाइट के मेन्टर व स्थानीय स्वंय सेवक द्वारा खेल के माध्यम से पाठ्यक्रम की गतिविधियों बच्चों को सीखाई जा रही है। ग्रीष्म कालीन कैम्प में कक्षा 1 व 2 के विद्यार्थियों को फूल व पत्ते दिखाकर रंगो की पहचान, फल, सब्जी के नाम आदि व कक्षा 3,4 व 5 को विभिन्न फल, सब्जी आदि के चित्र रंग सहित बनाना, समाचार पत्र, बाल प्रत्रिकाँए पढना, श्रुतलेख लिखाना आदि गतिविधियां सिखाई जा रही है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान गणेशी देवी, डाइट के प्रवक्ता नरेन्द्र सिंह बिष्ट, विजय चमोला , स्वंय सेविका प्रेरणा बडोनी, ममता बडोनी, आगनबाडी कार्यकत्री सोनी देवी, पपीता देवी, स्वयं सेविका सहित छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।
जारी रखूंगी अच्छे प्रदर्शन की कोशिश: स्मृति मंधाना
महिला वर्ल्ड कप के बीते दो मैचों में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाली सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने कहा है कि उनकी कोशिश अपने इसी प्रदर्शन का जारी रखने और टीम को जीत दिलाने की होगी। शुरुआती दो मैचों में मंधाना ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और अब वह इसे बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी किए गए बयान में मंधाना ने कहा है, ‘टूर्नमेंट अभी तक खत्म नहीं हुआ है, लेकिन मैंने चोट के बाद जिस तरह से वापसी की है उससे मैं बेहद खुश हूं।’
20 वर्षीय मंधाना के बाएं घुटने में चोट थी, जिसके कारण चयनकर्ताओं को भी टीम चुनने में खासी परेशानी हुई थी। अभ्यास मैच में भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं लग रहीं थी, लेकिन उन्होंने टूर्नमेंट शुरू होते ही शानदार प्रदर्शन किया और सभी की तारीफें लूटीं। मंधाना ने कहा, ‘इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में अपनी लय में नहीं थी। मैं काफी घबराई हुई थी। इसके बाद मैंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ दूसरे अभ्यास मैच में 82 रनों की पारी खेली। इससे मुझे बल्लेबाजी में वो आत्मविश्वास मिला जो मैं खो चुकी थी। मुझे लगा कि मैं बल्लेबाजी कर सकती हूं।’
वनडे में सर्वाधिक रन की सूची में अजहर से आगे निकले धोनी
एंटिगा में भारत-वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मैच में भारत की जीत के हीरो पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रहे। धोनी ने 78 रनों की शानदार पारी खेलने के बदौलत अपने नाम एक और उपलब्धि दर्ज की। 78 रनों की पारी के बाद धोनी वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने की सूची में अजहरूद्दीन को पीछे छोड़ दिया है।
ऐसे में धोनी अब वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में अजहर से आगे निकल गए हैं। वह अब इस सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। अजहर ने 334 वनडे मैचों की 308 पारियों में 9378 रन बनाए थे। उनका बल्लेबाजी औसत 36.92 रहा।
धोनी ने अभी तक 294 वनडे मैचों की 254 पारियों में 51.31 की औसत से 9442 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 89.14 है। धोनी अब सचिन तेंडुलकर (18426), सौरभ गांगुली (11221) और राहुल द्रविड़ (10768) से पीछे हैं।इतना ही नहीं वह वनडे में कुल 70 बार नॉट आउट रहे हैं। इस मामले में वह अब केवल साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान शॉन पॉलक और श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास से ही पीछे हैं। दोनों वनडे इंटरनैशनल में 72 बार नॉट आउट रहे हैं।
कन्ट्रोल रुम के कार्यों की समीक्षा: देहरादून एसएसपी
एसएसपी देहरादून ने पुलिस कन्ट्रोल रुम के कार्यों की समीक्षा की करी, समीक्षा के दौरान उनके द्वारा बताया गया की कन्ट्रोल रुम जनपद पुलिस का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जिससे उसकी जिम्मेदारी औऱ अधिक बढ जाती है। उनके द्वारा सीसीटीवी कैमरे में नियुक्त कर्मचारियों को निर्देशित किया की वह सीसीटीवी कैमरों की सहायता से क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर बनाये रहें, किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल सम्बन्धित अधिकारियों को दे।
इसके अतिरिक्त रात के समय उन स्थानो को, जहाँ पर पुलिस द्वारा नियमित चैकिंग, गश्त नही की जा रही है के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित करें। रात में 3 बजे से 6 बजे का समय काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए इस दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए किसी भी सन्दिग्ध वाहन/व्यक्ति के दिखाई पडने पर उसकी सूचना तुरन्त फ्लेश करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रो में चैकिंग करवाने हेतु निर्देशित करना सुनिश्चित करे।
100 नम्बर पर कोई सूचना आने पर सूचना तत्काल सम्बन्धित को देने तथा कुछ समय पश्चात कॉलर तथा पुलिस टीम से की गई कार्यवाही का रिस्पोन्स लेने हेतु निर्देशित किया गया, अन्त में उनके द्वारा बताया गया कि कन्ट्रोल रुम में ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।




























































