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एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए चार बच्चों का चयन

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नर्चरिंग एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स ट्रस्ट दिल्ली व ओएनजीसी के द्वारा हिमालय की गोद से हीरे की खोज जनपदीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए जनपद से चार बच्चों का चयन किया गया।

स्पोटर्स स्टेडियम गोपेश्वर में शनिवार को आयोजित इस प्रतियोगिता में 15 से 17 आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं की 800 तथा 1500 मी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीडाधिकारी सुरेश चंद्र ने किया। 800 मी बालिका वर्ग की दौड में 30 बालिकाओं ने प्रतिभाग किया जिसमें जीजीआईसी गोपेश्वर की शालिनी नेगी ने 2.31.04 मिनट समय निकालकर राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया।
इसी वर्ग की 1500 मी दौड़ में 08 बालिकाओं ने प्रतिभाग किया जिसमें जीजीआईसी गोपेश्वर की मानसी नेगी ने 5.55.05 मिनट का समय लेकर चयनीत हुई। बालक वर्ग की 800 मी दौड में 66 बालकों ने प्रतिभाग किया जिसमें एसजीआरआर कालेश्वर (कर्णप्रयाग) के मनीष ने 2.21.01 समय लेकर प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए।
बालक वर्ग की 1500 मी दौड में 18 बालकों ने प्रतिभाग किया जिसमें जीआईसी बैंरागना के परमजीत ने 4.28.07 का समय निकालकर राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया। इस अवसर पर नर्चरिंग एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स ट्रस्ट दिल्ली के शंशाक कटारिया विक्रम सिंह चैधरी, दीपक तिवाड़ी, यशवंत सिंह, रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे। 

कांवड़ मेला स्पेशल ट्रेन 10 जुलाई से

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कांवड़ यात्रा के लिए 10 जुलाई से पांच जोड़ी अतिरिक्त रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। इन गाड़ियों का संचालन दिल्ली और बरेली से होगा। इसके साथ ही कई एक्सप्रेस गाड़ियां इस दौरान ज्वालापुर व मोतीचूर स्टेशन पर दो-दो मिनट के लिए रुकेगी।

कांवड़ यात्रा को लेकर रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का शेड्यूल जारी किया है। इसमें कांवड़ मेला स्पेशल दिल्ली से हरिद्वार तक चलेगी। यह ट्रेन शाम आठ बजे दिल्ली से चलेगी और रात 1.55 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। इस ट्रेन की वापसी हरिद्वार से रात को ही 2.05 बजे होगी। एक अन्य गाड़ी दिल्ली से शामली होते हुए सहारनपुर, रुड़की के रास्ते हरिद्वार आएगी। यह गाड़ी दिल्ली से शाम 4.45 बजे चलकर रात 12.45 बजे हरिद्वार पहुंचेगी और फिर रात में 1.10 वापस बजे रवाना होगी। तीसरी ट्रेन दिल्ली से हापुड़, गजरोला वाया नजीबाबाद, लक्सर होते हुए हरिद्वार आएगी और वापसी में टपरी मुजफ्फरनगर, मेरठ होते हुए दिल्ली जाएगी। यह ट्रेन दिल्ली से शाम 8.10 बजे चलकर सुबह 5.25 बजे हरिद्वार आएगी और हरिद्वार से दोपहर 3.10 बजे रवाना होगी।

चौथी ट्रेन 04388 हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच चलेगी। यह ट्रेन सुबह 9.55 बजे हरिद्वार से चलकर 10.45 बजे ऋषिकेश पहुंचेगी। फिर ऋषिकेश से दोपहर 2.35 बजे चलकर हरिद्वार 3.45 बजे पहुंचेगी। पांचवी ट्रेन बरेली से हरिद्वार तक चलेगी। यह ट्रेन बरेली से शाम 8.40 बजे चलकर हरिद्वार रात 01.30 पहुंचेगी और हरिद्वार से दोपहर बाद 4 बजे बरेली के लिए रवाना होगी। स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने बताया कि इन ट्रेनों का संचालन 10 से 21 जुलाई तक कांवड़ मेला स्पेशल के नाम से किया जाएगा। इसके अलावा अहमदाबाद मेल, लिंक एक्सप्रेस, श्री गंगानगर ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर और हेमकुंड एक्सप्रेस मोतीचूर रेलवे स्टेशन पर दो-दो मिनट के लिए रुकेगी।

कैलाश कुमार, धरोहर के रखवाले

हिलजात्राए यानि की किचड़ में किया जाने वाला समूह नृत्य, जो केवल पिथौरागढ़ में मनाये जाने वाला कृषक नृत्य हैं,  ये कला का आयोजन सबसे पहले ग्राम कुमौड़ में किया गया था जिसका प्रसार अौर प्रचार अाज कैलाश कुमार पूरे देश में कर रहें हैं।

कैलाश हमें बतातें है कि, ‘ऐसा कहा जाता है कि भादौ मास मे जब बरसात होती है तो किसान अपने बैलों के साथ धान की रोपाई करने का कार्य करते हैं। हिलयात्रा में जो पात्र ढो़ल-नगाड़ो के साथ विभिन्न प्रकार की अभिव्यक्तियों से ऐसा प्रदर्शित होता है कि मानों खेतों में रुपाई का कार्य चल रहा होंए जैसे बैलों की जोड़ी, हलिया, हुक्के वाला, पुतारी (महिलायें),घासवाला, हुड़क्या बोल गाने वाला इनके अलावा हमारे क्षेत्रीय देवी-देवताओं को भी इसमें प्रदर्शित किया जाता है।’

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पिथौरागड़ में पैदा हुए और दिल्ली में पले-बढ़े कैलाश एक बैंकर कि नौकरी कर रहें थे।लेकिन 3-4 महीने आफिस में नौकरी करने के बाद उन्होंने जयपुर नाट्यकुलम से डिप्लोमा किया और बताते है कि वह उनकी जिंदगी का टर्निंग पाइंट था। फिर उन्होंने 2 साल की छात्रवृत्ति नाट्यशास्त्र की पढ़ाई के लिए मिली और फिर कभी पीछे मुड़ कर वापस नहीं देखा और फुल टाईम थियेटर से जुड़ गए।

2011-12 में पिथौरागड़ आकर हिलजात्रा का एक प्रोडक्शन किया और फिर 2015 से, ‘मैं यहां पूर्ण रुप से शिफ्ट हो गया, मुझे लगा कि अगर मुझे अपनी जगह काम करना है तो मुझे पिथौरागड़ को घर बनाना है।आज हमारी टीम में 20-25 लोग है जो कि 15 साल से लेकर 83 साल के बुजुर्ग है, पिछले साल अकेले हमने लगभग पूरे भारत में 14 प्रोडक्शन किए थे।’

अपने क्षेत्र में काम करने के लिए कैलाश कुमार को इस साल ‘लोकनाट्य रत्न सम्मान’ से भी नवाजा गया।कैलाश कुमार जैसे अनगिनत लोग उत्तराखंड की विलुप्त होती धरोहर को संभाल रहे हैं, आज जब वह अपनी नाटक मंडली में युवाओं को बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते देखते हैं तो एक सुकून सा मिलता है कि, ‘हमारे पहाड़ों की यह समृद्धि संस्कृति की डोर मजबूत हाथों में है जिसे आने वाली पीढ़ी भी संजो कर रखेगी।’

तीनों टुकड़िया देंगी गार्ड आफॅ आनर,राष्ट्रपति का दून शेड्यूल

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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में उनके दून भ्रमण को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है। बतौर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का यह आखिरी दून दौरा होगा। जिसे देखते हुए सब एरिया ने निर्णय लिया है कि जीटीसी हेलीपैड पर राष्ट्रपति को सेना की तीनों टुकडियां गार्ड ऑफ ऑनर देंगी। इसके लिए उन्होंने बाकायदा राष्ट्रपति सचिवालय से अनुमति भी मांगी है। 10 जुलाई को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का दून दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वह राजपुर स्थित ‘आशियाना’ में बने नए एनेक्सी का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रपति आशियाना में करीब दो घंटे रुकेंगे।

प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इसी माह खत्म हो रहा है।  बतौर राष्ट्रपति उनके इस अंतिम दून दौरे को सब एरिया प्रशासन यादगार बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत जीटीसी हेलीपैड पर जैसे ही राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से उतरेंगे, सेना की तीनों टुकडिय़ां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देंगी। जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है।

आज होगा विमान उतरने, उड़ने  का ट्रायलःराष्ट्रपति के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। आज विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर इन तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके तहत जीटीसी हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के उतरने और उड़ान भरने का ट्रायल किया जाएगा।

 आशियाना पहुंचने और वहां से प्रस्थान करने पर बजेगा राष्ट्रगानःइस बार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आशियाना आगमन पर कई बदलाव देखने को मिलेंगे। आशियाना में उनके पहुंचने पर और यहां से प्रस्थान करने पर राष्ट्रगान गाया जाएगा। सेना का बैंड इसमें सहयोग करेगा।

घर लौटे सबके प्यारे लोकगायक नेगी दा

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लोकप्रिय लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगीदा को दस दिनों के उपचार के बाद शनिवार को अस्पताल से चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। नेगीदा के घर लौटने की खबर से प्रशंसकों में खुशी की लहर है। उनके स्वास्थ्य के लिए हर कोई प्रार्थना कर रहा था।

शनिवार को मैक्स अस्पताल के चिकित्सकों ने नेगीदा की नियमित जांच की और शाम को तीन बजे उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। उन्हें एक हफ्ते बाद फिर से जांच के लिए बुलाया गया है। हालांकि डिस्चार्ज करने की कोई पूर्व सूचना परिजनों को भी नहीं थी। सुबह उनकी रूटीन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज करने का निर्णय ले लिया था।
पत्नी उषा नेगी, बेटे कविलास को अस्पताल प्रशासन की ओर से दोपहर बाद इसकी सूचना दी गई कि अब वह उन्हें घर ले जा सकते हैं। इससे पहले दोपहर को हल्का भोजन उन्होंने अस्पताल में ही लिया।

अस्पताल प्रशासन ने उपचार के दौरान हुए बिल की जानकारी परिजनों को नहीं दी है। बताया जा रहा है कि नेगीदा के इलाज का खर्च उत्तराखण्ड सरकार उठायेगी।

 अस्पताल डिस्चार्ज होने के करीब एक घंटे बाद नेगी दा के ऑफिसियल फेसबुक पेज पर उनके घर पहुंचने की जानकारी अपडेट की गई। अस्पताल का स्टॉफ नेगी दो को बाहर तक छोड़ने आया। भीड़ को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नेगीदा के घर जाने की सूचना प्रशंसकों को नही लगने दी। 

मशहूर पत्रकार मार्क टली की हालत गंभीर,दिल्ली रेफर

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प्रसिद्ध पत्रकार सर विलियम मार्क टली को तबियत बिगड़ने पर हिमालयन अस्पताल के आइसीयू में भर्ती कराया गया। बाद में गंभीर हालत को देखते हुए एंबुलेंस से चिकित्सकों की देखरेख में उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल के लिए रवाना किया गया।

हिमालयन अस्पताल के चिकित्सा अक्षीक्षक डॉ.वाइ.एस बिष्ट ने बताया कि मार्क इन दिनों एक डाक्यूमेंट्री के सिलसिले में ऋषिकेश आए हुए थे। शुक्रवार शाम उन्हें बेचैनी की शिकायत हुई, उन्हें तत्काल अस्पताल लाया गया।

डॉ. बिष्ट ने बताया कि जांच में पता चला के शरीर में आंतरिक रक्तस्राव हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनके कुछ टेस्ट किए गए। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। इसीलिए एयर एंबुलेंस से उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल भेजना तय किया गया, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें सड़क मार्ग से दिल्ली रवाना किया गया।

वर्ष 1936 में कोलकाता में जन्मे मार्क टली करीब तीस साल तक भारत में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग चैनल (बीबीसी) के संवाददाता रहे। अपनी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए वर्ष 1985 में उन्हें ‘ऑर्डर ऑफ दी ब्रिटिश एम्पायर’ से नवाजा गया। वर्ष 1992 में पद्मश्री,  2002 में नाईट की उपाधि और 2005 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। मार्क टली ने कई पुस्तकें भी लिखी हैं।

मुख्यमंत्री ने घोड़ाखाल स्कूल में नवनिर्मित स्टेडियम का किया उदघाट्न

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प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोड़ाखाल स्कूल में 2.27 करोड़ की लागत से बने नवनिर्मित स्टेडियम का उदघाट्न करते हुए कहा कि भाजपा सरकार राज्य के विकास के लिए संकल्पित है और यह विकास हर क्षेत्र में दिखेगा।

मुख्यमंत्री सबसे पहले सैनिक स्कूल के हैलीपैड पर उतरे। जहां स्कूल के प्रधानाचार्य कैप्टन रोहित द्विवेदी,जिलाधिकारी दीपेन्द्र चौधरी, उपप्रधानाचार्य अरुणिमा राजा समेत तमाम प्रशानिक अफसरों ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात सीएम ने सीधे घोड़ाखाल मंदिर पहुंचकर गोल्ज्यू मंदिर में पूजा अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने सैनिक स्कूल में 2.27 करोड़ की लागत से बनें जैमल सिंह स्टेडियम का उदघाट्न के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा कि घोड़ाखाल स्कूल में खेल मैदान बनने से यहां खेल प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिलेगा। उन्होंने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए बेहतर अनुशासन के लिए छात्रों की सराहना की। उन्होंने छात्रों को हनुमान की तरह मेहनत कर लक्ष्य की प्राप्ति की बात कही। इसके बाद उन्होंने भवाली में रुककर आपदा में डही दिवार का निरीक्षण भी किया।

आतंकी अलर्ट के बीच कांवड़ मेले के लिए प्रशासन तैयार

तीर्थनगरी ऋषिकेश बम बम भोले कि गूंज से घुजने लगी है। सावन माह में चलने वाली नीलकंठ यात्रा के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त कावड़िए ऋषिकेश का रुख करने लगे है।  जिसके चलते प्रशाशन भी मुस्तीद हो गया है। साथ ही मेले में आतंकी अलर्ट को देखते हुए खास तैयारी की गई है।

9 जुलाई से शुरू हो रही नीलकंठ कावड़ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसला शुरू हो गया है। जिसके लिए टेहरी पुलिस प्रशाशन ने कावड़ ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों की ब्रीफिंग की और सारे पुलिस कर्मियों को दिशा निर्देश दिए। इसी के साथ साथ कांवड़ मेले में आतंकी हमले के अलर्ट को देखते हुए भी तैयारियां की जा रही है, जिसमे एटीएस ओर बोम स्कोँङ की टीमें भी हर वक्त पूरे मेले पर नजर रखेगी। कुछ पुलिस कर्मियों को सादी वर्दी में भी तैनात किया जा रहा है जिससे हर तरह के खतरे से निपटा जा सके ।

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आपको बता दे की नीलकंठ कावड यात्रा शुरू होते ही कावड़िये दिल्ली -हरियाणा -पंजाब -यूपी से गंगा जल लेने लिए हरिद्वार – ऋषिकेश पहुँचते है, यहाँ जल लेकर कांवड़िये नीलकंठ महादेव में सबसे पहले जलाभिसेक करते है, नीलकंठ कावड यात्रा हर साल उत्तराखंड प्रशाशन के लिए एक चुनोती की तरह रहती है।

ड्यूटी पर तैनात पुलिस कृमियों को निर्देशित करते हुए एसएसपी टिहरी ने कहा की प्रत्यक सोमवार को बड़ी संख्या में कावड़िए जलाभिषेक के लिए नीलकंठ महादेव पहुंचेंगे जिसके लिए ट्रैफिक ववस्था, जल पुलिस और सभी संदिग्धो पर निगाह रखी जाएगी। ये चुनौतीपूर्ण काम है जिसको सभी पुलिस कर्मियों को तत्परता से निभाना है।

इस बार की यात्रा में बड़ी संख्या में शिव भक्त नीलखण्ड महादेव के जलाभिषेक के लिए आएंगे जिसके लिए प्रशासन व्यवस्था बनने में जुट गया है। अब देखने लायक बात यह होगी की सावन के इस कावड़ यात्रा में श्रद्धालु को सरकारी दावों के अनुसार इंतजाम और सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।

नहीं होगा जिन्दगियों से खिलवाडः हाईकोर्ट

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अब जिन्दगियों से खिलवाड नहीं होगा, जिसकी जैसी योग्यता उसको वैसा कार्य दिया जाएगा। जिस विषय के विशेषज्ञ होंगे उसी विषय के अनुसार जांब भी मिलेगी, ये निर्णय हाईकोर्ट ने लिया जब अस्पतालों में कार्य करने वाली नर्स-पदों पर कला वर्ग के अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था, जिसको लेकर कोर्ट ने साफ कर दिया है कि साईंस के छात्र ही नर्स जैसे कार्य को बेखुबी कर सकते हैं।
कला वर्ग के अभ्यर्थियों की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने एएनएम के पदों पर भर्ती के लिए सिर्फ इंटरमीडिएट पास विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थीयों को ही पात्र माना है, कला वर्ग के नहीं। नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को सही ठहराते हुए कला वर्ग के अभ्यर्थियों की ढाई दर्जन विशेष अपीलों को खारिज कर दिया। खंडपीठ के आदेश के बाद राज्य में 440 एएनएम पदों पर नियुक्ति पत्र जारी करने का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष हरिद्वार निवासी संतोष चंद्र की विशेष अपील पर सुनवाई हुई। विशेष अपील में 11 अप्रैल के एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी गई थी। एकल पीठ ने एएनएम भर्ती में सेवा नियमावली-1997 का पालन करने के निर्देश दिए थे। कहा था कि एएनएम के लिए इंटरमीडिएट पास होना अनिवार्य है।

एकलपीठ के खिलाफ दायर विशेष अपील में कहा गया था कि उनका एएनएम डिप्लोमा भारतीय नर्सिंग काउंसिल से मान्य है। इसलिए उन्हें इस पद के लिए अयोग्य नहीं माना जा सकता, भले ही उन्होंने 12वीं पास कला वर्ग से किया हो।  सरकार की ओर से सीएससी परेश त्रिपाठी ने कहा कि एएनएम की सेवा नियमावली-1997 में साफ उल्लेख है कि विज्ञान वर्ग से 12वीं पास व एएनएम की ट्रेनिंग पूरी कर चुके ही इस पद के लिए योग्य माने जाएंगे।

उनका कहना था कि एएनएम का मुख्य काम अस्पताल तथा हेल्थ सेंटर में है। एएनएम को प्रसव जैसे अहम कार्य में तक ड्यूटी देनी पड़ती है, ऐसे में उसका विज्ञान वर्ग से 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद विशेष अपील खारिज कर दी।

किसानों की मौत पर कांग्रेस के घडियाली आंसू

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भ्रष्ट्राचार फैलाकर राज्य सरकार का खजाना खाली कर दिया था। अवैध खनन पर अंकुश लगाकर भाजपा सरकार ने उसकी भरपाई की है, कहा कि राज्य सरकार ने तीन माह में तीन जिलों में अवैध खनन पर अंकुश लगाकर 47 करोड़ का राजस्व वसूल चुकी है। कहा कि सरकार से जनता को जो उम्मीदें थीं, उन पर राज्य सरकार खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही है।

प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य की जनता ने भाजपा को बहुमत से विस चुनाव जिताया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल में हुई किसानों की मौत की घटनाओं पर कांग्रेसी नेता हाथ सेंक रहे हैं। जबकि कांग्रेस के 10 वर्ष के कार्यकाल में डेढ़ लाख से भी अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन ये आंकड़े कांग्रसियों को दिखाई नहीं दे रहे हैं। कहा कि जिन कांग्रेसियों ने किसानों की जमीनों को कब्जा कर उनका दमन किया है, वह आज जगह-जगह धरना प्रदर्शन कर किसानों के रहनुमा बनने की कोशिश रहे हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस की नीतियों को किसान समझ चुका है। कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र में किसान फंसने वाला नहीं है।

भट्ट ने कहा भाजपा की सफलता से कांग्रेस के पेट में दर्द शुरू हो गया है। कांग्रेस आज सिर्फ लोगों को बरगलाने का काम कर रही है। पहाड़ों से पलायन के रोकने पर उन्होंने कहा कि पलायन को रोकने के लिए विशेषज्ञों की समिति गठन किया जा चुका है। जो कि पहाड़ में रोजगार उत्पन्न करने की रणनीति तैयार करेगी।