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सचिवालय की सुरक्षा में नाइट विजन से लैस सीसीटीवी कैमरे

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उत्तराखण्ड सचिवालय की सुरक्षा के लिए अब नाइट विजन से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन आनंद वर्धन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

हाल ही सचिवालय के निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की गतिविधयां रात में सचिवालय के आसपास होने की बात सामने आई थी। इसमें सचिवालय के शौचालयों में शराब की बोतलें भी मिली थीं, इसे सचिवालय की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सचिवालय की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय, लिफ्ट और विश्वकर्मा भवन के साथ ही तमाम स्थानों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। विशेष रूप से सचिवालय में रात्रि के वक्त होने वाली आवाजाही पर निगरानी रखी जाएगी।

गौरतलब है कि निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीसीटीवी लगाने की बात कही थी। इसी क्रम में सचिवालय प्रशासन ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में भी इन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री खुद भी इन कैमरों के जरिये सुरक्षा इंतजाम को परखेंगे।

टिहरी जेल में रुसी नागरिक की तबियत बिगड़ी,एम्स ऋषिकेश में भर्ती

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टिहरी जेल में बंद रूसी नागरिक सेरगुए को ऋषिकेश एम्स में रेफर कर दिया गया है। रविवार सुबह टिहरी पुलिस रूसी नागरिक को लेकर ऋषिकेश एम्स पहुंची। एम्स चिकित्सकों ने उसे प्रशासन के निर्देशानुसार फोर्स फीडिंग देने की कोशिश की, मगर उसने साफ इन्‍कार कर दिया।

एम्स चिकित्सालय में भर्ती रूसी नागरिक लगातार माला का जाप कर रहा है, उसने यहां योग व ध्यान भी किया। चिकित्सकों के मुताबिक अंदरुनी तौर पर वह स्वस्थ नहीं है। चिकित्सक रूसी नागरिक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उसे एम्स के मैडिसन वर्ल्ड में भर्ती किया गया है।

 बातचीत में सेरगुए ने बताया कि वह स्वस्थ है और जब तक एंबेसी उससे संपर्क नहीं करती तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेगा। पुलिस ने की रूसी नागरिक को एक जुलाई को उत्तरकाशी में बिना पासपोर्ट व वैध वीजा न होने के आरोप में उत्तरकाशी से गिरफ्तार किया था। तीन जुलाई से उसने टिहरी जेल में अन्न-जल का त्याग कर दिया था।

पेपर मील में लापरवाही से मजदूर की मौत

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काशीपुर के पेपर मील में श्रमिक की दर्दनाक मौत के बाद पेपर मील प्रबंधन ने अपनी जान छुड़ाने के लिए श्रमिक का शव घर के बहार छोड़ कर फरार हो गए। तभी गांव के लोगों ने जब शव को देखा तो परिजनों को बताया जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने जिसके बाद ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को लेकर फेक्टरी गेट पर जमकर हंगामा कटा।

फेक्टरी प्रबंधन की लापरवाही से हुई श्रमिक की मौत के बाद फेक्टरी प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए और आनन् फानन में शव को घर के बहार छोड़ कर फरार हो गए। जिससे परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। काफी हंगामे के बाद श्रमिक के मौत की बोली लगने लगी। फेक्टरी प्रबंधन पैसे देकर मामले को निपटने की जुगत में लगा रहा।

मुरादाबाद रोड की सिध्देशस्वरि पेपर मील का ये पूरा मामला है। जंहा हंगामे के दौरानभारी पुलिस बल फैक्ट्री में तैनात कर दिया गया था। वहीँ जब फैक्ट्री प्रबंधन से इस बारे में जानकारी ली गयी तो मीडिया कर्मियों से भी बदसलूकी करने से नहीं चुके। जबकि सुरक्षा के किसी भी तरह के कोई इंतजाम फैक्ट्री में नहीं किये गए थे।

बहुत जल्द किसानों के लिए राज्य में आएगा ”नर्सरी एक्ट”

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राज्य सरकार जल्द ही नर्सरी एक्ट बनाने जा रहा है। किसानों के हित में विभागों का एकीकरण किया जाएगा। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त करना है।  किसानों के हित में प्रत्येक न्याय पंचायत पर एक-एक अधिकारी निर्धारित होगा, जिसकी निरंतर मॉनिटरिंग सचिव उद्यान द्वारा प्रत्यक्षतः की जाएगी।
मुख्यमंत्री  ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी, किसान भवन, रिंग रोड में आयोजित उत्तराखंड आम महोत्सव में किसानों के प्रति राज्य सरकार की नीति स्पष्ट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं शिक्षा, कृषि तथा उद्यान विभाग को सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानता हूं। आज उत्तराखंड में 36,000 हेक्टेयर भूमि में आम पैदा किए जा रहे हैं, राज्य में डेढ़ लाख मीट्रिक टन आम उत्पादन हो रहा है। यद्यपि राज्य में खेती योग्य भूमि बहुत कम है, साथ ही हमें अपनी भूमि को भू-माफियाओं के अतिक्रमण से भी बचाना है। वह बाग-बगीचों का संरक्षण में परिवर्धन हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। कृषि व बाग-बगीचों से ना केवल हमारी भविष्य की जरूरत पूरी होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी होगा। जहां पेड़ हमारी आर्थिकी से जुड़े हैं वही यह हमारे इको सिस्टम का अनिवार्य अंग है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि कृषि कर्मचारियों की आए तो निर्धारित होती है परंतु हमें सोचना होगा कि क्या किसानों की आय भी सुनिश्चित की जा सकती है। आज किसानों के कल्याण व कृषि विकास हेतु अनेक सुविधाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री की फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों की फसल बुआई से लेकर कटाई तक हर स्तर पर बीमित है। प्रधानमंत्री जी ने हमारे समक्ष किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। फसलों के संदर्भ में आपदा का मुआवजा डेट गुनाह कर दिया गया है। राज्य सरकार शीघ्र ही नर्सरी एक्ट लाने जा रही है यदि किसान नर्सरी से पौधे खरीदते है तो उसकी उत्पादकता की गुणवक्ता भी सुनिश्चित होगी। नर्सरी संचालकों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखंड जैसा राज्य जिसकी जलवायु अनुकूल है। यहां से रणनीति अपनाकर प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है। राज्य में सुगंधित खेती अत्यंत ही लाभकारी सिद्ध होगी। सुगंधित खेती से जहां जंगली जानवरों से खेती के नुकसान का भय नहीं होता, वहीं यातायात व्यय भी अधिक नहीं होता तथा कोल्ड स्टोरेज की भी व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के किसानों से अपील की है कि कृषि व उद्यान विकास हेतु किसान अपने सुझाव सरकार को व्यक्तिगत रुप से भी दे सकते हैं। राज्य सरकार किसानों के सुझाव का तत्परता से स्वागत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि आजीविका योजना के अंतर्गत कौशल विकास द्वारा किसानों को अपने उत्पादकों की पैकेजिंग, वितरण, मार्केटिंग व प्रसंस्करण आदि में सहायता मिलेगी।

भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात है ऋषिकेश की अदिति

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देवभूमि की बेटियां भी बेटों से कम नहीं। जब बात देश सेवा की हो तो बेटियां भी बेटों की तरह फौजी बनने में गर्व महसूस करती हैं। जोश, जज्बा और जुनून ही है कि उत्तराखंड की एक और बेटी अब भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर बन गई है। ऋषिकेश की रहने वाली अदिति राय ने यह मुकाम हासिल कर दिखाया।

तीनों सेनाओं में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन की राह खोलने वाली दून की विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुपमा जोशी के बाद अब 27 वर्षीय अदिति राय भी वायु सेना का गौरव बन गई हैं। अदिति के पिता गुलशन राय, ऋषिकेश में कपड़े के व्यापारी हैं। गुलशन ने बताया कि पांच जुलाई को अदिति को प्रोन्नति की सूचना मिली थी।

अदिति इंटरमीडियट तक की शिक्षा ऋषिकेश में ही हासिल की। इसके बाद चंडीगढ़ के इंडो ग्लोबल कॉलेज से कंप्यूटर इंजीनियङ्क्षरग में बीटेक पास किया। गुलशन बताते हैं कि, ‘बचपन से ही उसे फौजी अनुशासन और वर्दी लुभाती थी। होनहार थी ही। इंटरमीडियट परीक्षा में वह शहर की टॉपर भी थी।’

वर्ष 2011 में उसने भारतीय वायु सेना में कमीशन लिया। अभी वह पठानकोट में तैनात हैं। अदिति की छोटी बहन पांशुला कानून की पढ़ाई कर रही है। बेटी की सफलता से उत्साहित मां वंदना राय कहती हैं, ‘लोगों को यह समझना होगा बेटियां बेटों से किसी मायने में कम नहीं होती। अदिति ने भी साबित कर दिया है।’

घर बैठे इस “त्रिशूल” से अपनी गाड़ी साफ करें

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मसूरी के पास, क्यारकुली के रहने वाले सत्या रावत ने शहर में अपनी तरह का पहला स्पा शुरु किया है, जी नहीं ये इंसानों के लिये स्पा नहीं है बल्कि टेड़े-मेड़े पहाड़ी रास्तों पर सफर करती गाड़ियों के लिये है। 34 साल के रावत का कहना है कि मसूरे के लिये ये ऐसा पहला प्रयोग है जिसमें आपको अपनी गाड़ी की सर्विस कराने के लिये कहीं जाने की जरूरत नही बल्कि पूरा सर्विस सेंटर ही आपके घर तक आयेगा। रावत ने अपनी इस सर्विस को नाम दिया है त्रिशूल। एक मारूति वैन में गाड़ी की सर्विस से जुड़े तकरीबन सभी उपकरण और औजार फिट किये गये हैं। इनमें स्टीम मशीन, वैक्यूम क्लीनर, जेनसेट आदि शामिल हैं। गाड़ी की सर्विस करने में करीब तीन घंटे का समय लगता है और आपकी गाड़ी किसी भी नई गाड़ी की ही तरह चमाचमाने लगती है।

नयूजपोस्ट से बात करते हुए सत्या कहते हैं कि “मैने ये काम 2016 के अंत में शुरू किया था। मसूरी में सर्विस स्टेशन नहीं है, सब देहरादून जाकर सर्विस कराते हैं। मैने ये सेवा लोगों की डिमांड को देखते हुए शुरू की। मसूरी में पानी की कमी को देखते हुए मैने स्टीम से गाड़ी की सफाई, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल किया जा सके ऐसा सिस्टम बनाया है।”

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इस चलते फिरते सर्विस सेंटर को तैयार करने में रावत को करीब 7 लाक रुपये का खर्च आया जो बैंक से लोन लिया है। हांलाकि लोगों के रिसपांस को देखकर सत्या काफी उत्साहित हैं। दिन में कम से कम तीन से चार सर्विस का काम आ जाता हैं। हर सर्विस 500-3000 के बीच में पड़ती है। सर्विस की कीमत गाड़ी के माॅडल और हालत पर निर्भर करती है।

‘त्रिशूल’ कार सर्विस को लेकर सत्या के बढ़े मंसूबे हैं। वो 7-8 सर्विस करने वाली गाड़ियों की फ्लीट बनाकर आस पास के इलाके के युवाओं को रोजगार देना चाहते हैं। वो कहते हैं “इन गाड़ियों की फ्लीट बनाकर देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, हरिद्वार में भी मैं ये सेवा शुरू करना चाहता हूं जिससे युवाओं के लिये रोजगार को और मौके बन सकें”

मसूरी के लोगों के बीच ये सर्विस काफी पसंद की जा रही है। मसूरी के गणेश सैली कहते हैं कि अपनी गाड़ी को साफ सुथरा रखना मसूरी जैसे शहर में काफी परेशानी भरा है। इसके लिये पहले आप ड्राइवर रकें, फिर देहरादून गाड़ी सर्विस कराने भेजें। त्रिशूल सर्विस से अपनी आंखों के सामने ही कुछ घंटों में आपकी गाड़ी चमचमाने लगती है। इससे ज्यादा आपको क्या चाहिये?’

प्रशासन की सतर्कता से सतपुली में स्थिति सामान्य

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सतपुली नगर पंचायत में  उस वक्त माहौल बिगड़ गया, जब एक फल विक्रेता ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक धार्मिक स्थल को लेकर आपत्तिजनक फोटो अपलोड कर दी। फोटो के वायरल होते ही हिंदू संगठनों से जुड़े तमाम कार्यकर्ता युवक की दुकान पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक दुकान बंद कर फरार हो चुका था।

मामला रविवार दोपहर का है। सतपुली अपर बाजार के सब्जी व्यापारी ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक धार्मिक स्थल का आपत्तिजनक फोटो अपलोड कर दिया। बताते हैं कि फोटो अपलोड होते ही उक्त व्यापारी दुकान बंद कर चलता बना। इधर, इस आपत्तिजनक पोस्ट के वायरल होते ही सतपुली में बवाल मच गया और आनन-फानन में हिंदु संगठनों से जुड़े कई कार्यकर्ता दुकान में पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने दुकान में रखे सब्जी-फल सहित तमाम सामान बाहर फेंक दिया और उस पर आग लगाने की कोशिश की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बाजार भी बंद करवा दिया।

इससे पहले माहौल बिगड़ता, पुलिस हरकत में आ गई व बिगड़ते माहौल पर काबू पा लिया। पौड़ी, कोटद्वार व लैंसडौन से भी भारी तादाद में पुलिस बल सतपुली में तैनात कर दिया गया है। उच्चाधिकारियों को सूचित करने के साथ ही कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास भी शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारी एक स्वर में आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। पूरे मामले में पूर्व प्रधान जगदंबा डंगवाल की ओर से तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया है।

मौके पर पहुंचे डीएम पौड़ी, सुशील कुमार ने बताया कि, “स्थिति सामान्य हैं,व्यापारियों से बात करके बाजार दोबारा खुलवा दिया गया,सभी लोगों से मिल कर लंबी मिटिंग की गई और अब माहौल पूरी तरह शांत है । प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर बाजार खुलवाने का अनुरोध किया जिसके बाद बाजार भी खोल दिया गया।

कावड़ यात्रा के पहले सोमवार पर नीलकंठ धाम में भक्तों की भीड़

सावन का महीना आते ही शिव भक्तो मे नया जोश ओर उमंग उठने लगती है, श्रावणी कावड यात्रा के पहले सोमवार को ऋषीकेश मे श्रद्धालुयों की भारी भीड़ जुटी है। तीर्थ नगरी हर तरफ शिवमयी हो गयी है और हर तरफ  बम-बम भोले की गूंज सुनाई दे रही है। बड़ी संख्या मे कावडीए जलाभिषेक के लिए नीलकंठ धाम पहुच रहे है।

सावन आते ही अपने छेत्र से बड़ी संख्या मे कावड यात्रा पर निकल पड़ते है। इनका पहला पड़ाव होता है हरिद्वार जहां हरकी पोड़ी पर स्नान करके ये आगे ऋषीकेश पहुचते है, ऋषीकेश मे स्वर्गाश्रम से शुरु होती है नीलकंठ महादेव की यात्रा। इस यात्रा मे पश्चिमी उत्तर प्रदेश ,हरियाणा,राजस्थान ओर पंजाब से लाखो की संख्या मे श्रद्धालु नीलकंठ महादेव पर जल चडाने आते है ओर भगवान् शिव इनकी मन्नतो को पूर कर देते है।

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मान्यता है कि उत्तराखंड के कण-कण मे भगवान शिव  का वास है हिमालय शिव परिवार का वास स्थान है यहाँ की यात्रा अौर यहाँ के दर्शन मात्र से भक्तो के सभी दुःख दूर हो जाते है, यही कारण है की कावड़ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु सबसे पहले नीलकंठ महादेव के दर्शन कर जलाभिसेक करते है। टिहरी  एसपी उन्होंने ये भी बताया की कावड़ियों को हुड़दंग से बचना चाहिए। ट्रैफिक ववस्था , जल पुलिस और सभी संदिग्धो पर निगाह रखी जाएगी।

वेद पुराणो में मान्यता है कि  सावन के महीने मे  शिव परिवार की आराधना की जाती है चतुर्थ मास के इन चार महीनो मे शिव परिवार पर ही पूरी सृष्टी को चलाने का भार रहता है यही कारण है सावन के महीने मे भगवान् शिव की पूजा की जाती है और शिवालयों पर जल चढाने ने भगवान शिव प्रसन्न होते है।

उत्तराखंड के डाकियों को भारतीय पोस्ट से मिला ‘स्मार्टफोन’ का तोहफा

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हल्दवानी और देहरादून के पोस्टमैनस को अब डाक डिलीवरी ऑनलाइन मॉनिटर करने के लिए स्मार्टफोन मिल चुके हैं, प्रौद्योगिकी पोस्टिंग द्वारा मौजूदा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इंडिया पोस्ट की यह एक नई शुरुआत है।

उत्तराखंड डाक सेवाओं के निदेशक वी. के. सिंह ने कहा कि यह परियोजना बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण हल्द्वानी और देहरादून के केवल शहरी केंद्रों को ही कवर करेगी। दो शहरों के शहरी केंद्रों के पोस्टमैन को स्मार्टफोन दिया गया है जो एंड्रॉइड सिस्टम पर काम करते हैं।

फोन में एम्बेडेड एक इंटरनेट पैकेज बार-कोड वाले मेलों की डिलीवरी के बारे में पोस्टमेन को अपडेट करने में मदद करता है, जैसे रजिस्ट्रियों, स्पीड पोस्ट और मनी ऑर्डर। सामान्य मेलों की डिलीवरी, जिसमें बार कोड नहीं होता उनको इसके माध्यम से ट्रैक नहीं किया जा सकेगा।

परियोजना के तहत, पोस्टमेन स्मार्टफोन का उपयोग करते हुए, ‘पोस्टमैन’ नामक ऐप डाउनलोड करेगें।यह डाक विभाग द्वारा निर्मित एप, केंद्रीय सर्वर से जुड़ा हुआ है और इसमें डिलीवरी विवरण लिखा होगा।

हल्दवानी के डाकिया राम सिंह रोतेला ने कहा,”यह एप्लिकेशन हमारे लिए सुविधाजनक है क्योंकि इसमें डिलीवरी की जानकारी ऑनलाइन अपडेट किए जाते हैं; इसके होने से हमें डिलीवरी की जानकारी पाने के लिए देर रात तक कार्यालय में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके जरिए कनेक्टिविटी ना होने की स्थिति में जब भी कनेक्टिविटी वापस आएगी सारी सूचना एक साथ दी जाएगी।

पोस्टमैन लक्ष्मी धर भट्ट  को जो स्मार्टफोन मिला है वह उसमें काम करना सीख गए है। वह बताते हैं, “ऐसा लग रहा था मुश्किल होगा लेकिन जितना मुश्किल सोचा था नहीं है, मैं ऐप का संचालन कर ले रहा हूं, जो उपयोगकर्ता के लिए बिल्कुल अनुकूल है।” रौतला ने कहा, “प्रयोग की गई तकनीक बहुत सरल है।”

आज के  युग में जब सब कुछ डिजीटल हो चुका है और डाकिया को बहुत कम चिट्ठियां मिलती है, तब भारत पोस्ट ने प्रासंगिकता रखने के लिए एक नए रास्ते की खोज की है। शहरी क्षेत्रों में डाकघर में लोगों को बायो-डाटा भी नौकरी पोर्टल पर पोस्ट किया जा सकता है और मोबाइल सिम कार्ड को रिचार्ज किया जा सकता है।

पारंपरिक उत्पादों से राजस्व के बाद भारत पोस्ट ने ई-उत्पाद की पेशकश शुरू कर दी है। एक बटन के क्लिक पर नकदी के ट्रांसफर के लिए ई-मनी ऑर्डर लॉन्च किया गया है।

दस लाख से अधिक तीर्थ यात्री कर चुके हैं, बद्री-केदार के दर्शन

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बारिश के मौसम के बाद भी बद्रीनाथ व केदारनाथ सहित हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए यात्री पहुंच रहे है। शनिवार तक दोनों धामों में 10 लाख 05 हजार 247 तीर्थ यात्रियों ने भगवान बद्री-केदार के दर्शन कर चुके है।

बीकेटीसी के प्रचार अधिकारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि शनिवार को बद्रीनाथ धाम में 970 तथा केदारनाथ धाम में 423 तीर्थ यात्रियों ने भगवान के दर्शन किये। इस तरह बद्रीनाथ पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या 632311 तथा केदारनाथ में 372936 तीर्थ यात्री अब तक भगवान के दर्शन कर चुके है।