Page 697

सीवर लाइन के गटर से मिले 2 शव

0

देहरादून के पॉश कॉलोनी, पॉम सिटी इलाका, जोकि पटेलनगर थाना क्षेत्र में अाता है वह सीवर लाइन के गटर से दो शव मिलने से सनसनी फ़ैल गयी।

दोनों शव 25 फीट गहरे गटर में थे अौर  करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों शवों की शिनाख्त करवाई तो पता चला कि दोनों मृतक युवक, अजय और गुड्डू ब्रह्मपुरी के रहने वाले थे,  फ़िलहाल बॉडी 1 से 2 दिन पुरानी लग रही है।

प्रथम दृश्या से हत्या कर, शव ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रहीं है जिसके लिये संदिग्धों से पूछताछ की जा रहीं है। फ़िलहाल मामले की जांच जारी, मामले की सुचना के बाद इंस्पेक्टर रितेश साह घटना स्थल पर पँहुचे अौर लोगों से पूछताछ की तो पुलिस को जानकारी मिली कि सीवर की लाइन की मरम्मत करने आए कर्मचारियों ने सबसे पहले इन शवों को देखा।

इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों मृतक सीवर का ही काम करते थे, पुलिस ने शवों को पोस्त्मर्तम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट के बाद पुलिस अपनी आगे की जाँच शुरू करेगी।

1.25 करोड़ रुपये की अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार

0

एसएसपी के निर्देशन में देहरादून जनपद में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अन्तर्गत 1 अभियुक्त सरबजीत, उम्र 28 को अवैध 5 किलोग्राम अफीम सहित नंदा की चौकी प्रेमनगर से धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।

WhatsApp Image 2017-07-11 at 14.19.02

अभियुक्त द्वारा प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि अभियुक्त की दिल्ली में पढ़ाई के दौरान जौनसार छेत्र की लड़की से मुलाकात हुई जिससे प्रेम विवाह करके यह दिल्ली से 2008 में देहरादून आया था, जिसके साथ जीवनगढ़, विकासनगर में रहे थे, फिर इसका अपनी पत्नी से 2013 में तलाक हो जाने पर वापस दिल्ली चला गया। फिर अभी 6 माह पूर्व पुनः दिल्ली से विकासनगर देहरादून वापस आया जहां इसकी मुलाकात कुछ नशा तस्करों से हुई जिन्होंने बताया कि नशे के काम मे मोटी कमाई है, इस पर अभियुक्त पैसो के लालच में हिमांचल से अफीम लाकर देहरादून के बड़े बड़े होटल में सप्लाई करने एवं गढ़वाल के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग आदि पर्यटक स्थलों पर सप्लाई करने की बात स्वीकार की गई है।

सरबजीत 3 माह से प्रेमनगर में किराए के मकान में आकर रहने लगा ताकि इस पर किसी को कोई शक न हो। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि इसने यमनोत्री में एक होटल भी लीज पर लिया हुआ है वहां से भी यह उक्त नशा की सप्लाई यात्रियों आदि को करता है। अफीम की डिलीवरी यह शहर के बड़े बड़े होटल एवम बार रेस्टोरेंट में करने के लिए जा रहा था कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा बताए गए होटल एवम बार रेस्टोरेंट पर भी उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों को मिली छह लाख की सहायता

0

खटीमा क्षेत्र के कंचनपुरी पचपेरा में आत्महत्या करने वाले किसान के परिजनों को छह लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। खुदकुशी करने वाले किसान को विधायक ने स्वयं एक लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की थी, साथ ही सीएम राहत कोष से पांच लाख रुपये दिलाए जाने की बात कही थी।

विधायक पुष्कर सिंह धामी और एसडीएम ने खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों से मिलने पहुंचे, इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख व अपनी ओर से एक लाख रुपये का चेक पीडि़त परिवार को सौंपा। इस दौरान विधायक धामी ने किसान के बच्चों की शिक्षा व लड़कियों की शादी के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।

आपदा प्रबंधन के पास जलस्तर मापने का उपकरण तक नहीं

0

भूस्खलन और भूंकप की दृष्टि से चमोली जिला श्रेणी पांच में रखा गया है। बड़ा महकमा आपदा प्रबंधन का भी है मगर आश्चर्य कि बात यह कि आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन कार्यालय के पास संसाधनों व तकनीकी के नाम पर जल स्तर मापने तक का संसाधन नहीं है। तहसीलों से प्राप्त सूचना पर ही निर्भर रहना पड़ता है। तापमान मापने के लिए बड़ा थर्मामीटर आपदा प्रबंधन के पास नहीं है।

बताते चलें कि प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से चमोली जिले को बेहद संवेदनशील माना जाता है। कई बार प्राकृतिक आपदा का दंश झेल चुके चमोली जिले में शासन-प्रशासन की दृष्टि से बरिश को देखते हुए सभी तरह की तैयारियां और सजगता रखने की बात की गई है, लेकिन जब आपदा प्रबंधन विभाग से पूछा गया कि विभाग के पास आपदा संबंधी सूचनाओं के लिए क्या-क्या संसाधन है। विभाग ने बताया कि उनके पास जलस्तर मापने के लिए कोई संसाधन नहीं है। तहसीलों और सिंचाई विभाग से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जलस्तर की जानकारी मिलती है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी बताते है कि मौसम संबंधी जानकारियों के लिए देहरादून से ही सूचना मिलती है।

जबकि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली, पिथौरागढ़ तथा रुद्रप्रयाग के किसी भी स्थान पर जल्द ही विश्व बैंक की सहायता से मौसम संबंधी जानकारियों के लिए रडार लग सकते हैं। इससे महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान हो सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा से चमोली की नदियों में कुछ जल स्तर बढ़ा है मगर अभी चिंताजनक स्थिति नहीं है।

सोमवार को जिले की नदियों का जलस्तर
-नंदाकिनी जलस्तर 867.27 मीटर खतरे का स्तर 871.50 मीटर
-अलकनंदा 554.02 खतरे का स्तर 557.42
-पिंडर 768.62 खतरे का स्तर 773.00 मीटर

मसूरी जीप पर गिरा मलबा: तीन की मौत, एक घायल

0

आज सुबह मसूरी क्षेत्र में एल.के.डी रोड, चील ढांग के पास एक बोलेरो पिकअप वाहन UK 07 CB 1149 के ऊपर पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण वाहन गहरी खाई में गिर गया। जिसमें सवार 4 व्यक्तियों में से तीन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

सूचना पर थाना मसूरी तथा थाना कैंट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया तथा हादसे में एक घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार के लिये अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में म्रतक व्यक्तिय रिखोली गांव,हाथीपाँव, थाना मसूरी के रहने वाले थे।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मृतको एंव घायलों को गहरी खाई से बाहर निकाला और घायलों को प्राइवेट वाहन से उपचार के लिये मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। लगातार हो रहीं वर्षा के कारण करीब 15 मीटर रोड पूरी तरह से टूट गई है।हालांकि मसूरी में पिछले एक सप्ताह से बारिश हो रही है, लेकिन कल रात की भारी बारिश ने यहां का जनजीवन प्रभावित कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वाहन दुर्घटना में मृतको के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घडी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है।

मुंबई में खुला शिवसेना का उत्तराखंड जनसंपर्क कार्यालय

0

उत्तराखंड के प्रवासी प्रदेशवासियों के लिए मुंबई के ठाणे में शिव सेना के उत्तराखंड जनसंपर्क कार्यालय का विधिवत रूप से उद्घाटन किया गया। कार्यालय महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तराखंड वासियों को अपनी संस्कृति और माटी से जोड़े रखने का कार्य करेगा।

मुंबई के थाणे में आयोजित एक समारोह में शिवसेना के उत्तराखंड जनसंपर्क कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि देश-दुनिया में महाराष्ट्र की पहचान वीरभूमि व उत्तराखंड राज्य को देवभूमि के नाम से भी पहचाना जाता है। वीरभूमि और देवभूमि के लोग सच्चे और देशभक्त हैं, उन्हें आपस में जोड़े रखना प्रदेश और देशहित दोनों के लिए जरूरी है।
शिव सेना के उत्तराखंड प्रदेश प्रमुख गौरव कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र में बेहद अधिक संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी निवास कर रहे हैं जो देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक के तौर पर प्रदेश के गौरव को कायम रखने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रवासी जनों का एक सूत्र में बंधा रहना जरूरी है क्योंकि विकास के लिए एक जुट होकर किए गए कार्य सबसे अधिक मायने रखते हैं। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

शिक्षा मंत्री का विवादित बयानः शक्तिमान नहीं हूं मैं

0

मैं शक्तिमान नहीं जो तुरन्त ही किसी समस्या का समाधान कर दूं।जी हां, ये कहना है प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय का, शिक्षा मंत्री के इस बेतुके बयान से जहां विवादों का दौर शुरु हो गया है वहीं हाईकोर्ट से लगातार मिल रही फटकार से बौखलाई सरकार और शिक्षा मंत्री अब इस तरह के बेतुके बयानबाजी पर उतर आये हैं, जिससे जाहिर है कि शिक्षा महकमा बच्चों के प्रति गितना गंम्भीर है।

नैनीताल हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद भी स्कूलों के जर्जर भवनों को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। इस बात को साबित करने के लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का विवादास्पद बयान ही काफी है। नैनीताल क्लब में इस मुद्दे पर उन्होंने बेतुका बयान दे डाला। बारिश में जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ने वाले बच्चों को नसीहत देते हुए पांडेय ने कहा कि ‘बच्चे अपना ख्याल खुद रखें, मैं कोई शक्तिमान नहीं हूं। जिंदगी रही तो पढ़ाई अगले साल कर लेंगे’। उन्होंने दावा किया कि एक साल के भीतर स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार साफ नजर आएगा।

शिक्षामंत्री लेक सिटी क्लब की ओर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए नैनीताल आए थे। नैनीताल क्लब में पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं पर कहा कि जब राज्य में भाजपा की सरकार बनी थी तो हालात काफी खराब थे। तीन माह में काफी सुधार हुआ है। बच्चों के टाट-पट्टी पर बैठने के सवाल पर कहा कि सरकार प्रयास कर रही है कि हर स्कूल में फर्नीचर की व्यवस्था हो।

ड्रेस कोड के सवाल पर कहा कि कोई ड्रेस कोड नहीं हैं। मंत्री, अधिकारी और शिक्षक सभी की डे्रस समान हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाली खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कराया जाएगा। उत्तराखंड में खेल गांव न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए खेल महाकुंभ का आयोजन कराने को लेकर हामी भरी। योग शिक्षकों की भर्ती पर उन्होंने कहा कि अभी थोड़ा इंतजार करें। पहले शिक्षकों की पुरानी समस्याएं निपटाना प्राथमिकता है।

पेयजल योजनाओं को 2.48 करोड़ स्वीकृत, 20 लाख ही दिए गए

0

शासन की अनदेखी के कारण दो पेयजल योजनाएं अधर में लटकी हुई है, जिससे करीब 10 हजार की आबादी पिछले कई साल से पानी के संकट से जूझ रही है। हैरत की बात है कि इन योजनाओं के लिए स्वीकृति के बावजूद शासन ने नाम मात्र का बजट जारी किया है, इस कारण योजनाओं का काम शुरू नहीं हो पाया है।

जल संस्थान को डीएल रोड लक्ष्मण भारती स्कूल के पास 73.74 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना का निर्माण करना था जबकि, रायपुर रोड पर कर्जन रोड तिराहे के निकट भी नलकूप सहित 174.68 लाख रुपये से योजना बनानी थी। शासन से इन योजनाओं पर स्वीकृति भी मिल गई और एक साल पहले दोनों योजनाओं के लिए दस-दस लाख, कुल 20 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया। इस पैसे से जल संस्थान ने काम शुरू करने के लिए सामग्री की खरीदारी कर ली, लेकिन इसके बाद से शासन ने योजनाओं के लिए कोई बजट नहीं भेजा। इ

स संबंध में जल संस्थान की ओर से शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक इसके अतिरिक्त बजट नहीं जारी हो पाया है। इस कारण योजनाओं का निर्माण कार्य अधर में लटका है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता यशवीर मल्ल ने बताया कि बजट के अभाव में काम नहीं हो पाया है।

अब उम्मीद जताई जा रही है कि इन दोनों योजनाओं का निर्माण अमृत प्रोजेक्ट में शामिल किया जा सकता है। जल संस्थान ने पेयजल निगम से कहा कि वह इन जगहों पर अमृत के तहत योजनाओं का निर्माण करे, जिससे पानी के संकट से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके।

उत्तराखण्ड में 48 घण्टों में भारी बारिश की चेतावनी: 3 जिलों के स्कूल रहेंगे बंद

0

भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने अगले 48 घण्टों में प्रदेश के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के दृष्टिगत जिलाधिकारी दीपक रावत ने हरिद्वार के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के लिये अवकाश घोषित किया है, साथ ही  नैनीताल में लगातार में हो रही भारी बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने भी कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को दो दिन यानि 11 और 12 जुलाई को बंद रखने के दिए आदेश। अाज रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी मंगेश घिलङियाल ने भारी वर्षा की चेतावनी अलर्ट के क्रम में कल जनपद रुद्रप्रयाग के अंतर्गत सभी शासकीय/ अशासकीय विद्यालयो में 1 दिन का अवकाश घोषित किया।

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून सहित राज्यभर में आसमान में पूरी तरह बादल छाये रहें और राज्य के कई हिस्सों में हल्की  से भारी बारिश भी हुई। तीन दिन तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि पहाड़ी जिलों में पिछले एक सप्ताह से बारिश हो रही है जिससे जनजीवन प्रभावित है।

मौसम विभाग की माने तो पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के साथ ही मैदान के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क किया गया है। खासतौर जो नदी किनारे रह रहे है उनको सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट प्वॉइंट से महज आधा मीटर नीचे बह रही गंगा, फिलहाल गंगा का जलस्तर 292.50 मीटर जब कि खतरे का निशान 294 मीटर है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने गंगा के तटवर्ती इलाकों में अलर्ट रहने के निर्देश दे दिये है।

रवाईं क्षेत्र के मंदिर एवं मेलों का अतीत से संबंध

1

उत्तराखंड की पावन भूमि में प्राचीन काल से ही मेलों का आयोजन होता रहा है, खासतौर पर रवाईं की संस्कृति की अपने आप में आज भी एक अलग पहचान है। रवाईं के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित मंदिरों का इस क्षेत्र के अतीत से सम्बन्ध है।

रवाईं के प्रमुख मंदिर जैसे यमुना का मायका यमुनोत्री, जमदग्नि ऋषि तपोस्थली थान गाओं, मां रेणुका मंदिर सरनौल, राजा रघुनाथ मंदिर पुजेली-गैर (बनाल), रुद्रेश्वर महादेव देवराणा, मां भद्रकाली मंदिर मोल्डा-पौंटी, बौखनाग देवता मंदिर, सूर्य मंदिर मन्जेली, शिकारु नाग पुजेली (खलाड़ी), कपिल मुनि मंदिर गुंडियातगांव, ओडारु-जखंडी पुजेली (कुमोला), कमलेश्वर महादेव मंदिर, महासू देवता मंदिर ठडियार, सड़कुड़िया महासू मंदिर दोनी, पोखु महाराज मंदिर नैटवाड़, कर्ण महाराज देवरा, सोमेश्वर महाराज पंचगईं, टटेश्वर महाराज मंदिर आदि हैं।

आस्था और विश्वास का केंद्र है मंदिर
नौगांव ब्लॉक के गैर (बनाल) गांव में मंगशीर अमावस्या के दिन प्रतिवर्ष यह रात्रि मेला बनाल पट्टी के लोगो द्वारा बड़ी श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाता है। इसमें बनाल के प्रत्येक गांव के लोग विशाल जनसमूह के साथ मशाल (ओला) जलाकर ढोल बाजों के साथ नाचते-गाते मंदिर पहुंचते हैं, जहां गैर के ब्राह्मणों द्वारा देवलांग (देवदार का बड़ा बृक्ष छिलकों के साथ) का पूजन किया जाता है। उसके बाद लोग देवलांग को खड़ा करके आग लगाते हैं। देवलांग के अतिरिक्त बनाल के पुजेली में शिवरात्रि एवं गैर में भादव का मेला भी प्रसिद्ध है।

नाग पंचमी मेला- कुपड़ा गीठ
ये मेला सावन महीने में नाग पंचमी के शुभ मुहूर्त पर हर साल हर्षोल्लास के साथ कुपड़ा गांव में मनाया जाता है। आज के दिन नाग देवता को दूध से स्नान कराया जाता है और लोग दूध और मक्खन की होली भी खेलते हैं। पुरे क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में आकर इस पावन मेले की एक झलक देखने के लिए एवं नाग देवता का आशीर्वाद पाने के लिए एकत्र होते हैं। बाहर से आये हुए अथितियों का बड़े सम्मान से आदर सत्कार किया जाता है।

पाली गांव की अथड
ये मेला भादों महीने में पाली गांव में समेश्वर देवता के सानिध्य में मनाया जाता है। इस मेले में डांडो से कुठार (गीठ) गांव की 150-200 भेड़ और खाडू एकत्र होते हैं, जो कि जंगल के किसी चिन्हित स्थान से जाख समेश्वर की पालकी के पीछे-पीछे उनके अदृश्य चमत्कार (मान्यता के अनुसार) के कारण पाली गांव की मंदिर परिसर तक आती हैं फिर उसके बाद मंदिर प्रांगण के चारों और सात चक्कर लगाती हैं बिना किसी के मार्गदर्शन के जो की वहां पहुंचे लोगों के लिए एक विलक्षण अनुभूति होती है। ये त्योहार हर तीसरे वर्ष मनाया जाता है और पूरे क्षेत्र के लोग इस पावन घड़ी के शाक्षी बनते हैं।

सरनौल का मेला
सरनौल में रेणुका मां का मेला 21-22 गते जेठ को प्रति वर्ष बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मेले के दिन घर-घर देवी मां की डोली गाजे बाजे के साथ जाती है। यह मेला एक वर्ष गांव की थाती में और दूसरे वर्ष मंदिर प्रागण में होता है। 21 गते को छोटी जातर जोकि चपटाडी गांव के पास धार देवरा के मंदिर में होता है और 22 गते को बड़ा मेला सरनौल में होता है।

बाबा बौख नाग जेठ मेला
जेठ महीने में बड़कोट पट्टी से लेकर मुंगरसंती के बिंगसी, कफनौल आदि गांव में बाबा बौख नाग की पालकी के साथ अलग-अलग दिनों अलग-अलग गांवों (भाटिया, कंसेरु, कृष्णा, बड़कोट आदि) में इन मेलो का आयोजन होता है।

देवराना मेला
नौगांव ब्लॉक के डांडा देवराणा में आषाढ़ पूर्णिमा के दूसरे दिन प्रतिवर्ष रुद्रेश्वर महादेव का भव्य मेला होता है। इस मेले में मुंगरसंती के एवं दूर दूर से हजारो की संख्या में लोग आते हैं।

मोल्टाडी मेला
रवाईं घाटी के सारे मेले इस मेले के बाद प्रारम्भ होते हैं, यह मेला चार गते वैशाख को ओडारु-जखंडी (रघुनाथ) की डोलियों के साथ पुरोला के मोल्टाडी गांव में बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है।

सावन के रामासिराईं के मेले
रामासिराईं और कमल सिराईं के गांवो में सावन के महीने में चार देवताओं (कपिल मुनि, खंडासुरी, ओडारु,जखंडी) की डोली के साथ ये मेले बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाये जाते हैं। प्रथम मेला 20 गते सावन को छाड़ा गांव में, 21 गते को रामा गांव में, 22 गते को पोरा गांव में, 24 गते को कंडियाल गांव में, 28 गते को डिकालगांव में एवं 26 गते को सबसे बड़ा मेला गुंडियाट गांव में लगता है। इन मेलों में रासो तांदी नृत्य एवं अंत में कफवा लगता है।

हनोल ठडियार दोनी जागरे
भादव की चौथ (लगभग चार-पांच सितम्बर) से जागरे शुरू हो जाते हैं, पहले खरसाड़ी (मोरी), ठडियार और हनोल में जागरा होता है। इन जाग्रो में सबसे ज्यादा भीड़ हनोल एवं ठडियार में होती है, शाम चार बजे देवताओं को प्रागण में निकाला जाता है। शाम से ही भीड़ जुटती चली जाती है, रात होते होते यहां जनसैलाब इकठा हो जाता है। रातभर भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ एवं सुबह तक तांदी गीत और महासू देवता के गुणगान होते रहते हैं। इन सबके अतिरिक्त डख्यातगोव, पौंटी, थान मेला आदि प्रसिद्ध मेले हैं।