Page 696

हरिद्वार के अन्नू ने फ्रांस में जीता रजत पदक

0

अंतरराष्ट्रीय फलक पर उत्तराखंड के सितारे इन दिनों खूब चमक बिखेर रहे हैं। इंटरनेशनल स्कूल फेडरेशन की ओर से फ्रांस के नैन्सी शहर में हुई आइएसएफ विश्व स्कूल गेम्स में हरिद्वार के पथरी क्षेत्र के धनपुरा गांव के एथलीट अन्नू कुमार ने 800 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम रोशन किया।

फ्रांस से गांव लौटने पर अन्नू का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। अन्नू के पिता महिपाल ज्वालापुर स्थित एक गैस एजेंसी में डिलीवरी मैन हैं। विश्व स्कूल गेम्स में प्रतिनिधित्व करते हुए अन्नू ने 800 मीटर दौड़ को एक मिनट और 53 सेकंड में पूरा कर द्वितीय स्थान हासिल किया। अन्नू के रजत पदक जीतने की जानकारी मिलने के बाद से धनपुरा गांव के साथ ही आसपास के क्षेत्र में लोगों की जुबां पर अन्नू का ही नाम है। उसके गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उसकी आगवानी को जमा हो गए।
ग्रामीणों ने ढोल की थाप के बीच अन्नू को फूल मालाओं से उसका स्वागत कर हौंसला बढ़ाया। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान सलीम अहमद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बेहतर मंच मिलने पर वे इसे साबित भी करते हैं और अन्नू इसका उदाहरण है।
अन्नू के कोच लोकेश कुमार ने बताया कि इस दौड़ के लिए उसने कड़ी मेहनत की थी। महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज देहरादून के छात्र अन्नू ने इस साल हाईस्कूल की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की है।

तबाही का सामान लिए बैठे है कई दर्जन गांव

0

कई शहर और गांवों की तबाही का सामान है यहां जमीन के अंदर। सालों से पांच सौ से अधिक स्क्रैप मिसाइलें जिस जमीन में दफ्न है वहां के लोग रोज यही दुआ करते है कि स्क्रैप मिसाईलों को जल्द निकाला जाए, मगर तेरह सालों से खौफ की जद में जीने वाले ग्रामीणों की तो दूर प्रशासन और पुलिस की भी उच्च स्तर पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई हैं।

जिला उधमसिंहनगर की जसपुर तहसील से तीन किलोमीटर दूरी पर बसे पतरामपुर में आज भी 555 छोटी और बड़ी स्क्रैप मिसाइलें दफन हैं। बताया जाता है कि 21 दिसंबर 2004 को क्षेत्र की एक स्टील फैक्ट्री में स्क्रेप के साथ बड़ी तादाद में मिसाइलें आ गई थीं। मिसाइलों की खेप में विस्फोट से एक कर्मचारी की मौत और कई लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद 22 दिसंबर 2004 को जब पुलिस ने पूरे फैक्ट्री परिसर की तलाशी ली तो को फैक्ट्री परिसर से 67 बड़ी और 488 छोटी विस्फोटक सामान मिला, जिसके बाद पूरे पुलिस प्रशासन सहित राजधानी देहरादून तक इस घटना ने चौका दिया था।

उस दौरान एनएसजी की टीम के निर्देश पर पुलिस ने सभी विस्फोटक सामान को पतरामपुर क्षेत्र में एक बड़ा गड्डा खोदकर रेत में दफन कर दिया था। तब से आज तक यह सामान यहां दफ्न है,  सुरक्षा के लिए पतरामपुर में पुलिस की एक पिकेट तैनात भी की गयी थी ताकि इनके साथ कोई छेड़छाड़ न कर सके, लेकिन अब वो भी हटा दी गयी है। पतरामपुर ग्रामसभा के अंतर्गत पांच गांव पतरामपुर, निवार मंडी, सीपका, कल्याणपुर और भोगपुर डैम के लोग भारी तादात में मिसाइलें दफन होने की चर्चा भर से सिहर उठते हैं।

इस सामान को निष्क्रिय करने के लिए एनएसजी की टीम ने पुलिस मुख्यालय से सेफ्टी फ्यूज इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और एक्सप्लोसिव डाइनेमो सहित 13 उपकरण और सामग्रियों की मांग की थी, लेकिन 13 साल बाद भी पुलिस मुख्यालय एनएसजी की टीम को ये उपकरण और सामग्रियां उपलब्ध नहीं करा पाया। जबकि जिले के कई एसएसपी दबें सामान को निष्क्रिय करने का प्रस्ताव प्रदेश के गृह मंत्रालय को भेज चुके हैं। लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिल पाया है।

एसएसपी दातें का कहना है कि, ‘पहले भी हम उन सामानों को नष्ट करने की बात कह चुके हैं,  हालांकि उनमे से खतरनाक होने की संभावना बहुत कम है लेकिन फिर भी एहतियायत के तैर पर नष्ट करना जरुरी है। नष्ट करने की प्रक्रिया केंद्रीय एजेंसी ही कर सकती है इसलिए विधिवत रुप से नष्ट करने की प्रक्रिया के लिये हमने काम शुरु कर दिया है।’

यूपी-उत्तराखंड परिसंपत्ति मामले में भ्रमित कर रहा सोशल मीडिया: सीएम

0

यूपी और उत्तराखंउ के बीच अभी परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हुआ है, मुख्यमंत्री रावत ने मीडिया अफवाहों पर ध्यान न देने की नसीहत दी है। बता दें कि सोशल मीडिया में यूपी और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर कई तरह की खबरें आ रही हैं, इनमें उत्तराखंड को नुकसान होने का दावा किया जा रहा है।

सीएम ने मीडिया को बताया कि यूपी के साथ परिसंपत्ति के बंटवारे का अंतिम फैसला अभी तक नहीं हुआ है। सीएम ने कहा कि ये सब छोटे दलों का राजनीतिक प्रोपेगेंडा है। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड क्रांति दल ने भी यूपी से परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर मांग तेज कर दी है।

यूकेडी का दावा है कि यूपी के साथ परिसंपत्तियों का बंटवारा उनका ही दल कर सकता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया में यूपी और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें उत्तराखंड को नुकसान होने का दावा किया जा रहा है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया में यह भी दावा किया जा रहा है कि हरिद्वार की मेला क्षेत्र की जमीन पर भी उत्तराखंड को नुकसान हुआ है, इन्हीं सभी खबरों को सीएम ने अफवाह करार दिया है।

यूपी उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार आने के बाद से 16 सालों में परिसंपत्तियों के बंटवारे की उम्मीद जगी है, लेकिन उत्तराखंड के अधिकारियों को उच्च स्तरीय बैठक से पहले सही तरह से होमवर्क करने की बड़ी चुनौती सामने हैं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पहले ही सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक कर परिसंपत्तियों के विषय में अपने पक्ष को मजबूत रखने के निर्देश दे चुके हैं। इतना ही नहीं सीएम ने जानकारी जुटाने के लिए सूचना का अधिकार के तहत पूरी जानकारी मांगने को भी कहा हैै। ऐसे में साफ है कि उत्तराखंड के अधिकारियों को अपनी परिसंपत्तियों को पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

बंटवारे में उत्तराखंड को मिलने वाली संपत्तियां
-सिंचाई विभाग को 997 भवन।
-2557.78 हेक्टेयर रिक्त भूमि।
-कुंभ क्षेत्र की 697.578 हेक्टेयर भूमि।
-हरिद्वार की 10 में से 4 नहरें।
-यूएसनगर कि 33 में से 25 नहरों का रखरखाव।
-टीएचडीसी के प्रोजेक्ट पर 25 प्रतिशत सहभागिता।
-कालागढ़ जल विद्युत गृह।
-उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की देनदारी 43.47 करोड़।
-वित्त के अंतर्गत कोषागार एवं उपकोषागारों की वर्ष 2011-12 से 2016-17 तक 2933.13 करोड़ रुपए उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तराखंड को दिया जाना है।
-उत्तर प्रदेश वन विभाग के अंतर्गत 173.28 करोड़ रुपए उत्तराखंड वन विकास निगम को भुगतान किया जाना है।

‘बजरंगी भाईजान’ की एक्ट्रेस को हुई जेल

0

कंगना की ‘क्वीन’ और सलमान खान की ‘बजरंगी भाईजान’ फिल्मों में काम करने वाली बॉलीवुड की अभिनेत्री अलका कौशल को पंजाब में दो साल की सजा सुनाई गई है। अलका के अलावा उनकी मां को भी ये सजा सुनाई गई है। ये पूरा मामला 50 लाख की रकम का बताया गया है।

अलका और उनकी मां ने एक टीवी शो बनाने के लिए पंजाब के मलेरकोटा निवासी अवतार सिंह से 50 लाख की रकम उधार ली। जब सीरियल नहीं बना, तो अवतार सिंह ने अपने पैसे वापस करने के लिए दबाव बनाया। ज्यादा बात आगे बढ़ी, तो अवतार सिंह को 25-25 लाख रुपये के दो चेक जारी किए गए, जो बाउंस हो गए। इस पर अवतार सिंह की ओर से पंजाब के जिला संगरुर की अदालत में केस दर्ज कर दिया। अदालत ने इस केस की सुनवाई के दौरान अलका और उनकी मां को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई और जेल भेजने का आदेश दिया।
अलका के वकीलों की ओर से हाईकोर्ट में अपील भी की गई, लेकिन खबरों के अनुसार, वहां से उनको कोई राहत नहीं मिली और दोनों इस वक्त संगरुर की जिला जेल में बंद हैं। अलका ने ‘बजरंगी भाईजान’ में करीना कपूर की मां का रोल किया था और फिल्म ‘क्वीन’ में वे कंगना की मां बनी थीं। इनके अलावा वे छोटे पर्दे पर स्वरांजलि और कबूल है जैसे शो में काम कर चुकी हैं। अलका के भाई वरुण वडोला और पिता विश्व मोहन वडोला भी जाने माने कलाकार हैं। विश्व मोहन हाल ही में रिलीज फिल्म ‘गेस्ट इन लंदन’ में भी नजर आए थे। 

कांग्रेस प्रतिनिधि मण्डल ने सौंपा राष्ट्रपति को ज्ञापन

0

राष्ट्रपति डाॅ. प्रणव मुखर्जी के उत्तराखण्ड आगमन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह जी के नेतृत्व में श्री राष्ट्रपति से उनके निवास आशियाना में शिष्टाचार भेंट कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित किया। कांग्रेस शिष्टमण्डल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष  जोत सिंह बिष्ट व पूर्व विधायक राजकुमार शामिल थे।

ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहां कि आज सबसे अधिक उपेक्षा देश के अन्नदाता की हो रही है। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य न मिल पाने, समय पर खाद-बीज न मिल पाने तथा बिजली व सिंचाई सुविधा की परेशानियों के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ से दबता जा रहा है। फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसान बैंकों का कर्जा नहीं लौटा पा रहे हैं। देशभर का किसान अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर आन्दोलनरत है और अपेक्षा कर रहा है कि केन्द्र सरकार उनकी समस्याओं का निदान करेगी, लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अभी तक कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसी स्थिति में देशभर में किसानों की आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, औसतन प्रतिदिन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में राज्य की जनता से वायदा किया था कि सरकार बनने की दशा में किसानों के कर्ज माॅफ किये जायेंगे, किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जायेगा तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 15 दिन के अन्दर किया जायेगा। आज राज्य सरकार अपने इन तीनों वायदों से मुकर रही है। देश में किसानों की आत्महत्या से अभी तक अछूती देवभूमि उत्तराखण्ड में भी 16 जून 2017 से किसानेां की आत्महत्या का सिलसिला जारी है। बैंक व साहूकारों के कर्ज के बोझ से दबे जनपद पिथौरागढ़, जनपद टिहरी के एवं जनपद उधमसिंहनगर के एक-एक किसान द्वारा आत्महत्या की गई तथा उधमसिंनगर के एक किसान की बैंक की वसूली के नोटिस आने के बाद हृदय घात से मृत्यु हुई। इस प्रकार राज्य में अब तक चार किसानों द्वारा की गई आत्महत्या से इस देवभूमि को शर्मसार होना पड़ा है।

उत्तराखण्ड की देवभूमि में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला आगे न बढ़े, इस हेतु राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में गम्भीर नहीं दिखाई दे रही है जो कि चिन्ता का विषय है। उत्तराखण्ड राज्य में किसानों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाने हेतु राज्य सरकार को अविलम्ब ठोस निर्णय लेने की जरूरत है।

WhatsApp Image 2017-07-10 at 14.36.53

कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए निम्न बिन्दुओं पर अमल करने के किया केन्द्र व उत्तराखण्ड सरकार को समुचित निर्देश देने की कृपा करें:-

1. उत्तराखण्ड राज्य के किसानों का ऋण माफ किया जाय।
2. फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करते हुए लागत से डेढ गुना दाम पर किसानों के उत्पाद को खरीदा जाय।
3. किसानों को कृषि कार्य हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाय।
4. गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र किया जाय।
5. मृतक किसानों के आश्रितों को समुचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाय।

राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमण्डल की बातों को गम्भीरता पूर्वक सुनने के उपरान्त केन्द्र सरकार से इस विषय में वार्ता करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसान हितों की रक्षा देशहित में आवश्यक है।

जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए राज्यपाल व मुख्यमंत्री

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एक दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच गए हैं। यहां वह राजपुर रोड स्थित आशियाना में चार घंटे बिताएंगे।जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सेना के विशेष विमान से राष्ट्रपति दोपहर करीब पौने बारह पहुंचे। इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल डॉ़ केके पॉल,  मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनकी आगवानी की। स्वागत के उपरांत राष्ट्रपति सेना के हेलीकॉप्टर से जीटीसी हेलीपैड पहुंचे। यहां से वह राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति आशियाना में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे । ।

यहां वह सवा चार घंटे के करीब प्रवास करेंगे, इस दौरान वह राष्ट्रपति सचिवालय का उद्घाटन करने के साथ विशिष्ट अतिथियों के साथ भोज में शामिल होंगे। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जीटीसी हेलीपैड से लेकर आशियाना तक जब उनका काफिला गुजरा तो पूरी सड़क को जीरो जोन कर दिया गया। उनके आशियाना पहुंचने के बाद ही वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी।

धर्म-आध्यात्म बताता है जीवन जीने की सही राह: मनीषा कोइराला

0

फिल्म सौदागर से बॉलीवुड में एंट्री कर सभी को इलू-इलू का मतलब सिखाने वाली मनीषा ने जहां अपनी पहली ही फिल्म से कामयाबी का स्वाद चखा तो वहीं वक्त के झटकों से अपनी जिंदगी को बिखरते हुए भी देखा। एक समय मनीषा की जिंदगी ऐसी उलझी कि शराब और ड्रग्स की पनाह में उन्हें सुकून मिलने लगा था। कैंसर से लड़ते हुए उन्होंने जिंदगी का सबसे बुरा वक्त भी देखा, लेकिन इस जंग में भी फतह हासिल की।

अपनी अदाकारी और खूबसूरत मुस्कान से कई दिलों पर राज कर चुकीं फिल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला अपनी जिंदगी में आये कई घने अंधेरों को पार कर अब रोशनी में पहुंच चुकी हैं। अब वो मनीषा पहले वाली मनीषा नहीं रहीं, वो बदल गई हैं। अब उनकी बातों में हिम्मत है, जिंदगी जीने का नजरिया और अनुभव है। इन दिनों मनीषा कोइराला हरिद्वार आई हुई हैं। यहां वह अपने आध्यात्मिक गुरु पायलट बाबा के पांच दिन के अनुष्ठान के लिए पहुंची हैं।
बातचीत में मनीषा कोइराला ने बताया कि अगर वह आज जीवित हैं तो उसमें सबसे बड़ी वजह आध्यात्मिक शक्ति की है। जब वह कैंसर से लड़ रही थी तो उनका साथ दवाइयों के साथ-साथ धर्म और आध्यात्म ने दिया। इसी कारण आज वह दोबारा से जिंदगी की राह पर लौट पाई हैं। मनीषा को धर्म से काफी लगाव है और वह कोशिश करती हैं कि भगवान की शरण में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। उन्होंने बताया कि वैसे तो जीवन में मृत्यु सुनिश्चित है, लेकिन आध्यात्म हमें जीने की अच्छी तरह से राह जरूर दिखा देता है।
मनीषा ने कहा कि जल्द ही उनकी बॉलीवुड में अच्छी वापसी हो रही है और वह जल्द दो फिल्मों में नजर आने वाली हैं। मनीषा ने कहा कि आजकल के युवा वैसे तो उनकी नहीं सुनेंगे लेकिन वह चाहती हैं कि हर युवा धर्म को पहचाने और उससे जुड़े। उन्होंने कहा कि उनको संतों के वस्त्र अच्छे लगते हैं इसलिए वह भी इन रंगों के कपड़े धारण करती हैं। उन्हें हरिद्वार आने से सुकून मिलता है और वह कोशिश करती हैं कि साल में जितनी बार हो सके वह हरिद्वार गंगा के किनारे आएं और समय बिताएं।

कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीएम रावत ने लांच किया ऐप

0
सावन मास के पहले सोमवार को सुबह 10.00 बजे जनता दर्शन हॉल, मुख्यमंत्री आवास, न्यू कैंट रोड में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कावड़ियों की सुविधाओं को लेकर कावड़ ऐप लॉन्च किया।
इस ऐप के माध्यम से उत्तराखण्ड में आने वाले कांवड़ियों को यह पता रहेगा किः
  • कहां पर रूट डायवर्ट है।
  • आपतकाल नंबर क्या है।
  • कहां बारिश हो रही है।
  • कहां पर लैंडस्लाइड है।
  • कहां पर रुकने की व्यवस्था है।
सभी तरह की किसी भी दिक्कत का एक ही समाधान उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने कावड़ एप्प लांच करके की। इस ऐप के माध्यम से यह पता लग सकेगा कि इस वक्त कितने कांगड़ी उत्तराखण्ड में किस जगह पर और कहां है। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आने वाले महाकुंभ में भी हम इस तरह के ऐप की सुविधा ले सकते हैं। इस पर विचार किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि यह ऐप कावड़ यात्रियों को उनकी यात्रा संबंधी विभिन्न जानकारियां जैसे यातायात सेवा, रुकने की व्यवस्था, मौसम की जानकारी, यात्रा मार्ग संबंधित जानकारी देगा। उत्तराखण्ड में प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से कावड़ यात्री आते हैं। हमें आशा है कि इस ऐप द्वारा उनकी यात्रा सुविधाजनक होगी।

जू के जानवरों के मददगारों को मिलेगी इनकम टैक्स में छूट

0

देहरादून के ज़ू प्रशासन ने जानवरों की देखरेख के लिए दारकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।देहरादून ज़ू में इस वक्त 11 ऐसे दानकर्ता हैं जो अलग-अलग जानवरों का खर्चा उठा रहे हैं। दानकर्ता अपने गोद लिए हुए जानवरों के खाने-पीने की सभी चीजों का खर्च उठाते हैं, लेकिन उन्हें ज़ू प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए दानकर्ताओं को इस सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।

ज़ू के डायरेक्टर पीके पेट्रो ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ज़ू के जानवरों की देखभाल के लिए आगे आए लोगों को इनकम टैक्स में छूट के प्रावधान के लिए पत्र लिखा है। इसके साथ ही दानकर्ता जिस भी जानवर के खाने-पीने का खर्चा उठाएंगे उसके बाड़े के बाहर उनका नाम भी लिखा होगा।

जो लोग जानवरों के लिए खाने का इंतजाम करेंगे उन्हें खर्च पर लगने वाले इनकम टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। नैनीताल, कानपुर के ज़ू में पहले से ही ऐसा प्रावधान है। पेट्रो का कहना है, ‘इस संबंध में हमने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी पत्र लिखा है। इनकम टैक्स में छूट के बाद दान के लिए आगे आए लोगों को भी लाभ मिलेगा। इस कदम से हम कुछ और लोगों को भी जानवरों के लिए दान करने के लिए प्रोत्साहित कर सकेंगे।’

लिपिस्टिक अंडर माई बुर्का की डायरेक्टर अलंकिृता पर बरसे निहलानी

0

प्रकाश झा की प्रोडक्शन कंपनी में बनी फिल्म लिपिस्टिक अंडर माई बुर्का की निर्देशिका अलंकिृता श्रीवास्तव और सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी एक बार फिर एक दूसरे से भिड़ने को तैयार नजर आ रहे हैं। याद रहे कि ये फिल्म काफी समय तक सेंसर बोर्ड में फंसी रही थी, जब कटेंट को आपत्तिजनक बताते हुए सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को पास करने से मना कर दिया था। बाद में फिल्म एपीलेट ट्रिब्यूनल में मामला पंहुचा, तो ट्रिब्यूनल के आदेश पर सेंसर ने ए सार्टिफिकेट के साथ फिल्म को हरी झंडी दी।

सेंसर बोर्ड से सार्टिफिकेट मिलने के बाद इस फिल्म की मार्केटिंग और वितरण से एकता कपूर की कंपनी बालाजी जुड़ी और नए प्रमोशन के साथ फिल्म को अब 21 जुलाई को रिलीज किया जाना है। इसी बीच सेंसर बोर्ड के साथ अनुभवों को लेकर अलंकिृता श्रीवास्तव ने सीधे तौर पर पहलाज निहलानी को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि पहलाज का रवैया बहुत खराब रहा।
अलंकिृता ने कहा कि वे हमें भिखारियों की तरह ट्रीट करते थे। जब अलंकिृता के आरोप पहलाज तक पंहुचे, तो उन्होंने पलटवार करते हुए अलंकिृता पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने सेंसर बोर्ड की आपत्तियों पर सोचने की जगह उनको फिल्म के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया। पहलाज ने आरोप लगाया कि उन्होंने फिल्म की टीम को कई बार बातचीत के लिए बुलाने की कोशिश की, लेकिन कोई रेस्पांस नहीं दिया गया। पहलाज निहलानी ने दोहराया कि सेंसर बोर्ड किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करता और सेंसर के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है और आगे भी ऐसा ही होता रहेगा।