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कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीएम रावत ने लांच किया ऐप

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सावन मास के पहले सोमवार को सुबह 10.00 बजे जनता दर्शन हॉल, मुख्यमंत्री आवास, न्यू कैंट रोड में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कावड़ियों की सुविधाओं को लेकर कावड़ ऐप लॉन्च किया।
इस ऐप के माध्यम से उत्तराखण्ड में आने वाले कांवड़ियों को यह पता रहेगा किः
  • कहां पर रूट डायवर्ट है।
  • आपतकाल नंबर क्या है।
  • कहां बारिश हो रही है।
  • कहां पर लैंडस्लाइड है।
  • कहां पर रुकने की व्यवस्था है।
सभी तरह की किसी भी दिक्कत का एक ही समाधान उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने कावड़ एप्प लांच करके की। इस ऐप के माध्यम से यह पता लग सकेगा कि इस वक्त कितने कांगड़ी उत्तराखण्ड में किस जगह पर और कहां है। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आने वाले महाकुंभ में भी हम इस तरह के ऐप की सुविधा ले सकते हैं। इस पर विचार किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि यह ऐप कावड़ यात्रियों को उनकी यात्रा संबंधी विभिन्न जानकारियां जैसे यातायात सेवा, रुकने की व्यवस्था, मौसम की जानकारी, यात्रा मार्ग संबंधित जानकारी देगा। उत्तराखण्ड में प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से कावड़ यात्री आते हैं। हमें आशा है कि इस ऐप द्वारा उनकी यात्रा सुविधाजनक होगी।

जू के जानवरों के मददगारों को मिलेगी इनकम टैक्स में छूट

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देहरादून के ज़ू प्रशासन ने जानवरों की देखरेख के लिए दारकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।देहरादून ज़ू में इस वक्त 11 ऐसे दानकर्ता हैं जो अलग-अलग जानवरों का खर्चा उठा रहे हैं। दानकर्ता अपने गोद लिए हुए जानवरों के खाने-पीने की सभी चीजों का खर्च उठाते हैं, लेकिन उन्हें ज़ू प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए दानकर्ताओं को इस सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।

ज़ू के डायरेक्टर पीके पेट्रो ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ज़ू के जानवरों की देखभाल के लिए आगे आए लोगों को इनकम टैक्स में छूट के प्रावधान के लिए पत्र लिखा है। इसके साथ ही दानकर्ता जिस भी जानवर के खाने-पीने का खर्चा उठाएंगे उसके बाड़े के बाहर उनका नाम भी लिखा होगा।

जो लोग जानवरों के लिए खाने का इंतजाम करेंगे उन्हें खर्च पर लगने वाले इनकम टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। नैनीताल, कानपुर के ज़ू में पहले से ही ऐसा प्रावधान है। पेट्रो का कहना है, ‘इस संबंध में हमने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी पत्र लिखा है। इनकम टैक्स में छूट के बाद दान के लिए आगे आए लोगों को भी लाभ मिलेगा। इस कदम से हम कुछ और लोगों को भी जानवरों के लिए दान करने के लिए प्रोत्साहित कर सकेंगे।’

लिपिस्टिक अंडर माई बुर्का की डायरेक्टर अलंकिृता पर बरसे निहलानी

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प्रकाश झा की प्रोडक्शन कंपनी में बनी फिल्म लिपिस्टिक अंडर माई बुर्का की निर्देशिका अलंकिृता श्रीवास्तव और सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी एक बार फिर एक दूसरे से भिड़ने को तैयार नजर आ रहे हैं। याद रहे कि ये फिल्म काफी समय तक सेंसर बोर्ड में फंसी रही थी, जब कटेंट को आपत्तिजनक बताते हुए सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को पास करने से मना कर दिया था। बाद में फिल्म एपीलेट ट्रिब्यूनल में मामला पंहुचा, तो ट्रिब्यूनल के आदेश पर सेंसर ने ए सार्टिफिकेट के साथ फिल्म को हरी झंडी दी।

सेंसर बोर्ड से सार्टिफिकेट मिलने के बाद इस फिल्म की मार्केटिंग और वितरण से एकता कपूर की कंपनी बालाजी जुड़ी और नए प्रमोशन के साथ फिल्म को अब 21 जुलाई को रिलीज किया जाना है। इसी बीच सेंसर बोर्ड के साथ अनुभवों को लेकर अलंकिृता श्रीवास्तव ने सीधे तौर पर पहलाज निहलानी को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि पहलाज का रवैया बहुत खराब रहा।
अलंकिृता ने कहा कि वे हमें भिखारियों की तरह ट्रीट करते थे। जब अलंकिृता के आरोप पहलाज तक पंहुचे, तो उन्होंने पलटवार करते हुए अलंकिृता पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने सेंसर बोर्ड की आपत्तियों पर सोचने की जगह उनको फिल्म के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया। पहलाज ने आरोप लगाया कि उन्होंने फिल्म की टीम को कई बार बातचीत के लिए बुलाने की कोशिश की, लेकिन कोई रेस्पांस नहीं दिया गया। पहलाज निहलानी ने दोहराया कि सेंसर बोर्ड किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करता और सेंसर के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है और आगे भी ऐसा ही होता रहेगा।

सचिवालय की सुरक्षा में नाइट विजन से लैस सीसीटीवी कैमरे

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उत्तराखण्ड सचिवालय की सुरक्षा के लिए अब नाइट विजन से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन आनंद वर्धन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

हाल ही सचिवालय के निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की गतिविधयां रात में सचिवालय के आसपास होने की बात सामने आई थी। इसमें सचिवालय के शौचालयों में शराब की बोतलें भी मिली थीं, इसे सचिवालय की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सचिवालय की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय, लिफ्ट और विश्वकर्मा भवन के साथ ही तमाम स्थानों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। विशेष रूप से सचिवालय में रात्रि के वक्त होने वाली आवाजाही पर निगरानी रखी जाएगी।

गौरतलब है कि निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीसीटीवी लगाने की बात कही थी। इसी क्रम में सचिवालय प्रशासन ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में भी इन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री खुद भी इन कैमरों के जरिये सुरक्षा इंतजाम को परखेंगे।

टिहरी जेल में रुसी नागरिक की तबियत बिगड़ी,एम्स ऋषिकेश में भर्ती

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टिहरी जेल में बंद रूसी नागरिक सेरगुए को ऋषिकेश एम्स में रेफर कर दिया गया है। रविवार सुबह टिहरी पुलिस रूसी नागरिक को लेकर ऋषिकेश एम्स पहुंची। एम्स चिकित्सकों ने उसे प्रशासन के निर्देशानुसार फोर्स फीडिंग देने की कोशिश की, मगर उसने साफ इन्‍कार कर दिया।

एम्स चिकित्सालय में भर्ती रूसी नागरिक लगातार माला का जाप कर रहा है, उसने यहां योग व ध्यान भी किया। चिकित्सकों के मुताबिक अंदरुनी तौर पर वह स्वस्थ नहीं है। चिकित्सक रूसी नागरिक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उसे एम्स के मैडिसन वर्ल्ड में भर्ती किया गया है।

 बातचीत में सेरगुए ने बताया कि वह स्वस्थ है और जब तक एंबेसी उससे संपर्क नहीं करती तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेगा। पुलिस ने की रूसी नागरिक को एक जुलाई को उत्तरकाशी में बिना पासपोर्ट व वैध वीजा न होने के आरोप में उत्तरकाशी से गिरफ्तार किया था। तीन जुलाई से उसने टिहरी जेल में अन्न-जल का त्याग कर दिया था।

पेपर मील में लापरवाही से मजदूर की मौत

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काशीपुर के पेपर मील में श्रमिक की दर्दनाक मौत के बाद पेपर मील प्रबंधन ने अपनी जान छुड़ाने के लिए श्रमिक का शव घर के बहार छोड़ कर फरार हो गए। तभी गांव के लोगों ने जब शव को देखा तो परिजनों को बताया जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने जिसके बाद ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को लेकर फेक्टरी गेट पर जमकर हंगामा कटा।

फेक्टरी प्रबंधन की लापरवाही से हुई श्रमिक की मौत के बाद फेक्टरी प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए और आनन् फानन में शव को घर के बहार छोड़ कर फरार हो गए। जिससे परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। काफी हंगामे के बाद श्रमिक के मौत की बोली लगने लगी। फेक्टरी प्रबंधन पैसे देकर मामले को निपटने की जुगत में लगा रहा।

मुरादाबाद रोड की सिध्देशस्वरि पेपर मील का ये पूरा मामला है। जंहा हंगामे के दौरानभारी पुलिस बल फैक्ट्री में तैनात कर दिया गया था। वहीँ जब फैक्ट्री प्रबंधन से इस बारे में जानकारी ली गयी तो मीडिया कर्मियों से भी बदसलूकी करने से नहीं चुके। जबकि सुरक्षा के किसी भी तरह के कोई इंतजाम फैक्ट्री में नहीं किये गए थे।

बहुत जल्द किसानों के लिए राज्य में आएगा ”नर्सरी एक्ट”

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राज्य सरकार जल्द ही नर्सरी एक्ट बनाने जा रहा है। किसानों के हित में विभागों का एकीकरण किया जाएगा। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त करना है।  किसानों के हित में प्रत्येक न्याय पंचायत पर एक-एक अधिकारी निर्धारित होगा, जिसकी निरंतर मॉनिटरिंग सचिव उद्यान द्वारा प्रत्यक्षतः की जाएगी।
मुख्यमंत्री  ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी, किसान भवन, रिंग रोड में आयोजित उत्तराखंड आम महोत्सव में किसानों के प्रति राज्य सरकार की नीति स्पष्ट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं शिक्षा, कृषि तथा उद्यान विभाग को सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानता हूं। आज उत्तराखंड में 36,000 हेक्टेयर भूमि में आम पैदा किए जा रहे हैं, राज्य में डेढ़ लाख मीट्रिक टन आम उत्पादन हो रहा है। यद्यपि राज्य में खेती योग्य भूमि बहुत कम है, साथ ही हमें अपनी भूमि को भू-माफियाओं के अतिक्रमण से भी बचाना है। वह बाग-बगीचों का संरक्षण में परिवर्धन हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। कृषि व बाग-बगीचों से ना केवल हमारी भविष्य की जरूरत पूरी होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी होगा। जहां पेड़ हमारी आर्थिकी से जुड़े हैं वही यह हमारे इको सिस्टम का अनिवार्य अंग है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि कृषि कर्मचारियों की आए तो निर्धारित होती है परंतु हमें सोचना होगा कि क्या किसानों की आय भी सुनिश्चित की जा सकती है। आज किसानों के कल्याण व कृषि विकास हेतु अनेक सुविधाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री की फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों की फसल बुआई से लेकर कटाई तक हर स्तर पर बीमित है। प्रधानमंत्री जी ने हमारे समक्ष किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। फसलों के संदर्भ में आपदा का मुआवजा डेट गुनाह कर दिया गया है। राज्य सरकार शीघ्र ही नर्सरी एक्ट लाने जा रही है यदि किसान नर्सरी से पौधे खरीदते है तो उसकी उत्पादकता की गुणवक्ता भी सुनिश्चित होगी। नर्सरी संचालकों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखंड जैसा राज्य जिसकी जलवायु अनुकूल है। यहां से रणनीति अपनाकर प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है। राज्य में सुगंधित खेती अत्यंत ही लाभकारी सिद्ध होगी। सुगंधित खेती से जहां जंगली जानवरों से खेती के नुकसान का भय नहीं होता, वहीं यातायात व्यय भी अधिक नहीं होता तथा कोल्ड स्टोरेज की भी व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के किसानों से अपील की है कि कृषि व उद्यान विकास हेतु किसान अपने सुझाव सरकार को व्यक्तिगत रुप से भी दे सकते हैं। राज्य सरकार किसानों के सुझाव का तत्परता से स्वागत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि आजीविका योजना के अंतर्गत कौशल विकास द्वारा किसानों को अपने उत्पादकों की पैकेजिंग, वितरण, मार्केटिंग व प्रसंस्करण आदि में सहायता मिलेगी।

भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात है ऋषिकेश की अदिति

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देवभूमि की बेटियां भी बेटों से कम नहीं। जब बात देश सेवा की हो तो बेटियां भी बेटों की तरह फौजी बनने में गर्व महसूस करती हैं। जोश, जज्बा और जुनून ही है कि उत्तराखंड की एक और बेटी अब भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर बन गई है। ऋषिकेश की रहने वाली अदिति राय ने यह मुकाम हासिल कर दिखाया।

तीनों सेनाओं में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन की राह खोलने वाली दून की विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुपमा जोशी के बाद अब 27 वर्षीय अदिति राय भी वायु सेना का गौरव बन गई हैं। अदिति के पिता गुलशन राय, ऋषिकेश में कपड़े के व्यापारी हैं। गुलशन ने बताया कि पांच जुलाई को अदिति को प्रोन्नति की सूचना मिली थी।

अदिति इंटरमीडियट तक की शिक्षा ऋषिकेश में ही हासिल की। इसके बाद चंडीगढ़ के इंडो ग्लोबल कॉलेज से कंप्यूटर इंजीनियङ्क्षरग में बीटेक पास किया। गुलशन बताते हैं कि, ‘बचपन से ही उसे फौजी अनुशासन और वर्दी लुभाती थी। होनहार थी ही। इंटरमीडियट परीक्षा में वह शहर की टॉपर भी थी।’

वर्ष 2011 में उसने भारतीय वायु सेना में कमीशन लिया। अभी वह पठानकोट में तैनात हैं। अदिति की छोटी बहन पांशुला कानून की पढ़ाई कर रही है। बेटी की सफलता से उत्साहित मां वंदना राय कहती हैं, ‘लोगों को यह समझना होगा बेटियां बेटों से किसी मायने में कम नहीं होती। अदिति ने भी साबित कर दिया है।’

घर बैठे इस “त्रिशूल” से अपनी गाड़ी साफ करें

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मसूरी के पास, क्यारकुली के रहने वाले सत्या रावत ने शहर में अपनी तरह का पहला स्पा शुरु किया है, जी नहीं ये इंसानों के लिये स्पा नहीं है बल्कि टेड़े-मेड़े पहाड़ी रास्तों पर सफर करती गाड़ियों के लिये है। 34 साल के रावत का कहना है कि मसूरे के लिये ये ऐसा पहला प्रयोग है जिसमें आपको अपनी गाड़ी की सर्विस कराने के लिये कहीं जाने की जरूरत नही बल्कि पूरा सर्विस सेंटर ही आपके घर तक आयेगा। रावत ने अपनी इस सर्विस को नाम दिया है त्रिशूल। एक मारूति वैन में गाड़ी की सर्विस से जुड़े तकरीबन सभी उपकरण और औजार फिट किये गये हैं। इनमें स्टीम मशीन, वैक्यूम क्लीनर, जेनसेट आदि शामिल हैं। गाड़ी की सर्विस करने में करीब तीन घंटे का समय लगता है और आपकी गाड़ी किसी भी नई गाड़ी की ही तरह चमाचमाने लगती है।

नयूजपोस्ट से बात करते हुए सत्या कहते हैं कि “मैने ये काम 2016 के अंत में शुरू किया था। मसूरी में सर्विस स्टेशन नहीं है, सब देहरादून जाकर सर्विस कराते हैं। मैने ये सेवा लोगों की डिमांड को देखते हुए शुरू की। मसूरी में पानी की कमी को देखते हुए मैने स्टीम से गाड़ी की सफाई, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल किया जा सके ऐसा सिस्टम बनाया है।”

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इस चलते फिरते सर्विस सेंटर को तैयार करने में रावत को करीब 7 लाक रुपये का खर्च आया जो बैंक से लोन लिया है। हांलाकि लोगों के रिसपांस को देखकर सत्या काफी उत्साहित हैं। दिन में कम से कम तीन से चार सर्विस का काम आ जाता हैं। हर सर्विस 500-3000 के बीच में पड़ती है। सर्विस की कीमत गाड़ी के माॅडल और हालत पर निर्भर करती है।

‘त्रिशूल’ कार सर्विस को लेकर सत्या के बढ़े मंसूबे हैं। वो 7-8 सर्विस करने वाली गाड़ियों की फ्लीट बनाकर आस पास के इलाके के युवाओं को रोजगार देना चाहते हैं। वो कहते हैं “इन गाड़ियों की फ्लीट बनाकर देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, हरिद्वार में भी मैं ये सेवा शुरू करना चाहता हूं जिससे युवाओं के लिये रोजगार को और मौके बन सकें”

मसूरी के लोगों के बीच ये सर्विस काफी पसंद की जा रही है। मसूरी के गणेश सैली कहते हैं कि अपनी गाड़ी को साफ सुथरा रखना मसूरी जैसे शहर में काफी परेशानी भरा है। इसके लिये पहले आप ड्राइवर रकें, फिर देहरादून गाड़ी सर्विस कराने भेजें। त्रिशूल सर्विस से अपनी आंखों के सामने ही कुछ घंटों में आपकी गाड़ी चमचमाने लगती है। इससे ज्यादा आपको क्या चाहिये?’

प्रशासन की सतर्कता से सतपुली में स्थिति सामान्य

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सतपुली नगर पंचायत में  उस वक्त माहौल बिगड़ गया, जब एक फल विक्रेता ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक धार्मिक स्थल को लेकर आपत्तिजनक फोटो अपलोड कर दी। फोटो के वायरल होते ही हिंदू संगठनों से जुड़े तमाम कार्यकर्ता युवक की दुकान पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक दुकान बंद कर फरार हो चुका था।

मामला रविवार दोपहर का है। सतपुली अपर बाजार के सब्जी व्यापारी ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक धार्मिक स्थल का आपत्तिजनक फोटो अपलोड कर दिया। बताते हैं कि फोटो अपलोड होते ही उक्त व्यापारी दुकान बंद कर चलता बना। इधर, इस आपत्तिजनक पोस्ट के वायरल होते ही सतपुली में बवाल मच गया और आनन-फानन में हिंदु संगठनों से जुड़े कई कार्यकर्ता दुकान में पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने दुकान में रखे सब्जी-फल सहित तमाम सामान बाहर फेंक दिया और उस पर आग लगाने की कोशिश की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बाजार भी बंद करवा दिया।

इससे पहले माहौल बिगड़ता, पुलिस हरकत में आ गई व बिगड़ते माहौल पर काबू पा लिया। पौड़ी, कोटद्वार व लैंसडौन से भी भारी तादाद में पुलिस बल सतपुली में तैनात कर दिया गया है। उच्चाधिकारियों को सूचित करने के साथ ही कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास भी शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारी एक स्वर में आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। पूरे मामले में पूर्व प्रधान जगदंबा डंगवाल की ओर से तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया है।

मौके पर पहुंचे डीएम पौड़ी, सुशील कुमार ने बताया कि, “स्थिति सामान्य हैं,व्यापारियों से बात करके बाजार दोबारा खुलवा दिया गया,सभी लोगों से मिल कर लंबी मिटिंग की गई और अब माहौल पूरी तरह शांत है । प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर बाजार खुलवाने का अनुरोध किया जिसके बाद बाजार भी खोल दिया गया।