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उत्तराखंड में आफत की बारिश, पांच की मौतः महिला बही

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शुरुआती दौर में ही मानसून पहाड़ों पर कहर बरपाने लगा है। चमोली, अल्मोड़ा और देहरादून जिले में बादल फटने से खासा नुकसान हुआ है। कई घरों में मलबा घुस गया, जबकि खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गई। इसके अलावा प्रदेश में देहरादून और पिथौरागढ़ जिले में पांच लोगों की मौत भी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सौ से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। चार धाम यात्रा मार्गों पर मलबा आने से खुलने और बंद होने का क्रम जारी है।

रुदप्रयाग और चमोली में बुधवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। मंदाकिनी, नंदाकिनी, पिंडर, अलकनंदा, सरयू, गोमती और गोरी नदी समेत बरसाती नदियां उफान पर हैं। हालांकि अभी नदियां खतरे के निशान से दूर हैं, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम के रूख से लोगों में दहशत है।

उत्तराखंड में मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ। सोमवार देर रात चमोली जिले के घाट ब्लाक में बादल फटने से धुर्मा कुंडी गांव में भारी नुकसान हुआ है। बरसाती नदी में उफान आने से घर और खेत मलबे से पट गए। घबराए लोगों ने जागकर रात बिताई। सुबह प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

देहरादून जिला भी मौसम के असर से खासा प्रभावित हुआ। मसूरी के पास एक पिकअप वाहन पर बोल्डर गिर गया। इससे वाहन में सवार चार में से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। दून शहर में भी एक व्यक्ति देर रात रिस्पना नदी में डूब गया। देर रात भारी बारिश के बीच वह घर में घुसे बरसाती पानी को निकाल रहा था कि उसका पैर फिसल गया। इसके अलावा सिल्ला गांव में बादल फटने के बाद 40 मवेशी मलबे में दब गए।

कुमाऊं में भी हालात अलग नहीं हैं। पिथौरागढ़ जिले में सड़क निर्माण में जुटे मजदूरों के टेंट पर पहाड़ी से मलबा आ गिरा। इससे नेपाल के रहने वाले मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई व एक घायल हो गया। बागेश्वर जिले में सरयू का जलस्तर बढ़ने  पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सोमवार रात बागेश्वर में सायरन बजाकर लोगों को चेतावनी दी गई।  अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र में बादल फटने से स्कूल भवन, पुलिया, रास्ते व पेयजल योजनाएं बह गईं। डरे ग्रामीणों ने गांव छोड़ कर जान बचाई। बारिश से कैलास मानसरोवर व भारत-चीन व्यापार मार्ग समेत एक दर्जन मार्ग बंद हो गए हैं।

अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना

प्रदेश पर अगले 48 घंटे भारी गुजर सकते हैं। देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. विक्रम सिंह के अनुसार इस दौरान पहाड़ और मैदान में भारी वर्षा की संभावना है। उन्होंने यात्रियों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

जर्जर स्कूल छोड़ टिन के नीचे पढ़ने को मजबूर छात्र

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भारी बारिश से स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत बनी हुई है। आलम यह है कि छोटे बच्चे जर्जर स्कूलों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं कई स्कूलों में यह बच्चे जान हथेली पर रखकर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं, हालांकि शिक्षा विभाग स्कूलों की मरम्मत जल्द कराने के दावे कर रहा है।
राज्य के कई स्कूलों में बच्चे एक हाथ में किताब और दूसरे हाथ में जान हथेली पर रखकर पढ़ने को मजबूर हैं। सरकार की ओर से इन जर्जर हो चुके स्कूलों की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह तस्वीर किसी एक स्कूल की नहीं बल्कि कई जिलों के दर्जनों स्कूलों में यही हाल है। ऐसा ही कुछ हाल क्यार्क वरसूड़ी के राजकीय जूनियर हाईस्कूल का है। यहां स्कूल की जर्जर इमारत कभी भी भरभरा कर ढह सकती है। बारिश के दिनों में स्कूल के हालात और भी नाजुक बने हुए हैं। इसी कारण स्कूली बच्चों को मजबूरन टीन के छप्पर लगार मैदान में पढ़ाया जा रहा है।
स्कूल में कक्षा एक से कक्षा 10 तक के छात्र-छात्राओं की संख्या 110 है। इन सभी की कक्षाएं सामूहिक रूप से इसी भवन में चलाई जाती हैं लेकिन, भवन की स्थिति जीर्णशीर्ण होने के कारण यहां कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है। यही कारण है कि यह सभी छात्र सामूहिक रूप से टिन की छत के नीचे ही पढ़ाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो शिक्षा विभाग को कई बार इसे लेकर जानकारी दी गई। लेकिन, अभी तक मामले में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

बाकी जिलों के स्कूलों का भी हाल-बेहाल
आपदा प्रभावित जिलों के अलावा बाकी जिलों के स्कूलों का भी हाल बेहाल है। यहां भी दर्जनों की संख्या में स्कूल ढहने की कगार पर हैं। हालात यह कि यहां शिक्षक और छात्र दोनों ही जान हथेली पर रखकर पढ़ने और पढ़ाने को मजबूर हैं। इन हालातों के बाद भी विभाग इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। डर सिर्फ इस बात का है कि विभाग का ढुलमुल रवैया किसी दिन बड़ी घटना को अंजाम न दे दें।

अधिकारी रहें अलर्ट: डीएम एस.ए मुरूगेसन

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देहरादून डीएम, एस.ए मुरूगेसन ने जनपद में दो दिनों से हो रही भारी वर्षा से हुई क्षति के सम्बन्ध में अधिकारियों को अलर्ट रहने तथा नदी किनारे निवास कर रहे लोगों को अनाउसमेन्ट कर अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिये। डीएम ने रिस्पना नदी का जलस्तर बढने से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुए पुराने पुश्ते के सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता, अनुसंधान एवं नियोजन खण्ड स्थिति की माॅनिटिरिंग करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये,  सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नदी पर जहां पर खतरा हो वहां रेडमार्क की व्यवस्था की जाये।
जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी दीपशिखा रावत ने डीएम को बताया कि जनपद के तहसील सदर, ग्राम सिल्ला में नई सड़क से भारी वर्षा से मलवा आने से लगभग 10 गाय बहने व 4 मकान दबने की सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस/प्रशासन/एसडीआरएफ की टीम द्वारा संयुक्त कार्यवाही कर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल कर स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया व मार्ग को खुलवाने के लिए पी.एम.जी.एस.वाई देहरादून द्वारा जे.सी.बी से कार्य किया जा रहा है।
जनपद के सरखेत में नदी के तेज बहाव से गांव की भूमि कटाव होने एवं नुकसान होने की सूचना पर उप जिलाधिकारी सदर/पुलिस/एसडीआरएफ/सिंचाई विभाग देहरादून के एसडीओ द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए क्षति का आंकलन किया जा रहा है। ग्राम गौहरीमाफी में बिड़ला मन्दिर के निकट सौंग नदी का जलस्तर बढने से कृषिभूमि कटाव व  मकान को खतरा होने तथा ग्राम साहबनगर डोईवाला में सौंग नदी का जलस्तर बढने से कृषि भूमि का कटाव व मकानों खतरा होने  सम्बन्धी सूचना पर सम्बन्धित तहसीलदार ने बताया है।
गौहरीमाफी मे नदी किनारे निवास कर रहे लोगों को माॅ आनन्दमयी मेमोरियल, स्कूल गौहरीमाफी में शिफ्ट किया जा रहा है तथा ग्राम साहबनगर का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है तथा नदी किनारे निवास कर रहे लोगो को हटाने की चेतावनी जारी करने के साथ ही लोगों को हटाया जा रहा है। ग्राम कार्लीगाड़ में भारी वर्षा के कारण पुल, बिजली, पेयजल लाईनें एवं तीन दुकाने क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर/पुलिस/एसडीआरएफ/एनडीआरएफ/सिंचाई विभाग/अधिशासी अभियन्ता विद्युत विभाग के अभियन्ता संयुक्त कार्यवाही करते हुए क्षति का आंकलन करने के निर्देश दिये।
जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी ने अवगत कराया है कि भारी वर्षा के कारण लो.नि.वि प्रान्तीय खण्ड देहरादून के अन्तर्गत समस्त मार्ग बन्द है,  कालीस चकराता मोटर मार्ग, गडो चकरोल मोटर मार्ग, समर जैन मोटर मार्ग, लखवाड़ मोटर मार्ग तथा बासु लखवाड़ मोटर मार्ग बन्द हैं। लो.नि.वि चकराता के अन्तर्गत पीआरडी मोटर मार्ग, असेड पुल से मिडयावा मोटर मार्ग एवं गौरा घाटी मसाट मोटर मार्ग बन्द हैं, जनपद के सभी बन्द मोटर मार्गों को खोलने का कार्य गतिमान है।

एबीसीडी 3 में भी नजर आएंगे प्रभुदेवा

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डांस डायरेक्टर रिमो डिसूजा के निर्देशन में बनी फिल्म एबीसीडी की तीसरी कड़ी शुरू होने जा रही है और इसको लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस फिल्म की पहली दो कड़ियों में अभिनय करने वाले साउथ के प्रभुदेवा इस बार भी बतौर एक्टर इस फिल्म का हिस्सा होंगे।

रिमो डिसूजा का कहना है कि, ‘फिल्म के तीसरे हिस्से के लिए कहानी लिखने का काम शुरू हो गया है, जो इस साल के आखिर तक पूरा हो जाएगा। प्रभुदेवा इस फिल्म का फिर से हिस्सा बनने के लिए सहमति दे चुके हैं।’ कास्टिंग को लेकर रिमो का कहना है कि, ‘इस बार भी कोई बड़ा स्टार फिल्म का मुख्य हीरो होगा।’

चर्चा इस बात को लेकर है कि इस फिल्म में टाइगर श्राफ हीरो हो सकते हैं, जिनके साथ रिमो पिछले साल ‘ए फ्लाइंग जट्ट’ बना चुके हैं, लेकिन बाक्स आफिस पर ये फिल्म नहीं चली थी। माना जा रहा है कि फिल्म का विषय इस बार भी म्यूजिकल है और टाइगर डांस के चैंपियन हैं, तो वे इस कहानी में जल्दी से फिट हो सकते हैं।

रिमो ने एबीसीडी की पहली कड़ी में प्रभु देवा के साथ मशहूर डांस डायरेक्टर गणेश आचार्य को कास्ट किया था। फिल्म के बाकी चेहरे नए थे, जबकि एबीसीडी 2 की मुख्य भूमिकाओं में वरुण धवन और श्रद्धा कपूर ने काम किया था। रिमो वैसे इन दिनों सलमान के साथ अपनी फिल्म में व्यस्त हैं, जो जल्दी ही शुरु होने जा रही है। रिमो का कहना है कि, ‘एबीसीडी 3 की शूटिंग अगले साल मार्च के आसपास शुरू होगी, तब तक वे सलमान खान वाली फिल्म की शूटिंग पूरी कर लेंगे।’ सलमान पहली बार रिमो की किसी फिल्म में काम करने जा रहे हैं। 

अपने मुख्यमंत्री से नहीं मिल पा रहे भाजपा कार्यकर्ता, विधायकों का धैर्य अब जवाब देने लगा

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उत्तराखंड में भाजपा की सरकार जरुर है, लेकिन कार्यकर्ता अब भी संतुष्ट नहीं है। इसका कारण उनको उच्च स्तर पर सम्मान न मिल पाना है। दर्जनों वरिष्ठ कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो अपने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रहे हैं पर उन्हें मिलने तक का मौका नहीं मिल पा रहा है।

चार मंत्रियों की कांग्रेसी पृष्ठभूमि होने के कारण उन तक कार्यकर्ताओं की पहुंच नहीं है, जिसके कारण समस्या और गहरा रही है। केवल डॉ. धन सिंह रावत, प्रकाश पंत, अरविंद पाण्डेय और मदन कौशिक को छोड़ दिया जाए तो सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य और रेखा आर्य जैसे मंत्रियों से भाजपा के कार्यकर्ता कम, कांग्रेस से भाजपा में आये ज्यादा कार्यकर्ता मिल रहे हैं, इसका कारण उनका सीधा संपर्क और संबंध होना है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत संघ पृष्ठभूमि के हैं और हर कार्यकर्ता उन्हें अपना मानता है, लेकिन उनके आसपास की नौकरशाही उन्हें मिलाने में कोताही बरत रही है, जिसके कारण अब कार्यकर्ताओं में अब निराशा आने लगी है। महज सवा सौ दिनों में ही आने वाली यह निराशा शायद पार्टी के लिए बहुत उपयुक्त न हो। प्रचंड बहुमत के लिए भाजपा कार्यकर्ता जितने उत्साहित थे उतने बड़े नेता भी नहीं थे। इसका कारण कार्यकर्ता प्रदेश में कांग्रेस सरकार को बदलकर भाजपा की सरकार चाहते थे।

प्रचंड मोदी लहर के चलते प्रदेश में भाजपा ने 70 में से 57 विधानसभा क्षेत्रों में ऐतिहासिक विजय प्राप्त की। पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि सत्ता में आने पर उनके भी अच्छे दिन आएंगे। त्रिवेंद्र सरकार को लेकर असंतोष के स्वर कार्यकर्ताओं के स्तर से फूट रहे हों, ऐसा नहीं है। वरिष्ठ मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत खुलेआम सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री की क्षमताओं पर सवाल खड़े कर चुके हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से तनातनी की खबरें भी चर्चाओं में रहती हैं। कार्यकर्ताओं ने सरकार बनाने के लिए जी जान लगाई और जब सरकार बन गई तो कार्यकर्ताओं को दूध की मक्खी की तरह बाहर निकाल ऐसे लोगों को जोड़ा जा रहा है, जो संगठन के थे ही नहीं। सरकार में मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े दो पदों का मामला हो या विभिन्न निगमों, बोर्डों में चेयरमैन का, कार्यकर्ता इन पदों को जल्दी भरना चाहते हैं।

कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है कि मुख्यमंत्री अपने करीबी लोगों को किसी न किसी तरह एडजस्ट कर रहे हैं, किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करने के लिए सुस्ती बरती जा रही है। मंत्री पद के दावेदार विधायकों द्वारा गाहे-बगाहे अपनी नाराजगी भी विभिन्न स्तरों पर व्यक्त की जा रही है। विधायकों का मानना है कि मुख्यमंत्री जिसको मर्जी मंत्री बनाएं किंतु निर्णय जल्दी करें क्योंकि असमंजस की स्थिति किसी के लिए भी अच्छी नहीं है।

अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले के बाद कांवड़ यात्रा के लिए चौकसी शुरू  

अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले के बाद आतंकी अलर्ट के चलते तीर्थ नगरी ऋषिकेश में चौकसी बढ़ा दी गयी है  नीलकंठ यात्रा के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त कावड़िए ऋषिकेश का रुख करने लगे है।  जिसके चलते प्रशसान भी मुस्तैद हो गया है। पुलिस ने सीसी टीवी के जरिये पेनी नजर रखनी शुरू कर दी है। सावन के माह की सबसे बड़ी यात्रा पर सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने कांवड़ मेले में आतंकी हमले के अलर्ट को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।  जिसमे एटीएस की टीमें भी हर वक्त पूरे मेले पर नजर रखेगी साथ ही कुछ पुलिस कर्मियों को सादी वर्दी में भी तैनात किया जा रहा है, जिससे हर तरह के खतरे से निपटा जा सके ।

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संदिग्धों पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है, कावड़ियों की माने तो उन्हें किसी भी तरह से डर नहीं लग रहा, उन्हें शिव भक्ति पर पूरी तरह से विश्वास है और वो अपनी यात्रा पूरी क रके ही लौटेंगे। नीलकंठ यात्रा के लिए कावड़िये दिल्ली-हरियाणा -पंजाब -यूपी से गंगा जल लेने लिए हरिद्वार – ऋषिकेश पहुँचते है,यहाँ जल लेकर कांवड़िये नीलकंठ महादेव में सबसे पहले जलाभिशेक करते है।

नीलकंठ कावड यात्रा हर साल उत्तराखंड प्रशासन के लिए एक चुनोती की तरह रहती है। ऐसे में आतंकी हमले की संभावनाएं बढ़ जाती है जिसके लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस कृमियों को निर्देशित करते हुए एसएसपी टिहरी ने कहा की प्रत्यक सोमवार को बड़ी संख्या में कावड़िए जलाभिषेक के लिए नीलकंठ महादेव पहुंचेंगे जिसके लिए ट्रैफिक ववस्था, जल पुलिस और सभी संदिग्धो पर निगाह रखी जाएगी। ये चुनौतीपूर्ण काम है जिसको सभी पुलिस कर्मियों को तत्परता से निभाना है।

सीवर लाइन के गटर से मिले 2 शव

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देहरादून के पॉश कॉलोनी, पॉम सिटी इलाका, जोकि पटेलनगर थाना क्षेत्र में अाता है वह सीवर लाइन के गटर से दो शव मिलने से सनसनी फ़ैल गयी।

दोनों शव 25 फीट गहरे गटर में थे अौर  करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों शवों की शिनाख्त करवाई तो पता चला कि दोनों मृतक युवक, अजय और गुड्डू ब्रह्मपुरी के रहने वाले थे,  फ़िलहाल बॉडी 1 से 2 दिन पुरानी लग रही है।

प्रथम दृश्या से हत्या कर, शव ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रहीं है जिसके लिये संदिग्धों से पूछताछ की जा रहीं है। फ़िलहाल मामले की जांच जारी, मामले की सुचना के बाद इंस्पेक्टर रितेश साह घटना स्थल पर पँहुचे अौर लोगों से पूछताछ की तो पुलिस को जानकारी मिली कि सीवर की लाइन की मरम्मत करने आए कर्मचारियों ने सबसे पहले इन शवों को देखा।

इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों मृतक सीवर का ही काम करते थे, पुलिस ने शवों को पोस्त्मर्तम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट के बाद पुलिस अपनी आगे की जाँच शुरू करेगी।

1.25 करोड़ रुपये की अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार

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एसएसपी के निर्देशन में देहरादून जनपद में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अन्तर्गत 1 अभियुक्त सरबजीत, उम्र 28 को अवैध 5 किलोग्राम अफीम सहित नंदा की चौकी प्रेमनगर से धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।

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अभियुक्त द्वारा प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि अभियुक्त की दिल्ली में पढ़ाई के दौरान जौनसार छेत्र की लड़की से मुलाकात हुई जिससे प्रेम विवाह करके यह दिल्ली से 2008 में देहरादून आया था, जिसके साथ जीवनगढ़, विकासनगर में रहे थे, फिर इसका अपनी पत्नी से 2013 में तलाक हो जाने पर वापस दिल्ली चला गया। फिर अभी 6 माह पूर्व पुनः दिल्ली से विकासनगर देहरादून वापस आया जहां इसकी मुलाकात कुछ नशा तस्करों से हुई जिन्होंने बताया कि नशे के काम मे मोटी कमाई है, इस पर अभियुक्त पैसो के लालच में हिमांचल से अफीम लाकर देहरादून के बड़े बड़े होटल में सप्लाई करने एवं गढ़वाल के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग आदि पर्यटक स्थलों पर सप्लाई करने की बात स्वीकार की गई है।

सरबजीत 3 माह से प्रेमनगर में किराए के मकान में आकर रहने लगा ताकि इस पर किसी को कोई शक न हो। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि इसने यमनोत्री में एक होटल भी लीज पर लिया हुआ है वहां से भी यह उक्त नशा की सप्लाई यात्रियों आदि को करता है। अफीम की डिलीवरी यह शहर के बड़े बड़े होटल एवम बार रेस्टोरेंट में करने के लिए जा रहा था कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा बताए गए होटल एवम बार रेस्टोरेंट पर भी उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों को मिली छह लाख की सहायता

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खटीमा क्षेत्र के कंचनपुरी पचपेरा में आत्महत्या करने वाले किसान के परिजनों को छह लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। खुदकुशी करने वाले किसान को विधायक ने स्वयं एक लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की थी, साथ ही सीएम राहत कोष से पांच लाख रुपये दिलाए जाने की बात कही थी।

विधायक पुष्कर सिंह धामी और एसडीएम ने खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों से मिलने पहुंचे, इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख व अपनी ओर से एक लाख रुपये का चेक पीडि़त परिवार को सौंपा। इस दौरान विधायक धामी ने किसान के बच्चों की शिक्षा व लड़कियों की शादी के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।

आपदा प्रबंधन के पास जलस्तर मापने का उपकरण तक नहीं

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भूस्खलन और भूंकप की दृष्टि से चमोली जिला श्रेणी पांच में रखा गया है। बड़ा महकमा आपदा प्रबंधन का भी है मगर आश्चर्य कि बात यह कि आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन कार्यालय के पास संसाधनों व तकनीकी के नाम पर जल स्तर मापने तक का संसाधन नहीं है। तहसीलों से प्राप्त सूचना पर ही निर्भर रहना पड़ता है। तापमान मापने के लिए बड़ा थर्मामीटर आपदा प्रबंधन के पास नहीं है।

बताते चलें कि प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से चमोली जिले को बेहद संवेदनशील माना जाता है। कई बार प्राकृतिक आपदा का दंश झेल चुके चमोली जिले में शासन-प्रशासन की दृष्टि से बरिश को देखते हुए सभी तरह की तैयारियां और सजगता रखने की बात की गई है, लेकिन जब आपदा प्रबंधन विभाग से पूछा गया कि विभाग के पास आपदा संबंधी सूचनाओं के लिए क्या-क्या संसाधन है। विभाग ने बताया कि उनके पास जलस्तर मापने के लिए कोई संसाधन नहीं है। तहसीलों और सिंचाई विभाग से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जलस्तर की जानकारी मिलती है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी बताते है कि मौसम संबंधी जानकारियों के लिए देहरादून से ही सूचना मिलती है।

जबकि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली, पिथौरागढ़ तथा रुद्रप्रयाग के किसी भी स्थान पर जल्द ही विश्व बैंक की सहायता से मौसम संबंधी जानकारियों के लिए रडार लग सकते हैं। इससे महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान हो सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा से चमोली की नदियों में कुछ जल स्तर बढ़ा है मगर अभी चिंताजनक स्थिति नहीं है।

सोमवार को जिले की नदियों का जलस्तर
-नंदाकिनी जलस्तर 867.27 मीटर खतरे का स्तर 871.50 मीटर
-अलकनंदा 554.02 खतरे का स्तर 557.42
-पिंडर 768.62 खतरे का स्तर 773.00 मीटर