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निजी स्वास्थ्य सेवा सरकारी तंत्र पर हावी, 23169.91 करोड़ का कारोबार : सीएजी

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CAG

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश में गुणवत्ता युक्त चिकित्सा सेवाओं की मांग पूरी करने के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढांचा अपर्याप्त होने के कारण निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
इस क्षेत्र में अप्रैल 2000 से 2016 के बीच कुल 23169.91 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आ चुका है लेकिन इनसे आयकर कानून के प्रावधानों का अनुपालन कराने और उसके तहत की जाने वाली कर वसूली की प्रणाली में खामियां होने के कारण कमाई के हिसाब से आयकर वसूल नहीं किया जा सका।


उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया के बड़े दवा बाजारों में एक है। दुनिया के अन्य देशों में इस तरह के नियम आम हैं जो दवा कंपनियां इनका पालन भी करती हैं, लेकिन यह भारत में लागू नहीं है। यही वजह है कि दवा बिक्री के लिए अनैतिक तिकड़मों पर कुठाराघात करने की मांग उठती रहती है। अभी दवा कंपनियों के लिए जो कानून मौजूद हैं, उन्हें एक्सपर्ट्स निष्प्रभावी मानते हैं।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद नरेंद्र अग्रवाल ने भी सदन में ये मुद्दा उठाते हुए कहा था कि, ‘बजट का सिर्फ दो परसेंट हेल्थ पर खर्च हो रहा है, जबकि विश्व के और देश स्वास्थ्य बजट का सारा खर्च वहन करते हैं। आप किसी नर्सिंग होम में जाइए, किसी डॉक्टर को दिखाइए तो वह इतनी जांच लिख देगा कि आपका घर बिकने भर का पैसा जांच में चला जाएगा। इस देश में नामी हॉस्पिटल हैं| आप वहां चले जाएं तो न्यूनतम एक लाख बिल बनेगा।‘

डीएम के गीत से छलक आईं आंखें, यहां देखें वीडियो

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रक्षाबंधन पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने रोशनाबाद कारागार में महिला बंदियों के बीच पहुंच उनसे राखी बंधवाई। महिला कैदी जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर भावुक हो गईं। एक महिला बंदी ने डीएम से गाना गाने की फरमाइश की तो जिलाधिकारी ने एक गाना गाया। डीएम की सहृदयता देख महिला बंदियों की आखों में आंसू छलक आए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने महिला कैदियों को मिठाई बांटी और उनसे उनका हालचाल जाना। इसके पश्चात जिलाधिकारी वात्सल्य वाटिका पहुंचे और नन्हीं बच्चियों से राखी बंधवाई और उन्हें मिठाई खिलाई। जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ काफी समय बिताया। अपने बीच डीएम को पाकर बच्चियां काफी खुश नजर आईं।

उत्तराखंड में फिर मौसम की मार को हो जायें तैयार

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उत्तराखंड में आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत मिलती नही दिख रही है। राजधानी देहरादून में रविवार सुबह से बारिश शुरू हो गई थी। मौसम विभाग की माने तो राज्य के अधिकांश जिलों में आठ अगस्त से भारी बारिश हो सकती है। देहरादून में सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे। लगभग दस बजे के करीब शहर में बारिश शुरू हो गई और आधे घंटे से तह जोरदार बारिश चलती रही, इसके बाद बारिश हल्की हो गई।

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अगले 24 घंटों में मौसम का मिजाज बना रहेगा, लेकिन आठ से दस अगस्त तक प्रदेश में एक बार फिर भारी वर्षा के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अधिकांश स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है।

राज्यभर में कहीं आंशिक तो कहीं आमतौर पर बादलों की मौजूदगी बनी रही, दोपहर से देहरादून में बारिश का दौर फिर से जारी हो गया। वहीं, हरिद्वार में धूल के साथ तेज हवाएं चली। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। इससे लोगों ने राहत महसूस की। 

वहीं पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण राज्य की अधिक्तर नदियां खतरे के निशान पर पहुंच गई हैं।पहाड़ों पर भारी बारिश ने प्रदेशभर में तबाही मचा रखी है। कहीं भूस्खलन हो रहा है तो कहीं लोग नदी नाले के तेज बहाव में बह जा रहे हैं। हरिद्वार के लक्सर में भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। लक्सर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटबन्ध में तेजी से कटाव हो रहा है। रामसेवाला व हिम्मतपुर बेला गांव के निकट तटबन्ध टूटने का खतरा बढ़ रहा है। इससे लोगों में बाढ़ का डर पैदा होने लगा है। बढ़ते जलस्तर को देखकर लोगों ने बचने का तरीका ढूंढ़ना शुरू कर दिया है। लक्सर के साथ-साथ कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। एसडीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तटबन्ध का निरीक्षण किया। हालात को देखते हुए उन्होंने हिम्मतपुर बेला के पास तटबंध पर तुरन्त ठोकरे बनाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों व अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा है।

पुणे की नेहा देशपांडे बनीं हॉट मोंडे मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड

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सभी 50 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ पुणे की नेहा देशपांडे को 7वें हॉट मोंडे मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड का ताज मिला। जबकि फर्स्ट रनरअप में दो प्रतिभागियों के बीच टाई होने के कारण श्वेता डागर और श्वाती नंदा को सम्मिलित रूप से दिया गाया, वहीं सेकंड रनरअप में करिश्मा छाबड़िया ने बाजी मारी।

गुरुग्राम स्थित किंगडम ऑफ ड्रिम में 7वें हॉट मोंडे मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड के ग्रांड फिनाले का आयोजन शनिवार देर शाम को किया गया था। श्री साई एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की पहल पर इस अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता हॉट मोंडे मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड में दुनिया भर से भारतीय महिलाओं ने हिस्सा लिया। फिनाले मे हिस्सा ले रहे 52 फाईनलिश्ट ने जब जूरी मेंबर, सेलेब्रीटिज, मुख्य अतिथि एवं दर्षकों के सामने रैंप पर अपने प्रतिभा का जलवा विखेर कर लोगों का दिल जीत लिया। जूरी मेंबर, सेलेब्रीटिज एवं मुख्य अतिथि के रूप में ‘भाभी जी घर पर हैं’ फेम सौम्या टंडन, हप्पु सिंह, टिल्लु सिंह एवं जाने माने फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा और सुल्तान फिल्म में अहम भूमिका निभा चुके भारत केसरी जगदीश कालीरमण सहित कई लोग मौजूद थे।

इस साल भारतीय महानगरों में आडिशन लेने और विदेशों में रह रहे भारतीयों की ऑनलाइन ऑडिशन के बाद, इन महिलाओं ने फिनाले के लिए अर्हता प्राप्त की।  श्री साई एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और प्रतियोगिता के आयोजक भरत कुमार भ्रमर ने बताया कि हॉट मोंडे मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड का यह 7वां संस्करण दिव्यांग बच्चों के लिए राष्ट्रीय ब्लाइंड स्कूल दिल्ली को समर्पित है। दिव्यांगों के लिए मदद स्वरूप प्रतिभागियों से एकत्रित किए गए सात लाख रुपये आज हमने इन बच्चों को दान किया ।

हॉट मोंडे इंडिया ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष भरत कुमार भ्रमर ने कहा कि, ‘‘जब प्रतियोगी आते हैं और अपने सौंदर्य, कैटवॉक और नृत्य सत्र के लिए एक सप्ताह तक हमारे साथ रहते हैं, तो हमें उनके जीवन के बारे में बहुत सारी बातें जाननी होती है। जैसे- उन्होंने सफलता की रस्सी पर चढ़ने के लिए, अपने आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ाने के लिए सौंदर्य प्रतियोगिता को क्यों चुना। हमारे विषेशज्ञ ग्रूमर के द्वारा उन्हें ग्रूमिंग सेशन दिया जाता है।

दिलीप कुमार की सेहत को लेकर कम हुई डॉक्टरों की चिंता

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दिलीप कुमार पिछले छह दिनों से मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। इस दौरान उनके इलाज में लगी डॉक्टरों की टीम पहली बार सकारात्मक नजर आई। कल पहली बार अस्पताल की ओर से मीडिया के नाम बयान जारी किया गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। आज सुबह डॉक्टरों के हवाले से खबर आई कि उनके लीवर की सूजन अब नहीं है, जिससे सबने राहत की सांस ली है। अब भी एहतियात के तौर पर दिलीप कुमार को आईसीयू में ही रखा गया है, लेकिन डॉक्टरों ने डायलेसिस की संभावना से अब मना किया है।

डॉक्टरों का कहना है कि अब दिलीप कुमार का रक्तचाप भी सामान्य हो गया है और लीवर की समस्या भी अब दूर हो गई है। फिर भी डॉक्टरों की टीम कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। कहा जा रहा है कि दिलीप कुमार अगले 24 घंटों तक आईसीयू में ही रहेंगे। सालों से दिलीप कुमार का इलाज कर रहे मुंबई के सीनियर डॉक्टर जलील पारकर ने उनके इलाज का जिम्मा संभाला है, तब से दिलीप कुमार की सेहत में तेजी से सुधार देखा गया। दिलीप कुमार के साथ लगातार बनी हुईं उनकी पत्नी सायरा बानो की ओर से भी संदेश आया है, जिसमें कहा गया है कि लोगों की दुआओं और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों से दिलीप कुमार अब बेहतर होते जा रहे है। सायरा बानो ने दुआ करने वालों को शुक्रिया भी कहा है। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने जाना आपदा पीड़ितों का हाल

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pritam singh visits calamity affected areas

गढ़वाल के द्वार कोटद्वार में आपदा के बाद सोमवार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने वहां पहुंच कर आपदा प्रभावितों का हाल जाना । कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कोटद्वार में आपदा पीड़ितों से रिफ्यूजी कॉलोनी, धर्मशाला एवं राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में पहुंच कर आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात की ओर उन्हें हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया ।

प्रदेश अध्यक्ष ने आपदा पीड़ितों का राहत कैंप जाकर और आपदा से ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमण कर आपदा पीड़ितों का हाल चाल जानकर प्रदेश सरकार को कोसा। वहीं, उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, जिस तरह आपदा के बाद कोटद्वार का हाल है, उससे लगता नहीं है कि शासन प्रशासन आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा हो। जो क्षति हुई है उसका आंकलन प्रशासन सही तरीके से कर नहीं पा रहा है। आपदा ग्रस्त क्षेत्र में सरकार का कोई नुमाइंदा नहीं दिखायी दे रहा है, लोग अपने आप ही अपने घरों को साफ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के द्वारा कोटद्वार पहुंचकर आपदा पीड़ितों को जो 38 सौ रुपये के चेक दिये हैं, वो भी लोग वापस देने की बात कह रहे हैं। इन बातों से नही लगता है कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज है।

5 युवकों को टोंस नदी से रेस्क्यू कर बाहर निकाला

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youths rescued from river by police

सोमवार कोे देहरादून में बारिश के कारण कुछ युवकों की जान पर बन आई। दरअसल सोमवार को सिटी कण्ट्रोल रूम से सूचना मिली कि 5 युवक पिकनिक मनाते हुए नदी में आये पानी के बीच में फंस गये हैं। ये मामला थाना राजपुर के अंतर्गत गुनियाल गांव में सामने आया। टोंस नदी में पिकनिक मनाने गये ये युवक अचानक तंज बरसात होने के कारण नदीं में आये पानी में फंस गये।

सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम हरकत में आ गई। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस औऱ एसडीआरएफ के जवानों ने पामचों युवकों को सकुशल पानी से बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू कर बाहर निकाले गए युवक है अक्षय पंवार, युधिष्टिर शर्मा, आदित्य पाण्डेय, अंकित पंत अौर रक्षित जोशी। सभी युवक ग्राफ़िक एरा क्लेमेंन् टाउन देहरादून के छात्र है और हॉस्टल मैं रहते है।

किसानों की मौत पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

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अब तक प्रदेश में छह किसानों ने आत्महत्या कर ली है,जिनमें ऊधमसिंह नगर में तीन, बालेश्वर में एक,पिथौरागढ़ में एक तथा टिहरी में एक किसान ने आत्महत्या की है। इन सभी के कारण अलग-अलग हैं। नैनीताल के बिन्दुखत्ता में आर्थिक तंगी के कारण साठ वर्षीय धनसिंह डसीला ने आत्महत्या कर ली। पड़ोसी मोहन सिंह विष्ट बताते हैं कि धन सिंह का बेटा बीमार रहता था,उन्होंने इलाज के लिए लाखों रुपये कर्ज ले लिया,लेकिन रविवार को उन्होंने जहर खा लिया। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया तब तक वो दम तोड़ चुके थे। विपक्ष इस मामले को भी किसानों की आत्महत्या बता रहा है। उत्तराखंड के कृषिमंत्री सुबोध उनियाल नहीं मानते कि जिन किसानों ने कथित रूप से आत्महत्या की है, उन्होंने कर्जों के कारण की। “इसके पीछे और कोई भी कारण हो सकते हैं। किसी भी कीमत पर आत्महत्या दुखद है चाहे जिस कारण से हो। किसानों की आत्महत्या के लिए वर्तमान सरकार पर आरोप लगाना पूरी तरह भ्रामक है।” कृषिमंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि “चार महीने में न तो कोई जनविरोधी निर्णय लिया गया है और न ही किसान विरोधी। किसानों की आत्हत्या मान भी ली जाए तो इसके पीछे कांग्रेस सरकार की नीतियां हैं।” कृषिमंत्री के साथ-साथ कांग्रेस के सवालों का जवाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने देना प्रारंभ कर दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके। इसी घटना पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी भाजपा को घेरने के लिए मोर्चा खोल दिया है।

  • स्वाड़ी गांव के एक किसान राजकुमार ने भी ऐसी ही आत्महत्या की है, जिस पर उत्तरांचल ग्रामीण बैंक और सहकारी समिति के 73 हजार 199 बकाया थे,जिसकी एवज में आत्महत्या की। 19 जुलाई को हुई इस आत्महत्या के पीछे भी बैंकों द्वारा पैसे जमा करने का दबाव होना बताया गया है।
  • यही स्थिति ऊधमसिंह नगर के हल्दी पचपेड़ा गांव के किसान रामअवतार सिंह की है। उसने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खटीमा से एक लाख 80 हजार तथा बैंक ऑफ बड़ौदा से एक लाख 23 हजार का ऋण कृषि कार्यों के लिए लिया था,लेकिन इसे जमा नहीं करा पाया। छह जून को स्टेट बैंक ऑफ इडिया ने उसे नोटिस भेज दिया। छह बेटियों तथा एक बेटे के पिता रामअवतार सिंह ने दबाव के कारण आत्महत्या कर ली।
  • इसी प्रकार टिहरी गढ़वाल के दिनेश सेमवाल की मृत्यु हो गई।
  • इसी तरह बेरीनाग और बाजपुर के दो किसानों ने भी कथित रूप से आत्महत्या की।

विपक्ष की ओर से जहां प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह,किशोर उपाध्याय तथा अन्य लोग मामले को लगातार उठा रहे हैं वहीं पूर्व मंत्री भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अजय भट्ट का साफ कहना है कि कांग्रेस द्वारा किसानों को जिस ढंग से भडक़ाया जा रहा है, वह अपने आप में इस बात का संकेत है कि कांग्रेस सरकार किसानों को भडक़ाकर उन्हें आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रही है। आंकड़े देते हुए उन्होंने बताया कि एनसीआरबी के अनुसार देश में 2004-2014 तक 10 वर्षों में एक लाख 58 हजार 117 किसानों ने आत्महत्या की। यदि इसका अनुपात लगाया जाए,तो लगभग 20 हजार किसानों ने प्रतिवर्ष आत्महत्या की। जिस सरकार के हाथ किसानों के आत्महत्या से रंगे हों,उसी दल के लोग भाजपा पर अंगुली उठाएं, जहां किसानों की आत्महत्या का कारण कांग्रेस सरकार की कारगुजारियां हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के दौरान किसानों का हिस्सा भी चट कर जाने वाले कांग्रेस के नेताओं ने 6 हजार करोड़ की आय और 80 हजार करोड़ का खर्च दिखाया है। यह खर्च किसानों के पैसे का खर्च है,लेकिन किसानों को पैसे डकारने वाली सरकार के लोग ही अब किसानों को भडक़ाने का काम कर रहे हैं,जो पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि किसानों ने आत्महत्या की है,तो यह आत्महत्या किसानों के कारण हुई है। किसानों को दो-दो बैंकों से ऋण दिलाना कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस तथाकथित आत्महत्या पर कांग्रेस के लोग छाती पीट-पीटकर रो रहे हैं,उसी पर आत्महत्या करने वाले के परिजन बोलने तक को तैयार नहीं है। आत्महत्या करने वाले कोई सुसाइड नोट तक नहीं छोड़ा है। अजय भट्ट ने कहा कि बैंकों द्वारा किसके कार्यकाल में ऋण दिया गया,जिसके कारण किसान परेशान हुआ। कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा और नैतिक जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को 1 लाख तक ऋण महज 2 प्रतिशत ब्याज पर दिलाने का निर्णय लिया है शेष प्रबंधन सरकार क रेगी। अजय भट्ट ने कहा कि आज एक पान का बीड़ा दस रुपये का है यदि कोई एक पान ही रोज खाता है तो उसे महीने में तीन सौ रुपये चुकता करना होता है। हमारी सरकार किसानों को ऐसी ऋण की व्यवस्था कर चुकी है,जिसे 100 रुपये की एवज में मात्र दो रुपये देना पड़ेगा। 2 प्रतिशत ब्याज के ऋण पर किसानों को ऋण दिलाने के साथ-साथ सरकार ने किसान के हित में जो निर्णय लिया है,उनमें खाद और बीज के निर्णय शामिल हैं। यूरिया खाद जिसे किसान ब्लैक में भी खरीदता था। उसके लिए लाठी गोली तक चलती भी। अब सस्ती और किसान जितना चाहे उतना खरीद सकता है। इसका कारण यूरिया का नीम कोटेड कर दिया जाना है,जिससे न तो वह दूध में मिलाया जा सकता है और न ही अन्य कामों का प्रयोग किया जा सकता है,जिसके कारण इसकी मात्रा किसानों को भरपूर ढंग से मिल रही है यही स्थिति अन्य प्रकरणों में भी है। प्रदेशाध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि रेलवे आदि के लिए अधिग्रहीत जमीनों का मुआवजा चार गुना दे रहे हैं ताकि विकास की योजनाओं को पंख लगे और किसान को घाटा न हो। उन्होंने कहा कि नवंबर 2016 से जनता को दिया जाने वाला राशन कांग्रेस नहीं दे पाई। उस हम आठ रुपये 60 पैसे प्रति दर से जनता को दे रहे हैं। इसका भी कांग्रेस ने राजनीतिकरण करने का प्रयास किया,अपने आप दे नहीं सके और हम दे रहे हैं तो उस पर राजनीति कर रहे हैं। किसानों के संदर्भ में भाजपा दिल से काम कर रही है,जबकि कांग्रेस महज नाटक कर रही है। कांग्रेस सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है। ऐसे में जनता कांग्रेस के नाटक का जवाब देगी और उसे उसका यथार्थ याद दिलाएगी।

खटीमा के युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हमारी सरकार को आए महज चार महीने हुए हैं। इन चार महीनों में न तो ऐसा कोईकाम हुआ न ही कोई किसान विरोध निर्णय लिया गया,जिसके कारण किसानों आत्महत्या करनी पड़ती। धामी का कहना है कि यह कांग्रेस के जमाने का पाप है,जिसके कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं। हमारी सरकार ने किसानों को हर मामले में आत्मनिर्भर बनाया है और हम उनकी आय को दोगुनी करने को संकल्पित हैं। विधायक पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि यदि कांग्रेस ने किसानों हो आत्मनिर्भर बनाया होता तो उन्हें आत्महत्या भी न करना पड़ता। फिर यह घटनाएं दुखद हैं और इससे भी दुखद यह है कि कांग्रेस इस पर राजनीति कर रही है। पुष्कर सिंह धामी मानते हैं कि आने वाले दिनों में किसान भाजपा के प्रयासों से पूरी तरह सक्षम और मजबूत बनेगा।

इस संदर्भ में कांग्रेस के चकराता विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि बीजेपी के शासनकाल में ही किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। यह मामले अतिदुखद हैं। जिस प्रदेश का किसान आत्महत्या करता है,उस प्रदेश की क्या स्थिति होगी,यह स्वत: स्पष्ट है। प्रीतम सिंह का कहना है कि अपनी शर्मनाक स्थिति को छिपाने के लिए भाजपा कांग्रेस पर किसानों की मौत का आरोप मढ़ रही है,जो किसी भी कीमत पर कोई भी समझदार व्यक्ति नहीं मान सकता। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यदि भाजपा मानती है कि कांग्रेस किसानों के मुद्दे को उकसा रही है,तो उसे कांग्रेस के खिलाफ मुकदमा करनी चाहिए ताकि हमारी गिरफ्तारी हो और हम जनता को भाजपा की असलियत बता सकें। प्रीतम सिंह का साफ कहना है कि भाजपा प्रचंड बहुमत का मजाक उड़ा रही है,जो क्षम्य नहीं होगा।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय मानते हैं कि भाजपा ने प्रदेश की जनता और किसानों को छला है। उसने कर्ज माफी जो वादा किया था उसे पूरा नहीं किया जिसके कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी स्वाड़ी गांव के किसान राजकुमार ने उत्तरांचल ग्रामीण बैंक और सहकारी समिति जो ऋ ण लिया है उसे मैं चुकाऊंगा। उन्होंने कहा कि किसान राजकुमार ने दोनों स्थानों जो ऋण लिया था उसकी राशि 73 हजार 199 बकाया है,जो वह स्वयं अपने आप जमा करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तरांचल ग्रामीण बैंक के साथ-साथ सहकारी समिति नागणी से यह ऋण लिए थे। बैंक के कर्ज जमा करने के दबाव में उसने आत्महत्या कर ली है,जो दुखद तो है ही भाजपा के लिए कलंक भी है। 

8 मिनट चला देवीधुरा बग्वाल,भीमताल विधायक रामसिंह कैड़ा सहित 334 लोग घायल

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रक्षाबंधन पर सोमवार को मां बाराही के खोली खांड मैदान में बग्वाल (पत्थर युद्ध) मात्र आठ मिनट चला।दिन में लगभग 2.43 बजे शुरू हुआ बग्वाल 2.51 बजे समाप्त हो गया।आपको बतादें कि इसमें कुल 250 लोग घायल हुए हैं। सीएमओ एमएस बोरा के अनुसार सभी घायलों का इलाज किया गया है। किसी को गंभीर चोटें नहीं लगी हैं। शुरुआत में फलों की बग्वाल के बाद पत्थरों से बग्वाल खेली गई। इसमें दोनों ओर से पथराव किया गया।

बग्वाल के दौरान बालिक खाम की ओर से बग्वाल खेलने उतरे भीमताल के विधायक रामसिंह कैड़ा भी घायल हो गए। उन्हें हाथ और पीठ में चोट लगी है। सीएमओ एमएस बोरा ने बताया कि विधायक को सामान्य चोट लगी है।  रक्षाबंधन पर चम्पावत जिले के देवीधुरा में पौराणिक बाराही धाम में होने वाले बग्वाल को देखने के लिए हजारों भक्त देवीधुरा पहुंचे। इससे पूर्व पौराणिक बाराही धाम में सुबह चार बजे से पूजा अर्चना चली। बग्वाल के चार खामों और सात द्योकों के लोग दो हिस्सों में बंटकर पत्थर युद्ध करते हैं।

धन सिंह रावत ने हल्द्वानी जिला कारागार में महिला कैदियों से राखी बंधवाकर मनाया रक्षा-बंधन

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धन सिंह रावत ने हल्द्वानी जिला कारागार में महिला कैदियों से राखी बंधवाकर मनाया रक्षा-बंधन

उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने रक्षाबंधन के अवसर पर हल्द्वानी जिला कारागार में महिला कैदियों के साथ मनाया त्योहार। धन सिंह रावत ने अपने आधिकारिक टिव्टर अकाउंट पर तस्वीरों के माध्यम से इस बात की पुष्टि की।

आपको बतादें कि रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर सीएम रावत ने रविवार को जनता मिलन हाॅल में महिलाओं से राखी बंधवाई थी।

धन सिंह रावत ने कारागार की महिलाओं से राखी बंधवाकर एक मिसाल कायम की है।