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उत्तराखंड मौसम विभाग का पूर्वानुमान,आने वाले दो दिन बारिश

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उत्तराखंड में आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत मिलती नही दिख रही है। राजधानी देहरादून में सोमवार सुबह से बारिश शुरू हो गई थी। मौसम विभाग की माने तो राज्य के अधिकांश जिलों में आठ अगस्त से भारी बारिश हो सकती है। देहरादून में सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे। लगभग 6 बजे के करीब शहर में बारिश शुरू हो गई और आधे घंटे से तह जोरदार बारिश चलती रही, इसके बाद बारिश हल्की हो गई।

आने वाले 5 दिनों में प्रदेश में बारिश का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 9 अगस्त से 10 अगस्त को भारी बारिश कि संभावना है। प्रदेश के कई जिलें जिनमें मुख्यतः देहरादून ,हरिद्वार ,नैनीताल और अल्मोड़ा विशेष हैं।

मौसम विभाग ने 11 अगस्त से 12 अगस्त को भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक उत्तराखंड के मैदानी इलाको विशेषकर ,देहरादून ,नैनीताल ,पौड़ी ,भारी से भारी बारिश हो सकती है।

भालू ने तीन महिलाओं को किया घायल

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चमोली जिले के नारायणबगड ब्लाॅक के पलेठी गांव की तीन महिलाओं को भालू ने तब घायल कर दिया जब वे जंगल में घास काट रही थी। घालय महिलाओं को सीएचसी, नारायणबगड में भर्ती किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायणबगड विकास खंड के पलेठी गांव की रहने वाली मुन्नी देवी, लक्ष्मी देवी व अलका देवी गांव के पास के ही कौब के जंगल में अपने मवेशियों को चारापत्ति लेनी गई थी कि अचानक महिलाओं पर भालू ने हमला कर दिया जिससे इनके सिर और पैर पर चोटें आईं।

साथ ही अन्य महिलाओं द्वारा हो हल्ला मचाने के बाद भालू भाग खड़ा हुआ। महिलाओं को ग्रामीणों द्वारा उपचार के लिए सीएचसी नारायणबगड लाया गया है। चिकित्सकों के अनुसार महिलाओं की स्थिति ठीक है। 

अधिकारियों पर भड़के डीएम, दी हिदायत

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जिलाधिकारी डाॅ नीरज खैरवाल ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को विभागीय परिसंपत्तियों की अपडेट स्थिति की जानकारी नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। मंगलवार को जिलाधिकारी ने शासन के पत्र का हवाला देते हुए, इस सम्बन्ध में सभी अधिकारियों को पुनः सख्त निर्देश दिये है कि वे अपने-अपने विभाग की निर्धारित वांछित बिन्दुओं पर विभागीय संपत्ति का विवरण तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

डीएम ने सभी अधिकारियों को हिदायत दी है कि वह जिला मुख्यालय स्थित संपत्तियों के सम्बन्ध में वांछित सूचना नोडल अधिकारी एडीएम राजस्व के माध्यम से तथा ब्लॉक व तहसील स्तर के अधिकारी अपनी संपत्तियों का विवरण सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों के जरिये उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया है कि यदि समय पर परिसंपत्तियों की सूचना नहीं प्राप्त होती है तो इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। डीएम ने एडीएम प्रताप सिंह शाह को निर्देश दिये हैं कि वह अधिकारियों से संपत्तियों के बावत वांछित सूचना संकलित कर 17 अगस्त तक उपलब्ध कराये।

ग्रामीण क्षेत्रों को निगम में शामिल करने की सीएम से लगाई गुहार

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भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश के नगर निगम में शामिल होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के बारे में सीएम से मिलकर बात की।

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रविन्द्र राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर एक ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल होने के लिए पत्र सौंपा। पत्र में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं। ग्राम सभा ऋषिकेश के अलावा आईपीएल, कृष्णा नगर कॉलोनी,वीरपुर खुद, विस्थापित क्षेत्र गुमानीवाला जो कि राजमार्ग से लगा हुआ है। जिसे निगम की परिधि में लाये जाने के लिए जनता के द्वारा काफी समय से मांग की जाती रही है।
इस सम्बंध में जनता के हस्ताक्षर युक्त कई बार पत्र भी शासन-प्रशासन को दिये जा चुके है। पत्र में कहा गया है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल किया जाएगा तो उनका विकास होगा।

खस्ताहाल भवनों में चल रहा खुफिया विभाग

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खुफिया विभाग जिन्हें सरकार की आंख-कान समझा जाता है लेकिन ऋषिकेश खुफिया विभाग आज भी खंडहर भवन में चलने को मजबूर है।
ऋषिकेश में कार्यरत खुफिया विभाग के कर्मचारियों द्वारा टिहरी पौड़ी देहरादून व हरिद्वार जिले से जुड़े अधिकांश नगर की प्रमुख जानकारियां सरकार को दी जाती है। जिस खंडहर में खुफिया विभाग के कर्मचारी सरकार की आंख कान बनकर कार्य कर रहे हैं। इस खंडहर भवन में दो कार्यालय लोकल एलआईयू तथा विशेष शाखा अभिसूचना विभाग के कर्मचारी यहां काम करते है। हाल यह है कि कार्यालय भवन की छत भीग कर खराब हो रही है और इस कारण में रखा रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना कर्मचारियों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों को काम करना संकट से कम नहीं है।

पांच पालिकाओं के लिए एसटीपी योजना स्वीकृत

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चमोली जिले की पांच पालिकाओं, जिसमें बदरीनाथ, जोशीमठ, गोपेश्वर, नंदप्रयाग व कर्णप्रयाग शामिल है के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान स्वीकृत किया गया है।

वरिष्ठ पर्यावरण विशेषज्ञ विक्रांन्त त्यागी ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत बदरीनाथ, जोशीमठ, गोपेश्वर, नंदप्रयाग तथा कर्णप्रयाग में आई एंड डी विद् एसटीपी योजना स्वीकृत की गई है। जिसकी कुल लागत 14705.09 लाख है। इस योजना के अंतर्गत सीवर लाइन, नाला टेपिंग, घाटों का आधुनीकरण आदि कार्य किये जाना प्रस्तावित है।
बताया गया कि जिला स्तर पर गठित गंगा संरक्षण समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष तथा नगर पालिका परिषद गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, ईई लोनिवि, सिंचाई, जल निगम, जल संस्थान, सीएमओ, डीएफओ, परियोजना प्रबंधक स्वजल, व्यापार संघ गोपेश्वर के चैयरमैन अंकोला पुरोहित, जय मां नन्दा समिति से चन्द्रकला तिवारी तथा यूको क्लब जोशीमठ के सतीश चौहान सदस्य के रूप में नामित है। जिला गंगा संरक्षण समिति की हर तीन माह में जिला स्तर पर बैठक कर समय-समय पर माॅनिटरिंग की जायेगी।

बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ स्लाइड जोन बना नासूर

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चारधाम यात्रा के लिए बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ स्लाइड जोन नासूर साबित हो रहा है। हल्की बारिश भी चारधाम यात्रा पर ब्रेक लगा रही है। बीते रविवार को अपराह्न बाद बंद हुआ लामबगड़ मंगलवार तक भी नहीं खुल पाया, जिस कारण यात्रा अवरुद्ध हो गई। केवल पैदल यात्री ही बदरीनाथ धाम पहुंच पा रहे है।
लामबगड़ में पहाड़ी से बार-बार आ रहे भारी बोल्डर व मलवे से हाईवे अवरुद्ध चल रहा है। यहां पर काम कर रही एनएच की मैकाफेरी कंपनी के अधिकारियों की माने तो उनका कहना है कि जब भी हम मार्ग को खोल रहे हैं, वैसे ही पहाड़ी पर से पत्थर गिरने शुरू हो जा रहे हैं। ऐसे में यात्रा वाहनों को जाने देना खतरे से खाली नहीं है। खतरे को देखते हुए यात्रा वाहनों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पत्थरों का गिरना बंद हो जायेगा तभी यात्रा वाहनों को आने जाने दिया जायेगा, प्रयास है कि जल्द से जल्द मार्ग को खोला जाए।

जर्जर स्थिति में पहुंच गया है ऋषिकेश का सबसे पुराना प्राथमिक स्कूल

सूबे में नई त्रिवेंद्र सरकार आते ही शिक्षा मंत्री ने शिक्षा में सुधार के कई नियम कायदे तो बना दिए हैं लेकिन जर्जर हो चुके शिक्षा के इन मंदिरों में देश की आने वाले जनरेशन आज भी जान हथेली पर लेकर पढ़ रही है। उत्तराखंड में शिक्षा को लेकर तमाम दावे तो हमेशा किए जाते हैं लेकिन प्राथमिक शिक्षा की स्थिति खासकर सरकारी विद्यालयों में देखने लायक है, ड्रेस कोड और अंग्रेजी शिक्षा की ओर बढ़ते उत्तराखंड प्रदेश के प्राइमरी स्कूल आज बदहाली का शिकार है।

सूबे के शिक्षा मंत्री रोज नए फरमान तो जारी करते हैं लेकिन राजधानी से मात्र 39 किलोमीटर दूर तीर्थ नगरी ऋषिकेश का सबसे प्राचीन स्कूल बरसात के इन दिनों में अपनी हालत पर रो रहा है। 1925 में स्थापित और 1940 में निर्मित राजकीय प्राथमिक स्कूल नंबर 5, ऋषिकेश में शिक्षा का प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, आज भी स्कूल की बिल्डिंग मजबूती के साथ खड़ी हुई है लेकिन बरसात का मौसम आते ही रखरखाव के अभाव में प्राचीन इमारत हर जगह से टपकने लग जाती है।

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उत्तराखंड में बारिश अपने साथ कई तरह की मुसीबतें लेकर आती है लेकिन ऐसे में इस आफत की बारिश का सबसे ज्यादा खामियाजा स्कूली बच्चों को उठाना पड़ता है। राज्य भर में प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति किसी से भी नहीं छुपी है, भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं और बारिश होते ही टपक टपक कर वह तालाब में तब्दील हो जाते हैं, ऐसे में स्कूली बच्चे पढ़े तो पढ़े कैसे?

यह हालात हैं ऋषिकेश के आजादी से पहले बने स्कूलों के, ऐसा ही एक स्कूल है प्राथमिक स्कूल नंबर 5 जहां पर बच्चे बारिश में बड़ी मुश्किल हालातों से गुजरते हैं लेकिन शिक्षा विभाग ईश्वर ध्यान ही नहीं देता, उत्तराखंड में शिक्षा मंत्रालय सबसे तामझाम वाला मंत्रालय है जिसमें सबसे ज्यादा शिक्षक और कर्मचारी हैं।

हमेशा किसी ना किसी बात को लेकर शिक्षक संघ का सरकार से गतिरोध चलता रहता है लेकिन राज्य में प्राथमिक स्कूलों के भवनों की दुर्दशा पर ना ही कभी शिक्षक संघ आवाज उठाता है और ना ही शिक्षा मंत्रालय इनकी सुध लेता है आखिर ऐसे में सवाल उठता है इन हालातों में कैसे पढ़ेगा इंडिया और कैसे आगे बढ़ेगा इंडिया?

रेस 3 में सलमान की एंट्री

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अब्बास मस्तान के निर्देशन में बनी ‘रेस’ की पहली और दूसरी कड़ी के बाद इस फिल्म की तीसरी कड़ी को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही थीं। ‘रेस 3’ को लेकर ये चर्चा तो सही साबित हुई कि सलमान खान इसमें काम करेंगे, लेकिन हैरानी की बात ये है कि निर्देशन से अब्बास-मस्तान का पत्ता साफ हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, अब्बास मस्तान की जगह ‘रेस 3’ का निर्देशन रिमो डिसूजा करेंगे, जो सलमान के साथ एक और अनाम फिल्म बना रहे हैं।

माना जा रहा है कि इस साल मार्च में रिलीज हुई अब्बास-मस्तान की जोड़ी की फिल्म ‘मशीन’ के बाक्स आफिस पर चारो खाने चित्त होने के बाद सलमान ने उनकी फिल्म में काम करने से मना कर दिया। सूत्र बताते हैं कि’ ट्यूब लाइट’ के बाद अपने कैरिअर की खातिर सलमान एक बार फिर मसाला फिल्मों का रुख करने का फैसला कर चुके हैं। इसी कड़ी में रेस 3, दबंग 3 और डेविड धवन की नई फिल्म में सलमान का काम करना तय माना जा रहा है।

अभी इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि रेस की दोनों कड़ियों में काम करने वाले सैफ अली खान क्या इस बार सलमान के साथ होंगे या उनका पत्ता भी साफ हो जाएगा या सैफ खुद इस फिल्म से अलग हो जाएंगे। रेस की पहली कड़ी में सैफ अली खान, अक्षय खन्ना, बिपाशा बसु कैटरीना कैफ और अनिल कपूर की मुख्य भूमिकाएं थीं, जबकि रेस 2 में सैफ के साथ दीपिका पादुकोण, जान अब्राहम और जैक्लीन फर्नाडिज की प्रमुख भूमिकाएं थीं।

 

मार्शल आर्ट सीखने वाली महिलाओं को अक्षय कुमार ने बांटे सार्टिफिकेट

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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे द्वारा महिलाओं को उनकी सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मार्शल आर्ट की विधाओं में पारंगत करने की ट्रेनिंग पूरी करने वाली महिलाओं को एक समारोह में अक्षय कुमार और उनकी आने वाली फिल्म टायलेट एक प्रेमकथा की हीरोइन भूमि पेडणेकर ने सार्टिफिकेट बांटे। इस मौके पर आदित्य ठाकरे सहित शिवसेना के तमाम नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

ये समारोह सोमवार सुबह दादर में हुआ। इस मौके पर अक्षय कुमार ने महिलाओं से कहा कि अपनी सुरक्षा के लिए वे सचेत रहें और किसी भी परिस्थिति में नहीं घबराएं। जब महिलाएं अपनी सुरक्षा करेंगी, तो उनके साथ बदसलूकी करने की कोई सोच भी नहीं पाएगा।

अक्षय ने कहा कि मुंबई जैसे महानगर में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को आम बात मानकर खारिज कर दिया जाता है। किसी भी ऐसी घटना को कोई महिला छोटी न मानें और हरकत करने वालों के खिलाफ खुद भी एक्शन ले और बाद में पुलिस में भी रिपोर्ट करे।

इस मौके पर भूमि पेडणेकर ने कहा कि वे खुद महिला हैं और कई बार इस तरह की घटनाओं की शिकार हो चुकी हैं।लेकिन अब उनको भी ये बात समझ में आ गई है कि अगर महिलाएं खामोश रहीं, तो उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों के हौसले बढ़ेंगे।