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संदिग्ध हालात में सिपाही की मौत

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हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान संदिग्ध हालात में जीआरपी के एक सिपाही की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

थाना जीआरपी में तैनात सिपाही पुष्पेंद्र रोजाना की तरह सोमवार रात 11 बजे रेलवे स्टेशन पर साथी पुलिसकर्मियों के साथ गश्त कर रहा था। अचानक पुष्पेंद्र बेहोश होकर प्लेटफॉर्म पर गिर गया, साथी पुलिसकर्मी घबरा गए। आनन-फानन में पुष्पेंद्र को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने शहर कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी। जीआरपी प्रभारी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों को घटना की सूचना दी। सिपाही पुष्पेन्द्र मूल रूप से पौड़ी जिले के पल्ली गांव का रहने वाला था। वर्तमान में भाऊवाला सहसपुर देहरादून में परिवार समेत रह रहा था। इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पुष्पेंद्र 2006 में पुलिस में भर्ती हुआ था। शायद उसे हार्ट अटैक आया है। बाकी की जांच की जा रही है।

गंगा संरक्षण मिशन का हुआ शुभारंभ

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नदियों से प्रदूषण को समाप्त करने और पुर्नजीवित करने के लिए नमामि गंगे के तहत गंगा संरक्षण मिशन, गोपेश्वर में शुभांरभ किया गया है।

नमामि गंगे परियोजना के तहत जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक जिलाधिकारी आशीष जोशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिसमें गंगा सरंक्षण के लिए जिला स्तर पर बेहतर समन्वय बनाकर प्रभावी कार्य योजना तैयार करने तथा निगरानी तंत्र को बेहतर बनाने एवं सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गयी। जिलाधिकारी ने पेयजल, सिंचाई, नगर पालिका तथा स्वजल को आपसी समन्वय बनाकर गंगा संरक्षण के तहत जिले का प्लान तैयार करने तथा नदी किनारे बसे सभी ग्राम पंचायतों के संरपच को गंगा संरक्षण कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिये हैं।

नगर निगमों से आने वाले कचरे की समस्या को हल करने के लिए अगले पांच वर्षों में अतिरिक्त एलएलडी ट्रीटमेंट कैपेसिटी का निर्माण किया जाना आवश्यक है। चारधाम यात्रा मार्गों पर आने वाले यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार शौचायल की डिमांड तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी घरों, होटलों एवं धर्मशालाओं के शिविर को एसटीपी के साथ टैप किया जाना आवश्यक है। साथ ही नदियों में सीधा कुड़ा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई किये जाने के निर्देश नगर पालिकाओं को दिए। 

शिक्षा मंत्री के गृह जनपद में शिक्षा बदहाल

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प्रदेश के शिक्षा विभाग का हाल शायद ही किसी से छुपा हो मगर आज हम आपको दिखा रहे है शिक्षा विभाग की कुछ एसी तस्वीरें जिसे आप भी दंग रह जाएंगे। जहां हाईकोर्ट लगातार शिक्षा विभाग के पेंच कस रहा है और स्कूलों में बैठने की व्यवस्था और भवनों के निर्माण सहित बच्चों की जरुरत की वस्तुओं को लेकर फटकार लगा रहा है, वहीं शिक्षा विभाग शायद सुधना ही नहीं चाहता है।
जो तस्वीरें हम आपको दिखा रहे हैं ये तस्वीरें है प्राथमिक विघालय सुल्तानपुर पट्टी की जो शिक्षा मंत्री के ही गृह जनपद और विधानसभा के पास ही है जहां बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठकर तपती धूप में पढने को मजबूर है। यही नहीं कुछ बच्चे तो धूप से बचने के लिए पास खडे एक ट्रेक्टर की ओट लेकर बैठे है और छांव तलाश कर किसी तरह से पढने को मजबूर है। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारी बताते है कि जो फोटो वायरल हुआ है वो उस विघालय का है जहां भवन जर्जर है और बारिश के कारण कमरे में पानी भर जाने की वजह से बच्चो को बाहर बिठाया गया है।
शिक्षा व्यवस्था की तस्वीरें खुद ही बयां कर रही है शिक्षा विभाग का हाल और शिक्षा मंत्री एप डाउनलोङ कर शिक्षा में सुधार की बात कर रहे हैं, जबकि हकिकत में सरकारी स्कूलो की बदहाल सरकार को मुंह चीडा रही है। वो भी उस जगह का ये मामला है जहां खुद शिक्षा मंत्री रहते हैं, इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि, ‘चराग तले अंधेरा’।

तराई में चोटी कटवा का आतंक

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यूपी, बिहार, हरियाणा और दिल्ली के बाद अब तराई में भी पांच महिलाओं की चोटी काटे जाने के मामले सामने आए हैं। पांचों ही महिलाएं बदहवास हैं, परिजन परेशान हैं और क्षेत्र में दहशत का माहौल है। कुंडेश्वरी चौकी क्षेत्र के ग्राम हरिनगर निवासी विनोद कुमार की पुत्री संतोष की ससुराल ग्राम गिरधई में है। अपने भाई सोनू को राखी बांधने के लिए संतोष दो दिन पहले मायके आई थी। उसकी मां प्रकाशो ने बताया बीती रात संतोष और परिवार के अन्य सदस्य आंगन में चारपाई डालकर लेटे थे। रात 11 बजे अचानक संतोष चीख पड़ी।

उसने बताया कि उसके सिर में भारीपन महसूस हो रहा है। आधी रात को जागकर संतोष ने फिर बताया कि कोई उसकी चारपाई का सिरहाना हिला रहा है। प्रकाशो ने बताया बेटी को परेशानी में देख पूरे परिवार ने रात जागकर गुजारी। सोमवार सुबह सभी परिजन काम में लग गए। उसके बाद संतोष कमरे में गई तो बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजनों ने सिर के पीछे हाथ लगाकर उसे उठाया तो उनके हाथ में चोटी के बाल आ गए। उसकी करीब पांच इंच चोटी काटी गई है। महिला बदहवास है।

दूसरी घटना जसपुर के मोहल्ला नई बस्ती की है। सोमवार सुबह बाइक मिस्त्री शकील की पत्नी किश्वरी जहां अपने बीमार ससुर एवं सात वर्षीय बेटी सोफिया के साथ घर पर थी। ससुर सो रहे थे। बेटी नहा रही थी। बकौल किश्वरी इस बीच किसी महिला के साए ने उसकी चोटी पकड़ ली और उसे फर्श पर पटक दिया, इससे वह बेहोश हो गई। परिजनों वहां पहुंचे तो बेहोश किश्वरी के पास ही उसके कटे बाल पड़े थे। परिजनों ने डॉक्टर एवं मौलाना को बुलाकर उसका उपचार कराया। कोतवाल अबुल कलाम ने बताया कि घर के सभी दरवाजे बंद थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इधर, सोमवार शाम जसपुर के ही मोहल्ला जुलाहान निवासी अनीता (35) पत्नी जसवंत सिंह घर में काम कर रही थी। अचानक उसे पीछे से किसी ने धक्का दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। परिजनों ने देखा तो उसकी चोटी कटी थी और बाल वहीं पड़े थे। इस पर परिजनों ने अनीता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर में भर्ती कराया।

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में हेतराम के मकान में किराये पर रह रही देवेश की पत्नी साधना शनिवार को खाना खाने के बाद सो गई। इसी बीच अचानक उठी तो उसके सिर के कुछ बाल कटे थे जिन्हें देखकर वह सदमे से बेहोश हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गये उसके बाद वह अपने मूल निवास बरेली ले गये। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक महिला को परिजन वहां से जा चुके थे। पुलिस मामले को मारपीट का बता रही है। ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष एमपी सिंह ने बताया कि चोटी कटने की अफवाह की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन मामला मारपीट का निकला। उन्होंने कहा फिलहाल चोटी कटने वाली कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

इधर, किच्छा में भी इसी तरह का मामला सामने आया है। सोमवार देर रात सितारगंज मार्ग पर स्थित शंकर फार्म की गौटिया में चालीस साल की श्यामवती पत्नी मेवाराम कश्यप घर में चीखने के साथ ही बेहोश हो गई। बकौल मेवाराम उस वक्त घर पर उसकी पत्नी के अलावा पांच बच्चे भी थे। जब उसने श्यामवती को उठाया तो देखा कि उसकी पत्नी की रबड़ लगी चोटी जमीन पर गिरी पड़ी है। उसको निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। शंकर फार्म क्षेत्र के पूर्व ग्राम प्रधान जम्मा खां, बखपुर के नंद किशोर समेत बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।

संतोष के परिजन घटना को दैवी प्रकोप मान रहे हैं। वे इसे किसी की शरारत मानने को तैयार नहीं है। परिजनों ने अनिष्ट की आशंका से निजात दिलाने के लिए विशेष मंत्रों के साथ गंगाजल से स्नान कराया। इधर, कथित रूप से महिला की चोटी काटे जाने की घटना से गांव की महिलाओं में दहशत व्याप्त है। इसी क्रम में सोमवार की रात गांव में देवी जागरण का आयोजन किया गया है।

सीएम ने मिस ग्रांड इंडिया को किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित जनता मिलन हॉल में आयोजित एक समारोह में मिस ग्रांड इंडिया 2017 की विजेता अनुकृति गुसाईं को सम्मानित किया। उन्होंने अनुकृति को बधाई देते हुए उनके अगले इवेंट मिस ग्रांड यूनिवर्स के लिए शुभकामनाएं दीं।

सीएम ने लैंसडाउन की अनुकृति की उपलब्धि को प्रदेश के युवा वर्ग के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने इस अवसर पर अनुकृति को प्रदेश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में आगे आकर प्रदेश में लिंगानुपात को बालिकाओं के पक्ष में बढ़ाने में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ अपने पैशन को पूरा करना, प्रदेश और देश का नाम रोशन करना, एक बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर अनुकृति ने कहा कि पहाड़ की बेटी के पास टैलेंट है, पर्सनालिटी है, कपैसिटी है, बस आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें संसाधन मिले। उन्होंने कहा कि वो बेटी बचाओ अभियान के साथ पलायन रोकने के लिए भी उत्तराखंड में काम करेंगी। उन्होंने उत्तराखंड को उन्हें दिये सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया।

उत्तराखंड के गंगोलीहाट के पवन की हुई शहादत

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पाकिस्तानी सेना ने रविवार को नियंत्रण रेखा पर नौशेरा सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया. भारतीय सेना भी पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तान ने दिन 12.40 बजे नौशेरा सेक्टर में गोलीबारी शुरू की जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।

गोलाबीरी के दौरान सिपाही पवन सिंह सुगरा गंभीर रूप से घायल हो गए जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। 21 वर्ष की उम्र के सिपाही पवन सिंह सुगरा, गांव सुग्री, पी.ओ. चोरपाल, तहसील गंगोलीहट, जिला पिथौरागढ़, उत्तराखंड के रहने वाले थे और अपने पीछे वह अपने माता-पिता को अकेला छोड़ गए।

सिपाही पवन सिंह शूरा एक बहादुर और ईमानदार सैनिक थे। राष्ट्र हमेशा सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य की भक्ति के लिए उसके प्रति ऋणी रहेगा।

 

बस-बाइक की टक्कर में 1 की मृत्यु, 1 घायल

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आज मंगलवार को थाना राजपुर को सूचना मिली की  सहस्त्रधारा रोड पर ढालवाला के पास सिटी बस व बाइक पल्सर 220 न0 UP 11 AX 6790 की टक्कर हो गई है।सूचना पर थाना राजपुर से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा तथा बाइक सवार दोनों घायलों को तत्काल उपचार हेतु दून अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर द्वारा उनमें से एक व्यक्ति को मृत घोषित किया गया। घायल व्यक्ति की पहचान मजहर पुत्र आदिर निवासी पीर वाली गली सहारनपुर के रूप में हुई है तथा मृतक की पहचान बलवीर के रूप में हुई है, मृतक के संबंध में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस द्वारा उक्त बस UK 07 N 6802 को कब्जे में लेकर उसके चालक को  हिरासत में लिया गया है। घायल व्यक्ति की हालत को देखते हुए डॉक्टर द्वारा सी0एम0आई0 अस्पताल रेफर किया गया है।

हत्या के प्रयास की झूठी कहानी से पुलिस ने उठाया परदा

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बदमाश कितना भी शातिर क्यों न हो पर कानून के चंगुल में आखिर आ ही जाता है। ऐसे ही एक झूठे प्रकरण में हरिद्वार के ज्वालापुर पुलिस की टीम सच्चाई की तह तक पहुंच गई है। पुलिस को हत्या के इरादे से गोली मारने की सूचना देने वाला पीड़ित ही खुद अपराधी निकला, पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपी ने अपने पड़ोसियों को फंसाने के लिए ताबड़तोड़ गोलियां चलवाकर सनसनी फैलाई।

रविवार रात्रि करीब 11 बजे ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के रानीपुर झाल में हुए ताबड़तोड़ गोलीकांड की आवाज से धर्मनगरी दहल उठी थी। एक के बाद एक करीब 10 गोलियों की आवाज लोगों को सुनाई दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को घटना स्थल से एक कार मिली जिस पर गोलियों के निशान व चालक वाली सीट पर एक घायल व्यक्ति मिला। घायल ने बताया कि उसका नाम सुशील त्यागी है और वह दिल्ली का रहने वाला है। उसने बताया कि उसके पड़ोसी चार युवकों ने हत्या के इरादे से उस पर हमला किया और गोली चलाकर भाग निकले। पुलिस ने घटना स्थल से बरामद कार को कब्जे में ले लिया और पीड़ित को नजदीक के ही अस्पताल में भर्ती कराया था।

घायल के बयान के आधार पर पुलिस की एक टीम दिल्ली रवाना हो गई थी। जब पुलिस ने केस की जांच की तो सच्चाई खुद सामने आने लगी। पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन और तमाम जानकारी जुटाई तो पुलिस की आंखे खुली की खुली रह गई। घायल सुशील त्यागी ने पुलिस को अपनी हत्या के प्रयास की झूठी कहानी सुनाई थी। ज्वालापुर कोतवाल अमरजीत ने बताया कि केस को सुलझा लिया गया है। आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।

संदिग्ध परिस्थितियों में बुजुर्ग की मौत

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पारिवारिक क्लेश के बाद एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है। मृतक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। पुलिस मौत के रहस्य से परदा उठाने का प्रयास कर रही है। घटना कनखल थाना क्षेत्र की है।

जगजीतपुर के गांव जमालपुर कलां, निवासी यासीन, पत्नी समीरा व बेटे मियाज, मुराद और बेटी के साथ रहता है। रात्रि करीब नौ बजे खेल-खेल में ही भाई-बहन का झगड़ा शुरू हो गया। यासीन की पत्नी ने बेटी को शोर मचाने पर डांट दिया। जिसके बाद दोनों भाइयों और बेटी के बीच विवाद बढ़ गया। बीच-बचाव करने आये यासीन ने सभी को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच झगड़े में यासीन नीचे गिर गया।

यासीन के गिरते ही परिवार में एक दम सन्नाटा पसर गया। बेहोशी की हालत में यासीन को नजदीक के अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सकों ने यासीन को मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान किसी ने पुलिस को हत्या की सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। कार्यवाहक एसओ महावीर रावत ने बताया कि मौत की जांच के लिये शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

पलायन को अपने अंदाज में चुनौती देती ये पहाड़ की बेटी

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उत्तराखंड का नाम जहन में आते ही पहाड़ों के खाली होते गांवों की तस्वीरें हर उत्तराखंडी के सामने आ जाती हैं। सरकारी फाइलों में, गोष्ठियों में पलायन को रोकने की तमाम बातें कैद हैं लेकिन सच ये है कि पहाड़ों पर युवा बेहतर जिंदगी और काम की तलाश में लगातार मैदानों की तरफ रुख कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच कभी कभी ऐसी तस्वीरें भी सामने आती हैं जो वीरान होते पहाड़ों पर फिर खुशहाली के लौटने की उम्मीद जगाती है। ऐसी ही एक तस्वीर है 25 साल की रंजना रावत।

ranjana rawat

रुद्रप्रयाग जिले के धीरी गांव की रहने वाली रंजना ने अपनी मेहनत, लगन और जोश से पहाड़ों पर रचे बसे जीवन को एक नया रूप दिया है।रंजना रुद्रप्रयाग की रहने वाली हैं और यहीं से उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की, इसके बाद रंजना ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से बी-फार्मा की डिग्र हासिल की। इस डिग्री ने रंजना को देहरादून में इंडस्ट्रीयल फार्मसिस्ट की नौकरी दिला दी, जहाँ लगन से रंजना ने तीन साल काम किया। अपने सफर के बारे में बात करते हुए रंजना कहती हैं कि, “नौकरी करके मुझे एहसास हुआ कि मैं सिर्फ अपनी जीवन शैली को बेहतर करने की तरफ काम कर रही थी, अपने अंदर मौजूद स्किल और टैलेंट का कोई खास इस्तेमाल नहीं हो रहा था”

इसी एहसास ने रंजना को दिल्ली में मशरूम की खेती से रूबरू कराया। इसके बाद रंजना को अपने हुनर को निखारने और अपने जन्मभूमि के लिये कुछ करना का रास्ता साफ दिखने लगा। पिछले जनवरी, रंजना ने देहरादून में अपनी नौकरी छोड़ी व अपने गांव वापस पहुंच कर पूरी शिद्दत से अपने लक्ष्य को हासिल करने में लग गई। 

आज रंजना की गिनती मशरूम की खेती करने वाली सफल उद्यमियों में होती है। लेकिन रंजना ने इस कला को अपने तक ही सीमित नहीं रखा, रंजना ने अपने यहां मशरूम केती को लेकर वर्कशाॅप आयोजित की, “इस काम में मेहनत और लागत दोनों ही कम है और मुनाफा अच्छा खासा है।” रंजना के इस कदम से आज उनके गांव के 50 परिवार आम, अमरूद, आढू की खेती कर रहे हैं। इसके साथ पाॅली हाउस लगा कर मौसमी फल, सब्ज़ी और मशरूम भी उगाते हैं। यहीं नही,  यहां के लोग राज्य के करीब 6 जिलों में लोगों को ट्रैनिंग भी देते हैं।   

रंजना अब अपने इलाके की युवा पीढ़ी के लिये प्रेरणा बन गई हैं। वो कहती हैं कि “पहले लोग खेती को टाइम-पास मानते थे। लेकिन मेरा फार्म माॅडल बन गया है, में पहले खुद उगाती हूं और फिर लोगों को सिखाती हूं जिससे वो भी अपनी आमदनी कर सके।” हांलाकि रंजना की राह न पहले आसान थी न अब है। वो बताती हैं कि, ‘सरकार के पास योजनाऐं तो बहुत हैं पर उनका सीधा और समय पर फायदा नहीं मिल पाता, इसके साथ-साथ तकनीकि मदद न के बराबर है।’

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फिलहाल रंजना ने अपने गांव को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को अपना लक्ष्य बना रखा है। वो कहती हैं कि “मैं अपने गांववालों को साथ लेकर व्यापर करना चाहती हूं ताकि बीच के बिचौलियों को खत्म किया जा सके और किसान को उसकी उपज का सीधा और सहीं मोल मिल सके।”

रंजना न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देशभर के युवाओं के लिये प्रेरणा हैं। वो दिखाती हैं कि अगर मन में विशवास और दृढ़ संक्लप हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।