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जनप्रतिनिधियों की लड़ाई में हरिद्वार का हाल बेहाल

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गुरुवार को कैबिनेट मंत्री और मेयर मनोज गर्ग के समर्थकों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के दर्जनभर से अधिक लोग भले ही घायल हुए हों किन्तु नेताओं की इस लड़ाई का खमियाजा शहर के आम नागरिकों को भी भुगतना पड़ रहा है। लड़ाई के बाद शुक्रवार को निगम कर्मियों ने मेयर के समर्थन में रैली निकाली।

चोट लगे अस्पताल में भर्ती हुए मेयर की तो निगम कर्मचारियों को चिंता है, किन्तु बरसात के बाद जिस प्रकार से शहर सड़ रहा है उसकी किसी को चिंता नहीं है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, सड़कों पर कीचड़ जमा है। उसको साफ करने की बजाय नेता लोग एक-दूसरे को शह और मात देने की जुगत में लगे हुए हैं।

आजाद भारत में जन्मे पहले उपराष्ट्रपति हैं वेंकैया नायडू’

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नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बन गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली और राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार संभाला। खास बात यह रही कि वेंकैया नायडू ने हिंदी में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली।
राज्यसभा के सभापति का अभिनंदन करते हुए सदन के नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की तरफ से उनका धन्यवाद जताया। मोदी ने कहा कि वह पहले ऐसे उपराष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म स्वतंत्र भारत में हुआ। वेंकैया जी, इतने वर्षों तक इन्हीं लोगों के बीच पले-बढ़े। वो सदन की बारीकियों से वाकिफ हैं। वह सदन की प्रक्रिया से निकले पहले उपराष्ट्रपति हैं। मोदी ने कहा कि नायडू किसान के बेटे हैं और गांव को भली-भांति जानते हैं। वह जेपी आंदोलन से भी जुड़े रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि वेंकैया जी किसान परिवार से हैं, वह जितना समय शहरी मामलों पर बात करते थे उससे ज्यादा गांव और किसानों के मामले में बात करते थे। आज जब वेंकैया जी इस गरिमापूर्ण पद को ग्रहण कर रहे हैं तो उसी बात को कहूंगा, ‘अमल करो ऐसा अमन में, जहां गुजरें तुम्हारी नजरें, उधर से तुमको सलाम आए।’
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब नबी आजाद ने पदभार संभालने के लिए नायडू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नायडू जी सदन के लिए नये नहीं हैं। वो सांसद, मंत्री और पार्लियामेंटी मिनिस्टर के रूप में सदन की हर बारिकी को समझते हैं। आजाद ने कहा कि कई बार हम किसी मुद्दे पर लड़ते हैं मगर फिर हम सदन के बाहर एक साथ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में कई ऐसे लोग हैं जो नीचे से उठकर ऊपर तक आए। यह हमारे लोकतंत्र की सबसे अच्छी कामयाबी है। यहां गरीब अमीरी की बात नहीं।
इसके अलावा, राज्यसभा में अभिनंदन कार्यक्रम के अंत में वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति के रूप में अपना पहला भाषण देंगे।

यह पहला मौका है जब देश में तीनों सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ की पृष्ठभूमि के हैं। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ की पृष्ठभूमि के ही हैं।
पद की शपथ लेने से पूर्व एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार सुबह पूर्व दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजली अर्पित की। सबसे पहले वह राजघाट गये जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मारक है। इसके बाद वह डीडीयू पार्क गये जहां उन्होंने जनसंघ नेता को श्रद्धांजली अर्पित की। फिर वो पटेल चौक गए जहां उन्होंने देश के पहले गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
आंध्र प्रदेश से उपराष्ट्रपति बनने वाले तीसरे नेता वेंकैया नायडू राजग के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े थे। देश के 13वें उपराष्ट्रपति नायडू ने अपने प्रतिद्वंदी पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी को हराया है। वैंकैया से पहले आन्ध्र से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और वीवी गिरी भी देश के उपराष्ट्रपति रह चुके हैं।
आंध्र के नेल्लोर जिले के एक किसान परिवार में 1 जुलाई, 1949 को जन्में वेंकैया ने राजनीति की शुरुआत छात्र जीवन से शुरू की थी। इसी दौरान वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नजदीक आये और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के साथ जुड़े। वे 1972 में ‘जय आंध्र आंदोलन’ के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। विशाखापट्टनम के लॉ कॉलेज से अंतरराष्ट्रीय कानून में डिग्री ली।
14 अप्रैल, 1971 को उन्होंने उषा से शादी की। उनके एक बेटा और एक बेटी है बेटे का नाम हर्षवर्धन व बेटी का नाम दीपा वेंकट है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लिया। वे आपातकाल के विरोध में सड़कों पर उतर आए और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आपातकाल के बाद वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे।
महज 29 साल की उम्र में 1978 में पहली बार विधायक बने। 1983 में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे। भाजपा के विभिन्न पदों पर रहने के बाद नायडू पहली बार कर्नाटक से राज्यसभा के लिए 1998 में चुने गए। इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने।
वर्ष 2002 से 2004 तक उन्होने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का उतरदायित्व निभाया। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे और वर्तमान की नरेंद्र मोदी सरकार में वे भारत सरकार के अंतर्गत शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्‍मूलन तथा संसदीय कार्य मंत्री रह चुके हैं।

 

बिना पासपोर्ट-वीजा के बद्रीनाथ आए विदेशी पर मुकदमा दर्ज

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 बद्रीनाथ धाम में मिले विदेशी को पुलिस ने बिना पासपोर्ट-वीजा के धाम में आने पर गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ति भट्ट ने बताया कि गुरुवार को एक विदेशी व्यक्ति तप्त कुंड के पास एसडीआरएफ को बेहोशी की हालत में मिला। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बद्रीनाथ में उपचार के लिए भर्ती किया गया। चिकित्सालय से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस व स्थानीय अभिसूचना उप इकाई द्वारा उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम हंस मैक्स लिंडामैन बताया। काफी पूछताछ के बाद भी वह अपने पिता का नाम नहीं बताया पाया। साथ ही अपने देश का अलग-अलग नाम बता रहा है।
जब उससे पासपोर्ट और वीजा के बारे में जानकारी ली गई तो उसने बताया कि उसके पासपोर्ट की समयावधि काफी समय पहले ही समाप्त हो गई थी। वर्तमान में उसके पास कोई पासपोर्ट और वीजा नहीं है। जिस पर पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

पुलिस गोपनीय विभाग और पुलिस अधिकारी विदेशी साधक से पूछताछ कर रहे हैं। बद्रीनाथ में नर पर्वत के समीप एक झोपड़ी में रह रहा विदेशी जो साधक की वेशभूषा में था, कुछ दूरी पर बीमार हालत में मिला। उसे एसडीआरएफ चिकित्सालय ले गई। स्वस्थ्य होने के बाद पूछताछ के लिए थाने लाया गया। 

मसूरी सङक हादसा, 3 घायल व एक की मौत

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थाना मसूरी पर सुबह सूचना अाई कि रिखोली मसूरी रोड़ पर एक वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो गया है। इस सूचना पर थाना मसूरी से  3 लोग आवश्यक कार्यवाही के लिये घटना स्थल रवाना हुए। घटना स्थल रिखोली के पास पहुचे तो सड़क के नीचे लगभग 200 मी. एक सफेद स्कार्पियो गाडी न:-UK07-AR-0990 खाई मे गिरी मिली, घायल महिला ने स्वयं फोन कर⁠⁠ एस.ङी.अार.एफ  से  मदद  मांगी, गाडी में 4 लोग सवार थे।

mussoorie car accident

स्कार्पियो में  दो महिलाएं और दो पुरुष थे जिसमे ड्राइवर की मृत्यु हो गई है।⁠⁠एस.ङी.अार.एफ व थाना कैन्ट से आये पुलिस की मदद से सब को गाडी से बाहर निकाला गया। शेष 3 घायलों को 108 एम्बुलेन्स के माध्यम से दून अस्पताल भेजा गया व मृतक को प्राईवेट वाहन से पी.एम. कारोनेशन अस्पताल भेजा गया है।

24 सितंबर से आएगा बिग बाॅस का नया सीजन

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इस साल आने वाले ‘बिग बास’ के 11वें सीजन की शुरुआत होने की तारीख तय हो गई है। इस बार ‘बिग बास’ के नए सीजन का प्रसारण सितंबर से हर रात 9 बजे से शुरू होगा। हर साल की तरह शनिवार और रविवार को ‘बिग बास’ के होस्ट के तौर पर सलमान खान वीकंड का वार का संचालन करेंगे। कलर चैनल ने जोर शोर से 11वें सीजन का प्रमोशन शुरू कर दिया है।

अभी तक ‘बिग बास’ की शुरुआत अक्तूबर में हुआ करती थी और शो नए साल तक जाता था। इस बार यहा बदलाव हुआ है। सितंबर में शुरू होकर शो को इसी साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। इस बार के कांसेप्ट में कुछ और बदलाव हुए हैं। रहने के लिए बिग बास के दो घर होंगे और इस बार भी सेलिब्रिटिज के साथ-साथ आम जनता के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे। इस बार बिग बास के नए सीजन में हिस्सा लेने वाली सेलिब्रिटिज को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और कई नाम लगातार सुनने को मिल रहे हैं। 

फ्लिपकार्ट में सॉफ्टबैंक ने किया भारतीय बाजार का सबसे बड़ा का निवेश

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जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक ने ई-रिटेल साइट फ्लिपकार्ट में अपने वीजन फंड के जरिए निवेश किया है जिससे वह अब कंपनी की सबसे बड़ी शेयर होल्डर बन गई है।

फ्लिपकार्ट ने एक बयान में कहा, ‘‘यह भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी में सबसे बड़ा निजी निवेश है और जो फ्लिपकार्ट में विजन फंड को सबसे बड़ा शेयरधारकों में से एक बना देगा। इस फंडिंग से फ्लिपकार्ट की बैलेंसशीट मजबूत होगी और निरंतर बाजार नेतृत्व बनाये रखते हुए निवेश में तेजी लाने में मदद होगी।’’
हालांकि निवेश राशि का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन सूत्रों से पता चला है कि निवेश से फ्लिपकार्ट के पास 400 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त फंड आयेगा। यह एक भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी में अबतक का सबसे बड़ा निजी निवेश है।
डील के बारे में फ्लिपकार्ट के संस्थापक सचिन और बिन्नी बंसल ने मीडिया को बताया कि, ‘‘विश्व में बहुत कम कंपनियां इतने बड़े निवेशकों को आकर्षित करती हैं। इस कदम से भारत ने विश्व को बता दिया है कि वह तकनीक और ई-कॉमर्स के जगत में विश्व में एक बड़ी शक्ति है। सॉफ्टबैंक के इतिहास को देखें तो हमें पता चलेगा कि सॉफ्टबैंक हमेशा से ही तकनीक संपन्न और मजबूत कंपनियों में निवेश करता आ रहा है।’’
वहीं सॉफ्टबैंक के मुख्य अधिकारी मासायोशी सोन ने बताया, ‘‘हम भारत में समृद्ध और मजबूत कंपनियों की मदद करना चाहते हैं। ऐसी कंपनियां भारत जैसे बड़े बाज़ार में लोगों के हित के लिए काम करती हैं। फ्लिपकार्ट एक ऐसी ही कंपनी है।’’
सॉफ्टबैंक भारत के ई-कॉमर्स बिजनेस की सबसे बड़ी निवेशक कंपनी है। हाल ही में फ्लिपकार्ट के स्नैपडील से मर्जर रद्द होने पर सॉफ्टबैंक ने साफ किया था कि वो फ्लिपकार्ट में निवेश करेगी। 

याचिका खारिज, सहारा की एंबी वैली होगी नीलाम

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सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की इस अर्जी को खारिज कर दिया है कि एंबी वैली को नीलाम नहीं किया जाए। सहारा समूह की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सितंबर तक एंबी वैली की नीलामी रोकी जाए। उस समय तक सहारा समूह 15 सौ करोड़ रुपए का इंतजाम कर लेगा।

आज सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि वे तीस चालीस साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई जायज अर्जी ठुकरा दी गई हो। जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि वे भी तीस चालीस सालों से हैं।

कल सहारा समूह ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि एंबी वैली की नीलाम न की जाए। सहारा समूह ने जब इसे सुप्रीम कोर्ट में मेंशन किया तो कोर्ट ने कहा कि हम आपकी अर्जी पर जल्द ही सुनवाई करेंगे। सहारा समूह ने कहा कि वो अपने निवेशकों के पैसे चुकाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। पिछले 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने सहारा समूह को 7 सितंबर तक 1500 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अगर सहारा समूह 7 सितंबर तक 1500 करोड़ रुपये जमा नहीं करता है तो लिक्विडेटर एंबी वैली को बेचने की प्रक्रिया शुरु करेंगे।

पिछले पांच जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख से कहा था कि अगर 15 जुलाई तक 552 करोड़ रुपये जमा नहीं किए तो सुब्रत राय को जेल जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर 552 करोड़ जमा नहीं किए गए तो एंबी वैली को नीलाम कर दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान सहारा की ओर से कहा गया था कि एंबी वैली को गिद्धों के आगे मत सौंपिए। सुब्रत राय ने 15 जून को 1500 करोड़ की जगह पर 773 करोड़ रुपये सेबी को जमा किए थे।

उसके पहले की सुनवाई के दौरान सहारा ने कोर्ट को बताया कि उसने लंदन के ग्रासवेनॉर होटल को जीएच इक्विटी यूके लिमिटेड को बेच दिया है। सहारा प्रमुख ने 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के दो पोस्ट डेटेड चेक जमा कराए थे। एक चेक 1500 करोड़ के और दूसरे चेक 552 करोड़ रुपये के सौंपे गए।

पिछले 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह द्वारा तय समय पर सुप्रीम कोर्ट में रकम जमा न करने पर एंबी वैली की नीलामी के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट को ऑफिशियल लिक्विडेटर नियुक्त किया था। ऑफिशियल लिक्विडेटर नीलामी प्रक्रिया को शुरू करेगा। सहारा समूह ने एंबी वैली की कीमत 34 हजार करोड़ रुपए लगाई है।

अक्षय और भूमि ने किया फिल्म ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ का प्रमोशन

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अभिनेता अक्षय कुमार और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अपनी रिलीज के लिए तैयार फिल्म ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ के प्रमोशन में जी जान से जुटे हैं। इसी सिलसिले में अक्षय और भूमि के साथ अनुपम खेर राजधानी दिल्ली में थे, जहां उन्होंने मीडिया के सामने फिल्म से जुड़ी कई बातें साझा कीं।

इस फिल्म को चुनने के पीछे की वजह क्या रही, के बारे में पूछने पर अक्षय ने कहा, मैंने इसके बारे में किसी तरह का शोध नहीं किया और किसी ने मुझे यह फिल्म करने के लिए भी नहीं कहा| चूंकि इसकी स्क्रिप्ट बहुत अलग थी, जो इस फिल्म का चयन करने का एक कारण था क्योंकि हमने कभी ऐसा शौचालय नहीं देखा था, जिसके जरिये एक प्रेम कहानी को पैदा किया जा सके। यह एक वास्तविक जीवन की कहानी है और यह विषय सीधे हमारे स्वास्थ्य से संबंधित है। न केवल गांवों में, बल्कि शहरों में भी लोगों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा शहर को साफ रखने की कुछ जिम्मेदारी हमारी भी बनती है।

भूमि ने कहा कि, “मुझे लगता है कि आज रियल लाइफ से जुड़ी फिल्में काफी सराही जा रही हैं, क्योंकि ऐसी फिल्मों की सामग्री उम्दा होती है। मुझे खुशी है कि मैं भी आज ऐसी फिल्मों का हिस्सा हूं। इस फिल्म में काम करने का अनुभव मेरे जीवन के सबसे अच्छे अनुभवों में से एक रहा है और मेरे जैसे नए कलाकारों के लिए यह एक शानदार उदाहरण भी है। हालांकि, यह मेरी दूसरी फिल्म ही है, लेकिन दूसरी फिल्म में ही अक्षय कुमार और अनुपम खेर जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने का अवसर पाना मेरे लिए एक महान सम्मान है। मेरे लिए इनके साथ काम करना किसी महान उपलब्धि से कम नहीं है, क्योंकि दोनों निहायत प्रोफेशनल और मेहनती कलाकार हैं।”

इस तरह की फिल्मों की आम दर्शकों के बीच स्वीकृति के बारे में पूछने पर अनुपम खेर ने कहा,” मैं व्यक्तिगत रूप से सिनेमा की इस सुनहरे समय को महसूस कर रहा हूं| दर्शक इस तरह की फिल्मों को बड़े ही खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं और यह फिल्म दर्शकों के लिए श्रद्धांजलि है। इस फिल्म की स्क्रिप्ट नि:संदेह शानदार है। ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ सोशल मुद्दे पर बेस्ड फिल्म है, जो देश में महिलाओं के लिए टॉइलट जैसी सुविधाओं में कमी की ओर इशारा करती है। यह एक ऐसा आंदोलन है, जिसे पहले शुरू किया जाना चाहिए था, लेकिन अब जब हम अंत में इस तरह के मुद्दों से निपट रहे हैं, तो मैं खुश हूं और युवाओं पर बहुत विश्वास है कि वे सोच में बदलाव जरूर लाएंगे।”

वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स द्वारा निर्मित, नारायण सिंह द्वारा निर्देशित, अक्षय कुमार और नीरज पांडे द्वारा सह-निर्मित 11 अगस्त को रिलीज होने जा रही ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ में अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की मुख्य भूमिकाएं हैं, जबकि अनुपम खेर, दिव्येंदु शर्मा और सना खान सहायक भूमिकाओं में नजर आएंगी। यह एक व्यंग्यपूर्ण कॉमेडी फिल्म है। जो एक ऐसी महिला की कहानी के चारों ओर घूमती है, जो अपने पति को अपने विवाह के पहले दिन छोड़ने का इरादा कर लेती है क्योंकि उनके पास शौचालय नहीं है।

अब फिल्मी परदे पर बाबा रामदेव

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कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि योग गुरु बाबा रामदेव की जिंदगी पर अजय देवगन की प्रोडक्शन कंपनी में एक सीरियल बनाने की योजना पर विचार चल रहा है। दूसरी ओर, अब खबर आ रही है कि बाबा रामदेव जल्दी ही एक फिल्म के लिए परदे पर नजर आएंगे। ‘ये है इंडिया’ नाम की फिल्म जो 18 अगस्त को रिलीज होने जा रही है। इसमें बाबा रामदेव की एक छोटी सी झलक नजर आएगी।

इस फिल्म की मुख्य भूमिकाओ में गेवी छहल और डायना उत्पल हैं, जबकि रामदेव के बारे में कहा गया है कि वे फिल्म के साथ प्रमोटर और सपोर्टर के तौर पर जुड़े हैं। मिली जानकारी के अनुसार, फिल्म के एक गीत- सैयां.. सैंया… के दौरान बाबा रामदेव परदे पर नजर आएंगे।

कहा जाता है कि इस फिल्म के दौरान रामदेव राष्ट्रीयता और स्वदेसी वस्तुओं के उपयोग को लेकर भी कुछ बातें बोलेंगे। फिल्म के निर्देशक और लेखक लोम हर्ष इस बात से खुश हैं कि रामदेव जैसी हस्ती उनकी फिल्म के साथ जुड़ी है। संदीप चौधरी इस फिल्म के निर्माता हैं और 18 अगस्त को ये रिलीज होने जा रही है।

छापेमारी से पहले ही अस्पताल छोड भागा डाक्टर

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शातिर झोलाछाप डॉक्टर को स्वास्थ्य विभाग की टीम के छापे पड़ने की सूचना मिल गई। जिस पर वह अस्पताल में ताला लगाकर भाग गया। इस कारण टीम क्लीनिक सील करने गई टीम बैरंग लौट आई।

महुआखेड़ागंज स्थित अलज्मा अस्पताल के फर्जी होने की शिकायत एक व्यक्ति ने जुलाई में की थी। यह अस्पताल झोलाछाप डॉक्टर चला रहा है, इसका पंजीयन भी नहीं है। शिकायत पर एलडी भट्ट अस्पताल के डॉ. मनु पांडे ने 28 जुलाई को जब अस्पताल में छापा मारा तो डॉक्टर नहीं मिले। इस दौरान मौजूद कर्मचारियों से उन्होंने अस्पताल व चिकित्सक से जुड़े दस्तावेज दिखाने को कहा तो किसी ने एक भी दस्तावेज नहीं दिखाए। इस पर डॉ. पांडे को शक हुआ और इसकी रिपोर्ट एलडी भट्ट अस्पताल के सीएमएस को दे दी है।

पांच दिन पहले सीएमएस डॉ. वीके टम्टा भी अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल बंद मिला था। पुलिस फोर्स लेकर डॉ. मनु पांडे नायब तहसीलदार जर्नादन प्रसाद गौड़ के साथ बुधवार को अस्पताल को सील करने पहुंचे तो अस्पताल में ताले लगे थे। डॉ. पांडे ने बताया कि डॉक्टर की डिग्री होनी चाहिए, अस्पताल का उत्तराखंड मेडिकल एसोसिएशन में पंजीयन होना चाहिए व बायोमेडिकल वेस्टेज की सुविधा होनी चाहिए। जांच में यह सुविधाएं नदारद मिलीं। बताया कि यह अस्पताल बाजपुर निवासी असगर अली का है। अस्पताल को जल्द सील कर दिया जाएगा।