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अब हेलमेट न पहनने पर आप होंगे सम्मानित

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दुपहिया वाहनों में हेलमेट पहनने के लिए पुलिस प्रशासन कई बार निर्देश जारी कर चुका है लेकिन उसके बाद भी कुछ लोग बिना हेलमेट के ही अपने दुपहिया वाहनों पर धड़ल्ले से शान दिखा रहे हैं। जिसको देखते हुए उपजिलाधिकारी जोशीमठ ने पहल शुरू करते हुए ऐसे दुपहिया वाहनों के चालकों को तिरंगा का बैज लगाकर उन्हें सम्मानित किया ताकि इसी बहाने उन्हें शर्म महसूस हो और वे हेलमेट पहनना शुरू करें।

मंगलवार को जोशीमठ के उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने पुलिस के साथ मिलकर ऐसे दुपहिया वाहनों के चालकों को तिरंगा का बैज पहना कर सम्मानित किया जो बिना हेलमेट के वाहन चला रहे थे। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस व प्रशासन दुपहिया वाहन चालकों से हेलमेेट पहनने की गुजारिश कर चुका है यहां तक कि कई लोगों के चालान भी काटे जा चुके हैं इसके बाद भी कुछ लोग मानने को तैयार नहीं है। इसलिए यह पहल शुरू की गई है कि जो बिना हेलमेट के दिखेगा उसे तिरंगा का बैज पहनाकर सम्मानित किया जाएगा ताकि उन्हें एहसास हो सके कि वे गलती कर रहे हैं।

मदरसों में फहराया गया झंडा

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देश के 71वें स्वतंत्रता दिवस पर तीर्थनगरी हरिद्वार में मदरसों में आजादी का पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए सुबह से ही नन्हे-मुन्ने बच्चे मदरसा पहुंचना शुरू हो गए। उलेमाओं की मौजूदगी में बच्चों ने ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लिया और राष्ट्रभक्ति के गीत भी गाया।

ज्वालापुर के दारूल उलूम राशिदिया में भारी संख्या में मदरसों में तालीम हासिल करने वाले छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। स्वतंत्रता दिवस पर सभी ने मिलकर झंडोत्तोलन किया। मदरसे के उलेमा मौलाना आरिफ ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आप देश के भविष्य है। इसलिए आपको पढ़-लिख कर आगे बढ़ना है। 

हिमाचल में डकैती के चार आरोपी चमोली पुलिस ने पकड़े

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हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जनपद के श्री बद्रीनारायण मंदिर में डकैती कर फरार चार अभियुक्तों को चमोली पुलिस ने गोपेश्वर में गिरफ्तार किया।

मंगलवार को पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ति भट्ट ने बताया कि 29 जुलाई को कुछ अज्ञात लोगों ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के बद्रानारायण मंदिर में डकैती की थी। डकैत वहां से सोने की चार मुडंलिया, जिनकी कीमत तीन से चार लाख रुपये बताई गई है लेकर फरार हो गए थे। इस मामले में किन्नौर के थाना सांगला में मामला पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान सांगला पुलिस ने एक अभियुक्त नेपाली मूल के किशन को गिरफ्तार भी किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ में पता चला कि इस मामले में संलिप्त उसके कुछ अन्य साथी नेपाल व उत्तराखंड भाग गए हैं। इनकी लोकेशन ट्रेस करने पर चार लोगों के चमोली जनपद में होने की जानकारी सामने आई थी।
इस पर थानाध्यक्ष गोपेश्वर कुंदन राम के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और विभिन्न स्थानों पर तलाशी की गई, जिसमें मामले के चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों में हस्ता, सचिन, गोगन बहादूर व कमल सार्की शामिल हैं। 

छुट्टी के दिन कौन कर रहा था तहसील की गोपनीयता भंग

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कौन है वो जो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सरकारी दफ्तरों में बैठे है? कौन है वो जो सरकारी फाईलों को टटोल रहे हैं? कौन है वो जो बिना अधिकारी की मौजूदगी में गोपनीय दस्तावेजों के साथ खिलवाड कर रहे है? जी हां, एसे ही कई सवाल उभरते है जब तहसील में छु्ट्टी के दिन बाहरी लोग कार्यलाय में बैठ कर सरकारी फाईलों से छेडछाड कर रहे हो।
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देश भर में जहां स्वतंत्रता दिवस का पर्व धूम धाम से मनाया जा रहा है वहीं उत्तराखण्ड के जनपद उधमसिंनहगर की काशीपुर तहसील में अनोखा ही नजारा देखने को मिला। यहां बिना सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी के बाहरी लोग कार्यालय खोल कर बैठे थे और सरकारी दस्तावेजों को टटोल रहे थे। पटवारियों के कक्ष में बैठे ये बाहरी लोग आखिर क्या कर रहे थे? और अवकाश के दिन आखिर ये लोग बिना पटवारियों की मौजूदगी के उनके कक्ष में फाईलों को क्यो टटोल रहे थे? इसको लेकर कई सवाल खडे होते हैं। जबकि इससे पहले लगातार सरकारी कार्यलयों से फाईल चोरी होने के कई मामले सामने आ चुके है। खसतौर पर मुआवजा घोटाले से जुटी कई फाईले काशीपुर और जसपुर जनपद की कई तहसीलों से गायब भी हुई है।
एेसे में बाहरी लोगों से काम लेने वाले पटवारियों की भूमिका पहले से ही संदेह के घेरे में रही है वहीं अब इस मामले के सामने् आने से जाहिर हो चुका है कि तहसील में पटवारियों द्वारा बाहरी लोगों से काम लिया जाता है। जिससे विभागिय गोपनीयता तो भंग होती ही है साथ ही सरकारी फाईलें भी गायब होती रहती है। यही नहीं, कार्यलयों से कम्प्यूटर तक गायब हुए है।
आपको बता दें की कार्यों में लापरवाही को लेकर कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर मुआवजा घोटाले की तलवार तक लटकी हुई है। वहीं इस मामले में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला तो दिया गया मगर कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा और ना ही कार्यवाही ही की गयी, जिससे पुरे महकमे की ही भूमिका पर सवाल उठने लाजमी है।

स्वतंत्रता दिवस पर आत्महत्या करने पहुंची महिला

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नैनीताल जिले के भवाली की एक महिला आजादी के पर्व पर दबंगों के उत्पीड़न से परेशान होकर अपने चार बच्चों को लेकर कमिश्नरी पहुंच गर्इ और आत्मदाह करने की चेतावनी दी। जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

जहां पूरे प्रदेश में एक ओर आजादी के पर्व को बड़े हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। तो वहीं भवाली की एक दलित विधवा महिला दबंगों के उत्पीड़न से तंग आकर कमिश्नरी में आत्मदाह करने के लिए पहुंच गई है। जिससे प्रशासन और पुलिस में खलबली मच गई। पीड़ित महिला का कहना है कि भूमिधरी भूमि पर हक होने के बाद भी पालिका जहां नोटिस पर नोटिस दे रही तो दबंग जान से मारने की धमकी दे रही है। महिला के अनुसार दो नाली 13 मुठ्ठी भूमि की भूमिधरी उसके नाम है। पालिका उस पर झूठा दावा करने के साथ ही उसे परेशान कर रही है। महिला के अनुसार बीच बाजार होने की वजह से भूमाफिया की नजर भी भूमि पर है, इसलिए उसे अपनी भूमि पर झोपड़ी तक नही बनाने दी जा रही है। 

फिलहाल एसडीएम वंदना सिंह और तहसीलदार कृष्ण राम महिला को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। आपको बता दें कि अनुसूचित जाति आयोग का फैसला महिला के पक्ष में है। साथ ही बीजेपी भी महिला के समर्थन में है।

15 अगस्त की छुट्टी मना रहे अफसरों पर गिरी सीएम की गाज

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यभर में अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मुख्य कार्यक्रम देहरादून के परेड ग्राउंड में हुआ जहां मुख्यमंत्री ने कई बहादुर और कर्मठ अधिकारियों को पुरस्कृत किया। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय, निदेशालयों, विभागों एवं कार्यलयों में स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिये हैं कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में बिना कारण व बिना किसी पूर्व सूचना के गायब रहने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाय।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने जिलाधिकारियों को भी जिला स्तर पर राष्ट्रीय पर्व समारोह में भाग न लेने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से स्पस्टीकरण लेकर 24 घंटे में कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने कार्यवाही की रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर एक स्वावलंबी और समृद्ध उत्त्तराखण्ड बनाने का संकल्प लिया गया है। जिन कर्मचारियों ने इस पर्व पर आयोजित समारोह में भाग नही लिया, उसे सरकार गंभीरता से लेगी। ऐसे कार्मिकों की ए.सी.आर. में प्रतिकूल टिप्पणी अंकित की जा सकती है।

जहां एक तरफ उत्तर पर्रदेश में सरकार मदरसों से से स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम मनाने का प्रमाण मांग रही थी, वहीं उत्तराखंड के अफसरों ने सरकारी आयोजन से ही गायब रहकर ड्यूटी की तरफ अपनी संजीदगी का प्रमाण ज़रूर दे दिया।अब देखना ये है कि इन मनमौजी अपसरों के जवाबों से सरकारकितनी संतुष्ट होती है और कितने लापरवाह अफरों पर एक्शन लिया जाता है।

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बुलाई अधिकारियों की बैठक

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प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने लोनिवि निरीक्षण भवन में मंगलवार को जिला प्रशासन व एनएचएआई के अधिकारियों की बैठक ली व आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गो पर बारिश के कारण हो रहे गढ्ढों से लगातार दुर्घटनाओं की सूचनाएं मिल रही हैं जो काफी गम्भीर है।

पंत ने एनएचएआई के अनुज कुमार को निर्देश देते हुए कहा कि एनएच-87 मे गढ्ढे भरने का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए ताकि लोगों को वाहन चलाते समय गढ्ढों से निजात मिल सके। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियो को निर्देश देते हुए कहा यदि 24 घंटे के भीतर एनएचएआई द्वारा राजमार्ग संख्या-87 मे गढ्ढे नही भरे जाते हैं, इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक मे अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, एसएलओ एनएस नबियाल, एसडीएम रोहित मीणा उपस्थित रहे।

खाकी-माफिया व पत्रकारों के गठजोड़ को बेनकाब करेंगे एसपी

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धर्मनगरी में अवैध खनन के खेल से पर्दा उठाने के लिये पुलिस कप्तान कृष्ण कुमार वीके ने सख्त रुख अपना लिया है। एसएसपी पुलिस माफिया और पत्रकारों के गठजोड़ को बेनकाब करने की तैयारी में हैं। इसी के चलते उन्होंने फेरुपुर चौकी के प्रभारी समेत 11 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

करीब चार साल पूर्व जिले के पुलिस कप्तान अरुण मोहन जोशी ने फेरुपुर चौकी पर बड़ी कार्रवाई की थी। उन्होंने प्रभारी गजेंद्र यादव को सस्पेंड कर पूरी चौकी को लाइन हाजिर किया था। वह अवैध खनन के खेल से पर्दा उठाने में लगे ही थे कि शासन ने उनका तबादला कर दिया। लेकिन तत्कालीन एसएसपी अरुण मोहन जोशी की ये बड़ी कार्रवाई फेरुपुर चौकी को सुर्खियों में बना गई। इस बार हरिद्वार के वर्तमान पुलिस कप्तान कृष्ण कुमार वीके नेे इस चौकी के प्रभारी प्रशांत बहुगुणा समेत 11 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर पुलिस की अवैध खनन में मिलीभगत की पोल खोल दी है।
एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि खनन के खेल में पुलिस ही दोषी है, ऐसा नहीं है। पुलिस को भ्रष्ट बनाने वाले खनन माफिया और पत्रकार शामिल हैं, जिनकी रिपार्ट मिली है। इस बार सभी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। वहीं चौकी के लाइन हाजिर होने वालों में प्रभारी और सिपाही दारोगा प्रशांत बहुगुणा, हेड कांस्टेबल नंद किशोर, कांस्टेबल मोहन खोलिया, सुशील, मुकेश अनुज, हुकुम, नवीन, लक्ष्मण, सुशील राणा और संदीप शामिल हैं।

कच्छा बनियान गिरोह ने बंधक बनाकर लूटा

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कोतवाली क्षेत्र के दरुऊ में कच्छा-बनियान गिरोह के हथियारों से लैस बदमाशों ने आधा दर्जन घरों में तकरीबन दो घंटे तक जमकर तांडव मचाया। इस दौरान बदमाश एक घर में बेटी के विवाह के लिए जमा डेढ़ लाख की नगदी व दो लाख के जेवर ले गए, तो अन्य घरों में उन्हें जो कुछ हाथ लगा वह साफ कर ले गए। बदमाशों ने इस दौरान उनका विरोध करने वालों की जमकर पिटाई भी की। बदमाशों के तांडव की पुलिस को सूचना भी दी गयी, लेकिन पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती बदमाश तब तक फरार हो चुके थे।

रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे दरऊ क्षेत्र के ग्राम मंडइया निवासी गंठा पुत्र नत्थू अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। तभी कच्छा बनियान पहने तीन बदमाश उसके दरवाजे पर पहुंचे। एक बदमाश घर के बाहर रुका, जबकि दो असलहे लेकर घर में घुस आए। बदमाशों ने गंठे समेत उसके पूरे परिवार को तमंचे की नोक पर ले हाथ पांव बाध दिए। बदमाशों ने पूरे घर की तलाशी लेने के बाद घर में बेटी की शादी के लिए जमा डेढ़ लाख नगद, सात तोले सोने के जेवर व अन्य कीमती सामान लूट ले गए। एक घंटे तक लूटपाट के बाद वह गंठे के घर के ठीक सामने रहने वाले आशिक अली के घर पहुंचे। घर वालों को पुलिस आयी है कहकर दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन आशिक के घर वालों ने कच्छे बनियान में पुलिस के कभी न आने की बात कही। जब असली पुलिस को बुलाने की धमकी दी तो बदमाश भाग लिए।

बदमाश यहां से भाग दरऊ पहुंचे। यहां पुत्तन कुरैशी के घर घुस परिवार को बंधक बना लिया। यहां से 25 हजार की नगदी ले गए। बदमाश इसी गांव के अथर खां पुत्र शक्कन खां के घर पहुंचे, बदमाशों का विरोध करने पर बदमाशों ने परिजनों को गोली मारने की धमकी दे सभी को चारपाई से बांध घर की तलाशी ली। इस दौरान व दो तोला जेवर व 15 हजार की नगदी लेकर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद किसी तरह अपने को बंधन से आजाद कर घटना की जानकारी ग्रामीणों को देने के साथ ही कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर कोतवाली पुलिस के साथ अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से आप बीती जानने के बाद  पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गयी है। वहीं घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम है।

वनकर्मियों पर तस्करों ने की फायरिंग

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रनसाली में वनकर्मियों पर तस्करों ने फायरिंग कर दी। इसमें कई कर्मी बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में तस्कर डीसीएम छोड़कर भाग निकले। वाहन को कब्जे में लेकर जांच की गई तो खैर के 76 गिल्टों को बरामद कर लिया गया है।

मुखबिर की सूचना पर रनसाली रेंज में वनकर्मियों की टीम ने ग्राम टुकड़ी को घेर लिया। इस दौरान गांव की तरफ से आ रहे डीसीएम को नगला गांव के पास पहुंचने पर रुकने का इशारा किया लेकिन लकड़ी तस्करों ने वाहन को दौड़ा दिया। पचपेड़ा भट्टे तक पीछा करने के बाद टीम ने फिर वाहन को रोकने का प्रयास किया। जिसके बाद तस्करों ने वनकर्मियों की टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में वनकर्मियों ने भी फायरिंग कर दी। इस दौरान डीसीएम डीएल 1 एलजी 7590 मे सवार तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। वन टीम ने वाहन को कब्जे में लेकर तलाशी ली तो उसके भीतर 76 खैर के गिल्टे बरामद हुए जिनकी कीमत करीब 70 हजार आंकी गई है। बरामद वाहन को वन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया। वनकर्मी तस्करों की शिनाख्त करने में जुटी है।