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यूपी उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के पैतृक गांव से चकबन्दी की होगी शुरुआत

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पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी की मांग अब पूरा होने जा रही है । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांवों से होगी चकबन्दी की शुरुआत। चकबंदी को लेकर आयोजित कार्यशाला में चकबंदी विशेषज्ञों ने काश्तकारों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण किया। बैठक में जिलाधिकारी तथा हरिद्वार व रुड़की के चकबंदी विशेषज्ञों ने ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी विशेषताओं व अन्य लाभों से काश्तकारों को रूबरू कराया।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में शीघ्र ही चकबंदी समिति का गठन किया जायेगा। बताया गया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा राज्य के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के पैतृक गांवों में शीघ्र ही चकबंदी की जायेगी। ब्लॉक के ग्राम सभा लखोलयोजित कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी सुशील कुमार व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत ने किया।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत ने चकबंदी ‘‘स्वैच्छिक या अनिवार्य‘‘ जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं से जिलाधिकारी व विशेषज्ञों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों में मन में चकबंदी को लेकर विभिन्न शंकाएं हैं। उन्होंने कहा कि काश्तकार चकबंदी की उपयोगिता व इसके दूरगामी परिणामों के बारे में भी बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों की शंकाओं का निस्तारण करते हुए जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में काश्तकारों की भूमि का वास्तविक मूल्यांकन किया जा सके इसके लिए चकबंदी बेहद जरूरी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि चकबंदी काश्तकारों की सहमति पर ही होगी। उन्होंने कहा कि चकबंदी से काश्तकारों को खेती का और विकास करने में सहायता प्राप्त मिलेगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद जैसे मामलों पर नकेल लगाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी विवादित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर शीघ्र ही चकबंदी समिति का गठन किया जायेगा। जिसमें समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान समेत सात सदस्यों को नामित किया जायेगा। उन्होंने ने बताया कि चकबंदी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्य केवल सरकारी भूमि पर ही किये जाएंगे ना कि ग्रामीणों की भूमि पर।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहरों में भूमि के दाम आसमान छूने व वातावरण प्रदूषित होने के चलते लोग फिर से घर गांव की ओर आना शुरू हो गये हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पुनः चहल कदमी बढ़नी शुरू होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पैतृक गांव खैरा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव पंचुर तथा कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के पैतृक गांव उड़ी आदि गावों में चकबंदी किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए महिला समूहों का गठन करने को कहा। उन्होंने कहा कि समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ शीघ्र ही प्राप्त हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि महिला समूहों के लिए सरकार की ओर से कई स्वरोजगार परक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी ने लखोली में पंचायत घर की स्वीकृति भी प्रदान की। कार्यशाला में हरिद्वार व रुड़की के चकबंदी विशेषज्ञ डीएस नेगी तथा अनिल कुमार ने काश्तकारों को कई तकनीकी जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि पंजाब, हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश में चकबंदी से काश्तकारों को खेती में रिकार्ड मुनाफा प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि चकबंदी से भूमि संबंधी अभिलेखों का शुद्धीकरण, बेनामा, दाखिलखारिज, भूमि का एकीकरण तथा खाता खतौनियों आदि के सत्यापन कार्य तेजी से किया जायेगा। इसके अलावा काश्तकारों को भूमि संबंधी कई समस्याओं का स्वतः ही निस्तारण भी हो सकेगा।
इस मौके पर ग्राम प्रधान लखोली वेद प्रकाश रावत समेत स्यालधार, कमेड़ी, मेलगांव आदि के ग्राम प्रधान, बीडीओ डीडी नथवान, तहसीलदार हरिमोहन खंडूरी, सहायक चकबंदी अधिकारी चंद्रप्रकाश आर्य आदि उपस्थित रहे।

राज्य में खुलेंगे 18 नए कॉलेजः डॉ. धन सिंह रावत

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राज्य में 18 नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में की गई थी इन कॉलेजों की घोषणा। गुरुवार को निजी विश्विवद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कॉलेजों की समीक्षा के बाद की जाएगी प्रक्रिया शुरू।

गुरुवार को विधान सभा स्थित कार्यालय में निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक में प्रदेश के सभी 31 विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह में भारतीय परंपरा पर आधारित वेशभूषा और एक समान शुल्क रखने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं निदेशकों से अपेक्षा की है कि वे अपना पूर्ण सहयोग सरकारी विश्वविद्यालयों को दें। इसके लिए उन्होंने एक-एक विश्वविद्यालय में धनराशि उपलब्ध कराने को कहा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने यह भी अपेक्षा की है कि प्रदेश के सभी 31 विश्वविद्यालयों में दीक्षान्त समारोह के लिए एक ड्रेस कोड लागू कराने में सहयोग करें। इसके लिए उन्होंने 11 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक कमेटी गठित की। कमेटी में छह निजी विश्वविद्यालय और पांच सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपति हैं। कमेटी दो माह में ड्रेस कोड तय करेगी। प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों में एक समान फीस को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। इसके लिए सरकार शासनादेश जारी कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी निजी एवं सरकारी विश्वविद्यालयों में समाधान पोर्टल बनाने के निर्देश दिए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में दो स्थानो पर सुपर-100 क्लासेज चलाई जाएंगी। इनमें 50 बच्चों को अल्मोड़ा और 50 बच्चों को श्रीनगर में कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए गेल कम्पनी ने सहयोग पर सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2019 तक उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी निजी विश्वविद्यालय पांच-पांच गावों को गोद लेकर पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों के अच्छे शिक्षक सरकारी विश्वविद्यालयों में छात्रों को पढ़ाने के लिए समय दें। इसी तरह सरकारी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को भी निजी विश्वविद्यालयों में भेजा जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय परेड ग्राउण्ड में 28 अगस्त से पांच सितम्बर 2017 तक पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश और प्रदेश के बाहर के साहित्यकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसमें सभी विश्वविद्यालयों के 500-1000 बच्चों को प्रतिदिन भाग लेने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले के दौरान नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ ही अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. सविता ममगांई आदि मौजूद रहे।

डेंगू और स्वाइन फ्लू का डबल अटैक,स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 14 तक पहुंची

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राज्य में स्वाइन फ्लू का कहर थमता दिखाई नहीं दे रहा है। यह बीमारी न सिर्फ एक के बाद एक कई लोगों को अपनी जद में ले रही है, बल्कि जानलेवा भी बन चुकी है। उत्तरकाशी चिन्यालीसौड़ की रहने वाली चार साल की एक बच्ची की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। बच्ची का दून के वैश्य नर्सिंग होम में उपचार चल रहा था। ऐसे में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या अब 14 पहुंच गई है।

गुरुवार को स्वाइन फ्लू के तीन और मामले सामने आए हैं। इसमें एक बच्ची का इलाज वैश्य अस्पताल में चल रहा था। बीते नौ अगस्त को बच्ची की मौत अस्पताल में हो गई थी। हालांकि इसकी दो दिन बाद रिपोर्ट आई और जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। वहीं, रायपुर रांझावाला निवासी (32) वर्षीय महिला में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। महिला मैक्स अस्पताल में भर्ती है।
इसके अलावा, दून अस्पताल में भर्ती धर्मपुर निवासी नौ वर्षीय लड़की में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इस साल अभी तक स्वाइन फ्लू के 75 मामले सामने आ चुके हैं। वर्तमान में 26 मरीज विभिन्न अस्पताल में भर्ती हैं। जिसमें 11 हिमालयन अस्पताल, सिनर्जी में पांच, दून अस्पताल में दो, वैश्य में चार और कैलाश अस्पताल में चार मरीज शामिल हैं।

डेंगू की चार और मरीजों में पुष्टि
स्वाइन फ्लू के साथ ही अब डेंगू भी अपना असर दिखाने लगा है। गुरुवार को चार और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है इसमें दो मरीज डेंगू के हैं। इसके अलावा एक अन्य मरीज दून के बंजारावाला का रहने वाला है, जबकि चौथा मरीज जनपद चमोली से है। अभी तक डेंगू के 22 मामले आ चुके हैं। सबसे ज्यादा हरिद्वार जनपद के 16 मामले हैं। देहरादून में पांच और एक मरीज यूपी से है।

राज्य को मिलेंगी 908 महिला सिपाही

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राज्य को जल्द 908 महिला सिपाही मिल जाएंगी। इनका प्रशिक्षण पूरा हो गया है और 19 से 24 सितंबर को होने वाली पासिंग आउट परेड के बाद इनकी जिलों में विधिवत तैनाती हो जाएगी। शुरुआत में इन्हें छह माह के प्रशिक्षण पर रखा जाएगा।

डीजीपी अनिल रतूड़ी ने बताया कि अब राज्य में महिला सिपाही की कमी नहीं रहेगी। अलग-अलग जिलों में प्रशिक्षण ले रही करीब 908 महिला सिपाहियों की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। 19 अगस्त को हरिद्वार से पीओपी की शुरुआत होगी। इसके बाद 22 अगस्त को पुलिस लाइन देहरादून में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पीओपी में भाग लेंगे। हरिद्वार में स्वयं डीजीपी अनिल रतूड़ी, चंबा में एडीजी अशोक कुमार और रुद्रपुर में एडीजी राम सिंह मीणा बतौर मुख्य अतिथि पीओपी में भाग लेंगे।
डीजीपी ने बताया कि राज्य में महिला सिपाहियों की संख्या अब पर्याप्त हो गई है। हर थाना और चौकी में इनकी तैनाती कर दी जाएगी। उधर, आइजी कार्मिक जीएस मार्तोलिया ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद महिला सिपाहियों को जिलेवार तैनाती दी जाएगी। छह माह तक फील्ड ट्रेनिंग के बाद स्थायी नियुक्ति कर दी जाएगी। इसके लिए विकल्प मांगे गए हैं। इसी आधार पर तैनाती दी जा रही है। जहां महिला सिपाहियों की जितनी जरुरत हैं, वहां उतनी तैनाती की जा रही है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह से नदारद 54 आईएएस से जवाब तलब

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स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में नदारद रहने वाले 54 आईएएस अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

गुरुवार को मुख्य सचिव एस रामास्वामी की ओर से इन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस दिए जाने वाले अधिकारियों में अपर सचिव से प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी विभागों के प्रमुखों, जिलाधिकारियों और मंडलायुक्त से भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों की सूची तलब की थी, सूची मिलने के बाद इन अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

15 अगस्त को परेड मैदान में आयोजित राज्य के मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह से कई अधिकारी गायब थे। मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के लिए कहा था। इसी क्रम में नोटिस जारी किए गए हैं। 

हरिद्वार मे विकास कामों को लेकर महाराज और डीएम की बैठक

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पर्यटन, तीर्थाटन, धार्मिक मेले एवं संस्कृति मंत्री मा. सतपाल महाराज और जिलाधिकारी, हरिद्वार दीपक रावत के बीच विश्व प्रसिद्ध हरिद्वार तीर्थ नगरी को और प्रभावी रूप से यात्रियों के बीच लोकप्रिय बनाने के विषय को लेकर चर्चा हुई। मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और जनसैलाब को देखते हुए हरिद्वार के रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैण्ड को पूर्णतः धार्मिक इमारत वाली झलक देकर कायाकल्प किया जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले प्रत्येक यात्री को बस स्टैण्ड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही यह अनुभव होना चाहिए कि वह किसी तीर्थ स्थान पर पहुंचा है। पवित्र नगरी होने के साथ-साथ हरिद्वार को स्वच्छतम नगरी भी बनाना है।

उन्होंने जिलाधिकारी को कहा कि राज्य में लागू नये हैरीटेज एक्ट के अनुसार जिले के भवनों इमारतों का रखरखाव पर ध्यान दिया जाये, एक्ट के अनुसार सभी होटलों को अनिवार्य रूप से पंजीकृत किया जाये। उत्तराखण्ड की संस्कृति और यहां के लोक व्यंजनों को देश विदेश तक पहुंचाने के लिए सभी होटलों के मेन्यू में उत्तराखण्डी भोजन को अवश्य शामिल कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने मंत्री से मिले निर्देशों को शीघ्र जिले में लागू करने की बात कही।

उत्तराखंड के लक्ष्य सेन ने बुल्गारिया ओपन सीरिज की अपने नाम

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बुल्गारिया में 14 से 17 अगस्त तक आयोजित प्रतिष्टित यूरेशिया बुल्गारियन ओपन 2017 का एकल ख़िताब जीतकर उत्तराखंड के लक्ष्य सेन ने देश का गौरव बढाया। फाइनल में लक्ष्य ने क्रोशिया के टूर्नामेंट के नंबर 2 सीड ज्वोनिमिर दुर्किन्जक को 18-21, 21-12 तथा 21-17 से हराकर एकल ख़िताब पर कब्ज़ा किया।

  • सेमी फाइनल मै लक्ष्य ने श्रीलंका के डिनुका करुँरातना को सीधे सेटों मै 21-19 व 21-14 से हराया।
  • क्वार्टर फाइनल मै लक्ष्य सेन ने पोल्लैंड के मिचल रोगाल्शी को 20-22,21-18 व 21-15 से हराया ।

दुनिया के जूनियर नंबर एक खिलाडी लक्ष्य ने पहले राउंड मै ही टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए नंबर एक सीड इंग्लैंड के सैम पारसंस को एकतरफा 21-17 व 21-9 से हरा दिया था I

लक्ष्य का देश से बाहर सीनियर वर्ग मै ये पहला ख़िताब हैः

इससे पूर्व लक्ष्य ने भारत मै हैदराबाद सीनियर इंटरनेशनल ख़िताब जीता था और इसी वर्ष पटना सीनियर नेशनल मै फाइनलिस्ट थे।प्रसन्नता जाहिर करते हुए उत्तरांचल स्टेट बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष् अशोक कुमार ने कहा कि लक्ष्य का अगला लक्ष्य सुपर सीरीज का ख़िताब है।

लक्ष्य सेन के जबरदस्त प्रदर्शन पर उत्तराखंड बैडमिंटन परिवार , अल्मोड़ा बैडमिंटन परिवार तथा सभी खेल प्रेमिओ ने लक्ष्य तथा उनके कोच तथा पिता डी के सेन व साथ मै उनके प्रसिक्षण अकादमी के कोच प्रकाश पादुकोण व विमल कुमार सर को बधाई प्रेषित की और लक्ष्य के उज्जवल भविष्य की कामना की।

महिला को बंधक बना तमन्चे की नोक पर लूट

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काशीपुर के रामनगर रोड स्थित गिरिजा विहार में घर में घुस कर बदमाशों ने मां-बेटे को बंधक बनाकर जमकर लूटपाट की। इस दौरान महिला ने बदमाशों से संघर्ष भी किया। महिला ने एक बदमाश की दांत से अंगुली काट दी, लेकिन बेटे की कनपट्टी पर तमंचा देख वह शांत हो गई।

बेतालघाट, नैनीताल निवासी नवीन बेलवाल, रानीखेत स्थित थ्री कुमाऊं रेजिमेंट आर्मी में हैं। उन्होंने करीब चार वर्ष पूर्व रामनगर रोड,ग्राम प्रतापपुर के गिरिजा बिहार कालोनी में मकान बनाया था। इसमें उनकी पत्नी प्रभा बेलवाल सात वर्षीय बेटे के साथ रहती हैं। मंगलवार रात घर का काम खत्म करके वह बेटे के साथ कमरे में सो गई। आधी रात के बाद करीब ढाई बजे तीन हथियारबंद नकाबपोश बदमाश बैठक की खिड़की खोलकर घर में घुस गए। साथ ही एक बदमाश ने महिला का गला दबाया और दूसरे ने मुंह।

इस दौरान प्रभा ने दांतों से एक बदमाश की अंगुली काट दी। महिला को काबू में ना आते देख एक बदमाश ने बेटे मयंक की कनपटी पर तमंचा रख दिया। इसके बाद महिला शांत हो गई। इसके बाद बदमाशों ने महिला के हाथ पैर बांध दिए। साथ ही महिला के गले से नकली मंगलसूत्र, हाथ में पहनी सोने की अंगूठी, आलमारी में रखे सोने के दो मंगलसूत्र, एक जोड़ी कान की टॉप्स, 20 हजार रुपये, एक छोटा मोबाइल और स्टेट बैंक का एटीएम लेकर फरार हो गए। प्रभा ने बताया की बदमाशों ने बेटे की कनपटी पर तमंचा रखकर एटीएम का पासवर्ड भी पूछ लिया। साथ ही दोनों को कमरे में बंद करके फरार हो गए। दूसरे फोन से प्रभा ने पास में रह रही मां मंजू बिष्ट को सूचना दी। उसने घर पहुंचकर दोनों को कमरे से बाहर निकाला। साथ ही पुलिस को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली।

बच्चों का अन्न भी चोरी

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चोरों ने बच्चों की राशन को बी नहीं छोडा और स्कूल के बच्चों के मध्याहन भोजन की राशन भी चुरा ले गये। प्राथमिक विधालय शिवलालपुर में चोरों ने ताला तोड़कर हजारों रुपये का मध्याह्न भोजन का सामान चोरी कर लिया। चोरी की सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना किया।

शिवलालपुर प्राथमिक विधालय में रात को चोरों ने मध्याह्न भोजन के कक्ष का ताला तोड़ दिया। कक्ष से चोर मध्याह्न भोजन का सामान भगौने, कढ़ाई, 10 किलो चावल, पांच किलो दाल, बड़ी व मसाले चोरी कर ले गए। इसके साथ ही चोर स्कूल के दो कक्ष के ताले तोड़कर तीन कुर्सियां और टीएलएम सामग्री भी ले गए। सुबह विद्यालय पहुंची प्रधानाचार्य कंचन जोशी को चोरी की जानकारी हुई।

गंगा संरक्षण रथ यात्रा के 4 रथों को हरी झण्डी दिखाकार किया रवाना: सीएम

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने आवास में नमामि गंगे परियोजना के अन्तर्गत गंगा संरक्षण रथ यात्रा के 04 रथों को हरी झण्डी दिखाकार रवाना किया।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अन्तर्गत चारों धाम के मार्ग पर गंगा संरक्षण एवं जन जागरूकता हेतु इन 4 रथों का संचालन कपाट बंद होने तक किया जायेगा। प्रथम रथ हरिद्वार से बद्रीनाथ, द्वितीय रथ रूद्रप्रयाग से केदारनाथ, तृतीय हरिद्वार से गंगोत्री तथा चतुर्थ धरासू से यमुनोत्री तक नियमित भ्रमण करते हुए लोगो को गंगा संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। इन रथों में एलसीडी स्क्रीन के साथ ही प्रचार साहित्य इत्यादि भी उपलब्ध रहेगा।
सीएम ने कहा की प्रधानमंत्री जी की गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के प्रति जो प्रतिबद्धता है उसे पूरा करना है, गंगा के विशाल भूभाग में विस्तृत बेसिन में एक अभियान चला कर हमें गंगा को उसके प्राकृतिक स्वरूप में वापस लाना है। हमें गंगा को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करना है यह अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक गंगा पूरी तरह स्वच्छ नहीं होगी। गंगा के प्रति लोगों की धार्मिक आस्था है। गंगा की महिमा अपरंपार कही गई है, इसे मोक्षदायिनी माना गया है। गंगा के प्रति करोड़ों हिंदुओं की आस्था के अतिरिक्त पूरी दुनिया में अनेक लोगों की भी आस्था है। असंख्य लोगों की गंगा के प्रति आध्यात्मिक दृष्टि है। हमें नमामि गंगा को सफल बनाना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि गंगा संरक्षण रथ यात्रा अपने लक्ष्य में सफल होगी।
इस अवसर पर राज्य मंत्री स्वतन्त्र प्रभार श्री धन सिंह रावत, परियोजना निदेशक श्री राघव लंगर, जिलाधिकारी देहरादून श्री एस॰ए॰ मरूगेशन एवं गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक लोकेंद्र बिष्ट भी उपस्थित थे।