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नहीं उठा खराब चावल, नोटिस जारी

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आरएफसी को खराब चावल भेजने वाली राइस मिलों से चावल की रिकवरी का नोटिस जारी होने के बाद हल्द्वानी की राइस मिलों ने तो तेजी दिखाई, लेकिन तराई की मिलों ने अभी तक चावल की एक भी खेप आरएफसी को नहीं भेजी है। तराई की इन मिलों से तकरीबन 67,500 क्विटल चावल की रिकवरी की जानी हैं। घटिया चावल भेजने पर आरएफसी की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद राइस मिलें संज्ञान नहीं ले रही हैं।

आरएफसी को हल्द्वानी केंद्र की देवभूमि एग्रो नयागांव, महालक्ष्मी राइस व बोरा राइस मिलें रिकवरी के तौर पर तकरीबन 900 क्िवटल चावल की खेप भेज चुकी हैं। मिलों की ओर से भेजी गई चावल की खेप की सैंपलिंग व जांच के बाद इन्हें मानकों के अनुरूप पाया गया है। सैंपल पास होने के बाद चावल की खेप महात्मा गांधी इंटर कॉलेज रोड स्थित पीडीएस गोदाम भेजी जा रही है। जहां से इसे शहर की सस्ते गल्ले की दुकानों में भेजा जा रहा है। शहर में 90 प्रतिशत चावल राशन की दुकानों में पहुंचाया जा चुका है, लेकिन 20 प्रतिशत दुकानों में अब भी चावल पहुंचाने का काम बाकी है। जैसे-जैसे आरएफसी से पीडीएस गोदाम को जितन ाचावल मिल रहा है उसे दुकानों में भेजा जा रहा है। कमलुवागांजा स्थित स्टेट पूल के गोदाम से पहाड़ के लिए चावल भेजा जाता है, लेकिन अभी तराई की मिलों से चावल की रिकवरी न होने से पूरी सप्लाई नहीं हो पा रही है। सूत्रों की मानें तो अभी तराई की राइस मिलों को नोटिस रिसीव नहीं हुए हैं। इसलिए चावल रिकवरी में देरी हो रही है।

राइस मिलों से शनिवार को 350 क्विटल चावल की खेप स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के मंडी स्थित गोदाम पहुंची। खाद्य विभाग की सेग्रीगेशन कमेटी ने चावल के अलग-अलग 300 कट्टों से परखी के जरिये चावल के सैंपल लिए। मौके पर ही सैंपल की तकनीकी उपकरणों से जांच की गई। चावल में नमी की जांच के लिए भी मशीन का इस्तेमाल किया गया। मानकों के अनुसार चावल में नमी 15 प्रतिशत होनी चाहिए। इससे अधिक नमी का चावल खराब माना जाता है। सैंपल की जांच करने के बाद चावल में ब्रोकन प्रतिशत का आंकलन किया गया, जो 24 और 22.5 प्रतिशत निकला। इसे भी आरएफसी के मानकों के अनुरूप पाया गया। टीम ने सैंपल जांच के बाद चावल सही पाए। सैंपल लेने और जांच की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

मां नन्दा सुनन्दा की सजावट शुरु

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पर्यटक नगरी में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव की आकर्षक छवि को मूर्तरूप देने के लिये हुनरमंद लोग दिन रात जुटे हैं। आमंत्रित कदली (केले के पेड़) के खाम व बांस की खपच्चियों से देवभूमि की आराध्य देवियों की मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मां नंदा देवी मंदिर में रविवार को मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत प्रात: विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजधज कर मंदिर में स्थापित कदली वृक्षों की पूजा-अर्चना की। इसके बाद हुनरमंद व महोत्सव समिति के लोग कदली के खामों व बास की खपच्चियों की मदद से मूर्ति निर्माण में जुटे। महोत्सव समिति अध्यक्ष हरीश लाल साह के अनुसार मूर्ति निर्माण में कड़ी मेहनत व महीन कारीगरी की जरूरत होती है। मूर्तियों का निर्माण व श्रृंगार के लिए दो से तीन दिन का समय लगता है। मूर्त रूप मिलने के बाद ही प्राण प्रतिष्ठा कर मां नंदा व सुनंदा की मूर्तियां मंडप में स्थापित की जाती हैं। मूर्ति निर्माण में वयोवृद्ध कारीगर कमल राम, जगदीश आर्या, समिति सचिव एलएम चंद्रा, किरन लाल साह, भुवन चंद्र साह, भुवन सति, मुकेश साह, कुमुद साह, उमेश साह, संतोष साह व ललित साह आदि सहयोग दे रहे हैं।

सेटिंग गेटिंग के खेल में जुटे दावेदार ,मंदिर समिति दावेदारों ने डाला देहरादून में डेरा

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जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। डीएम की ओर से नाम फारवर्ड होते ही भाजपा से जुड़े दावेदार  नेताओं ने दून में डेरा जमा लिया है। सूत्रों के मुताबिक ये सभी दावेदार अपनी गोटियां फिट करने में जुट गए हैं।
हाई कोर्ट के आदेश पर 28 मई को जिला प्रशासन की ओर से प्रबंधन समिति गठन को विज्ञप्ति जारी की थी। तब कोर्ट के नियमों को ताक पर रखकर भाजपा और कांग्रेस के सात नेताओं ने भी प्रबन्धक और उपाध्यक्ष पद के लिए आवेदन कर दिया था। इनमें एक आवेदक पुजारियों की सूची में भी शामिल था। ह हल्ला मचने पर तत्कालीन डीएम सविन बंसल ने एलआईयू जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरी प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया था। उसके बाद एक जून को कमेटी गठन  को दोबारा विज्ञप्ति जारी हुई थी। इसी दरमियान डीएम का तबादला हो गया था। डीएम तबादला होते ही राजनैतिक दलों से जुड़े उन सभी लोगों ने दोबारा आवेदन कर दिए थे जिन्हें अयोग्य करार दिया गया था। नेताओं की एंट्री के चलते प्रशासन ऊपरी दबाव के चलते बेवस हो गया। सूत्रों के मुताबिक करीब एक माह से ज्यादा समय तक विचार करने के बाद सफेदपोशों के दबाव में आकर दो दिन पूर्व प्रशासन ने नियम विरुद्ध तरीके से प्रबन्धक पद पर 13 जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए तीन लोगों के आवेदन सचिव को फारवर्ड कर दिए। सूत्रों के मुताबिक नाम फारवर्ड होते ही भाजपा से जुड़े अधिकतर दावेदारों ने देहरादून में डेरा डाल दिया है। सभी दावेदार ऊंची पहुंच के बल पर अपनी गोटियां बैठने में जुटे हुए हैं। एक दावेदार एक सप्ताह पूर्व से ही सफेद रंग की स्कोर्पियो गाड़ी से पांच अन्य नेताओं के साथ दून में डेरा डाले हुए है।

इन नेताओं के आवेदन हुए थे निरस्त
-जगदीश भट्ट- भाजपा, प्रदेश में भी पद
-नंदन सिंह नेगी-भाजपा, विहिप
-केशर सिंह-भाजपा
-गिरीश भट्ट, भाजपा, पुजारी
-अम्बा दत्त पांडे- मंडल कोषाध्यक्ष भाजपा
-डूंगर सिंह-जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस
-नागेश पंत-कांग्रेस
-प्रकाश भट्ट-एनएसयूआई
-हरीश भट्ट-यूकेडी

राज्यपाल से गुहार
आवेदकों में भाजपाइयों के जमावड़े से मंदिर के पुजारियों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर राजनीति से जुड़े आवेदकों की दावेदारी निरस्त करवाने की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने झूठे शपथ पत्र पेश करने वाले नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करवाने की भी मांग उठाई है। इसके अलावा झूठे शपथ पत्र के आधार पर तीन साल से प्रबन्धक की कुर्सी पर बैठने वाले प्रकाश भट्ट से रिकवरी की मांग भी उठाई है।

पुलिस ने 17 जुआरियों को 80 हजार रुपये के साथ पकड़ा

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ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत 17 जुआरियों को रंगेहाथों जुआ खेलते गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 80 हजार की नकदी व दो ताश की गड्डी बरामद की है। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत ने बताया कि मौहल्ला घोसियान में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस फोर्स ने मौके पर छापा मारा। सभी लोग एक कमरे में जुआ खेल रहे थे। आरोपियों के पास से करीब 80 हजार की नकदी और ताश के पत्ते बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम जावेद पुत्र महफूज मंडी का कुंआ ज्वालापुर, डिंपल कुमार पुत्र धर्मपाल निवासी मौहल्ला कड़च्छ, जमशेद अली पुत्र निशार अहमद निवासी मौहल्ला कस्साबार, अनीश पुत्र निशाद निवासी लोधामंडी, ज्वालापुर, खुशनसीब पुत्र सज्जाद निवासी घोसियान, सौहराब पुत्र शमशाद निवासी घोसियान, शानू खान पुत्र फैय्याज निवासी तेलियान, परवेज पुत्र असलम निवासी तेलियान, रहमान पुत्र मककूर निवासी अबबाव नगर, दीपक पुत्र महेंद्र निवासी बकरा मार्केट, सलीम पुत्र मुबारक निवासी हज्जाबान, सलीम पुत्र मुबारिक निवासी तेलियान, आशिक पुत्र इदरीष निवासी बकरा मार्केट, सन्नोवर पुत्र तसुव्वर निवासी एबाव नगर, मुस्तकीम पुत्र नूर मौहम्मद निवासी एबावनगर, फरियाद पुत्र जहीर हुसैन निवासी घोसियान और रजनीश पुत्र राजेंद्र निवासी कड़च्छ सभी ज्वालापुर के रहने वाले बताए हैं। 

2013 से फरार शातिर इनामी गिरफ्तार

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वर्ष 2013 से फरार शातिर इनामी अारोपी प्रदीप सकलानी को पुलिस महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज चौक से गिरफ्तार किया है जिसके खिलाफ देहरादून में बैंकों से धोखाधड़ी करने के 17 अभियोग अलग-अलग थानों में पंजीकृत थे।  आरोपी के गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए एसएसपी देहरादून ने बताया कि, “थाना पटेलगनर में वांछित एवं इनामी अरोपी प्रदीप सकलानी के विरुद्ध देहरादून में बैंकों से धोखाधड़ी करने के 17 अभियोग जनपद के अलग-अलग थानों में पंजीकृत थे। अभियुक्त प्रदीप सकलानी एक शातिर किस्म का अपराधी था जो अपराध करने के बाद ही वर्ष 2013 से बादस्तुर फरार चल रहा था। वहीं सभी अभियोगों में शामिल प्रदीप के साथी अभियुक्त को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार किया था।”

समय-समय पर बदलता रहता था अपने ठिकाने 
अभियुक्त की गिरफ्तारी के सम्बंध में एसओजी एवं थाना पुलिस द्वारा मैनुअल पुलिसिंग के माध्यम से इसके अस्थायी ठिकानों का पता लगाया गया। पता चला कि अभियुक्त प्रदीप सकलानी समय-समय पर अपने ठिकाने बदलता रहता है और वर्तमान समय में दिल्ली में मुनिरिका थाना बसन्त विहार क्षेत्र में रह रहा है। सर्विलांस के माध्यम से उसके मोबाइल नम्बरों का पता लगाकर उसकी लोकेशन ट्रेस की गयी तो पता चला कि वह वर्तमान में दिल्ली में (अधिकतर मुनिरिका में ही) रहता है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक नगर एवं सपुअ ने एक टीम गठित कर तत्काल गिरफ्तारी के लिए दिल्ली रवाना की। लेकिन जब तक पुलिस टीम दिल्ली पहुंची तब तक अभियुक्त प्रदीप सकलानी दिल्ली से देहरादून के लिए प्रस्थान कर चुका था। एसओजी एवं थाना पटेलनगर पुलिस ने दिल्ली से लगातार अभियुक्त का पीछा करना शुरू किया तथा समय-समय पर उसकी लोकेशन ट्रैस की गयी। पुलिस टीम अभियुक्त को रविवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट कॉलेज चैक से गिरफ्तार कर लिया ।

वकील के साथ थी मीटिंग
वहीं, पूछताछ पर अभियुक्त ने बताया कि, “उसे पुलिस के आने का अंदेशा था इसलिए वह अपने घर पुजार गांव जा रहा था। क्योंकि सोमवार को उसकी अपने वकील से मीटिंग थी, उसके बाद उसे वकील से मिलने हाईकोर्ट जाना था।” अभियुक्त ने यह भी बताया कि वह पहले थाना डालनवाला से चोरी तथा वर्ष 2005 में थाना डालनवाला से चोरी/धोखाधड़ी के केस में जेल गया था। उसके बाद मैं वर्ष 2012 में देहरादून आया।

अभियुक्त ने बताया कि दीपनगर में कृपाल सिंह कोहली नाम का व्यक्ति मिला उसके साले के पास एक रियो प्रीमियम फियेट कम्पनी की कार थी। कृपाल ने मुझे बताया कि इस कम्पनी में अगर डीलरशिप लेने के इच्छुक हो तो बात करा दूंगा, उसके बाद कृपाल व मैने रियो प्रीमियम फियेट कार कम्पनी (चार पहिया) की डीलरशिप ली जिसका नाम शुभारंग डिवलेप प्रालि धर्मपुर देहरादून के नाम से पंजीकरण कराया गया जिसका डायरेक्टर कृपाल सिंह कोहली था।

फिर उसने कम्पनी से 10 गाड़ी मंगायी और ग्राहकों को बेच दी उसके बाद उसने अपने ही आदमी बैंक में भेजे और कार के लिए लोन लेने के लिए अपने कोटेशन दिये जिससे ड्राफ्ट सीधी डीलर के नाम आया जिसे उसने कैश कर आपस में बांट लिया और सब लोग गाड़ी की किश्ते अपने स्तर से देते रहेे।

अभियुक्त ने बताया कि जब वह गाड़ी की किस्त जमा नहीं कर पाया तो बैक ने उसकी शिकायत पुलिस थानों में करना शुरू कर दिया तब उसे शक हुआ कि उसके खिलाफ अब मुकदमें कायम होंगे और वह देहरादून से फरार हो गया। अपने सभी सम्बन्धियों से अपना नेटवर्क बन्द कर दिया ताकि पुलिस उस तक न पहुँच सके।

लखनऊ और दिल्ली में छुपकर रहता था
अभियुक्त ने बताया कि वर्ष 2015 तक वह लखनऊ में रहा और वर्ष 2016 में दिल्ली आ गया और मुनिरिका में किराये पर रह रहा था, क्योंकि मुनिरिका ऐस कस्बा है जहां अधिकतर लोग किराये पर रहते हैं तथा एक दूसरे से कोई मतलब नहीं रखते।  पुलिस के मुताबिक अभियुक्त लगभग सभी अभियोगों में गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपये का इनाम रखा गया था। अभियुक्त के विरूद्ध और भी अभियोग होने की सम्भावना है, अभियुक्त का आपराधिक इतिहास जनपद एवं गैर जनपदों से प्राप्त किया जा रहा है।

महाविद्यालयों में ड्रेस कोड का विरोध करेगी एबीवीपी

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राज्य के कई कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव हारने के कारणों की समीक्षा के बाद आखिरकार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने अपनी ही सरकार के फैसले का विरोध करने का ऐलान किया। पत्रकारों से बातचीत में एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि, “महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला अगर सरकार ने वापस नहीं लिया तो एबीवीपी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।” इस मौके पर एबीवीपी ने डीएवी कॉलेज में कराए गए कार्यों और आगामी वर्ष के लिए लक्ष्यों की जानकारी भी दी।

एबीवीपी के प्रांतीय कार्यालय में डीएवी कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष राहुल कुमार और प्रदेश सह मंत्री संकेत नौटियाल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि, “10 साल से कॉलेज में एबीवीपी लगातार जीत दर्ज कर रही है, इस दौरान कॉलेज में तमाम विकास कार्य कराए गए”। छात्र संघ अध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि, “बीते वर्ष में डीएवी महाविद्यालय में लंबे समय से तैयार खड़े 18 नए कमरों को खुलवाया गया, वाईफाई सेवा फ्री कराई गई, कैंटीन को नवीन रूप दिया गया, पूरे परिसर में रंगाई-पुताई कराई गई। छात्रों को प्राथमिक उपचचार मुहैया कराने के लिए उपचार केंद्र खुलवाया गया, जो लंबे समय से बंद था।”

वहीं, महाविद्यालय में पार्किंग का निर्माण कराया गया, शौचालयों का निर्माण कराया गया, दो बड़ी फ्लड लाइटें परिसर में लगवाई गईं, शहीद स्मारक का जीर्णोद्धार किया गया, महाविद्यालय के भूमि दाता स्वर्गीय ठाकुर पूरण सिंह नेगी जी की मूर्ति लगाई गई, क्रिकेट खेलने वाले छात्रों के लिए क्रिकेट पिच का निर्माण करवाया गया, पुराने शौचालयों का जीर्णोद्धार करवाया गया और ऑडिटोरियम का नवीनीकरण करवाया गया।

राहुल कुमार ने बताया कि इसके साथ ही प्रत्येक छात्र का ढाई लाख रुपये बीमा कराने की मांग को पूरा कराया गया, प्रत्येक टॉपर छात्र को लैपटॉप दिए जाने का वादा पूरा किया गया और विदेश पढ़ने जाने के इच्छुक छात्रों को 50 लाख रुपये तक का सस्ता एजुकेशन लोन दिलाने की मांग को पूरा कराया गया। उन्होंने कहा कि कुछ कामों के लिए धनराशि स्वीकृत हो गई है, जो जल्द शुरू होंगे।

उधर, छात्र संघ अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शुभम सिमल्टी के लिए मतदान की अपील करते हुए प्रदेश सहमंत्री संकेत नौटियाल ने कहा कि आगामी वर्ष के लिए एबीवीपी ने अपना घोषणा पत्र तैयार कर लिया है। इसके तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में सरकार द्वारा ड्रेस कोड लागू करने का विरोध करेगी। यदि सरकार ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया तो विद्यार्थी परिषद् पूरे प्रदेश में आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

नौटियाल ने कहा कि साथ ही एबीवीपी आगामी वर्ष में छात्रों के लिए वातानुकूलित गर्ल्स कॉमन रूम, डीएवी महाविद्यालय में प्रत्येक संकाय में सीटों में वृद्धि, शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द तैनाती, महाविद्यालय के जर्जर हालत में पड़े कक्षों के जीर्णोद्धार का कार्य करेगी। इसके साथ महाविद्यालय के छात्रों को सुरक्षित भविष्य मुहैया कराने के लिए स्किल इंडिया के तहत छात्रों को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान कराया जाएगा, साथ ही उनके प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के सेमीनार कराए जाएंगे।

महालिद्यावय की लाइब्रेरी डिजिटल बनाने का लक्ष्य है। नौटियाल ने बताया कि साथ ही छात्रों के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए रास्ते तलाशे जाएंगे। इस मौके पर छात्र नेता मोहित चौहान ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ एबीवीपी की सदस्यता ली।

धारा 144 उल्लघन पर भाजपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग

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नैनीताल में धारा 144 का उल्लंघन को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है। बीजेपी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर व्यापारी और अन्य संगठनों ने कोतवाली का घेराव किया है।

शनिवार को बीजेपी ने धारा 144 का उल्लंघन कर पॉलिटेक्निक में हंगामा और तोड़फोड़ की। साथ ही दो पक्षों में जमकर मारपीट हुर्इ, जिसमें दो व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल व्यापारियों को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर कर दिया। जैसे ही व्यापारियों  इस बात का पता चला तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। संगठन के अध्यक्ष किशन नेगी, आप नेता प्रदीप दुमका, विक्की वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारी और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग कोतवाली जा धमके और घेराव कर दिया। इस दौरान सड़क पर हंगामा और प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने  आरोपी रवि कन्याल और अभय बवाड़ी की गिरफ्तारी की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा राज में गुंडे बदमाश पुलिस पर हावी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोतवाली से चंद दूरी पर हुर्इ वारदात को लेकरर पुलिस ने कुछ नहीं किया। अध्यक्ष किशन नेगी ने तो खुली चेतावनी दी है कि अगर रवि को गिरफ्तार नहीं किया तो वह खुद उसे सबक सिखाएंगे। मौके पर मौजूद सीओ विजय थापा और कोतवाल विपिन पंत ने व्यापारियों को गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन वह नहीं माने। जिसके बाद एसपी सिटी हरीश सती ने व्यापारियों से बातचीत शुरू की। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना को किया गया है।

ये पुल दे रहा किसी बडे हादसे को न्योता

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नेशनल हाईवे 74 पर अंग्रेजों के जमाने का पुल कभी भी गिर सकता है। जिसकी नींव भारी ओवर लोर्ड वाहनों ने खोखली कर दी है। वहीं पुल की जडे इतनी हिल चुकि है कि कभी भी कोई बडा हादसा हो सकता है। काशीपुर से रुद्रपुर जाने वाले नेशनल हाईवे 74 पर आईआईएम के पास बना ये पुल सैंकडों साल पुराना है।तब शायद पुल से महज कुछ ही वाहन गुजरते थे। समय के साथ साथ इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही तो बडी ही है साथ ही खनन के वाहनों की संख्या बढने से पुल पर भार बी बड़ गया है।यही वजह कि पुल की जडे हिल चुकि है और पुल जगह जगह पर टुटने भी लगा है,लेकिन नेशनल हाईवे के अधिकारी हो या फिर जिले के उच्च अधिकारी इसी पुल से होकर तो गुजरते हैं मगर इस पुल की ओर देखने की जहमत तक नहीं उठाते जबकि बर्सात के चलते पुल कई जगहों से टुट चुका है और खस्ताहाल हो चुका है ।बावजूद इसके इस ओर किसी का द्यान नहीं है जिससे भविष्य में किसी बडे हादसे का अंदेशा बना हुआ है। वहीं जिलाधिकारी का कहना है कि वो इस बारे में सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता करेंगे और जल्द ही समाधान निकालेंगे।

रोशनी देने वाली तारों ने बुझाये घरों के चिराग,यहां मौत दौडती है हर वक्त घरों की छतों पर

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हर दिन मौत के साये में जीते है और हादसों के डर से सहमे रहते हैंय़ कही कोई हादसा ना हो जाए इसके लिए हर सम्भव कोशिश भी करते है बावजूद इसके कई हादसों से कुछ लोगों की जाने चली गयी तो उनके परिवार के लोग आज भी आसमान की ओर ताकते हैं तो यही दुा करते है कि किसी और के साथ ये हादसे ना हो, मगर इन हादसों के लिए जिम्मेदार अधिकारी है कि नियमों का पाढ पडाकर लोगों को मौत के मुंह में झोंक रहे हैं। जी हां काशीपुर शहर के बीचों बीच 33 केवी की विघुत लाईन सौंकडों घरों के उपर से होकर गुजरती है और इनपर दौडती मौत कई लोगों की जान लील चुकि है।
काशीपुर शहर के बीचों बीच घनी आवादी के उपर गुजरती बिजली की तारें कई घरों को रोशन तो करती है मगर कई घरों के चिराग बुझा भी चुकि है। हाईटेंश लाईन के नीचे एसे सैंकडो घर है जो हर दिन मौत के साये में जीते है।अल्लीखां, काली बस्ती, मजरा, महेशपुरा और लक्ष्मीपुर पट्टी जैसे इलाके इस हाईटेंशन लाई के नीचे ही बसी हुई है।जहां घरों की छत से महज दो फूट ऊंची तारों में करंट दौडता है लोग ना तो धतों पर जा सकते है और ना ही बच्चों को जाने देते हैं बावजूद इसके कई हादसे एसे हुए जिसने घरों के चिराग बुझा दिये। इन बिजली की तारों को हटाने के लिए सालों से लोग विधुत विभाग को लिखते रहे हैं लेकिन की कानों पर आज तक जूं ना रेंगी और मौत का साया बनकर आज भी लोग यहां सहम कर रहते हैं।
वहीं विधुत विभाग की माने तो उनके द्वारा पहले तो इन बस्तियों को ही गलत ठहराते हैं लेकिन आवादी को बढते देख उनका कहना है कि अन्डर ग्राउन्ड लाईन बिछाने की प्रक्रिया के लिए विभाग द्वारा लिखा गया है और जल्द ही अन्डर ग्रऊन्ड लाईन का प्रस्ताव पास होते ही प्रक्रिया को शुरु कर दिया जाएगा।
मौत मंडराती है छतों पर जहां , डरे और सहमे रहते हैं लोग जहां, उम्मीद है कि एक दिन एसा आयेगा, कि जब वो भी अपने घरों की छतों पर बिना डरे खुली सांस ले सकेंगे। बिजली की तारों पर चौडते करंट के डर से जहां लोग हर दिन हादसों के डर से सहमे रहते हैं वहीं कई घरों के चिराग बुझ गये घरों को रोशन करने वाली तारों से वहीं विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते सालों से लोग घरों में सहमे है।आखिर कब विभाग की नींद टूटती है और कब मौत की ये तारे हटती है ये विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खडे करता है।

बारिश से नदियों का प्रवाह तेज

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जिले में शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह बारिश के पानी से काली, गोरी और सरयू का प्रवाहतेज हो गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। बारिश के बाद जनपद के तापमान में गिरावट आई है।

शनिवार सुबह सीमांत जनपद में कई क्षेत्रों मुनस्यारी, बेरीनाग, धारचूला, डीडीहाट और गंगोलीहाट सहित कई अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश हुई है। बारिश के कारण जगह-जगह जल भराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश से नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि होने से नदी किनारे बसी आबादी में दहशत का माहौल है।

उधर, बारिश के बाद कनालीछीना के ख्वांकोट में मनीराम का दो मंजिला मकान गिर गया जिसमें मनीराम के दो मवेशी मलबे में जिंदा दफन हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने क्षति का आंकलन की प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी है।

वहीं बारिश के चलते काली नदी का डेंजर जोन 889 मीटर है। जो 888.50 मीटर पर बह रही है। गोरी नदी का डेंजर जोन 606.80 मीटर है। बारिश के बाद यह 604.70 मीटर पर बह रही है। इसके अलावा सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। जिस कारण नदी किनारे रह रहे लोगों में भय व्याप्त है।