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एसएसपी ने निलंबित किए दो पुलिसकर्मी

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 होटल से पकड़े गए प्रेमी जोड़ों को पैसे लेकर छोड़े जाने के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने आरोपी दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। होटल में मिले प्रेमी जोड़े को छोड़ने के लिए पुलिसकर्मियों पर 40 हजार लेने का आरोप है। निलंबित किए सिपाहियों में एक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल में तैनात देशराज और दूसरा नगर कोतवाली में तैनात प्रदीप है।

एसएसपी ने बताया कि जुलाई माह में कनखल क्षेत्र स्थित एक होटल में जिस्मफरोशी के धंधे की शिकायत पर पुलिस ने छापा मारा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो महिलाओं के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी युवक हरिद्वार के निवासी थे।

पुलिस ने सभी के परिजनों को थाने बुलाया और उनका भविष्य खराब न हो, इसको देखते हुए उनको छोड़ दिया। बाद में एसएसपी को शिकायत मिली की उक्त दोनों पुलिसकर्मियों ने युवकों को छोड़ने की एवज में 40 हजार रुपये ले लिए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कराई और दोषी पाए जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश दिए। 

दीपक मिश्रा बने देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज जस्टिस दीपक मिश्रा को देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समाहरोह राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में संपन्न हुआ। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा  का कार्यकाल  अगले साल तीन अक्टूबर 2018 को समाप्त होगा।  दीपक मिश्रा मुख्य न्यायाधीश के पद पर करीब 13 महीने रहेंगे। इस पद पर पहुंचने वाले वे  उड़ीसा के तीसरे मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं उनसे पहले न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्रा और न्यायमूर्ति जीबी पटनायक  सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं।
  • अक्टूबर – तीन  (1953 ) में जन्मे दीपक मिश्रा ने फरवरी 1977 में उड़ीसा हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस शुरू की।
  • फरवरी 1996 में उड़ीसा उच्च न्यायालय के  अतिरिक्त न्यायाधीश बने।मार्च 1997 में उनका तबादला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में कर दिया गया।
  • दिसंबर 1997 में ही उन्हें स्थायी नियुक्ति दी गयी।
  • दिसंबर  2009 में उन्हें पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया।
  • मई 2010 में उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। वहां रहते हुए उन्होंने पांच हजार से ज्यादा मामलों में फैसले सुनाये और लोक अदालतों को ज्यादा प्रभावशाली बनाने के प्रयास किये।
  • न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने ही देशभर के सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के आदेश जारी किए थे।
ऐतिहासिक फैसलेः
  • आजाद भारत में पहली बार सुप्रीम कोर्ट जब रात में बैठी थी तो जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में ही बेंच ने मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकुब मेनन की अर्जी को पूरी रात सुनवाई के बाद खारिज किया था।
  • 5 मई 2017 को बहुचर्चित निर्भया गैंग रेप केस में तीनों दोषियों की फांसी की सजा को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने बरकरार रखा था।
  • जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में स्पेशल बेंच बनी है जो अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहीं हैं ।
इसके अलावा सहारा सेबी मामले में भी जस्टिस मिश्रा की बेंच सुन रही है।

राजपुर रोड के पूर्व विधायक राजकुमार ने गिनाई दून अस्पताल की कमियां

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हाल ही में दून चिकित्सालय प्रबन्धन की लापरवाही के चलते एक महिला की मृत्यु हो गई, जो कि एक गम्भीर मामला है। इसका संज्ञान लेते हुए राजपुर रोड़ विधानसभा से पूर्व विधायक राजकुमार ने आज दून चिकित्सालय में डाॅ0 के0सी0 पंत से मुलाकात कर निम्न बिन्दुओं पर जल्द उचित कार्यवाही हेतु ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर उन्होंने बताया कि चिकित्सालय की जिम्मेदारी आम जन को सुविधा प्रदान करना है, लेकिन जब से दून चिकित्सालय को दून मेडिकल काॅलेज का दर्जा दिया गया, उस दिन से यहां आए लगभग 90 प्रतिशत लोगों की कुछ न कुछ शिकायतें आए दिन प्राप्त हो रही हैं। जिन पर जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द उचित कार्यवाही करने की आवश्यकता है।

  • सर्वप्रथम जब तक दून मेडिकल काॅलेज को पूर्व की भाॅंति जिला चिकित्सालय के रूप में संचालित नहीं किया जाता, तब तक गांधी नेत्र चिकित्सालय में मरीजों के उपचार व कम से कम 200 बेड की व्यवस्था की जाए।
  • वर्तमान में डेंगू और स्वाईन फ्लू जैसी भयानक बीमारी बड़ती जा रही है,जिसके उपचार की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, लापरवाही का नतीजा है कि बीते रोज एक महिला की मृत्यु हो गई।
  • दून महिला चिकित्सालय में अक्सर गर्भवती महिलाएं आॅपरेशन थियेटर के बाहर ही दर्द से तड़पती दिखाई देती हैं, क्या चिकित्सकों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती।
  • निर्धन वर्ग के मरीजों के लिए जो मानक तय किए गए हैं, उन्हें अस्पताल के मुख्य/ईमरजेंसी स्थल पर प्रर्दशित किया जाए, ताकि मरीज या तीमारदार को भटकना न पड़े।
  • दून चिकित्सालय के आपातकाल में बेड न होने के कारण भी मरीज बाहर ही पड़े रहते हैं, बेड संख्या बढ़ाई जाए
  • मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ आम जन को नहीं मिल पा रहाहै, योजना की स्थिति स्पष्ट की जाए।
  • लोकल पर्चेस (एल0पी0) की सुविधा बन्द है, जिस कारण मरीजों को बाहर से महंगी दवाईयां खरीदनी पड़ रही है, चिकित्सालय स्तर पर दवाईयां उपलब्ध कराई जाएं।
  • डायलिसिस मशीन, डिजिटल एक्स-रे मशीन व अन्य उपयोगी मशीनों के खराब होने की खबरें आए दिन समाचार पत्रों में छपी रहती हैं, व्यवस्था में सुधार किया जाए।
  • आवारा कुत्तों के काटने पर भी मरीजों को सम्बन्धित इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाते हैं।
  • अस्पताल प्रशासन के पास स्वयं की कितनी एम्बुलेंस उपलब्ध हैं, अक्सर आम जनता द्वारा बाहर से एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाती है।
  • बायोमेडिकल कूड़े के निस्तारण को लगी मशीनें खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए।
  • अस्पताल परिसर में रात्रि के समय अंधेरा रहता है, जिस कारण रात्रि में आए मरीजों को लाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, लाईटों को जल्द ठीक करवाया जाए।
  • अक्सर अस्पताल में ऐसे मरीज आते हैं जो कि चलने/फिरने में भी असमर्थ होते हैं, जो लिफ्ट का प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन अस्पताल की लिफ्ट भी बन्द हैं।
  • चिकित्सालय परिसर में सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जगह-जगह गन्दगी है, चाहे वह चिकित्सालय का परिसर हो या फिर आम जन के उपयोग हेतु शौचालय।
  • चिकित्सालय परिसर में मरीजों के लिए साफ पेयजल की की व्यवस्था कराई जाए।

भाजपा नेत्री ने लौटाई किट्टी की रकम

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डीएम और एसएसपी के सख्त तेवरों को देख किट्टी का धंधा करने वाले अन्य लोगों में खौफ दिखाई दे रहा है। भय का ही असर है कि भाजपा से जुड़ी एक किट्टी संचालिका ने अपने किट्टी से जुड़े सभी लोगों को एक होटल में बुलाया। सूटकेस में नोट लेकर आये संचालिका के पति ने कहा कि जिसको किट्टी डूबने का डर है वो अपना पैसा ले जा सकता है। ये बात सुनने के बाद करीब 24 लोगों ने अपनी रकम वापस ले ली। जबकि कई लोगों को रकम देने के लिये वक्त दिया गया है।

पुराना रानीपुर मोड़ के पास जीआईजी मार्ट में एक सविंदर और उसकी पत्नी गुरमीत कौर किट्टी का अवैध धंधा करती थीं। शहर के करीब 25 हजार से अधिक लोगों ने करोड़ों रुपये का निवेश किट्टी में किया था। किट्टी प्रकरण तब गरमाया जब सविंदर अचानक शहर से भाग गया।

पीड़ितों ने हंगामा किया तो पुलिस ने सविंदर की पत्नी गुरमीत कौर को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गुरमीत को जेल भेजकर फरार सविंदर की तलाश शुरू कर दी। किट्टी प्रकरण की गूंज जब सरकार के कानों तक गूंजनी शुरू हुई तो डीएम और एसएसपी ने पीड़ितों को इंसाफ दिलाने में तत्परता दिखानी शुरू कर दी। 

कच्ची शराब बनाने की भट्टी के साथ दो महिलाएं गिरफ्तार

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चमोली पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध में चलाये जा रहे अभियान के तहत गोपेश्वर थाना पुलिस ने मल्ला-तल्ला नैग्वाड में छापा मारकर अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने की दो भट्टी के साथ दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। वहीं, 500 लीटर लाहन भी नष्ट किया।

थानाध्यक्ष गोपेश्वर कुंदन राम ने बताया कि रविवार की रात पुलिस ने तल्ला व मल्ला नैग्वाड में छापेमारी की। जिसमें अवैध रूप से कच्ची शराब बनाये जाने की दो भट्टी तथा दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। जबकि कच्ची शराब बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाला 500 लीटर लाहन भी नष्ट किया गया। बताया कि दोनों महिलाओं पर आबकारी अधिनियम में मामला पंजीकृत कर लिया गया है। 

‘गूंज संस्था’ ने आपदा प्रभावितों को दी राहत किट

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बादल फटने से हुई तबाही के दो सप्ताह बाद गूंज संस्था के स्वयंसेवकों ने पिथौरागढ़ जिले के मांगती में ग्राम पंचायत तांकुल के 74 परिवारों को आपदा राहत सामग्री बांटी। बुंगबुंग में बादल फटने के कारण मांगती क्षेत्र में 14 अगस्त की सुबह भारी तबाही हुई थी। सड़क मार्ग तथा पैदल मार्ग के बंद होने के कारण तीन ग्राम पंचायतों की जनता अब भी परेशान हैं।

दिल्ली की गूज संस्था ने राशन, त्रिपाल, दरी, कपड़े आदि सामग्री के किट की राहत सामग्री पीड़ितों को दी है। दो किमी की पैदल यात्रा करने के बाद आपदा प्रभावित किट लेने के लिए मांगती पहुंचे। आपदा प्रभावितों को किट देने के बाद गूज संस्था के सदस्यों ने कहा कि वे उनके दुखों को बांटने के लिए यहां आये हैं। आपदा के दो सप्ताह बाद आपदा प्रभावितों ने सहयोग के लिए बढ़ाये गये हाथ का स्वागत किया।

इस मौके पर गूज संस्था के स्वयंसेवक जगत मर्तोलिया तथा शैलेश खर्कवाल ने कहा कि, “संस्था इस कठिन समय में आम आपदा प्रभावितों के साथ है। संस्था की एक अपील पर जमा होने वाली राहत सामग्री के किट इस क्षेत्र में बांटे जा रहे है। आज पूरा क्षेत्र अलग-थलग पड़ा हुआ हैं, इन स्थितियों में इस क्षेत्र की प्रभावित जनता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है, आने वाले समय में भी संस्था इस क्षेत्र के आपदा प्रभावितों के सहयोग के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।”

ईद-उल-जुहा पर्व से पहले पुलिस ने कि गोष्ठी

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चकराता पर आगामी ईद-उल-जुहा पर्व के दृष्टिगत छेत्र के प्रमुख सम्प्रदायों के व्यक्तियों, व सभ्रांत नागरिको की गोष्ठि का आयोजन किया गया । जिसमें उक्त त्योहार को शांति पूर्ण रूप से हर्षोउल्लाश के साथ मनाने की अपील की गई । उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों मैं चकराता में इस दिन नमाज़ अदा की जाती है और यहां अब तक कभी कोई वली नही दी गयी है । यहां पूर्व की भांति ही त्योहार मनाया जाएगा। वर्तमान मे किसी भी प्रकार का उक्त त्योहार संबंधी कोई विवाद किसी भी समुदाय में नही है ।

इसके अतिरिक्त आज चकराता मैं अवस्थित बैंक के प्रबंधकों की मीटिंग का भी आयोजन किया गया जिसमें वर्तमान मे चल रहे एटीएम फ्राॅड अादि के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा एटीएम पर एक सुरक्षा गार्ड व सी सी टी वी कैमरा आवश्यक रूप से लगाने हेतु निर्देशित किया गया । तथा वर्तमान में चल रहे एटीएम बैंक फ्राॅड की जानकारी अधिक से अधिक लोगो को पहचाने हेतु बैंक परिसर तथा एटीएम में ङिसपले करने हेतु कहा गया है। जिसपर सभी बैंक प्रबंधको द्वारा सहमति दी गयी हैं।

फोन पर बात करते हुए ड्राइवर का विडियो बनाओ,इनाम पाओ

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सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और हिमालयी राज्य में यात्रियों के बीच विश्वास की भावना पैदा करने के लिए उत्तराखंड परिवहन आयोग (यूटीसी) ने एक अनूठी और नई पहल की शुरुआत है। निगम के नए आदेशों के अनुसार,बस चलाते समय मोबाइल पर बात कर रहे चल रहे यूटीसी चालक की तस्वीर क्लिक करने वाले व्यक्ति को 1,000 रुपये का नकद इनाम मिलेगा।
यात्री इस फोटो को संबंधित डिपो में भेज सकते हैं। इसके साथ ही यूटीसी अधिकारियों को भी स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है, ताकि वो व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से इन फोटो को प्राप्त कर सकें, और तत्काल कार्रवाई कर सकें।इस समय यूटीसी में 1400 बसें चल रहीं हैं, जिसमें से 1200 बसें परिवहन निगम की हैं और बाकी 200 काॅंट्रेक्ट के आधार पर काम कर रहे हैं।इन बसों का अधिकतर सफर अंतरराज्यीय मार्ग पर और उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के आस-पास के राज्यों के मार्ग पर होता है। यूटीसी के पास लगभग 5,000 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व उत्पादन है और निगम राजस्व में सुधार करने के लिए प्रयास कर रहा है।

नए आदेश के बारे में पूछे जाने पर, यूटीसी के महाप्रबंधक प्रशासन दीपक जैन – जिन्होंने निर्देश जारी किए थे,उन्होंने बताया कि, “यह केवल दुर्घटनाओं के बारे में ही नहीं बल्कि यात्रियों के बीच विशेष रूप से पहाड़ी सड़कों पर आत्मविश्वास की भावना पैदा करने के बारे में है।” उन्होंने दावा किया कि यह कदम यूटीसी बसों से जुड़े सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को न केवल नीचे लाएगा बल्कि यात्रियों को सुरक्षा की भावना प्रदान करेगा।

नए निर्देशों के अनुसार, एक यात्री या कोई व्यक्ति फ़ोन पर बात कर रहे ड्राइवर की तस्वीर भेज सकता है, जो व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से संबंधित डिपो के पास पहुंचेगा। जैन ने कहा, “हम वीडियो और फोटो की पुष्टि करेंगे और अगर तथ्यों की पुष्टि हो जाए तो हमें भेजने वाले को इनाम देने का प्रावधान है।”

अगर आरोप वास्तविक पाए जाते हैं,तो दोषी ड्राइवर पर 5,000 रुपये का नकद जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि फोटो के भेजने वाले को 1000 रुपये की राशि दी जाएगी, बचे 4000 रुरये यूटीसी के साथ जमा किए जाएंगे। जैन ने कहा, “हमें इस संबंध में पहले से शिकायतें मिली हैं और भारी वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने के लिए ड्राइवरों की जांच के प्रयास पर काम कर रहे थे।” इस संबंध में निर्देश राज्य भर में निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को पहले ही पारित कर दिए गए हैं।

डेरा प्रमुख गुरमीत को दो रेप केस में 10-10 साल की जेल,सीबीआई कोर्ट ने दी 20 साल की कैद

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जज जगदीप सिंह ने साध्‍वियों से रेप केस मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम को गुनहगार मानते हुए दो केस में 10-10 साल की हुई सजा सुनाई है। यानि कुल मिलाकर राम रहीम अब 20 साल जेल में रहेगा और साथ ही 30 लाख का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने दोनों शिकायतकर्ता साध्वियों को 15 -15 लाख रूपए के मुआवज़े का आदेश भी दिया। राम रहीम को पंचकूला सीबीआई के जज जगदीप सिंह ने सजा सुनाई। उधर, राम रहीम के वकील ने सामने आकर बयान दिया कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। रेप के मामले में दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने बीस साल की सजा सुनाई। रोहतक में सुरक्षा-व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। वहीं हरियाणा के सभी स्कूल-कॉलेज आज बंद हैं।

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम के दोषी करार देते ही देश के कई राज्य जल रहे हैं। आईये जानते हैं कि क्या है वो मामले जिसके चलते राम रहीम को दोषी करार दिया गया।

  • 25 अगस्त, 2017: सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दिया।
  • 17 अगस्त, 2017: मामले की बहस खत्म हुई।
  • 25 जुलाई, 2017: कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि केस जल्द निपट सके।
  • जून, 2017: डेरा प्रमुख ने विदेश जाने के लिए अपील दायर की तो कोर्ट ने रोक लगा दी।
  • जुलाई, 2016: केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे।
  • 2011 से 2016: लंबा ट्रायल चला। डेरा मुखी की ओर से अपीलें दायर हुईं।
  • अगस्त, 2008: ट्रायल शुरू हुआ और डेरा मुखी के खिलाफ चार्ज तय किए गए।
  • जुलाई, 2007: सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। यहां से केस पंचकूला शिफ्ट हो गया और बताया गया कि डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं।
  • दिसंबर, 2003: सीबीआई को जांच के निर्देश दिए गए। 2005-2006 के बीच में सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढा जिसका यौन शोषण हुआ था।
  • दिसंबर, 2002: सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया।
  • मई 2002: लेटर के फैक्ट्स की जांच का जिम्मा सिरसा के सेशन जज को साैंपा गया।
  • अप्रैल, 2002ः पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को एक साध्वी ने शिकायत भेजी।

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून सहित प्रदेशभर में डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई की विशेष अदालत में साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में सजा सुनाए जाने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।सिरसा स्थित डेरा सच्चा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई की विशेष अदालत दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में आज सोमवार को ढाई बजे सजा सुनाएगी। इसे देखते हुए उत्तराखण्ड में भी पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है, तो वहीं राजधानी देहरादून में भी एहतियात बरती जा रही है। देहरादून में रह रहे डेरा समर्थकों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। मोर्चा संभाले जवानों को संदिग्ध गतिविधियों पर असामाजिक तत्वों को गोली मारने के निर्देश दिए गए है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इस पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदेश में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस प्रशासन को पहले से ही अलर्ट पर रखा गया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती के मुताबिक सभी चेकपोस्ट और सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लाइन में पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है ताकि कहीं भी डेरा समर्थकों के द्वारा विरोध जैसी स्थिति नजर आए तो स्थिति को काबू में किया जा सके।
प्रदेश से सटी सीमाओं पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए हरियाण के प्रमुख शहरों से आने जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है।

जब जया बच्चन को गुस्सा आया….

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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की पत्नी और सांसद जया बच्चन को अक्सर सार्वजनिक स्थलों पर गुस्से में देखा गया है। ऐसा ही एक बार फिर हुआ, जब वे धर्मेद्र-हेमा मालिनी की बेटी ईशा देओल की अपने पति भरत के साथ फिर से शादी की रस्म में शामिल होने के लिए पंहुची। गर्भवती ईशा देओल ने सिंधी रिवायतों के हिसाब से अपने पति के साथ तीन फेरे लेकर एक बार फिर शादी की रस्मों को निभाया।

इस मौके पर मौजूद जया बच्चन को उस वक्त गुस्सा आ गया, जब उन्होंने देखा कि पूजा पाठ के लिए आए पंडित जी ईशा के साथ फोटो खिंचाने की कोशिश कर रहे हैं। जया बच्चन को ये बात पसंद नहीं आई और उन्होंने पंडित को टोकते हुए कहा कि पहले पूजा पाठ कराइये। आप यहां फोटो खींचने नहीं आए हो।

जया बच्चन की ये बात सुनकर पंडितजी झेंप गए और पूजा पाठ के काम में बिजी हो गए। कुछ दिनों पहले जया बच्चन ने एक समारोह में उन युवाओं को भी लताड़ा था, जो उनकी फोटो खिंचने की कोशिश कर रहे थे। एक और समारोह में अपनी पुत्रवधू ऐश्वर्या राय के फोटो खींचने को लेकर उन्होंने फोटोग्राफरों पर गुस्सा उतारा था।