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रानी मुखर्जी को अवैध निर्माण पर नोटिस

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कपिल शर्मा और ऋषि कपूर के बाद अब मुंबई महानगर पालिका की ओर से रानी मुखर्जी को उनके जुहू स्थित बंगले में अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है। कहा जाता है कि जुहू में स्थित कृष्णाराम में हो रहे निर्माण को लेकर दिया गया है। कहा जाता है कि इस बंगले में निर्माण के लिए बीएमसी से ओपनिंग परमीशन लैटर लिया गया था, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इस परमीशन लैटर की अवधि समाप्त हो गई, जबकि बंगले में निर्माण कार्य जारी है।

दूसरी ओर, रानी मुखर्जी की ओर से उनकी मीडिया टीम ने सफाई देते हुए बताया है कि इस मामले में नगरपालिका के वार्ड अधिकारी से परमीशन लैटर को एक्सटेंशन दिया जा चुका है और नियमों के मुताबिक, निर्माण किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले बीएमसी के अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर बंगले में चल रहे निर्माण कार्य का मुआयना भी किया और नोटिस भी दे दिया। नोटिस में दस दिनों में रानी से जवाब जमा करने को कहा गया है।

रानी मुखर्जी ने 2014 में इस बंगले में साज सज्जा के लिए पुनर्निमाण के लिए बीएमसी से परमीशन लैटर लिया था। पड़ोसियो का कहना है कि तब से लगातार उनके बंगले में निर्माण कार्य जारी है। कैरिअर की बात की जाए, तो मर्दानी के बाद रानी मुखर्जी हिचकी नाम से फिल्म में काम कर रही हैं, जो इस साल अक्तूबर में रिलीज होगी।

ऋषि कपूर के खिलाफ शिकायत दर्ज

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ऋषि कपूर जब से सोशल मीडिया पर आए हैं, वे किसी न किसी अपनी पोस्ट को लेकर विवादों में घिरे रहते हैं। एक बार फिर ऐसा ही हुआ है। एक बच्चे की सोशल मीडिया पर न्यूड फोटो अपलोड करने को लेकर मुंबई पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।

ऋषि कपूर ने हाल ही में एक छोटे बच्चे की नग्न फोटो अपलोड की, जो गाने सुन रहा है। जब ये पोस्ट वायरल हुई, तो मुंबई के जय हो फाउंडेशन की ओर से इस पोस्ट पर एतराज किया गया और ऋषि कपूर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। फाउंडेशन के महासचिव एडवोकेट आदिल खतरी ने मुंबई पुलिस को भेजी शिकायत में ऋषि कपूर द्वारा अपलोड बच्चे की नग्न फोटो को पोस्को कानूनों का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि इस तरह से एक भोले अव्यस्क बच्चे की नग्न फोटो शेयर करना अपराध है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद जरुरी कदम उठाए जाएंगे। ऋषि कपूर ने इस मामले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है।

पकड़ा गया पिता का हत्यारा बेटा मानव

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सम्पत्ति के लालच में अपनी मां के साथ मिलकर बेटे द्वारा की कयी हत्या का खुुलासा करने के बाद पुलिस लम्बे समय से हत्यारोपी बेटे की तलाश कर रही थी… जिसे पुलिस ने बमुश्किल से गिरफ्तार कर लिया है। करोडों की प्रोपटी के लालच में की गयी राजेश मान की हत्या के आरोप में फरार चल रहे मृतक के हत्यारोपी पुत्र मानव मान को उधम सिंह नगर पुलिस ने गिरफतार कर लिया । राजेश मान हत्यााकाड का खुलासा होने के बाद आरोपी मानव मान फरार चल रहा था । आपको बतादें मूल रुप से किच्छा निवासी राजेश मान ने रुद्रपुर में आवास बनाकर कुछ वर्ष पूर्व प्रोपटी का कारोबार शुरु कर दिया था । राजेश मान का अपनी पत्नी सीमा चौधरी से लम्बे समय से विवाद चल रहा था दोनों के विवाद के चलते राजेश मान व उसकी पत्नी कई वर्ष पूर्व रिश्ता तोडकर अलग रह रहे थे । राजेश मान की करोडों की प्रोपर्टी थी बावजूद उसने अपनी पत्नी सीमा चौधरी तथा उसके पुत्र मानव मान के नाम कुछ भी जायजाद दर्ज नहीं की थी । करीब एक वर्ष पूर्व राजेश मान अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। राजेश मान की गुमशुदगी की सूचना उससे अलग रह रही पत्नी सीमा चौधरी ने पुलिस में दर्ज करायी थी । हाई प्रोफाइल मामला होने के बाद भी करीब एक वर्ष तक पुलिस राजेश मान की गुमशुदगी का खुलासा नहीं कर पायी । गत 29 जुलाई को पुलिस ने राजेश मान हत्याकांड का खुलासा करते हुये उसकी पत्नी सीमा चौधरी व पुत्र मानव मान के दोस्त आशु को गिरफतार कर लिया था। पुलिस के अनुसार मानव मान ने अपने दोस्त आशु के साथ मिलकर एक वर्ष पूर्व  अपने ही पिता राजेश मान की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उसके शव को नहर में फैंक दिया था। घटना के बाद से मानव मान फरार चल रहा था । आज पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हल्द्वानी में दबिश दी और रुद्रपुर मार्ग स्थित नैक्सा शोरुम के पास से मानव मान को गिरफ्तार कर लिया है।

जन्तर मंतर में गूंजेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्तिय़ो की मांग

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लम्बे समय से आंगनबाडी कार्यकर्तियों की बुनीयादी मांगे आज- तक पुरी नहीं पायी… हर बार संघर्ष करने वाली आंगबाडी कार्यकर्तियों ने आंदोलन का रास्ता भी पकडा मगर आश्वाशन का झुनझुना ही मिला… लेकिन इस बार राष्ट्रीय फोरम पर उतर कर आंगनबाडी कार्यकर्तियां आंदोलन की राह पकडेंगी.. जिनका नेतृत्व इस बार राष्ट्रीय फोरम पर काम करने वाला संगठन करेगा… वेतन वृद्धि, नियमितिकरण और समय निर्धारण जैसी मांगों को लेकर लम्बे समय से आंदोलित आंगनबाडी कार्यकर्तियों को संगठित कर अखिल भारतीय आंगनबाडी महासंघ एक ही मंच पर लाने की तैयारी कर रहा है। जिससे देश भर में समान वेतनमान, और समान अधिकार दिलाने के लिए अन्य प्रदेशों के बाद अब उत्तराखण्ड में भी पैर जमा रहा है… जिससे आंगनबाडी कार्यकर्तियों की समस्याओं का समाधान हो और उनकी मांगे पुरी है इसके लिए संगठन ने सबी को एक मंच पर लाने और मिलकर आंदोलन की राह तैयार करने की ठान ली है.. जिसके चलते काशीपुर पहुंचे संगटन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि कई प्रदेशों में आंगनबाडी कार्यकर्तियों के लिए उन्होने आंदोलन किया और सफल भी हुे मगर उत्तराखण्ड में आंगनबाडी कार्यक्रतियों पर काम का बोझ तो दिया जा रहा है लेकिन उसका मेहनताना कम मिल रहा है जिसके लिए संगठन अब एक सुर में उनकी समस्याओं को उठायेगा और उनकी मांगो को मनवाने के लिए जल्द ही जन्तर मंतर में प्रदर्शन करेगा।

एतिहासिक मंदिरों की बनेगी डाक्यूमेन्ट्री

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पर्यटन की दृष्टि से जिले के विभिन्न स्थानों पर मौजूद ऐतिहासिक मंदिरों पर मुंबई की एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने सोमवार को शहर पहुंचेगी। पुरातत्व विभाग के सहयोग से पहले चरण में पांच मंदिरों को प्रोडक्शन टीम ने चुना है। टीम में छह सदस्य शामिल हैं।

क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई अधिकारी चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ऐतिहासिक मंदिरों के बारे में अधिक से अधिक लोग जानें इसके प्रयास विभाग की तरफ से किए जा रहे हैं। ताकि जिले में पर्यटन का माहौल बनाया जा सके। मुंबई से आ रही फिल्म प्रोडक्शन यूनिट के सदस्य सोमवार की शाम तक आ जाएंगे। जिन मंदिरों पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का निर्णय लिया गया है। वह सभी सैकड़ों वर्ष पुराने हैं। इन सभी का पर्यटन की दृष्टि से बड़ा महत्व है।

प्रोडक्शन यूनिट डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेगी। जिन ऐतिहासिक मंदिरों को शामिल किया गया है। उनमें शहर के नंदा देवी, पाताल देवी मंदिर शैल गांव, नारायण खाली स्थित श्री राम मंदिर, लखुड़ियार मंदिर गांव दिगौली, पिठौली स्थित मुंडेश्वर महादेव मंदिर शामिल हैं। इन सभी के बारे में पुरातत्व विभाग की तरफ से यूनिट को आवश्यक जानकारी दी जा चुकी हैं। फिल्म बनाते समय जो भी अन्य जानकारी देनी होगी।

जवान रौतेला को मिला सेना मेडल, परिवार में खुशी

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जिनके अदम्य साहस से पुरी बटेलियन भी गर्व महशूस करती है एसे भगवान सिंह रौतेला को सेना मेडल से नवाजे जाने से उनसे साथी और परिवार के लोग बेहद खुश हैं। बहादुरी के क्षेत्र में जिले के खाते में एक ओर उपलब्धि जुड़ गई है। जिले के जवान भगवान सिंह रौतेला को उनके अदम्य साहस के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।

गंगोलीहाट तहसील के रौतेड़ा गांव के रहने वाले भगवान सिंह रौतेला सेना की 17 कुमाऊं रेजीमेंट में नायक पद पर तैनात हैं। वर्ष 2016 में वे श्रीनगर में तैनात थे। इसी अवधि में श्रीनगर के जामपुर में आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना पर सेना ने भवन को घेर लिया। दो दिनों तक सेना और आतंकवादियों के बीच फायरिंग चलती रही।

12 अक्टूबर की सायं आतंकवादी भवन से भागने लगे। मौके पर तैनात भगवान सिंह रौतेला ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकवादियों पर हमला बोल दिया और बगैर किसी नुकसान के दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। उनके इस अदम्य साहस के लिए बीती 15 अगस्त का उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया गया। रौतेला का परिवार वर्तमान में पिथौरागढ़ नगर में रहता है। यह सम्मान मिलने पर तमाम लोगों ने उनके घर पहुंचकर परिजनों को बधाई दी। 1998 में 20 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए भगवान सिंह ने कहा है कि देश में आतंक फैलाने वालों को भारतीय सेना कभी कामयाब नहीं होने देगी।

शतरंज का मास्टर बना अल्मोड़ा

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कुमाऊं विश्वविद्यालय की अंतरमहाविद्यालयी शतरंज चैंपियनशिप में सोबन सिंह जीना (एसएसजे) परिसर अल्मोड़ा की टीम फिर सरताज बनी। फाइनल मुकाबले में अल्मोड़ा ने रामनगर को 3-2 के अंतर से पराजित कर लगातार दो बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पं. मदन मोहन उपाध्याय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता में सेमीफाइनल मुकाबलों में अल्मोड़ा ने नैनीताल तथा रामनगर ने पिथौरागढ़ की टीमों को हराकर फाइनल में स्थान बनाया। रोमांचक फाइनल में अल्मोड़ा के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए रामनगर को 3- 2 के अंतर से पराजित कर खिताब पर कब्जा जमाया। एकल मुकाबले में अल्मोड़ा के संतोष कुमार ने रामनगर के विनोद सिंह को मात देकर बनाई बढ़त को बरकरार रखते हुए टीम मुकाबले में भी अल्मोड़ा के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर अपने खिताब को बरकरार रखा।

अंतर महाविद्यालयी प्रतियोगिता के बाद नार्थ जोन चैंपियनशिप के लिए कुविवि की टीम का ऐलान कर दिया गया है। संयोजक डॉ. प्रेम प्रकाश के अनुसार लुधियाना (पंजाब) में होने वाली प्रतियोगिता में एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के संतोष कुमार व रोहित, रामनगर के विनोद सिंह व धर्मपाल के अलावा हल्द्वानी के प्रहलाद सरकार कुविवि का प्रतिनिधित्व करेंगे।

नहीं उठा खराब चावल, नोटिस जारी

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आरएफसी को खराब चावल भेजने वाली राइस मिलों से चावल की रिकवरी का नोटिस जारी होने के बाद हल्द्वानी की राइस मिलों ने तो तेजी दिखाई, लेकिन तराई की मिलों ने अभी तक चावल की एक भी खेप आरएफसी को नहीं भेजी है। तराई की इन मिलों से तकरीबन 67,500 क्विटल चावल की रिकवरी की जानी हैं। घटिया चावल भेजने पर आरएफसी की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद राइस मिलें संज्ञान नहीं ले रही हैं।

आरएफसी को हल्द्वानी केंद्र की देवभूमि एग्रो नयागांव, महालक्ष्मी राइस व बोरा राइस मिलें रिकवरी के तौर पर तकरीबन 900 क्िवटल चावल की खेप भेज चुकी हैं। मिलों की ओर से भेजी गई चावल की खेप की सैंपलिंग व जांच के बाद इन्हें मानकों के अनुरूप पाया गया है। सैंपल पास होने के बाद चावल की खेप महात्मा गांधी इंटर कॉलेज रोड स्थित पीडीएस गोदाम भेजी जा रही है। जहां से इसे शहर की सस्ते गल्ले की दुकानों में भेजा जा रहा है। शहर में 90 प्रतिशत चावल राशन की दुकानों में पहुंचाया जा चुका है, लेकिन 20 प्रतिशत दुकानों में अब भी चावल पहुंचाने का काम बाकी है। जैसे-जैसे आरएफसी से पीडीएस गोदाम को जितन ाचावल मिल रहा है उसे दुकानों में भेजा जा रहा है। कमलुवागांजा स्थित स्टेट पूल के गोदाम से पहाड़ के लिए चावल भेजा जाता है, लेकिन अभी तराई की मिलों से चावल की रिकवरी न होने से पूरी सप्लाई नहीं हो पा रही है। सूत्रों की मानें तो अभी तराई की राइस मिलों को नोटिस रिसीव नहीं हुए हैं। इसलिए चावल रिकवरी में देरी हो रही है।

राइस मिलों से शनिवार को 350 क्विटल चावल की खेप स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के मंडी स्थित गोदाम पहुंची। खाद्य विभाग की सेग्रीगेशन कमेटी ने चावल के अलग-अलग 300 कट्टों से परखी के जरिये चावल के सैंपल लिए। मौके पर ही सैंपल की तकनीकी उपकरणों से जांच की गई। चावल में नमी की जांच के लिए भी मशीन का इस्तेमाल किया गया। मानकों के अनुसार चावल में नमी 15 प्रतिशत होनी चाहिए। इससे अधिक नमी का चावल खराब माना जाता है। सैंपल की जांच करने के बाद चावल में ब्रोकन प्रतिशत का आंकलन किया गया, जो 24 और 22.5 प्रतिशत निकला। इसे भी आरएफसी के मानकों के अनुरूप पाया गया। टीम ने सैंपल जांच के बाद चावल सही पाए। सैंपल लेने और जांच की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

मां नन्दा सुनन्दा की सजावट शुरु

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पर्यटक नगरी में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव की आकर्षक छवि को मूर्तरूप देने के लिये हुनरमंद लोग दिन रात जुटे हैं। आमंत्रित कदली (केले के पेड़) के खाम व बांस की खपच्चियों से देवभूमि की आराध्य देवियों की मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मां नंदा देवी मंदिर में रविवार को मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत प्रात: विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजधज कर मंदिर में स्थापित कदली वृक्षों की पूजा-अर्चना की। इसके बाद हुनरमंद व महोत्सव समिति के लोग कदली के खामों व बास की खपच्चियों की मदद से मूर्ति निर्माण में जुटे। महोत्सव समिति अध्यक्ष हरीश लाल साह के अनुसार मूर्ति निर्माण में कड़ी मेहनत व महीन कारीगरी की जरूरत होती है। मूर्तियों का निर्माण व श्रृंगार के लिए दो से तीन दिन का समय लगता है। मूर्त रूप मिलने के बाद ही प्राण प्रतिष्ठा कर मां नंदा व सुनंदा की मूर्तियां मंडप में स्थापित की जाती हैं। मूर्ति निर्माण में वयोवृद्ध कारीगर कमल राम, जगदीश आर्या, समिति सचिव एलएम चंद्रा, किरन लाल साह, भुवन चंद्र साह, भुवन सति, मुकेश साह, कुमुद साह, उमेश साह, संतोष साह व ललित साह आदि सहयोग दे रहे हैं।

सेटिंग गेटिंग के खेल में जुटे दावेदार ,मंदिर समिति दावेदारों ने डाला देहरादून में डेरा

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जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। डीएम की ओर से नाम फारवर्ड होते ही भाजपा से जुड़े दावेदार  नेताओं ने दून में डेरा जमा लिया है। सूत्रों के मुताबिक ये सभी दावेदार अपनी गोटियां फिट करने में जुट गए हैं।
हाई कोर्ट के आदेश पर 28 मई को जिला प्रशासन की ओर से प्रबंधन समिति गठन को विज्ञप्ति जारी की थी। तब कोर्ट के नियमों को ताक पर रखकर भाजपा और कांग्रेस के सात नेताओं ने भी प्रबन्धक और उपाध्यक्ष पद के लिए आवेदन कर दिया था। इनमें एक आवेदक पुजारियों की सूची में भी शामिल था। ह हल्ला मचने पर तत्कालीन डीएम सविन बंसल ने एलआईयू जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरी प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया था। उसके बाद एक जून को कमेटी गठन  को दोबारा विज्ञप्ति जारी हुई थी। इसी दरमियान डीएम का तबादला हो गया था। डीएम तबादला होते ही राजनैतिक दलों से जुड़े उन सभी लोगों ने दोबारा आवेदन कर दिए थे जिन्हें अयोग्य करार दिया गया था। नेताओं की एंट्री के चलते प्रशासन ऊपरी दबाव के चलते बेवस हो गया। सूत्रों के मुताबिक करीब एक माह से ज्यादा समय तक विचार करने के बाद सफेदपोशों के दबाव में आकर दो दिन पूर्व प्रशासन ने नियम विरुद्ध तरीके से प्रबन्धक पद पर 13 जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए तीन लोगों के आवेदन सचिव को फारवर्ड कर दिए। सूत्रों के मुताबिक नाम फारवर्ड होते ही भाजपा से जुड़े अधिकतर दावेदारों ने देहरादून में डेरा डाल दिया है। सभी दावेदार ऊंची पहुंच के बल पर अपनी गोटियां बैठने में जुटे हुए हैं। एक दावेदार एक सप्ताह पूर्व से ही सफेद रंग की स्कोर्पियो गाड़ी से पांच अन्य नेताओं के साथ दून में डेरा डाले हुए है।

इन नेताओं के आवेदन हुए थे निरस्त
-जगदीश भट्ट- भाजपा, प्रदेश में भी पद
-नंदन सिंह नेगी-भाजपा, विहिप
-केशर सिंह-भाजपा
-गिरीश भट्ट, भाजपा, पुजारी
-अम्बा दत्त पांडे- मंडल कोषाध्यक्ष भाजपा
-डूंगर सिंह-जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस
-नागेश पंत-कांग्रेस
-प्रकाश भट्ट-एनएसयूआई
-हरीश भट्ट-यूकेडी

राज्यपाल से गुहार
आवेदकों में भाजपाइयों के जमावड़े से मंदिर के पुजारियों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर राजनीति से जुड़े आवेदकों की दावेदारी निरस्त करवाने की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने झूठे शपथ पत्र पेश करने वाले नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करवाने की भी मांग उठाई है। इसके अलावा झूठे शपथ पत्र के आधार पर तीन साल से प्रबन्धक की कुर्सी पर बैठने वाले प्रकाश भट्ट से रिकवरी की मांग भी उठाई है।