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उत्तराखंड में खुला ऐसा बैंक जिसके हर ताले की चाबी होगी महिला के हाथ में

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उत्तराखंड का पहले महिला संचालित बैंक बुधवार को देहरादून में शुरू हो गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बंजारावाला, देहरादून में पहले महिला जिला सहकारी बैंक की शाखा का उद्घाटन किया। सहकारिता विभाग की “इस पहल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि एक बैंक सिर्फ विशेषरुप से महिलाओं द्वारा संचालित होगा।”  

गौरतलब है कि इस बैंक की सभी कर्मचारी महिलाऐं होंगी। इन बैंकों में सभी पदों पर यानी मैनेजर से लेकर कर्मचारियों तक कमान महिलाओं के हाथों में होगी, ये सभी बैंक राज्य सहकारी बैंक के आधीन होंगे। इस बारे में बताते हुए सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि, ‘राज्यस्तर पर देहरादून और हल्द्वानी में एक-एक महिला बैंक खोला जाएगा। इन बैंकों में सिर्फ महिला स्टाफ ही रहेगा लेकिन खाता कोई भी खुलवा सकेगा।’ महिलाओं को खाता खुलवाने में विशेष मदद व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बैंकों में महिलाओं के लिए अलग से भी योजनाएं चलाई जाएंगी। सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि “सरकार द्वारा 45 करोड़ रुपए सहकारिता के लिये दिए गए हैं। सहकारी बैंकों द्वारा एक लाख तक का ऋण 2 प्रतिशत ब्याज पर प्रदान किए जाएंगे। आर्थिक रुप से कमजोर छात्रों को अच्छी शिक्षा हेतु 8 प्रतिशत ब्याज पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।”

 

डीएवी पीजी में गुरुवार को होगा चुनावी महासंग्राम

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राज्य के सबसे बड़े कॉलेज डीएवी पीजी कॉलेज में चुनावी महासंग्राम अंतिम चरणों में हैं। यहां गुरुवार को मतदान प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। इसके बाद एक सितम्बर को मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों की घोषणा होगी। इस बार चुनाव में तकरीबन 6500 मतदाता कुल 31 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।

छात्र संख्या के लिहाज से राज्य के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज में छात्र संघ का महासंग्राम गुरुवार को होगा। छात्र संघ के विभिन्न पदों के लिए कुल 31 प्रत्याशी मैदान में हैं और इनके भाग्य का फैसला करेंगे 6500 छात्र-छात्राएं। चुनाव के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कॉलेज में गुरुवार को सुबह नौ बजे से मतदान शुरू होगा। दो बजे तक मतदान स्थल में प्रवेश करने वाले सभी छात्रों को मतदान का मौका दिया जाएगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. डीके त्यागी ने जानकारी दी कि मतदान के लिए दो जोन और 20 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से एक जोन और दस बूथ छात्राओं के लिए होंगे, जबकि दूसरे जोन और 10 बूथों पर छात्र मतदान करेंगे। उन्होंने बताया कि मतदान के लिए केवल पहचानपत्रधारी छात्रों को ही अनुमति दी जाएगी। पहचान पत्रों की जांच के लिए प्रवेश द्वार पर ही स्कैनर लगाया जाएगा। आई कार्ड पर बारकोड की जांच के बाद ही छात्र को वोट देने के लिए प्रवेश दिया गया। अगर किसी के पास से फर्जी आई कार्ड मिला तो उसके खिलाफ तुरंत पुलिस में शिकायत की गई। मतदान में किसी भी फर्जीवाड़े को रोकने के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम पुलिस-प्रशासन ने किए हैं।

इन बूथों पर होगा मतदान, छात्राओं के लिए बूथ प्लान
बूथ सं. स्थान मतदाता की कक्षा
बूथ 1— कमरा नं. 1 बीए प्रथम सेमेस्टर
बूथ 2— कमरा नं. 4 बीए प्रथम सेमेस्टर
बूथ 3— कमरा नं. 101 बीए तृतीय व पांचवा सेमेस्टर
बूथ 4— कमरा नं. 102 बीकॉम प्रथम सेमेस्टर
बूथ 5— कमरा नं. 106 बीकॉम प्रथम सेमेस्टर
बूथ 6— कमरा नं. 201 बीकॉम तृतीय
बूथ 7— कमरा नं. 206 बीकॉम पांचवा सेमेस्टर, एमकॉम प्रथम व तृतीय व एलएलबी
बूथ 8— पूरन आश्रम कमरा नं. 1 बीएससी प्रथम(पीसीएम), एमएससी व बीएससी आईटी
बूथ 9— केमिस्ट्री डिपार्टमेंट बीएससी प्रथम(पीएमएस व सीबीजेड) व व्यवसायिक कोर्स
बूथ 10— केमिस्ट्री गैलेरी 1 बीएससी तृतीय व 5वा सेमेस्टर व एमए सभी छात्राएं

छात्रों के लिए बूथ प्लान
बूथ 11— कमरा नं. 20 बीए प्रथम सेमेस्टर
बूथ 12— कमरा नं. 23 बीए प्रथम सेमेस्टर
बूथ 13— कमरा नं. 24 बीए तृतीय व पांचवा सेमेस्टर
बूथ 14— फिजिक्स गैलेरी बीकॉम प्रथम सेमेस्टर
बूथ 15— बोटनी गैलेरी बीकॉम प्रथम सेमेस्टर
बूथ 16— कमरा नं. 11 बीकॉम तृतीय
बूथ 17— कमरा नं. 13 बीकॉम 5वा सेमेस्टर, एमकॉम प्रथम व तृतीय व एलएलबी
बूथ 18— बॉटनी लैब बीएससी प्रथम(पीसीएम), एमएससी व बीएससी आईटी
बूथ 19— साक्लॉजी डिपार्टमेंट बीएससी प्रथम(पीएमएस व सीबीजेड) व व्यवसायिक कोर्स
बूथ 20— स्टाफ रूम बीएससी तृतीय व 5वा सेमेस्टर व एमए सभी छात्राएं

फर्जीवाडा: समाज कल्याण विभाग ने 236 को डबल पेंशन

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समाज कल्याण विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ा होता दिख रहा है। अपर सचिव के निर्देश पर बैठी जांच में 236 लोगों को फर्जी तरीके से दो-दो पेंशन भेजने का खुलासा हुआ है। अपर सचिव ने संदिग्ध पाए गए 1927 लोगों की फिर दोबारा से जांच करने के निर्देश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इनमें से अन्य भी कई लोगों को विभाग दो-दो पेंशन जारी कर रहा था।

अपर सचिव समाज कल्याण ने एक माह पूर्व विभाग के पोर्टल पर 1927 लोग ऐसे देखे थे, जिनके नाम दो-दो बार दर्ज थे और उन्हें विभाग की ओर से दो-दो पेंशन दी जा रही थी। अपर सचिव ने इस संबंध में निदेशक समाज कल्याण, जिला समाज कल्याण अधिकारी व आईटी सेल के प्रभारी को मामले की जांच कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे।
अब जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जांच रिपोर्ट अपर सचिव/आयुक्त निशक्तजन को अपनी रिपोर्ट दी है, जिसमें स्वीकार किया गया है कि इनमें से 236 लोगों को दो-दो पेंशन भेजी जा रही है। आयुक्त निशक्तजन के अनुसार विभाग ने 236 लोगों की डुप्लीकेसी होने की बात तो स्वीकारी है लेकिन बचे हुए पेंशनर्स डुप्लीकेट हैं या नहीं इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। साथ ही आयुक्त को यह ब्यौरा भी उपलब्ध नहीं कराया गया है कि डुप्लीकेट पेंशन के लिए जिम्मेदार जिला समाज कल्याण अधिकारी कौन हैं। आयुक्त ने ये जानकारी भी तलब की है। साथ ही शेष पेंशनर्स की दोबारा जांच कर चार सितंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, जिला समाज कल्याण विभाग ने जहां 236 डुप्लीकेट पेंशनर्स की बात स्वीकारी हैं, वहीं निदेशक की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट में मात्र 153 डुप्लीकेट पेंशनर्स बताए गए हैं। इस स्थिति को साफ करने के लिए भी जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। जांच रिपोर्ट में डुप्लीकेसी सामने आने के बाद आयुक्त ने संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जबकि, विभाग ने नियमावली में मुकदमा दर्ज करने का प्राविधान होने से इन्कार किया है। इस पर आयुक्त ने निशक्त व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 91 का हवाला देते हुए फटकार लगाई है।
इसके अलावा, आयुक्त निशक्तजन उत्तराखंड मनोज चंद्रन ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की जांच में 236 पेंशनर्स के डुप्लीकेट होने का मामला सामने आया है। अभी जांच को समय बढ़ाया गया है, जिससे कि सभी संदिग्ध लोगों को ठीक तरह से जांच हो सके।

कार्ड धारकों को समय से वितरण करें राशन : डीएम

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जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि जिले के समस्त राशन कार्ड धारकों के लिए राज्य खाद्य योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना तथा अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत खाद्यान उपलब्ध हो गया है, जिसे समय से राशन कार्ड धारकों को वितरण किया जाए।

जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने इस सम्बन्ध में जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य को निर्देश देते हुए कहा कि वह राशन कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा व मूल्य का खाद्यान उपलब्ध कराने के लिए जिले के सस्ता गल्ला विक्रेताओ को निर्देशित करना सुनिश्चित करें।
खैरवाल ने बताया कि राज्य खाद्य योजना के तहत कार्ड धारकों को गेहूं पांच किग्रा. प्रति कार्ड 8.60 रुपये प्रति किग्रा की दर से, चावल 10 किग्रा. प्रति कार्ड 15 रुपये प्रति किग्रा की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं दो किग्रा प्रति यूनिट दो रुपये प्रति किग्रा की दर से तथा चावल तीन किग्रा प्रति यूनिट तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। जबकि अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत गेहूं 13.30 किग्रा. प्रति कार्ड दो रुपये प्रति किग्रा की दर से तथा चावल 21.70 किग्रा प्रति कार्ड तीन रुपये प्रति किग्रा दर से उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं, डीएसओ ने राशन कार्ड धारको से कहा कि वह अपने से सम्बन्धित राशन विक्रेता के यहा से निर्धारित मात्रा व मूल्य का राशन प्राप्त कर लें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर दूरभाष न. 78306-05490 अथवा सम्बन्धित एसडीएम व क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक से शिकायत दर्ज कर सकतें हैं। 

स्पर्श गंगा की ब्रांड एंबेस्डर जीका पहुँची ऋषिकेश

गंगा के प्रति लोगों को जगरुख करने और इसकी स्वतच्छता बनाये रखने वाली संस्था स्पर्श गंगा की जापान की ब्रांड एंबेस्डर सुरुचि मिंयाजावा जीका तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुँची जहां उनका स्पर्श गंगा के सदस्यों ने ज़ोरदार स्वागत किया।

ऋषिकेश के शंकराचार्य माधवाश्रम में उन्होंने रुद्राभिषेक पाठ करवाया। मीडिया से बात करते हुए जीका ने बताया कि, “वो यहां माँ गंगा का आशीर्वाद लेने आई है, उनके मन मे गंगा के प्रति बेहद प्रेम है।”

उन्होंने बताया कि स्पर्श गंगा अभियान लगातार गंगा के लिए कसम कर रहा है और गंगा की स्वच्छता के लिए हमारे द्वारा कोई कसर नही छोड़ी जाएगी। जीका ने कहा कि, “ऋषिकेश में आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है यहाँ का वातारवण ही कुछ इस तरह है की गंगा तट पर पहुंचते ही आदमी एक दूसरी दुनिआ में आ जाता है और मेरा सौभाग्य है की मुझे गंगा के लिए काम करने का मौका मिला है।”

बद्रीनाथ में माता मूर्ति उत्सव तीन सितंबर को

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मां और पुत्र का स्नेह सिर्फ जीव में ही नहीं भगवान में भी होता है। बद्रीनाथ में भगवान नारायण अपनी माता मूर्ति से मिलने के लिए जब जाते हैं, तो इस उत्सव को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। भगवान और माता के मिलन के इस दृश्य को माता मूर्ति उत्सव कहा जाता है। इस बार यह उत्सव तीन सितंबर को होगा।

माता मूर्ति उत्सव बामन द्वादशी को मनाया जाता है। माता मूर्ति उत्सव इस बार तीन सितंबर को होगा जिसकी पूरी तैयारियां कर दी गई हैं। इस आशय की जानकारी देते हुए बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि हमेशा की तरह माता मूर्ति उत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा।

‘फिरकी’ फिल्म में अलग भूमिका में नजर आऐंगे दून के सतीश शर्मा

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देहरादून के ‘सुल्तान’ फिल्म में काम कर चुके सतीश शर्मा एक बार फिर अलग तरह के रोल में नजर आऐंगे। जी हां, ‘फिरकी’ फिल्म में सतीश कुछ अलग करते नजर आऐंगे. यह फिल्म एक थ्रिलर है जिसमें नील नितिन मुकेश, संदीपा धर, जैकी श्राॅफ, के.के मेनन, करन सिंह ग्रोवर और सतीश शर्मा है। सतीश शर्मा के पिछली फिल्म ‘विराम’ को जुलाई में कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी स्क्रीन किया गया था। इस फिल्म में सतीश एक साइंटिस्ट की भूमिका अदा कर रहे हैं जो एक फार्मास्यूटिकल कंपनी के ईर्द-गिर्द घूमती है।

‘भिंडी बाजार’ डायरेक्ट के चुके अंकुश भट्ट ही ‘फिरकी’ के डायरेक्टर है अौर इस फिल्म के प्रोड्यूसर स्नो वेल्वेट मीडिया वर्क और श्री राम प्रोड्कशन हैं। इस फिल्म की प्रोड्यूसर स्वीटी वालिया हैं, जो उत्तराखंड के उधमसिंह नगर से नाता रखती हैं। स्वीटी के अनुसार इस फिल्म की सबसे अच्छी बात हैं इसके सारे कैरेक्टरस में ग्रे-शेड हैं, जो इस फिल्म को सफल बनाने के लिए जरुरी था। ‘फिरकी’आने वाले साल में रिलीज होगी।

satish and sweety

न्यूजपोस्ट से हुई बातचीत में सतीश शर्मा ने बताया कि, “मैं अपने इस नए रोल को लेकर बहुत उत्साहित हूं, जिसमें मेरा काम 10-12 दिन का है, यह काफी लंबा रोल है जिसमें मेरे काफी सीन जैकी श्राॅफ के साथ हैं।”

हाल ही में, एचएनएन 24×7 चैनल के  ‘उत्तराखंड की दास्तान’ सीरियल जिसके 52 एपिसोड की शूटिंग चल रहीं हैं जोकि उत्तराखंड के मशहूर लोगों पर आधारित है में सतीश मशरुफ है।’फिरकी’ फिल्म की शूटिंग 40 दिन के शेड्यूल में लंदन में होनी जा रही हैं जोकि 1 सिंतंबर से शुरु हो जाएगी। सतीश अगले हफ्ते लंदन के लिए रवाना हो रहे हैं ।

सीबीआई ने भाजपा के करीबी पर कसा शिकंजा

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भाजपा के एक और करीबी पर सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। देश की एक प्रतिष्ठित संस्था पतंजलि के महामंत्री पर लगभग एक दशक पूर्व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई की टीम ने मंगलवार को हरिद्वार नगर निगम पहुंचकर आचार्य बालकृष्ण के जन्म प्रमाण पत्र की पत्रावली की जांच की। इससे पूर्व में पुलिस द्वारा की गई जांच में पत्रावली निगम दफ्तर से गायब बताकर अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई थी।

आयुर्वेद योग के नाम से पूरी दुनिया में प्रसिद्धी पा चुके आचार्य बालकृष्ण फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में फंस गए थे। आरोप था कि इनका जन्म नेपाल में हुआ था। इन्होंने फर्जी रूप से अपना जन्म हरिद्वार दिखा रखा है। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। नगर निगम के दफ्तर से जन्म प्रमाण की फाइल गायब हो जाने के बाद जांच अधर में लटक गयी थी। पुुलिस ने जांच कर एफआर लगा दी थी, जबकि इनका जन्म स्थान नेपाल में होने का दावा करने वाले ने पासपोर्ट में गलत जन्म स्थान देने की शिकायत की थी। पूरे मामले में जांच सीबीआई टीम को सौंपी गयी थी।

दरअसल पासपोर्ट में जन्म स्थान को गलत दर्शाने के बाद किसी ने पासपोर्ट बनाने में धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी। सीबीआई टीम सोमवार को अचानक नगर निगम पहुँच गई और अधिकारियों व बाबुओं से पूछताछ करने के बाद टीम लौट गयी। सीबीआई टीम के तीर्थनगरी में आकर एक दशक पुराने मामले की जांच करने फिर शुरू करने से हड़कम्प मच गया है। वहीं दबी जवान में लोगों का कहना है कि कही अगला नम्बर इन्ही का तो नहीं।

इको फ्रेंडली का संदेश दे रही कोमल सुखीजा

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कनखल निवासी कोमल सुखीजा भगवान गणेश की प्रतिमाओं को कागज व गत्ते से तैयार कर इको फ्रेंडली का संदेश दे रही है। कोमल सुखीजा अपने हाथों से प्राकृतिक रंगों से तैयार गणेश प्रतिमाओं को बनाकर लोगों को इको फ्रेंडली के प्रति जनजागरूक कर रही है। पिछले कई वर्षो से हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए मिट्टी व कागज की भव्य प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।

कोमल सुखीजा ने बताया कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन बड़े पैमाने पर मां गंगा में किया जाता है, ऐसे में हमें गंगा के प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए इको फ्रेंडली प्रतिमाओं का विसर्जन गंगा में करना चाहिए। जिससे गंगा में किसी भी प्रकार का प्रदूषण ना होको स्वच्छ निर्मल रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।
वहीं, भाजपा मण्डल महामंत्री दीपकनाथ गोस्वामी ने कहा कि प्लास्टर आॅफ पेरिस की प्रतिमाओं की जगह इको फ्रेंडली मूर्ति का विसर्जन किया जाए। उन्होंने कहा कि कई कारीगर मूर्ति को बनाने के लिए केमिकल एवं ऐसे पदार्थो का इस्तेमाल करते हैं, जिससे गंगा के प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि गंगा के प्रदूषण को समाप्त करने में सभी की सहभागिता जरूरी है।

जमीन पर नहीं उतर पाए वाॅटर एटीएम

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कांग्रेसी सरकार में लोगों को दिखाया गया दून के सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम लगाने का सपना अधर में लटकता दिख रहा है। नई सरकार बनते ही उक्त प्रस्ताव डंप कर दिया गया, जिससे लोगों के साथ दून आने-जाने वाले राहगीरों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही।

दरअसल, दून के सार्वजनिक स्थलों जैसे आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, घंटाघर आदि तमाम जगहों पर पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों को या तो दिक्कतों का सामना करना पड़ता है या फिर 20 से 30 रुपये में पानी की बोतल खरीदकर पानी पीना पड़ता है। लोगों व राहगीरों की इस समस्या का समाधान करने के लिए पिछले साल जल संस्थान व एक निजी कंपनी के साथ मिलकर सरकार ने दून के सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम लगाने की तैयारी की।
वहीं, बाकायदा तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर वाटर एटीएम का लोकार्पण भी किया था। उस समय कहा गया था कि अगले एक से दो महीने में सभी स्थानों पर लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। जहां लोगों को इन एटीएम पर एक रुपये में एक लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध होगा लेकिन घोषणा के बाद योजना पर कोई काम नहीं हुआ और योजना डंप होती चली गई। हालांकि दून के अलावा कुछ शहरों में वाटर एटीएम जरूर लगाए गए लेकिन वहां भी देखरेख के अभाव में कुछ दिन बाद ही वह डंप हो गए। जबकि दून में जैसे ही नई सरकार सत्ता में आई है, तब से योजना कागजों में धूल फांक रही है।
वहीं, जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता ने बताया कि सरकार एक निजी कंपनी के साथ मिलकर वाटर एटीएम लगाने की तैयारी कर रही थी। इसमें जल संस्थान से मात्र सहयोग लिया गया था लेकिन फिलहाल जल संस्थान के पास ऐसा कोई निर्देश नहीं है।