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इनामी बदमाश तेजेन्द्र उर्फ सीटू आईएसबीटी से गिरफ्तार

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तीन साल से फरार चल रहे अपहरण, लूट, हत्या के इनामी बदमाश को पुलिस ने शुक्रवार को देहरादून आईएसबीटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी के अन्य साथी अपहरण, लूट, हत्या के मामले में पहले से ही जेल में सजा काट रहे हैं। आरोपी तेजेन्द्र उर्फ सीटू पर हिसार के रहने वाले नितेश का अपहरण, लूटपाट कर हत्या करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2014 को थाना सहसपुर में हिसार हरियाणा के रहने वाले अशोक कुमार ने अपने भतीजे नितेश का अपहरण, लूटपाट कर हत्या कर शव कार में छोड़ने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के बीच आरोपी सोनू स्योरान उर्फ गजनी, अनूप कुमार, पियूष शर्मा उर्फ पण्डित, आकाशदीप उर्फ कालिया निवासीगण हिसार हरियाणा और गोपाल निवासी नेपाल को गिरफ्तार किया गया। जिनको कोर्ट ने जेल भेज दिया।
आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उनके साथ घटना में एक अन्य आरोपी तेजेन्द्र सिंह उर्फ सीटू निवासी जिला हिसार हरियाणा भी सम्मिलित था, जो कि घटना के बाद से ही फरार है। आरोपी तेजेन्द्र उर्फ सीटू की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर दबिश दी लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आया। जिसके बाद आरोपी पर पांच हजार का इनाम घोषित किया गया।
एसएसपी ने वर्तमान में चलाए जा रहे इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान में एसपी देहात और सीओ विकासनगर के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने ईनामी अपराधियों को लेकर यूपी, दिल्ली, हरियाणा, हिमांचल आदि राज्यों में जाकर दबिश दी। जिसमें पुलिस को तेजेन्द्र उर्फ सीटू का दिल्ली, हरियाणा में होने की जानकारी मिली। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी तेजेन्द्र उर्फ सीटू को आईएसबीटी देहरादून के पास से गिरफ्तार कर लिया।

मेयर-डीएम विवाद ने एक बार फिर नेता-अफसरशाही के रिश्तों की दरार को खोला

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देहरादून के मेयर और विधायक विनोद चमोली से पिछले दिनों दून के डीएम एस मुर्गेशन से हुई सार्वजनिक बहस ने एक बार फिर नेताओं और अफसरशाही के बीच सालों से चले आ रहे तल्ख रिश्तों को जग जाहिर कर दिया है। दरअसल मामला बुधवार का है जब अपने क्षेत्र में एक शराब की दुकान पर तालाबंदी कराने के लिये मेयर ने कलक्टरेट पर धरना दिया और डीएम से मिलने की मांग की। मामला तब उलझ गया जब डीएम करीब दो घंटे बाद मेयर से मिलने पहुंचे। इसके चलते मेयर चमोली की डीएम से बहस बाजी हो गई। हांलाकि डीएम का कहना था कि वो पहले से ही विभागीय मीटिंग में व्यस्त होने के कारण समय नहीं दे पाये।

लेकिन डीएम की सफाई का मेयर पर कोई असर नहीं पड़ा और उन्होने इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से कर डाली और मुख्यमंत्री पर डीएम से सार्वजनिक मापी मांगने का दबाव डाला। इस पूरी घटना का एक वीडियो बी सामने आया है जिसमे मेयर चमोली फोन पर अपना गुस्सा जाहिर करते देखे जा सकते हैं। हांलाकि वीडियो में मेयर द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा के कारण उनकी भी खिंचाई हो रही है।

दरअसल राज्य बनने के बाद से ही प्रदेश में अधिकारियों और राजनेताओं के रिश्तों में तल्खी सी रही है। लंबे समय से राज्य के मंत्री, विधायक नेता आदि अधिकारियों पर उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाते रहे हैं। वर्तमान सरकार की बात करें तो पिछले कुछ महीनों में सतपाल माहराज, रेखा आर्या और बीजेपी के कई विधायकों ने अधिकारियों के बरताव के बारे में शिकायत करते रहे हैं।

वहीं इस मामले पर प्रोफेसर गणेश सैली ने कहा कि “जिस तरह का रवैया राजनितिज्ञ और ब्यूरोक्रेट्स इस्तेमाल कर रहें उससे राज्य का नुकसान ही होगा। राज्य के विकास में दोनोें को ही समझ-बूझ कर काम करना चाहिए तभी हम प्रगति पर होंगे।इस तरह का रवैया एक बात का परिचय देता है कि आजकल के नेताओं और अफसरों का ईगो पहाड़ों से भी ऊचा है।इनको अपना अहम घर पर छोड़ कर राज्य की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए।”

इस मामले ने कांग्रेस को भी बीजेपी को घेरने का मौका दे दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है कि ”जब बीजेपी के नेता और दूसरे विभाग के आॅफिसर के बीच तना-तनी हुई है।इससे पहले बीजेपी के नेता ने हेलीकाॅप्टर ना मिलने की शिकायत की थी।इसके अलावा बीजेपी के ही एक विधायक ने धमकी दी थी कि अगर उनके क्षेत्र में शराब की दुकाने नहीं बंद हुई तो वह सुसाईड कर लेंगे और एक जगह तो बीजेपी के नेता ने अपने क्षेत्र में शराब की दुकानें बिना किसी आॅर्डर के बंद ही कर दी थी।ये उचित नहीं है,लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं,बीजेपी के जो विधायक और जो दूसरे लोग हैं उन पर अंकुश लगाना चाहिए  और अगर जल्द ही उनपर अंकुश नहीं लगाया तो यह प्रदेश के लिए घातक होगा”।

फिल्म ‘द रैली’ में दिखेगा हिमालय की वादियों का रोमांच

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निर्देशक, लेखक दीपक आनंद की एक्शन से भरपूर फिल्म है ‘द रैली’। नई दिल्ली के पीवीआर प्लाजा में फिल्म ‘द रैली’ के प्रमोशन पर पहुंचे निर्देशक दीपक आनंद, प्रमुख अभिनेता मिर्जा, अभिनेत्री अरशिन मेहता और निर्माता रोहित कुमार, जिन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के खास अनुभवों को लेकर बातचीत की।

दीपक आनंद ने बताया कि हमारी फिल्म ‘द रैली’ बहुत ही शानदार फिल्म है, जिसको हमने मनाली, रोहतांग के आसपास के इलाकों में फिल्माया है। इसके लिए हमने हिमालय घाटी के सभी रास्तों को कवर किया। इसलिए हम कह सकते हैं, कि यह पहली हिमालय की वादियों में बनी अद्भुत फिल्म है। फिल्म की कहानी लव स्टोरी पर आधारित है। इसमें आपको हिमालय की वादियों के खूबसूरत दृश्यों को देखने का आनंद मिलेगा।

दूसरी तरफ, प्रमुख अभिनेता मिर्जा ने भी अपने अभिनय की शुरुआत के अनुभवों को साझा किया| उन्होंने कहा, ‘यह मेरी पहली फिल्म है| मेरे पास ऐसा कोई खास अनुभव नहीं है| मैं सिर्फ एक कार्यशाला में लिप्त हूं। जब मैं दीपक सर से मिला, तो मुझे बहुत अच्छा लगा। तब मुझे यह एक सपना लगा, लेकिन अब यह सपना एक सच में बदल गया। मिर्जा ने कहा कि बचपन से ही मेरे अंदर अभिनय करने का मेरा सपना था। अभिनेत्री अरशिन ने उत्साहित होते हुए दीपक और मिर्जा के साथ काम करने को लेकर सकारात्मक विचार साझा किए और फिल्म के लिए सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं सभी की आभारी हूं।

फिल्म ‘द रैली’ की कहानी एक युवा व्यक्ति, कमलापति डोगरा के आसपास घूमती है। जो हिमालय रैली में भाग लेने के अपने सपने को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। भले ही इसके लिए उसे लोगों से धोखाधड़ी और उनको पीड़ित ही क्यों न करने पड़े। कमलापति के अनैतिक तरीके का शिकार एक बुलबुला होता है, जिसे वह एक सौदेबाजी में अपने लाभ के लिए धोखा देता है। कमलापति रैली में भाग लेते हैं और अपने तरीके से सुधार करते हैं और अपने प्रेमी को वापस पाने के लिए हर जरूरी प्रयास करते हैं। यह फिल्म दिल और मन के बीच के रिश्ते पर एक खोज है। अब सवाल यह है कि कौन जीता है और कौन हार जाता है।

निर्देशक आनंद ने बताया कि फिल्म के गानों में-मैं जो न देखूं तुझे, नईयो जीना और तेरी बहन दी कुर्ती’ दर्शकों का खासे पसंद आएंगे। एक्सपीस स्टडीज के बैनर के अंतर्गत प्रदर्शित रैली को 8 सितंबर 2017 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

बालीवुड में भाई भतीजावाद पर करीना कपूर का नजरिया

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पिछले 60 सालों में बालीवुड से जुड़े कपूर परिवार की चौथी पीढ़ी की करीना कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में भाई भतीजावाद के मुद्दे पर अपना नजरिया सामने रखते हुए कहा कि वे इसे स्वीकार नहीं करतीं। ये मुद्दा पिछले साल उस वक्त चर्चा में आया था, जब करण जौहर के शो काफी विद करण में हिस्सा लेने आई कंगना ने शो के दौरान करण पर मूवी माफिया होने का आरोप लगाते हुए उनको फिल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद का प्रतीक बताया था, क्योंकि करण स्टार परिवारों के बच्चों के साथ काम करते हैं।

इसी मुद्दे पर बाद में कंगना और करण जौहर के बीच आरोप-प्रत्यारोप की भिड़ंत हुई, जिसका असर अब भी जारी है। करीना ने कंगना का नाम लेकर कहा कि अगर हमारी इंडस्ट्री में आलिया भट्ट (महेश भट्ट की बेटी) स्टार बनीं, तो कंगना को भी स्टार का दर्जा मिला। करीना ने कहा कि अगर रणबीर कपूर (उनके कजिन) स्टार बने, तो रणबीर सिंह (जिनका फिल्मी परिवारों से कोई कनेक्शन नहीं है) वे भी स्टार बने। करीना ने इसी सीरिज मे इरफान और मनोज वाजपेयी का भी उल्लेख किया और कहा कि वे सफलता और लोकपियता में किसी से कम नहीं है।

करीना कपूर का मानना है कि निजी कारणों से इस मुद्दे को हवा दे दी जाती है, जो ज्यादा दिन तक नहीं चल पाती। करीना ने कहा कि किसी परिवार से होने की वजह से किसी को मौका तो मिल सकता है, लेकिन सफलता तब ही मिलती है, जब वो इसका हकदार होता है। करीना ने कहा कि वे लिस्ट गिना सकती हैं, जिसमें फिल्मी परिवारों से आए उन बच्चों के नाम हैं, जिनको फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों ने खारिज कर दिया, तो सबने इस फैसले को स्वीकार किया।

करीना ने कहा कि ऐसा माहौल बनाने की कोशिश गलत है कि हमारी इंडस्ट्री में ही ऐसा होता होगा। उन्होंने कहा कि हर फील्ड में परिवार के बच्चे अगर विरासत संभालने के लिए आगे आते हैं, तो इसे अच्छा माना जाता है, तो फिर हमारी इंडस्ट्री के साथ अलग से सलूक कैसे किया जा सकता है। करीना का कहना है कि किसी को किसी का रिश्तेदार होने की वजह से मौका न मिले, वे इसे भी सही नहीं मानतीं, क्योंकि ये उनकी च्वाइस नहीं होती कि वे किस परिवार में जन्मे हैं। उनका कहना था कि आखिरकार आपकी मेहनत और प्रतिभा की जीत होती है, जिसे किसी भाई-भतीजावाद से जोड़कर देखने से इसका अपमान होगा। 

कंगना के आरोपों पर रितिक व राकेश रोशन कुछ नहीं कहेंगे

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राकेश रोशन के जन्मदिन के मौके पर दी गई पार्टी में मीडिया का एक हिस्सा इस उम्मीद के साथ पहुंचा था कि कंगना को लेकर रोशन पिता-पुत्र कुछ कमेंट करेंगे, लेकिन न तो राकेश रोशन ने कुछ कहा और न ही रितिक रोशन कुछ बोले, जो कंगना के निशाने पर रहे हैं।

रितिक रोशन की मीडिया टीम की ओर से भी ये साफ कर दिया गया है कि फिलहाल इस मुद्दे पर रितिक रोशन और उनके पापा कुछ कमेंट नहीं करना चाहते। टीम के मुताबिक, वकीलों की टीम इस पूरे मामले को देख रही है और आगे की कार्रवाई के लिए वकीलों की टीम के साथ विचार के बाद ही कोई फैसला होगा।

टीम का ये भी कहना है कि उन दोनों का फोकस इस वक्त जल्दी ही शुरू होने जा रही ‘कृष 4’ पर केंद्रित है, जिसकी शूटिंग जल्दी ही अमेरिका में होने वाली है। रोशन पिता-पुत्र पर तीखा हमला करते हुए कंगना ने दोनों से इस बात के लिए माफी मांगने को कहा है कि उन दोनों की वजह से कंगना को मानसिक शोषण का शिकार होना पड़ा। कंगना ने दोनों पर उनको धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वजह से वे बहुत परेशान रही हैं।

कंगना ने राकेश रोशन द्वारा कंगना की पोल खोलने की बात को लेकर चैलेंज करते हुए कहा कि या तो वे ऐसा करें या अपने बेटे के साथ उनको परेशान करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। कंगना का दावा है कि 2013-14 तक वे रितिक के साथ अफेयर में थीं, लेकिन बाद में रितिक पलट गए और उनके निजी मेल, फोटो तथा वीडियो तक लीक किए गए।

पीएम मोदी के ”मन की बात” के लिए बीजेपी खरीदेगा 200 रेडियो

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उत्तराखंड की बीजेपी सरकार अब रेडियो खरीद रही है।आपको बतादें कि राज्य सरकार लगभग 200 रेडियो सेट खरीदने वाली है। जिससे पार्टी कार्यकर्ता जिला स्तर पर पीएम मोदी के कार्यक्रम मन की बात बिना किसी रुकावट के सुन सकें।

भाजपा के एक कार्यकर्ता ने बताया कि ”इन रेडियो को खरीदने की जरुरत तब पड़ी जब कुछ पार्टी के लोगों ने शिकायत की उन्हें पीएम मोदी का कार्यक्रम ”मन की बात” सुनने में कठिनाई हो रही है”।उन्होंने शिकायत की वह रेडियो उपलब्ध ना होने की वजह से ‘मन की बात’ नहीं सुन पा रहे।गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह कार्यक्रम ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित किया जाता है।

बीजेपी ने यह निर्णय लिया है कि सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए पीएम मोदी का कार्यक्रम सुनना आवश्यक होगा ताकि वह पीएम मोदी द्वारा हो रहे देश में हो नई पहल के साथ ही प्रधानमंत्री के नजरिए को समझ सकें।पार्टी ने निर्णय लिया है कि अगले महीने तक वह रेडियो सेट खरीद कर जिला स्तर पर काम करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को दिया जा सकें।

बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट अजय भट्ट ने कहा कि ”एक प्रपोजल पार्टी के सदस्यों से आया है कि रेडियों उपलब्ध कराया जाए जिससे वह सभी बूथों पर ऑल इंडिया रेडियो का कार्यक्रम सुन सकें।पार्टी इस काम के लिए रेडियो खरीदने वाली है”।

हालांकि पार्टी के कुछ सदस्य इस आइडिया के खिलाफ है। एक पार्टी नेता का कहना हैं कि ”रेडियो खरीदने की ज्यादा जरुरत नहीं हैं वो भी तब जब लगभग सभी कार्यकर्ताओं के पास स्मार्टफोन है।रेडियो खरीदने से बेहतर विकल्प हैं कि सभी कार्यकर्ताओं को मोबाईल एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाए जिससे हर कोई कार्यक्रम को सुन सकें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुना सकें”।

संघ प्रमुख मोहन भागवत 11 को आएंगे हरिद्वार

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंंघचालक मोहन भागवत 11 सितम्बर को हरिद्वार में आयोजित ”संत स्वाधयाय संगम” सम्मेलन में भाग लेने के लिए आएंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने बताया कि भारतीय संस्कृति की दिव्यताओं पर चिंतन एवं विश्लेषण के लक्ष्य से ”संत स्वाधयाय संगम” नाम से यह संत सम्मेलन कार्यक्रम सात सितम्बर से शुरू है जिसका समापन 11 सितम्बर को होगा। इस सम्मेलन में देश भर के संत भाग ले रहे है। इसी कार्यक्रम में सरसंघचालक जी का एक एकदिवसीय प्रवास के तहत हरिद्वार 11 सितम्बर को शताब्दी एक्सप्रेस से सुबह 11 बजे आएंगे और शताब्दी से ही फिर वापस लौट जाएंगे।

संघ प्रमुख के आगमन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और संघ के वरिष्ठ अधिकारियों के एक अलग से सरकार के कार्यो को लेकर बैठक की चर्चा है। हालांकि संघ की ओर से ऐसी बातों खारिज किया जा रहा है।

नेपाल से लौट रहे दो भारतीयों पर फायरिंग, घायल

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नेपाल के महेंद्र नगर से बनबसा लौट रहे दो भारतीयों पर नेपाली युवकों ने तमंचे से फायर कर दिया। छर्रे लगने से दोनों घायल हो गए। कंचनपुर जिले की जिम्मुवा चौकी पुलिस ने दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक तमंचा और चाकू बरामद हुए। पीडि़तों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

एसओ रघुनाथ भट्ट ने बताया कि गुरुवार रात्रि करीब नौ बजे जगत सिंह चौहान पुत्र स्व. रज्जू सिंह चौहान, निवासी कैनाल कालोनी बनबसा और चंद्र किशोर भंडारी पुत्र स्व. राम सिंह भंडारी, निवासी चंदनी मोटरसाइकिल से महेंद्र नगर से बनबसा लौट रहे थे। इस बीच महेंद्र नगर से ही मोटरसाइकिल पर सवार करन भंडारी निवासी ग्राम मटैना, वार्ड नौ, जिला कंचनपुर और विक्रम नाथ निवासी ग्राम तुमड़ैन, वार्ड नौ, जिला कंचनपुर ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। खतरा भांप जगत और चंद्र किशोर ने बाइक नहीं रोकी तो लुटेरों ने उन पर तमंचे से फायर झोंक दिया। जगत के हाथ जबकि चंद्र किशोर की पीठ में छर्रे लगे।

दोनों आरोपी गिरफ्तार
लहूलुहान दोनों युवक किसी प्रकार गड्डा चौकी थाने पहुंचे और एसओ रघुनाथ भट्ट को घटना की जानकारी दी। भट्ट ने इसकी सूचना कंचनपुर जिले के एसपी प्रकाश चंद को दी। एसपी ने घटना की गंभीरता को भांपते हुए जिले के सभी थानों और चौकियों को अलर्ट कर दिया और लुटेरों को हर हाल में गिरफ्तार करने का आदेश दिया। रात करीब 11 बजे जिम्मुवा चौकी की पुलिस ने दोनों आरोपियों को वार्ड 10 से गिरफ्तार कर लिया। एसपी प्रकाश चंद ने बताया कि वारदात के बाद दोनों जिम्मुवा की तरफ भाग निकले थे। घायलों ने खटीमा के एक प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज करवाया।

ओवर लोर्डिंग पर हाईकोर्ट हुआ सख्त

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हाई कोर्ट ने राज्य की सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों में ओवरलोडिंग व यातायात नियमों का अनुपालन नहीं होने को गंभीरता से लिया है। साथ ही सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सड़कों पर नियमों के अनुसार वाहनों का संचालन किया जाए।

अधिवक्ता अमर शुक्ला ने याचिका दायर कर कहा था कि राज्य की सड़कों पर ओवरलोडिंग की वजह से  हादसे हो रहे हैं। सरकार द्वारा वाहनों की चेकिंग नहीं की जाती है। दूसरे राज्यों की बसें बिना परमिट के दौड़ रहीं हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा ने याचिका को निस्तारित करते हुए सरकार को दिशा-निर्देश जारी किए।

अदालत ने सड़क हादसों का संज्ञान लेते हुए सभी संभागीय व उपसंभागीय परिवहन अधिकारी, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से मोटर एक्ट की धारा-66, 86 व 88 का अनुपालन सुनिश्चित करने व वाहनों की चेकिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य सरकार से यह देखने को कहा है कि दूसरे राज्यों की बसें बिना पारस्परिक व्यवस्था के तो नहीं आ रही हैं। स्कूल वाहन, प्राइवेट बसों की चेकिंग करने ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस प्रमुखों को जवाबदेह बनाया है। कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया है।

कर्ज में दबे किसान की हार्टअटैक से मौत

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कर्ज चुकाने के लिए बैंक की कॉल के बाद एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि भारतीय स्टेट बैंक के एक कर्मचारी के फोन के बाद उन्हें अटैक पड़ा। किसान पर तीन अलग-अलग बैंकों का लगभग 13 लाख रुपये बकाया है और उन पर कर्ज चुकाने के लिए बैंक दबाव बना रहा था। इसी के साथ बीते तीन माह में प्रदेश में अब तक कर्ज के बोझ से दबे मरने वाले किसानों का आंकड़ा सात पहुंच गया है।

चंदेली नागवांठग्गू निवासी राधाकृष्ण (65) के परिवार की आजीविका पांच एकड़ जमीन से चलती है। राधाकृष्ण के पोते रवींद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को दोपहर लगभग पौने तीन बजे एसबीआई खटीमा शाखा से उसके दादा के मोबाइल पर कॉल आई। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक कर्मी ने ऋण जमा करने के लिए दबाव बनाया। साथ ही जल्द अदायगी न करने पर कुर्की की चेतावनी दी। इससे वह सदमे में आ गए। इसके बाद वह परिजनों के साथ दवा लेने अस्पताल आए जहां उन्हें अटैक पड़ गया। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर कोतवाल केसी भट्ट एवं राजस्व उप निरीक्षक मोइद्दीन ने बैंकों के ऋण की जानकारी ली। किसान राधाकृष्ण पर ऊधम सिंह नगर डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक, झनकट ने सात लाख पांच हजार 447 रुपये जबकि खटीमा कोऑपरेटिव बैंक ने 6623 रुपये की आरसी काट रखी है। राजस्व विभाग के वसूली बाबू नवीन जोशी ने बताया कि ये आरसी एक साल पूर्व काटी गई है। किसान ने फसल की रकम मिलने के बाद ऋण जमा करने की बात कही थी। राधाकृष्ण के पोते रवींद्र ने बताया कि एसबीआई शाखा खटीमा से पांच लाख रुपये का लोन है।