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बहनोई अतुल की नई फिल्म में काम करेंगे सलमान खान

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सलमान खान एक तरफ अपने छोटे बहनोई आयुष शर्मा को बॉलीवुड में बतौर हीरो लॉन्च करने जा रहे हैं, जिसको लेकर तैयारियां चल रही हैं। दूसरी ओर, अब खबर आ रही है कि सलमान अपने बड़े बहनोई अतुल अग्निहोत्री (उनकी बहन अल्वीरा के पति) की नई फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गए हैं।

अतुल अग्निहोत्री के प्रोडक्शन में बनने वाली ये फिल्म एक कोरियाई फिल्म का रीमेक होगी, जिसके लिए अधिकारिक रूप से अधिकार खरीदे गए हैं। इस फिल्म का टाइटल ‘ओह माई फादर’ बताया जाता है। इसके हिन्दी रीमेक को 1947 के भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के बैकड्रॉप पर बनाया जाएगा। इसकी कहानी पर काम शुरू होने जा रहा है और अनुमानित तौर पर कहा जा रहा है कि इसे अगले साल जनवरी तक शुरू किया जाएगा।

सलमान इन दिनों यशराज की फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ को पूरा करने में बिजी हैं। इसके बाद वे टिप्स की फिल्म ‘रेस 3’ शुरू करने जा रहे हैं। इसके बाद वे अरबाज खान की फिल्म ‘दबंग 3’ शुरू करेंगे। अतुल अग्निहोत्री के बैनर में बनी ‘बॉडीगार्ड’ और ‘हैलो’ फिल्मों में सलमान खान काम कर चुके हैं। साउथ के निर्देशक सिद्दीकी के निर्देशन में बनी ‘बॉडीगार्ड’ में सलमान के साथ करीना कपूर की जोड़ी थी। ‘हैलो’ का निर्देशन अतुल ने खुद किया था और इसमें सलमान ने मेहमान भूमिका निभाई थी। 

हिमालय दिवस पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने दिया धरना

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हिमालय दिवस पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने दिया धरना उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने शनिवार को परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर हिमालय दिवस के अवसर पर हिमालय के संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण, विस्थापन व बड़े-बड़े बांधों के दुष्प्रभाव को केंद्रित करते हुए एक दिवसीय धरना दिया।
इस अवसर पर पार्टी के प्रधान महासचिव एपी जुयाल ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार हिमालय दिवस के नाम पर शपथ दिलवा कर पूरे जनमानस को हिमालय बचाने को प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी ओर हिमालय व हिमालय वासियों को डुबाने और विस्थापित करने के लिए बड़े-बड़े बांधों के निर्माण करा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रस्तावित 556 बांधों के चलते लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा। लाखों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो जाएगी तथा प्राकृतिक जड़ी-बूटियां खनिज संपदा, वन संपदा नष्ट हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की डीपीआर बनाते समय परियोजनाओं से होने वाले लाभ का आकलन किया गया, हानि का नहीं। जबकि बिजली उत्पादन से होने वाले लाभ से कहीं अधिक वन संपदा, कृषि भूमि, जड़ी-बूटियां अन्य खनिज पदार्थों के हमेशा के लिए लुप्त हो जाने का खतरा है। इसका जरा भी संज्ञान नहीं लिया गया है।
धरने को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकार्ता ईडी नौटियाल ने कहा कि टिहरी बांध हमारे सामने उदाहरण है, जो अपने प्रस्तावित लागत व निर्माण की प्रस्तावित अवधि से कई गुना अधिक लागत व समय ले गया। इसके बावजूद अनुमानित उत्पाद से आधी भी बिजली प्राप्त नहीं हो रही है। ऊर्जा प्रदेश होने के बावजूद आज भी बाहर से बिजली खरीदी जा रही है।
नारायण सिंह रावत ने कहा कि पहले ही टिहरी से विस्थापित किए हुए लोगों को पुनर्वास की समस्या का सही व पूर्ण रूप से निदान नहीं हो पाया है अब कुमांऊ के लोगों को विस्थापित करने का कुटिल षड्यंत्र रचा जा रहा है। इस दौरान कुलदीप मघवाल ने कहा कि सरकार केवल अपनी हठधर्मिता के चलते जन भावनाओं की उपेक्षा कर रही है।
इस दौरान युद्ध राज त्यागी ने कहा उत्तराखंड की जनता जान चुकी है कि बड़े-बड़े पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाने की नियत से ही भाजपा सरकार जबरन उत्तराखंड में बड़े-बड़े बांधों का निर्माण करने जा रही है। उन्होंने कहा कि जन भावनाओं की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार हठधर्मिता छोड़ हिमालय दिवस पर हिमालय को डूबने की प्रक्रिया को वापस ले। अन्यथा आंदोलन एक मात्र विकल्प होगा। इसके अतिरिक्त धरने पर ज्ञानवीर त्यागी, राज कुमार त्यागी, राजेश मौर्य, सत्यवीर जगदीश सिंह आदि लोगों ने अपने विचार रखे।

बिजली चोरी रोकने के लिए उत्तराखंड अपनाएगा यूपी का फार्मूला

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सारे पैतरे अपनाने के बाद उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) बिजली चोरी रोकने के लिए उत्तर प्रदेश का फार्मुला अपनाएगा। साथ ही यूपीसीएल की सतर्कता इकाई यानी विजीलेंस विंग की मॉनिटरिंग आइजी स्तर के अधिकारी करेंगे। विजीलेंस को मजबूत बनाने के लिए 12 पुरुष व चार महिला कांस्टेबलों की भी नियुक्ति की जाएगी। यह निर्देश सचिव ऊर्जा ने यूपीसीएल प्रबंधन को दिए हैं और प्रबंधन ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है।

दरअसल, यूपीसीएल का लाइन लॉस 17.25 फीसद है, जबकि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) का लाइन लॉस 35 फीसद से ज्यादा। लॉइन में अधिकांश हिस्सा बिजली चोरी का होता है और कुछ तकनीकी। वहीं, उत्तराखंड की बिजली मांग जहां 12 हजार मिलियन यूनिट से ज्यादा है तो उत्तर प्रदेश की बिजली मांग करीब एक लाख मिलियन यूनिट है। ऐसे में सचिव ऊर्जा का मानना है कि उत्तर प्रदेश में शायद बिजली चोरी पर लगाम कसने के लिए किसी बेहतर प्लान का इस्तेमाल किया जा रहा हो।

यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश की दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा से बात हो गई है। वह विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराएंगे कि उनके यहां बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए किसी प्लान पर काम किया जा रहा है। जल्द ही एक टीम पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के मेरठ स्थित मुख्यालय में भेजी जाएगी।

उत्तर प्रदेश की अन्य दोनों बिजली वितरण कंपनियों से भी इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। साथ ही यूपीसीएल अन्य राज्यों की उन बिजली वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी जुटाएगा, जहां लाइन लॉस सबसे कम है। इसके बाद एक प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी।

सचिव ऊर्जा ने हर जोन में सतर्कता इकाई की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता को देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि मुख्यालय स्तर पर भी मुख्य अभियंता स्तर का अधिकारी मॉनिटरिंग करे। प्रदेश में यूपीसीएल के चार जोन हैं।

 प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि सतर्कता इकाई को मजबूत करने के लिए इसका पुनर्गठन किया जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे आगामी निदेशक मंडल की बैठक से पास कराने के बाद शासन को प्रेषित किया जाएगा। दरअसल, 2003 में यूपीसीएल निदेशक मंडल की बैठक से प्रस्ताव पास हुआ था, जिसमें डीआइजी स्तर पर मॉनिटरिंग की बात थी। लेकिन, यह प्रस्ताव धरातल पर नहीं आ सका।

 वर्तमान में सालाना 2205 मिलियन यूनिट बिजली लाइन लॉस के रूप में बर्बाद हो रही है। इस तरह निगम को करीब छह अरब रुपये का झटका लग रहा है।

खत्म हुई इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा

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18वें जत्थे के उत्तराखंड के लीपूलेख पास से होते हुए गूंजी वापस आने के साथ साथ 2017 की कैलाश मानसरोवर यात्रा भी समाप्त हो गई। यात्रा से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस साल 24 राज्यों के 919 श्रद्धालुओं ने कुमाऊं की तरफ से इस तीर्थ यात्रा में हिस्सा लिया। ये संख्या 1981 में इस तरफ से रास्ते की शुरुआत होने के बाद से अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है।

शनिवार को आकिरी जत्था जिसमें 33 श्रद्धालू हैं उन्हें जिनमें नौ महिलाऐं भी हैं उन्हें धारचूला ले जाया गया। इस दल में शुरूआत में 34 लोग थे पर एक यात्री को टोटिल होने के कराण यात्रा को आदे में ही छोड़ के वापस आना पड़ा। जून 12 को सुरू हुई यात्रा के आकिरी दल के लोग सितंबर 11 तक अपने अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंच जायेंगे।

मूलत: इस साल की यात्रा सामान्य रही। हांलाकि 14 अगस्त को मालपा में बादल फटने के कारण हुए भूस्खलन के चलते तीन दलों के शड्यूल में बदलाव लाना पड़ा। ट्रैक रूट के भूस्खलन के कारण टूटने के चलते आखिरी तीनों दलों को जो भारत लौट रहे थे उन्हें गूंजी से एयरलिफ्ट करके धारचूला पहुंचाया गया।

 

उत्तराखंड मेट्रो कार्पोरेशन के एमडी ने दिया इस्तीफा मेट्रो निर्माण को बड़ झटका

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उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जितेंद्र त्यागी ने इस्तीफा दे दिया है। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में ही राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है। त्यागी ने अपने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत कारणों को बताया है।

वहीं, शहरी विकास मंत्री और शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि कारपोरेशन के एमडी ने माहभर पहले निजी क्षेत्र में उत्तराखंड से बेहतर अवसर मिलने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट पर इस्तीफे का कोई असर नहीं पड़ने  दिया जाएगा। राज्य सरकार अपने इसी कार्यकाल में मेट्रो के सपने को साकार करेगी।

देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच मेट्रो के सपने को साकार करने के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट में अधिकारी रहे जितेंद्र त्यागी को उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस वर्ष एक फरवरी को उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया।

इस बीच 23 मार्च को कारपोरेशन का गठन हुआ और 23 मई को कारपोरेशन की पहली बैठक हुई। त्यागी को कारपोरेशन की कमान मिलने से उम्मीद जगी कि यह पहल अब तेजी से आगे बढ़ेगी। इस दिशा में कवायद भी होने लगी। त्यागी की पहल पर ही ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन को यहां भी मेट्रो का प्रमुख सलाहकार बनाने का सरकार ने आग्रह किया था।

तब सरकार की ओर से यह प्रस्ताव भी श्रीधरन को भेजा गया। इस बीच छह सितंबर को त्यागी ने नोटिस देते हुए सरकार को इस्तीफा सौंप दिया।

माना जा रहा कि दिल्ली मेट्रो जैसी फास्ट कार्यशैली में कार्य करने वाले त्यागी को यहां सरकारी कार्यशैली रास नहीं आ रही थी। हालांकि, त्यागी का कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है।

नदी में डूबने से दो की मौत

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धनौरी स्थित रतमऊ नदी के बावनदरे ने फिर दो जाने ले ली। पिछले एक हफ्ते में ये दूसरी घटना है इससे पहले दो युवकों की जान भी बावनदरे में जा चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक युवक व युवती की मौत शुक्रवार को बावनदरे में डूबने से हो गयी। सूचना पर मौके पर पहुंची धनौरी पुलिस ने युवक के शव को नदी से निकलवाकर परिजनों की मांग पर उनको सुपुर्द कर दिया। जबकि युवती के परिजन पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवती का शव लेकर मौके से चले गए।

मुरादाबाद जनपद के कटघर थाना क्षेत्र के करुला निवासी 15 वर्षीय युवक इकबाल पुत्र अनवर हुसैन अपने परिजनों के साथ कलियर में जियारत करने के लिए आए थे। शुक्रवार को वह अपने परिजनों के साथ रतमऊ नदी के बावनदरा में घूमने आए थे। बावनदरा में नहाते समय युवक इकबाल की पानी के गहरे कुंड में डूबने से मौत हो गई।

सूचना पर मौके पर पहुंची धनौरी पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसके शव को नदी से बाहर निकाला। बालक के परिजनों की ओर से कोई कार्रवाई न चाहने पर उसके शव को उन्हें सोप दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियो ने बताया कि शुक्रवार सुबह ही एक 17 वर्षीय युवती की बावनदरा में डूबने से मौत हो गई। युवती के परिजन पुलिस के आने से पहले ही उसके शव को लेकर मौके से चले गए। इस बावत धनौरी चौकी प्रभारी रणजीत सिंह ने बताया कि युवक के परिजनों की ओर से कोई कार्रवाई करने से मना कर दिया गया।

इनामी बदमाश तेजेन्द्र उर्फ सीटू आईएसबीटी से गिरफ्तार

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तीन साल से फरार चल रहे अपहरण, लूट, हत्या के इनामी बदमाश को पुलिस ने शुक्रवार को देहरादून आईएसबीटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी के अन्य साथी अपहरण, लूट, हत्या के मामले में पहले से ही जेल में सजा काट रहे हैं। आरोपी तेजेन्द्र उर्फ सीटू पर हिसार के रहने वाले नितेश का अपहरण, लूटपाट कर हत्या करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2014 को थाना सहसपुर में हिसार हरियाणा के रहने वाले अशोक कुमार ने अपने भतीजे नितेश का अपहरण, लूटपाट कर हत्या कर शव कार में छोड़ने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के बीच आरोपी सोनू स्योरान उर्फ गजनी, अनूप कुमार, पियूष शर्मा उर्फ पण्डित, आकाशदीप उर्फ कालिया निवासीगण हिसार हरियाणा और गोपाल निवासी नेपाल को गिरफ्तार किया गया। जिनको कोर्ट ने जेल भेज दिया।
आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उनके साथ घटना में एक अन्य आरोपी तेजेन्द्र सिंह उर्फ सीटू निवासी जिला हिसार हरियाणा भी सम्मिलित था, जो कि घटना के बाद से ही फरार है। आरोपी तेजेन्द्र उर्फ सीटू की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर दबिश दी लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आया। जिसके बाद आरोपी पर पांच हजार का इनाम घोषित किया गया।
एसएसपी ने वर्तमान में चलाए जा रहे इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान में एसपी देहात और सीओ विकासनगर के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने ईनामी अपराधियों को लेकर यूपी, दिल्ली, हरियाणा, हिमांचल आदि राज्यों में जाकर दबिश दी। जिसमें पुलिस को तेजेन्द्र उर्फ सीटू का दिल्ली, हरियाणा में होने की जानकारी मिली। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी तेजेन्द्र उर्फ सीटू को आईएसबीटी देहरादून के पास से गिरफ्तार कर लिया।

मेयर-डीएम विवाद ने एक बार फिर नेता-अफसरशाही के रिश्तों की दरार को खोला

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देहरादून के मेयर और विधायक विनोद चमोली से पिछले दिनों दून के डीएम एस मुर्गेशन से हुई सार्वजनिक बहस ने एक बार फिर नेताओं और अफसरशाही के बीच सालों से चले आ रहे तल्ख रिश्तों को जग जाहिर कर दिया है। दरअसल मामला बुधवार का है जब अपने क्षेत्र में एक शराब की दुकान पर तालाबंदी कराने के लिये मेयर ने कलक्टरेट पर धरना दिया और डीएम से मिलने की मांग की। मामला तब उलझ गया जब डीएम करीब दो घंटे बाद मेयर से मिलने पहुंचे। इसके चलते मेयर चमोली की डीएम से बहस बाजी हो गई। हांलाकि डीएम का कहना था कि वो पहले से ही विभागीय मीटिंग में व्यस्त होने के कारण समय नहीं दे पाये।

लेकिन डीएम की सफाई का मेयर पर कोई असर नहीं पड़ा और उन्होने इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से कर डाली और मुख्यमंत्री पर डीएम से सार्वजनिक मापी मांगने का दबाव डाला। इस पूरी घटना का एक वीडियो बी सामने आया है जिसमे मेयर चमोली फोन पर अपना गुस्सा जाहिर करते देखे जा सकते हैं। हांलाकि वीडियो में मेयर द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा के कारण उनकी भी खिंचाई हो रही है।

दरअसल राज्य बनने के बाद से ही प्रदेश में अधिकारियों और राजनेताओं के रिश्तों में तल्खी सी रही है। लंबे समय से राज्य के मंत्री, विधायक नेता आदि अधिकारियों पर उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाते रहे हैं। वर्तमान सरकार की बात करें तो पिछले कुछ महीनों में सतपाल माहराज, रेखा आर्या और बीजेपी के कई विधायकों ने अधिकारियों के बरताव के बारे में शिकायत करते रहे हैं।

वहीं इस मामले पर प्रोफेसर गणेश सैली ने कहा कि “जिस तरह का रवैया राजनितिज्ञ और ब्यूरोक्रेट्स इस्तेमाल कर रहें उससे राज्य का नुकसान ही होगा। राज्य के विकास में दोनोें को ही समझ-बूझ कर काम करना चाहिए तभी हम प्रगति पर होंगे।इस तरह का रवैया एक बात का परिचय देता है कि आजकल के नेताओं और अफसरों का ईगो पहाड़ों से भी ऊचा है।इनको अपना अहम घर पर छोड़ कर राज्य की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए।”

इस मामले ने कांग्रेस को भी बीजेपी को घेरने का मौका दे दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है कि ”जब बीजेपी के नेता और दूसरे विभाग के आॅफिसर के बीच तना-तनी हुई है।इससे पहले बीजेपी के नेता ने हेलीकाॅप्टर ना मिलने की शिकायत की थी।इसके अलावा बीजेपी के ही एक विधायक ने धमकी दी थी कि अगर उनके क्षेत्र में शराब की दुकाने नहीं बंद हुई तो वह सुसाईड कर लेंगे और एक जगह तो बीजेपी के नेता ने अपने क्षेत्र में शराब की दुकानें बिना किसी आॅर्डर के बंद ही कर दी थी।ये उचित नहीं है,लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं,बीजेपी के जो विधायक और जो दूसरे लोग हैं उन पर अंकुश लगाना चाहिए  और अगर जल्द ही उनपर अंकुश नहीं लगाया तो यह प्रदेश के लिए घातक होगा”।

फिल्म ‘द रैली’ में दिखेगा हिमालय की वादियों का रोमांच

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निर्देशक, लेखक दीपक आनंद की एक्शन से भरपूर फिल्म है ‘द रैली’। नई दिल्ली के पीवीआर प्लाजा में फिल्म ‘द रैली’ के प्रमोशन पर पहुंचे निर्देशक दीपक आनंद, प्रमुख अभिनेता मिर्जा, अभिनेत्री अरशिन मेहता और निर्माता रोहित कुमार, जिन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म के खास अनुभवों को लेकर बातचीत की।

दीपक आनंद ने बताया कि हमारी फिल्म ‘द रैली’ बहुत ही शानदार फिल्म है, जिसको हमने मनाली, रोहतांग के आसपास के इलाकों में फिल्माया है। इसके लिए हमने हिमालय घाटी के सभी रास्तों को कवर किया। इसलिए हम कह सकते हैं, कि यह पहली हिमालय की वादियों में बनी अद्भुत फिल्म है। फिल्म की कहानी लव स्टोरी पर आधारित है। इसमें आपको हिमालय की वादियों के खूबसूरत दृश्यों को देखने का आनंद मिलेगा।

दूसरी तरफ, प्रमुख अभिनेता मिर्जा ने भी अपने अभिनय की शुरुआत के अनुभवों को साझा किया| उन्होंने कहा, ‘यह मेरी पहली फिल्म है| मेरे पास ऐसा कोई खास अनुभव नहीं है| मैं सिर्फ एक कार्यशाला में लिप्त हूं। जब मैं दीपक सर से मिला, तो मुझे बहुत अच्छा लगा। तब मुझे यह एक सपना लगा, लेकिन अब यह सपना एक सच में बदल गया। मिर्जा ने कहा कि बचपन से ही मेरे अंदर अभिनय करने का मेरा सपना था। अभिनेत्री अरशिन ने उत्साहित होते हुए दीपक और मिर्जा के साथ काम करने को लेकर सकारात्मक विचार साझा किए और फिल्म के लिए सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं सभी की आभारी हूं।

फिल्म ‘द रैली’ की कहानी एक युवा व्यक्ति, कमलापति डोगरा के आसपास घूमती है। जो हिमालय रैली में भाग लेने के अपने सपने को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। भले ही इसके लिए उसे लोगों से धोखाधड़ी और उनको पीड़ित ही क्यों न करने पड़े। कमलापति के अनैतिक तरीके का शिकार एक बुलबुला होता है, जिसे वह एक सौदेबाजी में अपने लाभ के लिए धोखा देता है। कमलापति रैली में भाग लेते हैं और अपने तरीके से सुधार करते हैं और अपने प्रेमी को वापस पाने के लिए हर जरूरी प्रयास करते हैं। यह फिल्म दिल और मन के बीच के रिश्ते पर एक खोज है। अब सवाल यह है कि कौन जीता है और कौन हार जाता है।

निर्देशक आनंद ने बताया कि फिल्म के गानों में-मैं जो न देखूं तुझे, नईयो जीना और तेरी बहन दी कुर्ती’ दर्शकों का खासे पसंद आएंगे। एक्सपीस स्टडीज के बैनर के अंतर्गत प्रदर्शित रैली को 8 सितंबर 2017 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

बालीवुड में भाई भतीजावाद पर करीना कपूर का नजरिया

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पिछले 60 सालों में बालीवुड से जुड़े कपूर परिवार की चौथी पीढ़ी की करीना कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में भाई भतीजावाद के मुद्दे पर अपना नजरिया सामने रखते हुए कहा कि वे इसे स्वीकार नहीं करतीं। ये मुद्दा पिछले साल उस वक्त चर्चा में आया था, जब करण जौहर के शो काफी विद करण में हिस्सा लेने आई कंगना ने शो के दौरान करण पर मूवी माफिया होने का आरोप लगाते हुए उनको फिल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद का प्रतीक बताया था, क्योंकि करण स्टार परिवारों के बच्चों के साथ काम करते हैं।

इसी मुद्दे पर बाद में कंगना और करण जौहर के बीच आरोप-प्रत्यारोप की भिड़ंत हुई, जिसका असर अब भी जारी है। करीना ने कंगना का नाम लेकर कहा कि अगर हमारी इंडस्ट्री में आलिया भट्ट (महेश भट्ट की बेटी) स्टार बनीं, तो कंगना को भी स्टार का दर्जा मिला। करीना ने कहा कि अगर रणबीर कपूर (उनके कजिन) स्टार बने, तो रणबीर सिंह (जिनका फिल्मी परिवारों से कोई कनेक्शन नहीं है) वे भी स्टार बने। करीना ने इसी सीरिज मे इरफान और मनोज वाजपेयी का भी उल्लेख किया और कहा कि वे सफलता और लोकपियता में किसी से कम नहीं है।

करीना कपूर का मानना है कि निजी कारणों से इस मुद्दे को हवा दे दी जाती है, जो ज्यादा दिन तक नहीं चल पाती। करीना ने कहा कि किसी परिवार से होने की वजह से किसी को मौका तो मिल सकता है, लेकिन सफलता तब ही मिलती है, जब वो इसका हकदार होता है। करीना ने कहा कि वे लिस्ट गिना सकती हैं, जिसमें फिल्मी परिवारों से आए उन बच्चों के नाम हैं, जिनको फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों ने खारिज कर दिया, तो सबने इस फैसले को स्वीकार किया।

करीना ने कहा कि ऐसा माहौल बनाने की कोशिश गलत है कि हमारी इंडस्ट्री में ही ऐसा होता होगा। उन्होंने कहा कि हर फील्ड में परिवार के बच्चे अगर विरासत संभालने के लिए आगे आते हैं, तो इसे अच्छा माना जाता है, तो फिर हमारी इंडस्ट्री के साथ अलग से सलूक कैसे किया जा सकता है। करीना का कहना है कि किसी को किसी का रिश्तेदार होने की वजह से मौका न मिले, वे इसे भी सही नहीं मानतीं, क्योंकि ये उनकी च्वाइस नहीं होती कि वे किस परिवार में जन्मे हैं। उनका कहना था कि आखिरकार आपकी मेहनत और प्रतिभा की जीत होती है, जिसे किसी भाई-भतीजावाद से जोड़कर देखने से इसका अपमान होगा।