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कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए इमरान हाशमी की नई पहल

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हाल ही में रिलीज हुई फिल्म बादशाहो की बाक्स आफिस सफलता से अलग इमरान हाशमी इन दिनों एक दूसरी खबर के कारण मीडिया की सुर्खियों में हैं। ये खबर कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए उनकी नई पहल को लेकर है। मिली जानकारी के अनुसार, इमरान हाश्मी ने कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए एक समाजिक संगठन के साथ मिलकर एक नए अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत इस संगठन के समारोह में शामिल होकर इमरान हाशमी ने सिर्फ तीन दिनों में 15 लाख रुपये की रकम जुटा ली।

इमरान का कहना है कि वे इस अभियान को जारी रखेंगे और कैंसर से पीड़ित मरीजों की मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा मदद जुटाने की कोशिशों में लगे रहेगे। बताया जाता है कि इसके लिए इमरान हाशमी मुंबई के बाद दिल्ली तथा देश के अलग अलग शहरों में आयोजित होने वाले चैरिटेबल डिनर में शामिल होंगे।

देश के अलावा लंदन, न्यूयार्क, दुबई सहित कई और देशों में भी ऐसे चैरिटेबल डिनर आयोजित होंगे। कैंसर से पीड़ित मरीजों को लेकर इमरान इसलिए भावुक हो जाते हैं, क्योंकि उनके बेटे अयान ने कैंसर की एक जंग लड़ी है। इमरान ने अपने बेटे के इस संघर्ष पर एक बुक भी लिखी है, जो काफी चर्चित रही है।

बारिश में कमी के साथ बढ़ी श्रद्धालुओं की आमद

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बरसात का मौसम धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। मानसून की गति में कमी आने के साथ ही केदारनाथ धाम में एक बार फिर रौनक बढ़नी शुरू हो गई है। इस साल केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की खासी आमद रही। अभी तक 4.15 लाख श्रद्धालु केदार बाबा के दर्शन कर चुके हैं।

बरसात में चारों धामों में यात्रियों की संख्या काफी कम हो जाती है। सितम्बर माह शुरू होते ही एक बार फिर यात्रियों की संख्या में इजाफा होने लगता है। इस वर्ष तीन मई को केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। कपाट खुलने के दिन से ही यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला था। 2013 की आपदा के बाद यात्रा पटरी पर लौटने से स्थानीय लोगों के चेहरे भी खिल उठे हैं।

आपदा के बाद 2014 में मात्र 40,832 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। 2015 में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 1,54,430 हुई और 2016 में श्रद्धालुओं की संख्या 3,09,746 तक पहुंची। इस वर्ष शुरुआत से ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और अभी तक 4,15,000 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके है। अभी करीब दो माह यात्रा चलेगी और बारिश कम होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफे को देखें तो इस साल श्रद्धालुओं का आंकड़ा पांच लाख के पास जा सकता है। यह अपने आप में एक रेकार्ड होगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को दर्जनों यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। 

ऋषि कपूर ने राज कपूर पर बायोपिक की संभावनाओं को खारिज किया

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हाल ही में अपना जन्मदिन मनाने वाले ऋषि कपूर ने अपने पिता और हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के शो मैन कहे जाने वाले राज कपूर की जिंदगी पर बायोपिक बनाने की अटकलों पर विराम लगाते हुए ऐसी किसी संभावना को खारिज कर दिया है।

कुछ ही दिनों पहले इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि बैंडिट क्वीन और मंगल पांडे जैसी फिल्में बनाने वाले निर्माता बॉबी बेदी ने कपूर परिवार को राज कपूर पर बायोपिक बनाने की योजना का प्रस्ताव दिया है, जिसके लिए कपूर परिवार को एक बड़ी रकम देने की बात भी थी। ऋषि कपूर ने ये तो माना है कि ये प्रस्ताव मिला था, लेकिन उनका कहना है कि परिवार ने आपसी विचार विमर्श के बाद इसे खारिज कर दिया।

ऋषि कपूर का कहना है कि जब तक उनकी मां कृष्णाराज कपूर जीवित हैं, तब तक ऐसी कोई फिल्म नहीं बनेगी। ऋषि कपूर का कहना है कि राज कपूर अपने दौर में नरगिस सहित कई हीरोइनों के साथ अफेयर को लेकर चर्चा में रहे, इसलिए उनकी बायोपिक पर विवादों का पिटारा खुल सकता है। 

पहेली बनी हुई है मोरी में बच्चों की मौत, चिकित्सकों की टीम को भी बीमारी का नहीं चला पता

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उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के मसरी व खन्ना गांव में अज्ञात बीमारी से पिछले 10 दिनों में चार बच्चों की मौत होने के बाद जिला मुख्यालय से चिकित्सकों की टीम जांच के लिए मोरी भेजी गई है, लेकिन टीम अभी तक अज्ञात बीमारी का पता नहीं लगा पाई है।

जिला मुख्यालय से करीब 150 किमी दूर मोरी ब्लॉक के दोणी न्याय पंचायत के मसरी व खन्ना गांव में गले में दर्द की शिकायत पर अज्ञात बीमारी के कारण बीते दिनों में चार बच्चों को मौत हो गई थी, जबकि आस पास के गांव में कई बच्चे बीमार बताए जा रहे हैं। इस बीमारी में गले में दर्द और कफ बन रहा है। अभी तक चिकित्सकों की टीम इस बीमारी का पता नहीं लगा पाई है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना शुक्रवार केे एसडीएम पुरोला शैलेंद्र सिंह नेगी को दी। इसके बाद उत्तरकाशी व मोरी से चिकित्सकों की टीम वहां भेजी गई, लेकिन अभी तक बीमारी का पता नहीं चल पाया है।

सीएमओ डॉ. कल्पना गुप्ता ने बताया कि लगातार टीम से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मोरी के जिन गांव में टीम भेजी गई है वहां नेटवर्क ही नहीं है। इस कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। टीम के लौटने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। 

भारत चीन विवादों के बीच ऐसे देते हैं चीनी छात्र अपने भारतीय गुरुओं को सम्मान

यूं तो सीमाओं पर चीन और भारत में तनातनी बनी रहे लेकिन योग के तार भारत और चीन को आपस में बांधे हुए हैं। 10 सितंबर को चीन में भी भारत की तर्ज पर टीचर्स डे मनाया जाता है। इसके चलते चीन से अपने योघ गुरुओं को मिलने पहुंची चीनी शिष्याएं। भारत योग के क्षेत्र में विश्व गुरु बनने की राह में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी सरजमीं पर योग और भारत की लोकप्रियता बढ़ा रहे हैं वहीं भारतीय अध्यात्म और भारतीय योग विदेशियों को ऋषिकेश खींचकर ला रहा है।

चीनी टीचर्स डे जो 10 सितंबर को मनाया जाता है पर चीन से भारत अपने योग गुरु से मिलने पहुंची चीनी योग शिष्याऐं। पिछले दिनों डोकलाम और अन्य सीम विवादों के चलते भारत चीन के बीच रिश्तें तल्ख रहे हैं। लेकिन इल सबके बीच भारतीय योग ने ड्रैगन को आपने योग कलाओं से दीवाना बना दिया है। हालात यह है कि ऋषिकेश से निकलकर कई योगाचार्य आज चीन की धरती पर भारतीय योग की पताका को फहरा रहे हैं। कई सालों से चीन में भारतीय योग का परचम लहरा रहे ऋषिकेश के सेम जे नौटियाल आजकल ऋषिकेश के प्रवास पर हैं। 10 सितंबर को चीन में भारत की तर्ज पर टीचर्स डे मनाया जाता है और गुरु शिष्य की परंपरा को मजबूती देते हुए कई चीनी योग  छात्राऐं ऋषिकेश पहुंची।रविवार को उन्होने अपनी टीचर के साथ टीचर डे मनाया।

इन्लिहीं छात्रओं में से एक लिली का कहना है कि उसे भारत का योग बचपन से अपनी ओर खींचता रहा है। पिछले 15 सालों से वो अपने योग गुरु सेम जे नौटियाल के साथ भारतीय योग को सीख कर चीन में युवाओ को सिखा रही है। चीन में उनके योग सेंटर में कई युवा भारतीय योग सिखने आते हैं। फिटनेस के लिए अब चीन के लोग योग के दीवाने हैं।

सालो से चीन में योग सीखा रहे योग गुरु नौटियाल का कहना है “कि चीन में गुरु शिष्य परम्परा को बड़े अच्छे से निभाया जाता है। आज पूरा चीन टीचर्स डे मना रहा है ऐसे में मेरी दोनों शिष्याएं चीन से भारत आ कर गुरु-शिष्य परम्परा को निभा रही है ये मेरे लिए सबसे ख़ुशी की बात है”। 

कहते शिक्षा का कोई मोल नहीं होता है ऐसे में आदर्श शिक्षक हमेशा अपने कार्यो से स्टूडेंड के दिलो में अपनी खास जगह बना लेते है। आज पड़ोसी देश शिक्षक दिवस मन रहा है ऐसे में गुरु को नमन करने पहुंची इन चाइनीज योग साधको ने गुरु-शिष्य  परम्परा को मजबूती प्रदान की है।

गुरुकुल कांगड़ी बना बीजेपी विधायक-एबीवीपी के बीच रण का मैदान

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गुरूकुल कांगड़ी युनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों में मिली हार से गुस्साए एबीवीपी के हरिद्वार इकाई के छात्रों ने हरिद्वार ग्रामीण से विधायक स्वामी यतीशवरानंद के आश्रम के बाहर घरना प्रदर्शन किया। यही नहीं छात्रों ने कथित तौर पर विधायक के साथ धक्का मुक्की भी की। छात्रों का आरोप है कि विधायक ने एबीवीपी के उम्मीदवार के खिलाफ काम किया जिसके नतीजतन चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ा। नाराज छात्रों ने विधायक के खिलाफ नारेबाज़ी की और उनका पुतला भी फूंका। हालात तब बेकाबू हो गये जब छात्रों की भिड़ंत विधायक समर्थकों से हो गई। विधायक की दखलअंदाजी के बाद पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज करा।
गुरुकुल कांगड़ी लंबे समय से एबीवीपी का गढ़ रहा है। शुक्रवार को हुए छात्र संघ चुनावों में एनएसयूआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार विक्रम भुल्लर भारी बहुमत से जीत गया। एबीवीपी के एक धड़े ने इस हार के लिये विधायक को ज़िम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि विधायक ने जानबूझ कर अपने प्रभाव का इस्तेमाल एबीवीपी उम्मीदवार तरुण चौहान को हराने में किया।
इसके साथ साथ उनका ये भी आरोप है कि विधायक ने छात्रों के साथ साथ युनिवर्सिटी स्टाफ और टीचरों पर भी भुल्लर को समर्थन देने का दबाव बनाया जबकि वो हमेशा एबीवीपी को समर्थन देने का दावा करते रहे।
वहीं दूसरी तरफ विधायक का कहना है कि ये उनहें बदनाम करने की साजिश है। उनका मानना है कि छात्र राजनीति में दखल करने का उनका कोई इरादा और ज़रूरत नहीं है। इस मामले को लेकर अब विधायक पार्टी के बड़े नेताओं से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।
वहीं पुलिस ने इस मामले में एबीवीपी करायकर्ताओं के खिलाफ जानबूझकर हानि पहुंचाने, सांति बंग करने आदि के मुकदमे दर्ज कर दिये हैं। इसके साथ ही विधायक की शिकायत पर आश्रम के आसपास अतिरिक्त सुराक्षा बल तैनात कर दिये हैं।

गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व डीन के खाते से उड़ाए 1.20 लाख

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गोपेश्वर। साइबर क्राइम के शातिरों ने शातिराना अंदाज में गढ़वाल विवि के पूर्व डीन डा. नारायण सिंह बिष्ट के खाते से एक लाख बीस हजार रुपये उड़ा लिए। उन्होंने जिला विधिक समिति को पत्र लिख कर अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया।

डाॅ. नारायण सिंह निवासी सुभाषनगर ने बताया कि चार सितम्बर को उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को एसबीआई बाजार शाखा का कर्मचारी बता कर एक मैसेज भेजा जिस पर छह अंक की संख्या थी। मुझसे कहा कि छह अंक की संख्या की पुर्नावृत्ति करों उनमें से एक संख्या 859739 थी। इस प्रकार उसने लगातार मोबाइल पर कई बार छह अंको की संख्या भेजकर आठ सितम्बर को फोन किया, तो अमुक व्यक्ति के कहने पर संख्या को डिलीट कर दिया। इस बीच मेरा स्वास्थ्य खराब होने के कारण बैंक नहीं गया। मैसेज में भेजी गई छह अंको की संख्या शायद फर्जी थी। उसी के आधार बैंक अकाउंट से 4, 8 व 9 सितंबर के बीच एक लाख बीस हजार रुपये निकाले गए। इसकी एफआईआर दर्ज कराने के लिए शाखा प्रबंधक को भी पत्र लिखा है।

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने अपनी बेटी को लगाए सितारें

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”नन्ही कली अब बड़ी हो गई,
माता पिता की आंखों का उजियाला हो गई।।
शिक्षित होकर जीवन में विजेता हो गई,
भाई के हाथों में रक्षा सूत्र बांधने वाली बिटिया, आज देश की रक्षा के लिए तैयार हो गई।।
बिटिया आज माता पिता के लिए अभिमान हो गई।।”

यह कविता किसी लेखक ने नहीं बल्कि प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पन्त ने अपनी की बेटी नमिता पन्त के लिए लिखी है।बीते शनिवार को चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में वित्त मंत्री प्रकाश पंत की बेटी नमिता पंत ने आर्मी अफसर की उपाधि ली। इस दौरान नमिता के पिता प्रकाश पन्त, मां चन्द्रा पन्त, दादा मोहन चन्द्र पन्त, ताउ जी कैलाश पन्त और चाचा भूपेन्द्र पन्त आदि परिवार के सभी लोग इस दौरान मौजूद रहें।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ खड़कोट निवासी उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री प्रकाश पन्त की सबसे बड़ी पुत्री नमिता पन्त ने 2012 में एलएलबी के बाद 2016 में एलएलएम किया। इसके बाद इंदौर में एसएसबी क्वालिफाई किया। पूरे देश से सिर्फ चार लड़कियों ने एसएसबी क्वालिफाई किया था। इसमें उत्तराखंड से सिर्फ नमिता का चयन हुआ है। नमिता को सेना में जेएजी ब्रांच जज एडवोकेट जनरल में आर्मी अफसर की उपाधि मिली है। देश के गिने चुने नेताओं के बच्चे ही देश रक्षा में तैनात आर्मी में है। ऐसे में उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री प्रकाश पन्त की पुत्री ने आर्मी को ज्वाइंन कर युवाओं को एक नई राह दी है। वहीं महिलाओं को भी सशक्तिकरण का संदेश दिया है।

इस अवसर पर पिता नमिता के पिता वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने भावनात्मक होकर कुछ पंक्तियां लिखी और अपने फेसबुक वाॅल पर शेयर किया।

पुलिस के लिए सिरदर्द बना किट्टी प्रकरण

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किट्टी मामले के पीड़ितों के कारण पुलिस परेशान है। प्रत्येक पीड़ित यही गुहार लगा रहा है कि सर हमारे पैंसों का क्या होगा और कब तक मिल सकते हैं? सर सविंदर की संपत्ति का कुछ पता चला? कुछ इसी प्रकार के सैंकड़ों लोगों के सवालों का सामना हरिद्वार पुलिस रोजाना कर रही है।

पीड़ितों को उनकी रकम दिलाने के लिये हरिद्वार पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। हालांकि इस पूरे प्रकरण में पुलिस के चक्कर लगाने वाले हजारों पीड़ित अपने लालच के चलते आज मुसीबत में है। लेकिन पीड़ितों का लालच पुलिस के गले की फांस बन गया है। हरिद्वार के रानीपुर मोड़ स्थित जीआईजी मार्ट में सविंदर और गुरमीत कौर किट्टी का अवैध धंधा चलते थे। सविंदर और गुरमीत के झांसे में आकर शहर के हजारों लोगों ने करोड़ों की रकम निवेश कर दी। 9 अगस्त को गुरमीत के अचानक शहर से गायब होने की खबर ने किट्टी में निवेश करने वालों की नींद उडा दी।

पीड़ितों ने सविंदर की घेराबंदी के लिये जीआईजी मार्ट पर डेरा डाला तो उसकी पत्नी गुरमीत कौर लोगों के सामने आ गई। पीड़ितो की शिकायत पर गुरमीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि फरार सविंदर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस हाईप्रोफाइल प्रकरण में रकम गंवाने वाले हजारों पीड़ितों को कोई इंसाफ नहीं मिल पाया। आरोपियों के जेल जाने के बाद पीड़ित लोग पुलिस से रकम मिलने के संबंध में लगातार पूछताछ कर रहे हैं। जबकि पुलिस को सविंदर से करोड़ों की रकम का कोई सुराग नहीं मिल पाया। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि पीड़ितों की रकम कहां से और कैसे मिल पायेगी। तमाम पीड़ित पुलिस से कोतवाली जाकर यही पूछ रहे हैं कि सर हमारे पैंसे का क्या होगा। इस पूरे प्रकरण में हरिद्वार एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने पुलिस की लंबी चैड़ी फौज तफ्तीश में लगा दी है।

एसएसपी के मार्ग दर्शन में एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी और नगर कोतवाली के प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी समेत करीब 12 लोग सविंदर की संपत्ति और पीड़ितों की रकम का मिलान करने में लगे है। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों को रकम कोर्ट से ही मिल पायेगी। पीड़ितों को उनकी मेहनत की कमाई मिल जाये इसके लिये पुलिस हरसंभ भरसक प्रयास कर रही है। वहीं शिवांगी त्रिपाठी के सताए लोग भी अपनी रकम को लेकर परेशान हैं। 

मलबे में दबकर 150 भेड़-बकरियों की मौत

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मोरी ब्लॉक के सिरगा गांव में हुए भूस्खलन के कारण मलबे में दबकर करीब 150 भेड़- बकरियों की मौत हो गई। बीती शाम हुई इस घटना में दो गायों की भी मलबे में दबने से मौत हो गई है। प्रशासन की टीम भी घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है।

सिरगा गांव के छाड़का तोक में हुए भूस्खलन से ग्रामीणों की करीब 150 भेड़ बकरियां व 2 गाएं दब गई हैं।  देर शाम ग्रामीण अपनी भेड़ बकरियों व गायों को क्षेत्र में चरा रहे थे। तभी भारी भूस्खलन होने से मूर्ति सिंह, कृपाल सिंह, केदार सिंह, राय सिंह, विरेंद्र सिंह व सुरतनू लाल की भेड़ बकरियां मलबे में दफन हो गई। भूस्खलन में सरदार सिंह की 2 जर्सी गाएं भी दब गई हैं।

ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। एसडीएम पुरोला शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मौके के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासन और पशु चिकित्सक, एडीएआरफ व आपदा प्रबंधन की टीम भेजी गई है। फिलहाल टीम से संपर्क नहीं हो पाया है। टीम के लौटने के बाद ही नुकशान का सही आंकलन लग पायेगा।