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48 घंटों से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

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जनपद के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डबरकोट और ओजरी के पास लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण यमुनोत्री एनएच पिछले 48 घंटों से बंद पड़ा है। लगातार पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण प्रशासन ने फिलहाल यमुनोत्री धाम की यात्रा रोक दी है।

यमुनोत्री एनएच पर ओजरी और डबरकोट के पास पहाड़ी से गिर रहे लगातार बोल्डर और मलबे के कारण यमुनोत्री राजमार्ग सोमवार देर रात से अभी तक बाधित है। प्रशासन ने फंसे यात्रियों को तो सुरक्षित निकाल लिया है। लेकिन बनास, बाडिया, कुनसाला, राना, कुपड़ा सहित 14 गांवों के लिए हालात गंभीर बने हुए हैं। इन गांव का बड़कोट तहसील से संपर्क कट गया है। भूस्खलन के कारण उबरकोट गांव सबसे अधिक प्रभावित है। जहां आवासीय मकान इसकी जद में आ गए हैं। हालांकि खेतीबाड़ी के चलते डबरकोट के ग्रामीण इन दिनों ओजरी में रह रहे हैं। यहां छह माह ग्रामीण ओजरी में और छह माह डबरकोट में रहते हैं।

डीएम उत्तरकाशी डा आशीष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार वहां पर लगातार भूस्खलन एवं पत्थर गिरने के कारण मशीनरी कार्य नहीं कर पा रही है। मार्ग खोलने के लगातार प्रयास जारी हैं। जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान समय तक स्यानाचट्टी से बड़कोट की तरफ 550 के करीब यात्रियों को घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी के माध्यम से वैकल्पिक पैदल मार्ग से पहुंचाया गया है। इसी प्रकार 200 यात्रियों को जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम के लिए भेजा गया है। यात्रियों को पूर्ति विभाग के सहयोग से भोजन और पेयजल और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।

एसआईटी की जांच में लाठी बनकर सहारा देंगे एसडीएम

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रुद्रपुर- एनएच 74 पर हुए मुआवजा घोटाले की जांच में एसआईटी के सामने कई मुश्किले खडी हो रही है, मामला राजस्व विभाग से जुडे होने के कारण एसआईटी को बारीकी से जांच में दिक्कते आ रही है, जिसके लिए अब डीएम की मदद से क्षेत्र के एसडीएम का सहारा लेकर जांच को आगे बढाया जाएगा, वहीं जिस क्षेत्र की जांच होगी वहां के एसडीएम और तहसीलदार जांच में मदद करेंगे, कुल मिलाकर अब जांच में राजस्व कर्मियों का सहारा लेकर जांच की जाएगी।

एनएच-74 घोटाले में राजस्व मामलों की पेचीदगी ने एसआइटी को घुमा कर रख दिया है। इसमें एसआइटी बुरी तरह से उलझ कर रह गई है। एनएच- 74 भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले की जांच एसआइटी द्वारा की जा रही है। एसआइटी ने मुआवजा वितरण संबंधित जानकारी जुटाने के साथ ही चिन्हित किए गए लोगों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। जांच के दौरान सामने आई पेचीदगी ने एसआइटी के काम की रफ्तार को थाम लिया है। राजस्व संबंधित मामलों में एसआइटी का हाथ तंग होने के कारण जांच में दिक्कतें लगातार सामने आ रही थी। भू-प्रयोग परिवर्तन के साथ ही खतौनी और खसरे के तालमेल सहित भूमि की सही स्थिति को लेकर कई प्रकार की दिक्कतों का सामना एसआइटी को करना पड़ रहा था। जिसके चलते एसएसपी सदानंद दाते ने जिलाधिकारी से इस संबंध में सहयोग के लिए लिखा था। एसएसपी की पहल पर डीएम नीरज खैरवाल ने एसडीएम किच्छा एनसी दुर्गापाल को एसआइटी के सामने आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए अपना सहयोग देने के लिए नामित कर दिया है। इसके साथ ही एसआइटी जांच के दौरान स्थलीय निरीक्षण से लेकर रिकार्ड को लेकर संबंधित तहसील के एसडीएम व तहसीलदार को सहयोग के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसके चलते आने वाले दिनों में एसआइटी की राह आसान होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। एसडीएम किच्छा के सहयोग से एसआइटी व्यवहारिक दिक्कतों को दूर कर जांच को गति प्रदान करेगी।
वहीं एसएसपी सदानन्द दाते ने बताया कि एसआइटी के सहयोग के लिए एसडीएम किच्छा को नामित किया गया है। उनके सहयोग से एसआइटी जांच को और गति देने का प्रयास करेगी। जिससे मुआवजा घोटाले के दोषी सामने लाए जा सके।

दून के दलित मोती राम कर सकते हैं अमित शाह को होस्ट

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53 साल के मोती राम 2 दशक से बीजेपी में वालंटियर की तरह काम कर रहे हैं।मोती राम का घर देहरादून बीजेपी ऑफिस बलबीर रोड से कुल 20 मीटर दूरी पर है,और पहले भी उन्होंने बहुत से क्षेत्रीय नेताओं के होस्ट रहे हैं जैसे कि देहरादून मेयर विनोद चमोली,डोईवाला विधायक उमेश शर्मा काऊ लेकिन किसी नेता वो भी राष्ट्रीय पार्टी प्रेसिडेंट को अपने घर मे खाना खिलाना उनके लिए काफी खुशी का विषय है।

राम जो एक दलित हैं,19 सिंतबर को दो दिन के दौरे पर आने वाले बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को अपने घर पर दिन का भोजन कवाऐंगे। मोती राम ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि पार्टी ने अब तक कोई नाम फाईनल किया है लेकिन अगर मेरा नाम फाईनल होता है तो इससे बड़ी खुशी की बात मेरे लिए क्या होगी कि मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष को लंच करवाऊं।

शाह के खाने का प्रोग्राम की वजह हैं उनका कार्यक्रम जिसके अंर्तगत वह हर राज्य में एक दलित के यहां लंच कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने राजस्थान,हरियाणा,यूपी और दूसरे राज्यों में भी यह कार्यक्रम किया है।उत्तराखंड में बीजेपी ने पिछले चुनावों में 70 में से 57 सीटों पर जीत हासिल की थी जिसमें दलितों को पारंपरिक रुप से कांग्रेस का वोटर माना जाता था लेकिन इस चुनाव में माना जा रहा कि बीजेपी को सभी ने दिल खोल के वोट दिया है।

राम,भारत संचार निगम लिमिटेड में काम करते हैं और अपने राजनितिक लगाव से बिल्कुल भी हिचकिचाते नहीं।उन्होने कहा कि मैं अपनी मर्जी से राजनिति में रुचि रखता हूं और मैं जिस भी पार्टी को मानूं यह मेरी पसंद हैं। एमएलए खजान दास  जिन्होंने पिछले चुनावों में जीत हासिल की थी,उनके उपर ही जिम्मेदारी दी गई है कि वह शाह के लंच के लिए दलित परिवार का चुनाव करें। खजान दास ने कहा कि शाह का शेड्यूल व्यस्त रहेगा तो हम ऐसे परिवार को चुनेंगे जिसका घर बीजेपी ऑफिस के नजदीक होगा ताकि आने जाने का समय बच सके।

5 लोगों के परिवार में राम की दो बेटियां एक बेटा और पत्नी हैं। राम की पत्नी 48 साल की पूनम देवी का कहना हैं कि अगर हमारा नाम फाइनल होता हैं तो यह सपने के सच होने की तरह हैं कि मैं मेरे घर में अमित शाह को लंच करवाउंगी।

एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

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ब्रह्मपुरी काॅलोनी निवासी तेज प्रकाश पुत्र देशराज सिंह ने पुलिस पर मारपीट व मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी व एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित दर्जी का काम करता है। उसे चेतक पुलिसकर्मियों द्वारा बुरी तरह से पीटा गया। तेज प्रकाश का कहना है कि पार्षद के कहने पर उसे पुलिसकर्मियों द्वारा मारा पीटा गया। गुजर बसर करने के लिए ब्रह्मपुरी में मार्ग पर खोखे में सिलाई का कार्य तेजप्रकाश काफी समय से करता चला आ रहा हैं। दिव्यांग होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर हैं। जिन कारणों से सिलाई कर रोजी रोटी खोखे के सहारे चल रही है।
तेज प्रकाश का कहना है कि ब्रह्मपुरी के पार्षद रंजिश के तहत षड़यंत्र कर मुझे पुलिसकर्मियों से बुरी तरह से पिटवाया गया। चेतक सवारों द्वारा मुझे मौहल्लेवासियों के समक्ष ही जमकर लात डंडों से बुरी तरह से पीटा गया। उस दौरान मुझे गंभीर चोटें भी आईं। स्थानीय लोग पूरी घटना को जानते हैं लेकिन कोई भी पुलिस के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है।
तेजप्रकाश के समर्थन में स्थानीय लोगों ने हिम्मत जुटाकर पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही को लेकर तेजप्रकाश के समर्थन मंे जुट गये हैं। लोगों का कहना है कि दिव्यांग के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मार पिटाई करना गलत है दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिये।
तेजप्रकाश ने मार पिटाई की शिकायत जिलाधिकारी व एसएसपी को कर न्याय की गुहार लगाई। तेज प्रकाश का ईलाज चिकित्सालय में चल रहा है। वह बुरी तरह घायल है। स्थानीय ब्रह्मपुरी क्षेत्र के लोगों द्वारा दिव्यांग तेजप्रकाश के ईलाज के लिए पैसे भी एकत्र किये गए। 

सेटेलाइट फोन के साथ ऑस्ट्रेलियाई युवक गिरफ्तार

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बदरीनाथ धाम के अलकापुरी में प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन रखने तथा उसका प्रयोग करने के आरोप में पुलिस ने एक आस्ट्रेलियाई युवक को गिरफ्तार किया है। मामला पंजीकृत कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ति भट्ट ने बताया कि मंगलवार को थाना बदरीनाथ के थानाध्यक्ष दीपक रावत व उनकी टीम के विपिन, राहुल व अजय रौथाण ने बदरीनाथ के अलकापुरी क्षेत्र में अवैध रूप से प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन का प्रयोग करते हुए आस्ट्रेलिया के स्टुर्वट इयान स्काॅट पुत्र इयान जाॅन निवासी टिन्नी स्ट्रीट क्वीनलैंड आस्ट्रेलिया को गिरफ्तार किया है।आरोपी के खिलाफ भारतीय टेलीग्राफ एक्ट व भारतीय बेतार तार यांत्रिकी अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। इससे पूर्व भी पुलिस ने बदरीनाथ में ही न्यूजीलैंड के हैंस मैक्स लिंडेमन को बिना वैध पासपोर्ट के कारण गिरफ्तार किया था।

पंचेश्वर बांध पर सरकार स्थिति करे स्पष्टः टम्टा

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अल्मोड़ा-राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों की पारंपरिक खेती जड़ी-बूटी को बाबा रामदेव की कंपनी के हाथों दे दिया। अब इसके मूल्य व उत्पादन से लेकर बेचने तक का करार सरकार ने कंपनी के साथ कर किसानों के साथ धोखा किया है। जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। टम्टा ने पंचेश्वर बांध निर्माण में सरकार पर अब तक की जा रही कार्रवाई को सार्वजनिक न करने का आरोप लगाया। जिसमें कहा गया कि बांध का निर्माण वहां रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए विनाशकारी साबित होगा।

प्रदीप टम्टा ने कहा कि प्रदेश सरकार जहां किसानों की जड़ी-बूटी की खेती को बाबा रामदेव की कंपनी के हाथों बेच चुकी है। अब कंपनी अपने तरीके से इन बहुमूल्य उपज का मूल्य व बाजार तय करने में जुट गई है। इसको लेकर करार हो गया है। इसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करती है। यह किसानों से उनकी आत्मा छीनने का काम है। इसका समर्थन मूल्य निर्धारित करने का अधिकार सरकार को था अब निजी कंपनी इसके मूल्य का निर्धारण करेंगी। यह उत्पादकों के लिए नुकसान साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचेश्वर बांध के मामले में भी प्रदेश सरकार जहां आम आदमी की आवाज को दबाने का काम लगातार कर रही है। इससे कांग्रेस डरने वाली नहीं है। आने वाले समय में कांग्रेस के कार्यकर्ता पंचेश्वर बांध को लेकर जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे।

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि बार-बार मांगने के बाद भी राज्य सरकार ने बांध निर्माण से प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र को होने वाले लाभ व हानि के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की है। जिससे लगता है कि सरकार पंचेश्वर बांध के निर्माण के पीछे जनता को ठगने का काम कर रही है। इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर दूसरे राज्यों को ही फायदा होने वाला है। जिसका कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी। सांसद का कहना था कि जब अमेरिका व यूरोप बड़े डैम के निर्माण से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में सरकार के पास बड़े डैम बनाए जाने का नजरिया स्पष्ट नहीं है। जबकि बड़े बांधों के निर्माण से लाभ के बजाए हानि अधिक है। सरकार ने बिजली व पानी देने के नाम पर जो पंचेश्वर बांध की परिकल्पना को साकार करने का इरादा किया है। यह जनता के साथ धोखा है। सरकार पहले यह बताए कि इससे कितने परिवार विस्थापन की मार झेलेंगे। उनको दूसरी जगह बसाने का क्या प्लान है

लगातार मलवा आने से नहीं खोला जा सका यमुनोत्री हाईवे

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सोमवार शाम से मलबा आने से बंद यमुनोत्री हाईवे बुधवार को भी नहीं खोला जा सका। यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोका गया है। मौसम विभाग के अनुसार सूबे में अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं।

आपदा कन्ट्रोल रूम उत्तरकाशी से जारी रिपोर्ट के अनुसार यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग ओजरी के पास लगातार मलवा पत्थर आने से अवरुद्ध है। यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने यात्रियों को पैदल वैकल्पिक मार्ग से ट्रांसमेट कर रहा है। अवरुद्ध राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्ति विभाग द्वारा यात्रियों एवं आवाजाही करने वाले लोगों को जलपान एवं भोजन भी करवाया जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जैसे ही मलवा पत्थर गिरने बंद होंगे सड़क खोलने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसके लिए जेसीबी, पोकलेंड एवं एनएच के कर्मचारी मुस्तैदी से तैनात है। जबकि जनपद के शेष सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए सुचारू है।

क्यो हो रही मंत्री जी की सोशल मीडिया पर फजीहत!!

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सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता जांचने पहुंचे विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की सोशल मीडिया में जमकर फजीहत हो रही है। इसे लेकर किसी ने जोक्स पोस्ट किए हैं तो कोई कार्टून शेयर कर रहा है।

सोशल मीडिया से:

  • नया फार्मूला हजूर! केमेस्ट्री में. गधा + गधा = गधा होता है हजूर! और गणित में. गधा + गधा = घोड़ा होता है हजूर!
  • छप्पर फाड़ बहुमत मिला है तो इसका मतलब ये नहीं कि गणित के नए नये सूत्र ईजाद करो।
  • गब्बर- अरे ओ कालिया, माइनस प्लस माइनस कितना होता है बे?
  • मित्रों, स्कूलों में गणित पखवाड़ा कब से शुरू हो रहा है बल। मंत्री जी से पूछ के मुझे बताना।
  • तबादलों का फार्मूला तैयार करते-करते मैथ्स का नया फार्मूला तैयार कर दिया शिक्षा मंत्री जी ने। आपको ओलंपियार्ड में होना चाहिए।
  • बच्चों के सामने शिक्षिका का अपमान। क्या यही सुशासन है?
  • उस अध्यापक की खोज शुरू हो गई है, जिन्होंने हमारे शिक्षा मंत्री जी को स्कूली जीवन में गणित सिखाई।
  • बच्चों के बीच बंदूकधारी गार्ड। विद्यालय में अध्यापकों व बच्चों के बीच किसी को क्यों भय लगता है मेरी समझ से बाहर।

शिक्षा मंत्री सोमवार को देहरादून के जीआइसी थानो इंटर कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता जांचने पहुंचे थे। मंत्री ने विज्ञान की कक्षा के दौरान शिक्षिका से गणित और केमिस्ट्री का सवाल पूछा था। मंत्री सवाल पूछने में खुद उलझ गए और उन्होंने शिक्षिका को भरी क्लास में फटकार लगा दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शिक्षकों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई। राजकीय शिक्षक संघ की नैनीताल जिला इकाई ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शिक्षिका को अपमानित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। गलत प्रश्न कर शिक्षकों में खौफ पैदा किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष डॉ. गोकुल मर्तोलिया ने कहा कि प्रांतीय कार्यकारिणी से इसका विरोध करने की मांग की गई है।

एक शिक्षक ने लिखा है, शिक्षा मंत्री को सभी विषयों का ज्ञान होना जरूरी नहीं है, लेकिन भाषाई शिष्टाचार का ज्ञान होना जरूरी है। यदि शिक्षक को विषय का ज्ञान नहीं है तो दोष व्यवस्था का भी है। एक ने लिखा है, शिक्षक समाज का वो अंग है यदि उसमें खराबी आ गई तो सारा तंत्र बिगड़ जायेगा। शिक्षकों का सम्मान करना ही होगा।

किडनी गैंग की धर-पकड़ को टीमें गठित, दो आईपीएस करेंगे नेतृत्व

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देहरादून के लालतप्पड़ में पकड़े गए किडनी गिरोह को लेकर दून पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी डा. अमित कुमार, डा. अक्षय कुमार, संचालक राजीव चौधरी की जानकारी जुटाकर गिरफ्तारी के लिए 2 आईपीएस के नेतृत्व में टीमें गठित की गई है। पुलिस का दावा है कि जो गिरोह लालतप्पड़ में चल रहा था वो ही महाराष्ट्र, गुजरात, गुडग़ांव समेत देश के कई इलाकों में चलाया जा चुका है।

आपको बता दें कि आम लोगों की किडनी निकालकर उनका सौदा करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोह का उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार को भंडाफोड़ किया था। यह अवैध कारोबार उत्तरांचल डेंटल कॉलेज लालतप्पड़ डोईवाला के परिसर में स्थित गंगोत्री चैरिटेबल हास्पिटल में चल रहा था। सोमवार सुबह सप्तऋषि पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने इनोवा गाड़ी में किडनी बेचकर लौट रहे लोगों को पकड़ लिया। गाड़ी में सवार दो पुरुष, दो महिलाओं में 2 किडनी बेच कर आ रहे थे। गिरोह के एक सदस्य जावेद खान को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि अब तक पुलिस को जांच में यह जानकारी हाथ लगी है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में धंधा चला चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह ने महाराष्ट्र से अपने धंधे की शुरूआत की जिसको डा. अमित कुमार, डा. अक्षय कुमार चलाते थे। अक्षय अमित कुमार का बेटा है। यानि बाप बेटा ही इस धंधे को चलाते हैं। महाराष्ट्र के अलावा ये गिरोह गुजरात और गुडग़ांव में भी किडनी का गिरोह चला चुके हैं। पुलिस का दावा है कि 2013 में जो गिरोह गुडगांव में पकड़ा गया था उसमें भी यही गिरोह सक्रिय था।
एसएसपी ने ये भी बताया कि लालतप्पड में चलाए जा रहे कारोबार का लाइजनर राजेश चौधरी है जो हरियाणा का रहने वाला है। मामले में पुलिस ने डा. अमित राउत, डा. अक्षय कुमार, राजीव चौधरी समेत 9 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जड़ तक जाने के लिए महकमें ने दो टीमों का गठन किया हैै। टीमों का नेतृत्व दो आईपीएस करेंगे।
अंगदान प्रत्यारोपण के लिए मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 बना हुआ है। वर्ष 2014 में इस अधिनियम में संशोधन के जरिए नई अधिसूचना जारी की गई। इस कानून के तहत अंगों की खरीद फरोख्त करना गैरकानूनी धंधा है। इस नियम की अवहेलना व अंगों की खरीद फरोख्त करने पर तीन साल से लेकर 10 साल तक की सजा और 30 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

सरकार की धौस दिखाकर सरकारी भूमि पर कब्जा

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चम्पावत- चोरी ऊपर से सीनाजोरी की यह कहावत चरितार्थ होती है सरस्वती विद्या मंदिर के स्कूल प्रबंधक पर। जिनके द्वारा दो नाली जमीन खरीद कर 13 नाली पर कब्जा किया गया है और आने-जाने वालों का रास्ता बंद कर दिया है।वहीं जब बगल में एक फौजी ने जमीन खरीद कर रास्ता बनाने की कोशिश की तो प्रबंधक बच्चों संग धरने पर बैठ गये और हमारी सरकार है। हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता है,त ये डायलोग बोल कर प्रशासन पर अपनी हनक जमाने लगे।बाराकोट निवासी फौजी रमेश नाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल के पास तीन नाली जमीन खरीद कर रास्ता बनाने लगा तो स्कूल प्रबंधक ने मना कर दिया। प्रबंधक के अनुसार वो जमीन स्कूल की बतायी गयी। जिसमें रास्ता बनाने का प्रबन्धक ने विरोध किया। इस पर फौजी रमेश ने घटना की शिकायत एसडीएम सीमा विश्वकर्मा से कर रास्ता देने की मांग की। जब एसडीएम ने पटवारी व कानूनगो को मामले की जांच के लिए भेजा तो पता चला कि स्कूल प्रबंधक ने दो नाली 10 मुट्ठी जमीन खरीदी थी। जबकि उसका भवन चार नाली व दो से तीन नाली में फिल्ड समेत करीब 13 नाली सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। पास में ही विष्णु दत्त नाम के व्यक्ति ने एक नाली जमीन खरीद कर दो नाली सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। पटवारी ने एसडीएम को घटना की जानकारी दी। एसडीएम ने पटवारी ने तीन फिट रोड बनाने का आदेश दिया। जब फौजी सड़क बनाने लगा तो स्कूल प्रबंधक बच्चों संग हंगामा करने लगा।

जबकि एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि स्कूल प्रबंधक ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया और उल्टा धौंस दिखा रहा है। पटवारी व कानूनगो से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जमीन पर कब्जा करने वालों का चालान किया जाएगा।