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सड़क दुर्घटना में पांच घायल

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रोडवेज बस को पास देने के चक्कर में हल्द्वानी से धारचूला की ओर जा रही एक बोलेरो कार गुडौली के पार दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें पांच लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए पीएचसी कनालीछीना में भर्ती किया गया है।

बुधवार देर शाम करीब 5:30 बजे बोलेरो कार संख्या यूके 04 टीएम 4491 हल्द्वानी से धारचूला की ओर जा रही थी। गुडौली के समीप वितरीत दिशा से आ रही एक रोडवेज बस को पास देने के दौरान बोलेरो कार सड़क पर पलट गई। जिससे उसमें सवार धारचूला निवासी चालक पुष्कर सिंह (28), खीम सिंह (65), मुन्नी (20), भीम सिंह (27) और दुर्गा सिंह (27) घायल हो गए।
स्थानीयों की मदद से सभी घायलों को आपातकालीन 108 वाहन के माध्यम से पीएचसी कनालीछीना लाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। घायलों में कुछ की हालत चिंताजनक बताई जा रही है वही कुछ सामान्य है जिन्हें हल्की चोटे आई है। 

एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

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हरिद्वार, के ब्रह्मपुरी काॅलोनी निवासी तेज प्रकाश  ने पुलिस पर मारपीट व मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी व एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित दर्जी का काम करता है। उसे चेतक पुलिसकर्मियों द्वारा बुरी तरह से पीटा गया। तेज प्रकाश का कहना है कि पार्षद के कहने पर उसे पुलिसकर्मियों द्वारा मारा पीटा गया। गुजर बसर करने के लिए ब्रह्मपुरी में मार्ग पर खोखे में सिलाई का कार्य तेजप्रकाश काफी समय से करता चला आ रहा हैं। दिव्यांग होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर हैं।

तज प्रकाश का कहना है कि ब्रह्मपुरी के पार्षद रंजिश के तहत षड़यंत्र कर मुझे पुलिसकर्मियों से बुरी तरह से पिटवाया गया। चेतक सवारों द्वारा मुझे मौहल्लेवासियों के समक्ष ही जमकर लात डंडों से बुरी तरह से पीटा गया। उस दौरान मुझे गंभीर चोटें भी आईं। स्थानीय लोग पूरी घटना को जानते हैं लेकिन कोई भी पुलिस के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है।

तेजप्रकाश के समर्थन में स्थानीय लोगों ने हिम्मत जुटाकर पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही को लेकर तेजप्रकाश के समर्थन मंे जुट गये हैं। लोगों का कहना है कि दिव्यांग के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मार पिटाई करना गलत है दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिये।

तेजप्रकाश ने मार पिटाई की शिकायत जिलाधिकारी व एसएसपी को कर न्याय की गुहार लगाई। तेज प्रकाश का ईलाज चिकित्सालय में चल रहा है। वह बुरी तरह घायल है। स्थानीय ब्रह्मपुरी क्षेत्र के लोगों द्वारा दिव्यांग तेजप्रकाश के ईलाज के लिए पैसे भी एकत्र किये गए। 

युवती की बरामदगी को चेन्नई जाएगी पुलिस

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आठ माह पूर्व ज्वालापुर से अगवा युवती को अपहरणकर्ता ने चेन्नई में रखा है। पुलिस पूछताछ में अपहरणकर्ता ने जानकारी दी। युवती की बरामदगी को पुलिस टीम चेन्नई भेजी जा रही है।

ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी निवासी एक युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। उसके परिजनों ने तलाश के बाद गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।

पुलिस को आर्यनगर कॉलोनी निवासी सविंद्र सिंह पर अपहरण करने का शक था। वह भी युवती के गायब होने वाले दिन से लापता चल रहा था। इस बीच उसके वापस आने पर पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की। उसने युवती के बारे में सबकुछ उगल दिया। बताया कि युवती को चेन्नई में रखा है। पुलिस टीम एसआइ सुरेन्द्र सिंह विष्ठ के नेतृत्व में चेन्नई जाएगी।

सड़कों पर उतरे बच्चे शिक्षा मंत्री से कर रहे सवाल

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पिथोरागढ(मदकोट) -आधा शिक्षा सत्र गुजर गया है और विद्यालय शिक्षक विहीन बने हैं। प्रतिदिन शिक्षकों के आने की आस में विद्यालय पहुंच रहे छात्र-छात्राओं का धैर्य आखिर जबाव देने लगा है। राइंका मदकोट के छात्र-छात्राओं ने हमें भी पढ़ाओ नारों के साथ कक्षाएं छोड़ कर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। बच्चों के सड़क पर उतरते ही उनके अभिभावक भी समर्थन में आ गए।

आदर्श राइंका मदकोट में दूर दराज के ग्रामीण बच्चे कई किमी पैदल चल कर पढ़ने आते हैं। विद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। इन कक्षाओं में बच्चे खाली बैठे रहते हैं। नए शिक्षा सत्र में सरकार ने शिक्षकों का तबादला तो कर दिया परंतु उनके प्रतिस्थानी नहीं भेजे गए। आधा सत्र समाप्त होने जा रहा है। इन विषयों की कक्षाएं आज तक नहीं चल सकी हैं।

जब छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंची तो उनका धैर्य जबाव दे गया। कक्षाओं में खाली बैठे छात्र-छात्राओं ने शिक्षक दो, हमें भी पढ़ने का अधिकार है के नारे के साथ कक्षाओं का बहिष्कार कर बाजार में जुलूस निकाला। विद्यार्थियों ने लगभग दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान कई अभिभावक भी जुलूस में शामिल हो गए।

प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का कहना था कि इंटर में कला और विज्ञान वर्ग में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नही है। घरों से पांच से 10 किमी पैदल चलकर पढ़ने आते हैं। विद्यालय में कक्षों में बैठकर खाली दीवारों को ताकना पड़ता है। सरकार को गरीबों और ग्रामीणों की शिक्षा से कोई लेना देना नहीं रह चुका है। इधर अभिभावकों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने पर आंदोलन का नेतृत्व करने की चेतावनी दी है।

अघोषित बिजली कटौती से कारोबार पर असर

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उत्तराखण्ड में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती के कारण उपभोक्ताओं को खासी फजीहत झेलनी पड़ रही। जबकि विद्युत विभाग इसे बेहतर बिजली व्यवस्था बनाने के लिए मेंटेनेंस को शट डाउन का कारण बता रहा है।

उत्तराखंड पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी यूपीसीएल का दावा है कि वे बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए ट्रांसफॉर्मर से लेकर विद्युत लाइनों में मेंटेनेंस के लिए शट डाउन कर रहे हैं। यूपीसीएल ने इस काम को पूरा करने के लिए दीपावली तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके बाद बिजली आपूर्ति सुचारू करने की दावा है। उद्योगपतियों का कहना है कि पिछले दिनों बिजली की उपलब्धता न होने के कारण सप्ताह में दो दिन तक उत्पादन बंद करना पड़ा। देहरादून के सेलाकुईं क्षेत्र में ही करीब 450 छोटे-बड़े उद्योग चल रहे है।

औद्योगिक इकाइयों का कहना है कि बिजली कटौती के चलते उत्पादन पर बूरा असर पड़ रहा है। कुछ ही दिनों में दशहरा और दिवाली जैसे महत्पूर्ण त्यौहार आने वाले है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह समय काफी मायने रखता है। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव अनिल मारवाह का कहना है कि इस समय भी उद्योगों को करीब तीन- चार घंटे औसतन बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सेलाकुई इंडस्ट्री में करीब 220 केवी का सब स्टेशन प्रस्तावित था लेकिन अभी तक कुछ हुआ नही। इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि बिजली की आपूर्ति से ज्यादा दिक्कत सिस्टम मैनेजमेंट में है।

यूपीसीएल के एमडी बीसीके मिश्रा का कहना है कि, “न केवल दून के औद्योगिक क्षेत्र बल्कि समूचे राज्य में मरम्मतीकरण की जरूरत है।काम चल रहा है, इसीलिए शटडाउन किया जा रहा है। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि दीपावली तक मरम्मत का काम पूरा कर दिया जाए।यूपीसीएल सब स्टेशन इसी महीने में अस्तित्व में आ जाएगा और दिक्कतें दूर हो जाएगी।” 

जल्द सुलझेगी मसूरी की आवासीय समस्या: जोशी

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मसूरी विधायक गणेश जोशी ने केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री, डॉ. महेश शर्मा से नई दिल्ली में मुलाकात की। विधायक जोशी ने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के प्रथम दिन केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री से मुलाकात कर मसूरी के 200 निजी एस्टेट में वन एंव पर्यावरण संबंधी समस्याओं को विस्तार से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि मसूरी में प्राइवेट एस्टेट्स की समस्या पूर्व से ही चली आ रही है और पूर्व वन मंत्री द्वारा भी इसे निस्तारित किए जाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन उनका आकस्मिक निधन होने के कारण यह सम्भव नहीं हो पाया। उन्होंने केन्द्रीय वन मंत्री को बताया कि इस समस्या के समाधान के मसूरी के निजी एस्टेट मालिकों और निवासियों की एक गम्भीर समस्या का समाधान हो जाएगा।

गौरतलब हो कि पिछले कई वर्शों तक यह प्रकरण उच्चतम न्यायालय में चला। कोर्ट के एक आदेश से मसूरी की आवासीय समस्या को सुलझाने के लिए प्रति व्यक्ति प्रति 250 वर्गफिट जमीन के आवासीय भवन निर्मित करने का शासनादेश वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी किया गया। किन्तु शासनादेश में कुछ त्रुटि होने के कारण यह आदेश अभी तक लागू नहीं हो पाया है। शासनादेश में गलती के कारण मसूरी के निवासियों को खासी परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है।  यह भी सर्वविदित है कि मसूरी को छोड़कर भारत के किसी भी पर्यटक स्थल पर जमीनों के संदर्भ में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें वन एवं पर्यावरण के मामले में आपत्ति लगाई गई हो।

समस्या से अवगत होने के बाद केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा विधायक जोषी को आश्वत किया गया कि अतिशीघ्र इस प्रकरण को सुलझा लिया जाऐगा। उनके द्वारा मंत्रालय के अधिकारियों को इस बावत निर्देशित कर दिया गया है।

48 घंटों से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

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जनपद के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डबरकोट और ओजरी के पास लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण यमुनोत्री एनएच पिछले 48 घंटों से बंद पड़ा है। लगातार पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण प्रशासन ने फिलहाल यमुनोत्री धाम की यात्रा रोक दी है।

यमुनोत्री एनएच पर ओजरी और डबरकोट के पास पहाड़ी से गिर रहे लगातार बोल्डर और मलबे के कारण यमुनोत्री राजमार्ग सोमवार देर रात से अभी तक बाधित है। प्रशासन ने फंसे यात्रियों को तो सुरक्षित निकाल लिया है। लेकिन बनास, बाडिया, कुनसाला, राना, कुपड़ा सहित 14 गांवों के लिए हालात गंभीर बने हुए हैं। इन गांव का बड़कोट तहसील से संपर्क कट गया है। भूस्खलन के कारण उबरकोट गांव सबसे अधिक प्रभावित है। जहां आवासीय मकान इसकी जद में आ गए हैं। हालांकि खेतीबाड़ी के चलते डबरकोट के ग्रामीण इन दिनों ओजरी में रह रहे हैं। यहां छह माह ग्रामीण ओजरी में और छह माह डबरकोट में रहते हैं।

डीएम उत्तरकाशी डा आशीष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार वहां पर लगातार भूस्खलन एवं पत्थर गिरने के कारण मशीनरी कार्य नहीं कर पा रही है। मार्ग खोलने के लगातार प्रयास जारी हैं। जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान समय तक स्यानाचट्टी से बड़कोट की तरफ 550 के करीब यात्रियों को घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी के माध्यम से वैकल्पिक पैदल मार्ग से पहुंचाया गया है। इसी प्रकार 200 यात्रियों को जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम के लिए भेजा गया है। यात्रियों को पूर्ति विभाग के सहयोग से भोजन और पेयजल और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।

एसआईटी की जांच में लाठी बनकर सहारा देंगे एसडीएम

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रुद्रपुर- एनएच 74 पर हुए मुआवजा घोटाले की जांच में एसआईटी के सामने कई मुश्किले खडी हो रही है, मामला राजस्व विभाग से जुडे होने के कारण एसआईटी को बारीकी से जांच में दिक्कते आ रही है, जिसके लिए अब डीएम की मदद से क्षेत्र के एसडीएम का सहारा लेकर जांच को आगे बढाया जाएगा, वहीं जिस क्षेत्र की जांच होगी वहां के एसडीएम और तहसीलदार जांच में मदद करेंगे, कुल मिलाकर अब जांच में राजस्व कर्मियों का सहारा लेकर जांच की जाएगी।

एनएच-74 घोटाले में राजस्व मामलों की पेचीदगी ने एसआइटी को घुमा कर रख दिया है। इसमें एसआइटी बुरी तरह से उलझ कर रह गई है। एनएच- 74 भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले की जांच एसआइटी द्वारा की जा रही है। एसआइटी ने मुआवजा वितरण संबंधित जानकारी जुटाने के साथ ही चिन्हित किए गए लोगों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। जांच के दौरान सामने आई पेचीदगी ने एसआइटी के काम की रफ्तार को थाम लिया है। राजस्व संबंधित मामलों में एसआइटी का हाथ तंग होने के कारण जांच में दिक्कतें लगातार सामने आ रही थी। भू-प्रयोग परिवर्तन के साथ ही खतौनी और खसरे के तालमेल सहित भूमि की सही स्थिति को लेकर कई प्रकार की दिक्कतों का सामना एसआइटी को करना पड़ रहा था। जिसके चलते एसएसपी सदानंद दाते ने जिलाधिकारी से इस संबंध में सहयोग के लिए लिखा था। एसएसपी की पहल पर डीएम नीरज खैरवाल ने एसडीएम किच्छा एनसी दुर्गापाल को एसआइटी के सामने आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए अपना सहयोग देने के लिए नामित कर दिया है। इसके साथ ही एसआइटी जांच के दौरान स्थलीय निरीक्षण से लेकर रिकार्ड को लेकर संबंधित तहसील के एसडीएम व तहसीलदार को सहयोग के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसके चलते आने वाले दिनों में एसआइटी की राह आसान होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। एसडीएम किच्छा के सहयोग से एसआइटी व्यवहारिक दिक्कतों को दूर कर जांच को गति प्रदान करेगी।
वहीं एसएसपी सदानन्द दाते ने बताया कि एसआइटी के सहयोग के लिए एसडीएम किच्छा को नामित किया गया है। उनके सहयोग से एसआइटी जांच को और गति देने का प्रयास करेगी। जिससे मुआवजा घोटाले के दोषी सामने लाए जा सके।

दून के दलित मोती राम कर सकते हैं अमित शाह को होस्ट

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53 साल के मोती राम 2 दशक से बीजेपी में वालंटियर की तरह काम कर रहे हैं।मोती राम का घर देहरादून बीजेपी ऑफिस बलबीर रोड से कुल 20 मीटर दूरी पर है,और पहले भी उन्होंने बहुत से क्षेत्रीय नेताओं के होस्ट रहे हैं जैसे कि देहरादून मेयर विनोद चमोली,डोईवाला विधायक उमेश शर्मा काऊ लेकिन किसी नेता वो भी राष्ट्रीय पार्टी प्रेसिडेंट को अपने घर मे खाना खिलाना उनके लिए काफी खुशी का विषय है।

राम जो एक दलित हैं,19 सिंतबर को दो दिन के दौरे पर आने वाले बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को अपने घर पर दिन का भोजन कवाऐंगे। मोती राम ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि पार्टी ने अब तक कोई नाम फाईनल किया है लेकिन अगर मेरा नाम फाईनल होता है तो इससे बड़ी खुशी की बात मेरे लिए क्या होगी कि मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष को लंच करवाऊं।

शाह के खाने का प्रोग्राम की वजह हैं उनका कार्यक्रम जिसके अंर्तगत वह हर राज्य में एक दलित के यहां लंच कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने राजस्थान,हरियाणा,यूपी और दूसरे राज्यों में भी यह कार्यक्रम किया है।उत्तराखंड में बीजेपी ने पिछले चुनावों में 70 में से 57 सीटों पर जीत हासिल की थी जिसमें दलितों को पारंपरिक रुप से कांग्रेस का वोटर माना जाता था लेकिन इस चुनाव में माना जा रहा कि बीजेपी को सभी ने दिल खोल के वोट दिया है।

राम,भारत संचार निगम लिमिटेड में काम करते हैं और अपने राजनितिक लगाव से बिल्कुल भी हिचकिचाते नहीं।उन्होने कहा कि मैं अपनी मर्जी से राजनिति में रुचि रखता हूं और मैं जिस भी पार्टी को मानूं यह मेरी पसंद हैं। एमएलए खजान दास  जिन्होंने पिछले चुनावों में जीत हासिल की थी,उनके उपर ही जिम्मेदारी दी गई है कि वह शाह के लंच के लिए दलित परिवार का चुनाव करें। खजान दास ने कहा कि शाह का शेड्यूल व्यस्त रहेगा तो हम ऐसे परिवार को चुनेंगे जिसका घर बीजेपी ऑफिस के नजदीक होगा ताकि आने जाने का समय बच सके।

5 लोगों के परिवार में राम की दो बेटियां एक बेटा और पत्नी हैं। राम की पत्नी 48 साल की पूनम देवी का कहना हैं कि अगर हमारा नाम फाइनल होता हैं तो यह सपने के सच होने की तरह हैं कि मैं मेरे घर में अमित शाह को लंच करवाउंगी।

एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

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ब्रह्मपुरी काॅलोनी निवासी तेज प्रकाश पुत्र देशराज सिंह ने पुलिस पर मारपीट व मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी व एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित दर्जी का काम करता है। उसे चेतक पुलिसकर्मियों द्वारा बुरी तरह से पीटा गया। तेज प्रकाश का कहना है कि पार्षद के कहने पर उसे पुलिसकर्मियों द्वारा मारा पीटा गया। गुजर बसर करने के लिए ब्रह्मपुरी में मार्ग पर खोखे में सिलाई का कार्य तेजप्रकाश काफी समय से करता चला आ रहा हैं। दिव्यांग होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर हैं। जिन कारणों से सिलाई कर रोजी रोटी खोखे के सहारे चल रही है।
तेज प्रकाश का कहना है कि ब्रह्मपुरी के पार्षद रंजिश के तहत षड़यंत्र कर मुझे पुलिसकर्मियों से बुरी तरह से पिटवाया गया। चेतक सवारों द्वारा मुझे मौहल्लेवासियों के समक्ष ही जमकर लात डंडों से बुरी तरह से पीटा गया। उस दौरान मुझे गंभीर चोटें भी आईं। स्थानीय लोग पूरी घटना को जानते हैं लेकिन कोई भी पुलिस के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है।
तेजप्रकाश के समर्थन में स्थानीय लोगों ने हिम्मत जुटाकर पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही को लेकर तेजप्रकाश के समर्थन मंे जुट गये हैं। लोगों का कहना है कि दिव्यांग के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मार पिटाई करना गलत है दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिये।
तेजप्रकाश ने मार पिटाई की शिकायत जिलाधिकारी व एसएसपी को कर न्याय की गुहार लगाई। तेज प्रकाश का ईलाज चिकित्सालय में चल रहा है। वह बुरी तरह घायल है। स्थानीय ब्रह्मपुरी क्षेत्र के लोगों द्वारा दिव्यांग तेजप्रकाश के ईलाज के लिए पैसे भी एकत्र किये गए।