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किडनी प्रकरण में आईएमए ने की सीबीआई जांच की मांग

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की उत्तराखंड शाखा ने किडनी प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है। आईएमए का कहना है कि चिकित्सा के पेशे को बदनाम करने वाले लोग बेनकाब होने चाहिए।

आईएमए के प्रांतीय महासचिव डॉ. डीडी चौधरी के अनुसार डॉक्टर सेवाभाव से मरीजों का उपचार कर जनता का सम्मान हासिल करते हैं, लेकिन कुछ चिकित्सक ऐसे भी हैं जो डॉक्टरी के सम्मानजनक पेशे को बदनाम भी कर रहे हैं। ऐसे आपराधिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आइएमए सरकार से मांग करती है कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि में किए गए इस अनैतिक कृत्य की जांच सीबीआई से कराई जाए।
राज्य का चिकित्सक समुदाय का मानना है कि उत्तराखंड में भारत और नेपाल के बीच की लगभग 150 किमी की अंतर्राष्ट्रीय सीमा खुली है। इसके अलावा हेल्थ विजिलेंस फोर्स की कमी के कारण उत्तराखंड अवैध चिकित्सा कार्यों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है। शहर में ही कई जगह झोलाछाप आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। पहाड़ के दुरुह क्षेत्रों में तो इन्हें ट्रैक करने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। डॉ. चौधरी के अनुसार उत्तराखंड में इन आपराधिक तत्वों की आमद रोकने के लिए सुदृढ़ सतर्कता प्रणाली की आवश्यकता है।
बता दें कि बीते वर्षों में उत्तराखंड के लिए सॉफ्ट कॉरिडोर बन गया है। अब लालतप्पड़ स्थित गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल में किडनी रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद अब यह माना जा रहा है कि राज्य मानव अंगों की तस्करी का भी सॉफ्ट डेस्टिनेशन बन गया है। आईएमए उत्तरांचल के संरक्षक और राज्य सह-समन्वयक डॉ. भीम एस पांधी ने कहा कि राज्य के दुरुह क्षेत्र स्वास्थ्य विभाग के निरंतर रडार पर होने चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की भारी कमी है और देखना होगा कि कोई गलत ढंग से इसका फायदा न उठाए। जनपद चमोली, पिथौरागढ़ में धारचूला और ऊधमसिंहनगर में खटीमा सहित अन्य क्षेत्रों में खास सर्तकता बरती जाए।
प्रदेश में अभी केवल दो अस्पताल, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और हिमालयन अस्पताल को गुर्दा प्रत्यारोपण की अनुमति है। जबकि मैक्स अस्पताल मंजूरी का इंतजार कर रहा है। यहां दो बार निरीक्षण के बाद भी स्वास्थ्य विभाग से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली पाई है। जबकि दूसरी तरफ राजधानी में ही आयुर्वेदिक डॉक्टर एक जटिल सर्जरी को आसानी से अंजाम दे रहा था। 

किडनी गैंग: दून पुलिस ने खंगाले आरोपियों के बैंक अकाउंट

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किडनी कांड में शामिल मास्टरमाइंड और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए दून पुलिस ने पूरा जोर लगा दिया है। पुलिस जांच में अब तक जो बात सामने आई है, उसमें मुख्य आरोपी डा. अमित और उसका पूरा परिवार नटवरलाल साबित हुआ है। पुलिस ने डा. अमित के बेटे अक्षत और लालतप्पड़ में चलाए जा रहे गोरखधंधे के मुख्य लाइजनर राजीव चौधरी की पत्नी अनुपमा शर्मा के बैंक अकाउंट को खंगाल कर अहम जानकारी जुटाने का दावा किया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल रिपोर्ट मे भी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट करने की पुष्टि की गई है। बुधवार को दून पुलिस की 5 टीमें गुजरात, महाराष्ट्र, गुडगांव के अलावा देश के अन्य राज्यों के लिए रवाना कर दी गई है।

अक्षत के अकाउंट में करीब 73 लाख रूपये जमाः एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि मामले में अब तक पुलिस ने आरोपियों के बैंक अकांउट की डिटेल निकलवाई है। एसएसपी ने बताया कि डा. अक्षत का अकांउट अक्षय संतोष राउत के नाम से संचालित किया जाता है। अभी तक अलग-अलग बैंको में अक्षत के पास करीब 73 लाख रूपये जमा है। इसके अलावा अक्षत एक कंपनी के जरिए भी कारोबार करता था। जिसमें मुम्बई में लिबर्टी होटल भी शामिल है। एसएसपी ने बताया कि इसके अलावा लालतप्पड़ में लाइजनर का काम करने वाले राजीव चौधरी की पत्नी अनुपमा शर्मा का भी लालतप्पड़ देहरादून में पीएनबी का अकाउंट है। जिसमें सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन होता था। एसएसपी ने बताया कि अनुपमा के अकांउट से ही हॉस्पिटल में दवाईयां और अन्य लेन देन का काम होता था। अब तक कुल मिलाकर पुलिस को अलग-अलग बैंकों के 9 संधिक्त बैंक खातों के संबंध में जानकारी मिली है। जिसमें लगभग 74 लाख 50 हजार रुपये जमा है।

 नेचर विला रिसोर्ट से खुलेंगे अहम सुरागः एसएसपी ने बताया कि लाल तप्पड़ स्थित नेचर विला रिसोर्ट में किडनी कांड से संबधित लोगों को रुकवाया जाता था। पुलिस ने नेचर विला रिसोर्ट के गेट एंट्री रजिस्टर को कब्जे में लेकर कमरों की तलाशी हेतू सर्च वारंट प्राप्त किया। साथ ही बुधवार को पीड़ित व्यक्तियों के मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान अंकित कराये गये। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए 5 अलग-अलग टीमें बनाकर गुजरात, महाराष्ट्र, गुडगांव आदि राज्यों में भेजी गई है।

4 परिवार किडनी कांड में संलिप्तःकिडनी कांड में अब तक जिन परिवारों की संलिप्तता पाई गई है। उनमें डा. अमित कुमार उसका बेटा डा. अक्षय और उसके एक ओर भाई का नाम सामने आया है जिसका नाम जीवन बताया जा रहा है। डा. अमित का पूरा परिवार इस गोरखधंधे में शामिल है। इसके अलावा पुलिस की पकड़ में जो आरोपी आया है जावेद उसकी पत्नी चंदना रानी गुड़िया भी इस गोरखधंधे में सब कॉन्ट्रेक्टर के रूप में काम करती थी। लालतप्पड़ में मेन लाइजनर राजीव चौधरी की पत्नी अनुपमा के बैंक अकाउंट से भी अनुपमा के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी अनुपमा को गिरफ्तार नहीं किया है। इसके अलावा जो डॉक्टर परिवार इस गोरखधंधे में डा. अमित का साथ देते थे उनमें डा. संजय दास, सुषमा कुमारी भी पति पत्नी हैं।


पुलिस जांच मेें अब तक सामने आए नाम:-

  • डॉ. अमित कुमार पुत्र पुरुषोत्तम निवासी 215 खक्करपुर सौरा मंगल गुडगांव कौशाल्या/2 एड हॉस्पिटल खार मुम्बई।
  • डॉ. अक्षय कुमार उर्फ राउत पुत्र अमित कुमार निवासी उपरोक्त।
  • डॉ. संजय दास पुत्र श्री छोटेलाल दास निवासी नगर परिषद वार्ड नं. 05 फोर्सगंज अररिया बिहार।
  • सुषमा कुमारी पुत्री रतन लाल केडिया निवासी सोन वर्षा राज सहरसा बिहार।
  • राजीव चौधरी पुत्र सुरेन्द्र पास सिंह निवासी क14/41 आदर्श नगर बडोत जिला बागपत।
  • चन्दना गुड़िया निवासी कलकत्ता पश्चिम बंगाल।
  • जगदीश भाई निवासी शिव ट्रेडिंग उदयनगर सचिन जीआईडीसी सूरत।

किसानों का वादा पूरा करने का सीएम काे बचा दस दिन

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किसानों के बकाया भुगतान में से बीस करोड़ रुपये जारी करने के वादे को पूरा करने के लिए इकबालपुर शुगर मिल के पास दस दिन का समय शेष रह गया है। वहीं वादे के अनुसार भुगतान नहीं करने पर मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी भी विभाग ने शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री से किए वादे के अनुसार मिल प्रबंधन को 25 सितंबर तक किसानों का भुगतान करना है।

जनपद के किसान तीन निजी चीनी मिलों पर गन्ना बेचते हैं, लेकिन किसानों को भुगतान लेने के लिए हर साल पापड़ बेलने पड़ते हैं। पिछले सत्र में भी मिलों की ओर से उधार में किसानों का गन्ना खरीदा गया है। इनमें से दो मिलों लिब्बरहेड़ी एवं लक्सर की ओर से किसी तरह भुगतान कर दिया गया, लेकिन इकबालपुर शुगर मिल भुगतान करने के मामले में सबसे पीछे चल रही है।
मिल की ओर से आठ दिसंबर तक का ही भुगतान किया गया है। जिससे मिल पर 79 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है। मिल की ओर से भुगतान करने के लिए बार-बार वादा किया जाता है, लेकिन भुगतान नहीं किया जाता है। इसी को देखते हुए दो सप्ताह पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से देहरादून में मिल प्रबंधन के साथ बैठक की गई थी। जिसमें मिल प्रबंधन को भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे। मिल प्रबंधन ने 25 सितंबर तक हर हाल में 25 करोड़ रुपये का भुगतान करने का वादा किया था। वादे को दो सप्ताह गुजर चुके हैं। लेकिन मिलों के भुगतान करने के आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। गन्ना विभाग के अधिकारी एवं किसान मिल पर भुगतान के लिए टकटकी लगाए देख रहे हैं। हालांकि अभी 10 दिन का समय है। देखना यह होगा कि मिल प्रबंधन मुख्यमंत्री को दिया हुआ वादा भी पूरा करता है या नहीं। उधर सहायक गन्ना आयुक्त आशीष नेगी का कहना है मिल से लगातार वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि इस बार मिल भुगतान कर देगी। ऐसा नहीं करने पर मिल पर कार्रवाई की जाएगी।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग चौथे दिन भी बंद

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उत्तरकाशी जिले के ओजरी गांव के निकट सोमवार से बंद यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग गुरुवार को भी नहीं खोला जा सका। मार्ग बंद होने से यात्री फंसे हुए हैं। हालांकि यात्रियों को वैकल्पिक पैदल मार्ग से गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सूबे में आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहेंगे। उत्तराखण्ड में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम गर्जन के साथ वर्षा हो सकती है।

आपदा कन्ट्रोल रूम उत्तरकाशी से जारी रिपोर्ट के अनुसार सुबह आठ बजे तक यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं खोला जा सका। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग ओजरी के पास लगातार मलबा पत्थर आने से अवरुद्ध है। यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा यात्रियों को पैदल वैकल्पिक मार्ग से पहुंचाया जा रहा है। पूर्ति विभाग द्वारा यात्रियों एवं आवाजाही करने वाले लोगों को जलपान एवं भोजन भी करवाया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि जैसे ही मलबा पत्थर गिरना बंद होगा, सड़क खोलने का कार्य शुरू कर दिया जायेगा। जिसके लिए जेसीबी, पोकलैंड एवं एनएच के कर्मचारी मुस्तैदी से तैनात हैं। जबकि जनपद के शेष सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए सुचारू है।

तो अब मोटरसाइकिल पर पहुंचेगी एंबुलेंस मरीजों तक

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बीते दिनों एंबुलेंस की कमी से अलग-अलग जगहों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।कहीं एंबुलेंस ना पहुंचने से महिला को कूड़े की गाड़ी में डिलवरी करनी पड़ी तो कहीं दूध की गाड़ी में।इन सब परेशानियों को देखतें हुए अब राज्य सरकार ने मोटरसाइकिल एंबुलेंस सेवा शुरु कर लोगों को मदद पहुंचाने की कोशिश की है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चमोली जिले के मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचकर पुलिस विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम निर्भीक का उद्घाटन कर निर्भय के लिए हीरो काॅप द्वारा दी गई 25 बाइक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गुरुवार को सुबह साढ़े नौ बजे सूबे के मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर के माध्यम से जिला मुख्यालय पहुंचे जहां से पहले वे सीधे गोपीनाथ मंदिर गए। पूजा-अर्चना के बाद पुलिस मैदान गोपेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उन्होंने हीरो काॅप द्वारा पुलिस को आपदा के समय काम आने के लिए पांच मोटरसाइकिल एंबुलेंस सहित 25 मोटरसाइकिल दी। जो पुलिस के विभिन्न कार्यों में प्रयुक्त की जाएगी। सीएम द्वारा इन मोटर बाइक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

निर्भीक कार्यक्रम चलाने वाला देश का दूसरा राज्य बना उत्तराखंड

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पुलिस के सहयोग से निर्भीक कार्यक्रम चलाने वाला उत्तराखंड दूसरा राज्य बन गया है। इससे पहले, हरियाणा ने इसकी शुरुआत की थी, जहां जनता ने इसे काफी सराहा। उत्तराखंड के चमोली जिले से इसकी शुरुआत की गई।

चमोली जनपद में हीरो काॅप की मदद से पुलिस द्वारा शुरू किए गए निर्भीक कार्यक्रम की शुरुआत सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की। इस मौके पर जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड देश का ऐसा दूसरा राज्य है जहां पर निर्भीक कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। चमोली जिले से की गई निर्भीक कार्यक्रम की शुरुआत, चमोली के लोगों और चमोली पुलिस के लिए गर्व की बात है।

निर्भीक के बारे में जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि निर्भीक पुलिस यूनिट का उद्देश्य शीघ्र से शीघ्र घटना स्थल पर पहुंच कर पीड़ित की सहायता करना है। इसमें यातायात से लेकर महिलाओं, बच्चों की सुरक्षा प्रदान करना है। इस यूनिट में तैनात पुलिस के जवानों को फर्स्ट एड का प्रशिक्षण भी दिया गया है। घायलों को मेडिकल फर्स्ट रिस्पोंस मोटरबाइक के माध्यम से चिकित्सालय तक पहुंचाया जायेगा।

जनपद के सभी थानों में आवश्यकता के अनुसार निर्भीक यूनिट तैनात की गई है। कार्यक्रम में विधायक बदरीनाथ महेंद्र भट्ट, थराली मगन लाल, कर्णप्रयाग सुरेंद्र सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह व जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। 

बीमारी फैला रहा परिवार कल्याण केंद्र

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विकासनगर: ग्रामीण महिलाओं व नौनिहालों को टीकाकरण समेत सामान्य उपचार देने वाला परिवार कल्याण केंद्र इन दिनों उपचार के बजाय बीमारी फैला रहा है। भले ही स्वास्थ्य विभाग आम जनता को सफाई पर ध्यान देने की नसीहत दे रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के परिवार कल्याण केंद्र जीवनगढ़ की दशा पर विभागीय अधिकारियों-कर्मियों की नजर नहीं पड़ रही है।
यहां परिसर में पिछले एक माह से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बरसात के दिनों से जमा पानी संक्रामक बीमारी का कारण बन रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से परिसर में स्वच्छता बनाए रखने की मांग की है।
अल्पसंख्यक बाहुल्य पंचायत जीवनगढ़ के बाशिंदों को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए गांव में परिवार कल्याण केंद्र स्थापना की गई। खासकर गर्भवती महिलाओं को नौनिहालों को टीकाकरण सहित महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होने वाली सामान्य बीमारियों में परिवार कल्याण केंद्र उपचार मुहैया कराता है। लेकिन इन दिनों यहां आने वाले नौनिहालों व महिलाओं के संक्रामक बीमारियों से ग्रसित होने का खतरा बना हुआ है। कारण केंद्र के परिसर में पिछले एक महीने बरसात का पानी जमा है जिसमें मच्छर पैदा हो गए हैं। परिसर में पानी जमा होने के कारण यहां मरीजों का आने जाने में भी परेशानी हो रही है।
उप प्रधान रेणू खान, फतेह आलिम, मौ. इस्लाम, शराफत, आसिफ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार परिसर की सफाई करने की गुजारिश की गई, लेकिन अधिकारी ग्रामीणों की समस्या की ओर ध्यान नहीं देकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। उधर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. केके शर्मा ने कहा कि सीएचसी से सफाई कर्मी भेजकर परिसर की सफाई करा दी जाएगी।

बरेली की बर्फी के बाद नई फिल्म आलिया के साथ

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बाक्स आफिस पर सफलता पाने वाली हालिया रिलीज फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ की निर्देशिक अश्विनी अयैर तिवारी की अगली फिल्म की योजना शुरु हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, इस बार तिवारी की फिल्म में आलिया भट्ट मुख्य भूमिका निभाएंगी। इस तरह के संकेत खुद अश्विनी की तरफ से मिले हैं। कहा जा रहा है कि अश्विनी तिवारी ने आलिया को अगली फिल्म के लिए कहानी सुनाई है, जो आलिया को पसंद आई है।

आलिया इन दिनों पंजाब में हैं, जहां वे मेघना गुलजार की बन रही फिल्म ‘राजो’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। जानकारी के अनुसार, इस फिल्म की शूटिंग निपटाकर मुंबई लौटकर आलिया और अश्विनी के बीच इस फिल्म को लेकर निर्णायक मुलाकात होगी।

आमिर खान की फिल्म दंगल के निर्देशक नितेश तिवारी की पत्नी अश्विनी अयैर तिवारी ने बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘निल बट्टे सन्नाटा’ बनाई थी, जिसमें स्वारा भास्कर और रत्ना पाठक शाह की अहम भूमिकाएं थीं और इस फिल्म को जमकर तारीफ मिली थी।

हाल ही में रिलीज हुई अश्विनी की दूसरी फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ को भी काफी पसंद किया गया है। इस फिल्म में आयुष्मान खुराना, कीर्ति सेनन और राजकुमार राव की प्रमुख भूमिकाएं रहीं। 

फिल्म ‘लखनऊ सेंट्रल’ के स्पेशल शो में पहुंचे सितारे

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आगामी शुक्रवार को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘लखनऊ सेंट्रल’ की एक स्पेशल स्क्रीनिंग मुंबई के एक सिनेमाघर में हुई, जिसमें बॉलीवुड के दिग्गज सितारों ने शामिल होकर फिल्म की टीम को बधाई दी और फिल्म की तारीफ करी।

इस शो में हिस्सा लेने आए मेहमानों में सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय क्रिकेट के महान सितारे सचिन तेंदुलकर रहे, जो अपनी पत्नी अंजलि और बेटी सारा के साथ पहुंचे। सारा को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है कि वे जल्दी ही फिल्मों की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। सचिन और उनके परिवार के अलावा इस शो में शामिल होने आए बॉलीवुड के सितारों में तापसी पन्नू, राधिका आप्टे, चित्रगांधा सिंह, कीर्ति सेनन, अदिति राव हैदरी, दिया मिर्जा, ऋचा चड्ढा, विनोद मेहरा के बेटे रोहन, निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा, मधुर भंडारकर, ‘दंगल’ फेम नितेश तिवारी, ‘बरेली की बर्फी’ के निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी प्रमुख रहे।

निर्माता निखिल आडवाणी की प्रोडक्शन कंपनी में बनी इस फिल्म का निर्देशन रंजीत तिवारी ने किया है। फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में फरहान अख्तर, डायना पेंटी, राजेश शर्मा, दीपक डोबरियाल, इनामुल हक, रवि किशन और गिप्पी ग्रेवाल हैं।

अमृता सिंह से खफा सनी देओल

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सनी देओल की इस शुक्रवार को फिल्म ‘पोस्टर ब्वायज’ रिलीज हुई है। वे इन दिनों अपने बेटे करण देओल को बतौर हीरो लॉन्च करने के लिए तैयारियों में बिजी हैं। करण की लॉन्चिंग फिल्म को लेकर हाल ही में पत्रकारों से बात करते हुए सनी ने अपनी ‘बेताब’ फिल्म की हीरोइन अमृता सिंह को लेकर एक राज खोला।

सनी देओल ने बताया कि वे चाहते थे कि करण के साथ अमृता की बेटी (सारा अली खान) की जोड़ी वैसे ही बने, जैसे सालों पहले बेताब में सनी के साथ अमृता सिंह की जोड़ी को लॉन्च किया गया था। सनी के मुताबिक, करण के साथ सारा की जोड़ी को लॉन्च करने के लिए उन्होंने अमृता सिंह को अप्रोच किया, तो अमृता ने सोचने के लिए कुछ वक्त मांगा और फिर उनको कोई जवाब ही नहीं दिया। जिससे सनी खफा हो गए। 

सनी कहते हैं कि वे काफी वक्त तक अमृता सिंह के जवाब का इंतजार करते रहे। जब उनको खबर मिली कि सारा को कोई और लॉन्च कर रहा है, तो उन्होंने उम्मीद छोड़ दी और अपना आफर वापस ले लिया। सारा को पहले करण जौहर की कंपनी में बन रही फिल्म ‘स्टूडेंटस ऑफ द इयर’ की सीक्वल में लॉन्च किया जाना था, लेकिन अमृता सिंह और फिल्म की क्रिएटिव टीम के साथ गंभीर मतभेदों के बाद सारा को अलग कर दिया गया।

अब सारा अली खान को एकता कपूर की कंपनी बालाजी की फिल्म ‘केदारनाथ’ में लॉन्च किया जा रहा है, जिसके हीरो सुशांत सिंह राजपूत और निर्देशक अभिषेक कपूर हैं। फिल्म का पहला शेड्यूल हाल ही में उत्तरांचल मे देहरादून के करीब शुरू हुआ है। दूसरी ओर, करण के साथ सनी की फिल्म की शूटिंग लंदन में शुरू होगी। अपने बेटे की लॉन्चिंग फिल्म का निर्देशन सनी खुद कर रहे हैं।