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चौरास मोटर पुल का धन सिंह रावत ने लिया जायजा

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उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बहुप्रतीक्षित चौरास मोटर पुल का बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल के 45 मीटर हिस्से पर पड़े लेंटर का जायजा लिया।

श्रीनगर विधायक व उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही लोगों को इस पुल से आवागमन की सुविधा मिले, इसका प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक पुल पर सुचारू रूप से आवागमन शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग के ईई सुरेश तोमर ने राज्य मंत्री डा. रावत को पुल पर लेंटर पड़ने व पुल निर्माण से संबंधित जानकारियां दीं।

उन्होंने बताया कि पुल के निर्माण में सुरक्षा व मजबूती का विशेष ध्यान रखा गया है। मंत्री डा. रावत ने लोनिवि के ईई को श्रीनगर की तरफ पुल के लिए जाने वाली एप्रोच रोड का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। चौरास की ओर से बनने वाली एप्रोच रोड के बारे में उन्होंने कहा कि जल्द ही इस रोड का कार्य शुरू हो, सरकार की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है।

कब बहुरेंगे ब्लाक मुख्यालय की लाइफ लाइन एटी रोड के दिन

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बद से बदत्तर बनती जा रही अगलाड़-थत्यूड़ मोटर मार्ग, लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। यूं तो ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली अगलाड़-थत्यूड़ मोटर मार्ग को लाइफ लाइन कहा जाता हैं लेकिन इसकी खुद की लाइफ इतनी दयनीय हैं कि इसमें सफर करने वाले लोगों की सांस में सांस अटकी रहती हैं, फिर भी लोग इस पर सफर करने को मजबूर हैं।

ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली खस्ताहाल पड़ी अगलाड़ थत्यूड़ मोटर मार्ग की स्थिति दिन पर दिन बद से बदत्तर बनती जा रही है। नैनबाग-विकासनगर हाईवे पर अगलाड़ पुल से शुरू होती एटी रोड़ की स्थिति बंदर कोट से ही दयनीय बनी हुई है, सडब खाला में सड़क की दीवारें टूटी हुई है जिससे मार्ग बहुत ही संकरा है। 7-8 किमी,  कैंणु खाला नामे तोक पर वर्ष 2010 व 2013 में भारी भूस्खलन होने से वह सबसे खतरनाक डेंजर जोन हैं, जिससे लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरते रहते हैं। वर्ष 2016 में यहा चल रहे ग्राम बेल के नैन सिंह के पैर पर बड़ा बोल्डर गिरा था जिससे घटनास्थल पर पड़े रहने से अधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। हालांकि घटना के बाद इस डेंजर जोन के मरम्मत का कार्य किया गया लेकिन अभी भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला बदस्तूर जारी हैं।

वही 11 किमी गरखेत मुख्य बाजार के समीप सड़क पर बहते बरसाती गदेरे को पार करना जोखिम भरा रहता हैं। बरसाती गदेरे के कारण 2013 की दैवीय आपदा में सड़क के निचले हिस्से की दीवार बह गई थी जिससे पैदल स्कूली बच्चों पर भी खतरा बना रहता हैं।  खस्ताहाल अगलाड़-थत्यूड़ मोटर मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं जिसमें अलग-अलग घटनाओं में अब तक 7 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हांलाकि एटी रोड अगलाड़ पुल से ब्लॉक मुख्यालय 44 किमी बहुत ही संकरा हैं लेकिन 15 से 20 किमी बंदर कोर्ट से बिच्छू खड़ तक का सफर तय करने में लोगों की सांस में सांस अटकी रहती हैं।

2010 से बदहाल अगलाड़-थत्यूड़ मोटर मार्ग से 23 राजस्व व 12 ग्राम पंचायत की लगभग दस हजार स्थानीय आबादी सहित नैनबाग क्षेत्र के लालूर, इडवाल्सयू, सिलवाड़ पट्टी से ब्लाक मुख्यालय जाने वाले हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। वही विभाग का कहना है कि एटी रोड़ की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है बजट स्वीकृत होते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जायेगा।

स्थानीय निवासी प्रधान द्वारगढ़ दिनेश रावत, प्रधान खासकुदाऊं श्याम सिंह, बौराडी प्रधान सीमा देवी, राजेंद्र रावत, जनानन्द बिजल्वाण, अतुल गुसाईं, नागेंद्र प्रसाद, प्रताप सिंह आदि का कहना हैं कि अगलाड़ थत्यूड़ मोटर मार्ग का मुद्दा कई बार बीडीसी के माध्यम से, विकास गोष्टी के मंचों के माध्यम से और कई जिलाधिकारियों को दिया ज्ञापन से इस विकराल समस्या के बारे में अवगत कराया लेकिन अब तक किसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी। लगता हैं कि सरकार और प्रशासन अभी और बड़ी दुर्घटनाओं का इंतजार कर रही हैं।

खुल गई पोल, मंदिर प्रबन्धक जाएंगे जेल?

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जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति गठन की उठापठक जारी है। इस बार दून से आई जांच ने कईयों के पसीने छुड़ा दिए हैं। लोगों की शिकायत पर हुई जांच के बाद देहरादून से भेजी गई खुफिया टीम के अधिकारियों ने वर्तमान प्रबंधक प्रकाश भट्ट से ज्वाइंट इंट्रोगेशन किया।  इस पूछताछ में प्रकाश भट्ट की पुरानी कुंडली भी खंगाली गई। जांच जिला मुख्यालय पहुंचते ही प्रबंधक के नेता और पुजारी दावेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। शुरुआती जांच के बाद प्रकाश भट्ट के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 478 और 471 के तहत केस दर्ज होने तय माना जा रहा है। इस आपराधिक मुकदमे के तहत गिरफ्तारी के साथ रिकवरी के भी पूरे आसार हैं।

हाईकोर्ट के आदेशानुसार जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति में प्रबंधक पद के लिए कोई पुजारी या राजनैतिक दल से संबंद्ध लोग आवेदन नहीं कर सकते हैं, इस बार इसका उल्टा हुआ है। इस बार प्रबंधक पद पर एक पुजारी समेत पांच भाजपाई और दो कांग्रेसी नेताओं ने आवेदन कर डाले। तत्कालीन डीएम सविन बंसल के आदेश पर एलआईयू जांच से इस बात की पुष्टि होने पर उक्त सभी के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। डीएम के तबादले के तत्काल बाद उक्त सभी नेताओं और पुजारियों ने दोबारा आवेदन कर दिए थे।

सूत्रों के मुताबिक एक मंत्री और एक स्थानीय नेता से प्रेशर डलवाकर सभी नेताओं ने अपने आवेदन देहरादून फारवर्ड करवा लिए थे। किसी ने इसकी शिकायत राज्यपाल से कर दी थी। शिकायतकर्ता ने वर्तमान प्रबंधक प्रकाश भट्ट पर भी कोर्ट को गुमराह कर पद हासिल करने के आरोप लगाए थे। सूत्रों के मुताबिक इसको गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने डीएम अल्मोड़ा को प्रकाश भट्ट मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए। सूत्रों के मुताबिक प्रकाश भट्ट देहरादून से पहुंची सपेशल खुफिया टीम ने अलग-अलग स्थानों पर चार घंटे से अधिक पूछताछ की। इस पूछताछ में प्रकाश भट्ट हड़बड़ा गए थे। उन्होंने जांच अधिकारियों के सामने पूरा सच उगल दिया।

सूत्रों के मुताबिक खुफिया टीमें अब भी प्रकाश भट्ट की कुंडली खंगालने में जुटी हुईं हैं। ऐसे हालात में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना भी तय माना जा रहा है। प्रशासन के इस कदम से वर्तमान में प्रबंधक और उपाध्यक्ष पद पर आवेदन करने वाले नेताओं और पुजारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कल तक जो नेता अपनी गोट फिट करने में जुटे हुए थे अब वह इस पद से दूर होने की कोशिशों में भी जुटे हुए हैं। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि सभी अयोग्य दावेदारों ने आवेदन के साथ ही झूठे शपथ पत्र भी भरे हैं। स्थाननीय लोगों के पास इससे सम्बंधित तमाम फ़ोटो और अखबारों की कतरन मौजूद हैं।  इसके अलावा तत्कालीन जिलाधिकारी भी उनके आवेदन पत्रों को मार्क कर गए हैं। इस सम्बंध में लोगों ने उन आवेदन पत्रों की प्रतिलिपि हासिल करने को आरटीआई भी डाल दी है।
पांच लाख दो तो अभी हो जाएगा काम।

सूत्रों के मुताबिक विज्ञप्ति जारी होते ही जागेश्वर विधान सभा और  प्रॉपर जागेश्वर के कुछ नेता भी कमेटी गठन की आड़ में अपना उल्लू साधने की कोशिशों में जुट गए थे। कुछ नेता तो आवेदकों को ऊंची पकड़ का हवाला देते हुए  पद पर ताजपोशी के एवज में पांच लाख घूस की भी डिमांड करने लगे थे। ऐसे नेता खुद को आला कमान का खास बता रहे थे। ऊपर से जांच आते ही अब ये कथाकथित नेता भी प्रवंधन समिति से खुद को दूर करने लगे हैं।सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां भी इन नेताओं की कुंडली का अध्ययन करने में जुट गईं हैं। जांच की आंच आंच में ये नेता भी झुलस सकते हैं।

टाटा सफारी लूट के दो इनामी बदमाश गिरफ्तार

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बहादराबाद पुलिस ने टाटा सफारी लूट के फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक बदमाश फरार होने में कामयाब रहा।

सीओ कनखल जेपी जुयाल ने बताया कि, “12 अगस्त 2016 को एक लड़की और पांच लड़कों ने  शिवा ट्रांसपोर्ट मुजफ्फरनगर से दो हजार रुपये में हरिद्वार के लिए टाटा सफारी बुक कराई थी। इस्लाम हरिद्वार में बोंगला बाईपास पर पहुंचा तो पीछे बैठे एक लड़के ने थप्पड़ मारकर गाड़ी रोकने को कहा। अन्य लोगों ने कनपटी पर तमंचा लगाकर गाड़ी से नीचे उतार दिया। इसके बाद वह गाड़ी लेकर भाग गए थे।” उसने मामले की सूचना पुलिस को मिली।  पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दौलतपुर शराब के ठेके के पास जंगल में घेराबंदी करके गाड़ी सहित अमृतपाल कौर पुत्री नक्षत्र सिंह, हरजीत सिंह पुत्र बलविंदर और संदीप पुत्र बूटा निवासी मूसा थाना कोटधरमू मानसा पंजाब को गिरफ्तार कर लिया था।  

पीड़ित की तहरीर पर पुलिस 6 व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पुलिस पूछताछ में साथियों के नाम कुलदीप सिंह और गुरुप्रेम सिंह व देवी बताया। पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्य भूषण नेगी, उप निरीक्षक मान सिंह नेगी, कांस्टेबल मुकेश नौटियाल, दीपक चैहान को मिलाकर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने 12 सितंबर उक्त अपराधियों के घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनका एक साथी देवी मौके से फरार हो गया। गाड़ी लूट के तीनों फरार आरोपियों पर ढाई-ढाई हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

सड़क दुर्घटना में पांच घायल

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रोडवेज बस को पास देने के चक्कर में हल्द्वानी से धारचूला की ओर जा रही एक बोलेरो कार गुडौली के पार दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें पांच लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए पीएचसी कनालीछीना में भर्ती किया गया है।

बुधवार देर शाम करीब 5:30 बजे बोलेरो कार संख्या यूके 04 टीएम 4491 हल्द्वानी से धारचूला की ओर जा रही थी। गुडौली के समीप वितरीत दिशा से आ रही एक रोडवेज बस को पास देने के दौरान बोलेरो कार सड़क पर पलट गई। जिससे उसमें सवार धारचूला निवासी चालक पुष्कर सिंह (28), खीम सिंह (65), मुन्नी (20), भीम सिंह (27) और दुर्गा सिंह (27) घायल हो गए।
स्थानीयों की मदद से सभी घायलों को आपातकालीन 108 वाहन के माध्यम से पीएचसी कनालीछीना लाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। घायलों में कुछ की हालत चिंताजनक बताई जा रही है वही कुछ सामान्य है जिन्हें हल्की चोटे आई है। 

एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

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हरिद्वार, के ब्रह्मपुरी काॅलोनी निवासी तेज प्रकाश  ने पुलिस पर मारपीट व मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी व एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित दर्जी का काम करता है। उसे चेतक पुलिसकर्मियों द्वारा बुरी तरह से पीटा गया। तेज प्रकाश का कहना है कि पार्षद के कहने पर उसे पुलिसकर्मियों द्वारा मारा पीटा गया। गुजर बसर करने के लिए ब्रह्मपुरी में मार्ग पर खोखे में सिलाई का कार्य तेजप्रकाश काफी समय से करता चला आ रहा हैं। दिव्यांग होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर हैं।

तज प्रकाश का कहना है कि ब्रह्मपुरी के पार्षद रंजिश के तहत षड़यंत्र कर मुझे पुलिसकर्मियों से बुरी तरह से पिटवाया गया। चेतक सवारों द्वारा मुझे मौहल्लेवासियों के समक्ष ही जमकर लात डंडों से बुरी तरह से पीटा गया। उस दौरान मुझे गंभीर चोटें भी आईं। स्थानीय लोग पूरी घटना को जानते हैं लेकिन कोई भी पुलिस के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है।

तेजप्रकाश के समर्थन में स्थानीय लोगों ने हिम्मत जुटाकर पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही को लेकर तेजप्रकाश के समर्थन मंे जुट गये हैं। लोगों का कहना है कि दिव्यांग के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मार पिटाई करना गलत है दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिये।

तेजप्रकाश ने मार पिटाई की शिकायत जिलाधिकारी व एसएसपी को कर न्याय की गुहार लगाई। तेज प्रकाश का ईलाज चिकित्सालय में चल रहा है। वह बुरी तरह घायल है। स्थानीय ब्रह्मपुरी क्षेत्र के लोगों द्वारा दिव्यांग तेजप्रकाश के ईलाज के लिए पैसे भी एकत्र किये गए। 

युवती की बरामदगी को चेन्नई जाएगी पुलिस

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आठ माह पूर्व ज्वालापुर से अगवा युवती को अपहरणकर्ता ने चेन्नई में रखा है। पुलिस पूछताछ में अपहरणकर्ता ने जानकारी दी। युवती की बरामदगी को पुलिस टीम चेन्नई भेजी जा रही है।

ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी निवासी एक युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। उसके परिजनों ने तलाश के बाद गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।

पुलिस को आर्यनगर कॉलोनी निवासी सविंद्र सिंह पर अपहरण करने का शक था। वह भी युवती के गायब होने वाले दिन से लापता चल रहा था। इस बीच उसके वापस आने पर पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की। उसने युवती के बारे में सबकुछ उगल दिया। बताया कि युवती को चेन्नई में रखा है। पुलिस टीम एसआइ सुरेन्द्र सिंह विष्ठ के नेतृत्व में चेन्नई जाएगी।

सड़कों पर उतरे बच्चे शिक्षा मंत्री से कर रहे सवाल

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पिथोरागढ(मदकोट) -आधा शिक्षा सत्र गुजर गया है और विद्यालय शिक्षक विहीन बने हैं। प्रतिदिन शिक्षकों के आने की आस में विद्यालय पहुंच रहे छात्र-छात्राओं का धैर्य आखिर जबाव देने लगा है। राइंका मदकोट के छात्र-छात्राओं ने हमें भी पढ़ाओ नारों के साथ कक्षाएं छोड़ कर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। बच्चों के सड़क पर उतरते ही उनके अभिभावक भी समर्थन में आ गए।

आदर्श राइंका मदकोट में दूर दराज के ग्रामीण बच्चे कई किमी पैदल चल कर पढ़ने आते हैं। विद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। इन कक्षाओं में बच्चे खाली बैठे रहते हैं। नए शिक्षा सत्र में सरकार ने शिक्षकों का तबादला तो कर दिया परंतु उनके प्रतिस्थानी नहीं भेजे गए। आधा सत्र समाप्त होने जा रहा है। इन विषयों की कक्षाएं आज तक नहीं चल सकी हैं।

जब छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंची तो उनका धैर्य जबाव दे गया। कक्षाओं में खाली बैठे छात्र-छात्राओं ने शिक्षक दो, हमें भी पढ़ने का अधिकार है के नारे के साथ कक्षाओं का बहिष्कार कर बाजार में जुलूस निकाला। विद्यार्थियों ने लगभग दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान कई अभिभावक भी जुलूस में शामिल हो गए।

प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का कहना था कि इंटर में कला और विज्ञान वर्ग में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नही है। घरों से पांच से 10 किमी पैदल चलकर पढ़ने आते हैं। विद्यालय में कक्षों में बैठकर खाली दीवारों को ताकना पड़ता है। सरकार को गरीबों और ग्रामीणों की शिक्षा से कोई लेना देना नहीं रह चुका है। इधर अभिभावकों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने पर आंदोलन का नेतृत्व करने की चेतावनी दी है।

अघोषित बिजली कटौती से कारोबार पर असर

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उत्तराखण्ड में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती के कारण उपभोक्ताओं को खासी फजीहत झेलनी पड़ रही। जबकि विद्युत विभाग इसे बेहतर बिजली व्यवस्था बनाने के लिए मेंटेनेंस को शट डाउन का कारण बता रहा है।

उत्तराखंड पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी यूपीसीएल का दावा है कि वे बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए ट्रांसफॉर्मर से लेकर विद्युत लाइनों में मेंटेनेंस के लिए शट डाउन कर रहे हैं। यूपीसीएल ने इस काम को पूरा करने के लिए दीपावली तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके बाद बिजली आपूर्ति सुचारू करने की दावा है। उद्योगपतियों का कहना है कि पिछले दिनों बिजली की उपलब्धता न होने के कारण सप्ताह में दो दिन तक उत्पादन बंद करना पड़ा। देहरादून के सेलाकुईं क्षेत्र में ही करीब 450 छोटे-बड़े उद्योग चल रहे है।

औद्योगिक इकाइयों का कहना है कि बिजली कटौती के चलते उत्पादन पर बूरा असर पड़ रहा है। कुछ ही दिनों में दशहरा और दिवाली जैसे महत्पूर्ण त्यौहार आने वाले है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह समय काफी मायने रखता है। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव अनिल मारवाह का कहना है कि इस समय भी उद्योगों को करीब तीन- चार घंटे औसतन बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सेलाकुई इंडस्ट्री में करीब 220 केवी का सब स्टेशन प्रस्तावित था लेकिन अभी तक कुछ हुआ नही। इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि बिजली की आपूर्ति से ज्यादा दिक्कत सिस्टम मैनेजमेंट में है।

यूपीसीएल के एमडी बीसीके मिश्रा का कहना है कि, “न केवल दून के औद्योगिक क्षेत्र बल्कि समूचे राज्य में मरम्मतीकरण की जरूरत है।काम चल रहा है, इसीलिए शटडाउन किया जा रहा है। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि दीपावली तक मरम्मत का काम पूरा कर दिया जाए।यूपीसीएल सब स्टेशन इसी महीने में अस्तित्व में आ जाएगा और दिक्कतें दूर हो जाएगी।” 

जल्द सुलझेगी मसूरी की आवासीय समस्या: जोशी

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मसूरी विधायक गणेश जोशी ने केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री, डॉ. महेश शर्मा से नई दिल्ली में मुलाकात की। विधायक जोशी ने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के प्रथम दिन केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री से मुलाकात कर मसूरी के 200 निजी एस्टेट में वन एंव पर्यावरण संबंधी समस्याओं को विस्तार से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि मसूरी में प्राइवेट एस्टेट्स की समस्या पूर्व से ही चली आ रही है और पूर्व वन मंत्री द्वारा भी इसे निस्तारित किए जाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन उनका आकस्मिक निधन होने के कारण यह सम्भव नहीं हो पाया। उन्होंने केन्द्रीय वन मंत्री को बताया कि इस समस्या के समाधान के मसूरी के निजी एस्टेट मालिकों और निवासियों की एक गम्भीर समस्या का समाधान हो जाएगा।

गौरतलब हो कि पिछले कई वर्शों तक यह प्रकरण उच्चतम न्यायालय में चला। कोर्ट के एक आदेश से मसूरी की आवासीय समस्या को सुलझाने के लिए प्रति व्यक्ति प्रति 250 वर्गफिट जमीन के आवासीय भवन निर्मित करने का शासनादेश वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी किया गया। किन्तु शासनादेश में कुछ त्रुटि होने के कारण यह आदेश अभी तक लागू नहीं हो पाया है। शासनादेश में गलती के कारण मसूरी के निवासियों को खासी परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है।  यह भी सर्वविदित है कि मसूरी को छोड़कर भारत के किसी भी पर्यटक स्थल पर जमीनों के संदर्भ में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें वन एवं पर्यावरण के मामले में आपत्ति लगाई गई हो।

समस्या से अवगत होने के बाद केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा विधायक जोषी को आश्वत किया गया कि अतिशीघ्र इस प्रकरण को सुलझा लिया जाऐगा। उनके द्वारा मंत्रालय के अधिकारियों को इस बावत निर्देशित कर दिया गया है।