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भूस्खलन से ऋषिकेश बद्रीनाथ मार्ग अवरुद्ध

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ऋषिकेश। शनिवार की शाम से पहाड़ों पर हो रही जबरदस्त बारिश के कारण ऋषिकेश व बद्रीनाथ राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है।

शनिवार की सुबह से कोई भी सवारी गाड़ी के साथ माल वाहन भी बद्रीनाथ की ओर रवाना नहीं हुआ। मुल्ला गांव, ब्यासी से पहले कई स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण जगह-जगह रास्ते बंद हो गए, जिससे वाहन बीच-बीच में फंसे है। रास्ते खोलने में सड़क सीमा संगठन के कर्मचारी जी जान से जुटे है।

हाईकोर्ट के आदेशों को आयुर्वेद विवि दिखा रहे ठेंगा

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देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी अपने ही बनाए नियम कायदों पर नहीं चल रही है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि मानकों, निर्देशों और नियमों को अनदेखा कर लिए गए यूनिवर्सिटी के तमाम फैसले इसकी तस्दीक करते हैं। मनमानी और नाफर्मानियों का आलम यह है कि उच्च न्यायालय तक के आदेशों को भी विवि द्वारा ताक पर रखा जा रहा है।
मामला विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित की गई फीस में मनमानी बढ़ोत्तरी कर उसके आधार पर सत्र संचालन का है। दरअसल, उत्तराखंड आयुष विभाग ने 14 अक्टूबर साल 2015 में यूजी व पीजी पाठ्यक्रमों की फीस में बढ़ोत्तरी की थी। इसमें बीएएमएस में 2.15 लाख, बीएचएमएस एक लाख दस हजार और एमडी व एमएस के लिए 3.15 लाख रुपये फीस निर्धारित की गई थी। विभाग द्वारा इस बदलाव पर हाईकोर्ट ने याचिका दायर की गई थी। इसी क्रम में अब हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए आयुष विभाग के फीस बढ़ोत्तरी के फैसले पर स्थगन का आदेश दे दिया है।
हाईकोर्ट द्वारा उत्तराखंड आयुष विभाग द्वारा साल 2015 में की गई फीस वृद्धि को स्थगित करते हुए पूर्व निर्धारित फीस पर दाखिला दिए जाने के आदेश दिए जा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी विवि के मुख्य पक्षधर होने के बावजूद हाईकोर्ट के आदेशों की नाफर्मानी करते हुए विवि ने आयुष पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित होने जा रही काउंसिलिंग में बढ़ाई गई फीस का ही विवरण किया गया है, जो कि सीधे ही कोर्ट की अवमानना है।
मामले में कई छात्रों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, आयूष विभाग और विश्वविद्यालयों को सीधे शुल्क वृद्धि का अधिकार नहीं है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति आधिकारिक रूप से अधिकृत है। शुल्क वृद्धि को लेकर समिति ने बीते दो व तीन सितम्बर को विज्ञप्ति जारी कर सभी संस्थाओं से विधिवत प्रस्ताव मांगा है। मामले में आगामी 25 सितम्बर को बैठक भी आयोजित की जानी है। बैठक में सभी व्यवसायिक संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर विचार करने के बाद फीस निर्धारण किया जाएगा।
समित द्वारा चिकित्सा एवं आयूष पद्धति के संस्थानों के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए साल 2007 में फीस निर्धारित की थी। जिसमें एमबीबीएस के लिए एक लाख 75 हजार रुपये, बीएएमएस के लिए 80 हजार, बीएचएमएस में 73 हजार 600 रुपये निर्धारित की गई थी। इसके बाद से अभी तक किसी भी प्रकार की कोई शुल्क वृद्धि नहीं कई गई है। छात्रों का आरोप है कि निजी प्रबंधन के दबाव में आकर आयुष विभाग ने शुल्क वृद्धि की, जो कि तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गई। फैसले को अवैध पाकर उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश दे दिया, मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण यदि किसी भी संस्था द्वारा नए शुल्क की वसूली की जाती हैं तो वह न्यायालय की अवमानना माना जाएगा।

अतीत की यात्रा: तिलक सोनी

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“पहाड़ों में एक बार रहने के बाद आप पहाड़ों से दूर नहीं जा सकते” मशहूर लेखक रसकिन बॉंड की ये लाइनें 43 साल के तिलक सोनी के लिये सही साबित हुई। राजस्थान के तिलक सालों पहले दिल्ली बस गये और दो दशकों से ज्यादा एक एक्सपोर्ट हाउस में काम किया। लेकिन शहर की भाग दौङ से तंग होकर तिलक ने उत्तराकाशी को अपना घर बना लिया, आइये अापको रूबरू कराते हैं कि तिलक सोनी से।

दरअसल तिलक उत्तराखंड के पौराणिक, भुल व खो चुके पगडंडियों और रास्तों को दोबारा जीवंत करने का शौक रखते है। तिलक की यह मुहिम व हिमालय के लिये उनका प्यार उन्हें यहां खींच लाया अौर वह यही के हो गये। न्यूजपोस्ट से बात करते हुए सोनी कहते हैं कि, “मैं सालों से पहाड़ों पर घूम रहा हूं और समय के साथ खो चुके रास्तों और जगहों को चिह्नित करने में लगा हुआ हूं। इसी सिलसिले में मैं तीन साल पहले फोटग्राफरों, पर्वतारोहियों के एक दल को लेकर उत्तराखंड, हिमाचल औऱ तिब्बत को जोड़ने वाली नेलौंग घाटी गया जोकि 1962 युद्ध के बाद से आम लोगों के लिये बंद थी।”

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सोनी बताते हैं कि, “2013 में हमारे दल के वहां जाने के बाद मैने नेलौंग में कंट्रोल्ड पर्यटन शुरू करने पर एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया। फलस्वरूप इस साल करीब 1100 लोग वहां जा चुके हैं और उन्हें वो जगह लाहोल स्पीति,लेह,लद्दाक से भी ज्यादा पसंद आई है।”

27 सितंबर विशव पर्यटन दिवस है और इस मौके पर तिलक सोनी वक्त के हाथों भुला दिये गये गरतंग गली पुल के उद्धाटन करने जा रहे है। यह 105 मीटर लंबा पुल देवदार की लकड़ी से बना है, इस पुल का इस्तेमाल सालों पहले भूटिया समुदाय के लोग तिब्बत से व्यापार करने के लिये किया करते थे।

इस पुल के महत्व के बारे में बताते हुए तिलक कहते हैं कि, “ये लकड़ी का पुल अपने आप में अद्भुत है और सालों की ऐतिहासिक धरोहर को अपने आप में संजोय हुए है। 140 साल पुराना ये पुल पेशवरी पठानों ने बनाया था और ये अाज भी वैसे का वैसा ही है, इसकी मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पुल पर सामान से लदे याक लगातार रास्ता पार करते थे। जड़ गंगा के ठीक ऊपर बना ये पुल अपने आप में एक सांस्कृतिक धरोहर है। “

पर्यटन दिवस के मौके पर ये पुल दोबारा पर्यटकों के लिये खोला जायेगा, एक सांकेतिक वॉक इस दौरान किया जायेगे जिसमें देश के कोने कोने से आये लोग हिस्सा लेकर इस ऐतिहासिक धरोहर का दोबारा एहसास करेंगे।

पुन: आम लोगों तक ऐसी कई भुला दी गई धरोहरों को पहुंचाने का श्रेय तिलक सोनी व उनकी लगन को जाता है।

आइए आपको बताएं किस-किस राष्ट्रपति ने की मां गंगा की पूजा

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हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा अर्चना करने वाले महामहिम रामनाथ कोविंद देश के चौथे राष्ट्रपति हैं। इनसे पूर्व डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति थे, जिन्होंने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा अर्चना की थी। उनके बाद राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी हरकी पैड़ी पर पूजा अर्चना कर मां गंगा का आशीर्वाद हासिल कर चुके हैं।

गंगा सभा के पदाधिकारी गांधीवादी पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि हरिद्वार के लिए गौरव की बात है कि महामहिम राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद मां गंगा की पूजा करने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 15 मिनट का कार्यक्रम निर्धारित है। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति पूजा अर्चना करेंगे। उसके बाद गंगा सभा के कार्यालय में उनका अभिनंदन किया जायेगा। उनको रुद्राक्ष की माला भेंट की जायेगी। शाल ओढ़ाकर उनका सम्मानित किया जायेगा। पवित्र गंगाजल दी जाएगी। महमहिम को अभिनंदन पत्र दिया जाएगा।
इस दौरान गंगा सभा के सम्मति पुस्तिका में महामहिम राष्ट्रपति के भाव अंकित कराए जाएंगे। पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी अपने भाव अंकित कर चुके हैं। राष्ट्रपति के स्वागत के लिये गंगा सभा की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 

भुवन बाम का लाइव परफॉमेंस 24 को दून में

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देहरादून। भुवन बाम ने अपनी कॉमिक टाइमिंग और गायिकी से मौजूदा दौर की युवा पीढ़ी को हमेशा ही रोमांचित किया है। उनके द्वारा देहरादून में ‘याहावी आइकन्स-भुवन बाम इंडिया टुअर‘ का आयोजन किया जा रहा है।

वह 24 सितंबर 2017 को होटल सैफरोन लीफ देहरादून में लाइव परफॉर्म करेंगे। भुवन बाम दर्शकों को लाइव परफॉर्मेंस के दौरान हास्य एवं मनोरंजन के सफर पर ले जाने का वादा करते हैं। ‘याहावी आइकन्स-भुवन बाम इंडिया टुअर‘ आपके पसंदीदा आइकन की लाइफ कॉमेडी और म्यूजिक का भरपूर संयोजन है। यह निश्चित रूप से आपको रोमांचित करेगा।
पुणे से शुरू हुए इस मल्टी-सिटी टुअर का समापन नवंबर में कोलकाता में होगा। इस दौरान यह टुअर देहरादून, जयपुर, भोपाल, रायपुर, नागपुर, कानपुर, चंडीगढ़, अहमदाबाद और दिल्ली की यात्रा करेगा। 

नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया युवक

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रुड़की। आपके पास अभी भले ही 200 और 50 के नए नोट न आ पाए हो, लेकिन बाजार में इनके नकली नोट आ चुके है। कलियर पुलिस ने चेकिंग के दौरान पीपल चौक से नकली नोट के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास 200 और 50 के नकली नोट बरामद हुए।
मामले की जानकारी देते हुए थाना अध्यक्ष देवराज शर्मा ने बताया आज पुलिस के एक टीम पीपल चौक के समीप चेकिंग कर रही थी तब एक युवक की तलाशी लेने के के दौरान युवक के पास से 15300 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। जिसमें दो हजार ,पांच सौ,दो सौ के नए नोट,सौ एव पंचास के नए और पुराने नकली नोट थे। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम शारिक पुत्र फुरकान निवासी महमूदपुर मुजफरनगर बताया। उसने बताया कि वह मुजफ्फरनगर से ही एक व्यक्ति ने 50 प्रतिशत पर 20 हजार के नकली नोटो को चलाने के लिए दिए थे। और वह 4700 रुपये के नकली नोट चला चुका है।
बरामद नोटो की संख्या
2000 के 2 नोट
500 के 10 नोट
200 के 6 नोट
100 के 32 नोट

नहीं रुक रहा अवैध खनन, एक डम्पर-तीन ट्रॉली पकड़ाई

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रुड़की। गांव गाधारौना और बुक्कनपूर के जंगलों मे कस्बा पुलिस चौकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर खनन से भरी तीन टैक्टर ट्रॉली, एक डम्पर व खनन को भरने वाली जेसीबी पुलिस ने पकड़ी।
पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी थी कि बुक्कनपूर व गाधारौना के जंगलों में खनन माफिया खनन करने पर लगे हुए हैं। सूचना पर चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार ने टीम के साथ मौके पर जाकर बड़ी कारवाई करते हुए खनन से भरे तीन टैक्टर ट्राली और एक जेसीबी और एक खनन भर रहे डम्पर को मौके से कब्जे में लिया। कार्रवाई से खनन माफिया मे भगदड़ मच गई। वहीं कुछ खनन माफिया पुलिस को देख अपने वाहन लेकर फरार हो गए। पुलिस चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि चौकी क्षेत्र में कोई भी अवैध कार्य नहीं करने दिया जाएगा।

दो दिवसीय दौरे पर राष्ट्रपति पहुंचे उत्तराखंड

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देहरादून। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखण्ड पहुंच रहे हैं। शनिवार दोपहर राष्ट्रपति जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून पहुंचें। एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक करेंगे। मध्य कमान सेना द्वारा राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।

राष्ट्रपति जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हर की पौड़ी, हरिद्वार जाएंगे। गंगा पूजन के बाद दिव्य प्रेम सेवा मिशन, सेवा कुंज, हरिद्वार जाएंगे। शाम को राष्ट्रपति राजभवन, देहरादून आ जाएंगे। राजभवन में राज्यपाल राष्ट्रपति के सम्मान में भोज देंगे।
वहीं, राजधानी देहरादून सहित सूबे के कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में देहरादून, हरिद्वार सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी किया है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए शासन-प्रशासन सक्रिय हो गया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
24 सितम्बर की सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राजभवन परिसर में पौधरोपण के बाद केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। बद्रीनाथ धाम में दर्शन के बाद राष्ट्रपति वापस दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

मसूरी के श्रीगुरु सिंह सभा गुरुद्वारा के सौ साल पूरे

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पिछले तीन दिनों से सुबह सुबह मसूरी में शबद कीर्तन की मधुर अावाज गूंज रहीं है जोकि पूरे दिन चलती है। रंगबिरंगी लाईटों से सजी मसूरी को देखकर ऐसा लगता है मानों दिवाली समय से पहले आ गयी हो, हिल-स्टेशन के सभी निवासी एक साथ आकर शहर के सबसे पुराने लन्ढौर गुरुद्वारे की 100वीं सालगिरह धूम-धाम से मना रहे हैं।

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साल 1960 में सिख समुदाय के लगभग 200 परिवारों में से अब कुछ ही बचे हैं जोकि  मसूरी को 4-5 पीढ़ियों से अपना घर मानते हैं। उनमे से एक है इंदरमीत सिंह, जिन्होने न्यूजपोस्ट से बातचीत में बताया कि, “यह गुरुद्वारा इस शहर के इतिहास का हिस्सा है और हम अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह हमारे जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा है।” वहीं 45 साल के गुरमीत सिंह जो गुरुद्वारे में होने वाली तैयारियों में हाथ बटा रहें हैं बताते है कि, “हम अपने बड़ों से सीखते हैं और हमेशा यहीं कोशिश करते है कि हमारे आने वाली पीढ़ी भी इस परंपरा को आगे लेकर जाएं।”

मसूरी से संबंध रखने वाले सिख समुदाय के लोग दिल्ली,पंजाब और दूसरे कई शहरों से  तीन दिन का समय निकाल कर आर्शीवाद लेने लन्ढौर गुरुद्वारे पहुंचे हैं।

गुरुग्रंथ साहिब को पूरी साज-सज्जा के साथ शनिवार को मसूरी की संकरी गलियों से एक भव्य जूलुस निकाला जाएगा, जिसकी झलक और आर्शीवाद के लिए लोग दूर-दराज से बारिश और ठंड के बावजूद भारी संख्या में यहां पहुंचे हैं। इन सब की यह लगन काबीले तारीफ है, अौर अाने वाले  पीढ़ी के लिये एक मिसाल भी।

फर्जी नियुक्ति मामले में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ होगी जांच

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देहरादून। शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति हासिल करने वाले लोगों की अब खैर नहीं है। विभाग अब ऐसे सभी मामलों की एक फेहरिस्त तैयार करने में जुट गया है। जिसके बाद ऐसे तमाम मामलों में न सिर्फ कार्रवाई की जाएगी बल्कि आपराधिक मामले के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इतना ही नहीं फर्जी नियुक्ति मामले में लिप्त अधिकारियों को भी विभाग अपने रडार पर रखने जा रहा है। शिक्षा विभाग ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेगा।
फर्जी दस्तावेज और नियम के विरुद्ध शिक्षकों की नियुक्ति मामले में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ जांच बिठाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने इसके लिए कमर कस ली है। विभाग का कहना है कि जांच के बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि डोईवाला खंड शिक्षा अधिकारी अनीता चौहान ने हर्रावाला में संचालित सवित्री शिक्षा निकेतन के प्रबंधक पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चार शिक्षकों की नियुक्ति का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी। मामले को देखते हुए शिक्षा विभाग भी सख्ती अपना रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हेमलता भट्ट ने कहा कि मामला सामने आने के बाद जांच बिठाई जाएगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।