Page 496

निरोगी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी लैब: अग्रवाल

0

रुद्रपुर, 20 कल्याणी व्यू केशव मार्ग पर भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा धर्मार्थ स्थापित की गई भारत पैथ लैब का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अजय दत्ता, सेवा प्रकल्प के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डालचंद्र, संघीय अध्यक्ष केशव दत्ता गुप्ता, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अतिरिक्त महामंत्री संजीव कुमार बंसल व विधायक राजकुमार ठुकराल ने संयुक्त रूप से किया। विधान सभा अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि संस्था का यह कार्य निश्चित ही समाज को निरोगी बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगा।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, “भारत विकास परिषद हमेशा समाजसेवा के कार्यों में बढ़ चढ़ कर भूमिका निभाता है, जो समाज के लिए अनुकरणीय है।” विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि, “लैब की स्थापना के लिए उनके स्तर से जो भी मदद होगी वह करेंगे।” पैथ लैब में पूर्णतया स्वचालित अत्याधुनिक मशीनों के जरिए लोगों के विभिन्न टेस्ट होंगे, ट्रस्ट ने उच्च योग्यता प्राप्त पैथोलॉजिस्ट एवं टैक्निशियन नियुक्त किए हैं।

उन्होंने बताया कि, “लैब का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को कम मूल्य पर चिकित्सा जांचों की सुविधा मुहैया कराना है, लेकिन लैब की सुविधाएं समस्त समाज के लिए उपलब्ध रहेंगी। लैब द्वारा वर्तमान में बाजार में प्रचलित दरों से लगभग आधी दरों पर समस्त मेडिकल जांचों की सुविधा प्रदान की जाएगी।”

ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील खेड़ा ने बताया कि, “लैब की स्थापना के साथ ही भारत पैथ लैब द्वारा मधुमेह की जांच का एक व्यापक अभियान प्रारंभ कर रहा है। जिसमें प्रथम व द्वितीय चरण में पूर्णतया निशुल्क जांच की जाएगी। तृतीय चरण की जांच रियायती दर पर अल्प शुल्क पर की जाएगी। अल्प आयु के लोगों को यदि मधुमेह की जानकारी समय से मिलेगी तो उनके शरीर के अन्य अंग प्रभावित होने से बच जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि, “यह कार्य समाज के आर्थिक सहयोग से होगा। इसके लिए उन्होंने डोनर आफ द डे की व्यवस्था की है, समाज के लोग आगे बढ़ कर इस कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग करें, क्योंकि यह कार्यक्रम आम लोगों के सहयोग से ही चलेगा।”

दुबई में रहने वाले उत्तराखंडी दीप नेगी कर रहे मातृभाषा के लिए लड़ाई

0

दुबई में बैठे भी कैसे एक उत्तराखंड निवासी यहां की भाषा और संस्कृति को संजोने की कोशिश में लगा है, इसका जीता जागता उदाहरण हैं 34 साल के दीप नेगी जोकि सुनार गांव, चंबा,जिला टिहरी के निवासी हैं।

दीप हमेशा से ही अपनी जन्मभूमि और खास तौर से गढ़वाली होने पर गर्व महसूस करते है। टीम न्यूज़पोस्ट से बातचीत में दीप बताते हैं कि, “जब घर से दूर हुआ तो वहां की हर चीज आपको याद आती है।आपको वहां का खाना,भाषा,गीत-संगीत,संस्कृति सब में घर की झलक दिखती है, लेकिन दुख तब होता है जब वहां पर रह रहे लोग अपनी संस्कृति को भूलते जाते हैं।इसी सोच के साथ दीप ने ”सोच” संस्थान की शुरुआत की और इसके माध्यम से अपनी जन्मभूमि को नए आयाम पर लेकर जा रहे हैं।

दरअसल दीप ने अपनी मातृ भाषा के प्रचार के लिए, ”आईवीआर यानि की इंटरेक्टिव वाईस रिर्काडिंग के लिये कुमाउंनी व गढ़वाली भाषा का pryog करने के लिये सरकार से विनती कर ek proposal दिया है जोकि उत्तराखंड की भाषाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। unkee is पहल को जहा आम जनता ने सराहाया है वहीं इसके लिए वह सतपाल महाराज और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलना चाह रहे थे लेकिन मिल नहीं पाये। लेकिन हार ना मानते हुए दीप ने चिट्ठी के माध्यम से आई.वी.आर के इस सुझाव को सतपाल महाराज तक पहुंचाया और मंत्री जी ने इस पर विचार करने की बात भी कही।

deep

दीप बताते हैं कि, “मुझे इस पहल में बहुत सारे लोगों का समर्थन मिला, सराहना भी मिली लेकिन पूरा राज्य जिस हिसाब से भाषा-भाषा करता है, उस हिसाब से समाज के उन लोगों को समर्थन नहीं मिला जो दिन रात गढ़वाली-कुमाउनी करते हैं।”

जब पूरे देश में सब राज्यों के अलग-अलग आई.वी.आर हैं तो उत्तराखंड में क्यों नहीं?? अपने देश से दूर बैठे एक बेटे का यह लगाव अपनी मातृ भाषा के लिए एक छोटी सी पहल है जिसे सरकार को जल्द ही अमल करना चाहिए।

आपको बतादें कि दीप नेगी एक फेसबुक पेज ”जंगली चैनल उत्तराखंड वर्ल्ड वाईड” के माध्यम से उत्तराखंड से जुड़ी बाते लोगों तक पहुचाते हैं। उनका यह जज्बा अपनी मातृभूमि और भाषा के लिए लगाव देख कर लगता है कि काश यह जज्बा हमारे राजनितिज्ञ में भी होता तो शायद आज गढ़वाली और कुमाउनी संस्कति समाप्ति के कगार पर नहीं होती।

रामलीला समिति ने कराया सामुहिक विवाह

0
आदर्श श्रीरामलीला समिति के तत्वावधान में सामूहिक विवाह समारोह संपन्न हुआ, जिसमें 22 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर किया। समिति द्वारा गरीब परिवारों की 22 कन्याओं के हाथ पीले करवाए गए जिसमें देर सायं रामलीला परिसर के पंडाल में वेदी सजाई गई। जहां शिव कुमार शास्त्री की अगुवाई में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सात फेरों की रस्में पूरी करवाई गईं।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बेटी जैसे-जैसे बड़ी होती है उसके माता-पिता को विवाह की चिंता सताने लगती है और अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं कि बेटी के हाथ पीले किए जाएं, लेकिन अनेक परिवार चाह कर भी इस कार्य को नहीं कर पाते। ऐसे गरीब परिवारों का सहयोग कर रामलीला समिति जन सहयोग से पुण्य का काम कर रही है। लोगों ने सामूहिक रूप से वर-वधू को आशीर्वाद देकर खुशहाल जीवन की कामना की।
हर लड़की की तमन्ना होती है कि उसकी शादी धूमधाम से हो। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी आड़े आ जाती है। ऐसी कन्याओं की हरसत को रामलीला कमेटी पूरा कर रही है। भारतीय संस्कृति की यह परंपरा रही है कि यहां बेटी को विवाह के वक्त उपहार देकर विदा किया जाता है। इसी रिवाज को श्रीरामलीला समिति ने भी निभाया है। बेटियों को दान-दहेज स्वरूप डबल बेड, साइकिल, अलमारी, गद्दा, बर्तन, साड़ी, कुर्सी-टेबिल आदि समेत करीब 30 हजार रुपये का सामान उपहार स्वरूप भेंट किया गया।

बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसान परेशान

0

ऊधमसिंह नगर में पिछले दो दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से किसानों के धान की फसल को भारी नुकसान हो गया है। जून में लगाई गई धान की पौंध में फसल लगभग तैयार है, धान की बाली पकने भी लगी है। बारिश में धान के पौधे खेत में धराशायी हो गये।

दिनेशपुर के किसानो ने बताया कि, “उनकी फसल 80 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक खराब हो गई है। बारीक धान व सुपर फाइन धान, सरबती धान, एचआर 47 को भारी नुकसान हुआ है। यदि आगे भी बारिश रही तो धान की फसल खेत में ही सड़ जाएगी। पहले ही किसान फसल खराब होने या उचित मूल्य नहीं मिलने से परेशान है।”

धान की फसल से किसानों को बड़ी उम्मीदें थी। किसान फसल खराब से होने से भविष्य को लेकर चिन्तित हैं। किसानों ने खाद, बीज, रसायन उधार में लिया है। किसानों को कर्ज उतारने और अपने खर्चों को लेकर चिन्तायें सताने लगी है। किसान सुरेश ने कहा कि धान की फसल खराब होने से किसान के सामने आर्थिक संकट और गहरा गया है। पहले ही कर्ज में डूबे किसान के लिए दिक्कतें बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से धान के फसल का हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की।

राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखण्ड में कराने की करेंगे वकालतः अरविन्द पाण्डेय

0

उत्तराखंड प्रदेश के पंचायत एवं शिक्षा, खेल मंत्री उधमसिंह नगर जिला पंचायत कार्यालय मंत्री बनने के बाद पहली बार पहुचे इस दौरान मंत्री ने परिसर में बनी टायल रोड और पुननिर्मित अत्याधुनिक सभागार का उद्घाटन किया इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी गंगवार और उपाध्यक्ष संदीप चीमा ने मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने जिला पंचायत की बैठक ली। इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए पंचायत मंत्री पांडेय ने माना की राज्य में जिला पंचायतों की हालत खराब है जिनकी दशा सुधारने के प्रयास किये जायेंगे।

इस दौरान खेल मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा गोआ में राष्ट्रीय खेल होना अभी तय नही हुआ है उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेल के लिए गोवा ने भी दावेदारी की है और हमारी भी दावेदारी मजबूत है उन्होंने कहा वो 25 सितंबर को दिल्ली जा रहे है और वहा वो राष्ट्रीय  खेल को उत्तराखण्ड में कराने के लिये पुरजोर वकालत करेगे।

खराब मौसम के बावजूद आस्था में नही कोई कमी

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा जहाँ एक तरफ नए रिकॉर्ड बनाती दिख रही है तो वहीँ पहाड़ों में बदलते मौसम के चलते अब यात्रियों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है, 28 अप्रैल से शुरू हुयी इस यात्रा में अब तक सात लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके है, लेकिन पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश से यात्रा एक बार फिर थमी थमी से दिख रही है।

बीते साल की तरह इस साल भी चार धाम यात्रा अपने साथ श्रद्धालुयों के नए रिकॉर्ड लेकर आई है, अप्रैल माह से शुरू हुई यात्रा में अभी तक 7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारो धामों के दर्शन कर चुके है,  पिछले 3 दिनों में प्रदेश में मौसम ने जो करवट बदली है उससे यहाँ आने वाले यात्रियों की संख्या में भी असर देखा गया है, शुरुवात में जहाँ यात्री रोजाना 2 से 3 हजार की संख्या में यात्रा पर निकल रहे थे तो वहीँ अब खराब मौसम के चलते सिर्फ 700-800 यात्री ही रोजाना चार धाम यात्रा के लिए पहुंच रहे है।

ऋषिकेश से बॉयोमेट्रिक अधिकारी प्रेमाअनंत का कहना है कि, “यात्रा शुरू से ही अच्छी रही है, मानसून के दौरान यात्रियों की संख्या में गिरावट देखी गयी थी, फिर बीच में यात्रा मौसम के खुलते ही शुरू हो गयी थी लेकिन एक बार फिर मौसम ने यात्रा पर खलल डाला है।” प्रदेश में इन दिनों आसमानी आफत लगातार बरस रही है, मौसम पल-पल अपने तेवर बदल रहा है, खासकर पहाड़ों के हो रही बारिश के चलते भी श्रद्धालुयों की संख्या में कमी देखी गई है।

आपको बता दे कि इस वक़्त यात्रा मार्गों पर 8 हजार से ज्यादा यात्री है लेकिन उनकी सुविधा के लिए उन्हें समय समय पर मौसम की अपडेट के साथ साथ मार्गों के बारे में भी सूचित किया जा रहा है, तो वहीँ कुछ यात्री खराब मौसम के बावजूद यात्रा का हिस्सा बनने ऋषिकेश पहुंच रहे है।

एक बार जोर पकड़ चुकी चार धाम यात्रा पर फिर से बारिश ने असर दिखाना शरू कर दिया है लेकिन देश भर से आये श्रद्धालुओं की श्रद्धा के आगे मौसम की ये मार भी ज्यादा नहीं टिक पा रही है, तीर्थयात्री लगातार  अपने देवों के दर्शन के लिए आस्था पथ पर निकल रहे है।

बद्रीनाथ धाम पहुॅचकर राष्ट्रपति ने कि विधिवत् पूजा-अर्चना

0
भारत के राष्ट्रपति ने बद्रीनाथ धाम पहुॅचकर विधिवत् पूजा-अर्चना के साथ भगवान श्री बदरी विशाल के दर्शन किये। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी व उनके परिजन सहित सूबे के राज्यपाल, मुख्यमंत्रीआदि भी मौजूद थे। अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति बारह ज्योतिर्लिंग में से केदारनाथ जी के दर्शन करने के बाद वायु सेना के विमान से सुबह 11ः15 बजे माणा स्थित सेना के हैलीपैड पहुॅचे। इसके बाद राष्ट्रपति 11ः45 बजे बद्रीनाथ मंदिर पहुॅचे, जहाॅ उन्होंने लगभग 20 मिनट तक भगवान बदरी विशाल की विधिवत् पूजा अर्चना कर देश की खुशहाली एवं समृद्वि की कामना की।
भगवान बद्रीनाथ धाम में अखण्ड ज्योति के दर्शन व पूजा अर्चना करने के उपरान्त राष्ट्रपति को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने भगवान बद्रीनाथ का प्रतीक चिन्ह, शाॅल एवं रिंगाल की टोकरी में भगवान बदरीनाथ का प्रसाद भेंट किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह् भेंट किया। भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने के बाद राष्ट्रपति ने खुशी जाहिर की तथा लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर माणा स्थित सेना के हैलीपैड से लेकर पूरे धाम में सुरक्षा के कडे इंतजाम किये गये थे। विगत तीन दिनों से हो रही लगातार बारीस व भारी ठंड के बीच प्रशासन ने राष्ट्रपति के दौरे में किसी प्रकार की कोई कोर कसर नही छोडी थी तथा सभी व्यवस्थायें चाक-चैबद रखी गयी थी।

देहरादून में मकान ढ़हने से एक की मौत

0

प्रातः 2 बजकर 45 मिनट पर चौकी धारा को सूचना मिली कि 63 डंगवाल मार्ग में स्थित एक मिट्टी का मकान, उसकी बगल में बनी कंक्रीट की दीवार के गिरने से ढह गया है, जिसके मलवे के नीचे दो बच्चे दबे हुए हैं। सूचना पर कोतवाली पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर व कोतवाली प्रभारी के निर्देशन में बचाव कार्य तेजी से चलाते हुए मौके पर फायर सर्विस व एसडीआरएफ को भी बुला लिया गया।

सभी टीमों द्वारा मिलकर तेजी से बचाव कार्य चलाया गया तथा लोहे के सरिया तथा सीमेंट के पिलर काटकर मिट्टी हटाकर मकान में निवास कर रहे राम बहादुर थापा के बड़े बेटे विनोद उम्र 15 वर्ष को मलबे के नीचे से सावधानीपूर्वक निकालकर 108 से दून चिकित्सालय भिजवाया गया तथा दूसरे पुत्र दीपक को काफी मशक्कत के बाद 108 की मदद से दून चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां पर चिकित्सकों द्वारा राम बहादुर थापा के छोटे पुत्र दीपक को मृत घोषित किया गया।

दूसरे युवक विनोद की स्थिति खतरे से बाहर है। बचाव कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की गई। कंक्रीट की दीवार, मालिक दिनेश बहुगुणा द्वारा बनाई गई थी जो लुधियाना पंजाब में एसबीआय बैंक में कार्यरत है तथा मृतक दीपक के पिता राम बहादुर थापा उर्फ डोली मकान में किराए पर रहता था।

26 को लगेगी पेयजल निगम की क्लास

0

देहरादून। नमामि गंगे परियोजना को लेकर गंभीर केंद्र सरकार 26 सितंबर को पेयजल निगम की क्लास लगाएगा। 26 सितंबर को होने वाली वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये केंद्रीय कैबिनेट सचिव पेयजल निगम से नमामि गंगे के प्रोजेक्टों की स्थिति और निगम की तैयारियों से संबंधित कार्यों की समीक्षा करेंगे।

राज्य में अभी तक नमामि गंगे परियोजना परवान नहीं चढ़ पाई है। गंगा को गंदगी से मुक्त बनाने के लिए तैयार होने वाली 21 परियोजनाओं में अब तक मात्र चार योजनाओं के ही टेंडर जारी हो पाए हैं, जबकि बाकी परियोजनाओं के लिए पेयजल निगम ठेकेदार भी नहीं ढूंढ पाया है। ये स्थिति तब है जब पेयजल निगम इसके लिए तीन बार टेंडर जारी कर चुका है। इसके अलावा जिन चार परियोजनाओं के लिए टेंडर का काम पूरा हो चुका है वहां भी अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इस मामले पर केंद्र सरकार व एनएमसीजी (नेशनल मिशन क्लीन गंगा) ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए यह निगम के कार्यों की समीक्षा करने का फैसला लिया है। जिसके चलते दिल्ली से 26 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग होगी और इस दौरान केंद्र सरकार केबिनेट सचिव पेयजल निगम से उनकी नमामि गंगे को लेकर तैयारियों और अन्य बिंदुओं पर सवाल-जवाब करेंगे। इसके चलते पेयजल निगम ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह ने बताया कि प्रबंधन पूछे जाने वाले सवालों के जवाब देने और अपनी बात रखने के लिए तैयारी कर रहा है।

भारतीय पोशाक में दिखे आईआईटी के दीक्षार्थी

0

आईआईटी रुड़की ने अपने 17वें दीक्षांत सामारोह का आगाज बड़े ही नए-निराले अंदाज में किया। दो दिन तक चलने वाले इस कन्वोकेशन के शनिवार को पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में इसरो के चेयरमैन डॉ. एएस किरण कुमार शामिल हुए। समारोह में आईआईटी के 2153 छात्र-छात्राओं को उपाधि मिली। समारोह की खास बात यह रही कि पहली बार छात्र भारतीय पोशाक में दीक्षांत का हिस्सा बने।

शनिवार को आईआईटी रुड़की के दीक्षांत सामारोह की विशेषता विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए निर्धारित की गई देशी पोशाक रही। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री की पहल पर दीक्षांत समारोह को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की कड़ी में इस बार जुलाई में सीनेट की बैठक में तय किया गया था कि दीक्षांत समारोह में नई पोशाक लागू की जाएगी। शनिवार को दीक्षांत में सभी स्टूडेंट्स व फैकल्टी समेत संस्थान के अधिकारी व डायरेक्टर सफेद कुर्ते और उसके नीचे काली पेंट और गले में भारतीय संस्कृति के अनुसार अंग वस्त्र पहने हुए नजर आए।