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पंडित दीनदयाल मातृ-पितृ योजना के तहत 25 यात्री बद्रीनाथ के लिए रवाना

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उत्तरकाशी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा बुजुर्ग यात्रियों के एक जत्थे को बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। भटवाड़ी तहसील के 25 नागरिकों के इस दल को पंडित दीनदयाल मातृ-पितृ योजना के तहत निःशुल्क यात्रा के लिए भेजा गया है। दल को जीएमवीएन उत्तरकाशी में सोमवार को गंगोत्री विधायक गोपाल रावत और डीएम उत्तरकाशी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दल मंगलवार को बद्रीनाथ धाम में दर्शन करने के बाद लौटेगा।

सोमवार केे जीएमवीएन में पंडित दीनदयाल मातृ पितृ योजना के तहत 25 यात्रियों को बद्रीनाथ की निःशुल्क यात्रा के ‌लिए गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत व डीएम डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से संचालित इस योजना में यात्रियों के रहने, खाने पीने आदि की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर एसडीएम देवेंद्र सिंह नेगी, अनुराग आर्य, पर्यटन अधिकारी भगवती प्रसाद टम्टा आदि मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी के मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान हनुमान मंदिर में एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। जिसमें कार्यकर्ताओं ने दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों पर चलने व उनके सपनों को साकार करने की शपथ ली। कार्यक्रम के दौरान विजयपाल मखलोगा, रामनरेश तलवार, हरीश सेमवाल, सुधा गुप्ता, जयवीर चौहान, अरविंद नेगी, हरीश डंगवाल, चंदन पंवार आदि मौजूद रहो। 

मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रहा डेंगू का कहर

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देहरादून। मॉनसून की विदाई के साथ ही डेंगू का डंक भी गहरा होता जा रहा है। सोमवार को प्राप्त रिपोर्ट में 41 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जिसके बाद डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 159 पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अब तक डेगू संभावित 3727 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 969 की जांच कराई गई। इनमें अब तक 159 मरीजों में डेगू की पुष्टि हुई है, जिनमें जुलाई में चार, जबकि 31 मरीज अगस्त में सामने आए हैं, जबकि सितम्बर माह में अब तक 124 मरीज सामने आ चुके हैं। विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि मच्छर के सफाए के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हर अंतराल के बाद फॉगिंग कराई जा रही है। लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके डेंगू का मच्छर सक्रिय दिख रहा है। वातावरण में ठंडक आने तक यह स्थिति बनी रहेगी।
देहरादून में जनवरी से अब तक 75 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि हरिद्वार में 61 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। 18 मरीज उत्तर प्रदेश से हैं। टिहरी व रुद्रप्रयाग से डेंगू के दो-दो मरीज और एक मरीज चमोली में सामने आया है। 

नौ महीने बाद भी परवान नहीं चढ़ पाई ”यू-हेल्थ कार्ड” योजना

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देहरादून। राज्य के तकरीबन साढ़े तीन लाख राज्य कर्मचारियों व पेंशन धारकों के लिए नौ माह पूर्व शुरू की गई यू-हेल्थ कार्ड योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। संगठनों की ओर से इसे लेकर उठाई जा रही मांग के बाद अब विभाग ने इसकी तैयारियां तकरीबन पूरी कर ली हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यू-हेल्थ कार्ड बनाने का जिम्मा विभाग उठाएगा अथवा यह काम निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। अब मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश में बीते वर्ष दिसम्बर में राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों व पेंशनधारकों को नकदी रहित चिकित्सा सुविधा देने के लिए यू-हेल्थ योजना अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया था। इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों व पेंशन धारकों से प्रतिमाह के निश्चित रकम अंशदान के रूप में ली जानी है। इसी रकम से कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों व आश्रितों का इलाज किया जाना है।
दरअसल, यू-हेल्थ कार्ड योजना प्रदेश में नई नहीं थी। इसका संचालन स्वास्थ्य महानिदेशालय में गठित एक सेल द्वारा किया जाता है। इस योजना में अभी तक 12 हजार से अधिक कर्मचारी जुड़े हैं। यह बात अलग है कि स्वास्थ्य विभाग के इस सेल में मात्र चार अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं।
बीते वर्ष राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए उक्त योजना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। तब यह कहा गया कि यह व्यवस्था अप्रैल से लागू की जाएगी। इसका संचालन सोसायटी के माध्यम से किया जाएगा। इसमें दो चिकित्साधिकारी, दो सहायक लेखाधिकारी, चार लेखा प्रबंधक व चार डाटा ऑपरेटरों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। सोसायटी के लिए तो मंजूरी मिल गई है लेकिन अब निर्णय यह लिया जाना है कि इसका संचालन स्वयं विभाग करेगा या फिर इसे निजी कंपनी के हाथों सौंपा जाएगा। फिलहाल, शासन ने योजना का एक मोटा खाका तैयार कर लिया है। अब इस पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होनी है।
अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडे का कहना है कि विभाग की ओर से यू-हेल्थ कार्ड योजना लागू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। अब मुख्य सचिव से बैठक का समय मांगा गया है। इसके तुरंत बाद इस योजना को लागू कर दिया जाएगा।

अंशदान से ही मिल जाएंगे 50 करोड़
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस योजना के तहत कर्मचारियों के अंशदान से विभाग को 50 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इसमें कुछ राशि कर्मचारियों के इलाज पर खर्च होगी, जबकि शेष राशि सोसायटी में जमा रहेगी, जिसका इस्तेमाल अगले सालों में किया जा सकेगा। अभी तक योजना के तहत इलाज पर सालाना करीब पांच करोड़ का खर्च आता है।

मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने दिया ज्ञापन

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अल्मोड़ा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड का सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने सहित अन्य मांगों के निराकरण को लेकर परिषद की रानीखेत शाखा की ओर से उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।

ज्ञापन में राज्य कर्मचारियों के लिए एसीपी की व्यवस्था पूर्व की भांति किए जाने, सातवें वेतनमान व अन्य भत्तों का लाभ देने, एरियर का भुगतान करने, विभागीय संगठनों को विश्वास में लिए जाने के बाद ही विभागों का एकीकरण करने, 50 वर्ष की सेवा पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति तथा उत्तम व उत्कृष्ट चरित्र की प्रविष्टि की बाध्यता को समाप्त करते हुए हेल्थ स्मार्ट कार्ड की कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराए जाने आदि मांग की गई है। मांगों का जल्द समाधान नहीं होने पर प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। 

बिग बास 11 के एक एपीसोड के लिए 11 करोड़

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बिग बास का 11वां सीजन शुरु होने जा रहा है और इन दिनों बिग बास के असली बिग बास कहे जाने वाले सलमान खान की फीस को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी को सही माना जाए, तो सलमान खान को बिग बास के 11वें सीजन में प्रति एपीसोड 11 करोड़ से ज्यादा की फीस दी जा रही है।

ये भारतीय टेलीविजन पर किसी भी कलाकार के लिए दी जाने वाली सबसे महंगी फीस बन गई है। जब सलमान खान बिग बास के होस्ट बने थे, तो उनकी फीस 2.50 करोड़ प्रति एपीसोड थी। बिग बास 4 से बिग बास 6 तक उनकी यही फीस रही। जानकारी के अनुसार, बिग बास 7 में उनकी फीस डबल होकर प्रति एपीसोड 5 करोड़ हो गई। बिग बास 9 में ये फीस 8 करोड़ प्रति एपीसोड हो गई और अब इसे बढ़ाकर 11 करोड़ किया गया है। बिग बास का प्रसारण करने वाले कलर चैनल ने इस खबर पर अधिकारिक तौर से कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन चैनल के अधिकारियों ने निजी तौर पर बताया है कि सलमान को लेकर शो को प्रायोजकों और दर्शकों से अच्छा रेस्पांस मिल रहा है, तो उनकी फीस को लेकर कोई समस्या नहीं है।

सूत्र बता रहे हैं कि सोनी चैनल जल्दी ही सलमान के साथ दस का दम की वापसी करना चाहता है, इसे ध्यान में रखते हुए कलर चैनल ने सलमान की फीस को लेकर उनकी शर्तों को आंखें मूंदकर मान लिया है। चैनल के अधिकारियों ने आगे भी हर सीजन के साथ सलमान की फीस में करोड़ रु. प्रति एपीसोड की वृद्धि की संभावना से मना नहीं किया है।

सुनील ग्रोवर का नया अंदाज- बिल्ला शराबी

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पहले गुत्थी और फिर डाक्टर गुलाटी के गेटअप में कामयाबी पाने वाले कामेडी कलाकार सुनील ग्रोवर अब एक नए अंदाज में जनता के सामने आ रहे हैं। मंगलवार , 26 सितंबर को सुनील ग्रोवर इंटरनेट पर अपना नया वीडियो एलबम लांच करने जा रहे हैं, जिसमें वे बिल्ला शराबी के नए अंदाज में होंगे।

इस एलबम में सुनील ग्रोवर ने खुद गाना भी गाया है, जिसकी धुन संगीतकार अमित त्रिवेदी ने तैयार की है। एलबम का टीजर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिसके बाद सुनील ग्रोवर की इस नई एलबम को लेकर उत्सुक्ता बढ़ रही है।

इस साल कपिल शर्मा के साथ विवादों में रहे सुनील ग्रोवर के अपने शो को लेकर अब भी स्थिति साफ नहीं है। अब तक माना जा रहा था कि अभिषेक कृष्णा के शो कामेडी टाकीज को सोनी चैनल बंद करके सुनील ग्रोवर का शो शुरु करेगा, लेकिन चैनल ने इन खबरों का खंडन कर दिया है।

अमिताभ की फिल्म भी पीछे हटी

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1 दिसंबर को संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के रिलीज होने की घोषणा होने के साथ ही एक तरह से हड़कंप मच गया और इस दिन रिलीज के लिए पहले से लाइन में लगी फिल्मों में अफरा-तफरी मच गई। ‘पद्मावती’ के रिलीज होने की घोषणा के फौरन बाद इस दिन रिलीज होने जा रही विद्या बालन की फिल्म ‘तुम्हारी सुल्लू’ को एक सप्ताह पहले खिसका दिया गया, यानी ‘तुम्हारी सुल्लू’ अब 24 नवंबर को रिलीज कर दी जाएगी।

इसी दिन 1 दिसंबर को अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर की फिल्म ‘102 नाट आउट’ भी रिलीज होनी थी। उमेश शुक्ला के निर्देशन में बनी इस फिल्म को भी अब आगे खिसका दिया गया है। अब इसके लिए नए सिरे से रिलीज की तारीख ढूंढी जा रही है। उम्मीद है कि अब ये फिल्म अगले साल रिलीज होगी। फिल्म की यूनिट ने पद्मावती की रिलीज तारीखो में बदलाव की आलोचना की है।

सूत्रों का कहना है कि हमने 6 महीने पहले अपनी फिल्म की रिलीज डेट तय की थी। पद्मावती ने आकर हमें संकट में डाल दिया। भंसाली की फिल्म को पहले दीवाली पर 17 नवंबर को रिलीज होना था, लेकिन काम पूरा न होने की वजह से इसे आगे बढ़ाया गया।

चण्ड-मुण्ड को मारने के कारण पड़ा माता का नाम चण्डी

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तीर्थनगरी हरिद्वार को गंगा के साथ मठ-मंदिरों की नगरी भी कहा जाता है। यहां अनेक पौराणिक व नवनिर्मित मंदिरों में बड़ी संख्या है। जहां नवनिर्मित मंदिर अपनी आधुनिक कला के लिए विख्यात है। वहीं, पौराणिक अपने इतिहास व मनोकामना पूर्ति के लिए विख्यात हैं। ऐसे ही पौराणिक मंदिरों में एक है चण्डी देवी मंदिर।

चण्डी देवी मंदिर को चण्डिका देवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। चण्डी देवी मंदिर हर की पौडी से करीब तीन किमी की दूरी पर है। यह हिमालय के दक्षिणी पर्वत श्रृंखला के पूर्वी शिखर पर नील पर्वत की चोटी पर स्थित है। कहा जाता है कि मंदिर में चण्डी देवी की मूर्ति हिन्दूओं के महान संत शंकरचार्य ने आठवीं शताब्दी में स्थापित की थी। यह मंदिर हरिद्वार के पांच तीर्थ स्थलों में से एक है। इस मंदिर को कश्मीर के एक राजा सुचत सिंह द्वारा 1929 में पुनः बनवाया गया था।

मंदिर में पैदल व रोपवे के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। चण्डी देवी के संबंध में पौराणिक कथाओं के अनुसार शुंभ और निशुंभ, दो राक्षसों ने इन्द्र देवता के राज्य स्वर्ग पर कब्जा कर लिया था। इन्द्र ने देवी पार्वती से प्रार्थना कि तब देवी पार्वती ने चण्डिका का रूप धारण किया। राक्षस शुंभ ने देवी कि सुन्दरता से आकर्षित होकर देवी से विवाह करने की कामना की परन्तु देवी ने मना कर दिया। तब राक्षस शुंभ ने देवी से लड़ाई के लिए अपने दो प्रमुख राक्षस चंद और मुण्ड को भेजा।

देवी चण्डिका के हाथों दोनों राक्षस चण्ड और मुण्ड को मार गिराया। चण्ड और मुण्ड के मरने के बाद शुंभ और निशुंभ दोनों ने मिलकर चण्डी देवी से युद्ध किया परन्तु दोनों ही देवी के हाथों मारे गए थे। युद्ध के बाद देवी ने थोड़ी देर नील पर्वत पर विश्राम किया था।

बाद में इस जगह पर चण्डी देवी का मंदिर बनाया गया। इसके अलावा, पर्वत श्रृंखला दो चोटियों को शुंभ और निशुंभ कहा जाता है। चण्डव मुण्ड को मारने के कारण ही मंदिर में विराजमान माता को मां चण्डी देवी कहा गया। यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। नवरात्र में श्रद्धालुओं का यहां तांता लगा रहता है। नवरात्र में चतुर्दशी तिथिको यहां विशाल मेला भरता है, जिसे चण्डी चौदस मेला कहा जाता है। 

यमुनोत्री विधानसभा के स्कूलों को फर्नीचर के लिए मिलेंगे 60 हजार

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यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूल में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 60 हजार रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने जीआईसी चिन्यालीसौड़ को अतिरिक्त तीन लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा राजकीय इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ में सोमवार को 57वीं जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन के दौरान की।

57वीं जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन सोमवार को राइंका चिन्यालीसौड़ के खेल मैदान में यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने किया। तीन दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के पहले दिन चिन्यालीसौड़ और नौगांव ब्लॉक के धावकों का दबदबा रहा। इस दौरान यमुुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने यमुनोत्री क्षेत्र के प्रत्येक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूल में फर्नीचर के लिए 60 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही जीआईसी चिन्यालीसौड़ को अतिरिक्त तीन लाख रुपये देने की घोषणा की।

विधायक केदार सिंह रावत ने कहा कि खेल हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल हमारे शारीरिक विकास के लिए जरूरी है। इस दौरान सब जूनियर बालक 600 मीटर दौड़ में राइंका खरादी नौगांव के विवेक ने पहला और राइंका गुंदियाटगांव पुरोला के पंकज ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग बालक की 800 मीटर दौड़ में राइंका राजगढ़ी नौगांव के प्रवेश ने बाजी मारी। जबकि दूसरे स्थान पर बिरजा इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ के अंकित रावत रहे।

सीनियर बालक की 800 मीटर दौड़ में राइंका जोगत चिन्यालीसौड़ के राहुल पहले और राइंका डुंडा के अर्जुन सिंह दूसरे स्थान पर रहे। जूनियर बालिका 800 मीटर दौड़ में राइंका बनचौरा चिन्यालीसौड़ की करीना पहले और बालिका हाईस्कूल कफनौल नौगांव की सोनम दूसरे स्थान पर रहीं। सब जूनियर बालिका वर्ग की 600 मीटर दौड़ में राइंका खालसी चिन्यालीसौड़ की संजना पहले स्थान पर रहीं, जबकि दूसरे स्थान पर राइंका बर्नीगाड नौगांव की कुसुम रहीं। सीनियर बालिका 800 मीटर में राइंका नौगांव की मीरा ने बाजी मारी, दूसरे स्थान पर राइंका खालसी की मकानी रहीं। 

22 सूत्रीय मांगों को लेकर 9 से 11 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार

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वेतन समिति की रिपोर्ट को रद करने और एसीपी की पुराने व्यवस्था लागू करने समेत 22 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। चार अक्टूबर को सचिवालय कूच होगा। साथ ही नौ से 11 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। सरकार को चेतावनी दी कि अगर यही रवैया रहा तो बेमियादी हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

राजधानी में कर्मचारी विकास भवन परिसर में एकत्र हुए। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि सरकार और शासन का रवैया कर्मचारी विरोधी है। कई बार वार्ता हुई, जिसमें तमाम बिंदुओं पर सहमति भी बनी लेकिन स्थिति जस की तस है। लिहाजा, कर्मचारियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। वेतन समिति की कैबिनेट से पास हुई रिपोर्ट कर्मचारी विरोधी है।

सरकार से मांग है कि वेतन समिति को भंग किया जाए, रिपोर्ट रद हो और नए सिरे से वेतन विसंगतियों के निस्तारण की कार्यवाही शुरू की जाए।साथ ही सरकार ने एसीपी की जो नई व्यवस्था लागू की है, उससे काफी कर्मचारियां का हित प्रभावित हो रहा है। नई व्यवस्था में 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पर मिलेगा। जबकि, पूर्व की व्यवस्था में 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर मिलता था। इसलिए सरकार अविलंब पुरानी व्यवस्था को ही लागू करने का शासनादेश जारी करे।

प्रांतीय प्रवक्ता अरुण पांडे ने कहा कि वेतन समिति ने सभी सिद्धांतों को दरकिनार किया है, इससे राज्य के धन ही नहीं, बल्कि समय की भी बर्बादी हुई है। साथ ही विभागों के एकीकरण से पहले संबंधित कार्मिकों का पक्ष सुना जाए और उन्हें विश्वास में लेकर ही कोई कार्यवाही हो। इस दौरान नंदकिशोर त्रिपाठी, शक्ति प्रसाद भट्ट, आरएस बिष्ट, जगमोहन सिंह नेगी, अंजू बड़ोला, रेनू लांबा, गुड्डी मटूडा, ललिता नेगी, एमपी शाही, सीपी सुयाल, सुनील डोबरियाल, ओमवीर सिंह, पीएल बड़ोनी आदि मौजूद रहे।