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पार्षदों ने विद्युत सामग्री की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

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विद्युत सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नगर पालिका, पिथौरागढ़ के सभासदों ने ईओ को पत्र देकर सही गुणवत्ता वाले सामान की आपूर्ति कर नगर की विद्युत व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

सभासद नगरपालिका कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यालय में पत्र देकर नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने की मांग की है। साथ ही पार्षदों ने कहा कि नगर में विद्युत आपूर्ति के लिए आई सोडियम लाइटें लगाते ही खराब हो जा रही है। नगर में लगी हाईमास्क लाइटें भी पूरी तरह खराब हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि नगर में विद्युत व्यवस्था सही करने को लगाए कर्मचारी भी सहीं तरह से कार्य नहीं कर रहे। जिससे नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने ईओ से विद्युत सामग्री की गुणवत्ता सुधारने और नगर में लगी हाईमास्क लाइटों को ठीक करने की मांग की है। जिस पर नगरपालिका के ईओ खीमानंद जोशी ने कहा कि खराब विद्युत सामान की जांच की जाएगी। खराब गुणवत्ता का सामान मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर चंद्रशेखर मखौलिया, भुवन जोशी, केदार सिंह लुंठी, ललित पुनेड़ा, गंगोत्री दताल, विक्रम वाल्मिकी, दिनेश सिंह सौन, विजेंद्र सिंह महर आदि मौजूद रहे। 

तंगहाली में अस्पताल, उधार का खाना खा रहे मरीज

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देहरादून। दून व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज मरीजों की थाली में उधार का निवाला परोस रहे हैं। इन पर खाने का तकरीबन एक करोड़ बीस लाख रुपये बकाया है। तंगहाली में कैंटीन संचालक के भी पसीने छूट रहे हैं। जिस तरह की परिस्थितियां हैं, खाने पर कभी भी ब्रेक लग सकता है।

राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को हर रोज खाना उपलब्ध कराया जाता है। यह व्यवस्था ठेके पर चलती है। आलम यह है कि मरीजों का खाना ‘उधारी’ पर चल रहा है। नियमानुसार कैंटीन संचालक को तय अवधि में और नियमित भुगतान होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। सीमित बजट होने के कारण अस्पताल हाथ रोककर भुगतान करते हैं, वह भी तय वक्त पर नहीं होता। हाल का ही उदाहरण लीजिए, दून व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पर खाने का एक करोड़ बीस लाख रुपये बकाया है। भुगतान की बानगी देखिए, कैंटीन संचालक को मार्च माह में भुगतान किया गया था। उसके बाद से अब तक एक पाई नहीं मिली। तंगहाली में कैंटीन संचालक को आगे का राशन आदि खरीदने में भी दिक्कत आ रही है। वह भुगतान के लिए लगातार अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। भुगतान न होने से व्यवस्था बनाए रखने में उनके गले-गले आ रही है। स्थिति यह है कि व्यवस्था कभी भी लड़खड़ा सकती है और मरीजों के खाने पर संकट आ सकता है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। शासन से बजट की मांग रखी गई है और बजट आते ही तुरंत भुगतान कर दिया जाएगा। 

सरकार पर किसानों ने लगाया उपेक्षा का आरोप

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पिथौरागढ़। किसानों का क्रमिक अनशन कर्ज माफी की मांग को लेकर 64 वें दिन भी जारी रहा। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रदेश सरकार पर उपेक्षा का अरोप लगाया।

मंगलवार को किसान, जिला किसान संगठन के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। इस दौरान किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। किसान संगठन के जिलाध्यक्ष सुभाष चंद्र जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस कारण कई दिनों से आंदोलन किए जाने के बावजूद भी किसानों की मांगें नहीं मानी जा रही है।
मंत्री जगदीश प्रसाद ने कहा कि भाजपा ने चुनावों के समय किसानों के कर्ज माफी की घोषणा की थी। कहा कि सत्ता में आते ही भाजपा किसानों को भूल गई है। कहा कि जिस कारण किसानों में प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश है।

विस अध्यक्ष ने एम्स से दून बस सेवा को हरी झंडी दिखाकार किया रवाना

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ऋषिकेश। उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ऋषिकेश से देहरादून तक उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बस सेवा का हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि जिन रोगियों को एम्स ऋषिकेश तक आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जिस कारण वह अपना इलाज सही से नहीं करा पाते हैं, उन लोगों को परिवहन निगम की इस बस सेवा शुरू होने से बहुत लाभ मिलेगा।
अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय जनता की बस सेवा की मांग काफी समय से थी जिस पर त्वरित गति से काम करते हुए आज बस सेवा को हरी झण्डी दिखा दी गई है। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अग्रवाल ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का मुआयना करते हुए कहा कि यहां पर जो भी समस्यांए अभी बनी हुई है, उस सम्बन्ध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात हुई है, जिस पर जल्द ही कारवाई कर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

अब सीबीएसई स्कूलों में लगेंगे सजेशन बॉक्सेज

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देहरादून। गुरुग्राम में हुई दर्दनाक घटना के बाद अब प्राइवेट स्कूलों में सजेशन बॉक्सेज भी लगेंगे। हालांकि प्राइवेट स्कूल ने यह कदम अपने स्तर से सुरक्षा के यह सारे इंतजाम किए हैं। बोर्ड के तमाम दिशा निर्देशों के साथ ही स्कूल एहतिहातन बच्चों को अपनी मन की बात कहने के लिए यह जरिया प्रदान करने जा रहा है।

प्राइवेट स्कूलों में सुरक्षा पर सवाल: प्रधुम्न मर्डर केस के बाद से प्राइवेट ही नहीं सरकारी स्कूलों में भी सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। प्राइवेट स्कूलों में जहां सीसीटीवी लगाने के साथ-साथ सभी कर्मचारियों का सत्यापन करने की गाइडलाइन पहले से ही जारी हो चुका है। जिसको लेकर सभी स्कूल मेनेजमेंट की ओर से अपने अपने स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया जा चुका है। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने भी सभी शासकीय अशासकीय स्कूलों में सुरक्षा की द़ृष्टि से फोटोयुक्त प्रोफाइल बाकी जानकारियों के साथ लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा सीबीएसई ने भी अपने स्तर से हर स्कूलों में सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सभी स्कूलों में शिकायत पेटिकाएं लगाना भी आवश्यक हो गया है। हालांकि प्राइवेट स्कूलों ने सजेशन बॉक्सेज के साथ-साथ ग्रीवेंस बॉक्स लगाने की भी आवश्यकता बता रहा है।
रैंगिंग को लेकर भी बनाया गया था नियम:स्कूलों में छात्राओं की परेशानी और रैगिंग की समस्या को देखते हुए सीबीएसई द्वारा सजेशन बॉक्सेज लगाने के निर्देश दिए गए थे। जिससे डर की वजह से प्रबंधन तक अपनी बात न रख पाने वाले छात्र-छात्राएं सुझाव यानि सजेशन अथवा कम्प्लेन यानि शिकायत पेटिका के जरिए अपनी बात रख सके। प्राइवेट स्कूलों ने इस निर्णय का भी स्वागत किया था और अपने स्तर से स्कूलों में सजेशन बॉक्स लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। ताकि रायन इंटरनेशनल स्कूल मेंं हुई वारदात की पुनरावृत्ति न हो।
अभिभावकों को नहीं होगी परेशानी :राजधानी के पटेलनगर स्थित जीआरडी एकेडमी के प्रिंसीपल राजन सेठी ने बताया कि स्कूल में सजेशन बॉक्स को लगाए जाने के साथ ही ग्रीवेंस बॉक्स अर्थात शिकयत पेटिका भी लगाई जा रही हैं। जिससे अभिभावकों को अपनी बात रखने में कोई परेशानी नहीं होगी। दोनों बॉक्सेज को अलग-अलग लगाया जाएगा जिससे दोनों के लगाने का फायदा स्कूल प्रबंधन को मिले। प्रिंसीपल का दावा है कि सजेशन बॉक्सेज से ज्यादा फायदा ग्रीवेंस बॉक्स से होगा। इसलिए स्कूल अपने स्तर से दोनों बॉक्स प्रोवाइड कराने जा रहा है।

शाहरुख हुए मायूस

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4 अगस्त को रिलीज हुई ‘जब हैरी मीटस सेजल’ के बाक्स आफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शाहरुख खान जहां आनंद एल राय की नई फिल्म की शूटिंग शुरु करने जा रहे हैं, वहीं हाल ही में एक और खबर आई थी कि शाहरुख खान की प्रोडक्शन कंपनी रेड चिल्ली ने इन दिनों साउथ में तहलका मचा रही तमिल फिल्म ‘विक्रम वेधा के हिंदी रिमेक राइटस खरीदे हैं।

‘विक्रम वेधा’ में आर माधवन के साथ साउथ के दिग्गज सितारे विजय सेतुपति ने काम किया है। अंडरवर्ल्ड और पुलिस अधिकारी के रिश्तों पर बनी इस फिल्म को बाक्स आफिस पर बड़ी कामयाबी मिली है। अब इस फिल्म के रीमेकिंग राइटस को लेकर एक और खबर आ रही है, जिसमें ‘विक्रम वेधा’ का निर्माण करने वाली कंपनी ने रीमेकिंग राइटस बेचने की खबर का खंडन कर दिया है।

इसके रीमेकिंग राइटस खरीदने की होड़ में शाहरुख से पहले अक्षय कुमार, अजय देवगन, संजय दत्त और सलमान खान भी शामिल रहे हैं। विक्रम वेधा का निर्माण करने वाली कंपनी वाई नाट प्रोडक्शन की ओर से सोशल मीडिया पर खबर दी गई है कि कंपनी ही इसे हिंदी में रीमेक करने पर विचार कर रही है और किसी को राइटस नहीं बेचे गए हैं। कंपनी का कहना है कि वे जल्दी ही इस बाबत अधिकारिक घोषणा करेंगे। देखने वाली बात होगी कि इन सभी सितारों में से किसे कंपनी रीमेक में कास्ट करेगी। 

पद्मावती में शाहिद कपूर का अंदाज

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संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के मुख्य किरदारों के पहले लुक बाहर आने की कड़ी में पद्मावती के रुप में दीपिका का लुक लांच होने के बाद आज इस फिल्म में महाराज रतन सिंह का पहला लुक भी जारी कर दिया गया।

पद्मावती के पति महाराज रतन सिंह का किरदार शाहिद कपूर निभा रहे हैं। अब जल्दी ही इस कड़ी में मुगल सम्राट खिलजी का पहला पोस्टर जारी होगा। ये किरदार रणबीर सिंह निभा रहे हैं। इसके बाद आखिरी में अदिति राव हैदरी के किरदार का पोस्टर भी जारी होने की उम्मीद है।

शाहिद का पहला लुक जारी होने के चंद घंटो में ही इसे सोशल मीडिया पर पसंद करने वालों की संख्या लाखों हो गई। दीपिका का पोस्टर अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। विवादों में रही भंसाली की ये फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होगी।

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गाँधी के जन्म शताब्दी वर्ष पर राजकीय अस्पताल में कांग्रेसियों ने बाटें फल

आज पूरे देश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गाँधी के जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है, इसी कड़ी में आज ऋषिकेश तीर्थनगरी में भी कांग्रेस कार्यकर्तायों द्वारा राजकीय अस्पताल में फल वितरण का कार्यक्रम किया गया जिसमें कांग्रेसियों द्वारा बड़ी संख्या में मरीजों और लोगों को फल बांटे गए।
मीडिया से बात करते हुए नगर कांग्रेस कमेटी के अध्य्क्ष शिव मोहन मिश्रा ने बताया कि आज पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गाँधी जी का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है उनके नेक कामों को देश कभी नही भूल सकता और कांग्रेस हमेसा उनके काम को आगे लेकर जाएगी, उन्होंने बताया कि आज उनकी याद में सरकारी अस्पताल में मरीजो को फल बांटे गए है।

पकड़े गये मओवादियों के झारखण्ड कनेक्शन की जांच

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नैनीताल। पचास हजार रुपये के इनामी माओवादी देवेंद्र चम्याल और उसकी महिला मित्र भगवती भोज के झारखंड कनेक्शन की जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है। दोनों की गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए कुमाऊं के डीआइजी पीएस रावत और नैनीताल का एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि दोनों को नेपाल सीमा पर बन रहे पंचेश्वर बांध निर्माण के विरोध के लिए रणनीति बनाते समय पकड़ा गया। पुलिस अब इंटेलीजेंस इनपुट भी खंगाल रही है। यही नहीं, पांच साल तक झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में देवेंद्र के ट्रेनिंग लेने की जांच भी होगी।
दस साल से फरार चल रहे इनामी माओवादी देवेंद्र चम्याल निवासी ग्राम दसाऊं पो. नगरखान पेटशाल (अल्मोड़ा) और उसकी महिला मित्र भगवती भोज निवासी ग्राम लखनाड़ी, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) को पुलिस ने चोरगलिया(नैनीताल) क्षेत्र से शनिवार शाम गिरफ्तार किया था। पुलिस व आइबी अधिकारियों ने दोनों से रात में पूछताछ की। रविवार को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि देवेंद्र चम्याल 2009 से 2014 तक झारखंड में ट्रेनिंग ले चुका है। 2004 में पुलिस ने हंसपुरखत्ता चोरगलिया में एक माओवादी कैंप का खुलासा किया था। देवेंद्र इसी कैंप से फरार हो गया था। तब उसके खिलाफ नानकमत्ता थाने में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां चलाने, आपराधिक षड़यंत्र रचने, प्रतिबंधित साहित्य रखने एवं बांटने का मामला दर्ज किया गया था।
इधर, 2017 में राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान धारी, अल्मोड़ा, सोमेश्वर, चनौदा, द्वाराहाट सहित कई जगहों में माओवादी विचारधारा से संबंधित पंफलेट लगाने व वॉल पेंटिंग लगाने के मामले में भी देवेंद्र व उसके साथियों का नाम सामने आया था। इन दिनों देवेंद्र और उसकी महिला मित्र पंचेश्वर बांध के विरोध में सक्रिय थे। दोनों के पास से संदिग्ध माओवादी साहित्य भी बरामद हुआ था।
एसएसपी खंडूड़ी के मुताबिक देवेंद्र उत्तराखंड में माओवादियों की जोनल कमेटी का सदस्य एवं कूरियर है। पूछताछ में उसने माओवादी खीम सिंह बोरा और भाष्कर पांडेय के संपर्क में होने की बात भी कबूली। एसएसपी के मुताबिक गिरफ्तार माओवादियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। देवेंद्र को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।

पूर्व सीएम के करीबी नेता को दिया था महंत ने फ्लैट!

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हरिद्वार। बड़ा अखाड़ा के कोठारी महंत मोहनदास के रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब होने के पीछे एसटीएफ और पुलिस के शक की सुई बार-बार संपत्ति विवाद की तरफ घूम रही है। दरअसल, कनखल में बड़ा अखाड़े की संपत्तियों पर पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर फ्लैट का निर्माण किया गया। निर्माण को लेकर अखाड़े पर कुछ देनदारी बकाया है। वहीं, पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी एक कांग्रेस नेता को उपहार स्वरूप फ्लैट दिया गया था। यह उपहार महंत ने क्यों दिया और ऐसे कौन-कौन लोग महंत की कृपा पात्रों की सूची में है, इसकी जानकारी भी एसटीएफ जुटा रही है।

महंत मोहनदास का अचानक गायब होना तमाम तरह के सवाल खड़े कर रहा है। संत पहले दिन से अपहरण जैसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। सवाल यह है कि संत के साथ कोई ऐसा क्यों करेगा। संत होने के नाते परिवार न होने पर पारिवारिक रंजिश जैसी बात असंभव है। अखाड़े की बेशुमार संपत्ति की तरफ बार-बार पुलिस के शक की सुई घूम रही है। कनखल में सामान्य चर्चा है कि महंत मोहनदास ने कई साधारण पृष्टभूमि वाले लोगों को फर्श से अर्श पर पहुंचाया। जांच कर रही एसटीएफ और पुलिस के लिए यह जानना जरूरी हो गया है। खोजबीन में पता चला है कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय ही कनखल में बिल्डरों ने बड़ा अखाड़ा की भूमि पर फ्लैट का निर्माण कराया। सूत्र बताते हैं कि फ्लैट निर्माण से जुड़ा कार्य कराने के लिए महंत मोहनदास ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी एक स्थानीय कांग्रेस नेता को उपहार में एक फ्लैट भी दिया था। एक बड़े कार्यक्रम का खर्च उठाने की बात भी सामने आ रही है। संपत्ति के एंगल को खंगाल रही एसटीएफ और पुलिस के हाथ कई चौंकाने वाली जानकारियां लगी हैं। अखाड़े की सपंत्ति अरबों में बताई जाती है लेकिन करोड़ों का लेनदेन संभालने वाले कोठारी महंत मोहनदास के चार पांच खातों को मिलाकर कुछ हजार की नगदी है। जांच में यह भी सामने आया है कि मुंबई के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने 40 हजार रुपये एटीएम से निकाले थे। हरिद्वार से रवाना होने पर उनके पास छह से सात लाख रुपये की नगदी होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, अखाड़े के संत उनके पास नगदी होने की बात से इन्कार कर रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि यदि महंत के पास नगदी नहीं थी और उनके बैंक खाते भी खाली हैं तो वह मुंबई जैसे शहर के बड़े हॉस्पिटल में इलाज कराने कैसे जा रहे थे।
दूसरी बात यह है कि खातों में कम नगदी होने की जानकारी के बावजूद महंत ने देनदारी के लिए चेक क्यों बांटे और उधारी का तकादा करने के लिए लोग महंत मोहनदास के सामने पहले कभी अखाड़े में क्यों नहीं आए। महंत की गुमशुदगी में शहर के एक बड़े होटल के मालिक व रत्न कारोबारी पर भी पुलिस की नजर है। यह कारोबारी व्यवसाय में महंत मोहनदास के साथ रहे हैं। व्यवसाय में निवेश करने की बात भी सामने आ रही है। एसटीएफ इस मामले में कभी भी कारोबारी से पूछताछ कर सकती है। इसके साथ ही एक विदेशी महिला का नाम अचानक ही सुर्खियों में आया है। बताया गया है कि महिला कई बार महंत मोहनदास से मिल चुकी है। गायब होने के कुछ दिन पहले भी महिला ने महंत मोहनदास से मुलाकात की थी। जांच में जुटी पुलिस और एसटीएम विदेशी महिला की कुंडली जुटा रही हैं। इसके लिए महंत मोहनदास के चारों फेसबुक अकाउंट से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस अगले दो दिन में बड़ा खुलासा कर सकती है। हालांकि संतों की लगातार नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत मंगलवार को हरिद्वार आ रहे हैं। सीबीआई जांच की सुगबुगाहट संतों के बीच उठने लगी है। कुछ संत मुख्यमंत्री के आने पर सीबीआइ जांच की संस्तुति करने की मांग उठाने की रणनीति भी बना चुके हैं। वहीं पुलिस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अधिकारी अगले दो दिन में महंत की गुमशुदगी की गुत्थी खोल सकते हैं। इस बारे में जानकारी जुटाकर ही मुख्यमंत्री हरिद्वार आ रहे हैं।