Page 489

संस्थानों के आसपास भी दिखाई नहीं देंगे जंक फूड और मादक पदार्थ

0

देहरादून। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी), सेंट्रल बोर्ड आॅफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के बाद अब आॅल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने भी जंक फूड को लेकर कड़ा रूख अपना लिया है। काउंसिल ने देशभर के संस्थानों में इस प्रकार के खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगा दी है।

स्कूलों और डिग्री कॉलेजों के बाद अब तकनीकि संस्थानों की कैंटीन में भी पिज्जा-बर्गर आदि की बिक्री नहीं होगी। इसके अलावा मादक पदार्थों को लेकर भी कड़ा रवैया अपनाते हुए काउंसिल ने संस्थानों के आसपास सिगरेट, बीड़ी, पान गुटखा आदि पदार्थों की बिक्री पर बैन लगा दिया है।
काउंसिल का कहना है कि शिक्षण संस्थानों के आसपास के स्थानों पर इस प्रकार के मादक पदार्थों की बिक्री किसी लिहाज से ठीक नहीं है। काउंसिल ने तकनीकि व प्रबंधन से जुड़े सभी संस्थानों को इसे लेकर कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। कॉलेजों को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि जंक फूड छात्रों में मोटापे सहित अन्य कई बीमारियों का कारण बन रहा है। सरकार विद्यार्थियों के सेहत पर पड़ रहे बुरे प्रभाव को लेकर बेहद चिंतित है, इसलिए संस्थानों को सुझाव दिया जाता है कि वो अपने कैंपस कैंटीन में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाए। सर्कुलर में कहा गया है कि सिगरेट, गुटखा और तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में सभी जानते हैं। इसके मद्देनजर छात्रों में इसके दुष्प्रभाव के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए कैंपस में अवेयरनेस कैंपेन चलाए जाने चाहिए।

बच्चे लगातार हो रहे बीमार
काउंसिल ने यह कदम महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के आधार पर उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थानों में जंक फूड के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में बच्चे बीमारियों से ग्रस्त होने की पुष्टि की गई है। इसके अलावा, पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने और जंक फूड को बैन करते हुए कैंटीन में स्वच्छता, खाने की क्वॉलिटी आदि को लेकर भी सुझाव दिए गए हैं।
उत्तराखंड तकनीकि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके गर्ग ने बताया कि काउंसिल का यह कदम वाकई सराहनीय है। जंक फूड बच्चों को बीमार बना रहा है। ऐसे में इस प्रकार के खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के साथ ही छात्रों को इसके दुष्प्रभावों को लेकर जागरूक किया जाना जरूरी है।

ज्यादातर संस्थानों में बगैर लाइसेंस के कैंटीन
अकेले देहरादून की बात करे तो यहां ज्यादातर शिक्षण संस्थान बगैर लाइसेंस के कैंटीन संचालित कर रही है। हालांकि कुछ संस्थानों ने पहले ही नियमों का पालन करते हुए कैंटीन संचालन के लिए लाइसेंस प्रक्रिया पूरी की हुई है। इसके बाद भी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में कई ऐसे हैं जहां नियमों से बेपरवाह होकर मेस और कैंटीन आदि का संचालन किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि राजधानी में ज्यादातर संस्थानों ने कैंटीन संचालन के लिए लाइसेंस लिया हुआ है लेकिन अब भी कई ऐसे हैं जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों की लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसके बाद इन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीबीएसई पहले ही दे चुका है निर्देश
सीबीएसई ने स्कूलों की कैंटीन में जंक फूड का इस्तेमाल न हो, इसके लिए खास तौर पर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन करेगा, जिसके बाद यह कमेटी कैंटीन में खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और जंक फूड पर रोक लगाने पर काम करेगी। कमेटी बच्चों को बेहतर खाना मिले, इसके लिए पौष्टिक आहार की लिस्ट तैयार कर भोजन उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा बोर्ड ने यह भी कहा है कि संभव हो तो स्कूल के 200 मीटर के आसपास जंक फूड की बिक्री पर भी लगाम लगाई जाए।

दिए गए निर्देश
– संस्थानों में जंक फूड परोसे जाने पर रोक लगाई जाए।
– कैंटीन में खाने की क्वॉलिटी चेक करने की व्यवस्था की जाए।
– व्यवस्था के तहत जंक फूड पर रोक लगाने के लिए कमेटी बनाई जाए।
– संस्थानों के 200 मीटर के दायरे में जंक फूड व मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक।
– पौष्टिक आहार को लेकर संस्थानों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
– छात्रों को मादक पदार्थों और जंक फूड को लेकर जागरुकता का कार्य किया जाए।

पहाड़ की फसल ”कंडाली” लगा सकती है पलायन पर रोक

0

हरिद्वार। “कंडाली” जिसे पहाड़ की बिच्छू घास भी कहा जाता है, जिसे अक्सर पहाड़ में बच्चों की शैतानी पर उन्हें सजा देने के काम में लाया जाता था लेकिन बदलते वक्त के साथ पता चला कि कंडाली न केवल बच्चों की शैतानी को रोकने में काम आती है इसका उपयोग रोजगार के अवसर पैदा करने और पलायन पर लगाम लगाने की भी क्षमता है। हरिद्वार के एक छात्र ने अपने शोध में यह साबित कर दिया है कि कंडाली का फाइबर अन्य फाइबर के मुकाबले न केवल मजबूत है अपितु यह मानव निर्मित फाइबर से सस्ता भी है।

मंयक पोखरियाल के इस शोध का प्रकाशन अमेरिका की प्रसिद्व टेलर एंड फ्रांसिस ऑनलाइन में भी प्रकाशित हुआ हैं। शोध में पाया गया कि कंडाली का फाइबर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज, एयरो स्पेस इंडस्ट्रीज, स्पोर्टस इंडस्ट्रीज, फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर, डोरपैनल, हेलमेट आदि बनाने में सहायक है। 20 सितम्बर को अमेरिका की टेलर एंड फ्रांसिस ऑनलाइन में जब कंडाली को लेकर हरिद्वार के छात्र मंयक पोखरियाल का शोध प्रकाशित हुआ तो यह साबित हो गया कि जंगल में पायी अपने आप उगने वाली यह घास कितने काम की हैं।
मंयक ने बताया कि उसने कंडाली हिमायलन नेट्टल पर 2013 में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी के दौरान शोध शुरु किया था। जिसे करीब 2015 में पूरा कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने इस शोध में पाया कि उत्तराखंड राज्य के मध्य हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाला पौधा कंडाली हिमालयन नेट्ल के फाइबर को हम कम्पोजिट मैटेरियल्स बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक ईको फाइबर है जो मानव निर्मित फाइबर से काफी सस्ता आसानी से उपलब्ध एक कम घनत्व वाला बायो डिग्रेडेबल है। इसको पॉल्मर के साथ मिलकर कम्पोजिट बनाया जा सकता है। इसका फाइबर बास्ट फाइबर की केटेगरी में आने वाला सबसे मजबूत फाइबर है। शोध में हिमालयन नेट्टल फाइबर को पहले केमिकल ट्रीटमेंट देने के बाद सुखाकर इसको पॉल्मर के साथ रैनफोर्स किया गया। उसके बाद इस पर विभिन परीक्षण जैसे टेंसिलटेस्ट, इम्पैक्ट टेस्ट, वियर टेस्ट किये गए जिसमें यह पाया गया की इसको विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज, एयरो स्पेस इंडस्ट्रीज,स्पोर्टस इंडस्ट्रीज, फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर, डोरपैनल, हेलमेट आदि बनाने में सहायक है।
मंयक ने बताया कि पूर्व में उत्तरखंड के पहाड़ी इलाके जैसे पौड़ी, चमोली और पिथौरागढ़ आदि क्षेत्रों में लोग इसके फाइबर से रस्सी, धागे, बोरे, चटाई व कपड़ा आदि बनते थे, जो जानकारी के अभाव में अब कम हो गया था। यह पौधा 1200 मीटर की ऊंचाई से ऊपर प्राकृतिक रूप से बंजर भूमि, रास्ते एवं सड़कों के किनारे स्वतः ही उग जाता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला हिमालयन नेट्टल रोजगार देने और पलायन रोकने में सहायक होने के साथ साथ लोगों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहायक सिद्ध होगा। मंयक ने बताया कि इस शोध में उनके गाइड एवं पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. लालता प्रसाद व सहायक आचार्य हिमांशु प्रसाद रतूड़ी उत्तराखंड बम्बू एंड फाइबर डेवलपमेंट बोर्ड के मैनेजर दिनेश जोशी, आगाज फाउंडेशन के जेपी मैथानी का पूर्ण सहयोग मिला।

शहीद के पिता को डीएम ने दिया चार लाख का चेक

0

गोपेश्वर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में 12 फरवरी 2017 को आंतकी मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए चमोली जिले के गैरसैंण तहसील के मैखोली गांव के रहने वाले शहीद लांस नायक रघुवीर सिंह के पिता आनंद सिंह को जिलाधिकारी आशीष जोशी ने उत्तराखंड सरकार से प्राप्त अनुग्रह अनुदान राशि का चेक एवं शाॅल भेंट कर सम्मानित किया।
मंगलवार को जिला मुख्यालय गोपेश्वर में राज्य सरकार की ओर से शहीद सैनिक के पिता आनंद सिंह को चार लाख धनराशि का चेक प्रदान करते हुए जिलाधिकारी ने शहीद सैनिक के परिवार को हर संभव सहायता देने की बात भी कही। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एनके डबराल भी मौजूद रहे। राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिक की पत्नी रेखा देवी को छह लाख अनुग्रह अनुदान व दो लाख आवासीय सहायता दी जोयगी।
गौरतलब है कि शहीद लांस नायक रघुवीर सिंह फरवरी में जम्मूू कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए शहीद हो गये थे। इस मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गये थे, जबकि गोली लगने से लांस नायक रघुवीर सिंह वीरगति को प्राप्त हुए थे। लांस नायक रघुवीर सिंह को मरणोपरांत शौर्य चक्र से भी अलंकृत किया गया है। लांस नायक रघुवीर सिंह शहादत के बाद अपने पीछे पत्नी एवं आठ साल के पुत्र देवेश सिंह व एख माह के पुत्र आयरन सिंह को छोड़ गए है। रघुवीर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से ही की, जिसके बाद उन्होंने इंटर तक की पढ़ाई मैहलचैरी से पूरी की थी। उन्होंने 2004 में महार रेजीमेंट को ज्वाइन किया था। शहीद रघुवीर सिंह के पिता आनंद सिंह भी सेना से सेवानिवृत है।

स्वच्छता पखवाड़े के लिए मास्टर ट्रेनरों का हुआ प्रशिक्षण

0

गोपेश्वर। चमोली जिले के ग्राम पंचायतों में चलाये जाने वाले ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा के जिला एवं ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों को ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में पखवाड़े के दौरान ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
भारत सरकार द्वारा स्वच्छ ग्राम, कौशल पंजी तथा समृद्धि ग्राम नाम से तीन मोबाइल एप लाॅन्च किए हैं, जिनके माध्यम से पखवाड़े के दौरान गांवों का सर्वे कर आंकड़े सीधे भारत सरकार को उपलब्ध कराए जाने हैं।
स्वच्छ ग्राम एवं कौशल पंजी मोबाइल एप के माध्यम से जिले की सभी 613 ग्राम पंचायतों में सर्वे कर आवश्यक आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे, जबकि समृद्धि ग्राम मोबाइल एप पर मिशन अंत्योदय के तहत चयनित 116 ग्राम पंचायतों में गरीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए सर्वे कर डेटा सीधे भारत सरकार को उपलब्ध कराया जाना है।
मिशन अत्योदय वाले गांवों में सर्वे कार्य के लिए सरकारी कर्मचारी के बजाय स्थानीय लोगों के माध्यम से कराया जाएगा तथा सर्वे करने वाले व्यक्ति को मानदेय भी दिया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा देश भर में आगामी एक से 15 अक्टूबर तक ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जाएगा।
उन्होंने एक अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में वृहद स्वच्छता कार्यक्रम तथा दो अक्टूबर को गांधी जयंती के कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए जन प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के सहयोग से पखवाड़े को उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर डीडीओ आनंद सिंह, जीएमडीआईसी डॉ. एमएस सजवाण, डीपीआरओ बीएस दुग्ताल, जिला पर्यटन अधिकारी एसएस यादव, समाज कल्याण अधिकारी सुरेंद्र लाल, मुख्य जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

प्रदेश भर में कांग्रेसियों ने मनाया इंदिरा जन्म शताब्दी वर्ष

0

देहरादून। राजधानी देहरादून सहित प्रदेश भर में पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्वर्गीय इंदरा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष पर मंगलवार कांग्रेसियों ने जिला मुख्यालयों पर धूमधाम से मनाया। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेसजनों द्वारा इन्दिरा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर राज्य भर के जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न चिकित्सालयों में मरीजों को फल वितरित किए।
प्रदेश मुख्यालय देहरादून में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में दून चिकित्सालय एवं मेडिकल काॅलेज में फल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में मरीजों को फल वितरित किए।
इस अवसर पर प्रीतम सिंह ने दून चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए सेवारत चिकित्सकों से भी चिकित्सालय की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से गरीबों व वंचितों की सेवा के लिए काम किया है। इसी सेवा भाव के तहत स्व. इंदिरा गांधी के जयंती को जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी द्वारा मनाया जा रहा है। ऐसे अनेकों कार्यक्रमों के जरिए गरीबों व असहायों के बीच कांग्रेस काम करती है।
इस अवसर पर पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, पूर्व मंत्री डाॅ. संजय पालीवाल, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र शाह, महामंत्री नवीन जोशी, प्रदेश सचिव गिरीश पुनेड़ा, प्रदेश सचिव भरत शर्मा, पूर्व मंत्री अजय सिंह, नवीन पयाल, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान आदि अनेक कांग्रेसी नेता उपस्थित थे।

धूल फांक रही मशीनों के आये अच्छे दिन

0

गोपेश्वर। चमोली जिले के विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग केंद्र औली के अच्छे दिनों की शुरुआत हो गई है। 2010-11 में हुए सैफ विंटर गेम के बाद बंद पड़े करोड़ों रुपये के लागत के स्नो मेकिंग सिस्टम के अब अच्छे दिन शुरू हो गये हैं। फ्रेंच की कंपनी द्वारा इन मशीनों के मरम्मत का कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि औली की ढलानों में आयोजित होने वाले स्कीइंग प्रतियोगिताओं के लिए वर्ष 2010-11 के सैफ गेम के लिए कृतिम बर्फ बनाने की मशीने लगायी गई थी ताकि बर्फ न पड़ने की दशा में यहां पर कृतिम रूप से बर्फ तैयार कर हर वर्ष स्कीइंग गेम होते रहे। इन मशीनों के लगने के बाद एक दिन हुए ट्रायल के बाद ही मशीनों ने काम करना बंद कर दिया था, जिससे छह करोड़ से अधिक मूल्य की ये मशीने औली की ढलानों पर जंक खा रही थी।
इस वर्ष औली मे 15 जनवरी से इंटरनेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन होना है। जिसके लिए पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज द्वारा एक बार की बैठक भी औली में आयोजित कर ली है। उन्हीं के अथक प्रयासों से इन मशीनों को ठीक करने का जिम्मा फ्रेंच की एक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के तकनीशियनों का चार सदस्यीय दल ने मंगलवार को औली की ढलानो पर जंक खा रही इन मशीनों के साथ ही चेयर लिफ्ट व अन्य उपकरणों का निरीक्षण किया तथा इन पर कार्य आरंभ कर दिया है। जल्द ही यहां पर कृतिम बर्फ बनाने वाली मशीनों द्वारा कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

आखिर सीबीआई जांच से पीछे क्यों हट रहे संत

0

हरिद्वार। महंत मोहनदास महाराज की गुमशुदगी मामले में अखाड़े के संत सीबीआई जांच कराने से पीछे हट रहे हैं। महंत के लापता होने के दस दिन बाद मंगलवार को एक बार फिर मंत्री मदन कौशिक अखाड़े पहुंचे और अखाड़े के संतों से मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात कही। जिस पर संतों ने सीबीआई की अपेक्षा एसआईटी व पुलिस पर ही भरोसा जताया।

एक ओर तो संत समाज महंत मोहनदास का पता न चलने पर दो अक्टूबर से देशभर में आंदोलन की सरकार को चेतावनी दे रहा है। वहीं जब सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति की बात कहती है तो वह ऐसा करने से इंकार कर रहे हैं। आखिर वजह क्या है। जब एसआईटी तथा पुलिस लापता महंत का पता लगा पाने में सक्षम नजर नहीं आ रही तो सीबीआई जांच से अखाड़े के संतों को गुरेज क्यों। पुलिस व एसआईटी जांच का फोकस महंत के करीबियों व मेरठ आदि क्षेत्र में किए हुए है, जबकि अखाड़े के संतों को उसने अभी तक जांच के घेरे में नहीं लिया है। जब जांच की जा रही है तो अखाड़े के संतों को जांच से दूर क्यों रखा गया। अब इस बात की संभावना और बलवती हो गई है कि जब सरकार सीबीआई जांच की पेशकश संतों के समक्ष कर चुकी है तो वह इससे पीछे क्यों हट रहे हैं। इससे लगता है कि दाल में कहीं न कहीं कुछ काला अवश्य है।

रितिक ही बनेंगे आनंद कुमार

0

बिहार में गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए रास्ता दिखाने वाले आनंद कुमार की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। अब ये लगभग स्पष्ट हो चुका है कि रितिक रोशन ही उनकी बायोपिक में काम करेंगे, जिसका निर्देशन विकास बहल करने जा रहे हैं। अभी तक सस्पेंस इस बात को लेकर था कि इस फिल्म में आनंद कुमार का रोल रितिक करेंगे या अक्षय कुमार करेंगे?

चर्चा थी कि अक्षय कुमार ये रोल भी करना चाहते हैं और फिल्म भी वे खुद बनाना चाहते हैं। आनंद कुमार से रितिक की मुलाकात भी हुई और अक्षय कुमार भी उनसे मिले थे। आनंद कुमार पिछले दिनों कौन बनेगा करोड़पति के एक विशेष एपीसोड में हिस्सा लेने मुंबई आए थे, तो रितिक और अक्षय कुमार के साथ उनकी मुलाकातें हुई थीं।

ये भी चर्चा थी कि अपने पिता राकेश रोशन की फिल्म कृष 4 शुरु करने जा रहे रितिक के पास इस फिल्म के लिए वक्त नहीं है, लेकिन उनके साथ ही मामला जम गया। आनंद कुमार भी इस बात से खुश हैं कि परदे पर उनका रोल रितिक रोशन करेंगे। दिलचस्प बात ये है कि विकास बहल ने कंगना के साथ क्वीन बनाई थी।

गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में दशहत का माहौल

0

अल्मोड़ा/सामेश्वर। ग्रामीणों की तमाम शिकायतों के बाद भी अब तक गुलदार को पकड़ा नहीं जा सका है, जिस कारण पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

बौरारो घाटी के अनेक गांवों में पिछले कई दिनों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। इस क्षेत्र में गुलदार अब तक छह से अधिक मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। पिछले दिनों गुलदार ने पशुपालक हरीश राणा, नवीन राणा, गुसाई सिंह और हरी सिंह के छह से अधिक मवेशियों को घात लगाकर बैठे गुलदार ने अपना शिकार बना लिया, जिसके बाद से ग्रामीणों में खौफ का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर शीघ्र गुलदार को पकड़ा नहीं गया तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने वन विभाग से ग्रामीणों को मारे गए मवेशियों का मुआवजा दिए जाने और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा है कि गुलदार को कई बार आबादी वाले इलाकों में देखा गया है, जिसके बाद से महिलाओं और बच्चों का इधर-उधर जाना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई बार वन विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग भी की, लेकिन इसके बाद भी गुलदार को पकड़ने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

2 अक्तूबर को गांधी जयंती पर टायलेट एक प्रेमकथा

0

11 अगस्त को रिलीज हुई अक्षय कुमार की बाक्स आफिस पर हिट रही फिल्म ‘टायलेट एक प्रेमकथा’ 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर दूरदर्शन पर दिखा दी गई और अब ये फिल्म गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर को सैटेलाइट चैनल द्वारा टेलीकास्ट की जाएगी।

ये फिल्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरु किए स्वच्छ भारत अभियान के साथ जोड़ी गई थी और बाक्स आफिस पर इस फिल्म ने 140 करोड़ के आसपास की कमाई की थी। भाजपा शासित कई राज्यों में इसे टैक्स फ्री कर दिया था। अब तक फिल्मों के टेलीविजन पर टेलीकास्ट होने को लेकर कानून था कि थिएटरों में रिलीज होने के कम से कम तीन महीनों बाद ही किसी फिल्म को टीवी पर दिखाया जा सकता है, लेकिन इस फिल्म ने ये कानून तोड़ दिया।

2 अक्तूबर को ही सलमान खान की ट्यूबलाइट भी टीवी पर आएगी, लेकिन ये ईद के मौके पर 17 जून को रिलीज हुई थी। 8 अक्तूबर को बाहुबली 2 भी टीवी पर आ रही है। अनुमान है कि अक्तूबर में ही शाहरुख खान की ‘जब हैरी मीट सेजल’ भी चैनल पर दिखा दी जाएगी।