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विद्यालय में मोबाइल लाने पर लगा प्रतिबंध

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चमोली जिले के मुख्यालय गोपेश्वर के राजकीय बालिका इंटर कालेज में अभिभावक संघ की बैठक में विद्यालय परिसर के अंदर छात्राओं के मोबाइल फोन लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने पाल्यों को मोबाइल फोन से दूर रखने की हिदायत दें।

राबाइका में हुई अभिभावक संघ की बैठक में प्रधानाचार्या ममता शाह ने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाने में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि सार्वजनिक वाहनों से विद्यालय आने वाले छात्राओं के अभिभावक वाहन चालक व वाहन की पूरी जानकारी अपने पास रखे साथ विद्यालय को भी इसकी सूचना दें ताकि जरूरत पड़ने पर उनके संपर्क किया जा सके।

बैठक में अभिभावक संघ के अध्यक्ष शिवलाल रूद्रियाल ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा का जिम्मा प्रशासन के साथ ही अभिभावकों का भी है। इसलिए वे अपने कर्तव्यों का सही पालन करें। 

हंस फाउंडेशन उठाएगा वरुण के इलाज का खर्च : विधायक जोशी

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किडनी की समस्या से पीड़ित 13 वर्षीय वरुण की मदद को मसूरी विधायक गणेश जोशी ने हाथ बढ़ाया है। नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में वरुण का इलाज चल रहा है। विधायक जोशी ने वरुण का इलाज कर रहे डाॅक्टरों से मुलाकात की है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्चा बिल्कुल ठीक हो सकता है, बशर्ते इलाज के लिए तकरीबन आठ-नौ लाख का खर्चा आएगा।

विधायक जोशी ने खर्च के सम्बन्ध में हंस फाउंडेशन की चैयरमेन माता मंगला से वार्ता की है। जोशी ने बताया कि हंस फाउंडेशन पीड़ित वरुण के इलाज के लिए पूरा खर्च उठाने का आवश्वासन दिया है। विधायक जोशी ने माता मंगला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और आर्शीवाद से असंख्य अक्षम लोगों की मदद होती रही है।

किडनी की समस्या से पीड़ित 13 वर्षीय वरुण ने मंगलवार को एक पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मदद की गुहार लगाई थी। नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती वरुण ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया था कि मुझसे मां की आंखों में आंसू नहीं देखे जाते किन्तु जब मुझे अधिक दर्द होता है तो तकिए में मुंह देकर रोना पड़ता है। पीड़ित वरुण का परिवार पुरानी दिल्ली के बल्लिरामान में रहता है और पिता कमल किशोर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

इसकी जानकारी मिलने पर मसूरी विधायक गणेश जोशी ने नई दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में किडनी की समस्या से पीड़ित वरुण का हाल जाना। विधायक जोशी ने बताया कि खर्च के सम्बन्ध में हंस फाउंडेशन की चैयरमेन माता मंगला से वार्ता की गयी है। और उनके द्वारा पीड़ित वरुण के इलाज के लिए पूरा खर्च उठाने का आवश्वासन दिया गया है।

निशंक को गुजरात सौराष्ट्र का प्रभारी बनाए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाई

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सौराष्ट्र का प्रभार सौंपा है। रुड़की में भाजपाईयों ने मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई।

इस मौके पर भाजपा नेता कुँवर नागेश्वर का कहना है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद को आगामी वर्ष में होने वाले गुजरात में विधानसभा चुनाव में सौराष्ट्र का जिम्मा राष्ट्रीय भाजपा कार्यकारिणी द्वारा सौंपा गया है इसका वह दिल से धंयवाद करते हैं।

उनका कहना है कि डॉ. निशंक सौराष्ट्र क्षेत्र के लगभग 16 सांगठनिक जनपद एवं 48 विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास करेंगे। पहले सौराष्ट्र की जिम्मेदारी वरिष्ठ भाजपा नेता निर्मला सीतारमन को सौंपी गई थी। उनके रक्षा मंत्री बनने के बाद उनकी व्यस्तता को देखते हुए अब यह प्रभार डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को दिया गया है। 

दशहरे को तय होगी बद्रीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि

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गोपेश्वर। हिन्दुओं के प्रसिद्ध धाम बद्रीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि 30 सितम्बर दशहरे के दिन तय की जाएगी।

जानकारी देते हुए बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि धर्माधिकारियों द्वारा दशहरे के दिन पचांग देखकर बद्रीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि तय की जाएगी। पचांग के आधार पर तिथि निर्धारित होने के बाद ही कपाट बंद होने की प्रक्रिया होगी। कहा कि इस बार बद्रीनाथ धाम में आपदा के बाद यात्रियों की अच्छी तादात रही। आशा है कि अगले वर्ष भी कपाट खुलने पर यात्रा ठीक ठाक चलेगी।

मओवाद से जुडते पंचेश्वर बांध आंदोलन पर घमासान

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महाकाली की आवाज संगठन,पिथौरागढ़ ने पंचेश्वर बांध को माआवोदियों से जोड़े जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने कहा है कि बांध विरोध को माओवाद से जोड़कर डूब क्षेत्र की जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। जिसे क्षेत्र की जनता सफल नहीं होने देगी।

संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने कहा है कि पंचेश्वर बांध परियोजना का विरोध वे लोग कर रहे हैं, जिनके घर, खेत, जंगल बांध में डूबने हैं। ये लोग किसी संगठन के भड़काने पर विरोध नहीं कर रहे हैं। बांध क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन-मरण का सवाल है। उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा है कि एक ओर भारत में बांध के लिए माओवाद का हौवा खड़ा किया जा रहा है, तो दूसरी ओर नेपाल में माओवादियों के सहयोग से चल रही सरकार बांध का समर्थन कर रही है।

उन्होंने कहा है कि सरकार ने पुनर्वास और विस्थापन का जो ड्राफ्ट तैयार किया है वह कहीं से भी जनपक्षीय नहीं है। सरकार ने इस ड्राफ्ट में सिर्फ अपनी बात रखी है। जनता से लिए गए कोई भी सुझाव इस पालिसी में शामिल नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र की जनता तब तक अपना विरोध जारी रखेगी जब तक उनके सुझावों पर सरकार अमल नहीं करती है।

सुमाडी श्रीनगर में ही बनाया जाएगा एनआईटी: मुख्यमंत्री

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नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात कर श्रीनगर एनआईटी और नए केंद्रीय विद्यालयों के विषय में चर्चा की। मुलाकात के बाद मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में एनआईटी सुमाडी श्रीनगर पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा। एनआईटी के प्रदेश से बाहर स्थानांतरित होने की कोई वजह नहीं है और राज्य सरकार एनआईटी संचालन और निर्माण में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने पर भी केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया है।

साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में केन्द्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री अनंत कुमार से भेंट की। इस अवसर पर हुई चर्चा में बताया गया कि उत्तराखण्ड के 26 सरकारी अस्पतालों में शीघ्र जनौषधि केन्द्र खोले जायेंगे, जिसमें सस्ती दवाएं उपलब्ध करायी जायेगी। बताया गया कि उत्तराखंड में अगले वर्ष जनवरी में मकर संक्रान्ति से सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी को प्रारम्भ करने पर भी सहमति बनी। सीपेट के तहत 06-06 महीने के कौशल विकास कोर्स जल्द शुरू किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ही नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की केन्द्रीय मंत्री से मुज़फ्फ़रनगर-देहरादून सड़क मार्ग के सम्बन्ध में चर्चा हुई। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मुज़फ्फ़रनगर-देहरादून सड़क मार्ग पर जल्द ही कार्य शुरू किया जायेगा। प्रदेश में जिन राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्य आवंटित कर दिये गये है, उनके शीघ्र निर्माण के लिए लगातार माॅनिटरिंग की जायेगी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत भी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने सहकारी चीनी मिल्स संघ की नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को बद्रीपुर, देहरादून स्थित उत्तराखण्ड सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड के नवनिर्मित मुख्यालय भवन का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया।
सहकारी चीनी मिल्स संघ को नवनिर्मित मुख्यालय भवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार किसानों तथा रोजगार के मसलो पर अत्यन्त गम्भीर व ठोस पहल कर रही है। आने वाले दिनों में इनके परिणाम भी दिखने लगेंगे। आवश्यकता पड़ने पर नीतिगत परिवर्तन भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बहुत से प्रोजेक्ट बन गए है। जरूरत पड़ने पर कर्ज भी लेंगे और कर्ज का सौ फीसदी सदुपयोग किया जाएगा। गन्ना किसानों के 110 करोड़ रुपये बकाया राशि का भुगतान किया गया है।
बुधवार को बद्रीपुर देहरादून में मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित उत्तराखण्ड सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड के नवनिर्मित मुख्यालय भवन का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम द्वारा 4.11 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। मुख्यालय भवन को भूमि आंवटन चीनी मिल डोईवाला द्वारा निःशुल्क किया गया। 887.71 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित मुख्यालय भवन का निर्माण कार्य जून 2016 में आरम्भ किया गया था तथा सितम्बर 2017 को यह पूरी तरह बनकर तैयार हो गया। भवन में कार्यालय, ममटी एवं मशीन रूम, काॅन्फ्रेंस हाॅल सहित सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मुख्यालय भवन को केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग की विशिष्टियों एवं भूकम्परोधी तकनीक पर सीबीआरआई रूड़की द्वारा संरचनीय मानचित्र तैयार करा कर निर्मित किया गया है। भवन निर्माण की तृतीय पक्ष गुणवत्ता नियंत्रण सीबीआरआई रूड़की द्वारा कराया गया है।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि पेराई सत्र 2016-17 में राज्य की आठ चीनी मिलों द्वारा 350.60 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 34.55 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया तथा औसतन चीनी परता 9.86 प्रतिशत प्राप्त हुआ। यह उत्तराखण्ड राज्य गठन के उपरान्त सर्वोच्च रहा। चीनी मिलो द्वारा कुल देय गन्ना मूल्य रुपये 1080.18 करोड़ के सापेक्ष रुपये 940.10 करोड़ का भुगतान किया गया।
पेराई सत्र 2016-17 के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान हेतु राज्य सरकार द्वारा सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलो को रुपये 65 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। पेराई सत्र 2016-17 के सम्पूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान हेतु सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को 60 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता माननीय मंत्रिमण्डल द्वारा स्वीकृत की गई है।
पेराई सत्र 2015-16 के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान हेतु सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों को 44.54 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। चीनी मिलों में जल एवं वायु प्रदूषण रोके जाने हेतु 100 लाख रूपये की प्रावधान किया गया हैं। सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल नादेही एवं बाजपुर के आधुनिकीकरण हेतु यूजेवीएनएल के साथ एमओयू किया गया है साथ ही उक्त मिलों में क्रमशः 16 व 22 मेगावाॅट के सह-विद्युत परियोजना स्थापित किए जाने के लिए भी यूजेवीएनएल के साथ अनुबन्ध किया गया है।
सहकारी गन्ना विकास समितियों के माध्यम से कृषि निवेशों के रूप में 1380.83 लाख रुपये का ऋण नाबार्ड द्वारा कृषकों को वितरित किया गया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रकाश पन्त, राज्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग दिलीप जावलकर तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

अपनी मुहिम ‘मेरा गांव स्वच्छ गांव” से लोगों को दिशा देते भूवन

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मेरा गांव स्वच्छ गांव सुनने से ही मालूम होता है कि स्वच्छता और उससे होने वाले फायदे से संबंधित बात है।जी हां मेरा गांव स्वच्छ गांव एक दिशा है जो उन लोगो को दिशा और जागरुक कर रही है जो आज तक मानसिक बीमारी गरीबी से ग्रसित रहे जिनको विश्वास ही नही था कि वो लोग भी राष्ट्र के विकास में आम भागीदारी निभा सकते हैं।

SWACHCH GAON

”मेरा गांव स्वच्छ गांव” में कंडारी चमोली गांव के हर परिवार से एक नागरिक हर महीने के पहले और तीसरे रविवार को एक निर्धारित समय पर इकट्ठा होकर पूरे गांव में स्वच्छता अभियान चलाता हैं।मेरा गांव स्वच्छ गांव पहले गांव में सफाई का काम करते हैं उसके बाद इको-फ्रेंडली डस्टबिन को जगह-जगह लगाया जाता है,जिससे आने जाने वाले राहगीर इधर-उधर कूड़ा ना डाले।इसके बाद गांव के रास्तों पर चूना डाला जाता हैं जिससे एक उत्सव का माहौल बनाया जा सके।इस चूने को देखकर आने जाने वाले लोग यह सवाल करते हैं कि गांव में क्या हो रहा तो गांव वाले बड़े गर्व से बताते हैं कि यहां सफाई का काम हुआ है  और इससे यह संदेश आगे दूसरे लोगों तक जाता है।इस मुहिम के बाद गांव वालो ंको यह भरोसा तो हो गया है कि देश सेवा के लिए पैसो के अलावा और भी जरिए हैं।

टीम न्यूज़पोस्ट से बातचीत में इस मुहिम के मुख्य प्रचारक भुवन रावत ने बताया कि ”मेरा मानना है कि जब तक इन अभियानों को धर्म से नहीं जोड़ा जाएगा तब तक हमें सफलता पाने में कठिनाई होगी।मार्च 2017 से इस अभियान की शुरुआत मां धारी देवी के मंदिर से हुई।इस अभियान के दौरान मां धारी देवी तक पहुचने के रास्ते में सफााई के साथ-साथ कूड़ेदान भी लगाए गए ताकि दर्शन को आए भक्त सफाई के महत्तव को समझे और इसमें हमारा साथ दें।सफाई करने के बाद आसपास के 20-25 गांवों में लोगों से,बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें स्वच्छता का महत्व भी समझाया गया।इसके बाद यह मुहिम 15 अगस्त 2017 कंडारा गांव में शुरु किया गया जो आज भी गांव वालों द्वारा उसी मेहनत और लगन से किया जा रहा है।भुवन ने बताया कि चाहें परिस्थिति कैसी भी हो गांव वाले रुकते नहीं है,चाहे बारिश हो या तूफान।

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भूवन कहते हैं कि मेरा यह प्रयास बिना मेरे परिवार के सहयोग के शायद ही सफल हो पाता।उन्हें इस काम में उनकी मां,पत्नी,भाभी,भईया और सभी का पूरा सहयोग मिला।भूवन बताते हैं कि यहां तक मेरे बच्चे भी मुझे याद दिलाते रहते हैं कि आज रविवार हैं मतलब सफाई का दिन।भूवन अभी श्रीनगर में जी.वी.के कंपनी के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में उप प्रबंधक के रुप में काम कर रहे हैं।

भूवन ने कहते हैं कि यह तो शुरुआत है ”मेरा गांव स्वच्छ गांव के  बाद मेरा शहर स्वच्छ शहर उसके बाद मेरा जिला स्वच्छ जिला,फिर मेरा देश स्वच्छ देश और आखिरी में मेरी धरती स्वच्छ धरती बन पाना तभी संभव है जब सबका साथ मिलेगा।इस मुहिम को धर्म की सेवा के साथ जोड़ा जाएगा तभी देश सेवा के साथ-साथ मानव सेवा भी होगी”।भूवन ने बताया कि किसी भी अच्छे काम को करने से पहले परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन अपना राज्य सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए छोड़ी परेशानियां झेलना कोई बड़ी बात नहीं है”।

अंत में भूवन कहते हैं कि ”हम सब को मिलकर सुंदर उत्तराखंड के साथ स्वच्छ उत्तराखंड बनाने का भी प्रण लेना चाहिए”।

नवंबर तक आकार ले लेगा शीशमबाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड

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देहरादून। उत्तराखंड की बहुउद्देशीय परियोजना के रूप में बनने वाला शीशमबाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड जल्दी ही आकार ले लेगा। इस संदर्भ में धर्मपुर विधायक एवं महापौर विनोद चमोली विशेष रूप से प्रयासरत हैं। उन्होंने इस परियोजना को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ रखा है। लगातार इस परियोजना को चलाने के लिए वे अधिकारियों को दिशा-दर्शन दे रहे हैं। कूड़ा निस्तारण ही नहीं ऊर्जा के लिए भी इस परियोजना का विशेष महत्व है। दस सालों से लम्बित पड़ा शीशमबाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड आगामी नवम्बर तक तैयार हो जाएगा। यह बात महापौर विनोद चमोली ने निर्माणाधीन शीशमबाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड का स्थानीय निरीक्षण के बाद कही।

महापौर विनोद चमोली ने निर्माण कार्य का निरीक्षण के बाद कहा कि कार्य में और प्रगति होनी चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नवंबर तक का टास्क दिया है ताकि नवंबर तक यह ट्रेंचिंग ग्राउंड चल पड़े और कूड़ा निस्तारण समस्या का समाधान हो जाए। अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत उन्होंने ट्रेंचिंग ग्राउंड में चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया। निर्माणदायी कम्पनी के अधिकारियों से कार्यप्रगति की रिपोर्ट की जानकारी ली। उन्होंने कम्पनी के अधिकारियों को इस अवसर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों का कहना है कि अब तक राज्य में हो रही लगातार बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। उन्होंने महापौर विनोद चमोली को भरोसा दिलाया कि नवम्बर के अंत तक सारा निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और दिसम्बर के प्रथम सप्ताह से यहां कूड़ा निस्तारण का कार्य शुरू किया जा सकेगा। दून प्रशासन व नगर निगम बीते कई वर्षों से कूड़ा निस्तारण की समस्या झेल रहा है। इस परियोजना के प्रारंभ हो जाने से यह समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। 

कार्णिक सेना ने पद्मावती के पोस्टर जलाए

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इधर भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ का पहला पोस्टर रिलीज हुआ और उधर इस फिल्म का विरोध कर रहे राजस्थानी राजपूतों के संगठन कार्णिक सेना के सदस्य भी सक्रिय हो गए। दीपिका पादुकोण का महारानी ‘पद्मावती’ के रुप में फिल्म का पहला पोस्टर रिलीज होते ही कार्णिक सेना के नेताओं ने जयपुर में फिल्म के पोस्टर जलाए। इस धमकी को दोहराया कि अगर फिल्म में पद्मावती और मुगल राजा खिलजी के बीच प्रेमप्रसंग हुआ, तो इस फिल्म का राजस्थान सहित दूसरे राज्यों में उनका संगठन विरोध करेगा।

भंसाली की टीम स्पष्ट कर चुकी है कि फिल्म में ‘पद्मावती’ और खिलजी के बीच किसी तरह का प्रेम प्रसंग नहीं है, फिर भी कार्णिक सेना अपने रवैये पर कायम है। ये भी माना जा रहा है कि इस संगठन को राजस्थान सरकार का समर्थन मिला हुआ है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री कह चुके हैं कि सरकार राजपूती समाज की संवेदनाओं को अनदेखा करके फिल्म को रिलीज होने की अनुमति नहीं दे सकती।