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अगली फिल्म के लिए वजन घटा रहे हैं इमरान हाशमी

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हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘बादशाहो’ के बाद इमरान हाशमी पहली बार बतौर निर्माता अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म ‘कप्तान नवाब’ में एक सेना के अधिकारी का किरदार निभाने जा रहे है और इस किरदार के लिए इन दिनों वे अपना वजन घटा रहे हैं। इमरान की इस फिल्म के निर्देशक टोनी डिसूजा है।

फिल्म के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करने के लिए इमरान हाश्मी ने अपने शरीर पर भी काफी मेहनत कीहै, क्योंकि इस फिल्म में उनके किरदार के हिसाब से उन्हें थोड़ा दुबला दिखना है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म बादशाहो में उनका किरदार थोड़ा भारी था। कप्तान नवाब के लिए इमरान अब अपना वजन घटाएंगे क्योंकि ये फिल्म एक स्पाई थ्रिलर है।

इस बारे में इमरान का कहना है कि वे कैप्टन नवाब को लेकर बहुत उत्सुक हूं। उनका कहना है कि मैंने इस महीने से इस फिल्म के लिए अपनी वर्कशॉप भी शुरू कर दी है। इमरान के साथ इस फिल्म में एक नई हीरोइन मालविका को लांच किया जाएगा। 

अष्टमी पर घर-घर में पूजी गईं कन्याएं

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शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर महागौरी की पूजा हरिद्वार में जोर-शोर से हुई। इसके साथ ही अष्टमी तिथि को कन्या पूजन करने वालों ने कन्याओं का पूजन कर नवरात्र व्रत का परायण किया। मंदिरों में अष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। नवमीं तिथि पर कन्या पूजन करने वाले शुक्रवार को कन्या पूजन करेंगे। गुरुवार को तीर्थनगरी में अष्टमी तिथि पर उत्सव का माहौल रहा।

मंदिरों में जहां मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विशेष पूजा अर्चना की गई वहीं श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।  मंदिरों में प्रातः आरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दुर्गा पूजन के बाद अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करने वालों ने कन्या पूजन कर उनको भोजन, वस्त्र, दक्षिणा आदि देकर उनका आशीर्वाद लिया तथा सुख-समृद्धि की कामना की।

सर्वाधिक भीड़ तीर्थनगरी के मां चण्डीदेवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर, तीर्थनगरी की अधिष्ठात्री कही जाने वाली मायादेवी मंदिर, दक्षिण काली मंदिर, शीतला माता मंदिर, महिषासुरमर्दिनी मंदिर, काली मंदिर, सुरेश्वरी देवी मंदिर समेत तमाम मंदिरों में उत्सव जैसा नजारा देखने को मिला।

अधिकांश मंदिरों में चल रहे शारदीय नवरात्र का शुक्रवार को कन्या पूजन के साथ समापन हो जाएगा। वहीं देवी मण्डपों में भी मां की पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा। दशहरे पर मण्डलों में सजी मां की प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। 

पिता-पुत्र को मार-पीटकर 50 हजार छीने

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रंजिश के चलते पिता-पुत्र को उन्हीं के घर में लाठी-डंडे से मार-पीटकर पड़ोसी 50 हजार रुपये छीन लिए गए। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

थाना पथरी, हरिद्वार के गांव बुढ़ेडी में मुर्सरत का मकान है। आरोप है कि रंजिश के चलते पड़ोसी गांव मुस्तफागांव निवासी इमरान परिजनों संग लाठी-डंडे लेकर उसके घर पहुंचा। मुर्सरत और उसके पिता मुनफेद की खूब पिटाई की। इसके बाद मुनफेद की जेब से शादी के सामान के 50 हजार रुपये छीनकर फरार हो गए।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिता-पुत्र को उपचार के लिए अस्पताल ले गई। हमलावर फरार हैं, पथरी पुलिस पीड़ितों की तहरीर पर मामले की छानबीन कर रही है।

स्कूल में बच्चे की मौत, स्कूल प्रशासन और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप

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नगर के एक प्राइवेट स्कूल के 17 वर्षीय छात्र की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मनेरा स्थित ऋषिराम शिक्षण संस्थान के कक्षा 12 वीं के छात्र आयुष बिष्ट पुत्र राकेश बिष्ट का स्कूल में अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया था। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से दुखी परिजनों ने स्कूल प्रशासन व चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह आयुष बिष्ट की स्कूल पहुंचते ही तबीयत खराब होने लगी। छात्र को उल्टी करता देख विद्यालय प्रशासन ने छात्र के परिजनों को सूचना देकर बुला लिया। जिसके बाद परिजनों द्वारा उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, छात्र के चाचा सुधीर बिष्ट ने स्कूल प्रशासन व चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि घर से स्कूल की दूरी लगभग 3 किमी है जिस वजह से उन्हें स्कूल पहुंचने में देर हो गई थी।

अगर स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चे को पहले ही अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो कीमती समय बच सकता था। उन्होंने चिकित्सकों पर भी ईलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल इमरजेंसी में उचित सुविधा होती तो बच्चे की जान बच सकती थी। छात्र को उल्टी करता देख परिजनों को सूचित कर दिया गया था। स्कूल प्रशासन के पूछने पर छात्र ने कोई गंभीर समस्या नहीं बताई थी। जिस वजह से हमारे द्वारा उसे अस्पताल नहीं भेजा गया। अगर हमें हालात गंभीर लगते तो हम स्वंय ही छात्र को अस्पताल भेज देते।

लंबे अरसे के बाद भूले रास्तों पर पहुंचे सैलानी

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रोमांच के शौकीनों के लिए विश्व पर्यटन दिवस खास रहा। पहली बार 25 पर्यटकों ने उत्तरकाशी जिले (उत्तराखंड) में समुद्रतल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक गर्तांगली की सैर की। जिस गर्तांगली से एक दौर में भारत-तिब्बत के बीच व्यापार चलता था, उसी गर्तांगली की कुछ सीढि़यों पर चढ़कर पर्यटकों ने रोमांच का आनंद उठाया।

बता दें कि भारत-चीन सीमा पर जाड़ गंगा घाटी में स्थित करीब 300 मीटर लंबा सीढ़ीनुमा यह रास्ता 17वीं सदी में पेशावर से आए पठानों ने एक विशालकाय चट्टान को काटकर बनाया था। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध से पहले व्यापारी इसी रास्ते से ऊन, चमड़े से बने वस्त्र व नमक लेकर तिब्बत से बाड़ाहाट (उत्तरकाशी का पुराना नाम) पहुंचते थे। युद्ध के बाद इस मार्ग पर व्यापारिक गतिविधियां बंद हो गईं और वर्ष 1975 से सेना ने भी इसका इस्तेमाल बंद कर दिया। तकरीबन 42 साल से इस मार्ग पर कोई आवाजाही नहीं हुई।

तब से पर्यटक इस सीढ़ीनुमा मार्ग का दीदार दूर से ही किया करते हैं, हर कोई पर्यटक इन सीढि़यों के करीब जाना चाहता था, लेकिन इसके लिए वाइल्ड लाइफ बोर्ड की अनुमति जरूरी थी। इस वर्ष पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के निर्देश के बाद प्रशासन ने अनुमति के लिए वाइल्ड लाइफ बोर्ड को पत्र भेजा। लेकिन, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डीबीएस खाती ने विश्व पर्यटन दिवस के लिए विशेष परिस्थिति में एक दिन के लिए ही अनुमति प्रदान की। साथ ही विधिवत अनुमति के लिए वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक होने के बाद संस्तुति देने की बात कही।

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एक दिन की अनुमति मिलने पर बुधवार सुबह 25 पर्यटक उत्तरकाशी से 90 किलोमीटर गंगोत्री की ओर भैरवघाटी के पास लंका पहुंचे। लंका से खड़ी चट्टानों के बीच से ढाई किलोमीटर का पैदल ट्रैक गर्तांगली के लिए शुरू हुआ। गर्तांगली पहुंचने पर पर्यटकों ने अहसास किया कि कभी कैसे इस जोखिमभरे रास्ते से जीवन और दो देशों के बीच व्यापार चला करता था। अलीगढ़ से आए पर्यटक रीना भट्टाचार्य व सुब्रुतो भट्टाचार्य ने बताया कि, “नेलांग-जादूंग पहले भी गए हैं। नेलांग जाते समय ये सीढि़यां दूर से नजर आती थीं। तब यहां आने का बेहद मन होता था। आज इन सीढि़यों का करीब से दीदार कर वे बहुत खुश हैं।” संचालक तिलक सोनी ने बताया कि, “गर्तांगली एक ऐतिहासिक धरोहर है। प्रशासन और वन विभाग को इसकी टूटी हुई सीढि़यों को सही करना चाहिए। ताकि पर्यटक पूरी सीढि़यों से गुजर सकें।”

इन पर्यटकों ने की गर्तागली की सैर:उत्तरकाशी के उपेंद्र सजवाण, पौड़ी के पुष्कर रावत, दिल्ली के शैलेंद्र ठुकराल, पंकज हांडा, गाजियाबाद के मयंक आर्य, देहरादून के कबीर साहनी, डॉ. सांतुन, सपना ठुकराल, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा, दीपेंद्र पंवार, पीयूष बनूनी आदि थे।

ऐतिहासिक गौचर मेले को दिया जाएगा भव्य रूप

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चमोली। चमोली जनपद के गौचर में आयोजित ऐेतिहासिक, राज्य स्तरीय, सात दिवसीय, 67वें औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार गौचर मेले को भव्य रूप दिया जाएगा जिसके लिए सभी से अपेक्षित सहयोग की अपील की गई है।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षा मुन्नी देवी शाह ने कहा कि मेला किसी भी समाज के न सिर्फ लोगों के मिलन का अवसर होते है, वरन संस्कृति, रोजमर्रे की आवश्यकताओं की पूर्ति स्थल व विचारों और रचनाओं के भी साम्य स्थल होता है। उन्होंने गौचर मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इतेजाम करने तथा महिलाओं को सम्मान देने की बात कही। पूर्व विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि ऐतिहासिक गौचर मेले के स्वरूप को कायम रखने के लिए गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने मेले के सफल आयोजन हेतु गठित सभी समितियों के दायित्व निर्धारित करते हुए जिम्मेदारी तय करने की बात कही, ताकि मेले को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके।
नगर पालिका अध्यक्ष गौचर मुकेश नेगी ने कहा कि इस वर्ष मेले का आयोजन विगत वर्षों से और अधिक आकर्षक एवं प्रभावी ढंग से किया जाएगा, जिसके लिए समाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों से सुझाव लिया जा रही है। उन्होंने इस वर्ष के मेले को बिक्टोरिया क्राॅस से सम्मानित दरवान सिंह नेगी के नाम पर आयोजित करने का सुझाव भी समिति को दिया। गौचर मेले की प्रथम बैठक में ब्लाक प्रमुख कर्णप्रयाग राधा देवी, मेले अधिकारी एसडीएम केएन गोस्वामी, संरक्षक प्रकाश शौली, विजय प्रसाद डिमरी, सह सहयोजक मोहन प्रसाद मिश्रा, सीएमओ भागीरथी जंगपागी आदि मौजूद थे।

पूर्व सैनिकों ने संभाला युवाओं को प्रशिक्षण देने का जिम्मा

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गोपेश्वर। चमोली जनपद के पीपलकोटी में सेना में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण के लिए शरीरिक नापजोख व शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के बाद 62 युवाओं को प्रशिक्षण देने का जिम्मा पूर्व पीपलकोटी क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने संभाल ली है। गुरुवार को विधिवत रूप से प्रशिक्षण शुरू हो गया है। जिसका शुभारंभ अटलरी रेजिमेंट के मेजर नागेश व जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल एनके डबराल ने किया।
गौरव सैनाली संगठन बंड क्षेत्र द्वारा युवाओं को सेना में भर्ती होने से पूर्व प्रशिक्षण दिए जाने के लिए दशोली व जोशीमठ ब्लाॅक के युवाओं के लिए चयन प्रक्रिया रखी गई थी। चयन प्रक्रिया में लगभग दो सौ से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया जिसमें से 62 युवाओं का चयन किया गया, जिन्हें गुरुवार से प्रशिक्षण दिया जाना शुरू कर दिया गया है। युवाओं को भर्ती के लिए प्रशिक्षित कर रहे पूर्व सैनिकों में शरीरिक प्रशिक्षण प्रकाश नेगी, ताजबर नेगी, जगत सिंह नेगी, लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए नरेंद्र सिंह, शिशुपाल लाल, बिहारी लाल, जगत सिंह द्वारा करवायी जायेगी।

हिमालय पुत्र करेंगे हरियाली से हिमालय की रक्षा

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ऋषिकेश। उत्तराखण्ड राज्य में दो लाख पौधों के रोपण के लिए जीवा, गंगा एक्शन परिवार, आरबी और संकल्प तरु फाउंडेशन के बीच एक करार हुआ। इस पौधरोपण अभियान में परमार्थ निकेतन की अहम भूमिका होगी। संकल्प तरु फाउंडेशन ने भी उत्तराखंड एवं देश के अन्य भागों में पौधारोपण के क्षेत्र मे काफी कार्य किया है और संस्था के पास लम्बा अनुभव है, जिसका फायदा इस अभियान को मिलेगा।

गुरुवार को परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में इन सभी संस्थाओं ने हिमालय की हरियाली को बढ़ाने के लिए दो लाख पौधे लगाने की घोषणा की। चिदानंद सरस्वती ने कहा कि हरियाली से हिमालय की रक्षा अभियान में बढ़-चढ़ कर भाग लें और अपने अपने क्षेत्र को हरियाली से भर दें। उन्होंने कहा कि बढ़ते बच्चों को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिये विभिन्न विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन्स, कार्बोहाइड्रेट्स और फाइबर जरूरी है। इसके अभाव से एनीमिया, अल्झाइमर एवं कर्करोग जैसी अनेक बीमारियों का खतरा बना रहता है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में बताया गया कि प्रतिवर्ष भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के दस लाख से भी अधिक बच्चे कुपोषण के कारण मौत के मुंह में चले जाते हैं। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के जारी आंकड़ों के आधार पर भारत में प्रतिदिन 3000 बच्चे कुपोषण के कारण मरते हैं। पांच वर्ष से कम उम्र के लगभग चार करोड़ 40 लाख बच्चों का विकास कुपोषण के कारण अवरुद्ध हो जाता है।
परमार्थ निकेतन ने ‘मिड डे फ्रुट प्रोग्राम’ की शुरुआत की है, इसके अंतर्गत स्कूलों में ’जितने बच्चे उतने पेड’ प्रोग्राम चलाया जा रहा है। ‘मेरा स्कूल मेरा पेड़’ की भावना के साथ बच्चे पौधों का रोपण और पोषण करेंगे, जिससे हरियाली बढ़ेगी और बच्चे प्रकृति के सानिध्य में पोषित भी होगे। उन्होने कहा कि अगर इस प्रोग्राम को भारत के सभी राज्यों के स्कूलों में लागू किया जाये तो काफी हद तक कुपोषण की समस्या में सुधार लाया जा सकता है। 

बैडमिंटन खिलाड़ी प्रशांत का उपजिलाधिकारी ने किया स्वागत

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रुद्रपुर। कुवैत बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2017 में उत्तराखण्ड के रुद्रपुर निवासी जेसीज पब्लिक स्कूल के बैडमिंटन कोच प्रशांत मेहता ने कांस्य पदक अर्जित किया। कुवैत से वापस लौटे प्रशांत मेहता की इस जीत पर उप जिलाधिकारी रोहित मीणा ने गुरुवार को उनका उत्साहवर्धन करते हुये माल्यार्पण व बुके भेंटकर उनका स्वागत किया। बैडमिंटन चैम्पियनशिप बीते 20 सितम्बर से 23 सितम्बर तक कुवैत के शगल शहर में सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशांत की इस उपलब्धि पर हमें नाज है, जो युवा वर्ग को खेलों के लिये प्रोत्साहित कर रहे है। कुवैत में खेल गये इस बैडमिंटन टीम में उत्तराखण्ड से अमन अरोरा, यूपी से बृजेश यादव व तापस शुक्ला, प्रदेश से सीता राम, महाराष्ट्र से तनिषा शामिल रहे। दुबई चैलेंजर विकिंग्स कतर को हराकर अगले राउंड में आईवीएके कुवैत को हराकर प्रशांत ने कांस्य पदक हासिल किया।

सड़क हादसे में एक युवती की मौत

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देहरादून। थाना नेहरु कॉलोनी बाईपास रोड सूर्या हॉस्पिटल के सामने एक बस ने एक स्कूटी को टक्कर मार दी। स्कूटी पर पीछे बैठी लड़की की मौत हो गई।

गुरुवार को एक सिटी बस (यूके 07 एक-1828) ने एक स्कूटी (यूके 07 बीसी 8529) को बाईपास रोड सूर्या हॉस्पिटल के सामने टक्कर मार दी। जिससे स्कूटी पर पीछे बैठी लड़की सुमन सिंह (23) पुत्री गजे सिंह निवासी अमर गढ़वाली कॉलोनी बालाजी एन्क्लेव गंभीर रूप से घायल हो गई।
युवती को उपचार के लिए दून अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।