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पाकिस्तानी फिल्म भी आस्कर की दौड़ में

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जहां अगले साल होने वाले 90वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की ओर से भेजी जाने वाली फिल्म ‘न्यूटोन’ तकदीर आजमाएगी, वहीं इस बार एक पाकिस्तानी फिल्म भी विदेशी भाषा की श्रेणी में नामांकित हुई है, ‘माई प्योर लैंड’ नाम की इस फिल्म का निर्देशन ब्रिटेन में रह रहे पाकिस्तान मूल के निर्देशक सरमद मसूद ने किया है।

ये फिल्म अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीत चुकी है और कहा जा रहा है कि पहली बार ऊर्दू में बनी किसी पाक फिल्म को आस्कर की दौड़ में शामिल किया गया है। ये फिल्म पाकिस्तान के सिंध प्रांत के एक गांव की कहानी है, जहां एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ अपनी जमीन बचाने के लिए गांव के गुंडों की फौज का मुकाबला करने के लिए आगे आती है।

इस फिल्म को भी अंतिम दौर में पंहुचने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। फिेल्म के निर्देशक सरमद मसूद ने कहा है कि वे अंतिम दौर तक पंहुचने की उम्मीद करते हैं।

दोपहिया वाहन के चोर देहरादून में गिरफ्तार

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वादी दिनेश कुमार मौर्य, गुरू रोड, पटेलनगर ने थाना पटेलनगर पर अज्ञात चोर द्वारा अपनी एक्टिवा संख्या यूए 7 जे 3678 के चोरी होने के सम्बन्ध में लिखित तहरीर दी गयी जिसके आधार पर थाना हाजा पर मु.अ.सं 455/17 धारा 379 भादवि पंजीकृत किया गया।

चोरी के सफल अनावरण के लिये प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर के दिशा-निर्देशन में चौकी प्रभारी बाजार के नेतृत्व में टीम गठित की गयी । पुलिस टीम ने लगातार सार्थक प्रयास एवं सुरागरसी पतारसी करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चैकिंग के दौरान भण्डारी बाग तिराहा पर एक व्यक्ति जो कि एक काली एक्टिवा पर सवारा था तथा चैकिंग कर रहे पुलिस कर्मियों को देखकर वापस भागने लगा शक होने पर पुलिस पार्टी ने व्यक्ति को पकड लिया गया तथा पूछताच करने पर संतोषजनक जवाब नही दे पाया नाम पता पूछा तो व्यक्ति ने अपना नाम रमन धई बताया ।

सख्ती से पूछताछ की गयी तो रमन धई ने बताया कि एक्टिवा को गुरू रोड पटेलनगर से चोरी किया गया। रमन से गहनता से पूछताछ की गयी तो अभियुक्त ने 3 अन्य वाहन चोरी करना बताया। तथा अभियुक्त की निशानदेही पर 3 अन्य दुपहिया वाहन बरामद किये गये। पूछताछ पर अभियुक्त द्वारा बताया गया कि, “मैं बेरोजगार हूँ तथा दुपहिया वाहनों की चोरी कर उन्हें अन्यत्र उचित दामों पर बेच देता हूँ जिससे मेरा खर्चा निकल जाता है।” अभियुक्त मजदूरी का कार्य करता है तथा अपनी दैनिक आवश्यकताओँ की पूर्ति हेतु घऱ के बाहर खडी दुपहिया वाहनों की चोरी कर अन्यत्र बेच देता था।

अभियुक्त कि आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

पुलिस अभिरक्षा में खड़े टैंकर से सात हजार लीटर डीजल चोरी

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रुड़की की गंगनहर कोतवाली पुलिस की कस्टडी में खड़े एक डीजल के टैंकर से सात हजार लीटर डीजल चोरी हो गया, जिससे पुलिस महकमे में हडकंप मचा है।

बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी आला अफसरों को भी लग गई है। दरअसल कुछ समय पहले गंगनहर पुलिस ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड की पाइप लाइन से डीजल चोरी करते हुए आठ तेल चोरों को रंगे हाथ पकड़ा था यह चोर रात के समय खेत में तेल की पाइप लाइन काटकर डीजल चोरी कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से दो कार, पाइप लाइन काटने के औजार सहित चोरी किया हुआ सात हजार लीटर डीजल से भरा टैंकर बरामद किया था। यह टैंकर तभी से पुलिस की कस्टडी में खड़ा हुआ था।

गुरुवार को जब इंडियन ऑयल की टीम सैम्पल लेने के लिए कोतवाली गंगनहर पहुंची तो खुलासा हुआ की टैंकर खाली हो चुका है यानी की सारा तेल चोरी हो चूका था। इंडियन ऑयल के अधिकारी के सामने इस बात का खुलासा होते ही कोतवाली प्रभारी के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत सीओ रुड़की को मामले की जानकारी दी। सीओ रुड़की कोतवाली गंगनहर पहुंचे और मामले को निपटाने में लग गए कोतवाली गंगनहर पुलिस की कस्टडी में खड़े इस डीजल के टैंकर से डीजल चोरी का आरोप गंगनहर पुलिस पर ही लग रहा क्योंकि गंगनहर कोतवाली के आस पास के दुकानदार दबी आवाज में बता रहे हैं कि इस टैंकर से रोजाना डीजल चोरी करके पुलिस की ही गाड़ियों में डाला जाता था।

एक दुकानदार ने पुलिस के द्वारा डीजल चोरी करने का एक वीडियो भी बनाया था। जिसके बाद पुलिस ने उस दुकानदार को फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। इसीलिए कोतवाली के आस पास के दुकानदार खुलकर पुलिस के बारे में कहने से बच रहे है लेकिन दबी आवाज में कह रहे है कि टैंकर का तेल पुलिस ने ही चोरी किया है। बनाया गया वीडियो भी एक दुकानदार ने उपलब्ध करा दिया है।

वीडियो में साफ तौर पर नजर आ रहा है की गंगनहर कोतवएक पुलिसकर्मी किस तरह से कस्टडी में खड़े टैंकर से बाल्टी भर-भर कर डीजल निकाल रहा है। टैंकर से डीजल चोरी का यह वीडियो जिलाअधिकारी दीपक रावत के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत ही अपर उपजिलाअधिकारी रुड़की को तत्काल रुड़की गंगनहर कोतवाली पुलिस की कस्टडी में खड़े तेल टैंकर से तेल चोरी होने के मामले की गहनता से जांच कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा और साथ ही एसएसपी हरिद्वार को भी एक पत्र के द्वारा जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।

सूखने के बाद भी लोगों को रोजगार दे रही गंगा

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हरिद्वार। हरिद्वार में कल-कल निनाद कर बहती गंगा सैकड़ों लोगों के लिए एक जीवन रेखा की तरह काम करती है लेकिन यही जीवन रेखा सूखने के बाद सोना उगलने लगती है। अपने वार्षिक क्लोजर के दौरान गंगा एक तरह से सूखने पर सोना उगलने वाली खदान का रुप धारण कर लेती है। शायद यही वजह है कि इस दौरान गंगा में श्रद्वालु भले ही कम दिखे लेकिन गंगा में सोना, चांदी व पैसे ढूंढने वाले हजारों की संख्या में नजर आ जायेंगे। गंगा बंदी का सालभर इन्तजार करने वाले लोग गंगा बंदी के पहले दिन से ही गंगा से गंगा बंदी खुलने तक दिन रात सूखी गंगा से पैसे, सोना, चांदी की तलाश करते हैं। हरिद्वार में आजकल चल रहे गंगा क्लोजर से श्रद्धालुओं को धार्मिक दृष्टि से ठेस जरुर पहुंचती है लेकिन इस दौरान कुछ लोग धार्मिकता से अलग सूखी गंगा को एक सोना उगलने वाली खदान मानते है और दिन-रात कुछ लोग पूरे साल इस गंगा बंदी इन्तजार करते हैं। गंगा बंदी के पहले दिन से गंगा खुलने तक दिन गंगा ही खोजते हैं। इन लोगों को तलाश गंगा में डाले गए भक्तों द्वारा सिक्कों और अन्य सामान की होती है। जिसमें सोना, चांदी और हीरे व जेवर तक लोग पा जाते हैं। ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जो गंगा में डाले गए कीमती सामान और सिक्कों को निकालकर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। कई बार इन लोगों को इसी गंगा से बहुत कीमती सोना या हीरा तक मिल जाता है जो इन्हें न केवल पूरे साल का खर्चा दे जाता है अपितु इनकी आर्थिक स्थिति को भी सुधार देता है। बड़े तो बड़े यहां छोटे बच्चे भी इस गंगा बंदी के दौरान कीमती सामान और सिक्के तलाशा करते हैं। इसी काम से ही उनका परिवार चल रहा है। भाग्य अच्छा हो तो सोना हाथ लग जाता है, नहीं तो सिक्कों से ही काम चलाना पड़ता है।

ट्रैकर्स की तलाश में गया हेलीकॉप्टर नहीं कर पाया लैंड

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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में 90 किमी लंबे बदरीनाथ-केदारनाथ ट्रैक पर फंसे ओएनजीसी व आइओसी के ट्रैकिंग दल के नौ सदस्यों की लोकेशन का पता चल गया है लेकिन उन्हें निकाला नहीं जा सका। वहां वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हो पाई है। हालांकि, हेलीकॉप्टर से खाद्य सामाग्री, दवाएं पहुंचाई गई हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि अब वायु सेना अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है।

गुरुवार को मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर ने एक बार फिर उड़ान भरी। जिस स्थान पर ट्रैकर्स फंसे हुए उस स्थान का पता चल गया है। समुद्रतल से सोलह हजार फीट ऊंचे इस स्थान पर सात से आठ फीट बर्फ है और ढलान होने के कारण यहां पर हेलीकॉप्टर नहीं उतर पाया।
इसके अलावा ट्रैकर्स की तलाश में पैदल गया एसडीआरएफ का दस सदस्यीय दल भी आधे रास्ते से लौट आया है। दल के पांच सदस्य मंगलवार को किसी तरह मद्महेश्वर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी। सड़क से 18 किलोमीटर पैदल दूरी पर मद्महेश्वर के लिए प्रशासन ने एक टीम भेजी है। जो इन पांचों लोगों से संपर्क करेगी। 14 सदस्यीय यह दल 21 सितंबर को बदरीनाथ से रवाना हुआ था और 24 सितंबर को टीम लीडर पश्चिम बंगाल निवासी सुप्रिया वर्मन की तबीयत बिगड़ गई। सुप्रिया इंडियन ऑयल में उप महाप्रबंधक हैं। पवन कौशिक, भगवती प्रसाद और सारांश शर्मा दिल्ली के रहने वाले हैं। इसके अलावा दल के साथ गाइड के रूप में उत्तरकाशी के धर्मेंद सिंह हैं, जबकि चार स्थानीय पोर्टर भी शामिल हैं।

गंगनहर की सफाई के लिए दो चरणों में होगी गंगा बंदी

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हरिद्वार। इस बार भी गंगनहर की सफाई के लिए गंगा बंदी का ऐलान कर दिया गया है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से बुधवार मध्यरात्रि से 30 सितंबर तक गंगा बंदी करने का निर्णय लिया है। गंगाबंदी दौरान हरकी पैड़ी तक प्रतिदिन पांच सौ से लेकर एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जिससे हरकी पैड़ी पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर सकें। हालांकि, हर वर्ष विजयदशमी के मध्य रात्रि से दीपावली की मध्य रात्रि तक भी गंगा क्लोजर रहता था लेकिन इस बार व्यापारियों के विरोध को देखते फिलहाल सिंचाई विभाग ने दशहरे तक ही गंगा बंदी की है।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रभान यादव ने बताया कि बुधवार की मध्यरात्रि से 30 सितंबर की मध्य रात्रि तक गंगा क्लोजर रहेगा। इस दौरान हरकी पैड़ी से लेकर मायापुर बैराज तक गंगा का प्रवाह सामान्य दिनों के अनुरूप रहेगा। दीपावली तक के गंगा बंदी बढ़ाने के संबंध में 30 सितंबर को निर्णय लिया जाएगा। गंगाबंदी करने के विभाग के निर्णय का शहर व्यापार मंडल ने विरोध किया है और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा है कि हरिद्वार एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी है। दशहरा और दीपावली के दौरान बड़ी संख्या में गुजराती व बंगाली तीर्थयात्री भी आते हैं। ऐसे में दीपावली तक गंगाबंदी नहीं होनी चाहिए। गंगा बंदी होने के कारण यहां आने वाल लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। 

शीघ्र मिलेगी ट्रामा सेंटर की सुविधा: मुन्ना चौहान

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विकासनगर। गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक मुन्ना चौहान ने सीएचसी परिसर में बने ट्रामा सेंटर में अल्ट्रा साउंड यूनिट का उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने पिछले चार माह से ठप पड़े ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों की नियुक्ति कर शीघ्र ही जनता को सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरस्त करना सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है।

इस मौके पर विधायक ने कहा कि कांग्रेस शासन काल में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो गई थी। भाजपा सरकार ने चिकित्सकों को पहाड़ भेजने का काम शुरु किया। साथ ही प्रत्येक सरकारी अस्पताल को सुविधा संपन्न बनाने के लिए निजी क्षेत्रों से भी संपर्क किया जा रहा है। सीएसआर के तहत अस्पतालों को भौतिक संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं, जबकि कुछ अस्पतालों को पीपीपी मोड में चलाया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बेवजह राजनीति करने से परहेज करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। लिहाजा हमें सीमित मानव संसाधनों में ही उचित सुविधाएं देने की कोशिश करनी होगी। पिछले चार माह से बंद पड़े ट्रामा सेंटर को शीघ्र चालू करने का आश्वासन देते हुए विधायक ने कहा कि सेंटर में आवश्यक चिकित्सकों सहित अन्य पैरा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता की गई है। शीघ्र ही ट्रामा सेंटर को सभी सुविधाएं मुहैया करा दी जाएंगी। 

स्वास्थ्य विभाग की टीम का लढ़ौरा में छापा, क्लीनिक बंद कर फरार हुए झोलाछाप

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रुड़की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लंढौरा स्थित आधा दर्जन क्लीनिकों पर छापा मारे। इनमें से दो क्लीनिक और एक नर्सिंग होम को सील किया गया। कुछ के कागज भी अधिकारी साथ ले गए हैं। छापे कार्यवाही से कस्बे के चिकित्सको में हड़कंप मच गया। अधिकांश चिकित्सक क्लिनिक बंद कर भाग गए।
रुड़की के संयुक्त मजिस्ट्रेट (जेएम) की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। एसीएमओ अशोक कुमार टीम ने कस्बे के कई क्लीनिक पर छापे मारे। सबसे पहले वह एक प्रसव केंद्र पर पहुंचे, जिसे उन्होंने कागज दिखने के लिए कहा लेकिन चिकित्सक कागज नहीं दिखा सकीं। इससे एसीएमओ ने प्रसव केंद्र को सील कर दिया। बाद में पुलिस चौकी के निकट अंसारी क्लीनिक पर पहुंचे। कागजों से संतुष्ट न होने पर उसे भी सील कर दिया गया। टीम ने सोना नर्सिंग होम का रिकार्ड चेक किया और मेडिकल की डिग्री मांगी लेकिन वह कुछ नहीं दिखा सके, जिसे सील कर दिया गया है। इसके अलाव भी कई अन्य क्लीनिकों पर टीम पहुंची।
स्वास्थ्य विभाग की टीम की कार्यवाही से चिकित्सकों में हड़कंप मचा रहा। प्रसव केंद्र खोले बैठी महिलाओं में ज्यादा भय दिखा। कई झोलाछाप चिकित्सक दुकाने बंद कर फरार हो गए। एसीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि दो क्लिनिक और एक नर्सिग होम सील किया गया, जो चिकित्सक दुकाने बंद कर फरार हो गए है, उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्यवाही होगी।

वायु सेना पर्वतारोही दल के तीन जवान गंभीर रूप से बीमार

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त्रिशूल पर्वतारोहण के लिए गए वायु सेना के 20 सदस्यीय पर्वतारोही दल के तीन लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं। तीनों को त्रिशूल पर्वतारोहण के बेस कैंप से आर्मी के विशेष हेलीकाॅप्टर से रेस्क्यू कर आर्मी हॉस्पिटल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इन्हें आर्मी के हायर सेंटर दिल्ली भेजा जाएगा।

जिलाधिकारी चमोली आशीष जोशी ने त्रिशूल पर्वतारोहियों के बीमार होने रेस्क्यू कर हेलीकाप्टर से जोशीमठ लाने की घटना की पुष्टि की है। त्रिशूली पर्वत पर पर्वतारोहण के लिए वायु सेना का 20 सदस्यीय एक दल 23 सितम्बर को निकला था। ये दल त्रिशूल के बेस कैंप पर पहुंचा मगर बुधवार इस पर्वतारोही दल के तीन सदस्यों की अचानक तबियत बिगड़ने लगी।

इसकी सूचना एसडीआरएफ को भी मिली लेकिन त्रिशूल तक तुरंत पहुंचना कठिन है। लिहाजा गुरुवार को सेना के विशेष हेलीकाप्टर को त्रिशूल बेस कैंप भेजा गया, जहां से बीमार पर्वतारोही दल के सदस्यों को आर्मी हॉस्पिटल में लाया गया।जिलाधिकारी चमोली ने कहा सूचना मिली है कि, “त्रिशूल पर्वतारोही वायु सेना के बीमार हुए तीन सदस्यों को जोशीमठ लाया गया है। एक हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।”

जीएसटी और आर्थिक विकास विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

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दून विश्वविद्यालय में प्रबन्धशास्त्र विभाग ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) और आर्थिक विकास विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

विवि परिसर में आयोजित हुई संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ब्रिडकुल के महाप्रबन्धक अनूप कुमार ने कहा कि वस्तु एवं सेवाकर से अर्थव्यवस्था के विकास को गति मिलेगी। रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। पहले की तुलना में उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर उत्पाद मिलेंगे। जीएसटी की बारीकियों को आम व्यवसायी को को समझाने के लिये लगातार कार्यशालाएं आयोजित हो रही हैं और वर्तमान में उसके मूल्यांकन पर टिप्पणी करना उचित नहीें होगा।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुसुम अरुणाचलम ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि देश के कर ढांचे को मबूत करने व कर प्रणाली में सुधार करने के उद्देश्य से जीएसटी राष्ट्र के व्यवसायिक एवं आद्योगिक गतिविधियों को एकीकृत करेगा एवं देश के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी डीसी लोहानी ने जीएसटी को अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार वाला कदम बताया।

संगोष्ठी में टैक्स विशेषज्ञ डॉ. जीपी डंग ने जीएसटी पर प्रकाश डालते हुए केन्द्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी एवं एकीकृत जीएसटी का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। चार्टेड अकाउंटेंट हर्षित गुप्ता ने जीएसटी पंजीकरण एवं टैक्स रिटर्न जमा करने की प्रक्रिया को समझाते हुए स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था को विकास की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी व राजस्व में भी वृद्वि होगी।

तकनीकी सत्र की अध्यक्षता करते हुए गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के आचार्य प्रो. वीके सिंह ने कहा किय जीएसटी सर्वप्रथम फ्रांस में शुरू हुआ। आज 162 देशों ने इसे अपना लिया है चूंकि भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। इसलिए यहां के जीएसटी के स्वरूप में कैनेडा के मूल भाव का समावेश किया गया है और यह तीन स्तरीय ढांचा पर आधारित है। इसे 33 अधिनियम द्वारा पास किया गया है व इसमें शून्य प्रतिशत, पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत व 28 प्रतिशत के पांच चरण हैं। भारत जीएसटी के लागू होने के बाद विकसित देशों के कगार पर खड़ें होने की तैयारी है।

संगोष्ठी के समन्वयक प्रो. एचसी पुरोहित ने प्रबन्धशास्त्र स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी और भविष्य में स्कूल के छात्रों के व्यक्तित्व विकास के लिए इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन आगे भी करते रहने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. सुधाशु जोशी ने किया।