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कैलाश खेर को करना होगा भुगतान को इन्तजार

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देहरादून। मशहूर बॉलीवुड गायक कैलाश खैर को केदारनाथ धाम पर बनाई गई टेलीफिल्म के बकाया भुगतान के लिए अभी और इन्तजार करना पड़ेगा। भुगतान से पहले उन्हें टेलीफिल्म में काम करने वाले सभी कलाकारों से एनओसी लाकर देनी होगी।

बॉलीवुड के गायक कैलाश खेर ने हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में केदारनाथ पुनर्निर्माण पर 11 घंटे की स्पेशल सीरीज बनाई थी। सूत्रों की माने तो गुरुवार को सचिवालय में खैर ने उत्तराखंड सचिवालय में सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने बताया कि सभी फिल्मी हस्तियों से एनओसी के बाद ही उन्हें रकम दी जाएगी। खेर ने सचिवालय में पहले वित्त विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और इसके बाद सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग में उनसे मुलाकात की। लेकिन अब खेर को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना होगा क्योंकि उन्हें इसके लिए एक दर्जन से ज्यादा मशहूर फिल्मी हस्तियों से एनओसी लेनी होगी। सभी फिल्मी शख्सियतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र के बाद ही खेर को बकाया 1.75 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
इस पूरे मामले पर अपर सचिव और डीजी सूचना पंकज पांडे ने कहा कि कैलाश खेर को विभाग की तरफ से सूचित कर दिया गया है कि बकाया राशि लेने के लिए उन सभी कलाकारों से पहले एनओसी लेनी होगी जो कि उस फिल्म में दिख रहे हैं। कैलाश खेर ने विभाग की शर्त पर सहमति जताते हुए तीन महीने का वक्त मांगा है। इस टेली-सीरियल में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, शान, सोनू निगम, सुरेश वाडकर, श्रेया घोषाल और अनूप जलोटा, अर्जीत सिंह आदि ने काम किया है। साथ ही अनुपम खेर और हेमा मालिनी जैसे अभिनेताओं का योगदान भी शामिल है। सूत्रों की माने तो सरकार सभी कलाकारों से इसलिए एनओसी की मांग कर रही है क्योंकि इस टेली-सीरियल को सरकार नेशनल चैनलों पर बतौर ऐड के रूप में चलाने की योजना बना रही है।

टॉम ऑलटर का जाना दे गया मसूरी को एक कभी न भरने वाला घाव

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यूं तो जीना और मरना ज़िदगी के ही दो पहलू हैं पर कभी कभी कुछ इंसान अपनी शख्सियतों से हमारे जीवन में ऐसे मकाम बना लेते हैं कि उनके जाने पर एक अजीब सा खालीपन महसूस होता है। कुछ ऐसे ही व्यक्तित्व के मालिक थे सदाबहार अदाकार टॉम ऑलटर, जिन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में कैंसर से लड़ते हुए अाज सुबह अपनी आख़री सांस ली। टॉम के जाने से देश दुनिया में तो शोक की लहर है ही मगर पहाड़ों की रानी मसूरी में भी खासा मातम पसरा हुआ है। शायद कम ही लोग जानतें हैं कि टॉम का मसूरी से गहरा नाता रहा है।

दुनियाभर में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके टॉम का जन्म पहाड़ों की रानी मसूरी में ही हुआ था।यही नहीं टॉम की परवरिश भी इसी शहर की गलियों में हुई। मसूरी के मशहूर वुडस्टॉक स्कूल से टॉम ने अपनी पढ़ाई पूरी की। मसूरी शहर मे टॉम खेलते-खेलते थियेटर जगत में चले गये। 1976 में फिल्म ‘चरस’ के साथ टॉम ने थियेटर से फिल्म जगत में कदम रखा । इसके बाद टॉम का जीवन किसी परिचय का मोहताज नहीं रहा। टॉम ने आजतक करीब 200 फिल्मों और सैंकड़ों नाटकों में अभिनय करने के साथ साथ अपने आप को एक सफल एंकर और कमंट्रेटर के तौर पर भी स्थापित किया था।

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टॉम के निधन की खबर मसूरी पहुंचते ही शहर में सन्नाटा सा फैल गया। लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि मसूरी की पहचान कहे जाने वाले टॉम ऑलटर अब उनके बीच नहीं रहे।

निर्देशक भार्गव सिक्का जिन्होने पिछले साल टॉम के साथ “दी ब्लैक कैट” में काम किया, जोकि मसूरी के ही विश्वप्रसिद्ध लेखक रस्किन बाँड की कहानियों पर आधारित है का कहना है, “टॉम एक नैचुरल अभिनेता थे और फिल्म में रस्किन के किरदार के लिये वो एक स्वाभाविक पसंद थे। उनके साथ काम करने का अनुभव सच में यादगार रहा।”

टॉम के बचपन के दोस्त अजय मार्क कहते हैं कि टॉम इतने खुशमिजाज और ज़िंदादिल इंसान थे कि उनके दुनिया से चले जाने पर यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा है।

साल 2008 में टॉम को उनके काम के लिये पद्मश्री पुरस्कार मिलने से मसूरी को जश्न मनाने का मौका मिला। इसके अलावा टॉम को अपने करियर के दौरान सैंकड़े पुरस्कार मिलते रहे।  टॉम ऑलटर एक ऐसी शख्सियत थी जिनके जीवन को एक जश्न की तरह मसूरी और उसके हर बाशिंदे ने मनाया है,  टॉम के जाने से जो खालीपन शहर में आया है वो जल्दी नहीं बर सकेगा।

हरिद्वार के फर्जी शिक्षकों पर होगा मुकदमा

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हरिद्वार। एसआइटी ने रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर हरिद्वार के सात शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे की संस्तुति कर दी है। मामले में एसआइटी ने रिकॉर्ड संभालने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को भी बराबर का दोषी माना है। शिक्षा महानिदेशक को मुकदमे की संस्तुति भेजी गई है।

फर्जी डिग्री से शिक्षक बनने के मामले में एसआइटी ने दून के बाद हरिद्वार में भी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। एसआइटी की जांच के डर से हरिद्वार के 12 शिक्षक गायब हो गए थे। शिक्षा विभाग ने विज्ञापन प्रकाशित कर ऐसे शिक्षकों को 27 सितंबर को पेश होने तथा दस्तावेज देने को कहा था। मामले में हरिद्वार के शिक्षा विभाग ने पांच शिक्षकों के प्रमाण पत्र एसआइटी को उपलब्ध करा दिए हैं। अब सात शिक्षक ऐसे हैं, जिनके बारे में कोई पता नहीं चला। मामले में शिक्षा विभाग ने भी नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति और सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों की पेंशन रोकने की कार्रवाई की चेतावनी दी। विभाग की कार्रवाई से पहले एसआइटी ने इन शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा महानिदेशक को मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति भेज दी है। एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में रिकॉर्ड संभालने अथवा देखरेख की जिम्मेदारी रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की संस्तुति दी है।

जल्द निकाल लिया जाएंगे फंसे ट्रैकर दल के लोगः कौशिक

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हरिद्वार। पिछले पांच दिन से मदमहेश्वर में फंसे आठ ट्रेकरों की टीम को बचाने के प्रयास जारी हैं और आज उनको वंहा से रेस्क्यू कर लिया जाएगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मदमहेश्वर में फंसा ट्रैकर दल बिना अनुमति लिए ट्रेकिंग के लिए गया था, जबकि उन्हें वंहा के जिलाधिकारी से अनुमति लेनी चाहिए थी। इसलिए उनका पहले पता नहीं लग पाया। अब रेस्क्यू टीमों ने उनके कैम्प का पता लगा लिया गया है।

राज्य के अपर पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने भी कहा कि सेना के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी उनके रेस्क्यू में लगी हुई है और जल्द ही उनको रेस्क्यू कर लिया जाएगा। ज्ञात हो गुरुवार को भी ट्रेकेरों को बचाने के लिए सेना और एयरफोर्स के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया था खराब मौसम के कारण इनका रेस्क्यू नहीं हो पाया था।

रवीना टंडन की फिल्म के टीवी टेलीकास्ट पर सेंसर ने लगाई रोक

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इस साल जुलाई में रिलीज हुई रवीना टंडन की फिल्म ‘शब’ के टेलीविजन टेलीकास्ट पर सेंसर ने रोक लगा दी है। मिली जानकारी के अनुसार, इसके बोल्ड कटेंट को देखते हुए सेंसर बोर्ड ने ये फैसला किया है। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म के कटेंट को टीवी के पारिवारिक दर्शकों की संवेदनाओं के अनुरुप नहीं माना है और इसे टीवी टेलीकास्ट के लिए सार्टिफिकेट देने से मना कर दिया है।

14 जुलाई को जब ये फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तो भी सेंसर ने इसे ए सार्टिफिकेट दिया था। बाक्स आफिस पर ये फिल्म नाकाम साबित हुई थी। इस फिल्म में रवीना ने अपनी उम्र से छोटे एक्टर के साथ रोमांस किया था और दोनों के कई हाट सीन थे। ये फिल्म विवाहोत्तर संबंध और समलैंगिकता के विषयों से जु़ड़ी हुई थी।

फिल्म के निर्माता शीतल प्रसाद ने सेंसर बोर्ड के फैसले को अफसोसजनक बताया है और कहा है कि पहलाज निहलानी के बाद हम उम्मीद कर रहे थे कि सेंसर फिल्म निर्माताओं के हित में सोचेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शीतल प्रसाद ने सेंसर बोर्ड के फैसले के खिलाफ अदालत जाने के भी संकेत दिए हैं। 

स्नेहा उलाल भी छोटे परदे पर

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फिल्म ‘लकी’ से सलमान खान की हीरोइन के तौर पर लांच की गईं अभिनेत्री स्नेहा उलाल का कैरिअर आगे नहीं बढ़ सका और अब खबर आ रही है कि वे एक टीवी सीरियल में काम करने जा रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार, स्टार प्लस के लिए प्रोड्यूसर रश्मि शर्मा के नए सीरियल में एक सेक्स वर्कर के तौर पर स्नेहा उलाल छोटे परदे पर अपनी पारी की शुरुआत करेंगी।

कहा जाता है कि उनके साथ बातचीत हो रही है, लेकिन कुछ तय नहीं है। सूत्र बता रहे हैं कि इस रोल के लिए नेहा पेंडसे और रति पांडे के नामों पर भी विचार हो रहा है, लेकिन स्नेहा को पहली पसंद बताया जा रहा है। लकी को बाक्स आफिस पर बड़ी सफलता नहीं मिली थी और स्नेहा के बारे में ये मशहूर हो गया था कि उनको ऐश्वर्या जैसी शक्ल होने की वजह से सलमान की फिल्म में काम मिला।

बालीवुड में कैरिअर न जम पाने के बाद स्नेहा ने साउथ की कुछ फिल्मों में भी काम किया।

रेस 3 में सलमान के साथ आदित्य राय कपूर

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सलमान खान की नई फिल्म रेस 3 की कास्टिंग को लेकर रोज नई खबरें आ रही हैं। अब खबर आई है कि इस फिल्म में आदित्य राय कपूर (विद्या बालन के देवर) भी होंगे, जो पहली बार सलमान के साथ काम करेंगे। आदित्य राय कपूर के अलावा फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा भी होंगे। वे भी पहली बार सलमान के साथ काम करने जा रहे हैं।

फिल्म में सलमान के साथ जैक्लीन फर्नांडिज की जोड़ी होगी। इस फिल्म की शूटिंग जल्दी ही शुरु होने जा रही है। रिमो डिसूजा के निर्देशन में बनने जा रही ये फिल्म अब्बास मस्तान द्वारा बनाई गई रेस की दो कड़ियों के बाद तीसरी कड़ी के तौर पर होगी। टिप्स कंपनी इस फिल्म का निर्माण कर रही है। इस फिल्म को अगले साल ईद के मौके पर रिलीज किया जाएगा।

आदित्य राय कपूर के लिए ये साल अच्छा नहीं रहा। श्रद्धा कपूर के साथ उनकी फिल्म ओके जानू बाक्स आफिस पर फ्लाप रही, जबकि सिद्धार्थ मल्होत्रा को हाल ही में बाक्स आफिस पर जेंटलमैन से झटका लगा है।

शंकराचार्य की तलाश में जुटा जूना अखाड़ा

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सन्यासी अखाड़ों के ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद के लिए दावेदार के लिए नागा सन्यासी के सबसे बड़े अखाड़े जूना अखाड़े में उच्च स्तर पर विचार विमर्श किया जा रहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद को लेकर पिछले 65 वर्षो से चल रहे विवाद का निस्तारण करते हुए दोनों दावेदारों का दावा खारिज करते हुए नया शंकराचार्य चुने जाने का निर्णय से सातों सन्यासी अखाड़ों में हलचल मची हुई है।
शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठाम्नाय अनुशासन संहिता के अनुसार इन चार मठों के शंकराचार्य पद पर इनसे जुड़े पदनाम वाले सन्यासी ही आसीन हो सकते हैं।

विगत 1952 से विवादित चली आ रही ज्योतिषपीठ पर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती तथा स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती दोनों ही दशनाम परम्परा से इस के योग्य नहीं है। सरस्वती नामा होने के नाते यह दोनों श्रृंगेरीमठ के आधीन आते हैं। अब इन दोनों का ही दावा खारिज हो जाने के कारण ज्योतिषपीठ से सम्बद्व गिरि, पर्वत, सागर नाम वाले सन्यासियों का दावा स्वतः ही मजबूत हो गया। इन तीनों दावेदारों मे सर्वाधिक मजबूत गिरिनामा सन्यासियों का दावा है। जिसके चलते श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद पर किसी गिरि पदनाम धारी को नियुक्त करने की कवायद तेज हो गयी है।

जूना अखाड़े के शीर्षस्थ नेतृत्व ने अखाड़े से जुड़े विद्वान सन्यासियों, महामण्डलेश्वरों तथा प्रतिष्ठित संतों की सूची बनानी शुरू कर दी है। साथ ही ऐसे विद्वान सन्यासी की तलाश की जा रही है, जो शंकराचार्य पद के लिए निर्धारित मानकों पर खरा उतरता हो। जूना अखाड़े के एक शीर्ष संत के अनुसार ज्योतिषपीठ पद अभी तक गिरि पर्वत या सागरनामा संयासियों की उपेक्षा हुई है लेकिन अब इस संदर्भ में गंभीर प्रयास किए जायेंगे और योग्य सन्यासी को इस पद के लिए प्रस्तुत किया जायेगा।

आद्य जगद्गुरू शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए चार मठों की स्थापना की और उन चार मठों के आचार्य के पद पर अपने चार शिष्य प्रतिष्ठित किए। फिर दसों दिशाओं के प्रतीक रूप मे दस भिन्न पद नाम देकर दस शिष्य बनाए, जिन्हें दसों दिशाओं के संरक्षक के रूप मे नियुक्त किया। इन्हीं शिष्यों को दशनाम सन्यासी कहा गया। जिनके नाम तीर्थ, आश्रम, वन, अरण्य, गिरि, सागर, पर्वत, सरस्वती, भारती तथा पुरा कहा गया। इन पदनाम वाले सन्यासियों को चारों मठों से जोड़ दिया गया। जिसमें ज्योतिमठ के साथ गिरि, पर्वत, सागर, पदनाम वाले, शारदापीठ के साथ तीर्थ और आश्रम, गोवर्धनमठ जगन्नाथपुरी के साथ वन और अरण्य, श्रृगेरीमठ के साथ सरस्वती, भारती तथा पुरी पदनाम वाले सन्यासियों को सम्बद्ध कर 

स्वामी शिवानंद के शिष्य दयानंद की पिटाई

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हरिद्वार। कुछ लागों ने मातृ सदन, हरिद्वार के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद के शिष्य की पिटाई कर दी। दरअसल, उनके शिष्य स्वामी दयानंद कनखल चौक पर चल रही रामलीला को बंद कराने आए थे। जिस पर लोग भड़क उठे और उन्हें पीट डाला।

कनखल चौक बाजार स्थित रामलीला स्थल पर रामलीला का आयोजन किया गया था। कनखल चौक बाजार में चल रही इस रामलीला के आयोजन को बंद कराने के लिए स्वामी शिवानंद के शिष्य स्वामी दयानंद वहां पहुंच गए। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण का आरोप लगाते हुए रामलीला बंद करने को कहा। जिससे गुस्साए लागों ने पुलिस की मौजूदगी में स्वामी दयानंद की पिटाई कर दी।

पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्वामी दयानंद को लोगों से छुड़ाया। अपने साथ हुई इस घटना के बाद स्वामी दयानंद ने कनखल थाने में तीन पन्नों की तहरीर दी है।

यमुनोत्री हाईवे पत्थर गिरने से हुआ बंद

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यमुनोत्री हाईवे ओजरी के पास भूस्खलन जोन पर पत्थर गिरने से पिछले दो दिनों से बंद हो गया है, जिस पर ऐसे जिला प्रशासन ने शुक्रवार से काम शुरू कर दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने यमुनोत्री हाईवे दो अक्टूबर तक खोलने का दावा किया है।

शुक्रवार को यमुनोत्री हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर डीएम उत्तरकाशी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जिला सभागार में पत्रकार वार्ता बुलाई। इस दौरान उन्होंने बताया कि 2570 मीटर वैकल्पिक सड़क मार्ग में से 2170 मीटर कार्य पूरा हो गया है। जबकि शेष 400 मीटर सड़क कटिंग का कार्य बाकी रह गया है, जिसको दो अक्टूबर तक पूरा कर दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि, “ओजरी के पास यमुनोत्री हाईवे पर पिछले दो दिनों से भूस्खलन जोन से पत्थर आने बंद हो गये हैं। इसलिए शुक्रवार को वहां भी मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। बरसात और भूस्खलन जोन अगर फिर से सक्रिय नहीं होता है तो तीन से चार दिन के अंदर मुख्य मार्ग भी खोल दिया जायेगा लेकिन इस बीच ऊपर से पत्थर आते हैं तो मुख्य मार्ग पर भी काम करना मुश्किल है। रास्ता खुलने के बाद उनकी प्राथमिकता वहां खड़ी बाहर की गाड़ियों को निकालने की है।”

डीएम डॉ आशीष कुमार ने बताया कि, “लोनिवि लगातार वहां पर मार्ग बनाने का काम कर रहा है, जिसमें छह जेसीबी और छह पोकलैंड मशीनें भी लगी हुई हैं। पत्थरों को तोड़ने के लिए कम्प्रेशर मशीन भी लगाई गई है। जहां तक यात्रा का सवाल है तो जब से हाईवे बंद हुआ है। तब से पैदल रास्ते से अभी तक करीब 20 हजार यात्रियों को इधर से उधर (बड़कोट से जानकी चट्टी की तरफ) पहुंचाया गया है।”

यमुनोत्री क्षेत्र गांव वर्तमान में पूरी राशन है। गैस सिलेंडर वहां घोड़े खच्चरों से पहुंचाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों को प्रशासन को सहयोग करना चाहिए ताकि मार्ग को जल्द से जल्द खुला जा सके। ग्रामीणों की जमीन का प्रस्ताव मुआवजे के लिए सरकार को भेज दिया गया है। जबकि फसल के नुकसान का मुआवजा उनके खातों में